न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के साथ एफटीए पर चर्चा की केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने

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मुंबई । केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) ने न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के साथ (With New Zealand Trade Minister Todd McLay) एफटीए पर चर्चा की (Discussed FTA) ।

मुंबई में हुई यह बैठक दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चल रही वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिसमें दोनों मंत्रियों ने वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार से संबंधित प्रमुख विषयों में अभिसरण पर ध्यान केंद्रित किया। दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि हालिया दौर की वार्ता में ठोस प्रगति हुई है, जिसमें कई पहलुओं पर सहमति बनी है और समझौते के शीघ्र और पारस्परिक रूप से संतोषजनक समापन के लिए एक स्पष्ट साझा समझ उभरी है।

मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक व्यापार वित्त वर्ष 2024-25 में 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो लगभग 49 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक व्यापक और संतुलित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) न केवल व्यापार प्रवाह को गति देगा, बल्कि निवेश संबंधों को भी गहरा करेगा, आपूर्ति-श्रृंखला के लचीलेपन को मजबूत करेगा और दोनों देशों में व्यवसायों के लिए एक पारदर्शी, स्थिर और पूर्वानुमानित ढांचा प्रदान करेगा।

एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी साझेदारी के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, दोनों मंत्रियों ने विश्वास व्यक्त किया कि मुक्त व्यापार समझौते में सेवाओं, नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अवसरों के द्वार खोलने की क्षमता है। वे रचनात्मक गति को बनाए रखने और समझौते को शीघ्र, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी रूप से संपन्न करने के लिए आने वाले हफ्तों में प्रयासों को तेज करने पर सहमत हुए।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि उन्होंने टॉड मैक्ले के साथ खासदार क्रीड़ा महोत्सव में डॉक्टर्स के लिए एक स्पेशल क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री गोयल ने एक्स पर लिखा, “मैंने मेरे मित्र और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के साथउत्तरी मुंबई में खासदार क्रीड़ा महोत्सव में डॉक्टरों के लिए विशेष क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया।” उन्होंने आगे लिखा, “हमने आदिवासी नृत्यों और मल्लखंब जैसे हमारे पारंपरिक खेलों के प्रदर्शन का भी आनंद उठाया। यह खेल की भावना, सांस्कृतिक गौरव और भारत और न्यूजीलैंड के बीच गहरी होती दोस्ती का एक यादगार उत्सव रहा।”

स्कूल का वार्डन के डर से खाया बदबू वाला खाना, पूर्णियां में 15 छात्राओं की हालत खराब

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पूर्णियां: पूर्णिया शहर स्थित राजकीय अन्य पिछड़ा कन्या आवासीय उच्च विद्यालय में घटिया भोजन खाने से करीब 15 बच्चियां बीमार पड़ गईं. सरकार के नियम के अनुसार यहां जीविका की महिलाएं ही खाना बनाकर इन बच्चियों को परोसती हैं. बच्चियों ने बताया कि सुबह उन्हें सत्तू की लिट्टी और चटनी दी गई थी. लिट्टी से अजीब बदबू आ रही थी, लेकिन विद्यालय के वार्डन के डर से सभी बच्चियों ने वह खाना खा लिया. इसके बाद 34 बच्चियों में सिरदर्द, बेचैनी और उल्टी की शिकायत देखी गई. देखते ही देखते करीब 15 बच्चियां उल्टी करने लगीं, जिसके बाद विद्यालय में हड़कंप मच गया.

शुरू में विद्यालय प्रबंधन ने पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की, लेकिन बच्चियों की हालत बिगड़ने पर सभी को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. मेडिकल कॉलेज में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया और अब सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं. इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि फूड पॉइज़निंग की वजह से उनकी तबियत बिगड़ी थी. वहीं अन्य छात्राओं ने बताया कि खाने में बदबू की शिकायत की गई थी, लेकिन उन्हें डांटकर चुप करा दिया गया. बताया जा रहा है कि जिस तेल में लिट्टी बनाई गई थी, वह कई दिनों पुराना इस्तेमाल किया हुआ तेल था. बच्चियों ने कहा कि खाना बनाने के बाद बचा हुआ तेल रख लिया जाता है और कई दिनों तक उसी का उपयोग किया जाता है.

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नीतीश कुमार के नाम पर आज सकती है मुहर , गृह विभाग और स्पीकर पद पर सियासी खींचतान

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बिहार नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं और शपथ समारोह से पहले एनडीए के सहयोगी दलों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर मंथन जारी है। सत्ता साझेदारी के इस नए अध्याय में सभी दल अपने-अपने हिस्से को मजबूत बनाना चाहते हैं, जिसको लेकर बातचीत का दौर लगातार चल रहा है। आज इस मुद्दे पर भाजपा की अहम बैठक पटना कार्यालय में आयोजित की जा रही है, जहां संभावित मंत्रिमंडल पर चर्चा होगी।

सूत्रों के अनुसार, जेडीयू गृह मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है, जिसे लेकर एनडीए घटक दलों में खींचतान बढ़ गई है। यह मंत्रालय राज्य सरकार की शक्तिशाली विभागों में से एक माना जाता है, इसलिए पार्टियों के बीच सहमति बनना थोड़ा चुनौतीपूर्ण दिख रहा है। वहीं भाजपा विधानसभा अध्यक्ष का पद अपने पास रखने के लिए दृढ़ है और इस पर भी बातचीत का दौर जारी है।

एनडीए की अंदरूनी राजनीति के बीच यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक विभागों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन सकती है। गठबंधन की कोशिश है कि शपथ समारोह से पहले सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाए, ताकि नई सरकार सुचारू रूप से काम शुरू कर सके।

राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि नई सरकार में किस दल को कौन-सा मंत्रालय मिलेगा और गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन कैसे स्थापित होगा। बिहार नई सरकार के आने के साथ ही राजनीतिक समीकरण एक बार फिर तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं, और आज होने वाली बैठक से तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी को कोर्ट ने भेजा ईडी की हिरासत में, जानिए आगे क्या होगा?

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Delhi Blasts Update: अल फलाह यूनिवर्सिटी घोटाला मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी से लगातार पूछताछ कर रही है। मंगलवार रात उसे साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 13 दिन की ईडी रिमांड मंजूर कर दी। अब 1 दिसंबर तक ईडी जावेद से गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के बारे में पूछताछ करेगी। अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी मान्यता और फंडिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।

इस बीच एनआईए दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी डॉक्टरों के अल फलाह कनेक्शन की जांच कर रही है। ईडी ने भी मंगलवार को यूनिवर्सिटी के ओखला स्थित मुख्यालय और ट्रस्टियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से कई अहम दस्तावेज मिले हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यूनिवर्सिटी से कई मुखौटा कंपनियां जुड़ी थीं, जो केवल कागजों पर मौजूद थीं। आशंका है कि इन कंपनियों के जरिए हवाला और फर्जी लेनदेन किए गए। ईडी को एक ही पते पर 9 शेल कंपनियां मिलीं, जिनमें कोई काम नहीं हो रहा था।

जांच एजेंसियों के सामने कई गंभीर सवाल हैं — कैसे एक मामूली कॉलेज चलाने वाला जावेद सिद्दीकी 250 करोड़ रुपये जुटाकर इतनी बड़ी यूनिवर्सिटी बना सका? मान्यता से जुड़े दस्तावेजों में किसने और कैसे हेरफेर किया? दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन सामने आने के बाद वह क्यों गायब हो गया?

जावेद सिद्दीकी पहले भी विवादों में रहा है। वह 7.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए शेयर खरीदे गए और फंड शेल कंपनियों के नाम पर निजी खातों में भेजा गया। इंदौर निवासी सिद्दीकी के नेतृत्व में अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज का संचालन करता है, जिसका कैंपस 78 एकड़ में फैला है।

“Lava Agni 4 लॉन्च होने को तैयार! जानिए इस दमदार स्मार्टफोन के प्रीमियम फीचर्स और कीमत!”

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Lava Agni 4 Launch Date: भारतीय स्मार्टफोन कंपनी Lava अपनी Agni सीरीज़ का नया फोन लॉन्च करने जा रही है. Lava Agni 4 अब 20 नवंबर को भारतीय बाजार में लॉन्च होगा. यह नया डिवाइस उन यूज़र्स के लिए बेहतर है, जिनको बजट में दमदार परफॉरमेंस और प्रीमियम फ़ीचर्स का अनुभव लेना चाहते हैं. कंपनी का दावा है कि Agni 4 अपने सेगमेंट में iPhone जैसे अनुभव वाले फीचर्स पेश करेगा.

मिलेगा शानदार डिज़ाइन
Lava Agni 4 का सबसे बड़ा हाईलाइट इसका दमदार प्रोसेसर है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 8350 चिपसेट मिलेगा. जो मल्टीटास्किंग, गेमिंग और हैवी ऐप्स को आसानी से हैंडल करने की क्षमता रखता है. फोन का डिज़ाइन भी शानदार है. कंपनी ने इसे एक प्रीमियम लुक और फील देने पर ध्यान दिया है, जो इसे बजट सेगमेंट के अन्य फ़ोनों से अलग करता है. इसमें “आईफोन वाले फीचर” भी देखने को मिलेंगे. इसमें एक एक्शन बटन मिलेगा, जो कई तरह के शॉर्टकट बनाने की सुविधा देगी.

Lava Agni 4 के दमदार फीचर्स
Agni 4 में शानदार फोटोग्राफी के लिए हाई रिज़ॉल्यूशन वाला डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें AI-पावर्ड कैमरा फीचर्स शामिल हैं, जो विभिन्न लाइटिंग कंडीशंस में बेहतरीन तस्वीरें लेने में मदद करते हैं. फोन में एक बड़ा 6.78 इंच का डिस्प्ले मिलेगा, जो कंटेंट देखने, गेम खेलने और वेब ब्राउज़िंग के लिए एक इमर्सिव विज़ुअल एक्सपीरियंस प्रदान करता है.

यूज़र्स को लंबे समय तक डिवाइस का इस्तेमाल करने की सुविधा देने के लिए Lava Agni 4 में 7,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो तेज़ चार्जिंग (Fast Charging) को भी सपोर्ट करती है. कंपनी ने अब तक इस फोन की आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है. लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो 8GB Ram और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 24 से 25 हजार के बीच हो सकती है.

थरूर का PM मोदी पर बड़ा बयान, पार्टी में बढ़ी बेचैनी

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नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की खुलकर सराहना की है। दिल्ली में एक निजी कार्यक्रम में पीएम मोदी के भाषण से प्रभावित थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उनकी तारीफ की। यह कोई पहला मौका नहीं है जब थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की हो, इससे पहले भी कई बार उनकी तारीफ करने पर कांग्रेस के अंदर उनके खिलाफ असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।

भारत उभरता हुआ मॉडल
शशि थरूर ने बताया कि उन्हें दिल्ली में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जहां प्रधानमंत्री ने “विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता” और उत्तर-औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति पर विस्तार से बात की। थरूर के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब सिर्फ एक ‘उभरता हुआ बाजार’ (emerging market) नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ‘उभरता हुआ मॉडल’ (emerging model) बन गया है। थरूर ने पीएम के हवाले से लिखा, “लोग मुझ पर हर समय ‘चुनावी मोड’ में रहने का आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में मैं जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘भावनात्मक मोड’ में रहता हूं।”
 
मैकाले की गुलामी मानसिकता को पलटने का आह्वान
प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे प्रमुख हिस्सा ब्रिटिश शिक्षा नीति के जनक थॉमस बेबिंगटन मैकाले की 200 साल पुरानी “गुलामी मानसिकता” को पूरी तरह उलटने पर केंद्रित था। पीएम मोदी ने भारत की अपनी विरासत, भाषाओं और प्राचीन ज्ञान प्रणालियों पर फिर से गौरव बहाल करने के लिए अगले 10 वर्षों को “राष्ट्रीय मिशन” बनाने की अपील की। थरूर ने इसे आर्थिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सांस्कृतिक आह्वान बताया, जिसमें राष्ट्र को प्रगति के लिए बेचैन रहने का संदेश दिया गया। सर्दी-जुकाम से जूझते हुए भी कार्यक्रम में मौजूद रहने की बात करते हुए थरूर ने लिखा, “प्रधानमंत्री के संबोधन से प्रभावित हुआ। दर्शकों के बीच रहकर खुशी हुई!”

कांग्रेस के साथ बढ़ता तनाव
शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों से लगातार खराब हो रहे हैं। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सरकार ने मित्र देशों को भेजे गए संसदीय प्रतिनिधिमंडलों में थरूर को विपक्ष की ओर से शामिल किया था। उन्होंने अमेरिका सहित पांच देशों के दौरे का नेतृत्व किया था। इसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पीएम मोदी की “ऊर्जा, गतिशीलता और वैश्विक जुड़ाव की इच्छा” की सार्वजनिक तारीफ करने पर पार्टी के अंदर उनकी आलोचना और तेज हो गई थी। कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि थरूर बार-बार पीएम मोदी की तारीफ करके पार्टी लाइन से अलग व्यवहार कर रहे हैं, जिससे उनके और पार्टी हाईकमान के बीच दूरी बढ़ती जा रही है।

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रोहित शर्मा बाहर, शुभमन गिल की जगह नए कप्तान का नाम सामने

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वनडे सीरीज | पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में भारत की कमान के लिए केएल राहुल को संभावित कप्तान बताया है, अगर मौजूदा कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण बाहर हो जाते हैं। शुभमन गिल को कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी के दौरान गर्दन में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह बाकी टेस्ट सीरीज के साथ-साथ 30 नवंबर, 2025 से शुरू होने वाली घरेलू वनडे सीरीज से भी बाहर हो सकते हैं। उप-कप्तान श्रेयस अय्यर भी चोटिल हैं और उनका वनडे मैचों में खेलना तय नहीं है, जिससे कप्तानी की जगह खाली है।

केएल राहुल एक विकल्प हैं: मोहम्मद कैफ

मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “वे रोहित शर्मा के पास वापस नहीं जाएंगे। यह हो चुका है। वह खुद इससे इनकार करेंगे। मुझे लगता है कि केएल राहुल एक विकल्प हैं। वह पहले भी कप्तानी कर चुके हैं और उनके पास अनुभव भी है। मुझे लगता है कि वह वनडे सीरीज में टीम की अगुवाई करेंगे।”
भारत तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करेगा। 

पहला मैच रविवार, 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा। दूसरा मैच बुधवार, 3 दिसंबर को रायपुर में और अंतिम एकदिवसीय मैच रविवार, 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। शुभमन गिल को 2025 की शुरुआत में रोहित शर्मा के बाद भारत का एकदिवसीय कप्तान नियुक्त किया गया था, जिससे एक नए युग की शुरुआत हुई क्योंकि भारत आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप 2027 की तैयारी के लिए तत्पर है।

रोहित शर्मा के कप्तान के रूप में पद छोड़ने के बावजूद, वह विराट कोहली जैसे अनुभवी दिग्गजों के साथ अपनी बल्लेबाजी कौशल के लिए टीम में एक प्रमुख खिलाड़ी बने हुए हैं।शुभमन गिल के दूसरे टेस्ट मैच में टीम में शामिल होने की संभावना कम होने के कारण, मोहम्मद कैफ ने युवा खिलाड़ी साई सुदर्शन की टीम में वापसी का समर्थन किया है। सुदर्शन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज का आखिरी टेस्ट खेला था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती मैच में वे टीम से बाहर थे।

अमित शाह की डेडलाइन से 12 दिन पहले ही खत्म हुआ हिडमा का खेल, जानिए कैसे सुरक्षाबलों ने किया ढेर?

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Mandavi Hidma Encounter: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के सबसे बड़े नक्सली 1 करोड़ के इनामी हिडमा को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया. इस मुठभेड़ में हिडमा समेत 6 नक्सली ढेर हुए हैं. हिडमा के मारे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बड़े अधिकारियों से बात की. सूत्रों के मुताबिक, हिडमा को लेकर सुरक्षा बलों ने 30 नवंबर, 2025 की डेडलाइन तय की थी, लेकिन उसके 12 दिन पहले ही खूंखार नक्सली कमांडर को सुरक्षाबलों ने मार गिराया.

अमित शाह ने कुछ दिन पहले ही एक इंटरव्यू के दौरान नक्सलियों को खत्म करने की बात कही थी. जिसके 17 दिन बाद ही सबसे बड़ा नक्सली हिडमा मारा गया. उन्होंने कहा था, “नक्‍सली मुख्‍यधारा में लौट आएं. इसके लिए व्‍यवस्‍था बनी हुई है. उनके सरेंडर होने के बाद 6 महीने तक रिहैब सेंटर में रहने की व्यवस्था की गई है, जहां साइकैट्रिस्‍ट की व्यवस्था है. उनके रोजगार कौशल विकास की भी योजना है. इनके पुनर्वास के लिए योजनाएं बनाई गई हैं.”

गृहमंत्री ने दी थी चेतावनी
गृहमंत्री अमित शाह ने इंटरव्यू के दौरान ही नक्‍सलियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि नक्सली सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट आएं, नहीं तो पुलिस उन्हें ऑपरेशन में न्‍यूट्रिलाइज कर डालेगी. इतना ही नहीं उन्होंने बताया था कि 31 मार्च 2026 तक नक्‍सलवाद को खत्म करने का वादा किया गया है. उन्होंने कहा, एक समय नक्सलवाद देश के 130 जिलों में फैला था, जो अब केवल 11 जिलों में बचा है. इसमें 3 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. 31 मार्च तक वो भी खत्म हो जाएंगे.

1 करोड़ का था इनामी
1 करोड़ के इनामी नक्सली हिडमा पर कम से कम 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप था. 43 वर्षीय हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 के सुकमा घात सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था. आज से छत्तीसगढ़ के सुकमा में जन्‍मे हिडमा की कहानी खत्‍म हुई.

लालू यादव की बेटियां क्या करती हैं, कौन राजनीति में है या नहीं ? जानिए

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meesaनई दिल्‍ली। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly elections) में हार के बाद से लालू यादव (Lalu Yadav) के परिवार में संघर्ष छिड़ा हुआ है। पूर्व सीएम और पिता लालू यादव को किडनी डोनेट करनी वालीं रोहिणी आचार्य घर से निकल गई हैं। यहां तक कि अपने जैसी बेटी किसी परिवार में ना हो, जैसी मन्नत मांगकर उन्होंने परिवार के संग्राम को सरेआम कर दिया है। भाइयों में बड़े तेज प्रताप तो पहले ही नाराज हैं और अलग दल बनाकर हार चुके हैं। खबर यहां तक आई कि परिवार के झगड़े के बाद तीन और बहनें भी लालू यादव का घर छोड़कर ससुराल के लिए निकली हैं। इस झगड़े को परिवार के मतभेदों से ज्यादा सत्ता के लिए संग्राम के तौर पर देखा जा रहा है।

इसमें कुछ बेटियां भी शामिल हैं तो लोग उनका भी परिचय जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं, लालू यादव की कौन सी बेटी क्या करती है और उनके कितने दामाद राजनीति में सक्रिय हैं…
मीसा भारती और उनके इंजीनियर पति शैलेष

लालू यादव की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती 49 साल की हैं। MBBS की डिग्री रखने वाली मीसा भारती फिलहाल पाटलिपुत्र लोकसभा से सांसद हैं। वह राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। बड़ी होने के नाते उनकी घर में चलती रही है और लालू यादव से लेकर परिवार के अन्य तमाम सदस्य उन्हें महत्व देते रहे हैं। लेकिन कहा जाता है कि हाल के झगड़ों में वह भी तेजस्वी यादव से खुश नहीं हैं। उनके पति शैलेष कुमार एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं और अकसर चर्चाओं से दूर ही रहते हैं।

 

किडनी डोनेट करने वालीं रोहिणी आचार्य

 

रोहिणी आचार्य भी MBBS डिग्रीधारी हैं। वह फिलहाल सिंगापुर में रहती हैं और उनकी शादी समरेश सिंह यादव से हुई थी। उनकी भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा रही है, लेकिन राजीव प्रताप रूडी के मुकाबले लोकसभा चुनाव हार गई थीं। सारण जैसी सीट से उनकी हार चौंकाने वाली थी। लेकिन फिर भी उनकी राजनीतिक सक्रियता बनी रही है। अकसर वह सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहती हैं और अब उसी मंच पर बिहार चुनाव के नतीजों के बाद परिवार और राजनीति से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके पति का भी राजनीति से ताल्लुक नहीं है।
चंदा यादव और उनके पायलट पति

लालू यादव की दो बड़ी बेटियों के मुकाबले तीसरी नंबर की चंदा यादव राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखतीं। परिवार के विवादों के बीच भी उनका नाम कम ही चर्चा में रहता है। उनके पति विक्रम सिंह एक पायलट हैं और वह भी राजनीति से दूर हैं।

रागिनी यादव और उनके पति सपा नेता राहुल यादव

रागिनी यादव का बिहार की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं रहा है, लेकिन उनके पति राहुल यादव जरूर दिलचस्पी लेते हैं। वह सपा के नेता हैं और सिकंद्राबाद से चुनाव भी लड़ चुके हैं। यह सीट यूपी के बुलंदशहर जिले में आती है। उनके पिता जितेंद्र यादव भी समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं। हालांकि इस परिवार को जनप्रतिनिधि बनने का मौका कई प्रयासों के बाद भी नहीं मिल सका।
हेमा यादव और उनके पति राजनीति से दूर

लालू यादव की पांचवें नंबर की बेटी हेमा यादव बीटेक की पढ़ाई कर चुकी हैं। वह कम ही चर्चा में रहती हैं। उनके पति विनीत यादव भी चर्चाओं से दूर रहते हैं।
राजनीतिक परिवार में ब्याही हैं अनुष्का राव

अब बात करते हैं अनुष्का यादव की। उनका विवाह हरियाणा के राजनीतिक घराने में हुआ है। उनके ससुर कैप्टन अजय यादव कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। वहीं उनके पति चिरंजीव राव की भी राजनीति में दिलचस्पी रही है। हालांकि यह परिवार बिहार में लालू फैमिली के आंतरिक मामलों से दूर ही दिखता है।
मुलायम परिवार की बहू राजलक्ष्मी यादव

लालू यादव की सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी का विवाह मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप यादव से हुआ था। तेज प्रताप मुलायम सिंह के बड़े भाई के पोते हैं। इस तरह उनका तो परिवार यूपी का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार माना जाता है। तेज प्रताप यादव सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा फिलहाल वह मैनपुरी की करहल विधानसभा से विधायक हैं। उनकी अखिलेश यादव से भी अच्छी करीबी है।

RCB की गेंदबाजी की चिंता, IPL 2026 में इन 3 तेज गेंदबाजों पर हो सकती है नजर

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आईपीएल 2025 जीतने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) टीम जोश हेजलवुड की शानदार तेज गेंदबाजी पर काफी हद तक निर्भर थी। अपनी शानदार प्रतिभा के बावजूद, हेजलवुड की बार-बार चोट लगने की समस्या और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम ने आरसीबी को आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले एक विश्वसनीय बैकअप विकल्प की तैयारी करने पर मजबूर कर दिया है।

पूरे टूर्नामेंट में अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए यह रणनीतिक कदम जरूरी है। आइए, उन तीन तेज गेंदबाजों पर नजर डालते हैं जिन्हें आरसीबी आईपीएल 2026 नीलामी में जोश हेजलवुड के बैकअप के रूप में चुन सकती है।

1. जैकब डफी

नीलामी में हेजलवुड के बैकअप के तौर पर आरसीबी जिन तीन शीर्ष तेज गेंदबाजों को चुन सकती है, उनमें न्यूजीलैंड के जैकब डफी भी शामिल हैं। डफी टी20 क्रिकेट में दुनिया भर के सबसे रोमांचक तेज गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे हैं। लगातार गति से उछाल और गति पैदा करने की उनकी क्षमता हेजलवुड की गेंदबाजी शैली के कई पहलुओं को दर्शाती है। हालांकि आईपीएल सर्किट में डफी उतने अनुभवी नहीं हैं, लेकिन उनके हालिया शानदार प्रदर्शन, जैसे कि इस साल पूर्णकालिक सदस्य टीमों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज का सम्मान, उन्हें आरसीबी के पावरप्ले और डेथ ओवरों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं।

2. गेराल्ड कोएट्जी

दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज पिछले कुछ समय से चोटों से जूझ रहे हैं, जिससे उनके फ्रैंचाइजी और अंतरराष्ट्रीय करियर, दोनों पर असर पड़ा है। हालांकि, कोएट्जी अपनी तेज गति और कद के कारण जो क्षमता लेकर आते हैं, वह निश्चित रूप से आरसीबी के लिए बिलकुल उपयुक्त है। चूंकि आरसीबी के पास मांग में चल रहे और फॉर्म में चल रहे डफी को खरीदने के लिए पर्याप्त धन नहीं है, इसलिए कोएट्जी एक विश्वसनीय प्लान बी के रूप में सामने आते हैं।

3. सिमरजीत सिंह

अंत में, भारतीय तेज गेंदबाज सिमरजीत सिंह एक दिलचस्प घरेलू विकल्प हैं। भारत के सबसे लंबे और सबसे तेज गेंदबाजों में से एक, उन्हें चोटों ने परेशान किया है, लेकिन हाल के घरेलू प्रदर्शनों के साथ, उन्होंने अपनी क्षमता की झलक दिखाई है। बेंगलुरु की चिन्नास्वामी की पिच पर अच्छा प्रदर्शन करने वाला एक घरेलू बैकअप खिलाड़ी होना फायदेमंद होगा क्योंकि यह विदेशी खिलाड़ियों के साथ-साथ एक अलग रणनीतिक विकल्प प्रदान करता है।