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Saturday, September 26, 2026
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नेरशल हेराल्ड, मनरेगा का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

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वेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को बेलगावी के सुवर्ण सौधा में गांधी प्रतिमा के पास केंद्र सरकार के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी करने के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि नेशनल हेराल्ड भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड देश का गौरव है, जिसे जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्थापित किया था और इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
सीएम सिद्धरमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में मंत्रियों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने भाग लिया। राज्य के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम बी पाटिल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मनरेगा कार्यक्रम की सफलता को पचा नहीं पाई और इसलिए उन्होंने अब इसका नाम बदल दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रहा यह सफल कार्यक्रम डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी द्वारा शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम बहुत सफल रहा, जिससे उन लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला जो काम के लिए दूसरे राज्यों और गांवों में नहीं जा सकते थे। साथ ही गांवों में विकास भी हुआ।
उन्होंने कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे सफल कार्यक्रम था। बीजेपी अब उन्होंने इसका नाम बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जब इस योजना में महात्मा गांधी का नाम पहले से ही मौजूद था- राष्ट्रपिता जिन्होंने हमें आजादी दिलाई, तो उनका नाम क्यों हटाया गया? बीजेपी हताश है, वे योजना की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर सके और इतना नीचे गिर गए। राज्य के जिला और तालुक केंद्रों पर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। पार्टी राज्य विधानसभा में भी इन मुद्दों को उठाने की योजना बना रही है। 
उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह विरोध प्रदर्शन तब कर रही है जब सरकार ने लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक-2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाया गया है। कृषि मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किए गए बिल में हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की मज़दूरी वाली रोज़गार की गारंटी दी गई है, जो मौजूदा 100 दिन से ज़्यादा है, यह उन वयस्क सदस्यों के लिए है जो बिना स्किल्ड वाला शारीरिक काम करने को तैयार हैं। बिल के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारों के बीच फंड शेयरिंग का पैटर्न 60:40 होगा, जबकि उत्तर-पूर्वी राज्यों, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह 90:10 होगा। बिल राज्य सरकारों को एक वित्तीय वर्ष में साठ दिनों की कुल अवधि के लिए पहले से सूचित करने की अनुमति देती है, जिसमें बुवाई और कटाई के मुख्य कृषि मौसम शामिल हैं, जब बिल के तहत कोई काम शुरू या पूरा नहीं किया जाएगा।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार और ईडी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नेशनल हेराल्ड की स्थापना की थी और यह देश का गौरव है। बेलगावी में विरोध प्रदर्शन के दौरान शिवकुमार ने कहा कि नेशनल हेराल्ड देश का गौरव है, जिसकी स्थापना जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान की थी। मेरा सिर्फ एक ही सवाल है- मुझे अभी तक एफआईआर की प्रति क्यों नहीं दी गई है? आज ईडी की छवि धूमिल हो गई है।

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News Desk

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