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Tuesday, August 11, 2026
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भारत-जर्मनी रिश्तों को नई रफ्तार देंगे पीएम मोदी और मर्ज, अहमदाबाद में आज होगी मुलाकात

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अहमदाबाद। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत और जर्मनी के रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को अहमदाबाद में व्यापक और अहम बातचीत करेंगे। इस बातचीत का फोकस व्यापार, निवेश, रक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर रहेगा। फ्रेडरिक मर्ज की 12-13 जनवरी की भारत यात्रा जर्मन चांसलर बनने के बाद पहली एशिया यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकडऩे के लिए दिखाई गई सैन्य सख्ती, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी और मर्ज यूक्रेन में शांति की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। भारत लगातार कूटनीतिक समाधान और संवाद की वकालत करता रहा है, ऐसे में यह मुद्दा अहम माना जा रहा है।
बैठक में व्यापार और निवेश पर खास जोर रहेगा। अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत यूरोप के साथ आर्थिक साझेदारी को और गहरा करना चाहता है। इसी सिलसिले में जर्मनी के साथ आर्थिक सहयोग को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। जर्मनी, यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024-25 में भारत-जर्मनी के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 51.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह भारत के कुल ईयू व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है। सेवा क्षेत्र में भी तेज बढ़त दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-जर्मनी सेवाओं का व्यापार 12.5 प्रतिशत बढक़र रिकॉर्ड 16.65 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
निवेश, उद्योग और ‘मेक इन इंडिया
जर्मनी भारत में नौवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। अप्रैल 2000 से जून 2025 तक भारत में जर्मनी से कुल 15.40 अरब डॉलर का एफडीआई आया है। फिलहाल भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं। रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी बातचीत का अहम हिस्सा होगा। निर्यात नियंत्रण नियमों में ढील और तेज मंजूरी प्रक्रिया के बाद जर्मनी से भारत को रक्षा निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि मर्ज़ की इस यात्रा के दौरान भारत और जर्मनी के बीच छह स्टेल्थ सबमरीन की आपूर्ति को लेकर अंतर-सरकारी समझौता अंतिम रूप ले सकता है।
आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और तकनीक
भारत और जर्मनी के बीच काउंटर टेररिज्म पर संयुक्त कार्य समूह पहले से सक्रिय है। जर्मनी, भारत के इंटीग्रेटेड फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन में अपना नौसेना संपर्क अधिकारी तैनात करने जा रहा है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा।इसके अलावा शिक्षा, ऊर्जा, कौशल विकास, संस्कृति, लोगों के बीच संपर्क और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी रिश्ते लगातार विस्तार ले रहे हैं।

ग्रीन हाइड्रोजन और भविष्य की तकनीक पर बात
वर्ष 2024 में दोनों देशों ने इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप लॉन्च किया था, जिसका उद्देश्य भारत की ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, उपयोग और निर्यात की महत्वाकांक्षा को समर्थन देना है। सूत्रों के मुताबिक, क्रिटिकल और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी मोदी-मर्ज बातचीत में खास जोर रहेगा।

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News Desk

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