अक्षय कुमार ने 15 साल बाद उसी डायरेक्टर से मिलाया हाथ, जिसने दी थीं सुपरहिट फिल्में

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अक्षय कुमार बॉलीवुड के उन कलाकारों में से हैं, जिनकी कई फिल्में ऐसी हैं जिसे कई बार देखा जा सकता है. हालांकि, एक्टर की कुछ फिल्ममेकर के साथ ऐसी जोड़ी है, जिसकी साथ में फिल्म के बारे में सुनते ही फैंस काफी एक्साइटेड हो जाते हैं |इन्हीं में एक नाम अनीस बज्मी का, जो अक्षय कुमार के साथ कई कमाल की फिल्में बना चुके हैं. दोनों ने पिछली बार साथ में 15 साल पहले काम किया था, लेकिन अब दोनों फिल्म के लिए फिर से हाथ मिलाने जा रहे हैं |

साल 2011 में अक्षय कुमार की फिल्म ‘थैंक यू’ आई थी, इस फिल्म को लोगों ने खूब पसंद किया था. अनीस बज्मी की डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को आज भी लोग देखना पसंद करते हैं. हालांकि, इस जोड़ी ने इसके बाद साथ में काम नहीं. लेकिन, अब डायरेक्टर ने अपने नए प्रोजेक्ट के बारे में चर्चा छेड़ दी है. ये खबर काफी लंबे समय से सामने आ रही थी, लेकिन अब अनीस बज्मी ने खुद ही मीडिया आउटलेट से बातचीत के दौरान इसे कंफर्म कर दिया है |

अभी स्क्रिप्ट पर चल रहा है काम

डायरेक्टर ने बताया है कि उनकी आने वाली फिल्म एक कॉमेडी जॉनर की मूवी होगी, जिसकी स्क्रिप्ट वो अभी लिख रहे हैं. हालांकि, स्क्रिप्ट का काम लगभग पूरा हो चुका है. अनीस बज्मी ने कहा कि अगर सारा कुछ उनके प्लान के मुताबिक चलता रहा तो जल्द ही वो फिल्म की शूटिंग शुरू कर देंगे. इस अपकमिंग फिल्म का टाइटल अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बताया जा रहा है कि ये तेलुगु एक्शन कॉमेडी ‘संक्रांतिकी वस्तुनम’ का रीमेक होगी |

अक्षय के साथ रिश्ते पर की बात

फिल्म के बारे में अनीस बज्मी ने ज्यादा डीटेल शेयर नहीं की, लेकिन इस बातचीत के बीच उन्होंने अक्षय कुमार से अपने रिश्ते को लेकर भी बात की है. उन्होंने बताया कि जब वो फिल्म के बारे में अक्षय को बता रहे थे, तो एक्टर काफी खुश हुए थे. डायरेक्टर ने खुलासा किया कि इतने सालों से दोनों ने साथ में काम नहीं किया है, लेकिन दोनों इस दौरान हमेशा कॉन्टैक्ट में रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे बीच हमेशा प्यार और सम्मान बरकरार है. अनीस और अक्षय ने ‘थैंक यू’, ‘वेलकम’ और ‘सिंह इज किंग’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है |

नीतीश पर गुस्से से लाल हुई जायरा वसीम……….सत्ता आपको इस बात की परमिशन नहीं देती 

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मुंबई। फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना चुकी जायरा वसीम सोशल मीडिया पर भी कम सक्रिय रहती हैं। हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ उनका नया ट्वीट वायरल है। जायरा का गुस्सा उस पटना के इवेंट वाली घटना पर है जिसमें नीतीश ने मंच पर एक महिला का हिजाब खींच दिया। जायरा ने नीतीश कुमार से माफी की मांग कर कहा है कि किसी महिला की मर्यादा को खिलौना नहीं समझा जाना चाहिए।
जायरा वसीम ने मामले को लेकर ट्वीट किया है, एक महिला की गरिमा और मर्यादा खिलवाड़ करने की चीज नहीं है, खासकर सार्वजनिक मंच पर कतई नहीं। एक मुस्लिम महिला होने के नाते, किसी दूसरी महिला के नकाब को इतनी लापरवाही से खींचे जाते देखना और उसके साथ बेपरवाह मुस्कान को देखना, बेहद गुस्सा दिलाने वाला था। सत्ता आपको इस बात की परमिशन नहीं देती कि आप सीमा का उल्लंघन कर दें। नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त के माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल पटना में मुख्यमंत्री नीतीश एक नई रिक्रूट हुई आयुष डॉक्टर को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। महिला हिजाब लगाकर उनके सामने पहुंची थी। नीतीश ने सबके सामने स्टेज पर उस डॉक्टर का हिजाब खींच दिया। यह कार्यक्रम सीएम के सेक्रेटेरिएट में था। यहां 1000 आयुष डॉक्टरों को आवेदन पत्र दिए जा रहे थे। घटना का वीडियो काफी वायरल है। वीडियो में दिख रहा है कि जब नुसरत परवीन काम की डॉक्टर की बारी आती है तो वह चेहरे पर हिजाब लगाकर पहुंचती हैं। इस पर सीएम गुस्से में बोलते हैं, ये क्या है? इसके बाद वह नुसरत का हिजाब खींच देते हैं। 

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सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी, लेकिन ग्रीन को झेलना पड़ा 7.2 करोड़ का झटका

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ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन पर आईपीएल 2026 ऑक्शन में छप्परफाड़ पैसा बरसा है. इस खिलाड़ी को खरीदने के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली लेकिन अंत में बाजी केकेआर ने मारी | कोलकाता नाइट राइडर्स ने ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी को 25.20 करोड़ में खरीदा. इतनी बड़ी रकम हासिल करते ही कैमरन ग्रीन ने आईपीएल का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है ” वो आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं. इससे पहले ये रिकॉर्ड मिचेल स्टार्क के नाम था, जिन्हें केकेआर ने ही 24.75 करोड़ में खरीदा था | हालांकि कैमरन ग्रीन को इतनी बड़ी रकम हासिल करने के बावजूद 7 करोड़ 20 लाख का नुकसान भी हो गया है |

कैमरन ग्रीन को तो नुकसान हो गया

कैमरन ग्रीन को केकेआर ने खरीदा तो 25.2 करोड़ में लेकिन इस खिलाड़ी को 7 करोड़ 20 लाख का नुकसान हो गया है. ग्रीन को बीसीसीआई के एक रूल की वजह से ये नुकसान झेलना पड़ेगा. दरअसल बीसीसीआई ने ऑक्शन के लिए रूल बनाया है कि किसी भी विदेशी खिलाड़ी को 18 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम नहीं मिलेगी. उससे ऊपर जो भी पैसा उन्हें मिलेगा वो बीसीसीआई के पास जाएगी और वो रकम खिलाड़ियों के वेलफेयर में खर्च होगी |

कैमरन ग्रीन पर लगाया इन टीमों ने दांव

कैमरन ग्रीन पर दांव लगाने के लिए सबसे पहले मुंबई इंडियंस ने पैडल उठाया. इसके बाद राजस्थान रॉयल्स और केकेआर के बीच जंग का आगाज हुआ. 13.4 करोड़ का दांव लगाने के बाद राजस्थान इस रेस से बाहर हो गई. केकेआर से लोहा लेने चेन्नई सुपरकिंग्स आई और उसने 25 करोड़ तक कैमरन ग्रीन का पीछा किया लेकिन अंत में केकेआर ने 25.2 करोड़ में बाजी मार ली |

आईपीएल में दो ही खिलाड़ी ग्रीन से महंगे

आईपीएल इतिहास में सिर्फ ऋषभ पंत औरश्रेयस अय्यर ही कैमरन ग्रीन से महंगे खिलाड़ी हैं. पंत को लखनऊ ने 27 करोड़ में खरीदा था, जबकि श्रेयस अय्यर को पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ में अपनी टीम में शामिल किया था |

हीटर से आग लगने के कारण नानी और नाती की मौत 

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रांची । झारखंड के धनबाद के सरायढेला अंतर्गत विकास नगर में एक घर में देर रात हीटर से आग लगने के कारण नानी और उनके 18 वर्षीय नाती की मौत हो गई। घटना विकास नगर, सरायढेला थाना क्षेत्र, धनबाद में सोमवार-मंगलवार की देर रात को हुई। मृतक में 62 वर्षीय चिंता मणि देवी (नानी) और 18 वर्षीय गोलू (नाती) शामिल है। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
ठंड से बचाव के लिए जलाए गए हीटर पर कंबल गिर गया, जिससे आग भड़की और पूरे कमरे में धुआं व आग फैल गई। घटना में चिंता मणि देवी की मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में नाती गोलू भी गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी भी मौत हो गई। मोहल्ला संकरा होने के कारण बड़ी दमकल गाड़ी अंदर प्रवेश नहीं कर सकी। छोटी गाड़ी मंगाई गई। घर का निचला हिस्सा अंदर से बंद होने के कारण भी कर्मियों को भीतर जाने में परेशानी हुई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना दिखाती हैं कि ठंड से बचने के लिए उपयोग किए जाने वाले हीटर के उपयोग में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है।

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क्रिसमस से पहले सूरत में बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़

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सूरत| क्रिसमस से ठीक पहले सूरत जिला पुलिस ने एक ऐसे बड़े धर्मांतरण घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसने शिक्षा जगत और प्रशासनिक तंत्र में भूचाल ला दिया है। समाज को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर होती है, वही सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक आदिवासी इलाकों में ट्रस्ट बनाकर अवैध धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहे थे। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2014 में ‘द प्रे फॉर एवर लास्टिंग लाइफ चैरिटेबल ट्रस्ट’ की स्थापना की गई थी। इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य आदिवासी भाई-बहनों को लालच देकर या भ्रमित कर ईसाई धर्म में परिवर्तित करना था। इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार रामजी दुबलभाई चौधरी है, जो स्वयं एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत है। 
चौंकाने वाली बात यह है कि 11 सदस्यों वाले इस ट्रस्ट में 3 सरकारी शिक्षा अधिकारी और 6 पास्टर शामिल थे। इस पूरे नेटवर्क में सबसे हैरान करने वाली भूमिका रामजी चौधरी के पुत्र अंकित चौधरी की थी, जो बीएचएमएस डॉक्टर है। अंकित अवैध रूप से एलोपैथी चिकित्सा कर रहा था। वह गरीब आदिवासी मरीजों को मुफ्त इलाज के बहाने फंसाता था। पुलिस ने उसके पास से रु. 56,000 की कीमत की संदिग्ध दवाइयों का जखीरा जब्त किया है, जिसमें हानिकारक स्टेरॉयड और भारी मात्रा में पेनकिलर इंजेक्शन पाए गए। वह इन दवाओं से मरीजों को तात्कालिक राहत देता और मरीज के ठीक होते ही कहता कि “आपको दवा से नहीं, बल्कि प्रभु यीशु की कृपा से आराम मिला है।” इसके बाद धर्मांतरण की अंतिम प्रक्रिया के लिए मरीजों को अपने पिता रामजी चौधरी के पास भेज दिया जाता था।
सूरत जिला पुलिस के मताबिक इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली बेहद संगठित थी। किसी भी धर्मांतरण या प्रार्थना सभा में शामिल लोगों को मोबाइल फोन लाने की सख्त मनाही थी, ताकि कोई वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग न हो और पुलिस को सबूत न मिल सके। इसके अलावा, प्रिंसिपल ने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना पूर्व सरकारी अनुमति के ही ट्रस्ट की शुरुआत कर दी थी। 2014 से सक्रिय होने के बावजूद ट्रस्ट का एक बार भी ऑडिट नहीं हुआ, जिससे वित्तीय लेन-देन संदेह के घेरे में है। सूरत ग्रामीण पुलिस ने चैरिटी कमिश्नर से रिपोर्ट मंगवाई है और ट्रस्ट के आर्थिक व्यवहार की जांच शुरू कर दी है। शिक्षा की आड़ में चल रहे इस धर्मांतरण के खेल से आदिवासी संगठनों में भारी आक्रोश है|

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नेशनल हेराल्ड केस में राहुल-सोनिया गांधी को बड़ी राहत, कोर्ट का अहम फैसला

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National Herald Case : में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस स्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता। अदालत के मुताबिक, ईडी का पूरा मामला सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर निजी शिकायत और मजिस्ट्रेट के समन आदेशों पर आधारित है, न कि किसी एफआईआर पर। इसी आधार पर कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया।

हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि ईडी इस मामले में आगे की जांच जारी रख सकती है। साथ ही अदालत ने कहा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपी एफआईआर की प्रतिलिपि पाने के हकदार नहीं हैं। यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज नई एफआईआर से जुड़ी कार्यवाही के दौरान की गई।

National Herald Case में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा समेत कुल पांच व्यक्तियों और दो कंपनियों को आरोपी बनाया था। कांग्रेस पार्टी ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया था। वहीं, ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जीवाड़ा गंभीर अपराध हैं और जांच में अहम सबूत सामने आए हैं।

अदालत के फैसले को लेकर कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे महत्वपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला शुरू से ही निराधार था, जिसमें न तो धन का हस्तांतरण हुआ और न ही किसी संपत्ति का लेन-देन। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का सवाल ही नहीं उठता। सिंघवी के मुताबिक, कोर्ट का यह फैसला साबित करता है कि National Herald Case को बेवजह उच्च स्तर तक ले जाया गया।

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की भक्ति भरी मुलाकात, प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

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बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और उनके पति विराट कोहली फिर से प्रेमानंद जी महाराज से मिलने पहुंचे हैं |अनुष्का और विराट कई बार प्रेमानंद जी के दर्शन के लिए आते रहते हैं, दोनों की मुलाकात की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस दौरान अनुष्का और विराट, महाराज जी से मिलने के लिए जमीन पर हाथ जोड़कर बैठे दिख रहे हैं. दोनों ने प्रेमानंद जी से भगवान से जुड़ाव के बारे में बात सुनी |

अक्सर अनुष्का शर्मा और विराट कोहली वृंदावन के प्रसिद्ध बाबा प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन को जाते हैं | हाल ही में दोनों ने महाराज जी से फिर से मुलाकात की है. दोनों ही इस दौरान बेहद सादगी के साथ दिखे हैं | अनुष्का ने इस दौरान गले में तुलसी की माला पहनी हुई थी. हालांकि, अनुष्का के चेहरे से साफ नजर आ रहा था कि वो काफी इमोशनल हैं |

दरबार में लगाई हाजिरी

काफी लंबे समय के बाद अनुष्का भारत में दिखी हैं, जिसके बाद से अंदाजा लगाया जा रहा था कि एक्ट्रेस फेमस फुटबॉलर लियोनल मेसी से मुलाकात के लिए आई हैं |लेकिन, बाद में पता चला कि अनुष्का और विराट हर साल की तरह इस साल की सर्दियों में प्रेमानंद जी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने और उनका आशीर्वाद लेने आए हैं |

हम आपके हैं महाराज जी

इस दौरान प्रेमानंद जी महाराज ने दोनों को भगवान से जुड़े रहने के बारे में बताया. उनकी बातें सुनने के दौरान अनुष्का की आंखों में आंसू देखे जा सकते हैं | महाराज जी की बात खत्म होने के बाद अनुष्का ने उनका आशीर्वाद लेते हुए मुस्कुराकर कहा कि आप हमारे हैं महाराज जी और हम आपके हैं. हालांकि, महाराज जी ने कहा कि हम सभी ईश्वर के हैं. ये बात सुनने के बाद कपल ने उनकी सभा से विदा ले लिया |

भाजपा ने बैजयंत पांडा और पीयूष गोयल को विधानसभा चुनाव प्रभारी नियुक्त किया

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नई दिल्ली । भाजपा (BJP) ने बैजयंत पांडा और पीयूष गोयल (Baijayant Panda and Piyush Goyal) को विधानसभा चुनाव प्रभारी नियुक्त किया (Appointed as Assembly Election In-charges) ।

पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा को असम का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को तमिलनाडु विधानसभा चुनावों का प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के इस फैसले को दोनों राज्यों में पार्टी की चुनावी रणनीति को धार देने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं की अगुवाई में चुनावी अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। बैजयंत पांडा एक अनुभवी नेता माने जाते हैं और संगठनात्मक मामलों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। इससे पहले भी वह पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। बैजयंत पांडा की भूमिका राज्य संगठन, चुनावी रणनीति, प्रचार अभियान और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय स्थापित करने की होगी। वहीं, सुनील कुमार शर्मा और दर्शना बेन जरदोश को चुनाव सह-प्रभारी बनाया गया है।

दूसरी ओर तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। तमिलनाडु भाजपा के लिए एक चुनौतीपूर्ण राज्य माना जाता है, जहां पार्टी लगातार अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पीयूष गोयल की नियुक्ति को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। तमिलनाडु में उनकी जिम्मेदारी पार्टी संगठन को मजबूत करना, सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाना, चुनावी एजेंडा तय करना और राज्य की राजनीति के अनुरूप रणनीति तैयार करना होगा, वहीं अर्जुन राम मेघवाल और मुरलीधर मोहोल को तमिलनाडु के चुनाव सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बैजयंत पांडा और पीयूष गोयल जैसे नेताओं की तैनाती से चुनावी प्रबंधन, संगठनात्मक समन्वय और प्रचार अभियान को नई दिशा मिलेगी। असम में सत्ता को बरकरार रखना और तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है।

हिजाब खींचने वाली हरकत को बताया ‘शर्मनाक’, सरेआम माफी की मांग

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CM Nitish Kumar Hijab Removing controversy: पूर्व बॉलीवुड एक्ट्रेस जायरा वसीम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए CM नीतीश कुमार से माफी की मांग की है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह स्टेज पर एक महिला को नियुक्ति पत्र देते नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने महिला का हिजाब खींच दिया.

मुंबई का रहमान डकैत कौन ? महायुति तो धुरंधर गठबंधन; शिंदे का उद्धव पर निशाना

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मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने फिल्म धुरंधर के पात्र का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुंबई के खजाने को लूटने वाले रहमान डकैत को धुरंधर महायुति गठबंधन की ओर से उचित जवाब दिया जाएगा। यह ताजा हमला नगर निगमों के चुनाव से ठीक पहले हुआ है जिसके तहत बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के लिए भी चुनाव होना है। राज्य विधानमंडल में पिछले सप्ताह के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, शिंदे ने विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की कम उपस्थिति को लेकर उन पर निशाना साधने के लिए शायरी और व्यंग्य का इस्तेमाल किया। उसे उन्होंने हिंदुत्व विचारधारा के साथ विश्वासघात करार दिया था।

अविभाजित शिवसेना के बीएमसी में लंबे समय सत्ता में रहने की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुए शिंदे ने कहा, ‘यह रहमान डकैत कौन है जिसने मुंबई के खजाने को लूटा? मैं निजी हमले नहीं करता, लेकिन ऐसे कई रहमान डकैत आए और चले गए। यह धुरंधर महायुति उन्हें करारा जवाब देगा। अभी की महायुति तो बस ट्रेलर है- असली पिक्चर अभी बाकी है।’ महायुति में भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। महायुति सरकार की कल्याणकारी पहलों को गिनाते हुए शिंदे ने सीबीएसई सिलेबस में छत्रपति शिवाजी महाराज पर 21 पन्नों का पाठ शामिल करने के लिए शिक्षा मंत्री की प्रशंसा की।
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर जमकर साधा निशाना

 

उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के बारे में बुरा बोलने से किसी का चरित्र अच्छा नहीं होता। शिंदे ने शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की हिंदुत्व विरासत का उल्लेख करते हुए कहा, ‘जो व्यक्ति सत्ता के लिए विश्वास और विचारधारा का सौदा करता है, वह सच्चा उत्तराधिकारी नहीं हो सकता।’ ठाकरे के हाल ही में उपमुख्यमंत्री पद की संवैधानिकता पर सवाल उठाने पर शिंदे ने कहा, ‘जब मैं मुख्यमंत्री बना तो आपने मुझे गैर-संवैधानिक कहा और मुझे हटाना चाहा। अब आप मुझे उप मुख्यमंत्री के पद से हटाना चाहते हैं।’ सरकारी योजनाओं को पांसा पलटने वाला बताते हुए शिंदे ने कहा कि महायुति आने वाले नगर निगम चुनाव जीतेगी और साबित करेगी कि सहयोगी असली धुरंधर हैं।

 

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