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Tuesday, September 8, 2026
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फ्लाइट छूटी तो ट्रेन से मुंबई पहुंचे शिवम दुबे

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भारतीय टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मुकाबले में भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। लंबे कद के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 20वें ओवर में तीन चौके और दो छक्के जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक ‘दुबे-दुबे’ के नारों से गूंज उठे, 

फ्लाइट नहीं मिली तो ट्रेन से निकल पड़े मुंबई

फाइनल के बाद अधिकतर खिलाड़ी और स्टाफ फ्लाइट से अपने-अपने शहरों के लिए रवाना हुए, लेकिन दुबे को मुंबई के लिए कोई फ्लाइट नहीं मिल पाई। ऐसे में उन्होंने ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया। दुबे ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘मुंबई के लिए कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने सुबह जल्दी अहमदाबाद से ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। हम सड़क से भी जा सकते थे, लेकिन ट्रेन ज्यादा तेज विकल्प था।’ दुबे अपनी पत्नी अंजुम और एक दोस्त के साथ अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस की एसी 3-टियर बोगी में सवार हुए।

पहचान छिपाने के लिए अपनाया खास प्लान

दुबे जानते थे कि वर्ल्ड कप जीतने के तुरंत बाद अगर लोग उन्हें पहचान लेते तो स्टेशन या ट्रेन में भारी भीड़ जुट सकती थी। इसलिए उन्होंने पहचान छिपाने के लिए खास योजना बनाई। उन्होंने बताया, ‘मैं, मेरी पत्नी और एक दोस्त ट्रेन से जाने का फैसला किया। एसी 3-टियर की टिकट मिली, तो हमने वही बुक कर ली। परिवार और दोस्तों को चिंता थी कि कहीं स्टेशन या ट्रेन में किसी ने पहचान लिया तो क्या होगा।’ इस दौरान उन्होंने कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनकर खुद को छिपाने की कोशिश की।

ट्रेन की अपर बर्थ पर छिपे रहे वर्ल्ड कप हीरो

सुबह 5:10 बजे ट्रेन रवाना होने वाली थी। दुबे को उम्मीद थी कि प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं होगी, लेकिन वहां कई क्रिकेट फैंस मौजूद थे, जिनमें कुछ भारत की जर्सी पहने हुए भी थे। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी योजना थोड़ी बदल दी। दुबे ने कहा, ‘मैंने पत्नी से कहा कि मैं ट्रेन छूटने से पांच मिनट पहले तक कार में ही इंतजार करूंगा। फिर अचानक दौड़कर ट्रेन में चढ़ जाऊंगा।’ ट्रेन में चढ़ते ही दुबे सीधे अपनी सीट की अपर बर्थ पर पहुंच गए और रेलवे के भूरे कंबल में खुद को ढक लिया।

टिकट चेकर से भी बाल-बाल बचे

सफर के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया जब टिकट चेकर टिकट जांचने पहुंचा। दुबे ने बताया, ‘टीसी ने पूछा, शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर? मेरी पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया- नहीं-नहीं, वो यहां कहां से आएगा। इसके बाद टीसी आगे बढ़ गया।ट इस घटना के बाद दुबे ने राहत की सांस ली और करीब आठ घंटे के सफर में ज्यादा समय सोकर ही बिताया।

उतरते समय पुलिस से लेनी पड़ी मदद

ट्रेन यात्रा के दौरान किसी ने उन्हें पहचान नहीं पाया, लेकिन मुंबई पहुंचते समय दुबे को थोड़ा डर था कि दिन के उजाले में स्टेशन पर भीड़ जुट सकती है। उन्होंने कहा, ‘रात में मैं बर्थ से नीचे उतरा और वॉशरूम तक गया, लेकिन किसी ने पहचाना नहीं। सफर अच्छा रहा, लेकिन बोरीवली स्टेशन पर उतरते समय मुझे थोड़ा डर लग रहा था।’ आखिरकार उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता की। दुबे ने हंसते हुए कहा, ‘पुलिस को लगा कि मैं एयरपोर्ट पर उतर रहा हूं, लेकिन जब मैंने बताया कि मैं ट्रेन से आ रहा हूं तो वे भी हैरान रह गए।’

टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन

टी20 विश्व कप में दुबे का प्रदर्शन शानदार रहा। कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ने उन्हें टीम में खास भूमिका दी थी। दुबे ने पूरे टूर्नामेंट में 39 की औसत और 169 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 17 छक्के और 15 चौके लगाए। फाइनल में उनकी आठ गेंदों में 26 रन की पारी काफी अहम साबित हुई। दुबे ने कहा, ‘मुझसे कहा गया था कि जब मैं बल्लेबाजी करूं तो रन रेट कभी कम न होने दूं और गेंदबाजी करते समय विपक्षी टीम को ज्यादा रन न बनाने दूं।’

घर पहुंचते ही बच्चों से मिले वर्ल्ड कप हीरो

आखिरकार दोपहर तक दुबे मुंबई स्थित अपने घर पहुंच गए। वहां उनके चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी मेहविश उनका इंतजार कर रहे थे। विश्व कप जीतने के बाद ट्रेन की अपर बर्थ पर छिपकर घर लौटने वाला यह सफर उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। वर्ल्ड कप हीरो घर पहुंच चुका था, लेकिन रेलवे का वह भूरा कंबल ट्रेन में ही रह गया।

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