CSK ने 19 साल के खिलाड़ी पर किया भारी खर्च, KKR में रिकॉर्ड शतक बनाने वाले खिलाड़ी पर नजर

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 आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में सबसे बड़ा सरप्राइज राजस्थान के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कार्तिक शर्मा रहे | सिर्फ 19 साल की उम्र के इस अनकैप्ड खिलाड़ी पर कई फ्रेंचाइजियों ने जोरदार बोली लगाई और अंत में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने उन्हें 14.20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम में अपनी टीम में जोड़ लिया. कार्तिक की बेस प्राइस सिर्फ 30 लाख रुपये थी, लेकिन बोली शुरू होते ही कीमत तेजी से ऊपर चढ़ती गई और करोड़ों के आंकड़े को पार कर गई. यह रकम इस मिनी ऑक्शन की सबसे महंगी खरीदारियों में से एक बन गई. सीएसके लंबे समय से इस खिलाड़ी पर नजर रखे हुए थी |

कार्तिक शर्मा की खुली किस्मत

पिछले साल कार्तिक ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के ट्रायल में हिस्सा लिया था, लेकिन बाद में वह चेन्नई सुपर किंग्स के प्री-सीजन कैंप में नजर आए थे. कैंप के दौरान एक समय चर्चा थी कि किसी खिलाड़ी की चोट के कारण रिप्लेसमेंट के तौर पर उन्हें टीम में शामिल किया जा सकता है, मगर ऑक्शन रजिस्ट्रेशन न होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका था. वहीं, इस बार उन्होंने कोलकाता नाईट राइडर्स के लिए भी ट्रायल दिया था. जहां उन्होंने लगभग 35 गेंदों पर शतक ठोककर सभी को हैरान कर दिया था. ऑक्शन में केकेआर भी उन्हें खरीदने की रेस में थी. लेकिन सीएसके बाजी मार ले गई |

कार्तिक शर्मा बड़े छक्के लगाने के लिए जाने जाते हैं. 2024-25 के सीजन में उन्होंने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था और तब उत्तराखंड के खिलाफ पहले ही मुकाबले में शतक लगाया था. विजय हजारे ट्रॉफी में भी डेब्यू मैच में उन्होंने शतक जड़ने का कारनामा किया था. वह हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का भी हिस्सा थे. लेकिन चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था |

12 टी20 मैचों में 28 छक्के

कार्तिक शर्मा ने अभी तक 12 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 30.36 की औसत से 334 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने सिर्फ 16 चौके लगाए हैं और 28 छक्के जड़े हैं. इसके अलावा वह 8 लिस्ट ए मैचों में 479 रन बना चुके हैं, जिसमें 3 शतक शामिल हैं. लिस्ट ए में भी उन्होंने 2 शतक की मदद से 445 रन बनाए हैं |

नेपाल द्वारा भारतीय नोटों पर बैन हटाने का फैसला

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काठमांडू। नेपाल सरकार ने 100 से ऊपर के उच्च मूल्य वर्ग के भारतीय करेंसी नोटों (जैसे 200 और 500 के नोट) पर लगा बैन हटाने की तैयारी कर ली है। भारत में नोटबंदी (500 और 1000 के नोट बंद) के तुरंत बाद, नेपाल ने सुरक्षा कारणों (नकली करेंसी की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा) का हवाला देकर 100 से ऊपर के भारतीय नोटों पर बैन लगा दिया था। नेपाल ने अब समझ लिया है कि भारत से दूरी अर्थव्यवस्था के लिए महंगी है और व्यावहारिक नीति लौटी है। नेपाल की पर्यटन अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर भारतीय यात्रियों पर टिकी हुई है (होटल, कैसीनो, तीर्थ यात्रा)। बैन से पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ था, क्योंकि भारतीय पर्यटक खुलकर खर्च नहीं कर पाते थे। प्रवासी कामगारों को अपनी कमाई को कम मूल्य वर्ग के नोटों में घर लाने के लिए मजबूर होना पड़ता था, जिससे चोरी का खतरा बढ़ जाता था। मुद्रा नियमों की जानकारी न होने के कारण कई भारतीय पर्यटकों को गिरफ्तारी और जुर्माने का सामना करना पड़ता था। नए नियम के बाद 200 और 500 जैसे बड़े मूल्य वर्ग के भारतीय नोट नेपाल में कानूनी तौर पर फिर से सर्कुलेशन में आ गए है। यह संशोधन भारतीय, नेपाली और भूटानी नागरिकों को भारत आने-जाने के दौरान उच्च मूल्यवर्ग के भारतीय नोट ले जाने की अनुमति देता है। इससे दोनों देशों के पर्यटकों और व्यापारियों को यात्रा करने या व्यापार करने में अत्यधिक सुविधा होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) इस संबंध में एक परिपत्र जारी करेगा, जब सरकार द्वारा यह निर्णय नेपाल राजपत्र में प्रकाशित हो जाएगा। इस फैसले को सिर्फ करेंसी का नहीं, बल्कि सत्ता, सियासत और भारत की बढ़ती ताकत का संकेत माना जा रहा है। नेपाल ने यह बात देर से सही, लेकिन समझ ली है कि पड़ोसी से लड़कर नहीं, पड़ोसी के साथ चलकर देश आगे बढ़ता है। यह कदम नेपाल की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

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महाराष्ट्र में बीजेपी के बड़े नेता फडणवीस हैं, वह जो कहेंगे वह फाइनल होगा: पवार

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पुणे। पुणे और पिंपरी चिंचवड़ नगर निकाय चुनाव में बीजेपी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में मुताबला होने जा रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस के ऐलान के बाद अब डिप्टी सीएम अजित पवार भी इसपर सहमति जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो कहा वो फाइनल है। महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगर निकायों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतों की गिनती 16 जनवरी को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को इसके शेड्यूल की जानकारी दी है। अजित पवार ने कहा कि अगर सीएम ने ऐसा कहा है, तो ध्यान से सोच समझकर कहा होगा। महाराष्ट्र में बीजेपी के सबसे बड़े नेता देवेंद्र फडणवीस हैं। वह जो भी कहेंगे, वो फाइनल होगा।
बता दें फडणवीस ने कहा था कि बीजेपी और शिवसेना आगामी नगर निकाय चुनावों में अधिकतर स्थानों पर एक साथ चुनाव लड़ेंगे और राकांपा समेत ‘महायुति’ के सहयोगी दलों के साथ अधिकतर स्थानों पर सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगमों में बीजेपी और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकंपा के बीच फ्रेंडली मुकाबला होगा। फडणवीस ने कहा कि ‘महायुति’ के सहयोगी दलों के बीच गठबंधन होगा, लेकिन अधिकतर शहरों में समझौता बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच होगा।
उन्होंने कहा कि पुणे में गठबंधन की संभावना नहीं है, जहां बीजेपी और अजित पवार नीत राकांपा प्रमुख दल हैं। राज्य चुनाव आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के मुताबिक इन नगर निकायों में कुल 2,869 सीट के लिए मतदान होगा, जिनमें बीएमसी की 227 सीट भी शामिल हैं। बीएमसी 2025-26 में 74,000 करोड़ रुपए से अधिक के बजट के साथ एशिया का सबसे बड़ा नगर निकाय है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र में फैले 29 नगर निकायों में 15 जनवरी को मतदान होगा और मतों की गिनती 16 जनवरी को होगी। उन्होंने कहा कि मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा और जो लोग शाम 5:30 बजे तक कतार में खड़े होंगे, उन्हें एक पर्ची दी जाएगी और उन्हें तय समयसीमा के बाद भी मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। उच्चतम न्यायालय ने सितंबर में एसईसी को 31 जनवरी तक नगर निकायों सहित स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

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भारत-जॉर्डन के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और मजबूती मिली, साझेदारी से होगा विस्तार 

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पीएम मोदी ने जॉर्डन यात्रा में तय सभी परिणामों की जानकारी की साझा 

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी की जॉर्डन यात्रा के दौरान भारत और जॉर्डन के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और मजबूती मिली है। इस यात्रा में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए, जो ऊर्जा, जल प्रबंधन, संस्कृति, विरासत संरक्षण और डिजिटल सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगी। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा- ये नतीजे भारत-जॉर्डन पार्टनरशिप का एक अहम विस्तार दिखाते हैं। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हमारा सहयोग स्वच्छ विकास, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु के प्रति जिम्मेदारी के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है। 
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का नवीनीकरण (2025–2029) दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को और गहरा करेगा। हमारे डिजिटल इनोवेशन को साझा करने से जॉर्डन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सपोर्ट मिलेगा और समावेशी शासन को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीएम मोदी की जॉर्डन यात्रा के दौरान तय हुए सभी परिणामों की जानकारी साझा करते हुए बताया था कि कुल पांच प्रमुख समझौते और सहमतियां अंतिम रूप दी गई हैं। 
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। भारत अपनी जनसंख्या स्तर पर लागू की गई सफल डिजिटल पहलों और समाधानों को जॉर्डन के साथ साझा करेगा। इससे जॉर्डन की डिजिटल परिवर्तन प्रक्रिया को समर्थन मिलेगा और समावेशी शासन को बढ़ावा मिलेगा।

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चिदंबरम ने की विधेयकों में बढ़ती हिंदी शब्दों की प्रवृत्ति की कड़ी आलोचना

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने विधेयकों के शीर्षकों में हिंदी शब्दों के इस्तेमाल की सरकार की ‘‘बढ़ती प्रवृत्ति’’ की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह बदलाव गैर-हिंदी भाषी लोगों के लिए ‘‘अपमानजनक’’ है। उन्होंने कहा कि गैर-हिंदी भाषी लोग ऐसे विधेयक व अधिनियमों को नहीं पहचान सकते जिनके शीर्षक हिंदी शब्दों में अंग्रेजी अक्षरों में लिखे गए हों और वे उनका उच्चारण भी नहीं कर सकते।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोमवार देर रात कहा कि संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों के शीर्षक में सरकार द्वारा हिंदी शब्दों को अंग्रेजी अक्षरों में लिखने के बढ़ते चलन का मैं विरोध करता हूं। चिदंबरम ने कहा कि अब तक यह प्रथा थी कि विधेयक के अंग्रेजी संस्करण में शीर्षक अंग्रेजी शब्दों में और हिंदी संस्करण में हिंदी शब्दों में लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि जब 75 साल से इस प्रथा में किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई तो सरकार को बदलाव क्यों करना चाहिए? उन्होंने कहा कि यह बदलाव गैर-हिंदी भाषी लोगों और उन राज्यों का अपमान है जिनकी आधिकारिक हिंदी के अलावा कोई अन्य है। चिदंबरम ने कहा कि सरकारों ने लगातार दोहराया है कि अंग्रेजी एक सहयोगी आधिकारिक बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि मुझे डर है कि यह वादा टूटने की कगार पर है।

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काव्या मारन नहीं खरीद पाईं रवि बिश्नोई, 7.2 करोड़ में खरीदी गई ये टीम

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 लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को आईपीएल 2026 की मिनी ऑक्शन में मोटी रकम हासिल हुई है. रवि बिश्नोई को 7.2 करोड़ में राजस्थान की टीम ने खरीदा है. दाएं हाथ का ये लेग स्पिनर पिछला सीजन लखनऊ सुपरजायंट्स की ओर से खेला था | उन्हें 11 मैचों में उन्हें 9 ही विकेट हासिल हुए थे और उनका इकॉनमी रेट 10.8 रहा था जिसके बाद उन्हें टीम ने रिलीज कर दिया लेकिन अब बिश्नोई पर राजस्थान रॉयल्स ने भरोसा दिखाया है |

काव्या मारन ने भी लगाई बोली

रवि बिश्नोई को खरीदने के लिए राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली | लेकिन5.8 करोड़ के बाद चेन्नई ने बिश्नोई का साथ छोड़ दिया और फिर हुई सनराइजर्स की एंट्री. काव्या मारन ने 7 करोड़ तक बिश्नोई पर दांव खेला लेकिन अंत में बाजी राजस्थान रॉयल्स ने मारी |

रवि बिश्नोई की खासियत

रवि बिश्नोई लेग स्पिनर हैं और अहम मौकों पर विकेट चटकाने का हुनर रखते हैं. वो अगर विकेट ना लें तो डॉट गेंदों से विरोधी टीमों पर प्रेशर बनाते हैं. इस खिलाड़ी का आईपीएल रिकॉर्ड इस बात की तस्दीक करता है | बिश्नोई ने 76 पारियों में 72 विकेट चटकाए हैं. उनका इकॉनमी रेट महज 8.2 रन प्रति ओवर है. बिश्नोई ने साल 2020 से आईपीएल में खेलना शुरू किया था और वो दो साल पंजाब और लगातार चार सालों तक लखनऊ सुपरजायंट्स का हिस्सा रहे |

रवि बिश्नोई का टी20 इंटरनेशनल करियर

रवि बिश्नोई का टी20 इंटरनेशनल करियर भी कमाल है. इस खिलाड़ी ने टी20 इंटरनेशनल में नंबर 1 रैंक तो हासिल की ही साथ ही उन्होंने 42 मैचों में 61 विकेट भी चटकाए. बिश्नोई का टी20 इंटरनेशनल में इकॉनमी रेट सिर्फ 7.35 है. वो बार मैच में चार विकेट हासिल कर चुके हैं |

रवि बिश्नोई के आईपीएल फैक्ट्स

रवि बिश्नोई को आईपीएल 2020 की नीलामी में पंजाब किंग्स ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था और बाद में वो अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने. बिश्नोई ने पहले दो आईपीएल सीजन में 12 विकेट हासिल किए थे और अपनी गुगली के दम पर उन्होंने अलग पहचान बनाई थी | फरवरी 2022 में उन्हें आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन की वजह से टीम इंडिया में डेब्यू का भी मौका मिला. लखनऊ ने उन्हें 4 करोड़ रुपये में साइन किया था. पहले ही सीजन में लखनऊ के लिए उन्होंने 13 विकेट हासिल किए और टीम प्लेऑफ तक भी पहुंची |

मानव तस्करी मामले में तीन एजेंटों की 5.41 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां जब्त

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नई दिल्ली। ईडी जालंधर जोन ने कुख्यात डंकी मार्ग से अमेरिका जाने वाले एक बड़े अवैध आव्रजन और मानव तस्करी रैकेट के संबंध में तीन एजेंटों की 5.41 करोड़ की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। ईडी के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जब्त की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, आवासीय और व्यावसायिक परिसर और आरोपी एजेंटों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक खाते शामिल हैं। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई शुभम शर्मा, जगजीत सिंह और सुरमुख सिंह नामक एजेंटों द्वारा अपराध से अर्जित आय से प्राप्त या उसके समकक्ष संपत्तियों के खिलाफ की गई है, जो लोगों को कानूनी प्रवास के झूठे वादे करके गुमराह करते हुए अवैध रूप से अमेरिका भेज रहे थे। तीनों हरियाणा के रहने वाले हैं और लंबे समय से डंकी रूट नेटवर्क में अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे। 
फरवरी 2025 में अमेरिकी सरकार द्वारा अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले 330 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किए जाने के बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस ने दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने अवैध आव्रजन और मानव तस्करी रैकेट की जांच शुरू की। ईडी की जांच में पता चला कि आरोपी एजेंट और उनके सहयोगी लोगों को अमेरिका में कानूनी रूप से प्रवेश दिलाने का लालच देकर उन्हें निशाना बनाते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे। हालांकि, कानूनी प्रवास के बजाय, उन्हें खतरनाक और अवैध रास्तों से ले जाया जाता था और अंत में उन्हें जबरन अमेरिका-मेक्सिको सीमा को गैरकानूनी रूप से पार कराया जाता था।
ईडी ने कहा कि यात्रा में पीड़ितों को यातना, जबरन वसूली, दबाव और यहां तक ​​कि अवैध कार्य करने के लिए मजबूर किया जाता था। इस तरह की धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के जरिए एकत्र की गई बड़ी रकम मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम के तहत अपराध की आय मानी जाती है। जांच के तहत, ईडी ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत 9 और 11 जुलाई को पंजाब और हरियाणा में 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरू आरोपियों के खिलाफ मामला और मजबूत हुआ। ईडी ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और जैसे-जैसे अधिक सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा रहा है, वैसे-वैसे अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

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‘बॉर्डर 2’ टीजर पर सनी देओल का भावुक अंदाज, आंखों में छलके आंसू

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लंबे वक्त से सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब उनका इंतजार खत्म हो चुका है क्योंकि फिल्म का टीजर रिलीज हो गया है  ‘बॉर्डर 2’ के मेकर्स ने फिल्म का टीजर विजय दिवस पर लोगों के बीच लाया गया है, जो कि फिल्म के लिए एक खास मौका है. टीजर का लॉन्च इवेंट किया गया, जिसमें सभी स्टार जीप से पहुंचे, इस दौरान लोगों की नजरें सनी देओल पर टिकी रही. वहीं स्टेज पर फिल्म का डायलॉग बोलते हुए उनकी आंखें आंसुओं से भर गई |

23 जनवरी, 2026 को अनुराग सिंह की डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘बॉर्डर 2‘ सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार है. फिल्म का टीजर रिलीज हो चुका है, जिसमें सभी एक्टर्स कमाल के लुक में नजर आ रहे हैं. साथ ही टीजर में सनी देओल की आवाज में जबरदस्त डायलॉग ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. ‘बॉर्डर 2’ के टीजर लॉन्च इवेंट में अहान शेट्टी, सनी देओल और वरुण धवन शामिल हुए. हालांकि, इस मौके पर सनी देओल काफी इमोशनल दिखे |

आंखों में आ गए आंसू

सनी देओल का एक वीडियो सामने आ रहा है, जिसमें वो टीजर में दिखाए गए डायलॉग को बोलते दिख रहे हैं. लेकिन, इस दौरान उनकी आंखें पूरी तरह से आंसुओं से भर गई है. डायलॉग की बात करें, तो वो कहते हैं, आवाज कहां तक जानी चाहिए, इस पर सभी का रिप्लाई आता है, जिसमें कहते हैं लाहौर तक. इवेंट के दौरान एक्टर के चेहरे पर एक उदासी भी देखी जा सकती है. सोशल मीडिया पर सनी देओल का ये वीडियो सर्कुलेट हो रहा है.

लोगों ने दी हिम्मत

कई यूजर्स ने उनके इस इमोशनल साइड को उनके पिता एक्टर धर्मेंद्र के निधन के साथ जोड़ा है. वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा है कि बहादुर बनो सनी देओल जी, ये विरासत आगे जानी चाहिए. धर्मेंद्र ने 24 नवंबर, 2025 को दुनिया से अलविदा कहा है, जिसके बाद सनी देओल पहली बार प्रॉपर तरीके से लोगों के बीच नजर आए हैं. ‘बॉर्डर 2’ के बारे में बात करें, तो इसमें उन्होंने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का किरदार निभाया है. फिल्म के पहले पार्ट में भी उन्होंने यही रोल अदा किया था |

मनरेगा का नाम बदलने पर बोलीं प्रियंका गांधी- महात्मा गांधी मेरे परिवार के सदस्य नहीं थे…

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नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में मनरेगा का नाम बदलने वाला बिल पेश हुआ है। अब इसका नाम वीबी-जी राम जी होगा और इस बिल को लेकर संसद में डिबेट शुरू हो गई है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विधेयक के जरिए केंद्र सरकार के अधिकारों को बढ़ाया जा रहा है, लेकिन उसकी फंडिंग कम हो रही है। उन्होंने कहा कि हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ में नहीं आती है। ऐसा जब भी होता है, तब सरकार को पैसे खर्च करने पड़ते हैं। कांग्रेस महासचिक प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इसमें मजदूरी के दिनों को 100 से 125 दिन करने की बात कही गई है, लेकिन मानदेय बढ़ाने पर कोई बात नहीं हुई है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने महात्मा गांधी का नाम योजना से हटाने का विरोध किया। इस दौरान भाजपा सदस्यों ने कुछ कहा, तब प्रियंका ने कहा कि महात्मा गांधी मेरे परिवार के सदस्य नहीं थे, लेकिन परिवार के मेंबर जैसे ही थे। इस बिल को लेकर सदन में कोई चर्चा नहीं हुई। इसलिए मेरी राय है कि पहले संसद में डिबेट हो और फिर जरूरी सुझावों को शामिल करते हुए नया विधेयक लाया जाए। यह विधेयक कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेश किया, जिस पर संसद में बहस हो रही है।
वहीं टीएमसी सांसद सौगत राय ने भी योजना के नामकरण को लेकर आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवान राम पूजनीय हैं, लेकिन महात्मा गांधी वर्तमान में ज्यादा प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि अब जो विधेयक में प्रावधान जोड़े गए हैं, उसके तहत राज्यों पर बोझ बढ़ेगा। इसकारण हम इस बिल का विरोध करते हैं। दरअसल विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक में अब स्कीम की फंडिंग का 40 फीसदी भार राज्य सरकारों पर होगा। इससे पहले यह आंकड़ा 10 फीसदी ही था। इससे इससे राज्यों पर बोझ बढ़ेगा। 
मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि चौहान को इसतरह के कृषि मंत्री के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दिया था। ऐसा करना गलत और अपमानजनक है। 

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दहेज एक सामाजिक अभिशाप………..हिंदू और इस्लाम दोनों में मौजूद 

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने दहेज की कुप्रथा को समाज का गंभीर अभिशाप करार देकर कहा कि यह कानूनी प्रतिबंध के बावजूद उपहार और सामाजिक अपेक्षाओं के रूप में छिपकर फल-फूल रही है, जिससे महिलाओं के साथ उत्पीड़न, क्रूरता और मौतें जुड़ी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2003 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें दहेज मौत के एक मामले में आरोपी पति अजमल बेग और उसकी मां जमीला बेग को बरी किया गया था। यह मामला 20 वर्षीय नसरीन की जलकर हुई मौत से जुड़ा था, जिनकी शादी के एक साल बाद मृत्यु हो गई थी। ट्रायल कोर्ट ने ससुराल वालों की कलर टीवी, बाइक और 15,000 नकद की मांग को साबित माना था। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की सजा को बहाल कर दिया, जिसमें दोनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 304बी (दहेज मौत), 498ए (क्रूरता) और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की उस दलील को खारिज कर दिया कि गरीबी के कारण दहेज की मांग अविश्वसनीय है, इस तर्कसंगत नहीं बताया।
वहीं मामले में दोषी पति अजमल बेग को चार सप्ताह के अंदर आत्मसमर्पण कर ट्रायल कोर्ट की सजा भुगतने का निर्देश दिया गया। 94 वर्षीय मां जमीला बेग को मानवीय आधार पर जेल नहीं भेजने का फैसला किया गया, क्योंकि उनकी उम्र को देखते हुए कारावास का कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता।
सुप्रीम कोर्ट की गंभीर टिप्पणियाँ
यह प्रथा संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों, खासकर अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) के विपरीत है। दहेज महिलाओं को वित्तीय शोषण का साधन बनाता है और संरचनात्मक भेदभाव को बढ़ावा देता है। स्वैच्छिक उपहार की प्रथा अब दूल्हे की कीमत तय करने का माध्यम बन गई है, जिससे समाज में महिलाओं का अवमूल्यन होता है।
इस्लाम में भी दहेज: मेहर का खोखला होना
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दहेज केवल हिंदू समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी धर्मों और समुदायों में फैला हुआ है। इस्लामी कानून में मेहर (दूल्हे से दुल्हन को अनिवार्य उपहार) की व्यवस्था होने के बावजूद, सामाजिक प्रथाओं के कारण नाममात्र का मेहर रखकर दहेज लिया जाता है, जिससे मेहर का सुरक्षा उद्देश्य खोखला हो जाता है। इससे भी महिलाओं में उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और दहेज मौतें जुड़ी हैं। दहेज संबंधी उत्पीड़न और मौतों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों, अदालतों और अधिकारियों को निम्नलिखित व्यापक निर्देश जारी किए है। सुप्रीम कोर्ट ने दहेज की समस्या से निपटने के लिए शिक्षा पाठयक्रम में समानता के संवैधानिक मूल्यों को शामिल करने पर विचार किया जाए। इतना ही नहीं डीपीओ की उचित नियुक्ति, सशक्तिकरण और सार्वजनिक दृश्यता सुनिश्चित की जाए। पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को दहेज मामलों के सामाजिक-मनोवैज्ञानिक आयामों की समझ और वास्तविक मामलों को दुरुपयोग से अलग करने के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। हाईकोर्ट्स धारा 304बी और 498ए के लंबित मामलों का जायजा लें और उनका शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण औपचारिक शिक्षा से बाहर की आबादी के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।

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