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राहुल गांधी का तीखा वार, यूपी के 17 जिलों में BLAs जुटाने में नाकाम रही कांग्रेस

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नई दिल्ली।  देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है. पिछले दिनों निर्वाचन आयोग ने इसके लिए अंतिम तारीख बढ़ाकर 11 दिसंबर तक कर दिया था. दूसरी तरफ, एसआईआर का विपक्षी दल जोरदार विरोध कर रहे हैं. हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते रहे हैं और भाजपा पर भी इसको लेकर हमलावर रहे हैं. लेकिन, SIR के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने वाली कांग्रेस के पास यूपी के 17 जिलों में बूथ लेवल एजेंट ही नहीं हैं. दरअसल, SIR की प्रक्रिया के लिए कांग्रेस ने यूपी के 17 जिलों में बूथ लेवल एजेंट ही नहीं नियुक्त किए हैं. विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स की तुलना में कांग्रेस के सबसे कम BLAs हैं. यूपी में 1.62 लाख पोलिंग बूथ हैं. भाजपा के पास 1.62 लाख BLAs (98.37%), समाजवादी पार्टी के पास 1.42 लाख BLAs (87.46%), बसपा के पास 1.38 लाख BLAs (85%) और कांग्रेस के पास सबसे कम 49,121 BLAs हैं. मतलब कांग्रेस ने SIR के काम के लिए केवल 30 फीसदी बीएलए नियुक्त किए हैं.

17 जिलों में BLAs नहीं

BLA की नियुक्ति के जरिए राजनीतिक दलों की कोशिश है कि उनके ‘वोट बैंक’ का नाम लिस्ट से न कटे. BLA एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ के साथ काम करते हैं और वोटर वेरिफिकेशन से लेकर इससे जुड़े तमाम कार्यों में पार्टी के हितों की रक्षा के लिए काम करते हैं. लेकिन, इस काम में भी कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है. यूपी के 17 जिलों, सहारनपुर, शाहजहांपुर, शामली, सुल्तानपुर, बलिया, भदोही, मऊ, बहराइच, प्रयागराज, आंबेडकरनगर, हमीरपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कौशांबी, औरेया और संत कबीर नगर में BLAs की नियुक्ति नहीं की है. ललितपुर, चित्रकूट, अमेठी, बदायूं, पीलीभीत और श्रावस्ती में ही कांग्रेस के 100% बूथ लेवल एजेंट्स हैं.

रायबरेली में भी 100% BLAs नहीं

कांग्रेस के लिए रायबरेली सीट हमेशा से ही खास रही है और यहां पर 2242 बूथों पर पार्टी ने 2222 BLAs की नियुक्ति की है. जबकि, यहां पर सपा और भाजपा के सभी बूथों पर बूथ लेवल एजेंट्स हैं. प्रदेश के 75 जिलों में 54 ऐसे जिले हैं जहां पर सत्ताधारी दल भाजपा के 100% BLAs हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के 34 जिलों में 100% एजेंट्स हैं.

SIR को लेकर EC पर हमलावर कांग्रेस

कांग्रेस की यूपी में BLAs को लेकर ये स्थिति तब है जब पार्टी खुद SIR पर गंभीर सवाल उठा रही है और निर्वाचन आयोग को घेर रही है. महाराष्ट्र, हरियाणा के बाद बिहार चुनाव को लेकर भी पार्टी ने आरोप लगाए हैं. हालांकि, बिहार चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की तरफ से कहा गया था कि दो हफ्ते में खुलासा किया जाएगा. कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि निर्वाचन आयोग से सांठगांठ करके भाजपा चुनाव जीत रही है. जबकि, ईसी ने कांग्रेस के आरोपों को हर बार खारिज किया है. पिछले कई सालों से यूपी में कांग्रेस की हालत खस्ता रही है. संगठनात्मक ढांचा भी पार्टी नहीं बना पाई है. एक साल से जिला और ब्लॉक स्तर पर कमेटियां भंग हैं. वहीं SIR जैसी अहम प्रक्रिया के लिए BLAs जुटाना भी पार्टी के लिए चुनौती का काम बना हुआ है.

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