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Saturday, September 12, 2026
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के लिए परेशानी

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि इतने बड़े स्तर पर टैरिफ लगाने का अधिकार सीधे राष्ट्रपति को नहीं है। इस फैसले के बाद भारत की राजनीति में भी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस ने इसे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।कांग्रेस का आरोप है कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता दरअसल देश के लिए ओरडील यानी परेशानी साबित हो रहा है। पार्टी का कहना है कि यह समझौता मजबूरी और जल्दबाजी में किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि भारत सरकार थोड़ा इंतजार करती और सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने देती, तो शायद भारत को एकतरफा शर्तों वाले समझौते का सामना नहीं करना पड़ता।कांग्रेस का तर्क है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी छवि बचाने और राजनीतिक दबाव से निकलने के लिए जल्दबाजी में यह समझौता किया। पार्टी का दावा है कि इससे भारतीय किसानों और देश के आर्थिक हितों को नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर कांग्रेस इस व्यापार समझौते को संतुलित नहीं, बल्कि दबाव में किया गया फैसला बता रही है। उन्होंने अमेरिकी न्याय व्यवस्था की सराहना भी की।

कांग्रेस के गंभीर आरोप

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि दो फरवरी 2026 की रात अमेरिका द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा अचानक कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा में उसी दिन दोपहर क्या हुआ था, जिससे प्रधानमंत्री को व्हाइट हाउस से घोषणा करवानी पड़ी। कांग्रेस का दावा है कि यह समझौता भारत के किसानों और देश की संप्रभुता के लिए नुकसानदेह है।

ट्रंप का बयान और भारत पर टैरिफ

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ डील जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कुछ नहीं बदलेगा। भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत ने उनके अनुरोध पर रूस से तेल खरीद में कमी की। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ हटाकर इसे 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी।

समझौते की शर्तें और आगे की स्थिति

अंतरिम व्यापार ढांचे के तहत अमेरिका भारत से आयात पर 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लेगा। इससे पहले रूस से तेल खरीद के कारण 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया था। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने टैरिफ के जरिए भारत-पाकिस्तान संघर्ष को भी रोका। कांग्रेस ने इन दावों को राजनीतिक बयानबाजी बताया। फिलहाल यह मुद्दा संसद और सियासी गलियारों में गर्माया हुआ है।

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