Road Safety Audit Challenges in India – Complete Book Overview & Key Insights

0

Road Safety Audit: Challenges in India — A Deep Dive Into India’s Road Safety Crisis

India’s road network is one of the largest and most rapidly expanding in the world—but this growth comes with a troubling reality. Every year, lakhs of people lose their lives in road accidents, making India one of the most accident-prone countries globally. In this alarming environment, Road Safety Audit (RSA) has emerged as a crucial tool for preventing crashes, identifying hazards, and improving the safety of road infrastructure.

The book “Road Safety Audit: Challenges in India” by Ramani Gopalan, published by Notion Press, provides an in-depth exploration into this need of the hour. Spread across 240 pages, the book explains not only the technical side of RSAs but also the ground realities that shape India’s road safety landscape.

Why Road Safety Audits Matter for India

The concept of Road Safety Audit may appear technical, but its purpose is simple—to detect risks on roads before they cause accidents. From highways to urban streets and expressways, an RSA evaluates the design, construction, and operational conditions to identify safety gaps.

The book highlights how RSAs can significantly reduce crash rates when performed at all stages—planning, design, construction, and post-opening. In a country like India, where roads carry mixed traffic of pedestrians, cyclists, two-wheelers, autos, buses, and trucks, these audits are essential for preventing chaotic and unsafe conditions.

Key Insights the Book Offers
1. Understanding the RSA Process

The author simplifies the entire audit cycle—

Identifying locations for audit

Analysing design documents

Conducting site visits

Spotting safety hazards

Recommending improvements

The book helps readers understand how audits function as a structured, systematic approach to making roads safer.

2. Unique Challenges in the Indian Context

India’s road safety issues are unlike any other country. The book highlights challenges such as:

Mixed traffic without clear segregation

Rapid urbanization leading to poor road planning

Insufficient pedestrian infrastructure

Encroachments and roadside activities

Inconsistent enforcement of traffic laws

Infrastructure gaps in rural and semi-urban areas

These challenges make RSAs not just important but indispensable.

3. Institutional & Policy Barriers

Despite having IRC guidelines and national standards, India struggles with:

Limited trained RSA professionals

Lack of coordination among agencies

Budget constraints

Poor implementation of safety recommendations

Policy gaps in monitoring and enforcement

The book provides a realistic view of why safety audits do not always achieve the intended outcomes.

4. Common Safety Deficiencies on Indian Roads

Through case studies and practical examples, the author shows frequent safety issues such as:

Missing signboards

Sharp curves without warning

Unsafe pedestrian crossings

Inadequate lighting

Faulty median openings

Poor road markings

Hazardous intersections

These real-world observations help readers understand the root causes of frequent crashes.

5. Lessons from Global Best Practices

The book compares Indian RSA practices with international standards. It emphasizes:

Strengthening road design processes

Training RSA teams

Using advanced technology like drones, speed scanners, and 3D modelling

Regular post-opening road audits

Community involvement in safety improvements

Recommendations to Improve Road Safety in India

The book concludes with actionable suggestions:

Building a strong RSA ecosystem with skilled professionals

Mandatory audits for all major road projects

Integrating safety in the early design stages

Promoting collaboration among engineers, planners, and enforcement authorities

Using AI-based monitoring tools for real-time risk detection

Ensuring public awareness on road usage rules

These steps, if implemented, could drastically reduce the burden of road crashes.

Book Specifications (For Reference)

Title: Road Safety Audit: Challenges in India

Author: Ramani Gopalan

Publisher: Notion Press

Publication Date: 30 October 2025

ISBN-13: 979-8900891606

Language: English

Pages: 240

Dimensions: 12.7 × 1.4 × 20.32 cm

Country of Origin: India

ASIN: B0FYC8JF9J

Generic Name: Books

Best Sellers Rank: #151,819 in Books

Where to Buy the Book

You can purchase it from Amazon India using this link:
👉 Road Safety Audit: Challenges in India – Buy Now
https://amzn.in/d/8KRCOxv

रांची ODI के बाद ड्रेसिंग रूम में क्या हुआ…रोहित-गंभीर की ‘बहस’ की तस्वीरें वायरल, फैंस हैरान!

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

Rohit Sharma Gautam Gambhir Argument सोशल मीडिया पर बड़ा मुद्दा बन गया है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 17 रन की जीत के बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम से आई कुछ तस्वीरों और वीडियो क्लिप ने फैंस को चौंका दिया। इन तस्वीरों में कप्तान रोहित शर्मा और कोच गौतम गंभीर गंभीर बातचीत करते नजर आ रहे हैं, जिससे ड्रेसिंग रूम के माहौल पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

मैच के बाद क्या हुआ?

रांची वनडे में विराट कोहली के 135 रनों और रोहित शर्मा के 57 रनों की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने बेहतरीन जीत दर्ज की। लेकिन मैच के तुरंत बाद सामने आई तस्वीरों में दोनों दिग्गज—रोहित और गंभीर—एक कोने में बैठकर कुछ महत्वपूर्ण चर्चा करते दिखे। रोहित अपने हाथों से कुछ समझाते नजर आए, जबकि गंभीर ध्यानपूर्वक उनकी बात सुनते दिखे। दोनों के चेहरों पर गंभीरता साफ दिख रही थी।

क्या सच में हुई बहस?

फैंस और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Rohit Sharma Gautam Gambhir Argument किसी रणनीति या मैच से जुड़ी बात पर हुई ‘तीखी’ चर्चा हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक रूप से किसी तरह के विवाद की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन तस्वीरों ने बहस और अटकलों को खूब हवा दी है।

ड्रेसिंग रूम माहौल पर सवाल

कुछ रिपोर्ट्स दावा करती हैं कि फिलहाल भारतीय वनडे टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल सामान्य नहीं है। कहा जा रहा है कि टीम के दो सीनियर खिलाड़ी—विराट कोहली और रोहित शर्मा—कोच गंभीर से बातचीत नहीं कर रहे। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी कोहली-रोहित फैंस लगातार गंभीर को निशाना बना रहे हैं, जिससे माहौल पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

22वीं किस्त पाने का आखिरी मौका, जल्द करा लें ये जरूरी काम, देखें पूरी प्रक्रिया

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

PM Kisan Yojana : 22वीं किस्त का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है, क्योंकि फरवरी 2026 के आसपास राशि जारी की जा सकती है। लेकिन लाखों किसानों की किस्त इस बार भी रुक सकती है। अगर आप चाहते हैं कि 2000 रुपये बिना किसी परेशानी के आपके खाते में पहुंच जाएं, तो कुछ आवश्यक प्रक्रियाएं अभी पूरा करना जरूरी है। आइए जानते हैं किन कारणों से आपकी किस्त रुक सकती है।

1. ई-KYC न होने पर किस्त जरूर रुकेगी

PM Kisan Yojana 22वीं किस्त तभी मिलेगी, जब किसान की ई-KYC पूरी हो। कृषि मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि बिना ई-KYC के भुगतान रोक दिया जाता है। किसान अपनी ई-KYC CSC सेंटर पर जाकर या pmkisan.gov.in पोर्टल पर खुद कर सकते हैं।

2. लैंड वेरिफिकेशन अधूरा होने पर भुगतान नहीं आएगा

लैंड वेरिफिकेशन यह सुनिश्चित करता है कि जमीन वास्तव में किसान के नाम पर है। अगर आपके स्टेटस में “Land Seeding: No” दिख रहा है, तो किस्त अटक जाएगी। इसके लिए आपको अपने जिले के कृषि विभाग में जाकर सत्यापन पूरा कराना होगा।

3. बैंक खाते में DBT इनएक्टिव होना

किस्त सीधे DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए खाते में DBT लिंक होना जरूरी है। अगर DBT इनएक्टिव है, तो 2000 रुपये ट्रांसफर नहीं हो पाएंगे। किसान अपने बैंक जाकर DBT सक्रिय करा सकते हैं।

समांथा रुथ प्रभु ने चुना नया जीवनसाथी, द फैमिली मैन के को-डायरेक्टर से हुई शादी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

साउथ फिल्मों की बड़ी एक्ट्रेस समांथा रुथ प्रभु ने गुपचुप तरीके से शादी कर ली है. जानकारी के मुताबिक समांथा ने ‘द फैमिली मैन’के को-डायरेक्टर राज निदिमोरु से शादी रचा ली है. खबर है कि यह शादी सोमवार, 1 दिसंबर, 2025 को सुबह कोयंबटूर में ईशा योगा सेंटर में संपन्न हुई. इस दौरान के विजुअल्स भी आने शुरू हो गए हैं. जहां एक तरफ फैंस समांथा की इस खबर से हैरान हैं वहीं दूसरी तरफ कई सारे फैंस उन्हें जीवन की इस नई शुरुआत के लिए बधाई दे रहे हैं |

सूत्रों के हवाले से पता चला है कि यह शादी बेहद निजी और गोपनीय रखी गई थी. समांथा ने अपनी इस शादी को ज्यादा हाइलाइट नहीं किया और बिना किसी शोर-शराबे के अपने नए हमसफर के साथ शादी रचा ली. शादी में करीब 30 मेहमान शामिल हुए जो दोनों परिवार के करीबी थे. शादी का मुहूर्त सुबह 7 बजे तय हुआ था और यह वेन्यू ईशा सेंटर में स्थित लिंग भैरवी मंदिर बताया जा रहा है. समांथा ने इस खास मौके पर लाल रंग की साड़ी पहनी |

सद्गुरु से है जुड़ाव

समांथा का ईशा सेंटर और इसके संस्थापक जग्गी वासुदेव के कार्यक्रमों से गहरा जुड़ाव रहा है. इसलिए उन्होंने इसी जगह को अपनी शादी के लिए चुना. रिपोर्ट्स में सामने आ रहा है कि दोनों के बीच दोस्ती की शुरुआत ‘द फैमिली मैन’ से हुई थी. सामंथा और राज की नजदीकियां वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन 2’ के सेट पर बढ़ी थीं. इसके बाद उन्होंने ‘सिटाडेल: हनी बनी’ में भी साथ काम किया. दोनों ने हाल ही में एक प्रोडक्शन हाउस ‘ट्रालला पिक्चर्स’ शुरू किया है और ‘शुभम्’ जैसी फिल्म में भी राज ने क्रिएटिव प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है |

ऑफिशियल अनाउंसमेंट का इंतजार

पर्सनल लाइफ के साथ ही दोनों प्रोफेशनल फ्रंट पर भी साथ में आगे बढ़ रहे हैं. चेन्नई की पिकलबॉल टीम में भी ये दोनों को-ओनर हैं. सार्वजनिक जगहों पर दोनों को अक्सर साथ देखा गया है, यहां तक कि समांथा के नए घर के गृह प्रवेश की पूजा में भी राज के मौजूद होने की खबरें आई थीं. लेकिन दोनों इतनी जल्दी शादी कर लेंगे ऐसा अनुमान किसी ने नहीं लगाया था. फिलहाल इस शादी पर सामंथा या राज की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है |

महिलाओं की स्टार सैलरी के सामने BPL खिलाड़ी की कमाई फीकी, चर्चा तेज

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

क्रिकेट | वुमेंस प्रीमियर लीग 2026 के लिए हाल ही में आयोजित ऑक्शन में महिला खिलाड़ियों पर जमकर पैसे की बारिश हुई थी. टीम इंडिया की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को यूपी वॉरियर्स ने 2026 सीजन के लिए 3.2 करोड़ में रिटेन किया था. उनके अलावा, WPL में कई और भी खिलाड़ी करोड़पति बनी थीं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने ऑक्शन से पहले स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना को रिटेन करने के लिए 3.5 करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे. इसके ठीक विपरीत बांग्लादेश प्रीमियर लीग के 2026 सीजन के लिए हुए ऑक्शन में देखने को मिला. इस ऑक्शन में कोई भी खिलाड़ी एक करोड़ रुपये की राशि में नहीं बिका है |

BPL ऑक्शन में सबसे महंगा खिलाड़ी कौन?

बांग्लादेशी खिलाड़ी मोहम्मद नईम बांग्लादेश प्रीमियर लीग 2026 के लिए हुए ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ी रहे. चटगांव रॉयल्स ने मोहम्मद नईम के लिए 1.10 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 88,000 USD) खर्च किए, जो भारतीय रुपये में लगभग 81 लाख रुपए ही होता है. इस टूर्नामेंट का पिछला सीजन मोहम्मद नईम के लिए काफी शानदार रहा था. उन्होंने 143.94 के स्ट्राइक रेट से 511 रन बनाए थे, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. इस नीलामी में एक खास बात ये रही कि ऑक्शन की शुरुआत उनके नाम के साथ ही हुई और उन्होंने सबसे ज्यादा पैसा भी हासिल किया |

ऑक्शन में बिकने वाले अन्य महंगे खिलाड़ी

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी तौहीद हृदॉय को खरीदने के लिए रंगपुर राइडर्स ने लगभग 66 लाख रुपए खर्च किए. वहीं इसी टीम का लिटन दास भी लगभग 50 लाख रुपए में हिस्सा बने. विदेशी खिलाड़ियों में श्रीलंका के पूर्व कप्तान दासुन शनाका सबसे महंगे खिलाड़ी रहे, जिन्हें ढाका कैपिटल्स ने 55,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 49 लाख भारतीय रुपए) में खरीदा. एंजेलो मैथ्यूज और निरोशन डिकवेला को 35,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 31 लाख रुपए) में क्रमशः चटगांव रॉयल्स और सिलहट टाइटन्स ने खरीदा. अनकैप्ड खिलाड़ियों में हबीबुर रहमान सोहन सबसे महंगे रहे, जिन्हें नोआखली एक्सप्रेस ने 40,000 अमेरिकी डॉलर में खरीदा | 

BPL 2026 में खेलेंगी 6 टीमें 

बांग्लादेश बांग्लादेश प्रीमियर लीग 2026 में कुल 6 टीमें खेलती हुईं नजर आएंगी.  ये 6 टीमें ढाका कैपिटल्स, रंगपुर राइडर्स, राजशाही वॉरियर्स, नोआखली एक्सप्रेस, सिलहट टाइटंस और चटगांव रॉयल्स हैं. इस सीजन की शुरुआत 26 दिसंबर से होने की संभावना है. बता दें, इस लीग की शुरुआत साल 2012 में हुई थी, लेकिन शुरुआती सीजन के बाद ये पहला मौका है जब खिलाड़ियों का ऑक्शन हुआ है | 

खड़गे के बयान से सियासत गरमाई…धनखड़ को विदाई नहीं मिली, जानें इसके पीछे का पूरा मामला

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Parliament Winter Session 2025 Live: आज सोमवार, 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. रविवार को संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सत्र के दौरान सदन में समन्वय बनाए रखने के लिए संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें 2 घंटे तक बातचीत चली. जहां सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश करने के लिए कुल 14 विधेयकों की सूची बनाई है तो वहीं, विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो रही एसआईआर का मुद्दा उठाने की तैयारी में है. शीत कालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा.

Previous articleविराट कोहली फिट और फायर, भारतीय कोच ने 2027 वर्ल्ड कप पर दिया करारा जवाब
Next articleराजस्थान में कांपने लगी सुबहें, सीकर-झुंझुनू में शीतलहर अलर्ट जारी
News Desk

धनुष-कृति सेनन की फिल्म ने तीसरे दिन भी कमाए करोड़, बॉक्स ऑफिस पर धमाल

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

साउथ सुपरस्टार धनुष और बॉलीवुड एकट्रेस कृति सेनन की रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘तेरे इश्क में’ ने थिएटर्स में रिलीज के बाद पहले वीकेंड में शानदार प्रदर्शन किया है. आनंद एल. राय डायरेक्टिड इस फिल्म को फैंस की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जो फिल्म के शानदार ऑक्स ऑफिस कलैक्शन में भी साफ नजर आ रहा है |

तीन दिन का बंपर कलेक्शन

फिल्म ‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज के शुरुआती तीन दिनों में ही 50 करोड़ रुपये की कमाई का मार्क पार करते हुए, वीकेंड पर शानदार ओपनिंग ली है. फिल्म में शुक्रवार को अपने रिलीज के दिन 16 करोड़ की कमाई की. इसके बाद शनिवार को भी पकड़ बना रखा और 17 करोड़ रुपये की कमाई की. रविवार को 18.75 करोड़ के साथ वीकेंड पर कुल कमाई 51 करोड़ रुपये की रही |

वर्ल्डवाइड कलेक्शन 100 करोड़ की ओर

केवल भारत में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी ‘तेरे इश्क में’ ने अच्छा प्रदर्शन किया है और फिल्म फैंस को खूब भा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. फिल्म जिस रफ्तार से कमाई कर रही है, उसे देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह जल्द ही 100 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो सकती है |

फैंस को आई पसंद

फैंस को फिल्म में श्रेय धनुष और कृति सेनन की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री, भावुक कहानी और दमदार संगीत खूब भा रहा है. इसके अलावा धनुष का इंटेंस और रोमांटिक अवतार बहुत पसंद आ रहा है. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आई अन्य फिल्मों के मुकाबले मजबूत दावेदार बनकर उभरी है और आने वाले दिनों में भी इसकी कमाई जारी रहने की उम्मीद है |

जनेश्वर मिश्र पार्क को इवेंटबाजी के हवाले कर रही है योगी सरकार – सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

लखनऊ । सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (SP President Akhilesh Yadav) ने कहा कि योगी सरकार (Yogi Government) जनेश्वर मिश्र पार्क (Janeshwar Mishra Park) को इवेंटबाजी के हवाले कर रही है (Is using for Event Purposes) । अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ के सबसे बड़े जनेश्वर मिश्र पार्क को बचाने के लिए बड़ा नागरिक आंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया है ।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रविवार को पोस्ट करके भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पैसे के लालच में लखनऊ के ‘हरित हृदय’ कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र पार्क को इवेंटबाजी के हवाले कर रही है। अखिलेश ने कहा कि अगर सपा अकेले इसका विरोध करेगी तो भाजपा इसे राजनीतिक करार देगी। उन्होंने लिखा, “हम सबको मिलकर एक नागरिक आंदोलन की तरह इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए। यदि हम अकेले ये करेंगे तो इसे राजनीतिक आंदोलन घोषित करके भाजपा सरकार अपना उल्लू सीधा कर लेगी।”

उन्होंने बुजुर्गों, परिवारवालों और हेल्थ व फिटनेस से जुड़े लोगों से इस विषय पर आगे आने और हरियाली बचाने की अपील करते हुए लिखा, “इसलिए हमारी हर लखनऊवासी, हर पर्यावरण प्रेमी-एक्टिविस्ट, पार्कों का सदुपयोग करने वाले हर बुजुर्ग, हर परिवारवाले और हर हेल्थ व फिटनेस कॉन्शियस युवक-युवती से अपील है कि वो आगे आएं और लखनऊ की हरियाली को बचाएं।” अखिलेश ने लिखा, “ये तो भाजपा और उनके संगी-साथियों के लालच की शुरुआत है। आज एक पार्क इसका शिकार हो रहा है, कल को लखनऊ और उत्तर प्रदेश के हर मोहल्ले-कॉलोनी के पार्क पर भाजपाई ठेकेदारों का कब्जा हो जाएगा।”

सपा प्रमुख ने इवेंट के बाद लखनऊवासियों के हिस्सों में गंदगी आने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि स्थानीय निवासियों के हिस्से इन इवेंटों के बाद जमा हुए कूड़े-करकट, गंदगी और जूठन की दुर्गंध के सिवा कुछ नहीं आएगा। समय रहते नहीं जागे तो लखनऊवासियों का सांस लेना दूभर हो जाएगा। भाजपा पार्क को पार्किंग न बनाए। भाजपा जाए तो सांस आए।”

भारत के लिए जीते 2 वर्ल्ड कप, IPL में ट्रॉफी उठाई, फिर भी BPL में नहीं चुने गए

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

क्रिकेट | बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में 12 साल बाद खिलाड़ियों के लिए ऑक्शन हुआ. 30 नवंबर को छह टीमों वाले इस टूर्नामेंट के लिए कई घरेलू खिलाड़ियों के साथ-साथ 245 विदेशी खिलाड़ियों ने नाम दर्ज कराया था, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा रही एक भारतीय नाम की, क्योंकि यह पहला मौका था जब कोई भारतीय क्रिकेटर बीपीएल ऑक्शन में शामिल हुआ, लेकिन चौंकाने वाली बात ये रही कि इस खिलाड़ी पर किसी भी टीम ने बोली नहीं लगाई और वह अनसोल्ड रहा | 

भारतीय खिलाड़ी को नहीं मिला कोई खरीदार

दरअसल, बांग्लादेश प्रीमियर लीग के ऑक्शन में पूर्व भारतीय लेग स्पिनर पीयूष चावला उतरे थे. 36 साल के चावला ने इसी साल जून 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से भी पूरी तरह संन्यास ले लिया था. संन्यास के बाद विदेशी लीग में खेलने की छूट मिलने की वजह से वह बीपीएल ऑक्शन में उतरे, पर किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन पर बोली नहीं लगाई और वह अनसोल्ड रह गए | 

पीयूष चावला का करियर किसी परिचय का मोहताज नहीं. टीम इंडिया के लिए 3 टेस्ट, 25 वनडे और 7 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके इस लेग स्पिनर ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहने का गौरव हासिल किया था. आईपीएल में भी उन्होंने 192 मैच खेले और खासकर 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी |

ये बड़े खिलाड़ी भी रहे अनसोल्ड

इस ऑक्शन में आयरिश तेज गेंदबाज जोश लिटिल, रवि बोपारा, समित पटेल, शोएब मलिक, स्पिनर मैथ्यू हम्फ्रीज, आमिर जमाल, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद वसीम, चरित असलांका , धनंजय डी सिल्वा, दुनिथ वेल्लालेज, जेफ्री वेंडरसे और चामिका करुणारत्ने जैसे खिलाड़ियों को किसी टीम में जगह नहीं मिली. पाकिस्तान के मौजूदा टी20 कप्तान सलमान अली आगा भी बिना अनसोल्ड रहे |

PM मोदी का विपक्ष पर प्रहार, 14 विधेयकों के साथ सत्र में रचनात्मक बहस की अपील

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक वातावरण गर्म कर दिया है। सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष पर सीधे प्रहार करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनावों में मिली हार की हताशा से बाहर आकर विपक्ष को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। पीएम मोदी ने अपील की कि यह सत्र देशहित से जुड़े मुद्दों पर संतुलित और सकारात्मक चर्चा का अवसर बने, जहां सरकार कुल 14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है।

दूसरी ओर, विपक्ष इस सत्र में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), वोट चोरी, वायु प्रदूषण और दिल्ली ब्लास्ट जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई बैठक में विपक्षी दलों ने रणनीति तय की, जिसमें टीएमसी को छोड़ प्रमुख नेता शामिल हुए। इस बैठक में सत्र के दौरान सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।

इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने संसद परिसर से अपने संबोधन में कहा कि सत्र को इस बात पर केंद्रित होना चाहिए कि संसद देश के लिए क्या सोच रही है और आगे क्या कदम उठाने वाली है। उन्होंने कहा कि संसद जनता के ज्ञानवर्धन का सर्वोत्तम मंच है, जहां रचनात्मक बहस और संतुलित आलोचना होनी चाहिए।

पीएम मोदी ने विपक्ष को यह भी संदेश दिया कि राजनीति की बौखलाहट संसद की गरिमा को प्रभावित नहीं करनी चाहिए। वहीं सत्तापक्ष को भी उन्होंने विजय के अहंकार से बचने की सलाह दी। बिहार चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष नतीजों को स्वीकार नहीं कर पा रहा और बयानबाजी से स्पष्ट है कि पराजय ने उन्हें विचलित कर दिया है।