‘चीन-पाक थर्राएंगे’, नौसेना को मिलेगी अभेद्य सुरक्षा…26 राफेल मरीन जेट पर मुहर, अब होगा असली ‘गेमचेंजर’

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BIG BREAKING: भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि भारत फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की डील अगले कुछ महीनों में फाइनल कर लेगा। यह डील सरकार-से-सरकार (G2G) होगी, इसलिए इसे जल्दी पूरा किया जाएगा। एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि नेगोशिएशन का आखिरी चरण बचा है, जिसे कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) को भेजा जाएगा। जुलाई 2023 में ही रक्षा मंत्रालय ने इस खरीद को मंजूरी दे दी थी।

यह विमान मुख्य रूप से स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे। एडमिरल के अनुसार यह डील नौसेना की ताकत को दोगुना कर देगी। डील साइन होते ही डिलीवरी चार साल बाद शुरू होगी। इसका मतलब है कि यदि डील 2025 की शुरुआत में होती है, तो पहला बैच 2029 में आएगा। पहले चार राफेल मरीन जेट 2029 के अंत तक मिल जाएंगे, इसके बाद 2030 में पांच और 2031 तक बाकी सभी 26 विमान नौसेना में शामिल हो जाएंगे।

इस सौदे में केवल विमानों की खरीद ही शामिल नहीं है, बल्कि हथियार, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मेंटेनेंस, स्पेयर पार्ट्स और पायलट तथा टेक्नीशियन की ट्रेनिंग भी शामिल होगी। नौसेना प्रमुख के अनुसार, राफेल मरीन विमानों के आने से समुद्री स्ट्राइक क्षमता बढ़ेगी और नौसेना की लड़ाकू ताकत काफी मजबूत होगी। यह सौदा भारत के इंडियन ओशन क्षेत्र में सामरिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा।

यह डील भविष्य में स्वदेशी डेक‑फाइटर विकसित होने तक एक महत्वपूर्ण ब्रिज सोल्यूशन का काम करेगी। हालांकि डिलीवरी 2029–31 तक पूरी होगी, फिर भी यह नौसेना की operational readiness और रणनीतिक स्थिति को काफी सशक्त बनाएगा।

अगर पार्टी कहेगी तो…चुनाव लड़ने के बयान से पलटी उमा भारती

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टीकमगढ़। मध्य प्रदेश बीजेपी (Madhya Pradesh BJP) की फायर ब्रांड नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) अपने चुनाव लड़ने को लेकर दिए बयान से पलट गईं। हर हाल में चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वाली उमा भारती ने अब सारा दारोमदार पार्टी आलाकमान (party high command) के हाथों सौंप दिया है। वहीं ब्राह्मण बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले IAS संतोष वर्मा के बयान पर आपत्ति जताई।

बता दें कि हाल ही उमा भारती ने भोपाल में पत्रकारों से चर्चा दौरान कहा था, ‘मैं 2029 का लोकसभा चुनाव हर हाल में लड़ूंगी।’ लेकिन आज अपने गृह जिले टीकमगढ़ प्रवास पर उन्होंने कहा, अगर पार्टी कहेगी तो ही मैं चुनाव लड़ूंगी। यहां उन्होंने अपनी पसंद बताते हुए कहा कि वे सिर्फ और सिर्फ झांसी लोकसभा सीट से ही चुनाव लड़ेगी, अगर वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा को कोई आपत्ति नहीं हुई तो।’

उन्होंने हाल ही में मध्य प्रदेश के आईएएस संतोष वर्मा के ब्राह्मणों पर दिए विवादित बयान पर कहा, ‘वाणी का बहुत गलत प्रयोग हुआ है। मैं इसकी घोर निंदा करती हूं। इसमें सरकार के कानूनी स्टेप्स पूरे के पूरे लेने चाहिए। आप ऐसा नहीं कह सकते। समाज आज संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, ज्वलनशीलता बढ़ रही है। इसलिये पढ़े-लिखे लोगों को वाणी संयम का बर्ताव करना पड़ेगा।

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इन 5 खिलाड़ियों की कीमत पहुंच सकती है 60 करोड़ रुपये

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आईपीएल 2026 | इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में खेलने के लिए कुल 1355 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है. जिनमें पांच नाम ऐसे हैं जिन्हें सबसे ज्यादा पैसा मिल सकता है. इन खिलाड़ियों पर कम से कम 60 से 70 करोड़ रुपये लुटाए जा सकते हैं. इन खिलाड़ियों का जैकपॉट इसलिए भी लग सकता है क्योंकि इस बार आंद्रे रसेल और ग्लेन मैक्सवेल जैसे बड़े नाम ऑक्शन में नहीं हैं. रसेल ने केकेआर से रिलीज होते ही आईपीएल से संन्यास ले लिया वहीं मैक्सवेल ने क्यों इस बार रजिस्टर नहीं किया है इसकी कोई वजह सामने नहीं आई है. इन दो खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में पांच खिलाड़ियों पर मोटा पैसा बरस सककता है, आइए आपको बताते हैं कौन हैं वो?

कैमरन ग्रीन

ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ऑक्शन में भारी डिमांड में हो सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया का ये खिलाड़ी बैटिंग ही नहीं गेंदबाजी में भी अपना योगदान देता है और साथ ही वो एक गजब के फील्डर भी हैं. ग्रीन की खास बात ये है कि वो टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी बैटिंग कर सकते हैं. ग्रीन चोट के चलते आईपीएल का पिछला सीजन नहीं खेले थे लेकिन इस खिलाड़ी ने दो सीजन में 29 मैच जरूर खेले हैं और उन्होंने 41.5 की औसत से 707 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं |

डेविड मिलर पर होगी नजर

डेविड मिलर पर भी एक बार फिर नजर रहने वाली हैं. बाएं हाथ का ये ऑलराउंडर लखनऊ सुपरजायंट्स टीम में था लेकिन उन्हें रिलीज कर दिया गया. बतौर मैच फिनिशर मिलर का कोई तोड़ ही नहीं है. ये खिलाड़ी आईपीएल में 141 मैचों में 35.7 की औसत से 3077 रन बना चुका है जिसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. मिलर पर ऑक्शन में मोटा पैसा बरस सकता है |

लियम लिविंगस्टन पर बरसेगा पैसा

पिछले सीजन आरसीबी के लिए खेलने वाले लियम लिविंगस्टन भी ऑक्शन में हॉट प्रॉपर्टी होंगे. लिविंगस्टन मिडिल ऑर्डर में आकर ताबड़तोड़ छक्के लगाने के अलावा अच्छे गेंदबाजी ऑप्शन भी हैं. वो ऑफ स्पिन और लेग स्पिन दोनों कर सकते हैं. लिविंगस्टन ने 49 मैचों में 26.27 की औसत से 1051 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 160 के करीब है |

इंग्लैंड के 2 खिलाड़ी होंगे रडार पर

इंग्लैंड के 2 और खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में मोटा पैसा कमा सकते हैं. इनमें विकेटकीपर जेमी स्मिथ का नाम शामिल है. ये खिलाड़ी हालिया दिनों में इंग्लैंड के लिए कई तूफानी इनिंग खेल चुका है. मिडिल ऑर्डर में आकर स्मिथ बड़े-बड़े शॉट खेलने का दम रखते हैं. बड़ी बात ये है कि वो स्पिनर्स के खिलाफ भी काफी मजबूत हैं. दूसरा बड़ा नाम ओपनर बेन डकेट हैं. डकेट तूफानी ओपनिंग के लिए जाने जाते हैं और उनके पास कई अलग-अलग तरह के शॉट्स हैं जिनके दम पर वो तेजी से रन बटोरते हैं |

लाल किला कार धमाका मामले में NIA का बड़ा एक्शन, कश्मीर घाटी के तीन जिलों में की ताबड़तोड़ छापेमारी

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार (1 दिसंबर, 2025) को व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है. दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए कार धमाके की जांच कर रही NIA का यह पहला बड़ा ऑपरेशन है, क्योंकि कश्मीर में अब तक ब्लास्ट मामले की ज्यादातर जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की है.

इस कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी मौलवी इरफान, डॉ. अदील राथर, डॉ. मुजम्मिल, जसीर वानी और आमिर राशिद से जुड़े ठिकानों पर मारे जा रहे हैं, जो दिल्ली के लाल किले के पास कार ब्लास्ट से जुड़े व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का हिस्सा हैं. उन्होंने यह भी बताया कि ये छापे RC-21/2025/NIA/DLI के तहत रजिस्टर्ड चल रही जांच के हिस्से के तौर पर मारे गए.

NIA की टीमों ने शोपियां में मौलवी इरफान अहमद वागे के घर की तलाशी ली, जो पिछले महीने की शुरुआत में पकड़े गए व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल के रेडिकलाइजेशन और भर्ती के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है. वागे को पुलिस ने अक्टूबर महीने में गिरफ्तार किया था और बाद में पिछले महीने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कस्टडी में ले लिया गया, जब एजेंसी ने कार ब्लास्ट की जांच अपने हाथ में ले ली, जिसमें 15 लोग मारे गए थे और कई दूसरे घायल हो गए थे.

सीएम ममता एसआईआर के खिलाफ मालदा, मुर्शिदाबाद, कूचबिहार में करेंगी रैलियां

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस सप्ताह मालदा और मुर्शिदाबाद में रैलियां आयोजित कर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ अपना रोष जताएंगी इसके बाद अगले सप्ताह कूचबिहार में एक जनसभा भी करेंगी। टीएमसी सूत्रों ने बताया कि सीएम ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर के विरोध में यह दूसरे चरण का अभियान होगा। इससे पहले उन्होंने पिछले सप्ताह शरणार्थी बहुल मतुआ क्षेत्र में बनगांव में रैली की थी और रैली में उन्होंने आरोप लगाया था कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को डराने के लिए एसआईआर का दुरुपयोग किया जा रहा है।
टीएमसी अपने जिलावार अभियान को बीजेपी के घुसपैठियों का सफाया के बयान के जवाब के रूप में पेश कर रही है। टीएमसी नेताओं ने कहा कि मालदा, मुर्शिदाबाद में 3 और 4 दिसंबर को जबकि कूचबिहार में 9 दिसंबर को रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इन तीन सीमावर्ती जिलों में अल्पसंख्यक, प्रवासी और विस्थापित आबादी काफी ज्यादा है और एसआईआर से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। मालदा की रैली गजोले में और मुर्शिदाबाद की रैली बेहरामपुर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कूचबिहार की रैली 9 दिसंबर को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में होगी और इस ठंड के मौसम में उत्तर भारत में सीएम ममता की सबसे बड़ी रैली के रूप में पेश किया जा रहा है। 
बीजेपी ने टीएमसी पर अवैध प्रवासियों को बचाने और राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची के संशोधन का विरोध करने का आरोप लगाया है। यहां 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियां एसआईआर मुद्दे का लाभ उठाकर अपनी-अपनी विचारधारा को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

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चौंकाने वाला फैसला! IPL 2026 Auction लिस्ट में नहीं दिखा 92 करोड़ कमाने वाला दिग्गज

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आईपीएल 2026 | आईपीएल 2026 के लिए ऑक्शन 16 दिसंबर को होना है. इसके लिए 1355 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है. मगर हैरानी की बात ये है कि उन रजिस्टर खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल नहीं है, जिसने IPL से 92 करोड़ रुपये की कमाई की है. हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल की, जिन्होंने IPL 2026 से दूर रहने के अपने फैसले से सबको चौंका दिया है. उनके दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग से दूर रहने का खुलासा तब हुआ, जब उन्होंने आईपीएल 2026 के लिए ऑक्शन में अपना नाम रजिस्टर नहीं कराया |

पंजाब किंग्स के लिए खेला था पिछला सीजन

IPL 2025 में ग्लेन मैक्सवेल पंजाब किंग्स का हिस्सा थे. इस फ्रेंचाइजी ने उन्हें 4.2 करोड़ रुपये में खरीदा था. हालांकि, आईपीएल 2026 के ऑक्शन से पहले पंजाब फ्रेंचाइजी ने मैक्सवेल को रिलीज कर दिया था. मैक्सवेल के रिलीज होने के बाद कई फ्रेंचाइजियों की निगाहें उन पर जमी थी. मगर खुद को ऑक्शन के लिए रजिस्टर ना कराकर मैक्सवेल ने साफ कर दिया कि वो IPL 2026 में नहीं खेलने वाले |

मैक्सवेल के फैसले की वजह क्या है?

मैक्सवेल के आईपीएल 2026 के लिए अपना नाम रजिस्टर ना कराने के फैसले के पीछे की वजह क्या है, उस बारे में अब तक खुलासा नहीं हो सका है. इंजरी से वो हाल ही में उबरे हैं और इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की है. ऐसे में ये कहना कि इंजरी के चलते उन्होंने अपना नाम ऑक्शन में नहीं डाला, सही नहीं होगा. ऐसे में मैक्सवेल के फैसले के पीछे की असली वजह को लेकर थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा |

आईपीएल से ऐसे कमाए लगभग 92 करोड़

मैक्सवेल ने आईपीएल में 4 टीमों से कुल 13 सीजन खेले हैं. उन्होंने 2012 में आईपीएल डेब्यू किया था. तब से अब तक उन्होंने लगभग 92 करोड़ रुपये आईपीएल से कमाए हैं. मैक्सवेल को सबसे ज्यादा सैलरी 14.25 करोड़ IPL 2021 में मिले थे, जब उन्हें RCB ने खरीदा था. मैक्सवेल ने सबसे ज्यादा IPL के 6 सीजन पंजाब किंग्स से खेले हैं |

देशभर में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम को बेहद गंभीर मानते हुए इसके सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के साइबर फ्रॉड पर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अन्य स्कैम से अलग सीबीआई अब सबसे पहले डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों की जांच करेगी।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े सभी मामलों की जांच अब सीबीआई करेगी। साइबर क्राइम में जिन बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल हुआ है, उनकी जांच के लिए सीबीआई को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। संबंधित बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकेगी। यह फैसला देशभर में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम को बेहद गंभीर मुद्दा मानते हुए इसकी जांच अब सीबीआई को सौंप दी है और इसके साथ ही एजेंसी को कई खास अधिकार भी प्रदान किए हैं। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन बैंक अधिकारियों की जांच करने की भी पूरी अनुमति दी है, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में किया गया है।

सभी एजेंसियां देंगी सीबीआई को सहयोग
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आईटी इंटरमीडियरी रूल्स के तहत सभी प्राधिकरण सीबीआई को पूरा सहयोग देंगे। जिन राज्यों ने अभी तक सीबीआई को सामान्य अनुमति नहीं दी है, उन्हें आईटी एक्ट 2021 के मामलों की जांच के लिए विशेष मंजूरी देनी होगी ताकि देशभर में कार्रवाई एक साथ चल सके। कोर्ट ने सीबीआई को यह भी कहा है कि जरूरत पडऩे पर इंटरपोल के साथ समन्वय कर कार्रवाई करें।

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बिग प्रोजेक्ट पर खतरा! प्रभास की नई फिल्म के सामने खड़ी हो गई बड़ी मुश्किल

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प्रभास को आने में एक महीने का वक्त ही बचा है. इसी बीच एक नई जानकारी फिर से फैन्स को निराश कर सकती है. साल 2024 के बाद से ही एक्टर की कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हुई है. यूं तो इस साल वो एक फिल्म में दिखाई दिए थे, पर उसमें सिर्फ कैमियो था. एक्टर के खाते में इस समय कई बड़ी पिक्चर हैं, जिनके नए-नए अपडेट हर किसी को हैरान कर देते हैं. पर वापसी जिस फिल्म से हो रही है, वो है- THE RAJA SAAB. इस पिक्चर को पहले ही कई बार पोस्टपोन किया जा चुका है. इसी बीच एक बार फिर प्रभास की अपकमिंग फिल्म पर खतरा आ गया है. आखिर किसने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिसके चलते फिर मुसीबत बढ़ सकती है |

प्रभास की अपकमिंग पिक्चर ‘द राजा साब’ है, जिसे अगले साल की शुरुआत में लाने की प्लानिंग हुई है. यह जानते हुए कि पोंगल एकदम पैक है और उसी दिन कई बड़ी फिल्में रिलीज होने जा रही है. अब प्रभास ने 9 जनवरी, 2026 का दिन फिल्म के लिए चुन लिया है. नई रिपोर्ट से पता लगा कि फिल्म के पास अभी तक कोई खरीदार नहीं है. पर इससे क्या और कितना फर्क पड़ रहा है. आइए बताते हैं |

प्रभास का सिरदर्द बढ़ा सकता है ये फैसला

दरअसल प्रभास की द राजा साब को इस साल कई बार पोस्टपोन किया जा चुका है. 10 अप्रैल को आ रही फिल्म 5 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी. पर बार-बार काम पूरा न होने की बात कहकर आगे खिसका दी गई. इसी बीच पता लगा कि प्रभास की इस फिल्म पर डिस्ट्रीब्यूटर रिस्क लेने को तैयार नहीं हैं. यही वजह है कि उन्हें कोई भी खरीदार नहीं मिल रहा है. प्रभास इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स में से एक हैं. पिछली फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं, उसके बाद भी खरीददार नहीं मिलना किसी शॉक से कम नहीं हैं. दरअसल ‘द राजा साब’ को एक्वायर करने में डिस्ट्रीब्यूटर हिचकिचा रहे हैं |

अब वजह कुछ भी हो, पर इससे फिल्म को काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. यूं तो कुछ जगहों पर कहा जा रहा है कि हाल ही में प्रभास की फिल्मों से हुए भारी नुकसान की वजह से डिस्ट्रीब्यूटर ‘द राजा साब’ में इन्वेस्ट नहीं करना चाहते. हाल ही में जानकारी सामने आई कि बेशक कोई फ़िल्म थिएटर कलेक्शन के मामले में ब्लॉकबस्टर हो जाए, फिर भी डिस्ट्रीब्यूटर को नुकसान झेलना पड़ सकता है. क्योंकि फिल्म को इतना महंगा खरीदा जाता है कि बॉक्स ऑफ़िस पर मिले बड़े नंबर भी इन्वेस्टमेंट को रिकवर करने के लिए काफी नहीं होते. प्रभास डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स के लिए काफी तगड़ी रकम वसूलते हैं, शायद इसी वजह से सब हाथ पीछे खींच रहे हैं. हालांकि, यहां से फिल्म फिर पोस्टपोन हुई तो मेकर्स को भी नुकसान हो जाएगा |

कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश की

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नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश की और यहां तक कि कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा सरदार पटेल के स्मारक के रूप में निर्मित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की लागत और जरुरत पर भी सवाल उठाया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नड्डा ने अटलदरा गांव में ‘सरदार एट द रेट ऑफ 150 यूनिटी मार्च’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती थी कि सरदार पटेल को याद किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम पीएम जवाहरलाल नेहरू ने अपनी नीतियों से कश्मीर मुद्दे को बिगड़ने दिया, जबकि सरदार पटेल ने आजादी के बाद 562 रियासतों का सफलतापूर्वक देश में विलय किया।
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि भारत के लौह पुरुष का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज न हो। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का निधन 1950 में हुआ था, लेकिन उन्हें 1991 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सरदार पटेल को सच्चे अर्थों में याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन जब मोदी ने पटेल को श्रद्धांजलि स्वरूप गुजरात के नर्मदा जिले में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने का फैसला किया, तो कांग्रेस ने इसकी लागत पर सवाल उठाए।
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने पूछा कि इतना पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है और जब सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई, तो कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इससे क्या हासिल होगा। नडडा ने कहा कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण किया था, जबकि तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर पर फैसला लेंगे। नड्डा ने कहा कि और नेहरूजी ने क्या फैसला किया? अनुच्छेद 370 देश की एकता और अखंडता के लिए एक बड़ा संकट बन गया। 

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मुंबई पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक महिला गिरफ्तार, चार महिलाएं बचाई गईं 

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मुंबई। अंधेरी वेस्ट में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। घटनाक्रम में एक महिला गिरफ्तार की गई हैं, और चार महिलाएं बचाई गईं है। वर्सोवा पुलिस स्टेशन की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अंधेरी वेस्ट के एक होटल में छापा मारकर एक ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपी महिला जिसका नाम अलमेलु पटेल उर्फ ज्योति मधु कांबले (निवासी अंबरनाथ) बताया गया है, गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान चार महिलाओं को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया है, जिनकी उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(3) और पीआईटीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी ज्योति मधु कांबले ऑनलाइन माध्यम से रैकेट चला रही थी और विभिन्न गेस्ट हाउस, लॉज और होटलों में लड़कियों को भेजकर ग्राहकों से पैसे लेती थी। वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करती थी। पुलिस ने एक नकली ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क साधा और उसे अंधेरी वेस्ट स्थित जेपी रोड के एक होटल में बुलाया। पैसों के लेन-देन के समय पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया और महिलाओं को बचाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रहे हैं। वर्सोवा पुलिस ने शहर में ऐसे अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है।

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