रेड कार्पेट पर आलिया भट्ट ने किया बेटी राहा का जिक्र; कहा- ‘वो तीन साल की हो गई है और अब…’

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आलिया भट्ट ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स अवार्ड्स 2026 यानी बाफ्टा में बतौर प्रजेंटर स्टेज पर नजर आईं। अपने रेड कार्पेट लुक से आलिया भट्ट छा गईं। इतना ही नहीं, बाफ्टा में आलिया भट्ट ने हिंदी बोलकर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ‘नमस्कार’ बोलकर सबका अभिवादन किया। इसके अलावा आलिया ने रेड कार्पेट पर अपनी बेटी का नाम लिया। उन्होंने बिटिया राहा को अपनी प्रेरणा बताया।

आलिया ने राहा को बताया मैजिक का सोर्स

आलिया भट्ट ने पहली बार बाफ्टा में किसी अवॉर्ड को प्रेजेंट किया। अपने डेब्यू के साथ ही वह ग्लोबल स्टेज पर अपने अंदाज से छा गईं। रेड कार्पेट पर बोलते हुए, आलिया ने कहा, ‘मेरे लिए कैमरे के सामने होना एक ब्लेसिंग है। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन मुझे कहना होगा कि अभी मेरी प्रेरणा और मैजिक का सोर्स मेरी बेटी है। 
 
मां के गानों पर डांस करती हैं नन्ही आलिया

आलिया भट्ट ने कहा, ‘मेरी बेटी राहा अभी तीन साल की है। उसे देखकर मैं खिल उठती हूं। वह अब मेरे गानों पर डांस करती है। कभी-कभी मुझे लगता है, ‘ठीक है, यही जिंदगी है’। इस इंटरनेशनल अवॉर्ड इवेंट में आलिया ने सिल्वर कलर का गाउन पहना। इसके साथ क्रीम कलर फर स्टोल कैरी किया। इस आउटफिट और मेकअप के लिए आलिया भट्ट को पॉजिटिव रेस्पॉन्स मिल रहा है। 

बाफ्टा में शामिल होने वाली तीसरी भारतीय एक्ट्रेस आलिया

बता दें कि आलिया भट्ट बाफ्टा में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय अभिनेत्री बन गई हैं। उनसे पहले प्रियंका चोपड़ा औ दीपिका पादुकोण भी बाफ्टा में अवॉर्ड प्रेजेंट कर चुकी हैं। बात करें आलिया के वर्क फ्रंट की, तो उनकी दो फिल्में ‘अल्फा’ और ‘लव एंड वॉर’ आनी हैं, जिसकी रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है।

कांग्रेस से निष्कासित नवजोत कौर बनाएगी नई पार्टी, एक साल पति सिद्धू रहेंगे राजनीति से दूर

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चंडीगढ़। कांग्रेस से निष्कासित पंजाब की डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा है कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू अगले एक साल तक सक्रिय राजनीति से दूर रहेंगे। सिद्धू 6 निजी कंपनियों के साथ करार कर चुके हैं, जिसके चलते वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे। नवजोत कौर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि यह फैसला पूरी तरह पेशेवर प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सिद्धू आगामी एक साल तक अपने नए प्रोजेक्ट्स और कार्पोरेट एंगेजमैंट्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। नवजोत कौर ने कहा कि वे जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगी। पार्टी का आधिकारिक कार्यालय भी शीघ्र खोला जाएगा। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पोस्ट में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कई कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि पंजाब की राजनीति में भ्रष्टाचार और अवसरवादी राजनीति ने जनता का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी नई पार्टी आम लोगों की आवाज बनेगी और राज्य को भ्रष्टाचार और गलत राजनीतिक प्रथाओं से बचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के अंदर भी चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कांग्रेस से निष्‍कासित होने के बाद से नवजोत कौर लगातार पार्टी पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्‍होंने पोस्‍ट के जरिये राजा वड़िंग से पूछा था कि उन्‍होंने 100 एकड़ जमीन कैसे खरीदी? साथ ही राजस्‍थान से जुड़े पंजाब के पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष के साथ‍ मिलकर 2400 करोड़ रुपए का घोटाला करने का भी आरोप लगाया है। नवजोत कौर ने राजा वड़िंग को चेतावनी देते हुए कहा था कि अब वे कोर्ट में जवाब देने और जेल जाने के लिए तैयार रहें। वहीं नवजोत कौर के इन आरोपों पर वडिंग ने कहा था कि जिन लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती, उनके बयानों पर रोज प्रतिक्रिया देना उचित नहीं।

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टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी क्यों हो रही फेल? पांच मैचों में सिर्फ 34 रन की साझेदारी

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टीम इंडिया के लिए ओपनिंग जोड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है। रविवार को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में भी भारत की सलामी जोड़ी ने फैंस को निराश किया। भारत को टी20 वर्ल्ड कप के पांच मुकाबलों में सलामी जोड़ी ने महज 34 रन दिलाए हैं। इनमें चार मैचों में ईशान-अभिषेक की जोड़ी और एक मैच में ईशान-सैमसन की जोड़ी शामिल है। नामीबिया के खिलाफ अभिषेक नहीं खेले थे और सैमसन ने ओपनिंग की थी।

ईशान-अभिषेक का जादू नहीं चल रहा

दक्षिण अफ्रीका से मिले 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने के लिए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी। हालांकि, ईशान की पारी का अंत सिर्फ चार गेंदों में हो गया और भारतीय टीम की सलामी जोड़ी स्कोरबोर्ड पर एक रन भी नहीं लगा सकी। विकेटकीपर-बल्लेबाज बिना खाता खोले पवेलियन लौटा। वहीं, अभिषेक 15 रन बनाकर आउट हुए। यह हाल सिर्फ इस मैच का नहीं है, बल्कि अब तक खेले गए पांच मुकाबलों में भारत की सलामी जोड़ी का यही हश्र रहा है। आइए जानते हैं…अमेरिका के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अभिषेक और ईशान किशन पारी का आगाज करने मैदान पर उतरे थे। हालांकि, यह साझेदारी सिर्फ आठ रनों तक ही चल सकी और अभिषेक बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए थे।नामीबिया के खिलाफ अभिषेक के बीमार होने की वजह से ईशान किशन को संजू सैमसन के रूप में नया जोड़ीदार मिला था। हालांकि, नतीजा कुछ खास नहीं रहा। ईशान ने तो इस मैच में 61 रन जड़े, लेकिन संजू आठ गेंदों में 22 रन बनाने के बाद चलते बने। नतीजा यह हुआ कि भारत की ओपनिंग साझेदारी 25 के स्कोर पर टूट गई।पाकिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा प्लेइंग इलेवन में लौटे और वह ईशान किशन के साथ पारी का आगाज करने उतरे। इस बार टीम इंडिया की सलामी जोड़ी महज एक रन बनाकर टूट गई। ईशान ने तो ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए 40 गेंदों में 77 रन बनाए, लेकिन अभिषेक बिना खाता खोले आउट हुए।ओपनिंग साझेदारी के विफल होने की कहानी नीदरलैंड के खिलाफ भी नहीं बदली। अभिषेक और ईशान ने मिलकर पहले विकेट के लिए एक रन तक नहीं जोड़ सके। अभिषेक जीरो पर आउट हुए, जबकि ईशान 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे।अगर सिर्फ ईशान और अभिषेक की जोड़ी की बात करें तो इन दोनों ने इस टी20 विश्वकप में चार मैचों में सिर्फ नौ रन की साझेदारी की है। एक में सैमसन और ईशान ने 25 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी।

क्या एकसाथ नहीं जम पा रहे ईशान-अभिषेक?

सलामी जोड़ी के लगातार नाकाम होने से भारतीय टीम की चिंता बढ़ गई है। टीम इंडिया को अगर अपनी ही सरजमीं पर खिताब का बचाव करना है, तो अभिषेक और ईशान की जोड़ी को आने वाले मैचों में ज्यादा जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी। यह इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि अभिषेक ने पिछले साल दिसंबर तक या तो संजू सैमसन और या फिर शुभमन गिल के साथ ही ओपनिंग की है।

क्या सैमसन की वापसी होनी चाहिए?

जनवरी में ईशान किशन ने वापसी की तो उन्हें तीसरे या फिर चौथे नंबर पर भेजा गया। जब आपकी तैयारी कुछ उस तरह की रही हो और ऐन मौके पर टीम मैनेजमेंट जोड़ी बदल दे तो भी ध्यान भंग हो सकता है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को भी इस पर विचार करना चाहिए कि क्या संजू को वापस लाकर ईशान को तीसरे नंबर पर खिलाना चाहिए? ऐसे में रिंकू को बेंच पर बैठाना पड़ सकता है। सही प्लेइंग-11 चुनने में थोड़ी भी देरी या चूक टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है।

2024 से तुलना करें तो…

साल 2024 में जब भारत ने टी20 विश्वकप का खिताब जीता था, तब टीम के लिए ओपनिंग कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली कर रहे थे। ओपनिंग की जिम्मेदारी दो ऐसे खिलाड़ियों पर थी जो उस संस्करण से पहले लगभग हर टी20 विश्वकप खेल चुके थे (विराट 2007 में टीम का हिस्सा नहीं थे)। हालांकि, 2024 में भी भारत की ओपनिंग की कहानी कुछ ऐसी ही रही थी। शुरुआती पांच मुकाबलों को मिलाकर रोहित और कोहली ने मिलाकर महज 85 रन जोड़े थे।
 
आयरलैंड के खिलाफ 16 गेंद में 22 रन की साझेदारी।
पाकिस्तान के खिलाफ नौ गेंद में 12 रन की साझेदारी।
अमेरिका के खिलाफ दो गेंद में एक रन की साझेदारी।
अफगानिस्तान के खिलाफ 17 गेंद में 11 रन की साझेदारी।
बांग्लादेश के खिलाफ 22 गेंद में 39 रन की साझेदारी।

2024 में टीम इंडिया का संयोजन

तब भी रोहित कुछ मैचों में रन बना रहे थे, लेकिन विराट के बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे। हालांकि, ओपनिंग की विफलता मध्यक्रम के बल्लेबाज संभाल रहे थे, क्योंकि तब भारत के पास प्लेइंग-11 में दाएं हाथ और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का अच्छा मिश्रण था। रोहित प्लेइंग-11 में ज्यादा प्रयोग और छेड़छाड़ के लिए नहीं जाने जाते थे। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल न हुआ हो तो वह उसी प्लेइंग-11 के साथ अगले मैच में जाने पर विश्वास रखते थे। तब ओपनिंग में विराट और रोहित (दोनों दाएं हाथ) के अलावा मध्य्क्र में सूर्यकुमार (दाएं हाथ), ऋषभ पंत और शिवम दुबे (दोनों बाएं हाथ) थे।अक्षर पटेल को फ्लोटर (बाएं हाथ के) के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। फिर फिनिशर के तौर पर हार्दिक पांड्या (दाएं हाथ के) शामिल थे। यानी तब टीम इंडिया में चार दाएं हाथ के और तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। इससे विपक्षी टीमों को परेशानी हो रही थी। रोहित और कोहली टीम के दो सबसे ताकतवर बल्लेबाज थे। एक का काम खेल को संभालना और दूसरे का हिट करना था। यह विश्वास था कि एक अगर नहीं चला तो दूसरा अनुभवी संभाल लेगा।2026 में भारत के पास छह बाएं हाथ के बल्लेबाज रोहित पूरे टूर्नामेंट में अच्छी पारी खेलते रहे, लेकिन फाइनल में नहीं चले। तब विराट कोहली ने अर्धशतक लगाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। रोहित और कोहली एक दूसरे की कमी को पूरा करते दिख रहे थे। हालांकि, ईशान और अभिषेक के संदर्भ में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। इस बार यानी 2026 की टी20 विश्वकप टीम में छह बाएं हाथ के और दो दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इससे विपक्षी टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो रही है।

34 साइबर ठग अरेस्ट, 45 फरार

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मथुरा। मथुरा के ‘मिनी जामताड़ा’ में साइबर ठगों को पकडऩे के लिए एक बार फिर 240 से अधिक पुलिसकर्मियों ने छापेमारी की। 20 से अधिक गाडिय़ों से पुलिसकर्मियों के साथ एसपी पहुंचे और दो टीमें बनाकर दो गांवों में रेड किए। पुलिस टीम को देखते ही गांव में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ खेतों में छिप गए। पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा। घरों की तलाशी ली गई। रविवार सुबह पुलिस ने विशंभरा और झंझावली गांव में रेड किए। करीब 5 घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने 34 लोगों को हिरासत में लिया। एसपी सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस को देखने के बाद 45 लोग फरार हो गए। 5 गाडिय़ां भी जब्त की गई हैं। दरअसल, मथुरा के बॉर्डर क्षेत्र के करीब करीब 8-10 गांव ऐसे हैं जो साइबर ठगी का गढ़ माना जाता है। यहां साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क है जोकि देश-विदेशों में ठगी का अंजाम देता है।

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बाफ्टा रेड कारपेट पर उतरीं आलिया भट्ट, मर्लिन मुनरो से इंस्पायर्ड रहा लुक; फरहान अख्तर भी पहुंचे

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बाफ्टा अवाॅर्ड्स (British Academy of Film and Television Arts) में आलिया भट्ट ने भी शिरकत की है। वह आलिया भट्ट 79वें बाफ्टा अवार्ड्स बतौर प्रेजेंटर शामिल हुईं। अवॉर्ड नाइट शुरू होने से पहले वह रेड कारपेट पर नजर आईं, यहां पर उनका लुक काफी चर्चा में रहा। आलिया ने अपने इस लुक के लिए इंस्पिरेशन हॉलीवुड की लीजेंड एक्ट्रेस मर्लिन मुनरो से ली है। देखिए, किस तरह आलिया भट्ट ने बाफ्टा अवॉर्ड्स की रौनक बढ़ा दी। 

सिल्वर मेटैलिक गाउन में गजब की खूबसूरत लगीं आलिया भट्ट

आलिया भट्ट ने बाफ्टा अवॉर्ड में सिल्वर मेटैलिक कलर की शिमरी ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेस ने लाइट मेकअप किया था और बालों को खुला रखा था। वह बिल्कुल हॉलीवुड के गोल्डन एरा की एक्ट्रेस नजर आ रही थीं। ब्रिटिश वोग के मुताबिक आलिया भट्ट का लुक मर्लिन मुनरो से इंस्पायर है। 

फरहान अख्तर भी पत्नी शिबानी दांडेकर के साथ बाफ्टा पहुंचे

आलिया भट्ट के अलावा डायरेक्टर, एक्टर फरहान अख्तर भी अपनी पत्नी शिबानी दांडेकर के साथ बाफ्टा अवॉर्ड्स में नजर आए। डाइट सब्या नाम के इंस्टाग्राम पेज पर एक पोस्ट की गई। जिसमें फरहान और शिबानी मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। काले रंग का टक्सीडो पहने फरहान बहुत हैंडसम लग रहे थे। शिबानी ने इस मौके के लिए गोल्डन साटन गाउन पहना था। बता दें कि लक्ष्मीप्रिया देवी डायरेक्ट फिल्म बूंग, बाफ्टा अवॉर्ड सेरेमनी में बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट है। इस फिल्म को फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है।

इन हॉलीवुड सेलेब्स भी बाफ्टा में शिकरत की

बाफ्टा अवॉर्ड्स में आलिया भट्ट और फरहान अख्तर जैसे बॉलीवुड सेलेब्स के अलावा हॉलीवुड के कई सेलेब्स भी नजर आए। इस लिस्ट में एमा स्टोन, लियोनार्डाे डी कैप्रियो, माइकल बी जॉर्डन, किर्स्टन डंस्ट और जेसी प्लेमन्स और टिमोथी चेमलेट शामिल रहे। सभी के गेटअप, अटायर काफी हटकर थे।

रिटायर सैन्य अधिकारियों पर किताब लिखने की कोई पाबंदी नहीं: रक्षा मंत्री का स्पष्टीकरण

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नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (M.M. Naravane) की प्रस्तावित पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों (retired military officers) के किताब (Book) लिखने या संस्मरण प्रकाशित करने पर किसी तरह की रोक नहीं है। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक लेखन पर ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लागू करने का विचार सरकार के स्तर पर चल रहा है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार या कैबिनेट के सामने विचार के लिए आया ही नहीं है। उनके मुताबिक, पूर्व सैन्य अधिकारी निर्धारित नियमों और संवेदनशील जानकारी से जुड़े प्रावधानों का पालन करते हुए अपने अनुभव लिखने के लिए स्वतंत्र हैं।

 

किताब को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह चर्चा उस समय तेज हुई जब जनरल नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक Four Stars of Destiny के कुछ अंशों को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई। बताया गया कि पुस्तक में चीन के साथ लद्दाख गतिरोध जैसे अहम सैन्य घटनाक्रमों का उल्लेख है, जिसके बाद इस पर सार्वजनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।

 

संसद तक पहुंचा मुद्दा, राजनीतिक बयानबाज़ी तेज

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे लेकर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार का बचाव किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।राजनाथ सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ जैसी कोई नीति लागू करने की न तो योजना है और न ही इस संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य परंपराओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन पहले से ही स्थापित प्रक्रियाओं के तहत बनाए रखा जाता है।

 

अन्य रक्षा मामलों पर भी दिया संकेत

रक्षा मंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि सरकार आने वाले महीनों में रक्षा सहयोग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों को आगे बढ़ाने के प्रयास में है और संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि रिटायर सैन्य अधिकारियों के लेखन पर कोई नई रोक या 20 साल का इंतजार नियम लागू नहीं किया जा रहा। मौजूदा सुरक्षा दिशानिर्देशों के भीतर रहकर वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।

देश में बढ़ते उत्पादन के साथ ही मिलावट के मामले भी बढ़ रहे, बड़े ब्रांड भी संदेह के घेरे में

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नई दिल्ली।भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक (करीब 25 प्रतिशत हिस्सा) है और दुर्भाग्य से, मिलावटी दूध के मामलों में भी सबसे आगे है। हाल के वर्षों में देशभर में जांचे गए दूध के हर तीन नमूनों में से एक गुणवत्ता जांच में विफल रहा है। भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा वित्त वर्ष 2025 में 38 प्रतिशत नमूने मिलावटी पाए गए।
एफएसएसएआई की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2015 और वित्त वर्ष 2018 के बीच मिलावटी दूध के नमूनों की संख्या 16.64 प्रतिशत अंक तक बढ़ गई। वित्त वर्ष 2022 में 798 नमूनों में से आधे मिलावटी पाए गए, जो वित्त वर्ष 2015 के बाद से मिलावट की उच्चतम दर है। वहीं करीब सप्ताह भर पहले ‘ट्रस्टिफाइड’ नाम के एक स्वतंत्र टेस्टिंग प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के कुछ प्रतिष्ठित ब्रांड के पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म नामक हानिकारक बैक्टीरिया तय सीमा से 98 गुना तक अधिक पाया गया। इस रिपोर्ट ने पैकेज्ड फूड सेफ्टी पर भी चिंता बढ़ा दी है।

 पिछले 11 वर्षों में देश में दूध उत्पादन 69 प्रतिशत बढ़ा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में देश में दूध उत्पादन 24.8 करोड़ टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। पिछले 11 वर्षों में इसमें 69.4 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता प्रतिदिन 485 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई। जबकि वैश्विक औसत करीब 328 ग्राम है। सरकार की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया में दूध उत्पादन में प्रथम स्थान पर है और वैश्विक दूध उत्पादन में इसका योगदान 25 प्रतिशत है।

हमेशा भरोसेमंद स्रोत से दूध खरीदें और सफाई रखें
दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन एंड इन्फेक्शियस डिजीज विभाग के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल के मुताबिक, हमेशा भरोसेमंद सोर्स से दूध खरीदें और पैकिंग, एक्सपायरी डेट पर ध्यान दें। दूध को साफ बर्तन में अच्छी तरह उबालें। गर्म करने से अधिकांश हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। उबालने के बाद ढककर या फ्रिज में रखें । लंबे समय तक रूम टेम्परेचर पर न छोड़ें। खराब स्मेल, खराब स्वाद लगे तो दूध का सेवन न करें।

58 प्रतिशत दूध के नमूनों में पानी की मिलावट पाई गई
इंडियन जर्नल ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन द्वारा कुछ समय पहले जांचे गए 330 दूध के नमूनों में से 233 (70.6 प्रतिशत) में एक या एक से अधिक मिलावट पाई गई। 193 (58.5 प्रतिशत) नमूनों में पानी, 23.9 प्रतिशत में डिटर्जेंट और 9.1 प्रतिशत नमूनों में यूरिया की मिलावट पाई गई। कई नमूनों में न्यूट्रलाइजर, आरारोट जैसे पदार्थों की भी मिलावट पाई गई। एफएसएसएआई की ताजा मिल्क सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारतीय राज्यों में लिए गए अनपाश्चुराइज्ड दूध के करीब 47 फीसदी नमूने अमानक पाए गए। दक्षिण भारत में ये आंकड़ा करीब 18 फीसदी था। पश्चिम भारत में दूध के करीब 23 फीसदी और पूर्वी भारत के करीब 13 फीसदी दूध के नमूने अमानक पाए गए।

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बाफ्टा में भारतीय अभिनेता धर्मेंद्र को दी गई श्रद्धांजलि, म्यूजिकल ट्रिब्यूट ने फैंस को किया भावुक

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79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कारों यानी बाफ्टा में उस समय हर भारतीय प्रशंसक की आंखें नम हो गईं, जब दिग्गज दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई। भारतीय अभिनेता को वैश्विक सिनेमा जगत की उन महान हस्तियों में शामिल किया गया, जो अब हमारे बीच नहीं रहे। कार्यक्रम में उन हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने पिछले साल इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इसी में भारतीय अभिनेता धर्मेंद्र को भी बाफ्टा में याद किया गया।बीती रात लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित हुए बाफ्टा के 79वें संस्करण में धर्मेंद्र को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। जेसी वेयर ने मंच पर आकर बारबरा स्ट्रीसैंड के गीत ‘द वे वी वेयर’ को परफॉर्म किया।जहां उन्होंने पिछले साल दिवंगत हुए फिल्म जगत की हस्तियों को श्रद्धांजलि दी। इस भावपूर्ण म्यूजिकल ट्रिब्यूट के साथ एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें पिछले वर्ष दुनिया ने खोई इन हस्तियों को याद किया गया।’इन मेमोरियम’ कैटेगरी में डायने कीटन, टेरेंस स्टैम्प, कैथरीन ओ’हारा, रॉब रेनर, जीन हैकमैन, रॉबर्ट डुवैल, टॉम स्टॉपर्ड, ब्रिगिट बार्डोट, लाओ शिफ्रिन, माइकल मैडसेन और वैल किल्मर जैसी हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। इसी दौरान भारतीय दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का भी उल्लेख श्रद्धांजलि में किया गया।
 
पिछले साल 24 नवबंर को हुआ था धर्मेंद्र का निधन

धर्मेंद्र का निधन पिछले साल 24 नवंबर को मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ था। उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में इस दुनिया के अलविदा कहा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां लगभग एक हफ्ते तक भर्ती रहने के बाद, परिजनों ने घर पर ही उनका इलाज कराने का फैसला किया था।जहां 24 नवंबर को उनका निधन हुआ। उनका अंतिम संस्कार 25 नवंबर को मुंबई में किया गया था। दिग्गज अभिनेता अपने पीछे दो पत्नियां प्रकाश कौर और अभिनेत्री हेमा मालिनी समेत छह बच्चे छोड़ गए हैं। इनमें अभिनेता सनी देओल, बॉबी देओल और ईशा देओल शामिल हैं।

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कांग्रेस को झटका, असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने थामा बीजेपी का दामन

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डब्रूगढ़। असम कांग्रेस के पूर्व चीफ भूपेन बोरा ने कई अटकलों के बीच बीजेपी का दामन थाम लिया है। असम बीजेपी चीफ दिलीप सैकिया और बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। एक दिन पहले ही बोरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बोरा ने असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा, बैजयंत पांडा और लखीमपुर के विधायक मनाब डेका की मौजूदगी में शाह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद बोरा ने पत्रकारों को बताया कि सीएम सरमा ने उन्हें शाह से मिलने के लिए कहा था, इसलिए वह उनसे शिष्टाचार भेंट करने आए थे। 
उन्होंने दावा किया कि 8 मार्च तक आत्मसम्मान और राज्य के प्रति राष्ट्रवादी भावना रखने वाले करीब 50 फीसदी कांग्रेस सदस्य बीजेपी में शामिल होंगे। हालांकि उन्होंने रविवार 22 फरवरी को ही बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बोरा पिछले सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी आलाकमान ने इसे स्वीकार नहीं किया और वरिष्ठ नेता उनके आवास पर मिलने पहुंचे थे। राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बोरा से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, लेकिन अगले दिन असम सीएम सरमा उनके आवास पर पहुंचे और घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे।

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News Desk

राहुल गांधी को दी सलाह, ममता बनर्जी को बताया मजबूत नेता

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Mani Shankar Aiyar ने इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi को सलाह देते हुए कहा कि गठबंधन की कमान छोटे दलों के नेताओं को सौंपने पर विचार करना चाहिए।

अय्यर ने कहा कि राहुल गांधी को इस पद पर बने रहने की कोशिश करने के बजाय सहयोगी दलों को नेतृत्व का मौका देना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए M. K. Stalin, Mamata Banerjee, Akhilesh Yadav और Tejashwi Yadav के नाम लिए।

अय्यर ने खास तौर पर ममता बनर्जी को मजबूत नेता बताते हुए कहा कि उनके बिना इंडिया गठबंधन का अस्तित्व कमजोर पड़ सकता है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अय्यर के बयान के बाद पार्टी के भीतर भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। Suman Roy Chowdhury ने कहा कि मणिशंकर अय्यर लंबे समय से पार्टी की सक्रिय गतिविधियों से जुड़े नहीं हैं और ऐसे समय में बयान दे रहे हैं जब पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हैं। उन्होंने अय्यर के बयान के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया।

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

यह पहली बार नहीं है जब मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाए हों। इससे पहले भी वे कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व और रणनीति को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं।