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Tuesday, August 11, 2026
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उत्तराखंड में इलाज के दौरान मरीज की मौत, निजी अस्पताल ने 2 घंटे इलाज के मांगे 80 हजार रुपए

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हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में निजी अस्पताल की मनमानी और संवेदनहीनता देखने को मिली है. जहां उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त पैसों की मांग करते हुए शव देने से ही इनकार कर दिया. जब मामला एसएसपी तक पहुंचा, तब जाकर अस्पताल ने परिजनों को शव सौंपा. वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी है.

अल्मोड़ा से रेफर हुई थी महिला, हल्द्वानी के निजी अस्पताल में गई जान: जानकारी के मुताबिक, बीती 3 जनवरी की रात अल्मोड़ा के धारानौला के गोलना करड़िया निवासी नंदन बिरौड़िया पुत्र डूंगर सिंह बिरौड़िया ने नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी को फोन कर अपनी पीड़ा बताई. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सीमा बिरौड़िया को बेस अस्पताल अल्मोड़ा से रेफर कर हल्द्वानी स्थित निजी अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

अस्पताल ने बनाया 80 हजार का बिल, भुगतान न करने पर शव देने से किया इनकार: उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन शव देने की बजाय अतिरिक्त पैसों की मांग कर रहा है. साथ ही पैसा न देने शव देने से इनकार किया जा रहा है. पीड़ित ने बताया कि वो आर्थिक रूप से कमजोर है और उपचार के लिए पहले ही 57 हजार रुपए जमा कर चुका है. इसके बावजूद अस्पताल की ओर से 30 हजार रुपए और जमा कराने की शर्त रखी जा रही है. जिससे वो शव लेकर अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं.

पुलिस की हस्तक्षेप पर अस्पताल ने सौंपा शव, मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनाया: पीड़ित की व्यथा सुनते ही एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने तत्काल हल्द्वानी सीओ सिटी अमित कुमार और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विजय मेहता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. जिस पर पुलिस की टीम ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर हस्तक्षेप किया और मृतका का शव परिजनों के सुपुर्द कराया. साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कराया गया.

पुलिस ने दी सख्त हिदायत, एसएसपी ने कही कार्रवाई की बात: इस दौरान पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त लहजे में मानवता का पालन करने की हिदायत दी. साथ ही भविष्य में ऐसी अमानवीय हरकत न करने के निर्देश दिए. वहीं, एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही.

बीती देर रात मेरे पास एक कॉल आया था. कॉलर ने बताया कि निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई. दो घंटे उपचार का बिल अस्पताल ने 80 हजार रुपए बनाया है. जिसमें उन्होंने 57 हजार रुपए जमा भी करा दिए, लेकिन अस्पताल प्रबंधक 30 हजार रुपए और जमा करने के बाद शव सुपुर्द करने की बात कह रहा है. इस सूचना पर मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम को मौके पर भेज कर परिजनों को शव सुपुर्द कराया गया. साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया. इस मामले में अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.“- मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल

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