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Friday, September 11, 2026
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महात्मा मंदिर में अमित शाह का बड़ा ऐलान, अब राशन वितरण होगा पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी

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गांधीनगर| यहां के महात्मा मंदिर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुजरात दौरे के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले कई प्रकल्पों का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ‘सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी’ (सीबीडीसी) आधारित आधुनिक वितरण प्रणाली और पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘अनाज एटीएम’ की शुरुआत की गई। इस नई व्यवस्था के तहत राशन के पूरे स्टॉक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, यहां तक कि विदेश से भी इसकी निगरानी की जा सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और भ्रष्टाचारमुक्त बनेगी।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पहले दिल्ली से भेजे गए 5 किलो अनाज में से बीच रास्ते में चोरी हो जाती थी, लेकिन अब तकनीक और डिजिटल राशन कार्ड के जरिए एक दाना भी गायब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गुजरात में तैयार इस नई मशीन के जरिए गरीबों की सुरक्षा की नई शुरुआत की गई है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी झूठ बोलते हैं और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता किसी भी मंच पर उनसे बहस करने को तैयार हैं। शाह ने कहा कि देश की जनता ने 2014 में ही कांग्रेस को ‘टाटा-बाय बाय’ कह दिया था। कांग्रेस ने केवल ‘गरीबी हटाओ’ के नारे दिए, जबकि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 60 करोड़ गरीबों का जीवन स्तर सुधारा और 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए शाह ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित ट्रेड डील से भारतीय किसान सुरक्षित हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से खड़े हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के समय कृषि बजट 26 हजार करोड़ रुपये था, जिसे भाजपा सरकार ने बढ़ाकर 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपये कर दिया। साथ ही किसानों के खातों में सीधे 6 हजार रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें कर्ज लेने की जरूरत कम हुई है। डेयरी और मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया की चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि 11 साल पहले किसी ने कल्पना नहीं की थी कि भारत डिजिटल लेनदेन में दुनिया में अग्रणी बनेगा, लेकिन आज सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहे हैं। अब राशन वितरण प्रणाली भी डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार का हर निर्णय गरीबों और जरूरतमंदों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत की परिकल्पना अब साकार हो चुकी है। छोटे व्यापारी भी डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहे हैं और तकनीक गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं और 1 लाख से अधिक गांव डिजिटल हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले दिनों में ‘अनाज एटीएम’ पूरी तरह कार्यरत हो जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में पारदर्शी तरीके से अनाज मिल सकेगा।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सीबीडीसी कोई नई तकनीक नहीं है, बल्कि यह लोगों को उनका हक दिलाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि देश में 80 करोड़ से अधिक लोगों को अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है और यह दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना है। सीबीडीसी के क्रियान्वयन को बड़ी चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर छोटे जिलों और ब्लॉकों तक जाकर कमियों की पहचान की गई। 100 प्रतिशत राशन कार्ड को डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया था और 2 से 3 करोड़ ‘साइलेंट’ राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे, जिससे वास्तविक लाभार्थियों को फायदा मिलेगा। जोशी ने पूर्व प्रधानमंत्री के उस बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही लाभार्थी तक पहुंचते थे, लेकिन अब डिजिटल प्रणाली में पूरा एक रुपया सीधे खाते में जाता है।
सीबीडीसी व्यवस्था के तहत लाभार्थी को आरबीआई के माध्यम से डिजिटल फूड कूपन मिलेगा, जिसे वह दुकान पर स्कैन कर अनाज प्राप्त कर सकेगा। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे ओटीपी के जरिए भी अनाज ले सकेंगे। अब लाभार्थी अपने मोबाइल पर देख सकेगा कि उसे कौन सा अनाज और कितनी मात्रा में मिलना है। कार्यक्रम के अंत में जोशी ने कहा कि आज गुजरात की धरती से अनाज वितरण प्रणाली में ‘डिजिटल सत्याग्रह’ की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब अमित शाह किसी योजना का शुभारंभ करते हैं, तो अन्य राज्य भी उसे तेजी से लागू करते हैं।
सरकार का दावा है कि सीबीडीसी आधारित यह नई व्यवस्था भ्रष्टाचार के खिलाफ तीसरी आंख साबित होगी और देश के करोड़ों गरीबों को पारदर्शी एवं समयबद्ध खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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News Desk

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