19.7 C
London
Friday, September 11, 2026
HomeLatest Newsप्रयागराज केस पर सरकार सख्त, सिंधिया का बड़ा बयान

प्रयागराज केस पर सरकार सख्त, सिंधिया का बड़ा बयान

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

बीएसएनएल के निदेशक विवेक बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे वाला विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे अनुचित और अस्वीकार्य बताया। साथ ही यह भी कहा कि निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।दरअसल दौरे की तैयारी में करीब 50 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपे जाने के निर्देश थे। निजी उपयोग की वस्तुओं तक की व्यवस्था के लिखित निर्देश थे। इसके बाद से ही ये पत्र वायरल हो गया। और मामले ने तूल पकड़ लिया।  

क्या बोले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया?

सिंधिया ने साफ कहा कि स्थापित नियमों और प्रशासनिक परंपराओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निदेशक को सात दिन में जवाब देने को कहा गया है। जवाब मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह 21वीं सदी है और इस तरह का व्यवहार चौंकाने वाला है। सरकार ने यह भी कहा कि संस्थागत अनुशासन और प्रोटोकॉल का पालन सर्वोपरि है।

दौरे की तैयारी में क्या-क्या लिखा गया था?

कार्यालय आदेश के अनुसार विवेक बंजल 25-26 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर प्रयागराज आने वाले थे। 19 फरवरी को जारी प्रोटोकॉल नोटिस में लगभग 50 अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग कार्य सौंपे गए। कार्यक्रम में स्वागत, संगम स्नान, नौका विहार और बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट तथा पातालपुरी मंदिर के दर्शन शामिल थे। हर स्थल पर किस अधिकारी की क्या भूमिका होगी, यह लिखित में दर्ज था।

स्नान किट से लेकर होटल व्यवस्था तक निर्देश

सबसे ज्यादा विवाद स्नान किट की सूची को लेकर हुआ। आदेश में संगम स्नान के समय तौलिया, अंडरवियर, चप्पल, कंघी, दर्पण और तेल की बोतल तक की व्यवस्था का उल्लेख था। पुरुषों के लिए छह किट और महिलाओं के लिए दो किट का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा घाट पर बेडशीट रखने और होटल व सर्किट हाउस में सूखे मेवे, फल, शेविंग किट, टूथपेस्ट, ब्रश, साबुन, शैम्पू और तेल की व्यवस्था करने की बात लिखी गई थी। कुल 20 कार्यों के लिए करीब 50 अधिकारियों को तैनात किया गया था।

आदेश वायरल होते ही दौरा रद्द

जैसे ही यह कार्यालय आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। इसके बाद आनन-फानन में निदेशक का प्रयागराज दौरा रद्द कर दिया गया। प्रयागराज के एक वरिष्ठ बीएसएनएल अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह विभाग की छवि खराब करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन उन्होंने आदेश की सत्यता पर टिप्पणी करने से इनकार किया। एक अन्य अधिकारी ने भी कहा कि दौरा रद्द हो चुका है, पर आदेश पर कुछ नहीं कहा।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह पहला मामला नहीं है जब किसी अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठे हों। दिल्ली में स्टेडियम खाली कराकर कुत्ता घुमाने के आरोप में चर्चा में आए अधिकारी संजीव खैरवार का मामला पहले सुर्खियों में रहा था। तब उन्हें दिल्ली से बाहर तैनात किया गया था। अब बीएसएनएल प्रकरण ने फिर से प्रशासनिक मर्यादा और प्रोटोकॉल पर बहस छेड़ दी है। सरकार ने संकेत दिया है कि मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए असीम अरुण का जैन समाज ने किया सम्मान

मेरठ। समाज सेवा एवं जनकल्याण के प्रति समर्पण को देखते हुए मेरठ के जैन समाज ने उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति...

Satyabhama Majhi: Reading the Changing City Through Contemporary Art

Cities are never static. Roads expand, buildings appear, neighbourhoods change, public spaces acquire new functions, and familiar landscapes gradually take on new identities. For...