नई दिल्ली । दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की समस्या के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने गुरुवार को वायु और जल प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शीला दीक्षित सरकार के समय से ही 2009 के बाद से दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा था और नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने में विफलता के चलते यमुना नदी तो 2009 से पहले ही एक गंदे नाले में बदल गयी थी। उन्होंने कहा कि 2007-09 के बीच राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर दिल्ली में अंधाधुंध निर्माण की अनुमति दी गयी
Shyam Textile India is expanding its reputation as a premium carpet exporter, delivering well-crafted floor coverings to diverse markets. Each carpet reflects a balance of modern design and traditional Panipat craftsmanship. The company focuses on export-quality materials, proper finishing, and consistent production. With growing international demand, Shyam Textile continues to strengthen its export operations, offering reliable supply, competitive pricing, and high-quality carpets that meet global expectations.
Panipat, Haryana: Shyam Textile Panipat is steadily establishing itself as one of India’s leading textile manufacturers and exporters, delivering premium-quality home textiles and floor coverings to domestic and international markets. Founded in 2023, the company represents a new generation of textile enterprises that blend Panipat’s rich manufacturing heritage with modern design sensibilities and global quality standards.
Recognized among the top textile exporters in Panipat, Shyam Textile specializes in a wide product range including carpets, bedsheets, towels, bathmats, doormats, quilts, curtains, cushion covers, and other home furnishing essentials. With a curated catalog of more than 200 premium products, the brand focuses on comfort, durability, and aesthetic excellence tailored to modern lifestyles across the world.
As a premium luxury product manufacturer in Panipat, Shyam Textile has gained strong market trust for its consistency and scale. The company has completed over 5,000 orders in a single month, positioning itself as one of the fastest-growing carpet manufacturers in the region. Its carpets, rugs, mats, and wall-to-wall floor coverings are widely used in homes, hotels, offices, and commercial spaces, serving retailers, distributors, and bulk buyers across India.
Shyam Textile is also known for its new-generation home textile combos, offering thoughtfully designed sets of modern bedsheets, towels, and bath essentials. These collections aim to simplify home décor while maintaining high international standards of quality. By combining traditional craftsmanship with innovative designs, the company ensures products that are elegant, functional, and long-lasting.
With a customer base of over 17,000 satisfied buyers, Shyam Textile continues to strengthen its reputation as a trusted hub for affordable luxury. Its state-of-the-art manufacturing unit in Panipat ensures timely delivery, competitive pricing, and consistent quality, making it a preferred choice in the textile and carpet industry.
As Panipat continues to be India’s textile capital, Shyam Textile stands out as a brand redefining premium home textiles and floor coverings with reliability, scale, and modern appeal.
मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में 29 महानगरपालिका (Municipal Corporation) में हो रहे चुनाव (Election) में रामदास आठवले (Ramdas Athawale) की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया ने महायुति गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी मांगी है। आठवले की पार्टी ने मुंबई में 25 सीटों की डिमांड रखी है। वहीं अन्य महानगरपालिका में 7 से 10 सीटों की मांग रखी है। पार्टी ने कहा कि उन्हें गठबंधन में सम्मानजनक हिस्सेदारी दी जाए।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के नेताओं का मानना है कि एनडीए में एक महत्वपूर्ण घटक पक्ष के रूप में उनकी भूमिका है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले केंद्र में मंत्री पद पर कार्य कर रहे हैं। इसीलिए उन्हें सम्मानजनक तरीके से चुनाव में हिस्सेदारी मिले। महानगर पालिका के स्तर पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के पदाधिकारी भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी से मिल रहे हैं एवं उन्हें सम्मानजनक हिस्सा देने की मांग उनसे कर रहे हैं। प्रत्येक महानगर पालिकाओं में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया 7 से 10 सीट मांग रही है, वहीं मुंबई में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने 25 सीटों की डिमांड भेजी है।
नई दिल्ली। देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल (Indian Railways) ने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने दुनिया की बड़ी रेल ताकतों को भी पीछे छोड़ दिया है। भारतीय रेल ने अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क (Broad Gauge Network) का 99.2 फीसदी हिस्सा बिजली (Electrified) से चलने वाला बना दिया है। इसका मतलब है कि अब ज्यादातर ट्रेनें डीजल (Diesel) की बजाय बिजली से चलेंगी।
यह सिर्फ तकनीक की बड़ी सफलता नहीं है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी बड़ा फायदा होगा और ईंधन की भी बचत होगी। सबसे खास बात यह है कि इस मामले में भारत अब ब्रिटेन, रूस और चीन जैसे बड़े देशों से भी आगे निकल गया है। जहां इन देशों में रेलवे नेटवर्क का बड़ा हिस्सा अभी भी पूरी तरह इलेक्ट्रिक नहीं है, वहीं भारत लगभग 100 फीसदी के लक्ष्य के बहुत करीब पहुंच चुका है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय रेल तेजी से आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बन रही है।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, जहां ब्रिटेन में सिर्फ 39 फीसदी, रूस में 52 फीसदी और चीन में 82 फीसदी रेलवे नेटवर्क ही इलेक्ट्रिफाइड है, वहीं भारत लगभग 100 फीसदी के टारगेट तक पहुंच चुका है। यह बदलाव बीते एक दशक में बेहद तेज रफ्तार से हुआ है। वर्ष 2014 से 2025 के बीच 46,900 रूट किलोमीटर रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण किया गया, जो पिछले 60 वर्षों में हुए कुल विद्युतीकरण से दोगुना से भी ज्यादा है।
आज देश के 14 रेलवे जोन पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड हो चुके हैं, जिनमें सेंट्रल, ईस्टर्न, नॉर्दर्न और वेस्टर्न रेलवे जैसे बड़े जोन शामिल हैं। इसके साथ ही 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 100 फीसदी विद्युतीकरण पूरा कर चुके हैं। उत्तर-पूर्वी भारत के अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम में भी पूरा नेटवर्क इलेक्ट्रिक हो चुका है, जबकि असम 92 फीसदी के साथ अंतिम चरण में है।
इस उपलब्धि का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को मिलने वाला है। आंकड़ों के अनुसार, रेल परिवहन सड़क परिवहन की तुलना में करीब 89 फीसदी कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन करता है। जहां सड़क मार्ग से एक टन माल को एक किलोमीटर ले जाने पर 101 ग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड निकलती है, वहीं रेल से यही उत्सर्जन सिर्फ 11.5 ग्राम है। यही वजह है कि भारतीय रेल को हरित परिवहन की रीढ़ माना जा रहा है। भारतीय रेल अब सिर्फ इलेक्ट्रिफिकेशन तक सीमित नहीं है। देशभर के 2,626 रेलवे स्टेशनों पर 898 मेगावाट सोलर पावर भी शुरू की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय रेल को नेट-जीरो कार्बन एमिटर बनाया जाए।
नई दिल्ली: 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा (Lok Sabha) में भारी विरोध के बीच जी राम जी बिल (G Ram G Bill) पास हो गया. विपक्ष ने बिल पास होने पर जमकर हंगामा किया और बिल के कागज फाड़कर फेंक दिए. सदन का माहौल इतना बिगड़ गया कि कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh) ने लोकसभा में जवाब दिया. इस दौरान विपक्ष बिल के विरोध में नारेबाजी करता रहा. विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और कागज फेंके.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘हम किसी से भेदभाव नहीं करते, बापू हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं. पूरा देश हमारे लिए एक है. देश हमारे लिए केवल जमीन का टुकड़ा नहीं है. हमारे विचार संकीर्ण और संकुचित नहीं है.’
कांग्रेस के सांसद केजी वेणुगोपाल ने स्पीकर से कहा कि इस बिल को किसी स्थायी समिति या संयुक्त संसदीय समिति को भेजा जाए. हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए अनुरोध अस्वीकार कर दिया कि इस विधेयक पर 14 घंटे से अधिक समय तक बहस हो चुकी है. इस बीच, विपक्ष के नारेबाजी शुरू करने पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बहस जारी रखने की मांग की.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, ‘कितनी योजनाओ का नाम नेहरू परिवार पर रखा गया. राजीव जी के नाम पर 55 राज्य सरकार की योजनाओं के नाम रखे गए. 74 सड़कों के नाम राजीव पर, 15 नेशनल पार्क नेहरू जी के नाम पर रखे गए. नाम रखने की सनक कांग्रेस की है.’
नई दिल्ली। विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी- जी राम जी बिल लोकसभा में गुरुवार को पारित हो गया है। ये बिल यूपीए दौर की मनरेगा योजना की जगह लेगा। इस बिल पर आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह बहुत बड़ा विश्वासघात है और मैं सरकार को आगाह करना चाहता हूं कि जैसे आपने तीनों किसानों के काले कानूनों को वापस लिया वैसे ही आपको इस बिल को भी वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि देश भर में इसके ख़िलाफ़ आंदोलन होगा। इस बिल के नाम के पीछे आप अपना गुनाह छिपाना चाहते हैं। मनरेगा और केंद्र सरकार के नए अधिनियम में नाम के अलावा भी कई बदलाव किए गए हैं और विपक्षी दल सरकार के इस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं।
हॉलीवुड की पॉपुलर वेब सीरीज ‘एमिली इन पेरिस’ दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुई है. वहीं इसने भारतीय दर्शकों को भी अपना दीवाना बनाया है. तभी तो इसके चार सीजन सफल होने के बाद अब इसके पांचवें सीजन ने भी दस्तक दे दी है, जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार था. लिली कॉलिन्स स्टारर एमिली इन पेरिस के पांचवें सीजन ने कब और कहां दस्तक दी है? चलिए इस पर एक नजर डालते हैं |
बता दें कि मेकर्स ने एमिली इन पेरिस के सीजन 5 का ऐलान सितंबर 2024 में ही कर दिया था और उस ऐलान के लगभग 15 महीने बाद इसका नया सीजन शुरू हो चुका है. ये नेटफ्लिक्स की एक मशहूर वेब सीरीज है. नेटफ्लिक्स ने बताया था कि इसके अपकमिंग एपिसोड पेरिस और इटली के बीच बंटे होंगे. हालांकि कहानी का सेंटर पॉइंट पेरिस ही होगा. जबकि कहानी में रोम को भी दिखाया जाएगा |
भारत में शुरू हुई ‘एमिली इन पेरिस सीजन 5’ की स्ट्रीमिंग
अमेरिका में एमिली इन पेरिस के पांचवें सीजन की स्ट्रीमिंग 18 दिसंबर को रात 3 बजे से शुरू हो गई थी. वहीं भारतीय फैंस भी इसका लुत्फ 18 दिसंबर से ले रहे हैं. भारत में इसकी स्ट्रीमिंग गुरुवार को दोपहर डेढ़ बजे से शुरू हो गई है. लिली कॉलिन्स एक बार फिर से एमिली कूपर के किरदार में नजर आ रही हैं |
एक ही दिन उपलब्ध होंगे सारे एपिसोड
नेटफ्लिक्स ने इस बार एमिली इन पेरिस के नए सीजन के लिए फैंस को नया सरप्राइज दिया है. अब तक इसके हर सीजन के लिए फैंस को दूसरे पार्ट का भी इंतजार करना पड़ता था. हालांकि इस बार मेकर्स ने ऐसा कुछ नहीं किया है. नए सीजन के सभी 10 एपिसोड नेटफ्लिक्स एक ही दिन में उपलब्ध करा रहा है. मेकर्स ने पूरे सीजन को गुरुवार को एक साथ रिलीज कर दिया है |
‘एमिली इन पेरिस’ सीजन 5 की पूरी कास्ट
‘एमिली इन पेरिस’ सीजन 5 में लिली कॉलिन्स जहां एमिली कूपर के किरदार में नजर आएंगी तो वहीं इसका हिस्सा एश्ले पार्क, लुकास ब्रावो, फिलीपीन लेरॉय, यूजेनियो फ्रांसेचिनी, सैमुअल अर्नोल्ड, ब्रूनो गौरी, विलियम अबाडी, लुसिएन लाविस्काउंट, पॉल फोरमैन और ब्रायन ग्रीनबर्ग जैसे कलाकार भी हैं |
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो: दिल्ली में आधुनिक म्यूज़िक प्रोडक्शन और साउंड डिज़ाइन का भरोसेमंद केंद्र
दिल्ली, भारत — ऐसे दौर में जब संगीत और डिजिटल कंटेंट अभूतपूर्व गति से विकसित हो रहे हैं, काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो दिल्ली में एक संपूर्ण, फुल-सर्विस ऑडियो प्रोडक्शन हब के रूप में उभर कर सामने आया है। यह स्टूडियो कलाकारों, ब्रांड्स, फिल्ममेकर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोफेशनल, एंड-टू-एंड म्यूज़िक और ऑडियो सॉल्यूशंस प्रदान करता है। रचनात्मकता, तकनीकी उत्कृष्टता और कलात्मक ईमानदारी की मजबूत नींव पर बना यह स्टूडियो अपनी उच्च गुणवत्ता और क्लाइंट-फोकस्ड अप्रोच के लिए तेजी से पहचान बना रहा है।
म्यूज़िक कंपोज़र और प्रोड्यूसर काम्ज़ मेहरा द्वारा स्थापित, काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो उस सोच को दर्शाता है जहाँ ध्वनि को केवल रिकॉर्ड नहीं किया जाता, बल्कि उसे सोच-समझकर गढ़ा जाता है। भले ही मेहरा की व्यक्तिगत संगीत यात्रा संघर्ष और निरंतर विकास से भरी रही हो, लेकिन स्टूडियो स्वयं एक ऐसा केंद्र है जहाँ विचार, भावनाएँ और कहानियाँ एक परिष्कृत, रिलीज़-रेडी ऑडियो में बदल दी जाती हैं।
आधुनिक संगीत निर्माण के लिए बना स्टूडियो
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो को आज की म्यूज़िक और मीडिया इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड रिकॉर्डिंग इक्विपमेंट, स्टूडियो-ग्रेड एकॉस्टिक्स और एडवांस डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन्स से लैस यह स्टूडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स, ब्रॉडकास्ट मीडिया और सिनेमैटिक प्रोडक्शन्स की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरता है।
स्टूडियो के हर तकनीकी पहलू को इस तरह ऑप्टिमाइज़ किया गया है कि साफ, सटीक और डिटेल्ड साउंड रिप्रोडक्शन सुनिश्चित हो सके। माइक्रोफोन चयन और एकॉस्टिक ट्रीटमेंट से लेकर मॉनिटरिंग सिस्टम और प्रोसेसिंग टूल्स तक, पूरा सेटअप इंजीनियर्स और कलाकारों को उच्चतम गुणवत्ता के साथ परफॉर्मेंस कैप्चर करने में सक्षम बनाता है।
यही तकनीकी मजबूती काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो को अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स में लगातार बेहतरीन नतीजे देने में मदद करती है—चाहे वह एक सिंगल वोकल रिकॉर्डिंग सेशन हो या फिर शुरुआत से तैयार किया गया पूरा म्यूज़िक प्रोडक्शन।
संपूर्ण एंड-टू-एंड ऑडियो समाधान
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो की सबसे बड़ी खासियत इसकी एंड-टू-एंड प्रोडक्शन क्षमता है। अलग-अलग वेंडर्स और बिखरे हुए वर्कफ्लो की बजाय, यह स्टूडियो एक ही छत के नीचे संपूर्ण प्रोडक्शन इकोसिस्टम प्रदान करता है।
प्रमुख सेवाएँ:
हाई-क्वालिटी वोकल रिकॉर्डिंग कलाकार एकॉस्टिकली-ट्रीटेड वातावरण में प्रोफेशनल-ग्रेड माइक्रोफोन्स और प्रीएम्प्स के साथ रिकॉर्डिंग करते हैं। अनुभवी साउंड इंजीनियर्स वोकल डिलीवरी, पिच कंट्रोल और स्टूडियो प्रेज़ेंस सुधारने में मार्गदर्शन देते हैं। यह सेवा डेमो ट्रैक्स, प्रोफेशनल रिलीज़ और पोर्टफोलियो डेवलपमेंट के लिए आदर्श है।
फुल म्यूज़िक प्रोडक्शन गीत, धुन या सिर्फ एक आइडिया—काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो हर स्तर पर कलाकारों का साथ देता है। कंपोज़िशन, अरेंजमेंट, इंस्ट्रूमेंटेशन और स्ट्रक्चर तक पूरी प्रक्रिया को इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ पूरा किया जाता है, जिससे आउटपुट रेडियो-रेडी और प्लेटफॉर्म-ऑप्टिमाइज़्ड हो।
प्रोफेशनल मिक्सिंग और मास्टरिंग प्रीमियम टूल्स और प्रमाणित तकनीकों के साथ मिक्सिंग और मास्टरिंग की जाती है। बैलेंस, क्लैरिटी, डेप्थ और लाउडनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स, फिल्मों और विज्ञापनों के मानकों पर खरा उतरे। हर ट्रैक को अलग-अलग प्लेबैक सिस्टम्स पर क्वालिटी चेक किया जाता है।
क्रिएटिव साउंड डिज़ाइन फिल्म, गेम्स, विज्ञापन और डिजिटल मीडिया के लिए ओरिजिनल साउंड डिज़ाइन तैयार की जाती है। एडवांस सिंथेसिस और सैंपलिंग तकनीकों से एम्बिएंट टेक्सचर से लेकर पावरफुल बेस साउंड्स तक बनाए जाते हैं, जिससे हर प्रोजेक्ट की एक अलग पहचान बनती है।
बीट प्रोडक्शन और कस्टम इंस्ट्रूमेंटल्स क्लाइंट की जॉनर, मूड और क्रिएटिव डायरेक्शन के अनुसार ओरिजिनल बीट्स और इंस्ट्रूमेंटल्स तैयार किए जाते हैं, जो वोकल्स और विज़ुअल कंटेंट को बेहतर तरीके से सपोर्ट करते हैं।
वोकल एडिटिंग और एन्हांसमेंट पिच करेक्शन, टाइमिंग एडजस्टमेंट, वोकल कंपिंग, हार्मोनाइजिंग और एडवांस प्रोसेसिंग की जाती है, ताकि आवाज़ नेचुरल रहते हुए और भी प्रभावशाली बने।
प्रोजेक्ट डिलीवरी और स्टेम्स प्रोजेक्ट पूरा होने पर हाई-क्वालिटी WAV और MP3 फाइल्स, स्टेम्स और मल्टीट्रैक्स उपलब्ध कराए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर फुल प्रोजेक्ट फाइल्स भी दी जाती हैं।
कलाकारों, ब्रांड्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए समाधान
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो स्वतंत्र कलाकारों, प्लेबैक सिंगर्स, रैपर्स, कंपोज़र्स और बैंड्स के साथ-साथ ब्रांड्स और डिजिटल क्रिएटर्स को भी सेवाएँ प्रदान करता है।
स्टूडियो निम्न क्षेत्रों के लिए म्यूज़िक और साउंड तैयार करता है:
विज्ञापन और ब्रांड कैंपेन
शॉर्ट फिल्म्स और बैकग्राउंड स्कोर
पॉडकास्ट और ऑडियोबुक्स
यूट्यूब वीडियो, रील्स और सोशल मीडिया कंटेंट
गेमिंग और इंटरएक्टिव मीडिया
हर माध्यम की जरूरत के अनुसार प्रोडक्शन तकनीक अपनाई जाती है, जिससे ऑडियो न सिर्फ अच्छा सुनाई दे बल्कि अपने उद्देश्य को भी प्रभावी ढंग से पूरा करे।
जॉनर फ्लेक्सिबिलिटी और क्रिएटिव आज़ादी
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो की एक बड़ी ताकत यह है कि यह लगभग हर प्रमुख म्यूज़िक जॉनर में काम करता है—जैसे हिप-हॉप, EDM, पॉप, रॉक, इंडी, क्लासिकल, सिनेमैटिक, भक्ति, फोक और एक्सपेरिमेंटल म्यूज़िक। यहाँ किसी एक तय साउंड टेम्पलेट को थोपने की बजाय, हर प्रोजेक्ट को कलाकार की सोच और शैली के अनुसार कस्टमाइज़ किया जाता है।
गोपनीयता और क्लाइंट संतुष्टि पर ज़ोर
क्रिएटिव इंडस्ट्री में भरोसा सबसे अहम होता है। काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो सख्त गोपनीयता नीतियों का पालन करता है। क्लाइंट के आइडियाज़, रिकॉर्डिंग्स और फाइल्स को बिना अनुमति साझा नहीं किया जाता।
स्टूडियो मल्टीपल रिविज़न ऑप्शंस भी देता है ताकि फाइनल आउटपुट पूरी तरह क्लाइंट की उम्मीदों के अनुसार हो। प्रोजेक्ट की जटिलता के अनुसार डिलीवरी समय आमतौर पर 3 दिन से 3 हफ्ते के बीच रहता है।
स्टूडियो की सोच और विज़न
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो संगीत को एक आध्यात्मिक और भावनात्मक यात्रा मानता है। यहाँ तकनीकी परफेक्शन के साथ-साथ भावनात्मक कहानी कहने पर भी उतना ही ध्यान दिया जाता है।
स्टूडियो का दीर्घकालिक विज़न पंजाबी और बॉलीवुड-प्रभावित संगीत में नए, आत्मीय और इनोवेटिव साउंड्स लाना है, बिना प्रामाणिकता और कलात्मक ईमानदारी से समझौता किए। ट्रेंड्स के पीछे भागने की बजाय, यहाँ टाइमलेस और अर्थपूर्ण म्यूज़िक बनाने पर ज़ोर दिया जाता है।
भारतीय म्यूज़िक इंडस्ट्री में बढ़ती पहचान
तेज़ी से बढ़ते पोर्टफोलियो और बढ़ती मांग के साथ, काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो दिल्ली में प्रोफेशनल म्यूज़िक प्रोडक्शन का एक भरोसेमंद नाम बनता जा रहा है। गुणवत्ता, बहुमुखी प्रतिभा और नैतिक क्रिएटिव प्रैक्टिसेस के कारण इसे कलाकारों और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स का भरोसा मिल रहा है।
आगे की राह
काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो लगातार आगे बढ़ रहा है—नई कोलैबोरेशन्स, नई साउंड टेक्नोलॉजीज़ और बड़े कमर्शियल व सिनेमैटिक प्रोजेक्ट्स की दिशा में। तकनीकी विशेषज्ञता, रचनात्मक गहराई और क्लाइंट-फर्स्ट अप्रोच के साथ, यह स्टूडियो भारत में प्रोफेशनल ऑडियो प्रोडक्शन का एक सशक्त नाम बनने की ओर अग्रसर है।
जो कलाकार और क्रिएटर्स अपने विचारों को सम्मान, निखार और प्रोफेशनल स्तर पर साकार होते देखना चाहते हैं, उनके लिए काम्ज़ म्यूज़िक स्टूडियो आधुनिक म्यूज़िक स्टूडियो का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
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Kamz Mehra Music
Mehrakamz@gmail.com
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H Block, Chitranjan Park, Near GK 1 Metro Station, New Delhi 110019 India
मुंबई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत महाराष्ट्र (Maharashtra) के नगर निगम चुनावों (municipal elections) से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) के बीच रणनीतिक गठबंधन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य मराठी मतदाताओं का ध्रुवीकरण कर सत्ता पक्ष को चुनौती देना है. इस बारे में यूबीटी नेता संजय राउत ने जानकारी दी है.
हालांकि, महा विकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस ने इस गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है. इस घटनाक्रम से महाराष्ट्र की नगर पालिका चुनावी राजनीति में नया मोड़ आने की संभावना है, जहां मराठी अस्मिता का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है.
जल्द होगा गठबंधन का ऐलान शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का ये गठबंधन अगले हफ्ते में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा. राउत ने इस गठबंधन से लोगों में उत्साह और विश्वास जागने की बात कही. साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी को सीधी चेतावनी भी दी है.
29 नगर निगम में साथ लड़ेंगे चुनाव उन्होंने कहा, ‘उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आना लोगों में आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा है. हम मुंबई समेत 29 नगर निगमों में चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, अगर आप हम पर पीछे से भी हमला करेंगे तो हम लड़ने के लिए तैयार हैं. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे मिलकर चुनाव लड़ेंगे.’ राउत ने कहा कि ठाकरे ब्रदर्स पांच महत्वपूर्ण नगर निगमों- मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोम्बिवली, मीरा भायंदर, पुणे और नासिक जैसे पांच नगर निगमों में एक साथ चुनाव लड़ेंगे. अन्य नगर निगमों में स्थानीय नेताओं के स्तर पर फैसला लिया जाएगा.
उन्होंने इसे मुंबई की लड़ाई करार देते हुए कहा, ‘हम इस मुंबई को अमित शाह के हाथों में नहीं जाने देंगे. महाराष्ट्र जानता है कि रहमान डाकू कौन है? कौन मुंबई को लूटना चाहता है? उनका समर्थन कौन कर रहा है?’ उन्होंने दावा किया कि ये गठबंधन शहरी आधारभूत संरचना, मराठी भाषा संरक्षण और नागरिक शासन जैसे प्रमुख मुद्दों पर एकजुट मोर्चा पेश करने का लक्ष्य रखता है, जो मुंबई की चुनावी तस्वीर को बदल सकता है.
राउत की कांग्रेस को चेतावनी संजय राउत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मुझे इस वक्त कांग्रेस हमारे साथ नहीं दिख रही है. बिहार चुनाव परिणामों के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है. वास्तव में उन्हें इस लड़ाई में हमारे साथ होना चाहिए. हमने उनके वरिष्ठ नेताओं से भी बात की है, लेकिन उन्होंने ये मामला स्थानीय नेताओं पर छोड़ दिया है. स्थानीय नेताओं से हमारी अपील है कि मुंबई चुनावों में कोई भी ऐसा रुख न अपनाए, जिससे भाजपा को अलग रास्ता अपनाने में मदद मिले. लोग इसे नहीं भूलेंगे. मैं उनसे बस इतना कहना चाहूंगा कि याद रखें कि भविष्य में लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी आने वाले हैं.’
अकेले लड़ेगी कांग्रेस उधर, कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि राज-उद्धव के राजनीतिक गठबंधन के समय कांग्रेस को विश्वास में नहीं लिया गया था. उन्होंने कहा कि मुंबई की जनता धर्म और भाषा के आधार पर बंटवारा नहीं चाहती. वह मुंबई का विकास और बेहतर हवा की गुणवत्ता चाहते हैं.
उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में हम अकेले चुनाव लड़ेंगे. हमारी स्थानीय यूनिट ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने और कार्यकर्ताओं को मजबूती देने का फैसला किया है.
नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि विनिर्माण मजबूत अर्थव्यवस्थाओं की रीढ़ है, लेकिन भारत में विनिर्माण में गिरावट आ रही है. उन्होंने जर्मनी के शहर म्यूनिख में ‘बीएमडब्ल्यू वेल्ट (बीएमडब्ल्यू का प्रदर्शनी केंद्र) और बीएमडब्ल्यू संयंत्र के दौरे के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत को विकास में तेजी लाने के लिए सार्थक विनिर्माण तंत्र बनाने की जरूरत है. राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने निशाना साधते हुए कहा है कि संसद सत्र के दौरान उन्होंने विदेशी धरती से भारत का अपमान किया. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, नेता प्रतिपक्ष का एक बहुत महत्वपूर्ण दायित्व होता है. नेता प्रतिपक्ष को बहुत जिम्मेदारी के साथ व्यवहार रखना होता है, विशेष तौर पर तब जब नेता प्रतिपक्ष विदेश की भूमि पर हो. यहां सदन में इतनी महत्वपूर्ण चर्चा हो रही है और राहुल गांधी जर्मनी में हैं. राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग खराब है. वे भारत के विरोध में बोलते हैं. वे जब भी बाहर जाते हैं तो सदन और भारत का अपमान करते हैं.