20.3 C
London
Tuesday, August 11, 2026
HomeLatest Newsप्रियंका गांधी का सवाल, 150 साल पुराने राष्ट्रगीत पर आज बहस क्यों?

प्रियंका गांधी का सवाल, 150 साल पुराने राष्ट्रगीत पर आज बहस क्यों?

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष चर्चा के दौरान सदन में राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया। दरअसल वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस बहस की आवश्यकता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, कि वंदे मातरम् 150 वर्षों से देश की आत्मा का हिस्सा रहा है और 75 वर्षों से भारतीयों के दिल में बसा हुआ है।

तो आज इस पर बहस क्यों? 
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में उठाए सवाल का खुद ही जवाब देते हुए कहा, कि क्योंकि बंगाल का चुनाव आ रहा है और मोदी जी उसमें अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, कि जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, आज सरकार उन्हीं पर नए आरोप लगा रही है। मोदी जी अब वो प्रधानमंत्री नहीं रहे जो पहले थे। प्रियंका गांधी के इस इस बयान पर सदन में खासा हंगामा हुआ। 

भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रियंका के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, वंदे मातरम् राष्ट्रभक्तों के लिए ऊर्जा है। कुछ लोगों को इस गीत से एलर्जी है। जिन्ना के मुन्ना को भी वंदे मातरम् से दिक्कत है। ठाकुर के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई, लेकिन उन्होंने अपने शब्दों पर कायम रहते हुए कहा कि यह गीत राष्ट्र की एकता का प्रतीक है। 

अखिलेश यादव का तंज
सपा प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, कि वंदे मातरम् वह गीत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश को जोड़ा था। आज के दरारवादी लोग उसी गीत से देश को तोड़ना चाहते हैं। वंदे मातरम् सिर्फ गाने के लिए नहीं, बल्कि निभाने के लिए है।

वंदे मातरम् का इतिहास
यहां बताते चलें कि वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख प्रेरणास्रोत रहा है। इसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने 7 नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के दिन लिखा था। यह 1882 में उनकी पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित उपन्यास आनंदमठ के साथ पहली बार सामने आया। 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार मंच पर वंदे मातरम् गाया था। यह वह क्षण था जब सभा में मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं और यह गीत राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया।

Dr. Shadaab Shaikh’s Cancer Hub and 5,000+ Published Case Studies Support Patient Awareness Across India

Mumbai, Maharashtra: Access to reliable health information plays an important role in helping patients make informed decisions about their care. Recognizing this need, Dr....

Abhiraj Shee as a Young Programmer: Coding Competitions, Software Projects and Digital Skills

Computer programming has become an important part of Abhiraj Shee's multidisciplinary learning journey. Alongside academics and literature, he has explored coding, software development, educational...