तिरुवनंतपुरम में NDA की ऐतिहासिक जीत पर PM मोदी की प्रतिक्रिया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी-एनडीए की जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी है | साथ ही केरल में बीजेपी का नेतृत्व करने वाले नेताओं को हौसला बढ़ाया है. पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है |

उन्होंने अपने पहले पोस्ट में लिखा, तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी-एनडीए को जो जनादेश मिला है, वह केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल है. लोगों को यकीन है कि राज्य के विकास की आकांक्षाओं को सिर्फ हमारी पार्टी ही पूरा कर सकती है | हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास के लिए काम करेगी और लोगों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाएगी | पीएम मोदी के इस पोस्ट के बाद से बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश में भरे हुए हैं. तिरुवनंतपुरम में बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीएम मोदी के नाम पर ही सह चुनाव लड़ा गया है |

कार्यकर्ता हमारी ताकत-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे एक्स पोस्ट में लिखा, मैं उन सभी मेहनती बीजेपी कार्यकर्ताओं का आभारी हूं जिन्होंने लोगों के बीच काम किया, जिससे तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में शानदार नतीजा मिला | आज का दिन केरल में कई दशकों से काम करने वाले कार्यकर्ताओं के काम और संघर्षों को याद करने का दिन है, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया, जिससे आज का नतीजा सच हो पाया. हमारे कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं और हमें उन पर गर्व है |

30 सालों से काबिज एलडीएफ का शासन समाप्त

बता दें कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम, जिस पर पिछले 30 सालों से एलडीएफ का शासन था, अब एनडीए के हाथों में आ गया है. भाजपा, जो पिछले दो कार्यकालों से विपक्षी दल थी, 2025 में सत्ता में आई है | जबकि यूडीएफ तीसरे स्थान पर बना हुआ है. भाजपा ने नगर निगम में 50 सीटें जीतीं हैं | बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता होती है | यदि भाजपा को किसी निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन मिल जाता है, तो वह सत्ता हासिल कर सकती है |

GRAP-3 लागू होने के बाद क्या करें, क्या न करें? यहां है पूरी लिस्ट

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Delhi Air Pollution एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को राजधानी दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया। सुबह के समय AQI 401 रिकॉर्ड किया गया, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को यह लगभग 349 रहा था। लगातार बिगड़ती हवा की स्थिति को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण यानी GRAP-3 दोबारा लागू कर दिया गया है।

दिल्ली-NCR में धुंध और सांस की दिक्कत
शनिवार सुबह दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद जैसे आसपास के इलाकों में घनी धुंध देखने को मिली। दृश्यता कम होने के साथ ही लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार रात हवा की रफ्तार बेहद कम रही और नमी अधिक थी। इसी वजह से प्रदूषक कण वातावरण में फैल नहीं सके और धुंध के रूप में छा गए।

CAQM के निर्देश पर लागू हुआ GRAP-3
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की GRAP सब-कमेटी की सिफारिश पर GRAP-3 की सख्त पाबंदियां लागू की गईं। इसका उद्देश्य Delhi Air Pollution को और खतरनाक स्तर पर पहुंचने से रोकना है।

GRAP-3 के तहत क्या-क्या रहेगा बंद
GRAP-3 के दौरान दिल्ली-NCR में सभी गैर-आवश्यक निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसमें मिट्टी का काम, खुदाई, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टरिंग, टाइल और फ्लोरिंग जैसे कार्य शामिल हैं। रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट्स का संचालन भी बंद रहेगा। साथ ही सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन पर रोक होगी।

वाहनों और ईंधन पर सख्ती
GRAP-3 के दौरान BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चारपहिया वाहनों के दिल्ली और एनसीआर के प्रमुख शहरों में प्रवेश और संचालन पर रोक लगाई गई है। पुराने डीजल मालवाहक वाहन भी नहीं चल सकेंगे। कोयला, लकड़ी और अस्वीकृत ईंधन के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। डीजल जेनरेटर सेट्स का उपयोग भी बंद रहेगा, हालांकि आपात सेवाओं को छूट दी गई है।

स्कूलों में बदला पढ़ाई का तरीका
प्रदूषण को देखते हुए कक्षा पांचवीं तक के छात्रों की पढ़ाई हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड में होगी। वहीं उच्च कक्षाओं में मास्क और अन्य सावधानियों के साथ कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

 

 

 

वैभव सूर्यवंशी की 171 रन की पारी का ICC रिकॉर्ड में जानिए जगह न मिलने का कारण

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क्रिकेट | भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने साल 2025 के आखिर में एक बार फिर अपने बल्ले से तहलका मचा दिया. अंडर-19 एशिया कप 2025 के पहले ही मुकाबले में यूएई के खिलाफ उन्होंने 171 रन की विस्फोटक पारी खेली | 14 साल की उम्र में ऐसा कारनामा करना अपने आप में खास है. वैभव ने इस पारी में 14 छक्के और 9 चौके लगाए और सिर्फ 56 गेंदों में शतक पूरा किया. इसके बावजूद यह पारी आईसीसी की आधिकारिक रिकॉर्ड बुक में शामिल नहीं की गई. अब सवाल है, आखिर क्यों?

कितनी खास थी वैभव सूर्यवंशी की पारी?

वैभव ने 95 गेंदों पर 180 की स्ट्राइक रेट से 171 रन बनाए. उन्होंने 30 गेंदों में अर्धशतक, 56 गेंदों में शतक और 84 गेंदों में 150 रन पूरे किए | अगर यह पारी आधिकारिक मानी जाती, तो यह यूथ वनडे क्रिकेट में तीसरा सबसे तेज शतक होती. इतना ही नहीं, एक पारी में 14 छक्के लगाना भी वर्ल्ड रिकॉर्ड बन सकता था |

ICC रिकॉर्ड में शामिल क्यों नहीं हुई यह पारी?

असल वजह आईसीसी के नियम हैं. भारत और यूएई के बीच खेला गया यह मुकाबला आधिकारिक यूथ वनडे नहीं था | यूएई एक एसोसिएट देश है. इसके चलते अंडर-19 एशिया कप में सिर्फ उन्हीं मैचों को यूथ वनडे का दर्जा मिलता है, जिनमें दोनों टीमें टेस्ट खेलने वाले देश हों. इसी वजह से वैभव की यह पारी रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं की गई |

किन मैचों को मिलता है यूथ वनडे का दर्जा?

आईसीसी के अनुसार, अंडर-19 वर्ल्ड कप में एसोसिएट देशों के खिलाफ खेले गए मैचों को यूथ वनडे माना जाता है. हालांकि एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में यह दर्जा सिर्फ टेस्ट खेलने वाले देशों के मुकाबलों को ही मिलता है | यही वजह है कि भारत-पाकिस्तान जैसे मैच आधिकारिक होते हैं, लेकिन भारत-यूएई नहीं |

वैभव सूर्यवंशी का आधिकारिक रिकॉर्ड कैसा है?

रिकॉर्ड बुक में यह पारी शामिल न होने के बावजूद वैभव का करियर आंकड़ों से भरा हुआ है. उनके नाम इंग्लैंड अंडर-19 के खिलाफ बनाया गया एक आधिकारिक यूथ वनडे शतक दर्ज है| इसके अलावा यूथ टेस्ट क्रिकेट में दो शतक और एक अर्धशतक भी उनके खाते में हैं |

सीनियर क्रिकेट में भी दिखा वैभव का जलवा

अंडर-19 क्रिकेट के अलावा वैभव सीनियर स्तर पर भी कमाल कर चुके हैं. उनके नाम सीनियर टी20 क्रिकेट में तीन शतक हैं| आईपीएल 2025, राइजिंग स्टार्स एशिया कप और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनकी विस्फोटक पारियां उनकी बड़ी पहचान बन चुकी हैं |

1.65 करोड़ SIR फॉर्म्स में गड़बड़ी, आयोग की होगी कार्रवाई

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चुनाव आयोग ने कई राज्यों में SIR फॉर्म भरने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है, लेकिन पश्चिम बंगाल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और राजस्थान में SIR फॉर्म भरने की तारीख गुरुवार को समाप्त हो गई और इन राज्यों में ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 16 दिसंबर को प्रकाशित किए जाएंगे | इस बीच, पश्चिम बंगाल में भरे गए SIR फॉर्म को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. चुनाव आयोग के अनुसार करीब 1 करोड़ 67 लाख 45 हजार 911 फॉर्म में गड़बड़ी पाई गई है. चुनाव आयोग को वोटर्स द्वारा दी गई जानकारी पर शक है. चुनाव आयोग इन मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुला सकता है | 

चुनाव आयोग की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार करीब 85 लाख वोटर्स के पिताओं के नाम में गड़बड़ी सामने आई है. करीब 13.5 लाख वोटर्स के माता-पिता एक ही हैं. इनमें से 11 लाख 95 हजार वोटर्स 15 साल की उम्र से पहले पिता बन गए हैं | चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में 6 बच्चों के पिताओं की संख्या 24 लाख 21 हजार है. आंकड़ों के अनुसार 3 लाख 45 हजार 40 साल की उम्र से पहले दादा बन गए |

13.5 लाख वोटर्स के माता-पिता के नाम समान

यानी, अगर पूरे आंकड़ों की तुलना की जाए और डिटेल्ड जानकारी वेरिफाई की जाए, तो पता चलता है कि राज्य में 13.5 लाख वोटर्स के मामले में पिता और माता के तौर पर एक ही व्यक्ति का नाम आया है. यानी, किसी परिवार में एक के मामले में, उस परिवार में मां की जगह पिता का नाम आया है, तो किसी के मामले में, मां की जगह पिता का नाम आया है |

चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार राज्य में 11 लाख 95 हजार 230 वोटर्स के बेटे अपने पिता से 15 साल छोटे हैं. वहीं, 3 लाख 29 हजार 152 वोटर्स 40 साल की उम्र से पहले ही दादा बन गए हैं. चुनाव आयोग को उनकी जानकारी, यानी उनकी उम्र को लेकर शक है |

चुनाव आयोग के अनुसार इन 1 करोड़ 67 लाख से ज्यादा वोटर्स में से कुछ, जिनके नाम और उम्र गलत हैं, उन्हें हियरिंग के लिए बुलाया जा सकता है. कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, इन सभी वोटर्स की जानकारी फिर से वेरिफाई की जाएगी. बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर जानकारी वेरिफाई करेंगे और फिर उन्हें हियरिंग के लिए बुलाया जाएगा. इस मामले में रोल ऑब्जर्वर का रोल भी बहुत अहम है |

बंगाल में SIR पर घमासान

इस मामले पर बीजेपी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, असल में यह पूरी बात फेक है. कई बार लेफ्ट और फिर तृणमूल ने चुनाव जीतने के लिए आम लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश की है. उन्होंने असली वोटर्स को वोट नहीं देने दिया, जो लोग पिछले 15 सालों में पिता बने हैं, वे असल में घोस्ट वोटर बन गए हैं और इन लोगों को जिताया है | 

दूसरी ओर, तृणमूल प्रवक्ता तन्मय घोष ने कहा, जहां पिता के नाम में गलती है, जहां कई मामलों में पिता का नाम एक ही है, इन सबकी जांच करना इलेक्शन कमीशन का काम है. यह पूरे साल से हो रहा है. अगर ऐसी कोई जानकारी सामने आई है, तो उसे हटा दिया जाएगा |

DGCA जांच में नया ट्विस्ट! क्या जानबूझकर कैंसिल की गई थीं उड़ानें?

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Indigo Cancellation Crisis ने हाल के दिनों में देशभर के यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानें अचानक रद्द हो गईं, जिससे लाखों लोगों को अपनी यात्रा टालनी पड़ी। यह पहली बार था जब इतने बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन देखने को मिले। अब इस पूरे मामले को केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि संदेह के दायरे में देखा जा रहा है।

DGCA नियमों को लेकर दबाव की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, यह संकट फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों से जुड़ा हो सकता है। कहा जा रहा है कि इंडिगो उड्डयन मंत्रालय और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स पहले ही इन आरोपों पर सफाई दे चुके हैं, जबकि चेयरमैन विक्रम मेहता ने वीडियो जारी कर आरोपों को निराधार बताया है।

FDTL का दूसरा चरण पहले से तय था
जांच में सामने आया है कि FDTL के दूसरे चरण को लागू करने के लिए एयरलाइंस को पर्याप्त समय दिया गया था। इंडिगो सहित सभी एयरलाइंस को जानकारी थी कि 1 नवंबर से नया फेज लागू होगा। DGCA ने नवंबर से पहले और बाद में कई बैठकों में कंप्लायंस पर चर्चा की थी। इन बैठकों में इंडिगो ने यह कहा कि वह नियमों का पालन कर रही है और कोई समस्या नहीं है।

1 दिसंबर की बैठक में भी नहीं उठाया मुद्दा
महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 दिसंबर को DGCA के साथ हुई बैठक में भी इंडिगो ने पायलट या केबिन क्रू की कमी का कोई जिक्र नहीं किया। नवंबर महीने में एयरलाइंस सामान्य रूप से ऑपरेट कर रही थीं और एवरेज कैंसलेशन पर DGCA की नजर बनी हुई थी।

हायरिंग रोकना बना बड़ी चूक
अब सामने आ रहा है कि इंडिगो ने हायरिंग प्रक्रिया रोक दी थी, जिसे बड़ी चूक माना जा रहा है। पायलटों की कमी का सीधा असर ऑपरेशन पर पड़ा। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब क्रू की कमी थी, तो यात्रियों को यह क्यों बताया गया कि फ्लाइट्स ऑपरेट होंगी। इस वजह से Indigo Cancellation Crisis के दौरान यात्रियों को घंटों इंतजार और भारी भ्रम का सामना करना पड़ा।

अखंडा 2 बॉक्स ऑफिस हिट, धुरंधर से आगे निकली, जानें कमाई के आंकड़े

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साउथ फिल्म इंडस्ट्री के नामी एक्टर नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म अखंडा 2 सिनेमाघरों में आखिरकार रिलीज कर दी गई. फिल्म पहले रणवीर सिंह की धुरंधर के साथ आने वाली थी लेकिन किसी कारणवश इसकी रिलीज को स्थगित कर दिया गया था | अब एक हफ्ते के बाद इसे रिलीज कर दिया गया है और इसके आते ही बॉक्स ऑफिस पर हलचल मच गई है. फिल्म की कमाई के पहले दिन के आंकड़े आ गए हैं और ये चौंकाने वाले हैं. इसका कलेक्शन काफी अच्छा जा रहा है और फिल्म ने ओपनिंग डे की कमाई के मामले में धुरंधर को भी पीछे छोड़ दिया है |

फिल्म को एडवांस बुकिंग से काफी फायदा मिला है और फिल्म का पहले दिन का कलेक्शन ही सबकुछ बयां कर रहा है. किस तरह से इस फिल्म ने रिलीज के साथ ही कोहराम मचा दिया है | धुरंधर की रिलीज का भी इस फिल्म पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है. आइए जानते हैं कि फिल्म का अब तक का कलेक्शन कितना हो गया है |

ओपनिंग डे पर अखंडा 2 ने कितने कमाए?

अखंडा 2 फिल्म की बात करें को इस फिल्म ने रिलीज के साथ ही अपनी जबरदस्त कमाई से एक बार फिर से बता दिया कि नंदमुरी बालकृष्ण का साउथ में क्या जलवा है| रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही 8 करोड़ रुपए कमा लिए थे. इसके बाद फिल्म को पहले दिन भी अच्छी-खासी ऑडियंस मिली और इसका कलेक्शन 22 करोड़ रुपए रहा है. इस लिहाज से फिल्म की पहले दिन की कुल कमाई की बात करें तो इसका कलेक्शन 30 करोड़ रुपए हो चुका है |

आते ही धुरंधर का खेल किया तमाम

अखंडा 2 ने काफी शानदार कलेक्शन किया और आते ही रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. इसका मतलब कि आने वाले समय के लिए नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म अखंडा 2 को हल्के में लेना ठीक नहीं और ये धुरंधर समेत अन्य फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर गेम बिगाड़ सकती है| सभी की नजरें अब इस फिल्म के पहले वीकेंड के कलेक्शन पर टिकी हुई हैं. फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक 120 करोड़ रुपए के बजट में बनी है और जहां तक अनुमान है ये फिल्म अपने पहले वीकेंड में ही अपना बजट पार कर ले जाएगी. साथ ही अभी तो फिल्म की कमाई के ओपनिंग डे के आंकड़े आने भी बाकी हैं |

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News Desk

4 भारतीय क्रिकेटर स्पॉट फिक्सिंग में दोषी! ICC ने लिया बड़ा फैसला, अब क्या होगा?

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Fixing In Cricket एक बार फिर क्रिकेट के जेन्टलमैन गेम की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। भारतीय घरेलू क्रिकेट में मैच फिक्सिंग का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें असम के चार घरेलू क्रिकेटर्स को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि खुद असम क्रिकेट एसोसिएशन (ACA) के सचिव सनातन दास ने की है।

शुक्रवार को जानकारी देते हुए सनातन दास ने बताया कि फिक्सिंग से जुड़े इस मामले में जिन खिलाड़ियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम अमित सिन्हा, ईशान अहमद, अमन त्रिपाठी और अभिषेक ठाकुरी हैं। ये सभी खिलाड़ी अलग-अलग स्तर पर असम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आरोप है कि ये चारों क्रिकेट में भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल थे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के दौरान कुछ खिलाड़ियों को प्रभावित करने और उकसाने की कोशिश कर रहे थे।

Fixing In Cricket के इस गंभीर मामले के सामने आते ही BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट ने जांच शुरू की। जांच के बाद ACA ने न सिर्फ इन खिलाड़ियों को सस्पेंड किया, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। असम क्रिकेट एसोसिएशन ने गुवाहाटी की क्राइम ब्रांच में चारों क्रिकेटर्स के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है।

इस पूरे घटनाक्रम पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि क्रिकेट में किसी भी तरह की फिक्सिंग या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

गौरतलब है कि असम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके रियान पराग भी खेलते हैं, लेकिन जिन चार खिलाड़ियों पर Fixing In Cricket के आरोप लगे हैं, वे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में असम के आधिकारिक स्क्वाड का हिस्सा नहीं थे। फिर भी यह घटना घरेलू क्रिकेट की पारदर्शिता पर एक गंभीर सवाल जरूर खड़ा करती है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ISI की नजर, सुरक्षा अलर्ट जारी

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केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश के DGP को एक पत्र भेजा गया है. इस पत्र में बताया गया है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ISI के निशाने पर हैं. इस पत्र के बाद खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है. ऐसा सामने आया है कि ISI द्वारा शिवराज सिंह चौहान की जानकारी जुटाई जा रही थी. फिलहाल, कृषि मंत्री के पास Z+ सेक्योरिटी है लेकिन इस सूचना के मिलने के बाद उनकी सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है |

सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह के इनपुट मिलने के तुरंत बाद, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली और भोपाल में शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा को बढ़ा दिया है. शुक्रवार देर रात भोपाल के बंगले के बाहर बढ़ी हुई सुरक्षा देखी गई |

पौधारोपण के लिए पहुंचे कृषि मंत्री

बढ़ाए गए अलर्ट के बीच केंद्रीय मंत्री आज भी पौधारोपण करने के लिए गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अपने भांजे-भांजियों और भाई-बहनों के साथ पौधा रोपा |

पौधरोपण जीवन रोपने जैसा है. भविष्य की पीढ़ियों को एक बेहतर वातावरण देने के लिये, आइये हम सब मिलकर पौधे लगाएँ और अपनी धरती को हरा-भरा व समृद्ध बनाएं. पौधरोपण अभियान से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर अपना नाम रजिस्टर करें |

Z+ सिक्योरिटी क्या है?

Z+ सिक्योरिटी को भारत में सबसे ऊंचे लेवल का सिक्योरिटी कवर माना जाता है. Z+ सिक्योरिटी के तहत, एक व्यक्ति को 10 से ज़्यादा NSG कमांडो प्रोटेक्ट करते हैं. कुल मिलाकर, पुलिस अधिकारियों सहित लगभग 55 ट्रेंड लोगों को सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है. Z+ सिक्योरिटी में तैनात हर कमांडो मार्शल आर्ट्स में स्पेशलिस्ट होता है |

चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 29 नवंबर 2005 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. 12 दिसंबर 2008 को दूसरी बार, 8 दिसंबर 2013 को तीसरी बार शपथ और 23 मार्च 2020 को चौथी बार मुख्यमंत्री बने थे |

इतिहास रचा ईशान किशन की टीम ने, T20 मैच में बनाया 432 रन का टारगेट और हासिल की जीत

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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग स्टेज में एक रोमांचक मैच देखने को मिला. पुणे के डीवाई पाटिल स्टेडियम में झारखंड ने पंजाब के खिलाफ एक ऐतिहासिक जीत हासिल की. इस मैच में जमकर रन बने और फैंस खूब चौके-छक्के देखने को मिले. इसी के साथ ईशान किशन की कप्तानी वाली झारखंड टीम ने सुपर लीग में जीत के साथ आगाज किया और 4 अहम पॉइंट्स हासिल किए. इस मैच में झारखंड के लिए कई खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाया |

पंजाब की टीम ने बोर्ड पर लगाया बड़ा स्कोर

इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 235 रन बनाए, जिसमें सलिल अरोड़ा की शतकीय पारी शामिल रही. उन्होंने 39 गेंदों में शतक बनाया और 45 गेंदों में नाबाद 125 रन ठोके. जिसमें 9 चौके और 11 छक्के शामिल रहे. लेकिन उनके अलावा कोई भी खिलाड़ी 30 रन का आंकड़ा नहीं छू सका. दूसरी ओर, झारखंड के लिए इस मैच में सुशांत मिश्रा और बाल कृष्ण ने सबसे ज्यादा 2-2 विकेट हासिल किए |

झारखंड ने 18.1 ओवर में जीता मैच

लेकिन झारखंड की टीम के सामने ये टारगेट छोटा साबित हुआ. झारखंड ने सिर्फ 18.1 ओवर में 4 विकेट खोकर मैच अपने नाम कर लिया. इसमें कुमार कुशाग्र की विस्फोटक नाबाद पारी और ईशान किशन की दमदार शुरुआत का अहम योगदान रहा. ईशान किशन ने सिर्फ 23 गेंदों पर 47 रन बनाकर रन चेज का आगाज किया |इसके बाद कुमार कुशाग्र ने 42 गेंदों पर नाबाद 86 रन बनाकर मुकाबले को एकतरफा कर दिया. उनकी इस पारी में 8 चौके और 4 छक्के देखने को मिले. वहीं, अनुकूल रॉय ने 37 रन और पंकज कुमार ने 39रनों की पारियां खेलीं, जिसके चलते टीम ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की |

इस मैच में दोनों टीमों ने मिलकर 432 रन बनाए, जो टी20 क्रिकेट में काफी कम देखने को मिलता है. वहीं, ये सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज भी साबित हुआ. झारखंड ने मुंबई का रिकॉर्ड तोड़ा, मुंबई ने 2024 आंध्र प्रदेश के खिलाफ 230 रनों का टारगेट हासिल किया था |

भारतीय संसद को निशाना बनाकर दिया गया आतंक का संदेश

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वो दिन जो देश की संसद के लिए किसी काली सुबह से कम नहीं था. ये दिन 13 दिसंबर 2001 का था और संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा था. घड़ी में सुबह के 11 बजकर 28 मिनट का समय हुआ था. देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वजापेयी थे. नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में सोनिया गांधी थीं. सत्र चलने दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा किए जाने की वजह से सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था. दोनों सदन लोक सभा और राज्य सभा की कार्यवाही को 40 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया था |

किसे पता था कि अभी कुछ ही देर में संसद भवन का क्षेत्र AK47 की गोलियों की गूंज में लिपट जाएगा. दोनों सदनों के स्थगन के बाद पीएम और विपक्ष के नेता वहां से बाहर निकल चुके थे मगर उस समय के बड़े नेता लाल कृष्ण आडवाणी, कई मंत्री समेत करीब 200 सांसद सदन में अभी भी मौजूद थे |

उपराष्ट्रपति के काफिले के करीब से गुजरे आतंकी

अब समय 11 बजकर 29 मिनट का हुआ था. तत्कालीन उपराष्ट्रपति के इंतजार में 4 गाड़ियों का काफिला गेट नंबर 11 के पास खड़ा था. तभी अचानक एक सफेड एंबेसडर कार तेज स्पीड में संसद भवन कॉम्प्लेक्स के भीतर प्रवेश करती है. ये इतनी झट से हुआ कि लोकसभा के सुरक्षाकर्मी उसे रोकने के लिए कुछ कदम उठाते उससे पहले ही आतंकियों ने कार की दिशा बदल दी और जोर से उपराष्ट्रपति की कार में टक्कर मार दी |

आतंकी बिछाने लगे थे तार

आतंकियों से सब इंस्पेक्टर जीतराम की हाथापाई हुई. उन्हें अंदाजा हो गया था कि कुछ बड़े प्लान के साथ आतंकी यहां आए हैं क्योंकि उनके पास AK47 भी थी. जीतराम ने आतंकियों का कॉलर छोड़कर अपने हाथ में रिवॉल्वर थामी और गोली चला दी. फिर संसद भवन कॉम्प्लेक्स गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा. वहां 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए. वहां मौजूद आतंकी कार से उतरकर तार बिछाने लगे थे. आतंकियों का मकसद था कि वो उस कार को बम से वहीं पर उड़ा दें और संसद भवन को नुकसान पहुंचाने के अपने नापाक इरादे में कामयाब हो जाएं.

गृहमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी समेत सभी सांसदों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया. संसद भवन के सभी दरवाजों को एक-एक करके बंद कर दिया गया. ताकि, आतंकी किसी भी गेट से अंदर न घुस सकें. बाहर रणभूमि बने संसद कॉम्प्लेक्स में क्या हो रहा है इसकी इतनी ज्यादा गंभीरता का अंदाजा लोकसभा के भीतर मौजूद सांसदों को नहीं था |

9 लोगों की हुई थी मौत

वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों में अपनी दहशत को बढ़ाने के लिए एक आतंकी ने खुद को बम से उड़ा लिया और उसकी मौत हो गई. वहीं तीन और आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया. जबकि एक आतंकी किसी तरह से वहां घुसने की कोशिश कर रहा था, मगर उसे भी मार गिराया गया. इस घटना में 8 सुरक्षाबलों सहित संसद के एक कर्मचारी की मौत हो गई. इसमें सीआरपीएफ की एक महिला जवान भी शामिल थीं |

मेरी दुकान से खरीदी गई थी कार

जब समाचार में हरपाल सिंह नाम के एक शख्स ने संसद पर हमले की कोशिश की खबर देखी तो वो भागता हुआ संसद भवन जा पहुंचा और उसने बताया कि संसद भवन में आतंकियों के साथ आई ये कार उसी के दुकान से खरीदी गई थी. हमले से महज दो दिन पहले अफजल गुरु और एक और शख्स ने मिलकर कार खरीदी थी. इस हमला का मास्टरमाइंड अफजल गुरु था. इसे 9 फरवरी 2013 को सजा-ए-मौत दे दी गई थी |