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Thursday, October 29, 2026
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कश्मीर के मौसम में बड़ा उलटफेर………………….किसान परेशान

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बडगाम। साल 2026 में देश के कई हिस्सों में मौसम में असामयिक बदलाव देखने को मिल रहा हैं, और कश्मीर भी इस बदलाव से अछूता नहीं है। घाटी में फरवरी के पहले हफ्ते में हुई अच्छी खासी बर्फबारी के बाद अचानक मौसम में बदलाव आया है। जहां कुछ ही दिन पहले तक हर जगह बर्फ की सफेद चादर बिछी थी, अब वहीं पेड़ फूलों से सजने लगे हैं। खासकर बादाम के फूल सामान्य समय से करीब दो हफ्ते पहले ही खिल गए हैं। आमतौर पर ये फूल मार्च के पहले हफ्ते में खिलते हैं और सर्दी से बसंत के आने का संकेत देते हैं, लेकिन इस बार फसल के संकेत पहले ही दिखाई देने लेगा है। 
बादाम के फूल बसंत की पहली निशानी माने जाते हैं। इस बार फूलों का समय से पहले खिलना किसानों और मौसम विशेषज्ञों दोनों के लिए चिंता का कारण बना है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में तापमान अधिक रहने और बर्फ कम गिरने की वजह से फूल जल्दी खिले हैं। हालांकि यह दृश्य देखने में बहुत खूबसूरत है, लेकिन किसानों के लिए खतरे का संकेत भी है। यदि अचानक ठंड या पाला आए, तब नाजुक फूलों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे बाद में फलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। घाटी में यह असामयिक मौसम परिवर्तन यह दर्शाता है कि हिमालयी क्षेत्र में मौसम का पैटर्न बदल रहा है। समय से पहले खिलने वाले फूल न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद दिलाते हैं, बल्कि यह भी याद दिलाते हैं कि जलवायु में बदलाव कितनी तेजी से हो सकता है। कश्मीर के अन्य मेवों के पेड़ों में भी, जैसे चेरी ब्लॉसम, फूल मार्च के पहले हफ्ते में खिलते हैं, लेकिन इस बार फरवरी के तीसरे हफ्ते में ही उनकी बहार नजर आने लगी।
इस असामयिक खिलने की प्रक्रिया ने घाटी में लोगों और पर्यटकों को आकर्षित किया है। लोग इन गुलाबी और सफेद फूलों की रंगीन चादर को देखने पहुंच रहे हैं, लेकिन किसान चिंतित हैं कि मौसम में अचानक बदलाव फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद समय से पहले आई यह बहार एक तरफ खूबसूरत है, लेकिन दूसरी तरफ भविष्य की पैदावार पर संभावित असर के लिए चेतावनी भी देती है। कुल मिलाकर, कश्मीर का यह मौसम परिवर्तन प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ किसानों और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

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News Desk

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