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Friday, September 11, 2026
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डीएफडीआर डेटा डाउनलोड, सीवीआर रिकवरी के लिए कंपनी से मांगी मदद 

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मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। जांच की जिम्मेदारी एयरक्रॉफ्ट एक्सिडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) को सौंपी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, क्रैश के दौरान विमान का ब्लैक बॉक्स तेज गर्मी और आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुआ था, हालांकि उसके एक हिस्से का डेटा सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि विमान में लगे दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर, डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) में से डीएफडीआर का डेटा एएआईबी की फ्लाइट रिकॉर्डर लैब में डाउनलोड कर लिया गया है। यह रिकॉर्डर अमेरिकी कंपनी एल3 क्यूनिकेशंस द्वारा निर्मित है। वहीं, सीवीआर, जिसे हनीवेल ने बनाया है, उसकी विस्तृत तकनीकी जांच जारी है। सीवीआर का डेटा रिकवर करने के लिए संबंधित कंपनी से तकनीकी सहयोग मांगा गया है। 

राजनीतिक बयानवाजी हुई तेज 
ब्लैक बॉक्स के जलने के दावों पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एनसीपी (शरद गुट) के विधायक और पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स भीषण आग और धमाकों से सुरक्षित रह सकता है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति से नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान को एक घंटे तक और 260 डिग्री तापमान को लगभग 10 घंटे तक सहन कर सकता है। ऐसे में उसके पूरी तरह जलने की संभावना कम बताई जा रही है। 

28 जनवरी को हुआ था हादसा
पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी की सुबह वीएसआर वेंचर्स कंपनी का लेयरजेट 45 विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ था और करीब 8:45 बजे बारामती के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के दूसरे दिन ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया था। 

सीबीआई जांच की मांग
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने अन्य एनसीपी नेताओं के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर हादसे की सीबीआई जांच की मांग की है। इस प्रतिनिधिमंडल में सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्र सरकार से चर्चा का आश्वासन दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, जांच विमान दुर्घटना जांच नियम, 2017 और आईसीएओ एनेक्स-13 के अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत की जा रही है। एएआईबी ने अपील की है कि जांच पूरी होने तक अटकलों से बचा जाए। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि निष्कर्ष पूरी तरह तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित होंगे। 

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News Desk

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