17.4 C
London
Friday, September 25, 2026
HomeLatest Newsन कोई मुख्यमंत्री, न कोई प्रदेश अध्‍यक्ष, जान‍िए कैसे सबसे अलग हैं...

न कोई मुख्यमंत्री, न कोई प्रदेश अध्‍यक्ष, जान‍िए कैसे सबसे अलग हैं न‍ित‍िन नबीन

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली: बीजेपी (BJP) ने 45 साल के नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर सभी को चौंका दिया है. 1980 में जन्मे नितिन नबीन अब बीजेपी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. लेकिन उनकी यह नियुक्ति सिर्फ युवा होने के कारण खास नहीं है. अगर आप बीजेपी के मौजूदा मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों की सूची देखें, तो पता चलता है कि नितिन नबीन का कद और उम्र का समीकरण सबसे अलग क्यों है.

नितिन नबीन की उम्र महज 45 साल है. अगर हम देश भर में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची देखें, तो एक भी मुख्यमंत्री ऐसा नहीं है जो उम्र में उनसे छोटा हो. बीजेपी के सबसे युवा मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू हैं, जिनकी उम्र 46 वर्ष है. नितिन नबीन उनसे भी एक साल छोटे हैं. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (53), उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी (50) और असम के हिमंत बिस्वा सरमा (56) जैसे फायरब्रांड नेता भी उम्र में नबीन से बड़े हैं. त्रिपुरा के सीएम मणिक साहा (72) और गुजरात के भूपेंद्र पटेल (63) तो उनसे एक पीढ़ी आगे हैं.यह आंकड़ा साबित करता है कि बीजेपी ने नेतृत्व की कमान अब पूरी तरह से ‘नेक्स्ट जेन’ (Next Gen) को सौंप दी है.

सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, देश के प्रमुख राज्यों में बीजेपी की कमान संभालने वाले प्रदेश अध्यक्ष भी नितिन नबीन से उम्रदराज हैं. राजस्थान के अध्यक्ष मदन राठौड़ (71) और झारखंड के बाबूलाल मरांडी (67) उम्र में उनसे काफी बड़े हैं. यहां तक कि उनकी खुद की होम स्टेट बिहार के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल (62) और उत्तर प्रदेश के भूपेंद्र चौधरी (57) भी वरिष्ठ हैं. केवल तमिलनाडु के के. अन्नामलाई (41) ही ऐसे नेता हैं जो नबीन से छोटे हैं, लेकिन बीजेपी ने उनकी जगह अब नैनार नागेंथिरन को प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया है. लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर 45 साल की उम्र में पहुंचना अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है. कर्नाटक के युवा चेहरा माने जाने वाले बी.वाई. विजयेंद्र भी 50 साल के हैं.

नितिन नबीन की खासियत यह है कि 45 साल की उम्र में उनके पास वो अनुभव है जो कई 60 साल के नेताओं के पास भी नहीं होता. इतनी कम उम्र में लगातार 5 बार विधायक (MLA) बनना यह दिखाता है कि वे जनता के बीच कितने लोकप्रिय हैं. उन्होंने बांकीपुर जैसी सीट को अपना गढ़ बना लिया है. वे बिहार सरकार में पथ निर्माण जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों को संभाल चुके हैं. यानी उनके पास संगठन के साथ-साथ सरकार चलाने का भी हुनर है. वे रातों-रात नेता नहीं बने. उन्होंने 2 दशक संगठन को दिए हैं. भारतीय जनता युवा मोर्चा के बिहार अध्यक्ष से लेकर छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रभारी बनने तक का उनका सफर संघर्ष और सफलता का रहा है.

नितिन नबीन की नियुक्ति का एक और ऐतिहासिक पहलू है. वे बीजेपी के इतिहास में पहले ऐसे अध्यक्ष हैं जो न केवल बिहार से हैं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं. अब तक बीजेपी अध्यक्ष अक्सर पश्चिमी, दक्षिणी या उत्तरी भारत से होते थे. जेपी नड्डा का भी बिहार से कनेक्शन था, लेकिन नबीन का पूर्ण रूप से बिहार और पूर्व का चेहरा होना, उस क्षेत्र में बीजेपी की बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है. मुरली मनोहर जोशी उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं. नितिन नबीन का चयन बताता है कि पीएम मोदी और अमित शाह 2029 और उसके बाद के भारत की तस्वीर देख रहे हैं. एक ऐसा अध्यक्ष जो देश के किसी भी मुख्यमंत्री से छोटा हो, लेकिन अनुभव में किसी से कम न हो, यही बीजेपी का नया ‘मास्टरस्ट्रोक’ है.

Varun Kaushik and the Changing Landscape of Branded Storytelling

Brand communication has increasingly expanded beyond traditional advertising formats, with television commercials, digital films, branded content and photography becoming part of a broader visual...

Apple Service Center in Connaught Place for iPhone, MacBook, iPad and Apple Watch Repairs

New Delhi: Customers in Central Delhi looking for assistance with Apple devices can contact iPro Apple Repair Centre in Connaught Place. The centre provides...