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Monday, August 10, 2026
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कहां किसे मिलेगी मेयर की कुर्सी, 11 बजे उठेगा पर्दा, शिंदे की लॉटरी से खुलेगी किस्मत

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नई दिल्ली .महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुंबई की बीएमसी (BMC) सहित 29 नगर महापालिका (Nagar Municipal Corporation) में अब बारी मेयर (mayor) के चुनाव की है, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई है. किस शहर में महिला मेयर होगी और किस शहर में ओबीसी, सामान्य वर्ग या फिर अनुसूचित जाति से होगा. गुरुवार को सुबह 11 बजे इससे पर्दा उठ जाएगा, क्योंकि शहरी विकास विभाग आरक्षण की प्रक्रिया के जरिए तय कर देगा.

बीएमसी सहित सभी महानगरपालिका में नए मेयर का चुनाव निगम सदन में पार्षदों के मतदान के जरिए किया जाएगा. अलग-अलग शहरों में नवनिर्वाचित पार्षदों की बुलाई जाने वाली विशेष बैठक में मेयर का चुनाव होगा, लेकिन उससे पहले मेयर किस जाति और किस वर्ग का होगा, ये फॉर्मूला एकनाथ शिंदे के मंत्रालय के द्वारा ‘लॉटरी सिस्टम’ से तय किया जाना है.

 

महाराष्ट्र में किस नगर महापालिका का मेयर किस जाति और किस वर्ग से होगा, इसका फैसला राज्य के अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट यानि शहरी विकास विभाग के द्वारा तय किया जाता है. राज्य के शहरी विकास विभाग का जिम्मा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास है. ऐसे में मेयर पद के आरक्षण के लिए शहरी विकास विभाग गुरुवार को लाटरी के जरिए तय करेगा.

मेयर आरक्षण 11 बजे लाटरी से होगा तय
मुंबई बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिका में मेयर पद के लिए नगर विकास विभाग आज आरक्षण लॉटरी निकालेगा. शहरी विकास मंत्रालय में सुबह 11 बजे से लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी. कार्यक्रम के अनुसार 29 नगर निगमों की लॉटरी शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की अध्यक्षता में निकलेगी. लॉटरी निकले के बाद ही तय होगी किस मुंबई सहित 29 शहरों के मेयर महिला और पुरुष में किस वर्ग का होगा. इसके अलावा सामान्य वर्ग, ओबीसी, अनुसूचति जाति या अनुसूचित जनजाति में किस कैटेगरी से होगा.

रोटेशन के आधार पर तय होगा आरक्षण
महाराष्ट्र में मेयर का पद रोटेशन के आधार पर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित होता है.कि मुंबई के बीएमसी में पिछली बार मेयर का पद सामान्य के निकला थाा. ऐसे में सामान्य को लॉटरी में नहीं रखा जाएगा. इसी तरह से महाराष्ट्र के बाकी 28 नगर महापालिका में पिछला मेयर जिस वर्ग और जिस कैटेगरी का था, उसे इस बार के लॉटरी सिस्टम में शामिल नहीं किया जाएगा. इस तरह से सभी की निगाहें आरक्षण की लाटरी सिस्टम पर ही टिकी हुई है.

महाराष्ट्र में कैसे होगा मेयर पद का चुनाव
मेयर पद पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 29 महानगरपालिका के नए मेयर का चुनाव होगा. इस तरह से महाराष्ट्र के मुंबई को आखिरकार चार साल बाद मेयर मिलने जा रहा है. मुंबई के मेयर का पद संभालने वाली आखिरी शख्स शिवसेना की किशोरी पेडनेकर थीं, जो इस बार भी जीतकर आईं है, लेकिन उद्धव की सेना को बहुमत का नंबर नहीं मिल सका है. इसके चलते उनका मेयर बनने की राह काफी मुश्किल है.

मुंबई के बीएमसी में अलग-अलग वॉर्डों से कुल 227 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं, जिन्हें मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है. ऐसे में जिस पार्टी का बहुमत होता है, उसी पार्टी का मेयर चुना जाता है. बीएमसी सहित सभी नगर महापालिका चुनाव जीतकर आने वाले पार्षद अपने-अपने निगम में मेयर का चुनाव करते हैं.

28 जनवरी को मेयर और उपमेयर का चुनाव?
मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है, वहीं पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं. एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर का चुनाव होता है. ऐसे में प्रशासन नवनिर्वाचित निगम पार्षदों की विशेष बैठक बुलाएगा, जिसमें मेयर और उपमेयर का चुनाव होगा. 28 जनवरी को नगर प्रशासन पार्षदों की विशेष बैठक बुला सकता है. बैठक में मेयर पद के लिए सभी निर्वाचित पार्षद मतदान करेंगे और जिसे सबसे अधिक वोट मिलेंगे, वही मेयर चुना जाएगा.

हालांकि. यह जरूरी नहीं है कि सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी का उम्मीदवार ही मेयर बने, लेकिन बीते वर्षों के चुनावी अनुभव बताते हैं कि आमतौर पर बहुमत या मजबूत गठबंधन वाली पार्टी इस पद पर काबिज होती रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी पहली बार मुंबई में अपने मेयर बना सकती है. इसी तरह से जिस शहर में जिस पार्टी के सबसे ज्यादा पार्षद चुनकर आए हैं, उस पार्टी का मेयर चुनाव जा सकता है.

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