मेस्सी इवेंट का ऑर्गनाइजर अरेस्ट, ममता बनर्जी ने मांगी माफी, जांच के आदेश दिए

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कोलकाता: महान फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी (Great football player Lionel Messi) के कार्यक्रम के दौरान शनिवार को कोलकाता (Kolkata) के साल्ट लेक स्टेडियम (Salt Lake Stadium) में मची अफरा-तफरी कानून-व्यवस्था के बड़े मामले में तब्दील हो गई, जिसमें पुलिस ने कथित कुप्रबंधन के आरोप में मुख्य आयोजक को हिरासत में ले लिया, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और फुटबॉल के इस दिग्गज खिलाड़ी को देखने से वंचित रह गए प्रशंसकों से माफी मांगी.

फुटबॉल के दीवानों के लिए जो जीवन का सबसे सुखद अनुभव हो सकता था, वह एक तरह से बुरी याद में बदल गया क्योंकि बड़ी रकम खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद हजारों प्रशंसकों ने अर्जेंटीना के इस दिग्गज एक साफ झलक नहीं मिल पाने से निराशा में यहां साल्ट लेक स्टेडियम के अंदर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

मेस्सी साल 2011 के बाद साल्ट लेक स्टेडियम में पहली बार आए थे, लेकिन यह एक अव्यवस्थित घटना बन गई. प्रशंसकों की भीड़ द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने, तोड़-फोड़ और पुलिस के हस्तक्षेप से यह आयोजन फीका पड़ गया. इस कार्यक्रम को फुटबॉल के महानतम वैश्विक सितारों में से एक के उत्सव के रूप में प्रचारित किया गया था लेकिन यह पूरी तरह से अराजकता में बदल गया.

मेस्सी तीन दिनों के भारत दौरे पर हैं, जिसकी शुरुआत कोलकाता से हुई. उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय फुटबॉल अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है. भारत फीफा रैंकिंग में 142वें स्थान पर खिसक गया है जो 2016 के बाद उनकी सबसे खराब रैंकिंग है. यही नहीं मौजूदा सत्र का लगभग आधा समय बीत जाने के बाद बावजूद घरेलू फुटबॉल की शीर्ष प्रतियोगिता (इंडियन सुपर लीग) शुरू होने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है.

विश्व कप विजेता कप्तान मेस्सी अपने लंबे समय के साथी लुई सुआरेज और अर्जेंटीना के टीम के साथी रोड्रिगो डी पॉल के साथ सुबह करीब 11.30 बजे स्टेडियम पहुंचे. स्टेडियम में लगभग 50,000 दर्शक मौजूद थे. मैदान पर उनके कदम रखते ही वह आयोजकों, मशहूर हस्तियों और सुरक्षा कर्मियों की भीड़ में घिर गए, जिससे गैलरी में बैठे सामान्य दर्शक एक झलक देखने के लिए तरसते रह गए. मेस्सी ने मैदान पर थोड़ी दूर चहलकदमी की और ‘मेस्सी, मेस्सी’ के नारों के बीच दर्शक दीर्घा की ओर हाथ हिलाया.

मेस्सी के समय से पहले मैदान से निकलने की खबर फैलते ही दर्शकों का गुस्सा फूट पड़ा. मैदान में बोतलें और फिर प्लास्टिक की कुर्सियां भी फेंकी गईं. प्रायोजक बैनर और होर्डिंग फाड़ दिए गए, बड़ी संख्या में सीटें तोड़ दी गईं और भीड़ ने मैदान के कुछ हिस्सों में जबरन घुसने के लिए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बढ़ते हंगामे के बीच प्रशंसकों ने बिस्वास और आयोजक शताद्रु दत्ता की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारे लगाए. प्रशंसकों ने आयोजकों को इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के घोर कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने यह भी कहा कि मेस्सी के बाहर निकलने के तुरंत बाद आयोजक (प्रमोटर शताद्रु दत्ता और उनकी टीम) मैदान पर दिखना बंद हो गए तो स्थिति और बिगड़ गई.

केरल निकाय चुनाव में कांग्रेस की धमक, बीजेपी का चौंकाने वाला रिजल्ट

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नई दिल्ली। केरल (Kerala) में सत्ता का सेमिफाइनल (Semi-finals) माने जा रहे अहम स्थानीय निकाय चुनावों (elections) के नतीजे अब धीरे-धीरे साफ होने लगे हैं. राज्य के 244 केंद्रों और 14 जिला कलेक्ट्रेट में वोटों की गिनती चल रही है, जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF), और वाम दलों के गठबंधन एलडीएफ (LDF) के बीच कड़ी टक्कर दिख रही है. वहीं शुरुआती नतीजों में शानदार प्रदर्शन के बावजूद बीजेपी की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है. यहां सभी की नजरें इन नतीजों पर हैं, क्योंकि इससे 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जनता का रुझान पता चलेगा.

केरल के 6 नगर निगम, 14 जिला पंचायत, 87 नगर पालिका, 152 ब्लॉक पंचायत और 941 ग्राम पंचायत के लिए चुनाव हुए थे. राज्य चुनाव आयुक्त ए शाहजहां ने गुरुवार को घोषणा की थी कि केरल में इस साल के स्थानीय निकाय चुनावों में 1995 के बाद से सबसे ज्यादा मतदान हुआ है.

राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, दो चरणों में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में दूसरे चरण में 76.08 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं 9 दिसंबर को हुई पहले चरण की वोटिंग में 70.91 प्रतिशत मतदान हुआ था. इस हिसाब से निकाय चुनावों में कुल 73.69 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड हुआ.

जिला पंचायतों की बात करें तो अब तक आई 14 सीटों के नतीजों में से यूडीएफ और एलडीएफ ने 7-7 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में जेल में बंद सीपीएम नेता ए पद्मकुमार के वार्ड में भाजपा ने जीत हासिल की. ​​अरनमूला पंचायत के सातवें वार्ड से भाजपा उम्मीदवार उषा आर नायर विजयी रहीं. वहीं तिरुवनंतपुरम नगर निगम के कोडुंगनूर डिवीजन से भाजपा उम्मीदवार वीवी राजेश ने जीत हासिल की है. राजेश भाजपा के महापौर पद के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे नेता हैं.

केरल निकाय चुनाव में 152 ब्लॉक पंजायतों के नतीजें अब तक साफ हो चके हैं. इसमें यूडीएफ 70 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही है. वहीं 66 सीटें जीतकर एलडीएफ दूसरे स्थान पर, जबिक एनडीए को 2 सीटों पर जीत मिली है. वहीं 11 पंचायतों में मुकाबला टाई रहा है.

अब तक आए 941 ग्राम पंचायत के रिजल्ट में से कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने 360 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं 350 सीटों पर सीपीएम की अगुवाई वाले एलडीएफ को 350 सीटें, बीजेपी नीत एनडीए को 32, जबकि 18 सीटों पर अन्य को जीत मिली है.

इससे पहले 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी एलडीएफ को भारी जीत मिली थी. एलडीएफ ने राज्य के 5 निगम, 43 नगरपालिकाएं, 11 जिला पंचायतें और 514 ग्राम पंचायतें अपने नाम की थीं. वहीं यूडीएफ ने कन्नूर नगर निगम के अलावा 41 नगरपालिकाओं, 3 जिला पंचायतों और 321 ग्राम पंचायतों में जीत हासिल की थी. दूसरी तरफ एनडीए ने 3 नगरपालिकाओं और 19 ग्राम पंचायतों में सत्ता हासिल की. कासरगोड और वायनाड जिला पंचायतों में एलडीएफ और यूडीएफ के बीच मुकाबला टाई रहा था, जिसे लॉटरी निकालकर सुलझाया गया. इसमें कासरगोड एलडीएफ को और वायनाड यूडीएफ को मिला.

रिपोर्ट्स के अनुसार, LDF को भरोसा है कि वह त्रिशूर को छोड़कर उन सभी कॉर्पोरेशनों पर अपना कब्जा बनाए रखेगी. उसे उम्मीद है कि वह मलप्पुरम, वायनाड और एर्नाकुलम को छोड़कर सभी जिला पंचायतों पर भी कब्जा कर लेगी.
वहीं, UDF ने तीन कॉर्पोरेशन एर्नाकुलम, त्रिशूर और कन्नूर के अलावा छह जिला पंचायतों और 500 से ज्यादा ग्राम पंचायतें जीतने लक्ष्य रखा है. इनमें एर्नाकुलम, पठानमथिट्टा, वायनाड और मलप्पुरम की जिला पंचायतें शामिल हैं.

BJP के लिए ये निकाय चुनाव राज्य की जमीनी राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. भगवा दल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उसे उम्मीद है कि वह तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर कॉर्पोरेशनों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. लोकसभा चुनावों में त्रिशूर जीतने के भरोसे के साथ, BJP पूरे राज्य की नगर पालिकाओं में अपनी उपस्थिति का महत्वपूर्ण विस्तार करने पर नजर गड़ाए हुए है.

नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हादसा, 15 से ज्यादा वाहन एक-दूसरे से टकराए; कई लोग घायल

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नोएडा। ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) पर घने कोहरे (Dense Fog) के कारण एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कम विजीवलटी के चलते एक दर्जन से अधिक वाहन आपस में टकरा गई। इस घटना में कई लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं और लगभग एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। यह हादसा दादरी थाना क्षेत्र के चक्रसेनपुर गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सुबह करीब 9 बजे हुआ।

बताया जा रहा है कि पहले एक ट्रक एक कार से टकराया, जिसके बाद पीछे से आ रहे लगभग 15 से 20 वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए। इस बहु-वाहन टक्कर में एक दर्जन से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में 8 से 10 लोगों को हल्की चोटें आईं, लेकिन किसी को भी गंभीर चोट नहीं लगी और न ही कोई जनहानि हुई है। कई लोग अपने वाहनों के साथ मौके से चले गए।

हादसे के बाद पेरिफेरल पर भीषण जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस और टोल मैनेजमेंट टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से हटाना शुरू किया और यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया। चक्रसेनपुर गांव के मिंटू ने बताया कि सुबह हादसा होते ही उनके गांव के लोग पेरिफेरल पर पहुंचे और शोर मचाकर अन्य वाहनों को नियंत्रित करने में मदद की। उन्होंने पुष्टि की कि कई वाहन आपस में टकराए थे।

पुलिस के अनुसार, हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि घने कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम थी, जिसके चलते वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम जारी है।

अमरिंदर सिंह का बयान, कहा- भाजपा में मुझसे सलाह नहीं ली जाती, लेकिन कांग्रेस में लौटने का सवाल ही नहीं

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नई दिल्‍ली । पंजाब(Punjab) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister)और भारतीय जनता पार्टी(Bharatiya Janata Party) के नेता अमरिंदर सिंह(Amarinder Singh) ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। भाजपा के कामकाज की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विपरीत, पार्टी उनसे परामर्श नहीं कर रही है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस में लौटने की संभावना को पूरी तरह खारिज किया।

मीडिया को दिए इंटरव्यू में अमरिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्हें जिस तरह से मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था, उससे वह अब भी आहत हैं, इसलिए कांग्रेस में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि भाजपा में सभी निर्णय दिल्ली में लिए जाते हैं और जमीनी नेताओं से परामर्श नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास 60 साल का राजनीतिक अनुभव है, लेकिन मैं खुद को उन पर थोप नहीं सकता।’

हालांकि, अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी का पंजाब के लिए विशेष स्नेह है और वह राज्य के लिए कुछ भी करेंगे। नवजोत कौर सिद्धू के इस बयान पर कि पंजाब में 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देने वाला मुख्यमंत्री बनता है, सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी को अस्थिर बताया और सिद्धू को राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। सिंह ने कहा कि भाजपा पंजाब में तभी मजबूत हो सकती है जब वह शिरोमणि अकाली दल के साथ हाथ मिलाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों दल अंततः एक साथ आएंगे, क्योंकि पंजाब में गठबंधन के बिना कोई सरकार नहीं बन सकती।

मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज कसा
वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब आतंकवाद के वर्षों के बाद सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि वह केवल टीवी पर आते हैं और चुटकुले सुनाते हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि मुफ्त की योजनाओं के कारण पंजाब भिखारी राज्य बन गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मान केवल नाममात्र के मुखिया हैं, जबकि पंजाब के असली फैसले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ले रहे हैं। सिंह ने लोगों से स्थिरता के लिए भाजपा पर विचार करने का आग्रह किया, क्योंकि भारत की सुरक्षा पंजाब के हितों से जुड़ी हुई है।

 

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रास्ते में खत्म हुई ऑक्सीजन, गोद में तड़पता रहा नवजात; सिस्टम की लापरवाही ने ली जान

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भरतपुर: एक पिता (Father) की बेबसी, सिस्टम की लापरवाही और जिम्मेदारियों से बचता तंत्र. भरतपुर से जयपुर तक फैली यह कहानी सिर्फ एक नवजात की मौत (Newborn Died) की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था (Healthcare) पर उठते गंभीर सवालों की भी है. भरतपुर के जनाना अस्पताल से जयपुर के जेके लोन अस्पताल (Hospital) रेफर किए गए एक नवजात की रास्ते में मौत हो गई. पिता का आरोप है कि एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinders) रास्ते में खत्म हो गया, समय पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई और ऑक्सीजन के अभाव में बच्चे ने दम तोड़ दिया. इस दर्दनाक घटना के बाद पिता बच्चे के शव को लेकर अस्पतालों और थानों के चक्कर काटता रहा, लेकिन कहीं से भी उसे तत्काल सुनवाई नहीं मिली.

मृतक नवजात के पिता मुकेश कुमार निवासी सिकंदरा थाना बयाना ने बताया कि उनके बेटे का जन्म एक दिन पहले ही भरतपुर के जनाना अस्पताल में हुआ था. जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी. डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे को ऑक्सीजन पर रखा गया था. शनिवार शाम करीब 6 बजे डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को गंभीर बताते हुए उसे जयपुर के जेके लोन अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद सरकारी एंबुलेंस के जरिए नवजात को जयपुर ले जाया जा रहा था.

पिता का कहना है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर तो लगाया गया था, लेकिन बच्चे को कोई ड्रिप नहीं दी गई थी. रास्ते में बस्सी के पास अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर की गैस खत्म हो गई. इसके बाद बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ती चली गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई. मुकेश कुमार का आरोप है कि जैसे ही एंबुलेंस ड्राइवर को बच्चे की मौत की जानकारी हुई, वह एंबुलेंस को मौके पर छोड़कर फरार हो गया.

घटना के बाद परिजन बच्चे को लेकर बस्सी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी. बस्सी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस को जब्त कर लिया. इसके बाद मुकेश कुमार अपने मृत नवजात के शव को लेकर वापस भरतपुर के जनाना अस्पताल पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ को पूरी घटना बताई, लेकिन पिता का आरोप है कि किसी ने भी उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया.

इसके बाद मुकेश कुमार बच्चे के शव को लेकर मथुरा गेट अस्पताल पहुंचे. वहां पुलिस से संपर्क किया गया, लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि इस मामले की एफआईआर बस्सी थाने में ही दर्ज होगी. अस्पतालों और पुलिस के लगातार चक्कर लगाने के बाद, थक-हारकर मुकेश कुमार अपने गांव लौट गए. उसी रात उन्होंने अपने नवजात बेटे के शव को दफना दिया.

यह मामला एंबुलेंस सेवा और रेफरल सिस्टम की खामियों को उजागर करता है. ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा का रास्ते में खत्म हो जाना और एंबुलेंस ड्राइवर का मौके से फरार होना बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है. यह घटना दिखाती है कि संकट की घड़ी में एक आम आदमी किस तरह सिस्टम के सामने अकेला पड़ जाता है. अब देखना होगा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या इस पिता को कभी इंसाफ और जवाब मिल पाएगा.

छग के वरिष्ठ BJP नेता ने ताड़का’ और ‘सुरसा’ से की बंगाल की CM ममता बनर्जी की तुलना

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party -BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) पर की गई टिप्पणी के लिए आलोचना की। उन्होंने बनर्जी की तुलना रामायण में वर्णित राक्षसी ‘ताड़का’ और ‘सुरसा’ से करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक अंत निश्चित है। चंद्राकर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बनर्जी को भाजपा या उसके नेतृत्व के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

जब उनसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की ओर से शाह पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने कहा, ‘वह बंगाल के लिए ताड़का और सुरसा हैं। किसी देश के गृह मंत्री पर टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए। बंगाल को उन्होंने (ममता ने) क्या दिया-यह सोचना चाहिए। माननीय गृह मंत्री ने कहा है कि घुसपैठिये इस देश का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तय नहीं कर सकते। ममता जी धमकी नहीं दे सकतीं। वह जमाना लद गया। वह कांग्रेस को धमकी दे सकती हैं कि ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व मैं करुंगी। भाजपा या भाजपा नेतृत्व को किसी तरह के अपशब्द कहने का उनको कोई अधिकार नहीं है। वह खुद ‘ताड़का’ और ‘सुरसा’ जैसी हैं, जिसका (राजनीतिक) वध निश्चित है।’

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में होने वाले हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया था कि शाह मतदाता सूचियों से ‘डेढ़ करोड़ नाम’ हटाने की कोशिशों को सीधे तौर पर निर्देशित कर रहे हैं। ममता ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘देश का गृहमंत्री खतरनाक है। उनकी आंखों में यह साफ दिखता है। एक आंख में ‘दुर्योधन’ दिखता है, और दूसरी में ‘दु:शासन’।’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे वोटों के लिए इतने भूखे हैं कि उन्होंने अब एसआईआर शुरू कर दिया है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम कट गया, तो मैं तब तक धरना दूंगी, जब तक नाम जुड़ नहीं जाता। पश्चिम बंगाल में कोई निरुद्ध केंद्र नहीं बनेगा।’

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मृणाल ठाकुर की ‘डकैत’, टीजर रिलीज की डेट आई सामने

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टीवी से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर तय करने वाली एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘डकैत’ को लेकर चर्चा में हैं. इस फिल्म ने उनके साथ एक्टर आदिवी शेष नजर आएंगे | मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर की रोमांटिक एक्शन थ्रिलर ‘डकैत’ का हिंदी लोगो और टीजर मुंबई में लॉन्च होने के लिए तैयार है. मेकर्स दो शहरों में लॉन्च इवेंट कर रहे हैं |

सिनेमैटोग्राफर शेनिल देव ‘डकैत’ के साथ बतौर डायरेक्टर डेब्यू कर रहे हैं. यह फिल्म अगले साल रिलीज होगी. कुछ समय पहले ‘डकैत’ का फर्स्ट लुक जारी किया गया था. टीजर में मृणाल और अदिवि शेष के साथ-साथ अनुराग कश्यप भी अहम कास्ट के रूप में नजर आए. ऑडियंस को फिल्म में एक्शन के साथ-साथ रोमांस का तड़का भी देखने को मिलने वाला है |

18 दिसंबर को रिलीज होगा टीजर

मृणाल ठाकुर स्टारर इस फिल्म का हिंदी और तेलुगु टीजर दोनों 18 दिसंबर को अलग-अलग शहरों में लॉन्च किए जाएंगे | फिल्म का हिंदी टीजर मुंबई में लॉन्च होगा. वहीं तेलुगु वर्जन उसी दिन हैदराबाद में लॉन्च किया जाएगा.अदिवि शेष ने शेनिल देव के साथ मिलकर इस फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम किया है |

श्रुति हसन थीं पहली एक्ट्रेस

फिल्म ‘डकैत’ में पहले श्रुति हासन, अदिवी शेष के साथ लीड रोल में नजर आने वाली थीं, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्म से किनारा कर लिया | उसके बाद अब मृणाल ठाकुर फिल्म में लीड रोल में नजर आएंगी. फिल्म में प्रकाश राज, अतुल कुलकर्णी, सुनील, जैन मैरी खान और कामाक्षी भास्करला जैसे कई कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं |

कब रिलीज होगी डकैत?

‘डकैत’ 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, जो यश की ‘टॉक्सिक’ और रणवीर सिंह ‘धुरंधर 2’ जैसी दूसरी बड़ी फिल्मों से टकराएगी. क्योंकि ये दोनों फिल्में भी 19 मार्च को ही रिलीज होने के लिए तय हैं| यानी बॉक्स ऑफिस पर क्लैश होगा. लेकिन अपनी दिलचस्प कहानी, शानदार स्टार कास्ट और अब आने वाले टीजर लॉन्च के साथ, सभी की नजरें इसी फिल्म पर हैं | फैन्स एक्शन से भरपूर सीक्वेंस और आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर के बीच की केमिस्ट्री की एक झलक देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं |

फिल्म में क्या होगा खास?

आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर के अलावा, फिल्म में अनुभवी एक्टर प्रकाश राज भी हैं, जो अपनी खास इंटेंसिटी जोड़ते हैं और एक टैलेंटेड सपोर्टिंग कास्ट भी है, जिसमें फिल्म-मेकर अनुराग कश्यप, अतुल कुलकर्णी, सुनील, जैन मैरी खान और कामाक्षी भास्करला शामिल हैं| मुंबई और हैदराबाद में उसी दिन होने वाले लॉन्च से ऑडियंस को पहली बार पता चलेगा कि फिल्म में क्या खास है |

एम चिन्नास्वामी स्टेडियम रहेगा RCB का होम ग्राउंड, IPL 2026 में मिली मंजूरी

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आईपीएल 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के लिए अच्छी खबर आई है | कर्नाटक सरकार ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैचों की मेजबानी की इजाजत दे दी है. पिछले संस्करण में ट्रॉफी जीतने के बाद आरसीबी ने इस स्टेडियम में जीत का जश्न मनाया था. स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई थी, तब यहां मैचों के आयोजन पर रोक लगी थी |
 
 रिपोर्ट के अनुसार नए चुने गए KSCA प्रमुख वेंकटेश प्रसाद को चुनाव जीतने के एक हफ्ते बाद कर्नाटक सरकार से मैच होस्ट कराने की मंजूरी मिल गई है. इसके बाद एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बीसीसीआई के रडार पर वापस आने का रास्ता साफ हो गया है. माना जा रहा है कि बीसीसीआई को भी हाल के घटनाक्रमों के बारे में बता दिया गया है |

IPL 2026 से पहले चिन्नास्वामी में खेलेंगे विराट कोहली?

रिपोर्ट के अनुसार ये तो साफ है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 2026 में भी अपने होम मैच एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलेगी, लेकिन इस लीग से पहले ही विराट कोहली यहां खेलते हुए नजर आ सकते हैं | दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी में यहां खेल सकती है. बता दें कि विराट कोहली विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आएंगे, वह डोमेस्टिक में दिल्ली टीम के लिए खेलते हैं |

रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण दिल्ली के विजय हजारे ट्रॉफी मैचों को अलूर से शिफ्ट करने पर विचार कर रही है | अभी जो जानकारी है, उसके अनुसार विराट कोहली और ऋषभ पंत को दिल्ली की टीम में शामिल किया गया है. दोनों ही पहले तीन मैचों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं |

विजय हजारे ट्रॉफी में फैंस को मिलेगी एंट्री

रिपोर्ट के अनुसार जिस मैच में विराट कोहली और ऋषभ पंत खेलेंगे, उसमें केएससीए कुछ स्टैंड्स को आम जनता के लिए खोलने पर विचार कर रहा है. एसोसिएशन 2 से 3 हजार दर्शकों को जगह देने की व्यवस्था कर रहा है | हमने देखा था कि विराट कोहली ने जब इस साल की शुरुआत में रणजी मैच खेला था, तो दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर बड़ी संख्या में फैंस पहुंचे थे |

अक्षय खन्ना की बड़ी वापसी, अक्षय कुमार के साथ फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर तूफान तय

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धुरंधर’ ने 8 दिनों में भौकाल काट दिया है. अबतक फिल्म दुनियाभर से 300 करोड़ का कारोबार कर चुकी है. जबकि, दूसरे वीकेंड से पहले ही फिल्म ने आठवें दिन 32 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है| फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त नहीं, बल्कि अक्षय खन्ना ने पूरी लाइमलाइट लूट ली. रहमान डकैत बनकर उनका जो अंदाज दिखा, वो स्टाइल सबको पसंद आ रहा है. यूं तो अक्षय खन्ना का अगली फिल्म से पत्ता कट गया है. क्योंकि इस फिल्म में उनके किरदार को मार दिया गया. पर अक्षय खन्ना के पास पहले ही कई बड़ी फिल्में हैं. इसी बीच एक नई फिल्म में एंट्री की खबरें आ रही हैं |

हाल ही में अक्षय कुमार की एक बड़ी फिल्म का ऐलान हुआ था. जिसका नाम है- ‘भागम भाग 2’. फिल्म का पहला पार्ट 2006 में रिलीज हुआ था |अब पिक्चर के सीक्वल में उनके साथ मीनाक्षी चौधरी की भी एंट्री करवाई गई है | अब एक न्यूज रिपोर्ट पर खबर छपी | जिससे पता लगा कि अक्षय कुमार की फिल्म में अक्षय खन्ना की एंट्री हो गई है. ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद यह खबर फैन्स के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है. क्योंकि, दोनों ही अक्षय पहले भी साथ में काम कर चुके हैं |

अक्षय खन्ना को मिल गई नई फिल्म

अक्षय खन्ना का ‘तीस मार खान’ से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो ऑस्कर जीतने की बात करते हैं | साथ ही उनके साथ अक्षय कुमार भी साथ में होते हैं. अब कॉमेडी एंटरटेनर ‘भागम भाग 2’ के लिए एक बार फिर साथ आ रहे हैं | नई रिपोर्ट से यह भी पता लगा कि फिल्म की शूटिंग फरवरी 2026 से शुरू कर दी जाएगी. साथ ही अगले ही साल यानी 2026 में ही पिक्चर को रिलीज कर दिया जाएगा | उन्होंने ‘धुरंधर’ में जिस तरह का काम किया है, वो दिखाता है कि एक्टर के अभिनय में वो गहराई है, जो किसी भी रोल के लिए चाहिए | अब उन्हें अक्षय कुमार के साथ कास्ट करना एक सॉलिड जोड़ी मानी जा रही है. जो कि 2026 का एक बड़ा कोलैबोरेशन भी हो सकता है |

इस पिक्चर को वो ही डायरेक्टर बना रहे हैं, जिसने ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ बनाई थी | राज शांडिल्य ही इस फिल्म के डायरेक्टर हैं. ‘भागम भाग’ साल 2006 की ओरिजिनल क्लासिक फिल्म है | जिसके सीक्वल में अक्षय कुमार और अक्षय खन्ना की स्टार पावर का कॉम्बिनेशन मिल रहा है |हालांकि, अक्षय खन्ना के पास महाकाली नाम का प्रोजेक्ट भी है. जिसमें वो पहले ही असुरों के गुरू शुक्राचार्य का किरदार निभा रहे हैं |

IPL 2026 मेगा ऑक्शन से पहले CSK का मास्टरप्लान, किन रोल्स पर रहेगा फोकस

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इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. ऑक्शन का आयोजन 16 दिसंबर को अबुधाबी में किया जाएगा | ऑक्शन में कुल 10 टीमें अपने-अपने स्लॉट के लिए बोली लगाएगी. कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम सबसे ज्यादा पर्स के साथ टेबल पर बैठेगी. वहीं पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स की बिडिंग पर भी सबकी नजर होगी. क्योंकि इस नीलामी में सीएसके की टीम 43.40 करोड़ रुपए की बड़ी रकम के साथ खिलाड़ियों पर अपना दांव लगाएगी. ऐसे में आइए जानते हैं आईपीएल 2026 के लिए क्या होने वाली है सीएसके की प्लानिंग, किन खिलाड़ियों पर रहेगी फ्रेंचाइजी की नजर और किस-किस स्लॉट के लिए टीम लगाएगी बोली |

कितने स्लॉट के लिए सीएसके लगाएगी बोली?

आईपीएल 2026 के लिए सीएसके की टीम ने अपने 28 खिलाड़ियों के स्क्वाड में से कुल 12 प्लेयर को रिलीज किया है| वहीं मिनी ऑक्शन में टीम कुल 9 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाएगी. इसमें 4 स्लॉट विदेशी खिलाड़ियों का है. ऑक्शन से पहले सीएसके की टीम ने रविंद्र जडेजा और सैम करन जैसे प्लेयर को ट्रेड करने का फैसला किया. इसके अलावा पिछले सीजन में टीम के हिस्सा रहे डेवोन कॉनवे, रचिन रविंद्र और मथीशा पथिराना को भी रिलीज किया है. यही कारण है कि सीएस को ऑक्शन में कुछ महत्वपूर्ण स्लॉट को भरना होगा |

किन ऑलराउंडर्स प्लेयर पर रहेगी नजर?

रविंद्र जडेजा और सैम करन के जाने से सीएसके के पास एक प्रमुख ऑलराउंडर का स्लॉट खाली हो गया है. टीम को ऐसे खिलाड़ी की तलाश है जो बल्लेबाजी के साथ-साथ अच्छी गेंदबाजी भी कर सके. ऐसे में इस स्लॉट के लिए सीएसके की टीम कैमरून ग्रीन, लियाम लिविंगस्टोन और वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों पर टारगेट कर सकती है| 

स्पिन स्लॉट के लिए किसे टारगेट करेगी सीएसके

पिछले सीजन में सीएसके के लिए रविचंद्रन अश्विन स्पिनर के तौर पर टीम में शामिल थे. इसके अलावा फ्रेंचाइजी रविंद्र जडेजा को ट्रेड कर दिया है. ऐसे में सीएसके के पास सिर्फ नूर अहमद और श्रेयस गोपाल के रूप में मुख्य स्पिनर बचे हैं. वहीं चेपॉक की धीमी पिच को देखते हुए, टीम को एक क्वालिटी भारतीय स्पिनर की सख्त जरूरत है. यही कारण है कि सीएसके ऑक्शन में रवि बिश्नोई की हर हाल में टारगेट करना चाहेगी|

डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट की भी सीएसके को जरूरत

ऑक्शन में सीएसके की टीम को डेथ ओवर स्पेशलिस्ट और बैक अप पेसर की जरूरत है. मथीशा पथिराना को रिलीज करने के बाद टीम को डेथ ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी करने वाले एक विदेशी तेज गेंदबाज की तलाश है. इसके साथ ही नाथन एलिस और मुकेश चौधरी के साथ टीम को बैकअप पेसर की जरूरत है. ऐसे में टीम मैट हेनरी और गेराल्ड कोएत्जी जैसे खिलाड़ियों पर फोकस कर सकती है |

ओपनर और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज भी सीएसके की नजर

सीएसके की टीम ऑक्शन में ओपनर के साथ मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज पर फोकस करने वाली है. टीम में ये स्लॉट डेवोन कॉनवे और रचिन रवींद्र को रिलीज करने के बाद खाली हुआ है. ऐसे में रुतुराज गायकवाड़ के साथ ओपनिंग के लिए एक मजबूत सलामी बल्लेबाज की जरूरत है. साथ ही. वहीं टीम मिडिल ऑर्डर में भी कुछ पावर-हिटर की कमी को दूर करने के लिए भी बिडिंग कर सकती है. ऐसे में इस स्लॉट के लिए डेविड मिलर और क्विंटन डी कॉक को विदेशी ओपनर के तौर अपनी टीम में शामिल कर सकती है|