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साबू जैकब के साथ गठबंधन, मुकाबला अब और तेज़

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नई दिल्ली। ट्वेंटी20(The Twenty20) पार्टी(party) पहली बार 2015(first came into the spotlight in 2015) में सुर्खियों में तब आई थी(She came into the spotlight when), जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत(Home constituency Kizhakkambalam Panchayat) में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20(Twenty20 in local body elections) ने तब किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतीं थीं।

इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव(assembly elections) से पहले केरल की राजनीति(Kerala politics) में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गारमेंट्स कंपनी किटेक्स(Garments company Kitex) (KITEX) समूह द्वारा 2013 में स्थापित ‘ट्वेंटी20 पार्टी’ अब आधिकारिक तौर पर भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन गई है। इस फैसले से केरल में NDA को आगामी विधानसभा चुनावों में अहम बढ़त मिलने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस गठबंन से बीजेपी को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी मजबूती मिली है। उनका कहना है कि एर्नाकुलम में अब नया सियासी मोर्चा खुल सकता है।

इस गठबंधन की घोषणा आज (गुरुवार, 22 जनवरी को) भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और ट्वेंटी20 पार्टी के अध्यक्ष साबू एम. जैकब (किटेक्स के प्रबंध निदेशक) ने संयुक्त रूप से की। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी तिरुवनंतपुर दौरे के दौरान साबू जैकब भी मंच साझा करेंगे। इस दौरान भाजपा शासित नगर निगम के लिए विकास योजनाओं का अनावरण किया जाएगा, जो स्थानीय निकाय चुनावों में किया गया अहम वादा है।

कौन हैं साबू जैकब और उनकी पार्टी ट्वेन्टी20
ट्वेंटी 20 (Twenty20) केरल में स्थित एक पंजीकृत राजनीतिक दल है, जिसकी शुरुआत 2013 में कोच्चि के पास किझक्कमबलम (Kizhakkambalam) ग्राम पंचायत में एक गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन के रूप में हुई थी। साबू एम. जैकब (Sabu M. Jacob) इसके संस्थापक अध्यक्ष हैं। उनके ही नेतृत्व में यह पाटी काम करती है। जैकब बच्चों के कपड़े बनाने वाली प्रमुख कंपनी काइटेक्स ग्रुप (Kitex Group) के MD भी हैं। उन्होंने इसकी शुरुआत मूल रूप से कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के रूप में की थी।

किझक्कंबलम से सियासी पहचान
ट्वेंटी20 पार्टी पहली बार 2015 में सुर्खियों में तब आई थी, जब उसने अपने गृह क्षेत्र किझक्कंबलम पंचायत में शानदार जीत दर्ज की थी। स्थापना के दो साल बाद के स्थानीय निकाय चुनावों में ट्वेंटी 20 ने किझक्कंबलम पंचायत की 19 में से 17 सीटें जीतकर सुर्खियां बटोरीं थीं। 2020 और 2025 के स्थानीय चुनावों में इसने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अन्य पड़ोसी पंचायतों (जैसे ऐक्करानाडु और मझावन्नूर) में भी जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने तीसरी बार इस पंचायत पर कब्जा बरकरार रखा है।

कभी खिलाफ में एक हो गई थी कांग्रेस-भाजपा
दिलचस्प बात यह रही कि किझक्कंबलम में कांग्रेस, CPI(M) और बीजेपी ने कई वार्डों में साझा निर्दलीय उम्मीदवार उतारे थे, ताकि ट्वेंटी20 को हराया जा सके। बावजूद इसके, ट्वेंटी20 ने संयुक्त हमले को नाकाम कर दिया। पार्टी का दावा है कि उसके शासित पंचायतों में भ्रष्टाचार खत्म किया गया और विकास व कल्याण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, जिससे उसे जनता का मजबूत समर्थन मिला।

तेजी से बढ़ता जनाधार
किझक्कंबलम के अलावा, ट्वेंटी20 अब एक और पंचायत पर शासन कर रही है, और एक स्थानीय निकाय में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। ये सभी क्षेत्र कुन्नथुनाड विधानसभा सीट के अंतर्गत आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व फिलहाल CPI(M) के पास है। इससे पहले, 2022 में इस पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ ‘पीपुल्स वेलफेयर अलायंस’ बनाया था, जो बाद में वैचारिक मतभेदों के कारण टूट गया। इस पार्टी का कोई पारंपरिक राजनीतिक झुकाव नहीं है; यह खुद को पारंपरिक दलों (LDF और UDF) के विकल्प के रूप में पेश करती है और इसका पूरा ध्यान ‘कॉर्पोरेट-शैली’ के प्रबंधन और लोक कल्याण पर है।

BJP के लिए रणनीतिक फायदा
पिछले विधानसभा चुनावों में कुन्नथुनाड में ट्वेंटी20 की मौजूदगी का फायदा CPI(M) को मिला था, क्योंकि इसने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई थी। उस क्षेत्र में बीजेपी अब तक बड़ा खिलाड़ी नहीं रही है लेकिन अब ट्वेंटी20 के NDA में शामिल होने से बीजेपी को एर्नाकुलम जिले में नया सियासी मैदान मिल गया है। इससे कांग्रेस और वाम मोर्चे—दोनों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। भाजपा इस गठबंधन के माध्यम से मध्य केरल के ईसाई मतदाताओं तक अपनी पहुंच बनाना चाहती है, जो पारंपरिक रूप से ट्वेंटी 20 और साबू जैकब (जो जैकोबाइट समुदाय से हैं) का समर्थन करते रहे हैं। 2021 के चुनावों में ट्वेंटी 20 ने केवल 8 सीटों पर लड़कर 15.3% वोट हासिल किए थे। 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भी इसने औसत 12% वोट शेयर बरकरार रखा, जिसका लाभ अब NDA को मिलने की उम्मीद है।

पहले भी आजमा चुकी है किस्मत
ट्वेंटी20 ने 2021 के विधानसभा चुनावों में एर्नाकुलम की कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों जैसी सफलता वह दोहरा नहीं पाई थी। NDA में शामिल होने के बाद पार्टी की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बहरहाल, ट्वेंटी20 का NDA में शामिल होना केरल की राजनीति में तीसरे विकल्प को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यह गठबंधन आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा या नहीं, यह तो वक्त बताएगा—लेकिन इतना तय है कि राज्य की सियासत अब और दिलचस्प और त्रिकोणात्मक होती जा रही है।

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