उनादकट ने हासिल किया बड़ा मुकाम, बने टूर्नामेंट के टॉप विकेट-टेकर

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क्रिकेट | भारतीय घरेलू क्रिकेट में अनुभवी तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैच में एक विकेट लेते ही इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा कर दिया. अहमदाबाद में दिल्ली के खिलाफ खेले गए मैच में उनादकट ने यह मुकाम हासिल किया |

सिद्धार्थ कौल का रिकॉर्ड तोड़ा

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इतिहास में अब तक सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड पंजाब के तेज गेंदबाज सिद्धार्थ कौल (120) के नाम था. लेकिन अहमदाबाद में दिल्ली के खिलाफ खेलते हुए, उनादकट ने जैसे ही दिल्ली के कप्तान नीतीश राणा (76 रन) का महत्वपूर्ण विकेट लिया, वह कौल को पछाड़कर इस टी20 टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बन गए. इस मैच के बाद, 83 मैचों में 121 विकेट के साथ, जयदेव उनादकट अब SMAT के रिकॉर्ड टॉप पर हैं |

आईपीएल ऑक्शन के पहले अहम प्रदर्शन

जल्द ही आईपीएल 2026 के लिए मिनि ऑक्शन होने जा रहा है. ऐसे में जयदेव उनादकट के इस प्रदर्शन को अहम माना जा रहा है. हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद ने उनादकट को रिलीज कर दिया था. अब इस प्रदर्शन के दम पर जयदेव उनादकट का नया खरीदार मिल सकता है. हालांकि, आईपीएल 2025 में उन्होंने अपने प्रदर्शन से ज्यादा प्रभावित नहीं किया था. ऐसे में अब देखना होगा कि कौन सी टीम में उनमें रुची दिखाती है |

लाल किला कार धमाका मामले में NIA का बड़ा एक्शन, कश्मीर घाटी के तीन जिलों में की ताबड़तोड़ छापेमारी

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार (1 दिसंबर, 2025) को व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है. दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए कार धमाके की जांच कर रही NIA का यह पहला बड़ा ऑपरेशन है, क्योंकि कश्मीर में अब तक ब्लास्ट मामले की ज्यादातर जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की है.

इस कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी मौलवी इरफान, डॉ. अदील राथर, डॉ. मुजम्मिल, जसीर वानी और आमिर राशिद से जुड़े ठिकानों पर मारे जा रहे हैं, जो दिल्ली के लाल किले के पास कार ब्लास्ट से जुड़े व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हैं. उन्होंने यह भी बताया कि ये छापे RC-21/2025/NIA/DLI के तहत रजिस्टर्ड चल रही जांच के हिस्से के तौर पर मारे गए.

NIA की टीमों ने शोपियां में मौलवी इरफान अहमद वागे के घर की तलाशी ली, जो पिछले महीने की शुरुआत में पकड़े गए व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के रेडिकलाइजेशन और भर्ती के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है. वागे को पुलिस ने अक्टूबर महीने में गिरफ्तार किया था और बाद में पिछले महीने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कस्टडी में ले लिया गया, जब एजेंसी ने कार ब्लास्ट की जांच अपने हाथ में ले ली, जिसमें 15 लोग मारे गए थे और कई दूसरे घायल हो गए थे.

25 से ज्यादा जगहों पर नगर निगम के चुनाव टले, दोबारा शेड्यूल की गई वोटिंग

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मुंबई। महाराष्ट्र के कई जिलों में करीबन 25 से ज्यादा नगर निगम के चुनाव टाले गए हैं। इन जगहों पर अपील-प्रोसेस में गड़बड़ियों के बाद वोटिंग 20 दिसंबर को रीशेड्यूल की गई है। हालांकि अन्य बाकी सभी नगर परिषदों और नगरपंचायतों में 2 दिसंबर को सुबह साढ़े 7 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक चुनाव के लिए वोटिंग होगी। नतीजे 3 दिसंबर को सुबह 10 बजे के बाद घोषित किए जाएंगे।

स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने महाराष्ट्र के कई इलाकों में चल रहे नगर निगम चुनाव प्रोसेस को रोक दिया है, और वोटिंग की तारीख 2 दिसंबर से बढ़ाकर 20 दिसंबर कर दी है। इस अचानक उठाए कदम से उम्मीदवार और राजनीतिक पार्टियां हैरान हैं, खासकर तब, जब कैंपेन अपने आखिरी, हाई-इंटेंसिटी फेज में पहुंच गया था। SEC के निर्देश के मुताबिक, यह रोक ठाणे (अंबरनाथ), बारामती, अमरावती, अहिल्यानगर, नांदेड़, सोलापुर, यवतमाल, धाराशिव, चंद्रपुर, अकोला और पुणे समेत करीब बीस जिलों की नगर परिषदों और नगर पंचायतों पर लागू है।

यह फैसला उन उम्मीदवारों की अपील से जुड़ी बड़े पैमाने पर प्रोसेस में हुई गलतियों की वजह से लिया गया है जिनके नॉमिनेशन पेपर रिजेक्ट हो गए थे। महाराष्ट्र म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स, 1966 के तहत, ऐसी सभी अपीलों का निपटारा 22 नवंबर तक हो जाना चाहिए, जिससे कैंडिडेट्स को नाम वापस लेने के लिए तीन दिन का समय मिल सके, जिसके बाद सिंबल बांटे जाएंगे।

हालांकि, कई प्रभावित बॉडीज़ में यह क्रम टूट गया। अपील के फैसले फाइनल होने से पहले ही सिंबल बांट दिए गए, कुछ अपील ऑर्डर देर से पहुंचे, और कुछ मामलों में, अपील अभी भी पेंडिंग थीं, जबकि अधिकारी फाइनल कैंडिडेट लिस्ट बनाने और सिंबल कन्फर्म करने में लगे हुए थे।

इन उल्लंघनों को गंभीर और कानूनी रूप से गलत पाते हुए, SEC ने कहा कि इन वार्डों में चुनाव प्रक्रिया में ज़रूरी प्रोसीजर का उल्लंघन हुआ था। 29 नवंबर के अपने ऑर्डर में, कमीशन ने निर्देश दिया कि जहां भी ऐसी गड़बड़ियां पाई गईं, उन्हें तुरंत रोक दिया जाए। सिर्फ खास वार्ड या जहां जरूरी हो, प्रेसिडेंट के पद सहित पूरी म्युनिसिपल बॉडी अपडेटेड शेड्यूल को फॉलो करेगी। कमीशन ने साफ गाइडलाइंस के बावजूद तय नियमों को नजरअंदाज करने के लिए इलेक्शन अधिकारियों की भी खिंचाई की।

करीबन 25 से ज्यादा नगर निगम के चुनाव टाले जाने पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कुछ नगर परिषद और ग्राम पंचायत के चुनाव अचानक टालने पर राज्य चुनाव आयोग की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “वोटिंग से ठीक एक दिन पहले चुनाव टालना पूरी तरह से गलत है।

उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग, हालांकि ऑटोनॉमस है, लेकिन उसने कानून का गलत मतलब निकाला है और नियमों की उनकी समझ ऐसे टालने की इजाजत नहीं देती। यह गलत निर्णय है। अचानक लिए गए फैसले की वजह से उम्मीदवारों के कैंपेन की मेहनत बेकार चली गई। अब कल वोटिंग होनी थी और अब आपने उन्हें और 20 दिनों के लिए प्रचार पर लगा दिया। यह ठीक नहीं है। अब तो जो आदेश है। उसका पालन किया जाएगा लेकिन हम चुनाव आयोग को एक रिप्रेजेंटेशन देंगे। भले ही आयोग इंडिपेंडेंट हो, लेकिन इस तरह से फैसले लेना सही नहीं है।

नव्या की शादी को लेकर क्यों नहीं है कोई जल्दी

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 बॉलीवुड | बॉलीवुड एक्ट्रेस जया बच्चन कई बार अपने बयानों की वजह से चर्चा में रही हैं. हाल ही में उन्होंने शादी पर अपनी बात रखी है. उनका मानना है कि शादी करना अब आउटडेटेड है. उन्होंने कहा कि वो ये चाहती हैं कि उनकी नातिन नव्या नवेली नंदा शादी न करें. हालांकि, अपनी बात को जारी रखते हुए जया ने कहा कि वो यंग औरतों को इस बारे में सलाह देने के लिए बूढ़ी हो गई हैं कि बच्चों की परवरिश कैसे करें |

जया बच्चन हाल ही में एक इवेंट में शामिल हुईं. उसी इवेंट में उनसे सवाल हुआ कि क्या वो चाहती हैं कि उनकी नातिन नव्या उनके नक्शेकदम पर चलें और शादी के बाद अपना करियर छोड़ दें. इसी पर उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहती कि नव्या शादी करे.” उन्होंने ये भी कहा कि आज कल के बच्चे इतने स्मार्ट हैं कि वो किसी को भी मात दे सकते हैं |

लड्डू से शादी की तुलना

जया बच्चन ने शादी की तुलना दिल्ली के लड्डू से की और कहा कि अगर आप उसे खाएंगे तो मुश्किल में फंसेंगे और नहीं खाएंगे तो आप अफसोस करेंगे. उन्होंने कहा कि इसलिए लाइफ एंजॉय करो. अब उनका ये बयान काफी ज्यादा चर्चा में बना हुआ है. इसी इवेंट में जया बच्चन ने पैपराजी को लेकर भी एक बयान दिया. दरअसल, कई बार जया बच्चन पैपराजी पर गुस्से में नजर आई हैं. अब उन्होंने पैपराजी को ‘चूहा’ कहा |

पैपराजी पर जया बच्चन ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि वो सोचते हैं कि एक फोन लेकर वो किसी के भी घर में चूहे की तरह घुस जाएंगे. उन्होंने कहा, “मीडिया से मेरा रिश्ता अच्छा है. मैं खुद मीडिया की प्रोडक्ट हूं. लेकिन पैपराजी के साथ मेरा रिश्ता जीरो है. कौन हैं ये लोग. क्या इन्हें ट्रेन किया गया है कि ये देश के लोगों की अगुवाई करें. आप इन लोगों को मीडिया कहते हैं. मैं मीडिया फैमिली से ताल्लुक रखती है. मेरे पिता पत्रकार थे |

जया ने पैपराजी पर आगे कहा, “ये जो लोग बाहर गंदे और टाइट पैंट पहनकर, हाथ में मोबाइल लेकर, वो सोचते हैं कि वो भी आपकी फोटो ले सकते हैं, क्योंकि उनके हाथ में फोन है. ये कैसे लोग हैं और कहां से आते हैं? उनकी एजुकेशन किस तरह की है? उनका बैकग्राउंड क्या है? क्या वो सिर्फ इसलिए हमारा प्रतिनिधित्व करेंगे, क्योंकि वो यूट्यूब या किसी सोशल मीडिया से जुड़ सकते हैं |

शशि थरूर कांग्रेस की बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए, कैमरे के सामने खुद किया खुलासा

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. वे इस बार कांग्रेस की बैठक में शामिल न होने की वजह से चर्चा में हैं. हालांकि अब उन्होंने इसका कारण भी बता दिया है. थरूर ने सोमवार (1 दिसंबर) को खुद ही बताया कि कांग्रेस की अहम रणनीतिक बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए. कांग्रेस की इस रणनीतिक बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे.

थरूर सोमवार को शीतकालीन सत्र के लिए संसद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कैमरे के सामने कहा, ”मैंने बैठक जानबूझकर नहीं छोड़ी, मैं फ्लाइट में था. केरल से लौट रहा था.” कांग्रेस रविवार (30 नवंबर) को अहम रणनीतिक बैठक रखी थी, जिसकी अध्यक्षता खुद सोनिया गांधी ने की थी, लेकिन थरूर मीटिंग में शामिल नहीं हो पाए थे. अहम बात यह भी है कि वे पहले भी कांग्रेस की बैठक से गायब हो चुके हैं.

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संसद में 10 घंटे तक मचेगा ‘महाभारत…वंदे मातरम’ पर आर-पार की लड़ाई, क्या पीएम मोदी बदलेंगे इतिहास?

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Vande Mataram Parliament Discussion: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर संसद के विंटर सेशन में विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा. चर्चा के लिए 10 घंटे का समय रखा गया है. इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने स्वीकृति दे दी है. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस प्रेरक गीत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा होगी.

पीएम मोदी चर्चा में होंगे शामिल
‘वंदे मातरम’ पर होने वाली चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में इस प्रस्ताव को लेकर सहमति बनी है. सरकार में शामिल दलों के सदस्यों ने इसकी वकालत की थी. इसके साथ ही एनडीए सदस्यों ने राज्यसभा में वंदे मातरम पर चर्चा की वकालत की थी.

पीएम ने डाक टिकट और सिक्का जारी किया
वंदे मातरम के 150 साल पूरा होने पर 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की थी. जहां उन्होंने डाक टिकट और सिक्का जारी किया था. इसके साथ ही उन्‍होंने vandemataram150.in पोर्टल भी जारी किया. इस पर लोग राष्‍ट्रीय गीत गाते हुए अपनी वीडियो अपलोड कर सकते हैं और प्रमाण-पत्र प्राप्‍त कर सकते हैं.

150 साल पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा
साल 1875 में ‘वंदे मातरम’ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने आनंद मठ नामक किताब में लिखा था. जो बाद में स्वतंत्रता संग्राम का गीत बन गया. स्वतंत्रता सेनानी इस गीत को गाकर आमजन में आजादी की क्रांति का प्रसार करते थे. सबसे पहले इसे सार्वजनिक रूप से कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में 1896 में गाया गया. देश में संविधान लागू होने के बाद 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगीत के तौर पर चुना गया.

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News Desk

सिद्धांत चतुर्वेदी की नई फिल्म का एलान, ‘रेबेल ऑफ इंडियन सिनेमा’ अवतार में छाए एक्टर

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 बॉलीवुड | बॉलीवुड एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी जब भी पर्दे पर नजर आते हैं तो अपने किरदारों के जरिए और एक्टिंग के जरिए लोगों का दिल जीत लेते हैं. अब वो एक बायोपिक फिल्म में नजर आने वाले हैं. उनकी अगली फिल्म का ऐलान हो गया है. साथ ही उस फिल्म से उनका फर्स्ट लुक भी सामने आ गया है. यहां जिस फिल्म की बात हो रही है वो है इंडियन सिनेमा के दिवंगत दिग्गज फिल्मकार वी. शांताराम की बायोपिक. इस फिल्म में सिद्धांत, वी.शांताराम के किरदार में दिखने वाले हैं |

इस फिल्म का नाम होने वाला है ‘वी.शांताराम: द रेबेल ऑफ इंडियन सिनेमा’. अभिजीत शिरीष देशपांडे ने इस फिल्म की कहानी लिखी और वही इसके डायरेक्शन की भी कमान संभाल रहे हैं. राहुल किरण शांताराम, सरिता अश्विन वर्दे और सुभाष काले मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं. कैमरा टेक फिल्म्स, राज कमल एंटरटेनेंट और रोरिंग रिवर प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म में वी. शांताराम के जीवन और उनके हिंदी सिनेमा में योगदान की कहानी दिखाई जाएगी |

फर्स्ट लुक में जच रहे हैं सिद्धांत

सोमवार को मेकर्स ने सोशल मीडिया पर इस फिल्म का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर किया. पोस्टर में सिद्धांत काफी जच रहे हैं. पहली बार उन्हें देखकर पहचानना ही मुश्किल हो रहा है कि वो सिद्धांत हैं. ये पहली बार है जब सिद्धांत पर्दे पर इतनी बड़ी शख्सियत का रोल करने वाले हैं. पोस्टर शेयर करते हुए मेकर्स ने कैप्शन में लिखा, “भारतीय सिनेमा को नया रूप देने वाले रेबेल वहां लौट आए हैं, जहां से वो ताल्लुक रखते हैं. बड़े पर्दे पर.”

वी. शांताराम का जन्म 18 नवंबर 1901 को कोल्हापुर में हुआ था.उन्होंने 40s और 50s के दशक में इंडियन सिनेमा को कई ऐसी बेहतरीन फिल्में दी थीं, जिन्होंने लोगों का एंटरटेनमेंट तो किया ही, साथ ही भारतीय सिनेमा का एक नया रूप भी दिया. ‘दो आंखें बारह हाथ’, ‘गीता गाया पत्थरों ने’, ‘शकुंतला’, ‘दहेज’ उनकी कुछ बेहतरीन फिल्में हैं. 30 अक्टूबर 1990 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था |

संसद भवन परिसर में कुत्ता लेकर पहुंच गईं सांसद, कहा- ‘असली काटने वाले पार्लियामेंट में बैठे हैं’

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नई दिल्ली। संसद में शीतकालीन सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और वायु प्रदूषण और अन्य मुद्दों पर जमकर हंगामा किया। वहीं, कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी अपनी कार में एक कुत्ता लेकर संसद भवन परिसर के अंदर पहुंच गईं। उनके कुत्ता ले जाने पर बवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि वह कार के अंदर था और ऐसी ही कार चली गई। इसमें जबरन का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

पार्लियामेंट में कुत्ता लाने पर हुए विवाद पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, “कोई कानून है क्या? मैं जा रही थी। एक स्कूटर एक कार से टकरा गया। यह छोटा सा पपी सड़क पर घूम रहा था। मुझे लगा कि इसे टक्कर लग जाएगी। तो मैंने इसे उठाया, कार में रखा, पार्लियामेंट आई और वापस भेज दिया। कार चली गई, और कुत्ता भी। तो इस चर्चा का क्या मतलब है?”

सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “असली काटने वाले तो पार्लियामेंट में बैठे हैं। वे सरकार चलाते हैं। हम एक बेजुबान जानवर की देखभाल करते हैं, और यह एक बड़ा मुद्दा और चर्चा का टॉपिक बन गया है। क्या सरकार के पास और कुछ करने को नहीं है? मैंने कुत्ते को घर भेज दिया और उनसे कहा कि इसे घर पर ही रखो। हम उन लोगों के बारे में बात नहीं करते जो पार्लियामेंट में बैठकर हमें रोज काटते हैं।”

रांची में शतक के बाद विराट कोहली ने टेस्ट टीम में वापसी को लेकर सुनाया फैसला

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क्रिकेट | विराट कोहली ने रांची के मैदान पर एक शानदार शतक जमाकर अपने फैंस को खुश कर दिया. विराट ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में 135 रन की धमाकेदार पारी खेली, जिसके दम पर टीम इंडिया ने जीत दर्ज की और सीरीज में 1-0 की बढ़त ली. जहां इस शतक के दम पर विराट ने अपने फैंस को खुश होने की वजह दी, वहीं मैच खत्म होने के बाद उन्होंने एक ऐसा ऐलान कर दिया, जिसने उन्हीं प्रशंसकों को कुछ गम से भर दिया. तमाम अटकलों और रिपोर्ट्स के बीच विराट कोहली ने साफ कर दिया कि वो सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेलेंगे और टेस्ट क्रिकेट में वापसी का कोई इरादा नहीं है.

रांची में रविवार 30 नवंबर को भारत-साउथ अफ्रीका के बीच पहला वनडे मैच खेला गया. इस मैच के साथ विराट कोहली एक महीने बाद मैदान पर लौट रहे थे. उन्होंने वापसी करते ही पहले मैच में धुआंधार पारी खेली और अपना 52वां शतक जमाया. कोहली ने सिर्फ 120 गेंदों में 135 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे. इस पारी ने टीम इंडिया को 17 रन से जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई. इस पारी के लिए कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया |

टेस्ट क्रिकेट में वापसी की रिपोर्ट

संयोग से कोहली के इस शतक से कुछ घंटे पहले ही एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि BCCI हाल ही में संन्यास लेने वाले दिग्गजों से फैसला बदलकर कुछ वक्त के लिए टेस्ट में लौटने की अपील कर सकता है. रिपोर्ट में बताया गया था कि विराट कोहली से संपर्क किए जाने के कोई स्पस्ट संकेत नहीं मिले हैं लेकिन एक पूर्व खिलाड़ी वापसी पर विचार कर सकता है. ऐसे में दिन भर इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर चर्चा होती रही कि क्या टीम इंडिया की खस्ता हालत को बदलने के लिए कोहली या रोहित जैसे दिग्गज वापसी कर सकते है |

कोहली ने साफ-साफ कर दिया ऐलान

रांची वनडे के बाद अवॉर्ड लेने पहुंचे विराट कोहली से प्रेजेंटर हर्षा भोगले ने इसको लेकर सवाल भी पूछा. भोगले ने कहा, “आप क्रिकेट के एक ही प्रारूप में खेल रहे हो. क्या ये हमेशा ऐसे ही रहने वाला है?” इसके जवाब में कोहली ने साफ-साफ बोल दिया कि वो सिर्फ वनडे क्रिकेट ही खेलेंगे. कोहली ने कहा, “ये हमेशा ऐसा ही रहने वाला है. मैं सिर्फ एक ही फॉर्मेट में खेल रहा हूं.” यानि साफ है कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का फैसला एक बार कर लिया तो अब वो उसे पलटने के बारे में सोच भी नहीं रहे |

वोटर लिस्ट में छोटी गलती भी दिला सकती है जेल…पढ़ें यहां पूरी जानकारी

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SIR Form Fraud : को लेकर चुनाव आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी तरह की गलत जानकारी देना अपराध है। देश के 12 राज्यों में चल रही इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अपडेट करना और दोहराव को खत्म करना है। कई बार लोगों के नाम पैतृक गांव और वर्तमान पते—दोनों जगहों पर दर्ज मिलते हैं, जिससे दो वोटर आईडी बनने की संभावना रहती है। यह न केवल नियम के खिलाफ है, बल्कि आगे चलकर कानूनी परेशानी भी पैदा कर सकता है।

दो जगह नाम होने पर बढ़ सकती है मुश्किल

अगर किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज है, तो उसे तुरंत यह जानकारी अपने क्षेत्र के बीएलओ को देनी चाहिए। ऐसा न करने पर यह SIR Form Fraud की श्रेणी में आता है और सीधे सजा का कारण बन सकता है।

जानें क्या है सजा का प्रावधान

रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट, 1950 की धारा 31 के अनुसार, गलत जानकारी देने या दो वोटर आईडी रखने पर 1 साल की जेल, या जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। ऐसे मामलों में व्यक्ति को फॉर्म-7 भरकर अपना नाम एक स्थान से हटाना अनिवार्य है।

कब कट सकता है नाम – जानें नियम

फॉर्म-7 भरते समय मतदाता को नाम, EPIC नंबर, परिजन का नाम और मोबाइल नंबर देना होता है। वोटर लिस्ट से नाम हटाने के कारणों में शामिल हैं:

मतदाता की मृत्यु

कम उम्र

लंबे समय तक गैर-मौजूदगी

एक ही व्यक्ति के दो वोटर आईडी

भारतीय नागरिक न होना