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Tuesday, September 8, 2026
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संक्रांति के बाद BJP संगठन में बड़े बदलाव के आसार… राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं नितिन नबीन

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) में परिवर्तन की प्रक्रिया जोरों पर है। दिसंबर 2025 में बिहार के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) (45 वर्ष) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (National Executive Chairman) नियुक्त किया गया है। वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा नेता हैं जो इस शीर्ष संगठनात्मक पद तक पहुंचे हैं। नितिन नबीन बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक हैं और नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी के युवा मोर्चा में लंबे समय तक सक्रिय रहे तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जनवरी 2020 से इस पद पर हैं। अब जनवरी 2026 के मध्य तक नितिन नबीन को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन के चुनाव को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अनुमोदित किया जाएगा, जो इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नबीन द्वारा अपनी नई टीम बनाने के लिए संगठनात्मक फेरबदल किए जाने की उम्मीद है, जो एक ‘समावेशी’ प्रक्रिया होगी। भाजपा के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम भाजपा और संघ परिवार के बीच तालमेल और समन्वय को दर्शाएगी।

मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होने की उम्मीद
एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के संगठनात्मक स्तरों में व्यापक फेरबदल से जुड़ी इस प्रक्रिया के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल हो सकता है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने यह भी बताया कि जून 2024 में इसके गठन के बाद से इसमें कोई फेरबदल नहीं हुआ है। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रही है। जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होने की उम्मीद है, जिसमें युवा नेतृत्व के साथ-साथ जाट समुदाय के चेहरों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार और संगठन दोनों में जाट समुदाय का घटता प्रतिनिधित्व भी हमारे उच्च कमान के विचार-विमर्श के बिंदुओं में से एक है।

सरकार और संगठन में आएंगे संघ परिवार से जुड़े लोग
पार्टी सूत्रों ने कहा कि नबीन ने भाजपा और उसके वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस के बीच संबंधों और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं, इससे यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे केंद्र सरकार और पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के बीच ‘सक्रिय समन्वय’ सुनिश्चित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और आरएसएस पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के कामकाज की समीक्षा करने जा रहे हैं और संगठन तथा सरकारी या अर्ध-सरकारी निकायों, जिनमें विभिन्न आयोग भी शामिल हैं, में कई नई नियुक्तियों पर चर्चा करेंगे। एक पार्टी नेता ने कहा कि इससे राज्य के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के लिए केंद्रीय स्तर पर संगठनात्मक या सरकारी भूमिकाएं निभाने का रास्ता खुल जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि ऐसे कई नेताओं को समायोजित किए जाने की संभावना है, जिनमें वे नेता भी शामिल हैं जो अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में पार्टी के साथ रहे हैं। ये नेता बिहार जैसे राज्यों के साथ-साथ उन राज्यों से भी होंगे जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और आरएसएस की हालिया समन्वय बैठकों के दौरान, आरएसएस ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे नेताओं की पहचान की जानी चाहिए जो तीन-चार दशकों से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं लेकिन संगठन, सरकार या किसी अन्य सार्वजनिक संस्था में उन्हें स्थान नहीं मिला है। नितिन नबीन उन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समूह में शामिल हैं जो इस प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं।

मकर संक्रांति के बाद फेरबदल की संभावना
भाजपा सूत्रों ने बताया कि हमारा ध्यान उन लोगों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं देने पर है जिन्होंने अपना पूरा जीवन भाजपा और संघ के लिए समर्पित कर दिया है। यह प्रक्रिया जारी है, लेकिन घोषणाओं के लिए सीमित अवसर ही उपलब्ध होंगे। सूत्रों ने बताया कि अधिकांश महत्वपूर्ण नियुक्तियां मकर संक्रांति के बाद से लेकर बजट सत्र के प्रारंभ होने तक होने की उम्मीद है, जो फरवरी की शुरुआत से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के लिए एक और समयसीमा आगामी राज्य चुनावों की घोषणा से पहले होने की संभावना है।

 

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