10.3 C
London
Thursday, October 29, 2026
HomeBollywoodबाफ्टा में अचानक क्यों सुनाई देने लगे अपशब्द? होस्ट एलन कमिंग को...

बाफ्टा में अचानक क्यों सुनाई देने लगे अपशब्द? होस्ट एलन कमिंग को मांगनी पड़ी लोगों से माफी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

रविवार को लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में 79वें बाफ्टा अवार्ड्स आयोजित हुए। ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड में कई दिग्गज कलाकार शामिल हुए। कई फिल्मों को अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए। लंदन में जब अवॉर्ड सेरेमनी चल रही थी तो अचानक बीच-बीच में कुछ ‘अपशब्द’ गूंजने लगे। वहां मौजूद लोग कुछ आपत्ति जताते इससे पहले होस्ट एलन कमिंग ने लोगों को संबोधित कर स्थिति स्पष्ट की और माफी भी मांगी।

अचानक क्यों सुनाई देने लगे ‘अपशब्द’?

बाफ्टा अवॉर्ड्स को आम तौर पर इमोशनल स्पीच और स्टैंडिंग ओवेशन के लिए याद किया जाता है, लेकिन इस साल अवॉर्ड सेरेमनी के बाद भी जिस बात पर चर्चा हो रही है, वह है यहां सेरेमनी के दौरान अचानक सुनाई देने वाले कुछ शब्द। यह शब्द जॉन डेविडसन ने अचानक बोले। उन्होंने जान-बूझकर ऐसा नहीं किया। जॉन डेविडसन एक ऐसी स्थिति से जूझ रहे हैं, जिसमें कुछ आवाजें अनियंत्रित रूप से निकलती हैं। इसे टॉरेट सिंड्रोम कहा जाता है।

होस्ट ने मांगी माफी, कहा- ‘सबके लिए सम्मानजनक जगह बनाने के लिए शुक्रिया’

बाफ्टा में जॉन डेविडसन पर आधारित फिल्म ‘आई स्वियर’ (I Swear) को नॉमिनेट किया गया था। यह फिल्म टॉरेट सिंड्रोम पर बनी है। पुरस्कार समारोह में इस फिल्म को सम्मानित किया गया। मगर, अवॉर्ड सेरेमनी में अचानक कुछ आपत्तिजनक शब्द गूंजने लगे। यह शब्द जॉन डेविडसन के मुंह से निकल रहे थे। इस बीच होस्ट एलन कमिंग ने ऑडियंस से बात की, ताकि वे समझ सकें कि दर्शक क्या सुन रहे थे? होस्ट ने फिल्म ‘आई स्वियर’ का जिक्र करते हुए स्थिति स्पष्ट की और कहा, ‘आपने बैकग्राउंड में कुछ सख्त भाषा सुनी होगी। यह इस बात का हिस्सा हो सकता है कि टॉरेट सिंड्रोम कुछ लोगों में कैसे दिखता है। फिल्म में इसी को दिखाया गया है। आपकी समझ और सभी के लिए एक सम्मानजनक जगह बनाने में मदद करने के लिए धन्यवाद’।

क्या है टॉरेट सिंड्रोम?

एलन कमिंग ने शाम में फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा, ‘टॉरेट सिंड्रोम एक डिसेबिलिटी है और आज रात आपने जो टिक्स सुनी हैं, वे अपनी अपने आप थीं। इसका मतलब है कि जिस व्यक्ति को टॉरेट सिंड्रोम है, उसका अपनी भाषा पर कोई कंट्रोल नहीं होता है। अगर आज रात आपको बुरा लगा हो तो हम माफी चाहते हैं’। इस अवॉर्ड फंक्शन के बाद टॉरेट सिंड्रोम पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है और साथ ही इसके बारे में जागरुकता फैलाने पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि टॉरेट सिंड्रोम एक तंत्रिका संबंधी विकार है, जो आमतौर पर 2-15 वर्ष की आयु में शुरू होता है। इसमें अचानक, अनियंत्रित और बार-बार होने वाली शारीरिक हरकतों या आवाजों को देखा जाता है, जिन्हें ‘टिक्स’ कहा जाता है। रविवार को बाफ्टा में जॉन डेविडसन के कुछ ऐसे ही टिक्स सुनाई दिए।

Agarwal Packers and Movers India: Branch Addresses, Customer Enquiries and Moving Guide

Preparing for a relocation involves more than transporting belongings from one place to another. Customers also need to identify the appropriate office, understand available...

Interpretation Services in Gurgaon: Helping Businesses Connect with International Clients and Partners

Gurgaon’s position as a major corporate and commercial centre has created a working environment where communication frequently extends beyond language boundaries. From multinational company...