मुंबई हमले का सीन फिल्माते वक्त कैसा था अक्षय और अर्जुन का रिएक्शन? माधवन ने सुनाया धुरंधर के सेट का किस्सा

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रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस फिल्म के दिखाए गए कई सत्य घटनाओं के दृश्यों ने भी सिनेमाघरों में हलचल मचा दी थी। हाल ही मेंं अभिनेता आर माधवन ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले वाले सीन की शूटिंग पर अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल के रिएक्शन के बारे में बात की। जानिए माधवन ने क्या क्या कहा 

भवनात्मक रुप से टूटे अक्षय और अर्जुन

बीते दिनों अभिनेता ने सोनिया शेनॉय के साथ हुई बातचीत में फिल्म की शूटिंग के दौरान का एक किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों वाले सीन को शूट करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। यह एक बहुत ही दर्दनाक दृश्य था जिसे करने के बाद उनके आलावा अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल दोनों ही काफी इमोशनल हो गए थे। वह सब कई देर तक गहरे सदमे में रहे कि अभी-अभी उन्होनें क्या शूट किया है ? 

क्यों इतने इमोशनल हुए सितारे ?

फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल ने ऐसे किरदार निभाए जो पाकिस्तानी थे। कहानी के मुताबिक जब ये हमले हुए तो उन्हें इसका जश्न मनाते हुए दिखाना था। मगर एक भारतीय होने के नाते उनके लिए इस सीन को शूट करना काफी मुश्किल था। उन दोनों ने ही 26/11 मुंबई हमले के दुख को देखा था। इसी भावना के वजह से अभिनेता अक्षय खन्ना और अर्जुन रामपाल के लिए ये रोल और सीन काफी चुनौतीपूर्ण थे। 

पहली कहानी और दूसरा पार्ट में क्या होगा फर्क ?

फिल्म  ‘धुरंधर’ की कहानी एक भारतीय खुफिया एजेंट के पाकिस्तानी क्राइम वर्ल्ड में घुसपैठ पर थी। एक लंबी स्टार कास्ट और दमदार डायरेक्शन वाली इस फिल्म का दूसरा पार्ट भी रिलीज होने वाला है। इसके सीक्वल में अब हमजा अली मजारी के पकिस्तान आने के पहले की कहानी को दिखाया जाएगा।  ‘धुरंधर द रिवेंज’ 19 मार्च को सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली है। 

प्रियंका गांधी ने साधा निशाना, कहा—राजनीतिक मतभेद हों, परिवार को बीच में लाना ठीक नहीं

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गुवाहाटी। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई (Priyanka Gandhi Vadra) ने असम में चल रहे सियासी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार और बच्चों को निशाना बनाना “गलत राजनीति” है।

 

गौरव गोगोई पर आरोपों को लेकर बयान
असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi पर लगाए गए कथित आरोपों के संदर्भ में प्रियंका गांधी ने कहा कि राजनीति में दो तरह के नेता होते हैं—एक जो सकारात्मक मुद्दों पर बात करते हैं और दूसरे जो समाज को ध्रुवीकृत करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में राज्य में ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है, जबकि जनता रोजगार, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहती है।

 

“परिवार को निशाना बनाना ठीक नहीं”

प्रियंका गांधी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता के परिवार को विवाद में घसीटना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। “राजनीतिक लड़ाई मुद्दों पर होनी चाहिए, न कि निजी हमलों के जरिए,” उन्होंने कहा।

 

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं थीं प्रियंका
प्रियंका गांधी Guwahati के बाहरी इलाके सोनपुर स्थित ‘जुबीन क्षेत्र’ में दिवंगत गायक Zubeen Garg को श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग “राजनीति से ऊपर” थे और उनके स्मारक स्थल का उपयोग राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए।

 

चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाज़ी
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस राज्य में आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटी है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वह राज्य में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को लेकर गंभीर है।

 

सरकार पर रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए

प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि युवाओं के रोजगार, महिलाओं की स्थिति और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रियंका गांधी ने निजी हमलों से परहेज की नसीहत देते हुए राजनीतिक बहस को जनहित के मुद्दों पर केंद्रित करने की बात कही है। चुनावी माहौल में यह बयान राज्य की सियासत को और गरमा सकता है।

बांग्लादेश के विश्वकप बहिष्कार पर फूटा कोच का गुस्सा, आसिफ नजरुल को ठहराया जिम्मेदार

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बांग्लादेश क्रिकेट में इस वक्त सियासी भूचाल मचा हुआ है। टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत फैसलों और यू-टर्न ने खिलाड़ियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया।

’27 साल का सपना एक सेकंड में खत्म’

 टी20 विश्व कप में नहीं खेलने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सलाहुद्दीन ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का जीवनभर का सपना एक झटके में तोड़ दिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि दो खिलाड़ी तो मानसिक कोमा जैसी स्थिति में चले गए थे। उन्होंने कहा, ‘जब कोई लड़का विश्व कप खेलने आता है, वह अपने 27 साल का सपना लेकर आता है। आप एक सेकंड में वह सपना तोड़ देते हैं। अगर यह देशहित का फैसला है तो खिलाड़ी कुर्बानी देंगे, लेकिन निजी नुकसान की बात तो करनी पड़ेगी।’

‘खुलेआम झूठ बोला गया’

मामला तब और गरमाया जब आसिफ नजरुल के बयानों में विरोधाभास सामने आया। पहले उन्होंने कहा था कि भारत में मैच नहीं खेलने का फैसला सरकार का है। बाद में उन्होंने दावा किया कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों के साथ मिलकर लिया गया था ताकि राष्ट्रीय गरिमा बची रहे। इस पर सलाहुद्दीन ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने खुलेआम झूठ बोला। मैं खुद शिक्षक हूं, शिक्षक आम तौर पर कम झूठ बोलते हैं। ढाका यूनिवर्सिटी जैसे शीर्ष संस्थान का व्यक्ति ऐसे बयान दे, यह हम स्वीकार नहीं कर सकते।’

बांग्लादेश ने क्यों हुआ टी20 विश्व कप से बाहर?

बांग्लादेश विवाद की शुरुआत मुस्तफिजुर रहमान से हुई। 
नीलामी में जैसे ही केकेआर ने मुस्तफिजुर को खरीदा उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने केकेआर, विशेषकर फ्रेंचाइजी के मालिक शाहरुख खान को घेरना शुरू कर दिया गया था। 
मामला बढ़ने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सामने आना पड़ा था। 
बीसीसीआई ने तीन जनवरी 2026 को केकेआर को निर्देश दिया कि वह मुस्तफिजुर को टीम से बाहर करे जिसके बाद फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक रूप से मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया। 
इस कार्रवाई से बौखलाए बांग्लादेश ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से अनुरोध किया कि उनके टी20 विश्व कप 2026 के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराए जाएं।
शुरुआती कार्यक्रम के मुताबिक, बांग्लादेश को ग्रुप स्टेज में कोलकाता में तीन और मुंबई में एक मुकाबला खेलना था।
हालांकि, आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि भारत में किसी को कोई खतरा नहीं है।
साथ ही आईसीसी ने बांग्लादेश को पहले 21 जनवरी तक का और फिर 21 जनवरी को और 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
हालांकि, बांग्लादेश अपने फैसले पर अड़ा रहा, जिसके बाद आईसीसी ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।

1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर बंद होगा नकद टोल, FASTag और UPI होंगे विकल्प

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नई दिल्ली। देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर सफर करने वाले यात्रियों (Passengers) के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 1 अप्रैल 2026 से सभी टोल प्लाजा (Toll Plaza) पर नकद भुगतान बंद करने पर विचार कर रहा है। इसके लागू होने के बाद टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यमों जैसे FASTag और UPI के जरिए लिया जाएगा।

डिजिटल टोलिंग का बढ़ता प्रचलन
एनएचएआई के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग का उपयोग 98 प्रतिशत से अधिक वाहनों में हो चुका है। इससे टोल वसूली तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। अधिकांश टोल लेनदेन अब RFID-सक्षम फास्टैग से इलेक्ट्रॉनिक रूप से हो रहे हैं, जिससे संपर्क रहित और तेज आवागमन संभव हुआ है। इसके साथ ही, देशभर के टोल प्लाजा पर UPI के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।

नकद भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क
राष्ट्रीय राजमार्ग नियमों के अनुसार, फास्टैग या डिजिटल भुगतान के बिना टोल देने पर नकद शुल्क का दोगुना लिया जाता है। UPI के जरिए भुगतान करने पर संबंधित वाहन श्रेणी के लिए निर्धारित शुल्क का 1.25 गुना देना होता है।

फायदे और उद्देश्य
एनएचएआई का कहना है कि नकद भुगतान के कारण व्यस्त समय में लंबी कतारें लगती हैं, प्रतीक्षा अवधि बढ़ती है और विवाद उत्पन्न होते हैं। 1150 से अधिक टोल केंद्रों पर पूर्ण डिजिटल भुगतान लागू होने से टोल लेन की कार्यक्षमता बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी, लेनदेन में पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित होगी और यातायात प्रबंधन और समय की बचत में सुधार होगा। यह पहल एनएचएआई के उच्च दक्षता वाले, तकनीक-आधारित और उपयोगकर्ता-अनुकूल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, ताकि देशभर में आवागमन सुगम और निर्बाध हो।

यह बॉलीवुड एक्टर हैं इमैनुएल मैक्रों के फेवरेट, फ्रांस के राष्ट्रपति ने किया खुलासा

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों तीन दिन के राजनयिक दौरे पर भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने मुंबई और नई दिल्ली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने फेवरेट बॉलीवुड एक्टर का भी खुलासा किया। 

कौन है इमैनुएल मैक्रों का फेवरेट बॉलीवुड एक्टर?

ब्रुट इंडिया के साथ बातचीत में इमैनुएल मैक्रों ने पूछा गया कि उनका फेवरेट बॉलीवुड एक्टर कौन है। इस सवाल का उन्होंने बिना झिझक के जवाब दिया। रैपिड फायर सेगमेंट के दौरान ये सवाल पूछे जाने पर इमैनुएल ने कहा, ‘मेरा मतलब, मैंने कल भी जय हो का जिक्र किया था, तो मैं कहूंगा अनिल कपूर।’

इमैनुएल मैक्रों ने की थी कलाकारों से मुलाकात

बता दें, मुंबई में मैक्रों दंपती ने बॉलीवुड सितारों के साथ एक खास इंटरैक्शन सेशन में भी भाग लिया था। इस मुलाकात में अनिल कपूर, मनोज बाजपेयी, जोया अख्तर, ऋचा चड्ढा, शबाना आजमी और रिकी केज जैसे बड़े नाम शामिल रहे। इस मुलाकात में सिनेमा, संस्कृति और भारत-फ्रांस के सहयोग पर चर्चा हुई थी।

अपने वीडियो में लगाया था धुरंधर का टाइटल ट्रैक

अपने दौरे के बाद इमैनुएल ने ट्रिब्यूट देते हुए एक वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें उन्होंने भारत में बिताए अपने यादगार पलों की झलक दिखाई थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात, मुंबई की सड़कों पर हल्की-फुल्की जॉगिंग और भारतीय खाने का स्वाद लेते हुए कई खास लम्हे इसमें शामिल थे। साथ ही उन्होंने वीडियो के बैकग्राउंड में धुरंधर का टाइटल ट्रैक लगाया था।वीडियो सामने के बाद, सोशल मीडिया यूजर्स के कमेंट सेक्शन में शानदार रिएक्शन देखने को मिला था। एक यूजर ने लिखा, ‘क्या कोई धुरंधर वाला बैकग्राउंड सॉन्ग नोटिस नहीं कर रहा?’ दूसरे ने मजाक में कमेंट किया, ‘ये हुई ना धुरंधर-लेवल मीटिंग!’

एआई इम्पैक्ट समिट में हुए थे शामिल

इसके अलावा, मैक्रों ने नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भी हिस्सा लिया। गौरतलब है कि फरवरी 2025 में भारत और फ्रांस ने मिलकर ‘एआई एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता की थी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साझेदारी दोनों देशों के ‘होराइजन 2047’ रोडमैप का अहम हिस्सा है।

अभिषेक पर बरकरार रहेगा टीम प्रबंधन का भरोसा, अक्षर की वापसी तय! कुलदीप होंगे शामिल?

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ग्रुप चरण में अजेय रहने के बाद भारतीय टीम अब रविवार से टी20 विश्व कप में सुपर आठ चरण की शुरुआत करने उतरेगी। गत चैंपियन भारत का सामना अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पिछले बार की उपविजेता टीम से होगा। हाल ही में दोनों टीमों के बीच द्विपक्षीय टी20 सीरीज भी हुई थी, लेकिन विश्व कप के अहम मोड़ पर आकर मुकाबला खेलना दोनों के लिए ही आसान नहीं रहना वाला है। इस बात की संभावना कम है कि इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम में कुछ बड़े बदलाव होंगे। सैमसन को मौका मिलने की संभावना कम अभिषेक शर्मा लगातार तीन मैच में शून्य पर आउट हो चुके हैं और उन्हें टूर्नामेंट में अपने पहले रन का इंतजार है।सुपर आठ चरण से पहले अभिषेक की खराब फॉर्म भारतीय टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।अभिषेक के खराब प्रदर्शन के बाद इस बात पर चर्चा बढ़ी है कि क्या भारत संजू सैमसन को मौका देगा?गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्पष्ट किया था कि अभिषेक को एकादश से बाहर करने पर ड्रेसिंग रूम में कोई चर्चा नहीं हुई है, लिहाजा इस बात की संभावना बेहद कम है कि अभिषेक की जगह सैमसन को मौका दिया जाए।अभिषेक के लगातार दो बार ऑफ स्पिनरों के हाथों आउट हुए हैं और इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम पावरप्ले में ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी करने का फैसला करते हैं या नहीं।

तिलक और सूर्यकुमार को संभालना होगा मोर्चा

सुपर आठ में भारत को दक्षिण अफ्रीका की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की बड़े शॉट खेलने के बजाय स्थिर बल्लेबाजी करने की बदली हुई रणनीति की परीक्षा होगी। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन को छोड़कर शीर्ष चार में शामिल अन्य तीन बल्लेबाजों ने अभी तक कोई खास कमाल नहीं दिखाया है। सूर्यकुमार और तिलक ने हालांकि सूत्रधार की भूमिका निभाई है, लेकिन इन दोनों ने ऐसी पिचों पर सहज प्रदर्शन नहीं किया है जहां गेंद रुककर आ रही हो। भारत रन बनाने के लिए हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे पर भी काफी हद तक निर्भर रहा है। टीम को इन दोनों ऑलराउंडर से फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

अक्षर की वापसी से वॉशिंगटन को बैठना पड़ेगा बाहर

भारत ने नीदरलैंड के खिलाफ ग्रुप चरण के अंतिम मैच में उपकप्तान अक्षर पटेल को आराम दिया था। उस मैच में अक्षर की जगह वॉशिंगटन सुंदर खेलने उतरे थे यह लगभग तय है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अक्षर प्लेइंग-11 में वापसी करेंगे। अक्षर की वापसी से यह तय है कि वॉशिंगटन को बाहर बैठना पड़ेगा क्योंकि टीम में पहले से ही हार्दिक और शिवम के रूप में दो ऑलराउंडर मौजूद हैं। 

अर्शदीप या कुलदीप, किसके साथ जाएगा भारत?

पाकिस्तान के खिलाफ मैच को छोड़ दिया जाए तो भारत अब तक दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरा है। नीदरलैंड के खिलाफ मैच अहमदाबाद में ही हुआ था और उस मैच में स्पिनरों को पिच से मदद मिली थी। ऐसे में भारतीय टीम एक अतिरिक्त स्पिनर को उतारने पर विचार कर सकती है। इस स्थिति में अर्शदीप सिंह को बाहर बैठना पड़ सकता है और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव की प्लेइंग-11 में वापसी हो सकती है। कुलदीप पाकिस्तान के खिलाफ मैच में खेले थे। अगर भारत तीन स्पिनरों के साथ उतरा तो वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और कुलदीप स्पिन का जिम्मा संभालेंगे, जबकि जसप्रीत बुमराह एकमात्र विशेषज्ञ तेज गेंदबाज होंगे। वहीं, नई गेंद से हार्दिक पांड्या शुरुआत करेंगे। 

इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11:

भारत: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह/कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती। 
दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रेयान रिक्लेटन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, कगिसो रबाडा, एनरिच नॉर्त्जे, केशव महाराज।

ससुर ने रची साजिश, बहू और उसके परिचित से मिलवाया; मांग ठुकराने पर बढ़ा विवाद

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शामली: उत्तर प्रदेश के शामली में रिश्तों के कत्ल की एक रूह कपाने वाली वारदात सामने आई है. कैराना में एक ससुर ने अपनी ही बहू को हवस का शिकार बनाने में नाकाम होने पर उसे मौत के घाट उतार दिया. इस मर्डर मिस्ट्री को आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की गई थी. दरअसल, कैराना कोतवाली क्षेत्र के गांव इससोपुर खुरगान में 14 फरवरी को मस्कुरा नामक महिला का शव उसके बंद कमरे में मिला था. मृतका के ससुर अब्बास ने इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन पुलिस की जांच में यह खौफनाक हत्याकांड निकला.

ससुर अब्बास अपनी बहू पर गलत नजर रखता था और उसे हासिल करने के लिए उसने एक लंबा षड्यंत्र रचा. उसने बहू का विश्वास जीतकर उसके पूर्व प्रेमी को घर बुलाने की छूट दी, ताकि वह उसकी कमजोरी जान सके. वेलेंटाइन डे की रात जब बहू ने ससुर की अनैतिक मांग ठुकरा दी, तो अब्बास ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. साक्ष्य छिपाने में शामिल उसके बेटे सलमान को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

पुलिसिया जांच में सामने आया कि अब्बास ने मस्कुरा को पिता की तरह प्यार देने का ढोंग कर विश्वास में लिया. उसने बातों-बातों में बहू के शादी से पहले के प्रेम प्रसंग का पता लगा लिया. अब्बास ने उसे उकसाया कि उसका पति काम के लिए बाहर रहता है, इसलिए वह अपने प्रेमी को घर बुला सकती है. मस्कुरा इस जाल में फंस गई और प्रेमी को घर बुलाने लगी. अब्बास खुद उस प्रेमी को घर लाता और छोड़कर आता था, ताकि वह बहू को पूरी तरह अपने काबू में कर सके.

वेलेंटाइन डे की काली रात

14 फरवरी यानी ‘प्यार के दिन’ अब्बास ने अपनी घिनौनी योजना को अंजाम दिया. रात में प्रेमी के जाने के बाद अब्बास ने एक डंडे में तार बांधकर बेहद चालाकी से कमरे की अंदर की कुंडी खोल दी. वह अंदर दाखिल हुआ और बहू के सामने शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की. जब मस्कुरा ने इस बात का कड़ा विरोध किया, तो हवस में अंधे हुए ससुर ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने फिर से डंडे और तार के सहारे कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर दी ताकि मौत खुदकुशी लगे.

बेटे के साथ मिलकर रची साजिश

हत्या के बाद अब्बास ने अपने बेटे सलमान को फोन कर बताया कि मस्कुरा का किसी से प्रेम प्रसंग है. दोनों ने मिलकर इसे छिपाने और पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई. सुबह अब्बास ने शोर मचाया कि बहू ने खुद को कमरे में बंद कर जान दे दी है. उसने पुलिस और परिजनों पर पोस्टमार्टम न कराने का दबाव भी बनाया. एसपी एनपी सिंह के मुताबिक, पुलिस ने बारीकी से जांच करते हुए आरोपी ससुर अब्बास और साक्ष्य छिपाने के आरोपी पति सलमान को जेल भेज दिया है.

‘टेल मी लाइज’ की अभिनेत्री कैट मिसल ने अपनी पार्टनर को लेकर किया बड़ा खुलासा, समलैंगिकता पर कही ये बात

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‘टेल मी लाइज’ की अभिनेत्री कैट मिसल ने अपने रिश्ते को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक्ट्रेस ने ये स्वीकार किया कि वह समलैंगिक हैं और निजी जीवन में खुश हैं। उन्होंने बताया कि वो एक महिला के साथ रिश्ते में हैं।

मैं समलैंगिक हूं

पीपल के अनुसार, हुलु की हिट सीरीज ‘टेल मी लाइज’ में ब्री का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री कैट मिसल ने अपने असल जीवन को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि वह एक महिला के साथ रिश्ते में हैं और अपने आप से खुश हैं। शो के क्लाईमैक्स और शो में दिखाए गए टॉक्सिक रिलेशनशिप के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि उनका वास्तविक जीवन काफी अलग है। उन्होंने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मुझे असल जिंदगी में पुरुषों के साथ वैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता, जैसी मेरे किरदार को करना पड़ता है। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए कहा कि खैर, मैं समलैंगिक हूं, इसलिए भगवान का शुक्र है।

पार्टनर बोलीं- तुम मेरे साथ सुरक्षित हो

इस दौरान कैट की पार्टनर जेस पैनेटोन भी बातचीत का हिस्सा थीं। उन्होंने कैट मिसल को सपोर्ट करते हुए कहा कि तुम मेरे साथ सुरक्षित हो। यह कपल लॉस एंजिल्स में साथ रहता है। उन्होंने बताया कि दोनों अपनी दो बिल्लियों चिकन और बनी के साथ रहती हैं।हालांकि, मिसल आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखती हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि उनकी पहली मुलाकात वेस्ट हॉलीवुड के एक ड्रैग शो में हुई थी। अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए, कैट मिसल ने उस पल के बारे में बताया जो उन्हें महसूस हुआ था।पीपल के अनुसार, कैट मिसल और जेस पैनेटोन 2020 की शुरुआत से साथ हैं। पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में दोनों के बीच के प्यारे पलों की झलक मिलती है। पिछले कुछ साल में उन्होंने अपने साथ बिताए पलों की कई यादें शेयर की हैं।

हुलु पर मौजूद हैं ‘टेल मी लाइज’ के तीनों सीजन

‘टेल मी लाइज’ के तीन सीजन हुलु पर रिलीज हुए हैं। अब शो का अंत हो चुका है। यह शो कॉलेज के छात्रों के बीच उलझे रिश्तों और इमोशनल ड्रामा पर आधारित है। इसमें कैट मिसल ने ब्री नाम का किरदार निभाया है। ‘टेल मी लाइज’ के तीनों सीजन हुलु पर मौजूद हैं।

MVA में सीट बंटवारे को लेकर तनातनी, उद्धव सेना आक्रामक; शरद पवार की भूमिका पर चर्चा तेज

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मुंबई। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर राज्यसभा की एकमात्र संभावित सीट (Rajya Sabha seat) को लेकर सियासी रस्साकशी शुरू हो गई है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने इस सीट पर अपना दावा ठोक दिया है, जिससे गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत और मोलभाव के संकेत मिल रहे हैं।

आदित्य ठाकरे ने संख्या बल का दिया हवाला

पार्टी नेता आदित्‍य ठाकरे ने कहा कि विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर यह सीट उनकी पार्टी के हिस्से में आनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे पर अभी गठबंधन के घटकों—कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के साथ औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन बातचीत इसी दिशा में आगे बढ़ेगी।

MVA केवल एक सीट जीतने की स्थिति में

मौजूदा संख्याबल के हिसाब से MVA महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से केवल एक सीट ही जीत सकता है। यही वजह है कि गठबंधन के भीतर यह तय करना अहम हो गया है कि उम्मीदवार किस दल का होगा।

शरद पवार ने जताई राज्यसभा लौटने की इच्छा

 

शिवसेना (UBT) सांसद Sanjay Raut ने बताया कि NCP प्रमुख Sharad Pawar ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। राउत के मुताबिक, “जब कोई वरिष्ठ नेता इस तरह इच्छा जताता है, तो गठबंधन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना (UBT) और कांग्रेस, पवार की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकते हैं। बदले में व्यापक सीट-बंटवारे के तहत शिवसेना विधान परिषद की सीट की मांग उठा सकती है।

उद्धव ठाकरे की विधान परिषद में वापसी पर भी चर्चा

राउत ने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Uddhav Thackeray से विधान परिषद में दोबारा आने का आग्रह किया है। उनका कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है और पार्टी मानती है कि संगठनात्मक और विधायी कामकाज के लिए उनका सदन में रहना जरूरी है।

चुनाव कार्यक्रम घोषित, समीकरण साफ

राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए Election Commission of India ने 16 मार्च को मतदान की घोषणा की है।
विधानसभा की मौजूदा ताकत के आधार पर Bharatiya Janata Party चार सीटें जीतने की स्थिति में मानी जा रही है, जबकि सहयोगी दलों को अन्य सीटें मिल सकती हैं। यदि MVA एकजुट रहता है, तो उसके खाते में सिर्फ एक सीट आना तय माना जा रहा है।
एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम-वरीयता वोटों की जरूरत होती है।

कांग्रेस ने दिया संतुलित संकेत

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों को सामूहिक निर्णय से पहले अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करना चाहिए, ताकि उम्मीदवार पर सहमति बन सके।

राज्यसभा की एक सीट ने MVA के भीतर शक्ति-संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट की दावेदारी, शरद पवार की संभावित वापसी और सीट समायोजन की चर्चाएं आने वाले दिनों में गठबंधन की अंदरूनी राजनीति को और गर्मा सकती हैं।

मोर्कल ने वानखेड़े और मोटेरा की पिच का बचाव किया, बोले- क्यूरेटर ने सर्वश्रेष्ठ विकेट तैयार किया

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मुंबई के वानखेड़े और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बल्लेबाजी के लिए थोड़ी मुश्किज पिचें चर्चा का विषय है, लेकिन भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने क्यूरेटर के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार सर्वोत्तम पिचें उपलब्ध कराई हैं। मुंबई और अहमदाबाद में भारतीय बल्लेबाजों को रनगति बढ़ाने में संघर्ष करना पड़ा। एक पिच में नमी मौजूद थी, जबकि दूसरी पिच पर गेंद थोड़ी रूक कर आ रही थी। इससे बल्लेबाजों के लिए स्ट्रोक खेलना आसान नहीं था। 

भारतीय बल्लेबाजों को हो रही दिक्कत

मोर्कल ने कहा, ‘सत्र के आखिरी समय में 200 से अधिक रन वाली पिच तैयार करना क्यूरेटर के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।’ इन पिचों पर आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले तिलक वर्मा को शुरुआती मैचों में लय पकड़ने में कठिनाई हुई, जबकि सूर्यकुमार यादव ने भी शुरुआत में समय लिया। भारत के सुपर-आठ मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ंत से पहले मोर्कल ने कहा, दर्शकों की अपेक्षाएं रहती हैं कि मुकाबले बड़े स्कोर वाले हों। ऐसे में क्यूरेटरों पर काफी दबाव होता है। वे हमें सर्वश्रेष्ठ संभव पिच देने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। 

मोर्कल बोले- आदर्श पिच का अनुमान लगाना मुश्किल

मोर्कल के अनुसार आदर्श पिच का पूर्वानुमान लगाना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा, आज भी यह तय करना कठिन है कि पिच किस तरह खेलेगी। हम अनुमान लगाते हैं नमी है, सूखी दिख रही है, गेंद रुक सकती है या स्कीड कर सकती है, लेकिन सही भविष्यवाणी करना आसान नहीं। इसलिए ऐसे खिलाड़ियों का होना जरूरी है, जो परिस्थितियों को जल्दी समझ सकें। घरेलू सत्र के दौरान अधिक उपयोग के कारण पिचों के बल्लेबाजी के लिए मुश्किल होने के सवाल पर मोर्कल ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, अब तक इस टूर्नामेंट में हमने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में हालात के मुताबिक अच्छा तालमेल बिठाया है। पहले मैच को छोड़ दें तो बाकी मुकाबलों में सीखने का अवसर मिला है। पहला मैच 200 से अधिक रन वाली पिच नहीं थी, शायद 170 रन के आसपास की सतह थी, और हमने शुरुआत में जरूरत से ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया। लेकिन हर मैच से सीख मिलती है, यही इस खेल की खूबसूरती है।