BJP अध्यक्ष जल्द तय, इन दिग्गजों के नाम रेस में, जानें आपके क्षेत्र के लिए क्या होगा असर

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UP BJP President Election : को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संगठन में जिलाध्यक्षों का चुनाव पूरा होने के बाद अब सभी की नजरें नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि भाजपा आगामी दो बड़े चुनाव—पंचायत चुनाव 2026 और विधानसभा चुनाव 2027—को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष का फैसला लेगी।

संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया अब लगभग अंतिम चरण में है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा जल्द की जा सकती है। यह पद करीब एक वर्ष से खाली है और नए अध्यक्ष के चयन को लेकर कई नामों पर गहन विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर भी बड़ा फैसला हो सकता है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्र से मंजूरी मिलते ही कुछ ही दिनों में पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस बार प्रदेश अध्यक्ष का चयन केवल संगठनात्मक औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए रणनीतिक रूप से किया जाएगा। पार्टी की कोशिश होगी कि अगला अध्यक्ष वोटरों के बड़े समूह को साध सके और चुनावी तैयारियों को मजबूत करे।

लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, जिसके बाद मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने इस्तीफे की पेशकश की थी। अब आने वाले चुनावों को देखते हुए नया अध्यक्ष चुने जाने की संभावना और मजबूत हो गई है।

दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। अगर ब्राह्मण चेहरे को मौका मिलता है, तो पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा मुख्य दावेदार माने जा रहे हैं। इनके अलावा ब्राह्मण नेता हरीश द्विवेदी भी रेस में हैं। साथ ही पार्टी ओबीसी और दलित समुदाय के विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।

रणवीर की फिल्म ‘धुरंधर’ की मुसीबत हुई खत्म, सेंसर बोर्ड ने लिया बड़ा निर्णय

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धुरंधर | रणवीर सिंह की मल्टीस्टारर एक्शन एंटरटेनर ‘धुरंधर’ के मेकर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन का कहना है कि ‘धुरंधर’ को सेना को भेजने की कोई जरूरत नहीं है. बोर्ड का कहना है कि ये फिल्म डायरेक्टली और इनडायरेक्टली, किसी भी तरह से मेजर मोहित शर्मा से जुड़ी हुई नहीं है. सेंसर बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ‘धुरंधर’ पूरी तरह से एक काल्पनिक रचना है |

कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर‘ में रणवीर सिंह का किरदार दिवंगत मेजर मोहित शर्मा पर बेस्ड है. इसके बाद मेजर के पैरेंट्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग के साथ एक याचिका दायर की थी. सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई थी और कोर्ट ने कहा था कि सेंसर बोर्ड इस पर फैसला करे कि फिल्म को सेना को भेजना है या नहीं |

अभी नहीं मिला है सेंसर सर्टिफिकेट

इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये भी कहा था याचिकाकर्ता मेजर मोहित शर्मा के पैंरेंट्स हैं, ऐसे में मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को सलाह दी थी कि वो पैरेंट्स की चिंताओं को ध्यान रखें. हालांकि एक दिन बाद ही फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मेजर मोहित शर्मा और ‘धुरंधर’ का कोई लिंक नहीं है. हालांकि बोर्ड ने अभी फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया है. बोर्ड ने कहा है कि सर्टिफिकेशन का काम गाइडलाइन्स के हिसाब से जारी रहेगा |

धुरंधर में कौन-कौन?

धुरंधर का निर्देशन और लेखन आदित्य धर ने किया है. आदित्य इसके प्रोड्यूसर भी हैं. फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना जैसे दमदार कलाकारों की फौज दिखाई देने वाली है. इसमें सारा अर्जुन फीमेल लीड के तौर पर नज़र आएंगी. फर्स्ट लुक वीडियो के आने के बाद से ही धुरंधर का काफी बज़ बन गया था. ट्रेलर देखने के बाद तो फैंस इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. फिल्म 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है |

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे बोले- लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन ज़रूरी

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नई दिल्ली। लोकसभा में एसआईआर को लेकर विपक्ष का असंतोष दूसरे दिन भी जारी रहा। कार्यवाही जैसे ही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सदन में ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे गूंजे और कुछ सांसद सीधे वेल में जा पहुंचे। स्पीकर ओम बिरला ने शांति बनाए रखते हुए प्रश्नकाल जारी रखा, लेकिन विपक्ष की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि 20 मिनट बाद सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 
उधर, राज्यसभा में भी कमोबेश वही दृश्य- नारेबाजी, पोस्टर और एसआईआर पर तत्काल चर्चा की मांग की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन ज़रूरी है। विपक्ष सुबह 10:30 बजे संसद परिसर के मकर द्वार के सामने भी जुटा और एसआईआर पर तुरंत चर्चा की मांग दोहराई। सत्र के पहले दिन से ही एसआईआर, वोट चोरी और चुनावी पारदर्शिता को लेकर विपक्ष लगातार मोर्चा खोले हुए है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में साफ कहा था कि सरकार एसआईआर और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है, बस विपक्ष इस पर कोई टाइमलाइन न तय करे। सूत्रों की मानें तो विपक्ष इतना भी नहीं कह रहा कि एसआईआर शब्द ही रहना चाहिए। सरकार चाहे तो इसे इलेक्शन रिफार्म, चुनावी सुधार या किसी भी नाम से सूचीबद्ध कर सकती है। सरकार इस सुझाव पर सकारात्मक दिख रही है और बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी में अपना रुख रख सकती है।
इसी बीच सरकार संसद में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर 10 घंटे की विशेष चर्चा कराने पर विचार कर रही है। संभावना है कि पीएम मोदी भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रस्ताव 30 सितंबर को राज्यसभा की बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी में आया था। हांलाकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

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News Desk

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी, नेवी चीफ ने बताई नौसेना की ताकत; कहा- समुद्र में नहीं आ पाई पाकिस्तानी…

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नई दिल्ली: नौसेना दिवस के मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने समारोह की शुरुआत 1971 के युद्ध की ऐतिहासिक उपलब्धियों को याद करते हुए की. उन्होंने बताया कि कैसे 4 दिसंबर 1971 को भारतीय नौसेना ने कराची पर साहसिक और निर्णायक हमले किए थे, जिसने युद्ध की दिशा बदल दी थी. एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना की उस सफल कार्रवाई ने न सिर्फ दुश्मन की समुद्री क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि भारतीय सैन्य इतिहास में एक नए विजयी अध्याय की नींव रखी.

उन्होंने आगे कहा कि उसी जज़्बे और वीरता के साथ आज की भारतीय नौसेना भी आधुनिक तकनीक, नई शक्ति और बढ़ती समुद्री जिम्मेदारियों के साथ देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है. नेवी चीफ ने कहा कि दुनिया की बहुत सारी मर्चेंट शिप अब पाकिस्तानी सी एरिया में नहीं जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है. एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि कैरीयर बैटल ग्रुप ने पाक नौसेना को बंदरगाहों में रहने को मजबूर किया.

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है और भारतीय नौसेना क्षेत्र में पूरी सतर्कता बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात में भारतीय नौसेना की तैनाती और तैयारियां लगातार मजबूत की जा रही हैं. एडमिरल त्रिपाठी ने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना के कैरीयर बैटल ग्रुप (CBG) की प्रभावशाली मौजूदगी ने पाकिस्तान नौसेना को बंदरगाहों में सीमित होने पर मजबूर कर दिया.

उन्होंने कहा कि कैरीयर बैटल ग्रुप की तैनाती ऐसी थी कि पाकिस्तानी नौसेना समुद्र में निकल ही नहीं पाई. वे बंदरगाहों में ही रहे और बाहर आने की हिम्मत नहीं कर सके. नौसेना प्रमुख के अनुसार, यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता, समुद्री प्रभुत्व और रणनीतिक बढ़त का स्पष्ट संकेत है. उन्होंने जोर दिया कि भारत हर हाल में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ा. उनके अनुसार, कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने पाकिस्तानी बंदरगाहों से दूरी बना ली, जिससे बीमा प्रीमियम बढ़ गया और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ.

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि 2008 से अदन की खाड़ी में नौसेना का एक युद्धपोत लगातार तैनात किया जा रहा है. अब तक 138 युद्धपोतों की तैनाती की जा चुकी है और भारतीय नौसेना ने 7,800 व्यापारी जहाज़ों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती से निपटने के लिए भारतीय नौसेना लगातार अभियान चला रही है. नवंबर 2023 से अब तक 62 समुद्री डाकू जहाज़ पकड़े 40 संदिग्ध पोत रोके 30 से अधिक घटनाओं को सफलतापूर्वक संभाला 520 लोगों की जान बचाई.

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि पिछले नेवी डे से अब तक भारतीय नौसेना ने 11,000 शिप डेज़ और 50,000 फ्लाइंग आवर्स पूरे किए हैं. उन्होंने इसे नौसेना की सतत तैनाती, तैयारियों और मजबूत ऑपरेशनल क्षमता का प्रतीक बताया.

आलोक शर्मा का बड़ा कदम, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भेजा पत्र

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नई दिल्ली।  IAS संतोष वर्मा का मामला शांत होने के नाम नहीं ले रहा है. ब्राह्मण समाज में अधिकारी के बयान को लेकर आक्रोश है. आमजन से लेकर नेता तक अधिकारी की बर्खास्तगी की बात कह रहे हैं. भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की. इसके साथ ही उन्होंने संतोष वर्मा को पद से बर्खास्त करने की मांग की।

विभागीय जांच की भी मांग की

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में सांसद ने ये मांग की कि IAS संतोष वर्मा के विरूद्ध तत्काल विभागीय जांच की जानी चाहिए. जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए, जिससे वे पद का दुरुपयोग ना कर सकें. इसके साथ ही जांच में सत्यता पाई जाती है तो बर्खास्तगी जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके सांसद आलोक शर्मा ने लिखा कि आज (मंगलवार) संसद भवन में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह जी से भेंट कर भोपाल में विगत दिनों आईएएस संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के बारे में दिए गए बयान पर संज्ञान लेने और दोषी पाए जाने पर संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की शिकायत की।

ब्राह्मण समाज पर दिया था विवादित बयान

अजाक्स का प्रांतीय अधिवेशन 23 नवंबर को भोपाल में आयोजित किया गया था. इस अधिवेशन को संबोधित करते हुए IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा था कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान ना कर दे या उसके साथ संबंध ना बना दे, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।

IAS मांग चुके हैं माफी

उन्होंने कहा था कि मेरे बयान में दान से मतलब कन्यादान से है. मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. कुछ लोगों ने स्वार्थसिद्ध करने के लिए ऐसा किया. बयान को वायरल किया. मेरे 27 मिनट के भाषण में से 1-2 लाइन निकाल करके प्रचारित किया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी से किसी समाज को जाने-अनजाने में ठेस पहुंची है तो माफी मांगता हूं।

15 चौके-छक्कों के साथ तूफानी शतक, करियर में पहली बार अनोखा रिकॉर्ड

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क्रिकेट | टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए जूझ रहे मुंबई के युवा बल्लेबाज सरफराज खान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर उन्हें मौका मिले तो वह किसी भी बॉलिंग लाइनअप की धज्जियां उड़ा सकते हैं. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में असम के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सरफराज ने एक शतकीय पारी खेली. खास बात ये भी रही कि उन्होंने अपने टी20 करियर में पहली बार शतक जड़ने का कारनामा किया, जिसके चलते मुंबई की टीम इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 से ज्यादा रन बनाने में कामयाब रही |

सरफराज खान का तूफानी शतक

सरफराज खान ने असम के खिलाफ इस मैच में सिर्फ 47 गेंदों पर नाबाद 100 रनों की विस्फोटक पारी खेली. इसमें 8 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. यह पारी ऐसे वक्त आई है जब टीम इंडिया के दरवाजे पर लगातार दस्तक दे रहे इस बल्लेबाज को सबसे ज्यादा जरूरत थी. पिछले दो साल से सरफराज घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगा रहे हैं. रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े-बड़े शतक, डेब्यू टेस्ट में अर्धशतक, फिर भी भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है |

अब टाइमिंग की बात करें तो यह पारी इससे बेहतर वक्त पर नहीं आ सकती थी. दिसंबर के अंत में IPL 2026 का मेगा ऑक्शन होने वाला है. आईपीएल 2023 के बाद दिल्ली कैपिटल्स ने सरफराज को रिटेन नहीं किया था और वह अनसोल्ड भी रह गए थे. इस बार कई फ्रेंचाइजी के पास बड़ा पर्स है और मिडिल ऑर्डर में आक्रामक भारतीय बल्लेबाज की तलाश हर टीम को है. ऐसे में 47 गेंदों में शतक ठोककर सरफराज ने साफ संदेश दे दिया है कि वह सिर्फ रेड-बॉल क्रिकेट के ही नहीं, सफेद गेंद के भी बड़े मैच विनर हो सकते है |

मुंबई की टीम ने बनाए 220 रन

मुंबई की टीम ने इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की, लेकिन वह बोर्ड पर एक बड़ा स्कोर लगाने में कामयाब रही. मुंबई ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 220 रन बनाए. इस दौरान सरफराज खान के अलावा अजिंक्य रहाणे ने भी 42 रनों की शानदार पारी खेली. वहीं, साईराज पाटिल ने 9 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए. सूर्यकुमार यादव ने भी 20 रन और आयुष म्हात्रे ने 21 रनों का योगदान दिया |

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अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा विश्वस्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’, UP सरकार और टाटा संस के बीच MOU

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Goverment) ने अयोध्या (Ayodhya) को एक वैश्विक सांस्कृतिक (Global Cultural) और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल (State Cabinet) की बैठक में ‘टाटा संस’ (Tata Sons) के सहयोग से प्रस्तावित विश्वस्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ का दायरा और बड़ा कर दिया है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि इस कदम से अयोध्या को एक नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि पर प्रस्तावित थी। लेकिन संग्रहालय की भव्यता और विश्वस्तरीय स्वरूप को ध्यान में रखते हुए टाटा संस ने अधिक भूमि की अपेक्षा की थी। अब परियोजना के लिए कुल 52.102 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। इसमें पहले की 25 एकड़ नजूल भूमि शामिल है।

इसके अतिरिक्त 27.102 एकड़ भूमि और जोड़ी गई है। यह कुल 52.102 एकड़ भूमि आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी, ताकि परियोजना को वृहद रूप दिया जा सके। भूमि टाटा संस को 90 वर्षों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

 

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BB19 में बढ़ा हंगामा! तान्या मित्तल का मीडिया के सामने फूटा गुस्सा, राम नाम पर जमकर संग्राम

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बिग बॉस 19 | सलमान खान के शो बिग बॉस 19 में मीडिया राउंड के दौरान तान्या मित्तल ने काफी शानदार तरीके से जवाब दिया.इस दौरान वो सबको प्यार से राम-राम करते ग्रीट करती हुई नजर आईं.इसी बीच एक और सवाल के दौरान जब तान्या ने राम-राम कहा तो कुछ मीडिया पर्सन्स हंस पड़े |

तान्या को इस पर गुस्सा आ गया और उन्होंने अपने दिल की भड़ास सबके सामने निकाल दी. हालांकि, मीडिया पर्सन्स को कहना पड़ा कि वो उनके राम-राम बोलने पर नहीं बल्कि प्रिडिक्टिबल होने पर हंस रहे थे.बिग बॉस 19 में जब ये घोषणा हुई की घरवालों को मीडिया से मिलता है तो तान्या की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था |

तान्या के जवाब थे कॉमन

तान्या ने कहा था कि वो पहली बार मुंबई की मीडिया से मिलेंगी जो कि उनके लिए आ रही है.वो काफी खुश थीं. मीडिया पर्सन्स ने तान्या से कई सावल पूछे.उन्हें हर सवाल का जवाब देते हुए रिपोर्टर का नाम लेकर राम-राम बोलते हुए देखा गया था.वैसे तो उनके जवाब भी कॉमन ही थे, लेकिन कॉन्फिडेंस गजब का था | 4-5 बार सेम पैटर्न रिपीट होने के बाद जब तान्या ने राम-राम कहा तो कुछ रिपोर्टर्स हंस पड़े.तान्या ने इस पर कहा,’मैं अपने रामजी पर बहुत भरोसा करती हूं. वो बोलीं, हमारे यहां जब किसी को ग्रीट करते हैं तो ऐसे ही करते हैं.मैं आपसे रिक्वेस्ट करूंगी कि इस पर ना हंसे थोड़ा से डेकोरम लगेगा यहां का भी. मुझे भी अच्छा लगेगा कि मैं नमस्ते की जगह जयश्री राम बोलती हूं |

मीडिया ने कहा-गलत नैरेटिव सेट मत कीजिए

मीडिया के लोगों ने इस पर जवाब देते हुए तान्या को बताया कि वो सब भगवान राम को बहुत मानते हैं. तान्या को एक जर्नलिस्ट ने जवाब दिया,’हम सब यहां जितने बैठे हैं, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की हम बहुत इज्जत करते हैं. जो आप बोल रही हैं, हम आप पर हंसे थे क्योंकि आप बहुत प्रिडिक्टिबल हो गई हैं तो आप प्लीज गलत नैरेटिव मत सेट कीजिए |

1,355 खिलाड़ियों ने कराया रजिस्ट्रेशन, ग्लेन मैक्सवेल ने लिया चौंकाने वाला फैसला

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IPL 2026 Auction: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के मेगा ऑक्शन की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार रजिस्ट्रेशन की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. ऑक्शन के लिए कुल 1,355 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है. इनमें से 45 खिलाड़ियों ने 2 करोड़ की बेस प्राइस पर अपना ना दिया है.

इस लिस्ट में कई विदेशी खिलाड़ियों के साथ बड़ी संख्या में घरेलू और इंटरनेशनल लेवल के भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने आश्चर्यजनक रूप से अपना नाम वापस ले लिया है.

मैक्सवेल का चौंकाने वाला फैसला

ऑक्शन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर यह है कि ‘बिग शो’ ग्लेन मैक्सवेल ने इस साल के मिनी ऑक्शन में रजिस्टर नहीं किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, मैक्सवेल ने कुछ निजी और इंटरनेशनल कारणों के चलते अंतिम समय में अपना नाम वापस लेने का फैसला किया है. उन्होंने अपने बयान में अपने पिछले साल के खराब प्रदर्शन का भी जिक्र किया. आईपीएल 2025 में मैक्सवेल का प्रदर्शन उनके नाम के जैसा नहीं रहा था.

भारतीय खिलाड़ियों की भरमार

रजिस्ट्रेशन कराने वाले 1,355 खिलाड़ियों में से, भारतीय खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है. इसमें वे खिलाड़ी शामिल हैं जो पिछले सीजन में अनसोल्ड रहे थे, साथ ही वे युवा खिलाड़ी जिन्होंने हाल ही में घरेलू टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया है. कई अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी इस बार फ्रेंचाइजी का ध्यान अपनी ओर खींचने की उम्मीद कर रहे हैं.

2 करोड़ की बेस प्राइस वाले खिलाड़ी

रवि बिश्नोई, वेंकटेश अय्यर, मुजीब उर रहमान, नवीन उल हक, सीन एबॉट, एश्टन एगर, कूपर कोनोली, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, कैमरून ग्रीन, जोश इंग्लिस, स्टीव स्मिथ, मुस्तफिजुर रहमान, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, टॉम कुरेन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, डैन लॉरेंस, लियाम लिविंगस्टोन, टाइमल मिल्स, जेमी स्मिथ, फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, विल ओ’रूर्के, रचिन रवींद्र, गेराल्ड कोएत्ज़ी, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनरिक नोर्त्जे, रिली रूसौ, तबरेज़ शम्सी, डेविड विसे, वानिंदु हसरंगा, मतेशा पथिराना, महेश थीकशाना, जेसन होल्डर, शाई होप, अकील होसेन, अल्ज़ारी जोसेफ

सरकार इसे हर फोन में क्यों इंस्टॉल कराना चाहती है और यह आपके लिए क्यों ज़रूरी है

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Sanchar Saathi App : अब सभी स्मार्टफोन्स में अनिवार्य होने जा रहा है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया है कि आने वाले तीन महीनों के भीतर हर नए स्मार्टफोन में यह ऐप प्री-इंस्टॉल होना चाहिए। खास बात यह है कि यूज़र इस ऐप को न तो डिलीट कर सकेंगे और न ही इसके किसी फीचर को छिपाया या बंद किया जा सकेगा। विभाग का दावा है कि यह कदम साइबर धोखाधड़ी, नकली IMEI और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद करेगा। सप्लाई चेन में मौजूद फोन में यह ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

सरकार ने बताया कि संचार साथी एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा एप्लिकेशन है, जिसे दूरसंचार विभाग ने 2023 में लॉन्च किया था। इसकी मदद से अब तक 7 लाख से अधिक चोरी या खोए मोबाइल फोन खोजे जा चुके हैं। सिर्फ अक्टूबर महीने में 50 हजार से ज्यादा फोन रिकवर किए गए। इस ऐप के जरिए मोबाइल को ट्रैक करने, ब्लॉक करने और IMEI नंबर की वैधता जांचने की सुविधा मिलती है, जिससे Sanchar Saathi App साइबर फ्रॉड रोकने में प्रभावी भूमिका निभाता है।

हालांकि, इस अनिवार्यता को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता सी. वेणुगोपाल ने इसे ‘बिग ब्रदर निगरानी’ बताते हुए कहा कि बिना अनुमति के एक ऐसा ऐप लागू करना जिसे अनइंस्टॉल भी नहीं किया जा सकता, नागरिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के खिलाफ करार देते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की है।

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