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Friday, September 11, 2026
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 वशिष्ठ धाम को अयोध्या धाम से जोड़ा जाए-जगद्गुरु रामभद्राचार्य

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महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में विधि विधान से मंदिर के मूर्तियों में हुई प्राण प्रतिष्ठा

राना दिनेश प्रताप सिंह, नीलम सिंह ने गुरूकुल निर्माण के लिये भेंट किया एक लाख इक्यावन हजार

बस्ती।   महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में शुक्रवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने  गुरू वशिष्ठ रामायण कथा के तीसरे दिन अपने पैतृक गांव बढ़नी मिश्र में गुरू वशिष्ठ, माता अरून्धती , श्रीराम, लक्ष्मण , भरत , शत्रुघ्न और अन्य देवी देवताओं के  विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की। जगदगुरु रामभद्राचार्य जी ने पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा व बस्ती की डीएम कृत्तिका ज्योत्सना से कहा की वशिष्ठ धाम को अयोध्या धाम से जोड़ा जाए वशिष्ठ धाम को पर्यटन से जोड़ा जाए।  कहां कि  बढ़नी मिश्रा के लोग हमारा परिवार है,  वशिष्ठ आश्रम पर हमारे लिए कुटी बनाई जाए ताकि जब मेरा मन कर मैं  अपने परिवार के बीच इस कुटी में आकर रह सकूं । उन्होंने कहा की चित्रकूट की तरह गुरुकुलम की एक शाखा वशिष्ठ धाम में भी खुले वह वशिष्ठ जी की तरह चारों चारों भाइयों को बैठाकर उनसे संवाद कर रहे थे।
आचार्य प्रभाकर मिश्र, नीरज परासर, मोहितदास, जितेन्द्र तिवारी, संजय तिवारी, हर्ष मिश्र, हरदेव वशिष्ठ, वेणु गोपाल, श्रीधर अधिकारी और राकेश अग्निहोत्री ने जगदगुरु रामभद्राचार्य जी के मार्ग दर्शन में वशिष्ठ धाम मंदिर में विधि विधान से मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान सम्पन्न कराया।
तीसरे दिन  गुरू वशिष्ठ रामायण कथा को विस्तार देते हुये  जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि श्री राम अपने भाइयों के साथ बचपन में ऋषि वशिष्ठ आश्रम गए थे ताकि शिक्षा प्राप्त कर सकें, राजपरिवार के कर्तव्यों को सीख सकें और अवध के आदर्श भावी राजा बनने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। बाद के जीवन में भी रामजी अपने जीवन में आने वाली किसी भी शंका, उलझन या समस्या के समाधान के लिए वशिष्ठ के निरंतर संपर्क में रहते थे। श्री राम के परिवार के राजपुजारी होने के नाते वशिष्ठ का भावी राजा की सहायता करना नैतिक कर्तव्य था। वे भारत के सात महान ऋषियों में से एक थे। उन्होने  श्री गुरु वशिष्ठ महिमा के अनेक प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को अनेक पौराणिक जानकारी दिया।
कथा के तीसरे दिन हिमांचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला भी पहुंचे। आयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह, नगर पंचायत नगर की अध्यक्ष नीलम सिंह राना ने गुरूकुल निर्माण के लिये 1 लाख 51 हजार रूपये की राशि गुरू चरणों में समर्पित किया। मुख्य यजमान चन्द्रभूषण मिश्र, सतीश मिश्र, शिवपूजन श्रीवास्तव, शशिकान्त मिश्र, आशुतोष मिश्र, शरद श्रीवास्तव ने विधि विधान से चरण पादुका का पूजन किया।
श्री गुरु वशिष्ठ राम कथा की सांस्कृतिक संध्या  में धनुषधारी चतुर्वेदी के भजनों ने कथा पंडाल के सभी श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया ,साथी कलाकार सत्यम सिंह के भावपूर्ण भजनों ने सबको भाव रुपी रस का श्रवण पान कराया! सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग बस्ती के बाल कलाकारों ने प्रभु राम की जीवन यात्रा पर सुंदर सी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी।  राम आए हैं वशिष्ठ नगरी, बाल कलाकार अंशिका मौर्य,  वैष्णवी मिश्रा, आरोही पाठक, आराध्या त्रिपाठी, श्रद्धा चौधरी, वैष्णवी मिश्रा, दीपिका चौबे, एकता शुक्ला,रक्षिता पांडे, आभ्या शुक्ला, सृष्टि तिवारी, दिव्यांशी पाण्डेय, ,प्रज्ञा पाण्डेय,,आराध्या मिश्रा, अवंतिका पाठक ,अदिति द्विवेदी, निधि चौधरी,प्रीति यादव ,सौम्या त्रिपाठी, रचित पांडे, श्रेया शुक्ला,शीतल, आदि ने प्रस्तुति दी।
कथा के तीसरे दिन अयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष नगर श्रीमती नीलम सिंह ‘राना’ , भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र,  पूर्व विधायक दयाराम चौधरी, रघुनाथ दास शास्त्री, वृजेन्द मिश्र, उमाशंकर मिश्र, आशीष मिश्र, सुधांशु मिश्र, केसरीनन्दन मिश्र, नीतिका त्रिपाठी, वृजेश कुमार,  संतोष मिश्रा, आलोक मिश्रा, विकास मिश्रा, संजय मिश्रा, विशाल यादव , नीतीश पाण्डेय, अवधेश मिश्रा , मास्टर शिव के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया।

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