‘कांग्रेस के माथे पर OBC जनगणना रोकने का कलंक’—मोहन यादव का बड़ा बयान

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भोपाल| मध्य प्रदेश में ओबीसी जनगणना को लेकर सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ओबीसी जनगणना को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के माथे पर ओबीसी जनगणना को रोकने का कलंक है. कांग्रेस का काम सिर्फ झूठ बोलने का है. इसलिए चुनावों में जनता कांग्रेस को हर बार नकार देती है|

‘कांग्रेस ऊंचे और नीचे वर्ग को लड़ाने का काम करती है’

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, ‘कांग्रेस हमेशा झूठ बोलो और आगे बढ़ो, इसी योजना पर चलती है. कांग्रेस के झूठ को जनता जानती है, इसलिए हर चुनाव में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ती है. कांग्रेस ने 1971 में गरीबी हटाने की बात कही. गरीबी हटी नहीं, कांग्रेस लगातार बेवकूफ बनाती रही. ओबीसी की जनगणना को बंद करवाने का आरोप भी कांग्रेस के माथे पर है. कांग्रेस सामाजिक विद्वेष फैलाना का काम करती है. ऊंचे वर्ग, नीचे वर्ग करके लड़ाने का काम करती है. इन्होंने फूलसिंह बरैया भी कभी कार्रवाई नहीं की.’

‘कांग्रेस ना समाज की है और ना ही भगवान ही है’

सीएम डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने राम मंदिर के मामले में अड़ंगा लगाया. ना कांग्रेस भगवान की हुई और ना ही समाज की हुई. कांग्रेस सिर्फ अपने स्वार्थ की है|’वहीं विधानसभा सत्र के दौरान हंगामे को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास सिर्फ झूठ फैलाना का काम है. कांग्रेस मैदान में काम करने के बजाय हंगामा मचाने का काम करती है|

‘जब प्यास लगती है, तब भाजपा कुआं नहीं खोदती है’

वहीं प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बात की. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम चुनाव से पहले ही तैयारी में लगे रहते हैं. भाजपा ऐसी पार्टी नहीं है, जो जब प्यास लगे तब ही कुआं खोदे. जब चुनाव आता है तब कांग्रेस सोचती है, इसलिए हारती है|’

‘बीसीसीआई और भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं’, बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक का बयान

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बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो चुका है। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद तारिक रहमान ने भारत के साथ पिछले एक साल के अंदर खराब हुए रिश्ते सुधारने की कोशिश तेज कर दी है। बांग्लादेश के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि वह भारत के साथ संबंध बेहतर करना चाहते हैं।

रिश्ते सुधारना चाहता है बांग्लादेश

खेल मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद अमीनुल हक ने कहा कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं और सारे मुद्दों को जल्द सुलझाना चाहते हैं। उन्होंने कहा,’शपथ लेने के बाद, मैं संसद भवन में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से मिला। उनसे टी20 विश्व कप पर बात की। यह एक अच्छी बातचीत थी। मैंने उनसे कहा कि हम इस मुद्दे को बातचीत से जल्दी सुलझाना चाहते हैं। हम सभी पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं।’

‘भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं’

अमीनुल हक ने कहा, ‘खेल के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। राजनीतिक दिक्कतों के कारण, हम टी20 विश्व कप नहीं खेल सके। अगर चर्चा हुई होती, तो उन मुद्दों का समाधान हो गया होता और हमारी टीम विश्व कप का हिस्सा होती।’

आईसीसी ने बाहर किया था

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के बाद बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 की अपनी टीम से बाहर करने का आदेश दिया था। केकेआर ने बोर्ड का आदेश माना था। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने विश्व कप 2026 के लिए अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया और अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग आईसीसी से की।आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग नहीं मानी जिसके बाद अपनी सरकार की सलाह पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने का फैसला किया था। बांग्लादेश की जगह आईसीसी ने स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह दी थी।

पन्ना में पहली बार होगी संयुक्त हीरा नीलामी, तीन साल बाद रफ्तार पकड़ेगा कारोबार

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पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हीरा कारोबार को नई गति मिलने जा रही है। देश की एकमात्र मशीनीकृत हीरा खदान संचालित करने वाली कंपनी नेशनल मिनरल डेवलप्मेंट कारपोरेशन (एनएमडीसी) की मझगवां स्थित हीरा परियोजना और उथली खदानों से प्राप्त हीरों की पहली बार संयुक्त नीलामी पन्ना में आयोजित की जाएगी। यह बहुप्रतीक्षित नीलामी 15 से 30 मार्च के बीच नव-निर्मित हीरा कार्यालय परिसर में प्रस्तावित है। 
अब तक एनएमडीसी की खदानों और उथली खदानों के हीरों की नीलामी अलग-अलग आयोजित होती रही है, लेकिन पहली बार दोनों स्रोतों के हीरे एक ही मंच पर नीलाम होंगे। इससे स्थानीय व्यापारियों और बड़े खरीदारों को एक ही स्थान पर विविध श्रेणी के हीरे उपलब्ध हो सकेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त नीलामी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। खनन दोबारा शुरू होने और अब संयुक्त नीलामी के आयोजन से पन्ना के हीरा उद्योग में नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद है।

एकमात्र मशीनीकृत हीरा खदान 
एनएमडीसी की मझगवां हीरा परियोजना देश की इकलौती मशीनीकृत हीरा खदान है, जहां अत्याधुनिक अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित है। संयुक्त नीलामी को ध्यान में रखते हुए नव-निर्मित हीरा कार्यालय परिसर के हॉल को तैयार किया जा रहा है। एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था पूरी हो चुकी है, जबकि फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का कार्य अंतिम चरण में है। प्रशासन का दावा है कि इस बार नीलामी पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगी। 

तीन साल बंद रहा उत्पादन
गौरतलब है कि 1 जनवरी 2021 को पर्यावरणीय स्वीकृति समाप्त होने के कारण मझगवां हीरा खदान में खनन कार्य बंद करना पड़ा था। लगभग तीन वर्षों तक उत्पादन पूरी तरह ठप रहा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार प्रभावित हुआ। मार्च 2024 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद पुनः खनन शुरू किया गया। एनएमडीसी को दो खनन पट्टों पर दोबारा खनन की स्वीकृति मिली है। 

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सुप्रीम कोर्ट में फिल्म का टाइटल वापस, नया नाम बाकी

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मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर छिड़े विवाद के बीच अब निर्माता नीरज पाडें ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना स्टेटमेंट दिया है। नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिल्म का नया शीर्षक अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि हमने ‘घुसखोर पंडित’ का शीर्षक और प्रचार सामग्री वापस ले ली है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नीरज पांडे द्वारा ‘घुसखोर पंडित’ का शीर्षक वापस लेने संबंधी हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया और फिल्म के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा कर दिया।

किसी धर्म, समुदाय या नागरिक की धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं करती फिल्म

शीर्ष न्यायालय में अपना हलफनामा दाखिल करते हुए नीरज पांडे ने कहा कि फिल्म किसी भी धर्म या समुदाय का अपमान नहीं करती या उन्हें निशाना नहीं बनाती है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि न तो मेरा और न ही मेरे प्रोडक्शन हाउस का भारत के किसी भी नागरिक की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादा था। फिल्म किसी भी माध्यम से किसी भी धर्म, समुदाय या धार्मिक मान्यताओं का अपमान नहीं करती है।
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प्रचार सामग्री पहले ही वापस हो चुकी है

फिल्म का टीजर जारी होने के बाद ही इसके टाइटल को लेकर विवाद उठा था। प्रचार सामग्री को लेकर निर्माता ने हलफनामे में कहा कि  जनता से प्राप्त चिंताओं पर विचार करने के बाद 6 फरवरी को ही फिल्म से संबंधित प्रचार सामग्री वापस ले ली गई थी।साथ ही कोर्ट को ये भी बताया कि विवादित शीर्षक का अब इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। तय किया जाने वाला कोई भी नया शीर्षक पहले वाले टाइटल की तरह या उससे मिलता-जुलता भी नहीं होगा।हलफनामे में स्पष्ट किया गया है कि फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, जो एक आपराधिक जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। यह किसी भी जाति, धर्म, समुदाय या संप्रदाय को भ्रष्ट के रूप में नहीं दिखाती।

कोर्ट ने मेकर्स को लगाई थी फटकार

  • यह हलफनामा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 12 फरवरी को फिल्म निर्माताओं पर ‘घुसखोर पंडित’ शीर्षक को लेकर कड़ी फटकार लगाने के बाद आया है।
  • सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल समाज के किसी वर्ग को बदनाम करने के लाइसेंस के रूप में नहीं किया जा सकता।
  • न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने केंद्र सरकार, सीबीएफसी और फिल्म निर्माता को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि शीर्षक बदले बिना फिल्म को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

याचिका में कही गई ये बात

ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा द्वारा अधिवक्ता डॉ. विनोद कुमार तिवारी के माध्यम से फिल्म को लेकर याचिका दायर की गई थी। इस जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि फिल्म का शीर्षक और कहानी जाति और धर्म आधारित रूढ़िवादिता को बढ़ावा देते हैं। साथ ही ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में ममता सरकार ने कहा, ईडी को हथियार के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा 

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में आई-पैक से जुड़े ईडी की छापेमारी मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ममता सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का उन राज्यों में हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जहां विरोधी दलों की सरकार है।
वहीं केंद्रीय एजेंसी ने पलटवार कर कहा कि हम किसी के हथियार नहीं हैं। बल्कि बंगाल में ममता सरकार ने हमें धमकाया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसका हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और किसे धमकाया जा रहा है, यह हम तय करने वाले है। 
बात दें कि ईडी ने आई-पैक रेड मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। ईडी का आरोप है कि 8 जनवरी को आई-पैक के ऑफिसों पर रेड के दौरान सीएम ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस के अधिकारियों ने उनकी कार्रवाई में बाधा डाली। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 18 मार्च तक टाल दी है। इससे पहले 3 फरवरी को सुनवाई टाली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का ईडी की जांच में बाधा डालना बहुत गंभीर मुद्दा है।
आई-पैक यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की थी। पूरा मामला 2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि 20 करोड़ हवाला के जरिए आई-पैक तक ट्रांसफर हुए। ईडी ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ईडी ने कोलकाता में आई-पैक और उसके डायरेक्टर जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था।
ईडी का सर्च ऑपरेशन चल ही रहा था कि तभी सीएम ममता बनर्जी अन्य टीएमसी नेताओं के साथ आई-पैक ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ममता ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने आरोप लगाया है कि आई-पैक पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ईडी ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। 

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राजस्थान में हल्की बारिश, दिल्ली में छाए रहे बादल वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार

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जयपुर। जयपुर समेत राजस्थान में कई जगह बुधवार सुबह हल्की बारिश हुई। बारिश व बूंदाबांदी का दौर रात से ही शुरू हो गया था। उधर दिल्ली में बुधवार सुबह मौसम ने करवट ली और घने बादल आसमान में छा गए। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश की फुहारें पड़ी। बदलते मौसम और तेज हवा के कारण वायु गुणवत्ता में भी आंशिक सुधार देखा गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को दिनभर सामान्यतः बादल छाए रहे और हल्की बारिश की संभावना बनी रही। बुधवार का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 
सात दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 फरवरी को न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा और मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। 20 को भी पारा 12 से 28 डिग्री के बीच रहेगा। 21 को न्यूनतम 13 और अधिकतम 28 डिग्री 22 और 23 को तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहेगा यानी बुधवार को हल्की गिरावट के बाद आने वाले दिनों में तापमान लगातार बढ़ता रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के कई इलाकों में अभी भी हवा खराब श्रेणी में है। अलीपुर में एक्यूआई 255, आनंद विहार में 285, अशोक विहार में 264 दर्ज किया गया। आया नगर में 179 और सीआरआरआई मथुरा रोड पर 185 के साथ मध्यम श्रेणी रही। बवाना में एक्यूआई 307 के साथ बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि चांदनी चौक में 286 और डीटीयू में 249 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक्यूआई 296, लोनी में 352, संजय नगर में 203 और वसुंधरा में 268 दर्ज किया गया।
वहीं नोएडा के सेक्टर-125 में 275, सेक्टर-62 में 220, सेक्टर-1 में 205 और सेक्टर-116 में 236 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। तेज हवाओं और हल्की बारिश के चलते प्रदूषण स्तर में कुछ हद तक कमी आई है, लेकिन कई क्षेत्रों में अब भी हवा खराब श्रेणी में बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि आज की बारिश और हवा से राहत जरूर मिलेगी, हालांकि अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने के साथ प्रदूषण स्तर में उतार-चढ़ाव संभव है।

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शिवाजी महाराज पर आधारित हैं ये फिल्में, इन कलाकारों ने पर्दे पर निभाया उनका किरदार

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भारत के महान योद्धाओं में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज की आज जयंती है। वह शिवाजी राजे भोसले या महाराज के नाम से जाने जाते थे। 19 फरवरी 1630 को पुणे के शिवनेरी दुर्ग में जन्मे शिवाजी महाराज के पिता का नाम शाहजी राजे भोसले था। उनके दादाजी कोंडदेव ने उन्हें युद्ध और प्रशासन की ट्रेनिंग दी। आज शिवाजी महाराज की जयंती पर आइए जानते हैं कि उन पर कौन-कौन सी फिल्में बनीं और उनके किरदार को किन-किन अभिनेताओं ने निभाया है।

शिवाजी महाराज पर आधारित फिल्में

शेर शिवराज (2022)

छत्रपति शिवाजी महाराज पर बनी यह फिल्म अफजल खान और उनके बीच के संघर्ष को दिखाती है। इसमें दिखाया गया है कि आदिलशाही सल्तनत ने शिवाजी महाराज के प्रभाव को रोकने के लिए अफजल खान को भेजा। प्रतापगढ़ की तलहटी में अफजल खान, शिवाजी महाराज को मारने की कोशिश करता है। हालांकि महाराज ‘वाघ नख’ (बाघ के पंजे) से उसका वध कर देते हैं।

पावनखिंड (2022)

फिल्म ‘पावनखिंड’ में मराठा साम्राज्य की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म 13 जुलाई 1660 को हुई ‘पावनखिंड की लड़ाई’ पर आधारित है। यह फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके सेनापति बाजी प्रभु देशपांडे के बलिदान को दर्शाती है। इसके निर्देशक दिगपाल लांजेकर हैं।

फरजंद (2019)

यह फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के एक बहादुर योद्धा कोंडाजी फरजंद पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि साल 1673 में सिर्फ 60 मराठा सैनिकों ने बेशक खान के 2500 सैनिकों को हराया था।  यह फिल्म साहस, रणनीति और बलिदान की कहानी दिखाती है। इसका निर्देशन दिगपाल लांजेकर ने किया था।

फत्तेशिकस्त (2019)

यह मराठी ऐतिहासिक ड्रामा है। इसमें दिखाया गया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने पुणे के लाल महल में मुगल सूबेदार शाइस्ता खान के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। यह फिल्म शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्धनीति और उनकी रणनीति दिखाती है। इसमें चिन्मय मंडलेकर ने शिवाजी महाराज की भूमिका निभाई है।

इन कलाकारों ने निभाया शिवाजी का किरदार

शरद केलकर

अभिनेता शरद केलकर ने साल 2020 में रिलीज हुई फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ में छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार निभाया था। केलकर ने अपने अभिनय से शिवाजी महाराज को पर्दे पर जीवंत कर दिया था। इस फिल्म में अजय देवगन, सैफ अली खान और काजोल मुख्य भूमिका में थे।

महेश मांजेकर

मराठी फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड के अभिनेता महेश मांजेरकर ने पर्दे पर शिवाजी महाराज का किरदार निभाया है। उन्होंने साल 2009 में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘मी शिवाजीराजे भोसले बोलतोय’ (2009)  में छत्रपति शिवाजी महाराज को पर्दे पर उतार दिया।

नसीरुद्दीन शाह

बॉलीवुड के सबसे मशहूर कलाकारों में शामिल नसीरुद्दीन शाह ने शिवाजी महाराज का किरदार निभाया था। उन्होंने साल 1988 में श्याम बेनेगल के टीवी शो ‘भारत की खोज’  में यह किरदार निभाया था। लोगों ने इसे खूब पसंद किया था।

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अक्षय कुमार और आरजे महवश

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अमोल कोल्हे

अभिनेता अमोल कोल्हे ने भी शिवाजी महाराज के किरदार को पर्दे पर जीवंत किया है। उन्होंने मशहूर मराठी टीवी सीरियल ‘राजा शिवछत्रपति’ में छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार निभाया था। इस शो ने उन्हें काफी पहचान दिलाई।

राहुल गांधी के मनाने के बाद भी नहीं माने भूपेन बोरा? भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज

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गुवाहाटी। असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। भूपेन बोरा (Bhupen Bora) के इस्तीफे के बाद अब उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने दावा किया है कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा का दामन थाम सकते हैं और उनके साथ कई अन्य कांग्रेस नेता भी पार्टी में आ सकते हैं।

इस्तीफा, मनुहार और अब नया सियासी मोड़
सोमवार को बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। बताया गया कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाने की कोशिश की थी, लेकिन अब उनके भाजपा में जाने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

हिमंत सरमा बोले-“यह उनके लिए घर वापसी”
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी संभावित जॉइनिंग को मंजूरी दे दी है और भाजपा में उनका स्वागत होगा। उन्होंने इसे “घर वापसी” बताते हुए कहा कि भाजपा वंशवाद की राजनीति नहीं, बल्कि कार्यकर्ता आधारित राजनीति में विश्वास करती है।

 

सरमा हाल ही में गुवाहाटी के घोरमारा स्थित बोरा के आवास भी पहुंचे थे, जहां उनका पारिवारिक स्वागत हुआ। उन्होंने पहले भी संकेत दिया था कि भाजपा के दरवाजे बोरा के लिए खुले हैं।

 

अंतिम फैसला लेने से पहले समर्थकों से चर्चा
दिन में पत्रकारों से बातचीत में बोरा ने कहा कि वह अंतिम निर्णय से पहले अपने समर्थकों और लखीमपुर के लोगों से चर्चा करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि वह “एपीसीसी में रह सकते हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं”, जिसे राजनीतिक रूप से धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन पर टिप्पणी माना जा रहा है।

टिकट विवाद और पुराने मतभेद भी बने वजह
बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम सुझाया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
यह सीट खाली होने के बाद उम्मीदवार के रूप में रकीबुल हुसैन के बेटे को उतारा गया, जिन्हें भाजपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा।

AIUDF गठबंधन पर भी जताई थी नाराजगी
बोरा ने 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ कांग्रेस के गठबंधन का विरोध किया था।
उनका कहना था कि इस फैसले पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कई बार पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। बाद में गठबंधन टूट गया और लोकसभा चुनाव में रकीबुल हुसैन ने AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को बड़े अंतर से हराया।

भूपेन बोरा का अगला कदम असम की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और राज्य की सियासत में एक अहम पुनर्संरेखण माना जाएगा। फिलहाल सबकी नजर उनके अंतिम फैसले पर टिकी है।

पीएम मोदी ने सभी मेहमानों का किया स्वागत, थोड़ी देर में करेंगे संबोधित

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नई दिल्ली: भारत में आज गुरुवार को इंडिया एआई (AI) इंपैक्ट समिट 2026 का औपचारिक उद्घाटन होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे. इस दौरान करीब 60 से ज्यादा देशों की भागीदारी देखने को मिलेगी. बता दें, एआई समिट में AI गवर्नेंस, सॉवरेन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा की जाएगी.

ताजा जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने इस समिट में शामिल हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया. समिट के उद्घाटन समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला समेत कई राष्ट्रों के राष्ट्रध्यक्ष शामिल हो रहे हैं. इनके अलावा एआई समिट 2026 में 500 से ज्यादा एआई लीडर्स, 100 से ज्यादा सरकार के प्रतिनिधि, 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष. 60 मंत्री, 150 से ज्यादा शिक्षाविद, शोधकर्ता और सैकड़ों एक्सपर्टस भी शामिल हो रहे हैं.

पीएम मोदी के दिनभर के कार्यक्रम की बात करें तो तमाम नेताओं से मुलाकात करेंगे. वहीं, शाम को कई CEO के साथ राउंडटेबल बैठकें भी शामिल हैं.

शिवाजी महाराज की जयंती पर कलाकारों ने किया नमन, रितेश देशमुख बोले- युवाओं को पता होना चाहिए उनका बलिदान

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आज पूरे देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जा रही है। 19 फरवरी को जन्मे शिवाजी महाराज ने उस वक्त स्वराज का सपना देखा, जब देश का ज्यादातर हिस्सा विदेशी सत्ता के अधीन था। उन्होंने स्वराज के लिए संघर्ष किया। आज उनकी जयंती के मौके पर सेलेब्स उन्हें याद कर रहे हैं। आइए डालते हैं एक नजर।

रितेश देशमुख

बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज की जयंती पर कहा ‘मैं शिव जयंती के मौके पर भगवान शिव के सभी भक्तों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। छत्रपति शिवाजी महाराज हमें हमेशा प्रेरित करते हैं और नई ऊर्जा देते हैं। युवाओं को देश के लिए उनके दिए गए अलग-अलग बलिदानों के बारे में पता होना चाहिए। हम सभी को अच्छा इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए।’ शिवाजी महाराज की जयंती पर कलाकारों ने किया नमन, रितेश देशमुख बोले- युवाओं को पता होना चाहिए उनका बलिदान सार आज पूरे देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जा रही है। 19 फरवरी को जन्मे शिवाजी महाराज ने उस वक्त स्वराज का सपना देखा, जब देश का ज्यादातर हिस्सा विदेशी सत्ता के अधीन था। उन्होंने स्वराज के लिए संघर्ष किया। आज उनकी जयंती के मौके पर सेलेब्स उन्हें याद कर रहे हैं। आइए डालते हैं एक नजर।

रितेश देशमुख

बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज की जयंती पर कहा ‘मैं शिव जयंती के मौके पर भगवान शिव के सभी भक्तों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। छत्रपति शिवाजी महाराज हमें हमेशा प्रेरित करते हैं और नई ऊर्जा देते हैं। युवाओं को देश के लिए उनके दिए गए अलग-अलग बलिदानों के बारे में पता होना चाहिए। हम सभी को अच्छा इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए।’

उर्मिला मातोंडकर

अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने एक्स पर शिवाजी महाराज का एक पोस्टर शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

कब हुआ शिवाजी महाराज का जन्म?

आपको बता दें कि शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनकी माता का नाम राजमाता जीजाबाई था। उन्होंने बचपन से ही उनमें धर्म और नीति के संस्कार डाले। उनके पिता शाहजी भोसले एक वीर योद्धा थे। शिवाजी महाराज ने किशोर अवस्था में मराठा शक्ति की नींव रखी। उनकी गुरिल्ला युद्ध नीति (गनिमी कावा) ने शक्तिशाली साम्राज्यों को भी हिला दिया। 1674 में रायगढ़ किले पर उनका भव्य राज्याभिषेक हुआ और वे औपचारिक रूप से ‘छत्रपति’ बने।

शिव ठाकरे

टीवी कलाकार शिव ठाकरे ने शिवाजी महाराज की जयंती पर फैंस को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘शिव जयंती के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं!’