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Thursday, October 29, 2026
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Bharatiya Janata Party vs Indian National Congress: सियासत में नया घमासान

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नई दिल्ली।एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया।पीयूष गोयल ने कहा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि किस तरह गांधी परिवार ‘समझौता करने वाली राजनीति’ का उदाहरण रहा है। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी लगातार देशहित से समझौता करती रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस का इतिहास हो या वर्तमान या फिर भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न मामले, इन सभी से संकेत मिलते हैं कि पार्टी विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित से समझौता करती रही है। इस तरह की राजनीति देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य को नुकसान पहुंचाती है और इसके अनेक उदाहरण जनता के सामने हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी सोरोस तो कभी पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर अपने ही देश के खिलाफ रुख अपनाते नजर आते हैं। केंद्रीय मंत्री गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया है और वह विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करते दिखाई देते हैं।गोयल ने राहुल गांधी को ‘नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय’ बताते हुए कहा कि वह 247 बार विदेश यात्राएं कर चुके हैं और कई बार प्रोटोकॉल की अनदेखी की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र लद्दाख में राहुल गांधी ऐसे विदेशी व्यक्तियों के संपर्क में रहे जो भारत के हितों के खिलाफ काम करते हैं।बोफोर्स मामले का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि एक मित्र ओटावियो को बचाने के लिए निष्पक्ष जांच नहीं होने दी गई और गांधी परिवार ने देश से समझौता किया। उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी के दौर में भी कांग्रेस पर विदेशी एजेंसियों के प्रभाव के आरोप लगते रहे।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक, परिवार के कई नेताओं पर देशहित से समझौते के आरोप लगे। उन्होंने 1971 के शिमला समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि 93 हजार पाकिस्तानी युद्धबंदियों को रिहा कर दिया गया, लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर वापस क्यों नहीं लिया गया?उन्होंने यह भी कहा कि 1954 में नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकार छोड़ दिए थे, जो एक और बड़ा समझौता था। उन्होंने दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार की राजनीति हमेशा से देशहित के साथ समझौते की रही है।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जवाहर चौक पर कांग्रेस ने ‘किसान महाचौपाल’ में राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अंतरराष्ट्रीय समझौते के जरिये देश के किसानों के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता चार महीने तक रुका हुआ था और कृषि से जुड़े मुद्दों पर बातचीत ठप पड़ी थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने इस दौरान संबंधित मंत्रियों से कोई चर्चा नहीं की और अचानक फैसला ले लिया।राहुल गांधी ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी कंपनियां सोया, कपास और मक्का जैसे कृषि उत्पाद भारत में बेचें, क्योंकि इससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता था। उनके अनुसार, चार महीने तक बातचीत रुकी रही, लेकिन उनके भाषण के बाद प्रधानमंत्री ने बिना कैबिनेट से चर्चा किए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर समझौते के लिए सहमति दे दी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों को कमजोर किया और उनका डाटा तक बाहर दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से कपड़ा उद्योग भी प्रभावित हुआ है। 

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