सरकार बदली, सुर बदले! बांग्लादेश के नए खेल मंत्री ने कहा- शाकिब-मुर्तजा की वापसी चाहते हैं

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बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद खेल जगत में भी नई हलचल देखने को मिल रही है। बीएनपी नेतृत्व वाली नई सरकार में युवा एवं खेल राज्य मंत्री बने अमीनुल हक ने संकेत दिया है कि दिग्गज क्रिकेटर शाकिब अल हसन और मशरफे मुर्तजा की बांग्लादेश क्रिकेट में वापसी का रास्ता साफ किया जा सकता है। 12 फरवरी को हुए आम चुनावों में भारी जीत के बाद नई सरकार बनी है। अमीनुल हक, जो कभी बांग्लादेश फुटबॉल टीम के कप्तान भी रह चुके हैं, उन्होंने मीरपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों खिलाड़ियों से जुड़े मामलों को जल्द सुलझाने की बात कही।

शाकिब-मुर्तजा पर दर्ज हैं कई मामले

शाकिब और मुर्तजा दोनों पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के दौरान सांसद रहे थे। अगस्त 2024 में सरकार के खिलाफ हुए व्यापक प्रदर्शनों के बाद हालात बदले और दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर मामले दर्ज किए गए। नई सरकार बनने के बाद अमीनुल हक ने कहा, ‘शाकिब और मुर्तजा से जुड़ा मामला सरकार देखेगी। हम इस मुद्दे पर लचीला रुख अपनाएंगे। उनके खिलाफ दर्ज मामलों को सरकार संभालेगी। हम चाहते हैं कि शाकिब वापसी करें।’उन्होंने आगे कहा, ‘चूंकि उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं, हमें उम्मीद है कि वे जल्द सुलझ जाएंगे ताकि वे खेल में लौट सकें। हम चाहते हैं कि शाकिब और मुर्तजा बांग्लादेश क्रिकेट में फिर से दिखाई दें।’ शाकिब अभी एक्टिव प्लेयर हैं, जबकि मुर्तजा संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट के दिग्गज होने के नाते मशरफे बतौर कोचिंग स्टाफ या चयनकर्ता बड़ा रोल निभा सकते हैं।

पिछली सरकार का रुख अलग था

सितंबर 2025 में अंतरिम सरकार के दौरान खेल सलाहकार आसिफ महमूद शोजिब भुइयां ने स्पष्ट कहा था कि शाकिब को राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उस समय राजनीतिक परिस्थितियां अलग थीं। शाकिब पिछले डेढ़ साल से राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं, हालांकि वह दुनिया भर की टी20 फ्रेंचाइजी लीग में सक्रिय रहे हैं। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2024 के अंत में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट था। वहीं 42 वर्षीय मुर्तजा 2024 के आंदोलन से पहले घरेलू क्रिकेट में नियमित रूप से खेल रहे थे।

भारत से रिश्ते सुधारने की पहल

अमीनुल हक ने भारत के साथ खेल संबंधों को बेहतर बनाने की भी बात कही। उन्होंने बताया, ‘कार्यभार संभालते ही मैंने भारत के उप उच्चायुक्त से मुलाकात की और मित्रतापूर्ण बातचीत के जरिए मुद्दों के समाधान पर चर्चा की। हम पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं और खेल के मामलों को कूटनीतिक संवाद के जरिए सुलझाना चाहते हैं। क्रिकेट में आईसीसी नियमों के तहत जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’ यह बयान संकेत देता है कि नई सरकार खेल को राजनीतिक तनाव से अलग रखने की कोशिश कर रही है।

क्या होगी वापसी?

अब सबकी नजर इस बात पर है कि कानूनी मामलों का क्या निष्कर्ष निकलता है। अगर आरोप हटते हैं, तो बांग्लादेश क्रिकेट को अपने दो अनुभवी खिलाड़ियों की सेवाएं फिर से मिल सकती हैं। शाकिब और मुर्तजा दोनों बांग्लादेश क्रिकेट के सबसे बड़े चेहरों में रहे हैं। ऐसे में उनकी संभावित वापसी टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

श्री चैतन्य महाप्रभु ने अज्ञानता में डूबे लोगों को आध्यात्मिक रास्ता दिखाया

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कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के नादिया जिले स्थित मायापुर में इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) मंदिर में एक धार्मिक कार्यक्रम में अपनी आधिकारिक हैसियत से नहीं, बल्कि श्री चैतन्य महाप्रभु के अनुयायी के तौर पर शामिल हुए। 19वीं सदी के वैष्णव पुनरुत्थानवादी और गौड़ीय मठ के संस्थापक भक्तिसिद्धांत सरस्वती के 152वें पवित्र अवतरण दिवस के मौके पर इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अपने छोटे से भाषण में समारोह में शामिल होने वाले भक्तों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएं भी दीं और इस मौके से जुड़े भक्ति के संदेश को शेयर किया।
उन्होंने कहा, मैंने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। मैंने उन्हें बताया कि आज मैं मायापुर में भक्तिसिद्धांत सरस्वती की 152वीं जयंती में शामिल होने जा रहा हूं। उन्होंने आप सभी का दिल से अभिवादन किया और आप सभी को ‘हरे कृष्ण’ का संदेश दिया। थोड़ी देर पहले मुझे भारत के गृह मंत्री के तौर पर संबोधित किया गया। मैं यहां भारत के गृह मंत्री के तौर पर नहीं आया हूं। मैं आज यहां चैतन्य महाप्रभु के एक विनम्र भक्त के तौर पर आया हूं।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा शुरू किए गए भक्ति आंदोलन को भक्तिसिद्धांत सरस्वती ने मजबूत और संस्थागत बनाया, जिन्होंने आधुनिक समय में वैष्णव दर्शन को फैलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, उस भक्ति आंदोलन को न सिर्फ आगे बढ़ाया गया, बल्कि युवाओं को दुनिया की भलाई में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के एक आधुनिक माध्यम में भी बदला गया।
उन्होंने आगे कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु ने अज्ञानता में डूबे लोगों को आध्यात्मिक रास्ता दिखाया और पूरे भारत और उससे आगे भक्ति का संदेश फैलाने में मदद की।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, इंसान में अच्छे और बुरे दोनों पहलू होते हैं, लेकिन जब कोई इंसान अपना वजूद खोकर भगवान कृष्ण में एक हो जाता है तो सब कुछ अच्छा हो जाता है। इसी रास्ते पर चलते हुए श्री चैतन्य महाप्रभु ने कीर्तन, डांस, भक्ति संगीत और गीता के संदेश के जरिए भारत के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कई लोगों की जिंदगी में भक्ति का दीया जलाया।

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ऐसा हुआ तो टी20 विश्वकप में फिर होगा महामुकाबला! भारत-पाकिस्तान आ सकते हैं आमने-सामने, पूरा समीकरण

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इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और श्रीलंका की टीमें हैं। सुपर आठ राउंड में प्रत्येक ग्रुप की एक टीम अपने ग्रुप में मौजूद तीन अन्य टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी। ऐसे में भारत और पाकिस्तान की टीमें दो अलग-अलग ग्रुप में होने के कारण एक-दूसरे से तो नहीं भिड़ेंगी। सुपर-आठ में दोनों ग्रुप्स से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी। हालांकि, सेमीफाइनल में भारत का पाकिस्तान की भिड़ंत संभव है। अगर भारत और पाकिस्तान अपने-अपने ग्रुप्स में शीर्ष दो स्थान पर रहते हैं तो सेमीफाइनल में टकराव का समीकरण बन सकता है। आइए जानते हैं कैसे-
भारत-पाकिस्तान कैसे भिड़ सकते हैं? 

सेमीफाइनल में टकराव का गणित-

सेमीफाइनल का फॉर्मेट क्रॉसओवर सिस्टम पर आधारित है-

ग्रुप-1 की टॉप टीम बनाम ग्रुप-2 की दूसरे स्थान वाली टीम।
ग्रुप-2 की टॉप टीम बनाम ग्रुप-1 की दूसरे स्थान वाली टीम।
भारत-पाकिस्तान सेमीफाइनल कैसे होगा?

पहली स्थिति
 
भारत अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे।
पाकिस्तान अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे।
ऐसे में दोनों सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे।

दूसरी स्थिति
 
पाकिस्तान अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे।
भारत अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे।
तब भी सेमीफाइनल में भिड़ंत संभव है।
कब सेमीफाइनल नहीं होगा?
 
अगर दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में पहले स्थान पर खत्म करती हैं।
अगर दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर खत्म करती हैं।
ऐसी स्थिति में वे सेमीफाइनल में एक-दूसरे से नहीं खेलेंगी।

सेम पोजिशन में रहने पर खुलेगा फाइनल में भिड़ंत का रास्ता

अगर दोनों टीमें सुपर-8 में समान पोजिशन पर खत्म करती हैं (जैसे दोनों पहले या दोनों दूसरे) तो वे अलग-अलग सेमीफाइनल खेलेंगी। अगर दोनों अपनी-अपनी सेमीफाइनल जीत जाती हैं, तब फाइनल में भारत बनाम पाकिस्तान महामुकाबला हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो फैंस के लिए एंटरटेनमेंट का सुपर डोज होगा और स्टेडियम में एक इंच सीट नहीं मिलेगी। साथ ही फैंस टीवी से हटने का नाम नहीं लेंगे। 2007 वाला माहौल बनेगा और इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।सेमीफाइनल का शेड्यूल और वेन्यू, शर्तें
पहला सेमीफाइनल चार मार्च को और दूसरा सेमीफाइनल पांच मार्च को होगा। 
 
अगर भारत और पाकिस्तान का सेमीफाइनल मुकाबला होता है तो भी मैच कोलंबो के प्रेमदासा में ही होगा। 

अगर पाकिस्तान का सेमीफाइनल किसी और से और भारत का किसी और से होता है, तो पाकिस्तान कोलंबो में और भारत मुंबई के वानखेडे़ में खेलेगा। 
अगर पाकिस्तान क्वालिफाई नहीं करता है और अंतिम-चार टीमें कोई और होती हैं तो कोलंबो में होने वाला सेमीफाइनल भी भारत शिफ्ट हो जाएगा। तब पहला सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में होगा।
भारत और पाकिस्तान की टीम अगर फाइनल में पहुंचती हैं (यानी अलग अलग टीमों के खिलाफ सेमीफाइनल खेलते हुए) तो फाइनल भी कोलंबो में होगा। अगर पाकिस्तान नहीं पहुंचा तो फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हो सकता है। यह तभी संभव है, जब दोनों अपने-अपने सुपर-8 ग्रुप में समान पोजिशन पर रहें, जैसे, पहले-पहले या दूसरे-दूसरे। 

पिक्चर में ट्विस्ट अभी बाकी है मेरे दोस्त!

यानी क्रिकेट फैंस के लिए अभी भी उम्मीद बाकी है। अगर दोनों टीमें लगातार जीतती रहीं और सही समीकरण बना, तो टी20 विश्व कप 2026 में एक और हाई-वोल्टेज भारत-पाकिस्तान मुकाबला देखने को मिल सकता है। 

जो बात पाकिस्तान बोलता है वही बात राहुल गांधी बोलते हैं

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बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन उनके व्यवहार को समझना मुश्किल है। उन्होंने जॉर्ज सोरोस का जिक्र करते राहुल गांधी से पूछा कि वे बताएं कि उनका क्या संबंध है। जो बात पाकिस्तान बोलता है, वही बात यह बोलते हैं। व्यवहार ऐसे करते हैं जो अर्बन नक्सल की भूमिका में दिखाई देता है। बेगूसराय में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश में विपक्ष के नेता हैं, लेकिन सदन के अंदर और देश के बाहर उनकी गतिविधियां और व्यवहार समझना मुश्किल है। कभी-कभी समझ में नहीं आता है कि राहुल गांधी देश के विपक्ष के नेता हैं या हमारे दुश्मन देश के नेता। राहुल गांधी को नसीहत देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें अपने व्यवहार से, शब्दों से, नेता प्रतिपक्ष होने को स्थापित करना चाहिए। अगर नहीं करते हैं तो आरोप लगेगा कि देश के दुश्मनों के प्रवक्ता हैं। दुनियाभर के देशों से उनका क्या संबंध है, उन्हें यह बताना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी खुद तुगलक की तरह काम कर रही हैं और न सिर्फ तुगलकी फरमान जारी करती हैं बल्कि औरंगजेब की तरह हिंदुओं को भी दबा रही हैं और बांग्लादेशी मुसलमानों के दम पर सत्ता में आना चाहती हैं, लेकिन अब बंगाल के हिंदू जाग गए हैं। लोग उन्हें शेरनी कहते हैं, लेकिन वे शेरनी नहीं, देश की गद्दार हैं, जो बांग्लादेशी मुसलमानों की इज्जत करती हैं और बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं।

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धोनी की एक सीख से बदली शिवम दुबे की कहानी, शॉर्ट गेंदों पर छक्कों का खोला राज

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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने आखिरी ग्रुप लीग मुकाबले में भारतीय टीम ने नीदरलैंड को 17 रन से हरा दिया है. भारत की इस जीत के हीरो शिवम दुबे रहे जिन्होंने 31 गेंदों में 66 रन की तूफानी पारी खेली. मैच के बाद शिवम ने शॉर्ट गेंदों पर छक्के जड़ने को लेकर खुलासा किया है. उन्होंने बताया की कैसे धोनी की एक सलाह ने उन्हें शॉर्ट गेंदों से डील करना सिखाया.

धोनी ने क्या दी सीख

नीदरलैंड के खिलाफ प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतने के बाद शिवम दुबे ने बताया कि आईपीएल के दौरान वह शॉर्ट गेंदों से जूझ रहे थे. वह जानते थे कि उनमें उन गेंदों को हिट करने की पॉवर है. इसलिए उन्होंने ऑफ सीजन उन गेंदों पर काम किया. दुबे ने खुलासा किया कि धोनी ने उनसे कहा था कि जरूरी नहीं कि तुम्हें हर उस गेंद पर छक्का ही मारना है. तुम बाउंड्री भी मार सकते हो और सिंगल भी ले सकते हो. इसलिए यह बात हमेशा मेरे दिमाग में रहती थी.

शिवम दुबे ने क्या कहा?

प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद शिवम दुबे ने कहा कि मैं छक्के मारने की कोशिश करता हूं. मुझे ऐसा करने में मजा आता है, लेकिन इस सिचुएशन में गेंदबाज अच्छा होना चाहिए. मुझे बाउंड्री मरने के लिए भी खुद को तैयार करना पड़ता है. मैं जानता हूं की गेंदबाज मुझे ब्लॉक करेंगे और यॉर्कर, लेंथ बॉल नहीं डालेंगे. वो मुझे शॉर्ट और स्लोअर गेंद डालेंगे. इसलिए मैंने खुद को तैयार कर लिया है. मैं उन गेंदों का ही इंतजार कर रहा था.

25 गेंदों में जड़ा अर्धशतक

नीदरलैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था. इस मैच में उन्होंने 66 रनों की शानदार पारी खेल भारत का स्कोर 190 के पार पहुंचाया था.

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Pinarayi Vijayan ने फिल्म का किया विरोध

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‘द केरल स्टोरी 2- गोज बियॉन्ड’ का हिंदी ट्रेलर 18 फरवरी को रिलीज हुआ था। इसके बाद ये फिल्म लगातार विवादों में घिरी हुई है। दूसरी तरफ आज फिल्म निर्माताओं ने तेलुगु और कन्नड़ भाषा में भी ट्रेलर रिलीज कर दिया।  केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने फिल्म को प्रोपेगेंडा और सेकुलरिज्म पर खतरा करार दिया है और फिल्म का कड़ा विरोध भी किया है।

‘द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड’ का दमदार ट्रेलर हुआ रिलीज, देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

फिल्म का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने एक्स पर लिखा नफरत फैलाने वाली फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल की रिलीज से जुड़ी खबरों को गंभीरता से लेना चाहिए। पहले भाग में दिखाए गए सांप्रदायिक एजेंडे और खुले झूठ को भलीभांति समझ चुके केरल ने धर्मनिरपेक्षता को धूमिल करने के इस प्रयास को एक बार फिर बायकॉट किया है। उन्होंने आगे लिखा यह बेहद चौंकाने वाला है कि सांप्रदायिक दंगे भड़काने के उद्देश्य से गढ़ी गई कहानियों को खुली छूट मिल जाती है, जबकि कला की आलोचनात्मक अभिव्यक्ति को दबा दिया जाता है। हमें साक्षर होकर अपनी सद्भावपूर्ण भूमि को आतंक का अड्डा साबित करने की इन कोशिशों का विरोध करना होगा। सत्य की जीत हमेशा होगी। विवादों के बीच फिल्म निर्माता विपुल शाह ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा था कि फिल्म का विरोध करने वाले सच्चाई को छिपाना चाहते हैं। उन्होंने हालिया इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म में दिखाए गए लोग, जो हिंदू लड़कियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं, वो सिर्फ आरोपी नहीं, बल्कि आतंकी हैं। अगर आप ऐसे लोगों को एक्सपोज करने की कोशिश करेंगे तो उन्हें बुरा तो लगेगा ही और वे इसे झूठा भी साबित करने की कोशिश करेंगे।

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पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच फिर ‘सेटिंग’ की चर्चा तेज

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कोलकाता|पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘सेटिंग’ ऐसा शब्द है, जो बहुत सुनने को मिलता है और यह शब्द रहस्य और आरोप—दोनों का पर्याय बन चुका है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले यह शब्द एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में लौट आया है। प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच गुप्त समझौते (सेटिंग) के आरोप लग रहे हैं। राज्य की सत्ताधारी टीएमसी, मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा और वाम मोर्चा सभी एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। 

बंगाल की राजनीति में क्या है ये ‘सेटिंग’ शब्द

बंगाल की राजनीति में अक्सर सीपीमूल (सीपीआईएम और तृणमूल), बिजेमूल (भाजपा और तृणमूल) और राम-बाम (भाजपा और वाम मोर्चा) जैसे शब्द सुनाई देते हैं। टीएमसी लंबे समय से ‘राम-बाम की थ्योरी पेश करती रही है, जिसके अनुसार 2019 के बाद वाम दलों के वोट धीरे-धीरे भाजपा की ओर स्थानांतरित हुए, जिससे भाजपा को मजबूती मिली। वहीं सीपीआई(एम) दोनों प्रमुख दलों पर एक-दूसरे के अस्तित्व से लाभ उठाने का आरोप लगाती है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब भी चुनावी समीकरण बनते हैं, टीएमसी और वाम दलों के बीच ‘रणनीतिक सहयोग’ दिखता है। चुनाव नजदीक आते ही यह बयानबाजी और तीखी हो गई है। शासन और विकास के मुद्दों से ध्यान हटकर कथित गुप्त गठबंधनों की चर्चा प्रमुख हो गई है। 

आरोप-प्रत्यारोप तेज

टीएमसी नेता कुनाल घोष ने ‘सेटिंग’ (गुप्त समझौते) के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जो राजनीतिक रूप से चुनौती नहीं दे पाते, वही ऐसी बातें गढ़ते हैं। 
राज्य भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सीटों पर विपक्षी वोटों का बिखराव सत्तारूढ़ दल को फायदा पहुंचाता है। उनका आरोप है कि वाम दल और कांग्रेस अप्रत्यक्ष रूप से टीएमसी को लाभ पहुंचाते रहे हैं।
सीपीआईएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने भाजपा और टीएमसी के बीच ‘डर की राजनीति’ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि जब राजनीति व्यक्तिकेंद्रित हो जाती है, तो वैचारिक बहस की जगह अफवाहें ले लेती हैं।
निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ ने भी नई चर्चाओं को जन्म दिया है। इसने इन आशंकाओं को हवा दी है कि नए दल वोट समीकरण बदलने के लिए खड़े किए जा रहे हैं।
टीएमसी नेताओं का आरोप है कि उभरते छोटे दल भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए वोट काटने का काम कर रहे हैं। इसी तरह आईएसएफ और एआईएमआईएम पर भी ऐसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन दलों ने आरोपों को खारिज किया है।
विश्लेषकों के अनुसार, बंगाल में ‘सेटिंग’ की राजनीति नई नहीं है। 1967 में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के गठन और संयुक्त मोर्चा के दौरान भी गुप्त समझौतों के आरोप लगे थे।
वाम मोर्चा शासनकाल में टीएमसी ने कांग्रेस और सीपीआईएम की नजदीकी के आरोप लगाए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोपों को ठोस सबूत की जरूरत नहीं होती। जांच में देरी, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई या राजनीतिक चुप्पी—सब अटकलों को जन्म देती हैं।
बंगाल में ‘सेटिंग’ अब महज चुनावी स्टंट नहीं है, बल्कि चुनावी हकीकत बन चुकी है, जिसे सभी दल सार्वजनिक रूप से नकारते हैं, लेकिन मतदाता उत्सुकता से सुनते हैं।

शिवम दुबे ने नीदरलैंड के खिलाफ 66 रनों की तूफानी पारी खेली, धोनी की सीख बनी गेमचेंजर

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नई दिल्ली। T20 World Cup 2026 में भारतीय टीम ने अपने आखिरी ग्रुप लीग मुकाबले में नीदरलैंड को 17 रन से हरा दिया। इस जीत के हीरो रहे शिवम दुबे, जिन्होंने महज 31 गेंदों में 66 रनों की विस्फोटक पारी खेली। मैच के बाद दुबे ने खुलासा किया कि किस तरह धोनी की दी गई सलाह ने उन्हें शॉर्ट गेंदों से निपटना सिखाया।

शिवम दुबे ने बताया कि आईपीएल के दौरान उन्हें शॉर्ट गेंदों का सामना करना मुश्किल लगता था। धोनी ने उनसे कहा कि हर गेंद पर छक्का मारना जरूरी नहीं है, बाउंड्री या सिंगल लेना भी रणनीति का हिस्सा है। दुबे ने ऑफ सीजन में इस दिशा में मेहनत की और अपने शॉर्ट गेंदों के शॉट्स को मजबूत किया।

मध्यक्रम के विस्फोटक बल्लेबाज ने कहा कि उन्हें छक्के मारना पसंद है, लेकिन मैदान की परिस्थिति के अनुसार बाउंड्री मारने के लिए भी खुद को तैयार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि नीदरलैंड के गेंदबाज उन्हें ब्लॉक करने की बजाय शॉर्ट और स्लोअर गेंद डालते हैं, इसलिए वह उन गेंदों का इंतजार कर रहे थे।

नीदरलैंड के खिलाफ दुबे ने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और भारत का स्कोर 190 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाने में निर्णायक योगदान दिया।

इस पारी के बाद शिवम दुबे ने न केवल प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता, बल्कि दर्शकों को भी शॉर्ट गेंदों के खेल में अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी का बेहतरीन उदाहरण दिखाया। यह पारी दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अभ्यास किसी भी खिलाड़ी की क्षमता को नई ऊंचाईयों तक ले जा सकता है।

Mimi Chakraborty को 20 लाख का मानहानि नोटिस, बढ़ीं मुश्किलें

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कोलकाता| बंगाली फिल्मों की अभिनेत्री और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद मिमी चक्रवर्ती को कार्यक्रम आयोजक तनय शास्त्री ने मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। यह विवाद उस मामले से जुड़ा है, जिसमें शास्त्री पर पहले उत्पीड़न का आरोप लगा था। तनय शास्त्री ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने मिमी चक्रवर्ती को 20 लाख रुपए का हर्जाना देने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए नोटिस भेजा है। इस पर मिमी चक्रवर्ती की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इवेंट ऑर्गनाइजर ने किया क्या दावा?

मीडिया से बातचीत में शास्त्री ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मिमी चक्रवर्ती को 2 लाख 65 हजार रुपए का भुगतान किया गया था। उनका आरोप है कि अभिनेत्री निर्धारित समय पर कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं, इसलिए उनसे राशि लौटाने को कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि बिना किसी कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज कराकर उनकी छवि खराब की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत तक में जाना पड़ा। शास्त्री ने कहा कि अगर अभिनेत्री माफी नहीं मांगतीं या 20 लाख रुपए का भुगतान नहीं करतीं, तो अगले दो-तीन दिनों में अदालत में मानहानि का मामला दायर किया जाएगा।आरोपों पर क्या
बोलीं मिमी चक्रवर्ती?यह पूरा विवाद पिछले महीने बोंगांव में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है, जो उत्तर 24 परगना जिले में स्थित है। उस कार्यक्रम में मिमी चक्रवर्ती को अंतिम प्रस्तुति देनी थी। मिमी चक्रवर्ती का आरोप है कि रात 12 बजे के बाद कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति नहीं होने के कारण तनय शास्त्री ने उन्हें मंच से हटा दिया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दूसरी ओर, तनय शास्त्री ने पलटवार करते हुए कहा कि अभिनेत्री समय पर नहीं पहुंचीं और उन्होंने केवल विनम्रतापूर्वक मंच छोड़ने का अनुरोध किया था, किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया गया।

तनय शास्त्री को भेजा गया था न्यायिक हिरासत में  

जांच के दौरान पुलिस जब शास्त्री के घर पहुंची तो उन्होंने कथित रूप से जांच में बाधा डाली। इसके बाद उन्हें और उनके दो सहयोगियों को उत्पीड़न और पुलिस कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद वे एक सप्ताह से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहे और 11 फरवरी को उन्हें जमानत मिली। अब मानहानि नोटिस के साथ दोनों पक्षों के बीच एक नई कानूनी लड़ाई शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

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सामने आया विजय-रश्मिका की शादी का इन्विटेशन बॉक्स, जानें कार्ड के अलावा क्या है खास?

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रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों बी-टाउन का हॉट टॉपिक बनी हुई हैं। खबरों के मुताबिक, उनकी शादी में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। हाल ही में विजय देवरकोंडा के सजे हुए घर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। वहीं वेडिंग कार्ट की भी एक झलक सोशल मीडिया पर छाई हुई है। अब दोनों की शादी के वेडिंग कार्ड से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है। दोनों ने एक बॉक्स में वेडिंग इन्विटेशन भेजा है। अब इस बॉक्स का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पता चलता है कि बॉक्स के अंदर क्या गिफ्ट्स हैं?

बॉक्स में हैं ये गिफ्ट्स

ऐसा बताया जा रहा है कि विजय और रश्मिका का वेडिंग इन्विनेशन पारंपरिक कार्डों के बजाय एक प्रीमियम गिफ्ट बॉक्स वाला है। इसमें कपल से जुड़ी चीजें शामिल हैं। अब इस प्रीमियम गिफ्ट बॉक्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिससे पता चलता है कि इस बॉक्स के अंदर क्या-क्या है।सबसे खास है नेशनल क्रश नाम का परफ्यूम, जो रश्मिका मंदाना के मशहूर टाइटल से प्रेरित है और उनके हाल ही में लॉन्च हुए परफ्यूम ब्रांड को समर्पित है। बॉक्स में हैंड क्रीम और फुट क्रीम भी शामिल हैं। एक और पर्सनल टच देते हुए विजय देवरकोंडा के कपड़ों के ब्रांड से जुड़ी रॉडी टी-शर्ट भी शामिल है। इतना ही नहीं इस बॉक्स में काजू और मिठाई का एक डिब्बा भी शामिल है।

पिछले दिनों सामने आई थी शादी के कार्ड की झलक

इससे पहले पिछले दिनों दोनों की शादी का इन्विटेशन कार्ड भी वायरल हुआ था। जिससे यह पता चला था कि 26 फरवरी को दोनों शादी करने वाले हैं। जबकि कार्ड में 4 मार्च को दोनों के रिसेप्शन के बारे में भी जानकारी थी। खबरों के मुताबिक, रिसेप्शन में फिल्म जगत की कई हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।बताया जा रहा है कि दोनों ने मीडिया की मौजूदगी के बिना एक निजी समारोह आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की है। वहीं खबरें हैं कि शादी को प्राइवेट रखते हुए नो मोबाइल फोन पॉलिसी को भी लागू किया गया है। यानी कोई अतिथि पार्टी में फोन लेकर नहीं जा सकता। रश्मिका और विजय मीडियाकर्मियों के लिए लंच का आयोजन करने की योजना बना रहे हैं। इस बारे में अभी तक इस जोड़े या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

‘गीता गोविंदम’ के सेट पर हुई थी मुलाकात

फिलहाल अभी तक कपल या उनके परिवार की ओर से शादी को लेकर कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं कहा गया है। लेकिन अब जैसे-जैसे जानकारियां निकलकर सामने आ रही हैं, उससे ऐसा लगता है कि दोनों की शादी में अब एक हफ्ते का ही समय बाकी रह गया है। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की मुलाकात 2018 में फिल्म ‘गीता गोविंदम’ की शूटिंग के दौरान हुई थी। वहीं से दोनों की दोस्ती हुई और फिर प्यार शुरू हो गया।