जहरीली हवा से बेहाल दिल्ली, AQI 461 पार, किरण बेदी की सख्त चेतावनी

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Kiran Bedi On Delhi Air Pollution : के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण ने खतरनाक स्तर छू लिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 461 दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। हैरानी की बात यह है कि एक दिन पहले AQI 431 था, यानी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।

किरण बेदी ने जताई गहरी चिंता

दिल्ली की इस भयावह स्थिति पर पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चिंता जाहिर की है। Kiran Bedi On Delhi Air Pollution को लेकर उन्होंने लिखा कि राजधानी में अब हालात ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ जैसे हो गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में लाइव AQI 756 तक पहुंच गया, जो इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है।

इन इलाकों में सबसे खराब हालात

दिल्ली के लगभग सभी 40 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है। रोहिणी (499), बवाना (498), विवेक विहार (495), अशोक विहार और वजीरपुर (493) जैसे इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा भयावह बनी हुई है। वहीं आईटीओ (485), मुंडका (486) और आनंद विहार (491) में भी प्रदूषण चरम पर है।

NCR में भी बढ़ा प्रदूषण का संकट

यह संकट सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। NCR के शहरों में भी हवा की हालत बेहद खराब है। नोएडा (470) और गाजियाबाद (460) में AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जबकि गुरुग्राम में AQI 348 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

धुंध और कोहरे से जनजीवन प्रभावित

घनी धुंध और कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई है, जिससे सड़कों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ लोगों को घर के अंदर रहने, मास्क पहनने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं। Kiran Bedi On Delhi Air Pollution ने एक बार फिर यह चेतावनी दे दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह संकट और भी घातक हो सकता है।

केरल की पहली महिला IPS से BJP की जीत की नायिका

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Who is R Sreelekha : इस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जीत पर बधाई दी है। खास बात यह रही कि इस जीत के साथ केरल की पहली महिला IPS अधिकारी आर श्रीलेखा एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे के रूप में उभरी हैं। उन्होंने संस्थामंडलम वार्ड से भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की है।

LDF के गढ़ में BJP की बड़ी सेंध

तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर पिछले करीब 40 वर्षों से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का कब्जा था। लेकिन इस बार BJP ने बड़ा उलटफेर किया है। 101 सदस्यीय निगम में पार्टी ने 50 वार्डों में जीत दर्ज की। संस्थामंडलम, जिसे LDF का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां से आर श्रीलेखा की जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा है।

मेयर बनने को लेकर चर्चा तेज

जीत के बाद आर श्रीलेखा के मेयर बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। इस पर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी फैसला लेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा। उन्होंने जनता का आभार जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी जीत इस वार्ड में पहले कभी नहीं हुई थी।

Who is R Sreelekha: शिक्षा और शुरुआती करियर

आर श्रीलेखा मूल रूप से तिरुवनंतपुरम की रहने वाली हैं। उन्होंने कॉटन हिल स्कूल से स्कूली शिक्षा ली और वुमेंस कॉलेज से इंग्लिश में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके साथ ही इग्नू से MBA की डिग्री भी हासिल की।

IPS से DGP तक का सफर

शिक्षण और रिजर्व बैंक में काम करने के बाद वे सिविल सेवा में आईं। 1988 में कोट्टायम की ASP बनीं और 1991 में त्रिशूर की पहली महिला SP बनीं। 33 साल की सेवा के दौरान उन्होंने CBI, सतर्कता विभाग और परिवहन आयुक्त जैसे अहम पद संभाले। 2020 में रिटायरमेंट के बाद अब Who is R Sreelekha का जवाब राजनीति में उनके नए सफर से जुड़ गया है।

धुरंधर का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 9वें दिन 53 करोड़ की रिकॉर्डतोड़ कमाई

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Dhurandhar Day 9 Collection ने बॉक्स ऑफिस पर नई मिसाल कायम कर दी है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी रणवीर सिंह की इस दमदार एक्शन फिल्म ने रिलीज के महज 9 दिनों में ही जबरदस्त कमाई कर ली है। फिल्म का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और कमाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। खास बात यह है कि रिलीज के दूसरे शनिवार यानी 13 दिसंबर को फिल्म ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।

Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने नौवें दिन अकेले 53 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही Dhurandhar Day 9 Collection ने अल्लू अर्जुन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा 2’ का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिसने दूसरे शनिवार को 46 करोड़ का कलेक्शन किया था। वहीं विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ दूसरे शनिवार को 44 करोड़ तक ही पहुंच पाई थी। इतना ही नहीं, धुरंधर ने रणवीर सिंह की सुपरहिट फिल्म ‘सिंबा’ के लाइफटाइम कलेक्शन 240 करोड़ को भी पीछे छोड़ दिया है।

अगर फिल्म के कुल बॉक्स ऑफिस सफर पर नजर डालें, तो पहले दिन इसने 28 करोड़ की ओपनिंग की थी। दूसरे दिन 32 करोड़, तीसरे दिन 43 करोड़, चौथे दिन 23 करोड़, पांचवें से सातवें दिन तक लगातार 27-27 करोड़ की कमाई की। इस तरह पहले हफ्ते में फिल्म का कुल कलेक्शन 207.25 करोड़ पहुंच गया था। आठवें दिन यानी शुक्रवार को फिल्म ने 32 करोड़ कमाए और फिर नौवें दिन 53 करोड़ का धमाकेदार आंकड़ा छू लिया। अब Dhurandhar Day 9 Collection के साथ फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 292.75 करोड़ हो चुका है।

फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी बड़ी ताकत है। रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन और सारा अर्जुन अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। दमदार कहानी, शानदार म्यूजिक और एक खास आइटम सॉन्ग ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रखा है। साफ है कि आने वाले दिनों में धुरंधर और भी बड़े रिकॉर्ड बना सकती है।

बेंगलुरु में पालतू मैकॉ को बचाना पड़ा भारी, मालिक की ऐसे चली गई जान

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गिरिनगर: बेंगलुरु (Bengaluru) के गिरिनगर इलाके (Girinagar Area) में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा (Tragic Accident) हो गया. अपने पालतू मैकॉ (Pet Macaw) तोते को बचाने की कोशिश में 32 वर्षीय युवक की हाई-वोल्टेज करंट लगने से मौत हो गई. यह घटना सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच की बताई जा रही है.

मृतक की पहचान अरुण कुमार के रूप में हुई है. अरुण वाहन नंबर प्लेट बनाने का व्यवसाय करते थे. परिवार के मुताबिक, उनका पालतू मैकॉ सुबह घर से उड़कर पास ही लगे एक बिजली के खंभे पर जा बैठा, जहां से हाई-टेंशन तार गुजर रहा था.

तोते को नीचे उतारने के लिए अरुण पास की एक कंपाउंड दीवार पर चढ़ गए. उन्होंने स्टील का पाइप लेकर तोते को हटाने की कोशिश की. इसी दौरान पाइप का संपर्क हाई-वोल्टेज बिजली तार से हो गया, जिससे अरुण को तेज करंट लग गया. करंट लगते ही अरुण संतुलन खो बैठे और दीवार से नीचे गिर पड़े. मौके पर मौजूद लोग और परिवार के सदस्य तुरंत उनकी मदद के लिए पहुंचे.

अरुण को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. गिरिनगर पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है.

मौज ही मौज! नए लेबर कोड में 4 दिन काम, 3 दिन की छुट्टी पक्की? जानें आपके लिए 5 सबसे बड़े फायदे

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New Labour Codes: काम के बोझ तले दबे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आ रही है. दुनिया के कई देशों की तर्ज़ पर भारत में भी जल्द ही सप्ताह में सिर्फ 4 दिन काम और लगातार 3 दिन की छुट्टियों (3-Day Weekend) का सिस्टम लागू हो सकता है. यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों के तहत संभव हुआ है.

एक तरफ जहां देश के मेट्रो शहर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु अभी भी मुख्य रूप से 5-दिन के वर्क वीक को फॉलो करते हैं, वहीं कर्मचारियों की लंबे समय से मांग रही है कि उन्हें काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन (Work-Life Balance) चाहिए. जापान और जर्मनी जैसे देशों में 4-दिन का वर्क वीक सफलतापूर्वक चल रहा है और अब भारत भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

काम के घंटे 48 पर फिक्स, 12 घंटे की शिफ्ट की छूट
श्रम और रोज़गार मंत्रालय ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ‘मिथबस्टर’ पोस्ट के ज़रिए इस बड़ी संभावना पर मुहर लगा दी है. मंत्रालय ने साफ किया कि नए लेबर कोड के अनुसार, एक सप्ताह में काम करने के अधिकतम घंटों की सीमा 48 घंटे तय की गई है.

लेकिन, यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि 4 दिन में 48 घंटे कैसे पूरे होंगे? इसी का जवाब देते हुए मंत्रालय ने बताया कि संशोधित लेबर कोड कंपनियों को यह लचीलापन (Flexibility) देते हैं कि अगर वे चाहें तो कर्मचारियों से 12 घंटे की शिफ्ट करा सकती हैं. इसका सीधा मतलब है कि अगर आपकी कंपनी 12 घंटे की शिफ्ट चुनती है, तो आपको सप्ताह में केवल 4 दिन ही काम करना होगा. बाकी बचे 3 दिन आपकी सवेतन (Paid) छुट्टियां होंगी. यानी, आपकी सैलरी नहीं कटेगी.

12 घंटे की शिफ्ट में ब्रेक भी शामिल
कर्मचारियों को यह चिंता हो सकती है कि 12 घंटे लगातार काम करना मुश्किल होगा. इस पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 12 घंटे की इस अवधि में कर्मचारियों के लिए ज़रूरी ब्रेक या स्प्रेड-ओवर भी शामिल होंगे. यह सुनिश्चित करता है कि काम के दौरान कर्मचारियों को आराम का पर्याप्त समय मिले.

ओवरटाइम पर मिलेगी दोगुनी पेमेंट
नए कानून में कर्मचारियों के हित को प्राथमिकता दी गई है. अगर कोई कंपनी 48 घंटे की साप्ताहिक सीमा पार करती है या 12 घंटे से ज़्यादा काम कराती है तो नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. श्रम मंत्रालय ने कहा है कि अगर कर्मचारी रोज़ाना तय घंटों से ज़्यादा काम करते हैं, तो कंपनी को ओवरटाइम के लिए दोगुनी दर से भुगतान करना होगा. यह नियम सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों का शोषण न हो.

क्या हैं सरकार के नए लेबर कोड?
केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 को 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों को खत्म करके उनकी जगह चार नए लेबर कोड लागू किए थे. ये कोड अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के अधिकारों और कार्यस्थल की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए लाए गए हैं. इसमें, वेतन संहिता (Wage Code 2019), औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code 2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code 2020) और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code 2020) शामिल हैं.

गुझिया-पपची नहीं, ठंड में छत्तीसगढ़ की रसोइयों में बनते हैं ये खास व्यंजन! आप भी नोट करें नाम और रेसिपी

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सर्दियों की ठंडी सुबह में गरम और हेल्दी नाश्ता किसी के भी मूड को फ्रेश कर देता है। अगर ये नाश्ता स्वादिष्ट भी हो, तो दिन की शुरुआत और भी शानदार हो जाती है। छत्तीसगढ़ में कुछ पारंपरिक फूड्स हैं जो सर्दियों में खास लोकप्रिय होते हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं।

सबसे पहले चावल का चीला ट्राई करें। यह चावल से बनता है और अदरक-धनिया टमाटर की चटनी के साथ खाने में बहुत टेस्टी लगता है। सुबह के लिए हल्का और पौष्टिक विकल्प है।

इसके अलावा फरा भी सर्दियों में काफी पसंद किया जाता है। यह चावल के आटे से बनता है और भाप में पकाकर राई व जीरा का तड़का लगाया जाता है। यह पेट के लिए हल्का और सुपाच्य विकल्प है।

अंगाकर रोटी छत्तीसगढ़ की एक और खास डिश है। इसे चावल और चावल के आटे से अंगार पर सेंक कर बनाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है।

ग्रामीण इलाकों में खासकर गुड़ वाला बोबर चिला या बोबरा रोटी का सेवन बहुत किया जाता है। यह मीठा और पौष्टिक होता है और बच्चों को भी पसंद आता है।

सर्दियों में बफौरी भी खाने का आनंद बढ़ा देती है। इसे चना दाल या अन्य दालों को पीसकर भाप में पकाया जाता है। यह प्रोटीन से भरपूर और हल्का नाश्ता है।

छत्तीसगढ़ के ये पारंपरिक नाश्ते न केवल स्वाद में लाजवाब हैं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी हैं। सर्दियों में इन्हें सुबह के समय खाकर दिन की शुरुआत ताजगी और ऊर्जा के साथ करें।

भविष्य में तकनीकी ही तय करेगी युद्ध की दिशा और दशा: जनरल वीपी मलिक

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इंदौर: न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के एनएसआईकॉन 2025 के चौथे दिन राष्ट्रीय सेमिनार में रिटायर्ड जनरल वेद प्रकाश मलिक पहुंचे, जहां उन्होंने कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय युद्ध तकनीकी और सेना के जज्बे का जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय सैन्य क्षमता और तकनीकी रूप से विकसित होती देश की सामरिक स्थिति पर भी चर्चा की.

जवान का जज्बा और जुनून विजयी बनाता है

जनरल वी पी मलिक ने सैनिकों के साहस और जीतने के जज्बे के बारे में बात करते हुए कहा कि “कारगिल युद्ध में जवानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन देश के जवान चुनौतियों के सामने घुटने नहीं टेके. चाहे उसके पास लड़ने के लिए कोई संसाधन मौजूद ना हो, लेकिन जवानों के जीतने का जज्बा और जुनून ही उसे मैदान में विजयी बनाता है. इसी जज्बे से हम कारगिल युद्ध जीते.”

कारगिल युद्ध में हथियार और तकनीक विदेशों से मांगनी पड़ी

जनरल मलिक ने आगे कहा कि “कारगिल के दौर में हमें कई महत्वपूर्ण हथियार और तकनीक विदेशों से मंगानी पड़ती थी, जबकि आज भारत रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय आत्मनिर्भरता हासिल कर चुका है. कारगिल युद्ध के ऑपरेशन विजय के दौरान हजारों घायल सैनिकों को भर्ती किया गया था, जिनमें से केवल 10-15 की मृत्यु हुई थी. यह आंकड़ा सैन्य चिकित्सा की दक्षता और समर्पण का परिचायक है. ऑपरेशन सिंदूर में भी उसी जज्बे से हम लड़े, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने से हमें विजय मिली, क्योंकि समय के साथ हमें अपने जीवन में नई-नई टेक्नोलॉजी को अपनाना भी जरूरी है.”

200 से अधिक शोध पत्रों पर हुई चर्चा

गौरतलब है कि आयोजन के चौथे दिन 200 से अधिक शोध पत्रों पर चर्चा हुई. इस बार की थीम ब्रेन और स्पाइन देखभाल में चुनौतियों पर विजय और इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजन में न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन को प्रोत्साहित करने के लिए जनरल वी.पी मलिक को आमंत्रित किया गया था.

विशेषज्ञों ने ब्रेन इंजरी और ट्रॉमा मैनेजमेंट पर अनुभव साझा किया

राष्ट्रीय सेमिनार में शुरू के 3 दिनों तक वैज्ञानिक सत्रों में स्कल बेस सर्जरी से जुड़े नवीन शोध प्रस्तुत किए गए. विशेषज्ञों ने बताया कि कम चीरे वाली सर्जरी और तेज रिकवरी अब आधुनिक न्यूरो सर्जरी की पहचान है. भारतीय सशस्त्र बलों के न्यूरोसर्जनों ने युद्धकालीन परिस्थितियों में ब्रेन इंजरी और ट्रॉमा मैनेजमेंट पर अपने अनुभव साझा किए. जो सैन्य और नागरिक चिकित्सा के बढ़ते सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बना.

 

 

ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले ने कहा कि “आज के स्पेशल वक्ता जनरल वी.पी मलिक ने सभी डॉक्टरों को प्रोत्साहित किया और सभी डॉक्टरों को भी सैनिकों की तरह ही जीतने का जज्बा रखना चाहिए. कभी भी चुनौतियों से नहीं हारना चाहिए और समय के साथ टेक्नोलॉजी को अपनाना चाहिए. न्यूरोसर्जरी अब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि विज्ञान, अनुभव और संवेदना का संतुलित समन्वय है.”

भारत-पाकिस्तान महामुकाबला … 80 के पार स्कोर, लेकिन लगे दो झटके! क्या टीम इंडिया संभाल पाएगी पारी? देखें ताजा अपडेट

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IND vs PAK Under-19 LIVE: आज अंडर-19 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला खेला जा रहा है. दुबई के आईसीसी अकेडमी ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. भारतीय टीम ने टूर्नामेंट का शानदार आगाज करते हुए यूएई को 234 रन से करारी शिकस्त दी. इस मैच में युवा वैभव सुर्यवंशी ने 171 रनों की दमाकेदार पारी खेली थी. वहीं, पाकिस्तान ने अपने पहले मैच में मलेशिया को हरा दिया.

भारत-मेक्सिको के बीच बढ़ा तनाव! 50% टैरिफ को भारत ने बताया ‘एकतरफा फैसला’, जानें क्यों लिया गया यह कदम और क्या होगा असर?

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India Mexico Trade Relations: अमेरिका की राह पर पड़ोसी देश मेक्सिको भी चल रहा है. हाल ही में मेक्सिको सरकार ने भी भारत ,चीन समेत कई एशियाई देशों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. मेक्सिको के नए टैरिफ को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. भारत का कहना है कि बिना किसी से विचार-विमर्श किए मेक्सिको की ओर से लिया गया फैसला आर्थिक संबंधों और वैश्विक व्यापार नियमों के खिलाफ है. बिना चर्चा के टैरिफ बढ़ाना कोई सही तरीका नहीं है.

मेक्सिको ने जो नया टैरिफ भारत पर लगाने की घोषणा की है, वह 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाला है. भारत के कड़ी आपत्ति जताने पर मेक्सिको ने इस फैसले को राष्ट्रीय उद्योग और उत्पादकों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. हालांकि चीन ने भी टैरिफ को लेकर विरोध जताया है. इसके साथ ही मेक्सिको से एकतरफावाद और संरक्षणवाद पर सुधार करने की अपील की है.

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MP सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी बीजेपी दफ्तर तलब, संगठन ने लगाई फटकार, मांगा जवाब

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भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav government) में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Minister of State Pratima Bagri) की मुश्किलें उस वक्त बढ़ गईं जब उनके भाई अनिल बागरी को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस मामले के बाद भाजपा हाईकमान ने सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री बागरी को प्रदेश कार्यालय तलब किया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल से मंत्री बागरी की करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से भी बंद कमरे में बातचीत हुई।

सूत्र बता रहे हैं कि संगठन ने मंत्री से सवाल किया – “नाक के नीचे इतना कुछ चलता रहा, आपको जानकारी क्यों नहीं थी?” भाई की गिरफ्तारी पर स्पष्टीकरण मांगा गया। मंत्री प्रतिमा बागरी ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया और कहा- “भाई के कृत्य से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” हालांकि, संगठन ने सख्त और अहम निर्देश दिए। अजय जामवाल से मुलाकात के बाद मंत्री बागरी मायूस नजर आईं। गौरतलब है कि इससे पहले भी मंत्री के परिवार से जुड़े लोग ऐसे मामलों में फंसे हैं, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है। भाजपा नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई पर नजर रखे हुए है।

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