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Tuesday, September 8, 2026
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कंगना रनौत ने राहुल गांधी को दी सलाह, कहा- आप भी बन सकते हैं अटल जी जैसा नेता, बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए

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नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार(Central government) पर आरोप लगाया कि वह विदेशी मेहमानों को नेता विपक्ष से नहीं मिलने देती है, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी (Bihari Vajpayee)और मनमोहन सिंह (Manmohan Singh)के दौर में मिलने की परपराएं थीं। इस पर भाजपा सांसद(BJP MP) कंगना रनौत ने कहा है कि देश के लिए राहुल गांधी की भावनाएं काफी संदिग्ध हैं। उन्होंने राहुल गांधी को बीजेपी ज्वाइन करने की सलाह दी। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी भी अटल बिहारी वाजपेयी बन सकते हैं। वे भाजपा में शामिल हो जाएं।

राहुल गांधी के आरोपों पर कंगना रनौत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ”सरकार के अपने फैसले होते हैं। अटल जी नेशनल असेट्स थे। पूरे देश को उन पर गर्व था। लेकिन राहुल गांधी की देश के प्रति उनकी भावनाएं काफी संदिग्ध है। इंटरनेशनल जो साजिश हो रही है, चाहे वह दंगे फैलाना हो या टुकड़े करने की साजिश हो। संदिग्ध है। अगर राहुल गांधी अपने आप को अटल जी से तुलना कर रहे हैं तो मेरा एक ही सुझाव रहेगा कि आप बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए। भगवान ने आपको जन्म दिया है, जीवन दिया है। आप भी अटल जी बन सकते हैं, आप बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए।”

 

दरअसल, केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि सरकार में विपक्ष के नेता को विदेशी गणमान्य मेहमानों से मिलने नहीं दिया जाता है। गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पहले जो भी विदेशी मेहमान आते थे तो उन्हें विपक्ष के नेता से मिलने दिया जाता था। यह परंपरा मोदी सरकार के आने से पहले तक जारी रही है लेकिन अब नहीं मिलने दिया जाता। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उसे विदेशी गणमान्य अतिथि से मिलने की इजाजत होनी चाहिए लेकिन मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय इन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं।

 

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, “आमतौर पर यह परंपरा है कि जो भी बाहर से आता है वह विपक्ष के नेता से भी मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और डॉ मनमोहन सिंह की सरकारों के दौरान यही होता था। यह एक परंपरा रही है, लेकिन अब विदेशी गणमान्य मेहमान आते हैं या जब मैं विदेश यात्रा पर जाता हूं, तो सरकार उन्हें विपक्ष के नेता से नहीं मिलने के लिए कहती है। यह उनकी नीति है और वे हर बार ऐसा ही करते हैं। मैं भी जब विदेश जाता हूं तो बताया जाता है कि सरकार का परामर्श है कि इनसे नहीं मिलना है।”

रूसी राष्ट्रपति के साथ संबंधों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हमारे सभी के साथ संबंध हैं। एलओपी एक अलग दृष्टिकोण देता हैं। हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ सरकार ही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर से आने वाले लोगों से मिले जबकि मिलने की परंपरा रही है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय इस नियम और ऐसे मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में कहा कि लोकतंत्र में देश में आने वाले गणमान्य मेहमान से मिलने की इजाजत देना अच्छा है।

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