पहले वीकेंड में 4 करोड़ के करीब, सरप्राइज हिट की ओर?

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Assi Box Office पर पहले वीकेंड के आंकड़ों ने इंडस्ट्री को चौंकाया है। सोशल मुद्दे पर बनी फिल्मों को थिएटर्स तक दर्शक लाना आसान नहीं होता। फिर भी रेप जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित इस फिल्म ने उम्मीद जगाई है। अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में तापसी पन्नू, कनि कुश्रुति, मोहम्मद जीशान अयूब और कुमुद मिश्रा जैसे मजबूत कलाकार नजर आए हैं। क्रिटिक्स ने इसे इस विषय पर बनी प्रभावशाली फिल्मों में गिना है।

पहले दिन फिल्म ने लगभग 1 करोड़ रुपये की ओपनिंग की। लिमिटेड स्क्रीन्स पर रिलीज होने के बावजूद यह शुरुआत संतोषजनक मानी गई। शानदार रिव्यूज का असर दूसरे दिन साफ दिखा। शनिवार को फिल्म ने करीब 60 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए लगभग 1.6 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

रविवार को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 मैच होने के बावजूद फिल्म की रफ्तार थमी नहीं। तीसरे दिन भी करीब 1.6 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इस तरह तीन दिनों में कुल कलेक्शन लगभग 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह प्रदर्शन मजबूत वर्ड ऑफ माउथ का संकेत है।

 

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चार साल बाद वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे होंगे आमने-सामने, भारत की नजर भी इस मुकाबले पर रहेगी

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टी20 विश्व कप 2026 में सोमवार को सुपर-8 राउंड का सिर्फ एक मुकाबला खेला जाएगा। इस मुकाबले में सुपर-8 ग्रुप-1 की दो टीमें वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे आमने-सामने होंगी। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम खेला जाएगा। मैच शाम सात बजे से खेला जाएगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले याने शाम साढ़े छह बजे होगा। इस मैच पर भारत की भी नजरें होंगी। समीकरण कुछ ऐसे बन रहे कि यह मैच अंत में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने के सभी समीकरण जानने के लिए यहां क्लिक करचार साल बाद आमने-सामने वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच अब तक कुल चार टी20 मैच खेले गए हैं। वेस्टइंडीज ने तीन मैचों में जीत हासिल की है, जबकि जिम्बाब्वे एक बार विजयी रही है। टी20 विश्वकप में दोनों टीमें एक बार भिड़ी हैं। 2022 में होबार्ट में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 31 रन से जीत दर्ज की थी। 2022 के बाद से टी20 फॉर्मेट में दोनों टीमें कभी एक दूसरे के सामने नहीं आई हैं। यानी चार साल बाद दोनों टीमें इस प्रारूप में आमने-सामने होंगी।
 
वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे टी20 में

नतीजा    मैदान    साल
जिम्बाब्वे 26 रन से जीता    पोर्ट ऑफ स्पेन2010
वेस्टइंडीज 8 विकेट से जीता    नॉर्थ साउंड    2013
वेस्टइंडीज 41 रन से जीता    नॉर्थ साउंड    2013
वेस्टइंडीज 31 रन से जीता    होबार्ट    2022

ग्रुप स्टेज में दोनों का शानदार प्रदर्शन

वेस्टइंडीज की टीम टी20 फॉर्मेट की तगड़ी टीम मानी जाती है। दो बार विश्व कप जीत चुकी वेस्टइंडीज ग्रुप स्टेज में शीर्ष स्थान पर रहते हुए सुपर-8 में पहुंची है। वहीं, जिम्बाब्वे ने भी इस विश्व कप में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है और ऑस्ट्रेलिया के साथ सह-मेजबान श्रीलंका को मात देते हुए अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहते हुए सुपर-8 में पहुंची है। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में बेहतर संतुलित और सटीक दिखी है। ऐसे में सोमवार की शाम को एक बेहद रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है।

वानखेड़े की पिच क्या कहती है?

वानखेड़े की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। पिच पर बाउंस सही होता है और गेंद बल्ले पर आसानी से आती है। तेज गेंदबाजों को नई गेंद से स्विंग और सीम मिल सकती है। पारी बढ़ने के साथ ही हालात आसान हो जाते हैं। मैच के दौरान मौसम सामान्य रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है।वानखेड़े में कुल 15 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं। वानखेड़े का सबसे बड़ा स्कोर 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने ही बनाया था। भारतीय टीम ने नौ विकेट पर 247 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज वानखेड़े में पांच मैच खेल चुकी है और चार में विजयी रही है। वेस्टइंडीज का इस स्टेडियम में सबसे बड़ा स्कोर भारत के खिलाफ 196/3 है। जिम्बाब्वे पहली बार इस स्टेडियम में टी20 मैच खेलेगी।

शानदार फॉर्म में चल रहे ब्रायन बेनेट

जिम्बाब्वे को इस मैच में सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट से अच्छी पारी की उम्मीद रहेगी। बेनेट तीन मैचों में दो अर्धशतकों की मदद से 175 रन बना चुके हैं। वहीं, ब्लेसिंग मुजरबानी तीन मैचों में नौ विकेट लेकर टीम के शीर्ष गेंदबाज हैं। इन दोनों के अलावा टीम के कप्तान सिकंदर रजा का रोल बेहद अहम होगा।

होल्डर से भी रहेंगी उम्मीदें

वेस्टइंडीज के लिए चार मैचों में होल्डर ने सर्वाधिक सात विकेट लिए हैं। वहीं, कप्तान शाई होप चार मैचों में 175 रन बनाकर श्रेष्ठ स्कोरर हैं। इसके अलावा, शेरफेन रदरफोर्ड, अकील हुसैन और रोमारियो शेफर्ड भी वेस्टइंडीज के लिए अहम होंगे।

क्या आप जानते हैं?

जनवरी 2025 से अब तक फुल मेंबर देशों के तेज गेंदबाजों में ब्रैड इवांस तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उनसे आगे सिर्फ जैकब डफी (44 विकेट) और जेसन होल्डर (39 विकेट) हैं।
इस सीजन के SA20 के बाद से टी20 क्रिकेट में शेरफेन रदरफोर्ड का औसत 74.71 और स्ट्राइक रेट 173.17 है।
मौजूदा टी20 विश्व कप में अब तक 175 रन बना चुके ब्रायन बेनेट एक बार भी आउट नहीं हुए हैं।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11

जिम्बाब्वे: ब्रायन बेनेट, तदीवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रेयान बर्ल, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ग्रीम क्रेमर/रिचर्ड नगरावा, ब्लेसिंग मुजरबानी।
वेस्टइंडीज: ब्रैंडन किंग, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, रोस्टन चेज, रोवमन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड/मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती।

मैच कहां देखें?

टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे। इसके अलावा मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

मां वैष्णो देवी भवन पर आतंकी खतरे की आशंका, दिल्ली के बाद कटरा में हाई अलर्ट

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नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी घटनाक्रमों के बाद अब जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आतंकी मां वैष्णो देवी के पावन भवन और आधार शिविर कटरा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इस गंभीर सूचना के बाद माता के दरबार और पूरे कटरा शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।

आतंकी अलर्ट के बाद कटरा से लेकर भवन तक सुरक्षा व्यवस्था को मल्टी-लेयर कर दिया गया है। आधार शिविर कटरा और यात्रा मार्ग पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर विशेष QRT टीमों को तैनात किया गया है जो आधुनिक हथियारों से लैस हैं।जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी रखी जा रही है। चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम
सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों के लिए भी जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया गया है।

RFID कार्ड और वेरिफिकेशन: बिना वैध  RFID कार्ड के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

सघन चेकिंग: कटरा के प्रवेश द्वारों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हर वाहन और यात्री की सघन तलाशी ली जा रही है।

पहचान पत्र अनिवार्य: प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे हर समय अपना मूल पहचान पत्र साथ रखें और सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करें।

यात्रा पर कोई रोक नहीं, पर सतर्कता जरूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और इसे रोका नहीं गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छुएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस या श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों को सूचित करें।

बाफ्टा में अचानक क्यों सुनाई देने लगे अपशब्द? होस्ट एलन कमिंग को मांगनी पड़ी लोगों से माफी

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रविवार को लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में 79वें बाफ्टा अवार्ड्स आयोजित हुए। ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड में कई दिग्गज कलाकार शामिल हुए। कई फिल्मों को अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड दिए गए। लंदन में जब अवॉर्ड सेरेमनी चल रही थी तो अचानक बीच-बीच में कुछ ‘अपशब्द’ गूंजने लगे। वहां मौजूद लोग कुछ आपत्ति जताते इससे पहले होस्ट एलन कमिंग ने लोगों को संबोधित कर स्थिति स्पष्ट की और माफी भी मांगी।

अचानक क्यों सुनाई देने लगे ‘अपशब्द’?

बाफ्टा अवॉर्ड्स को आम तौर पर इमोशनल स्पीच और स्टैंडिंग ओवेशन के लिए याद किया जाता है, लेकिन इस साल अवॉर्ड सेरेमनी के बाद भी जिस बात पर चर्चा हो रही है, वह है यहां सेरेमनी के दौरान अचानक सुनाई देने वाले कुछ शब्द। यह शब्द जॉन डेविडसन ने अचानक बोले। उन्होंने जान-बूझकर ऐसा नहीं किया। जॉन डेविडसन एक ऐसी स्थिति से जूझ रहे हैं, जिसमें कुछ आवाजें अनियंत्रित रूप से निकलती हैं। इसे टॉरेट सिंड्रोम कहा जाता है।

होस्ट ने मांगी माफी, कहा- ‘सबके लिए सम्मानजनक जगह बनाने के लिए शुक्रिया’

बाफ्टा में जॉन डेविडसन पर आधारित फिल्म ‘आई स्वियर’ (I Swear) को नॉमिनेट किया गया था। यह फिल्म टॉरेट सिंड्रोम पर बनी है। पुरस्कार समारोह में इस फिल्म को सम्मानित किया गया। मगर, अवॉर्ड सेरेमनी में अचानक कुछ आपत्तिजनक शब्द गूंजने लगे। यह शब्द जॉन डेविडसन के मुंह से निकल रहे थे। इस बीच होस्ट एलन कमिंग ने ऑडियंस से बात की, ताकि वे समझ सकें कि दर्शक क्या सुन रहे थे? होस्ट ने फिल्म ‘आई स्वियर’ का जिक्र करते हुए स्थिति स्पष्ट की और कहा, ‘आपने बैकग्राउंड में कुछ सख्त भाषा सुनी होगी। यह इस बात का हिस्सा हो सकता है कि टॉरेट सिंड्रोम कुछ लोगों में कैसे दिखता है। फिल्म में इसी को दिखाया गया है। आपकी समझ और सभी के लिए एक सम्मानजनक जगह बनाने में मदद करने के लिए धन्यवाद’।

क्या है टॉरेट सिंड्रोम?

एलन कमिंग ने शाम में फिर अपनी बात दोहराते हुए कहा, ‘टॉरेट सिंड्रोम एक डिसेबिलिटी है और आज रात आपने जो टिक्स सुनी हैं, वे अपनी अपने आप थीं। इसका मतलब है कि जिस व्यक्ति को टॉरेट सिंड्रोम है, उसका अपनी भाषा पर कोई कंट्रोल नहीं होता है। अगर आज रात आपको बुरा लगा हो तो हम माफी चाहते हैं’। इस अवॉर्ड फंक्शन के बाद टॉरेट सिंड्रोम पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है और साथ ही इसके बारे में जागरुकता फैलाने पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि टॉरेट सिंड्रोम एक तंत्रिका संबंधी विकार है, जो आमतौर पर 2-15 वर्ष की आयु में शुरू होता है। इसमें अचानक, अनियंत्रित और बार-बार होने वाली शारीरिक हरकतों या आवाजों को देखा जाता है, जिन्हें ‘टिक्स’ कहा जाता है। रविवार को बाफ्टा में जॉन डेविडसन के कुछ ऐसे ही टिक्स सुनाई दिए।

पुडुचेरी में कांग्रेस संभाले गठबंधन की कमान, राजनीति में नंबर ही सर्वोपरि: नारायणसामी

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पुडुचेरी। पुडुचेरी का सियासी पारा तब चढ़ गया जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम वी. नारायणसामी ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले बयान दे दिया। उनका तर्क है कि पुडुचेरी में कांग्रेस को गठबंधन की कमान संभालनी चाहिए। यह मांग केवल एक इच्छा नहीं, बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी है जिसने साथी दल डीएमके की पेशानी पर बल डाल दिए हैं।
नारायणसामी की इस दावेदारी की बुनियाद हालिया प्रदर्शन और वोट शेयर पर टिकी है। राजनीति में नंबर ही सर्वोपरि होते हैं, और यहां कांग्रेस का पलड़ा भारी है। पार्टी का दावा है कि उनके पास 26फीसदी का मजबूत वोट बैंक है। साथ ही गठबंधन सहयोगी डीएमके फिलहाल 8फीसदी वोट शेयर के साथ पीछे खड़ी दिख रही है। इन्हीं आंकड़ों के दम पर नारायणसामी का तर्क है कि जिस पार्टी की जड़ें जनता में ज्यादा गहरी हैं, नेतृत्व का हक भी उसी का बनता है।
पुडुचेरी के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस का इतिहास काफी पुराना और दमदार रहा है। केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते यहां की सत्ता की चाबी अक्सर कांग्रेस के पास रही है जो स्थानीय भावनाओं को दिल्ली की राजनीति के साथ तालमेल बिठाकर चल सके। 2026 के चुनावों की आहट ने अब क्षेत्रीय दलों को अपनी ताकत दिखाने पर मजबूर कर दिया है। कांग्रेस को लगता है कि पिछले कुछ चुनावों के उतार-चढ़ाव के बाद अब वक्त आ गया है कि वह जूनियर पार्टनर की छवि से बाहर निकलकर फ्रंट सीट पर बैठे।
रिपोर्ट के मुताबिक अब सवाल उठ रहा है कि क्या डीएमके इस मांग के आगे झुकेगी? तमिलनाडु में मजबूत स्थिति रखने वाली डीएमके के लिए पुडुचेरी में कांग्रेस की शर्तों पर समझौता करना आसान नहीं होगा। उनके फैसले को कई कारक प्रभावित करेंगे। क्या डीएमके के समर्थक नेतृत्व छोड़ने के फैसले को स्वीकार करेंगे? और क्या विपक्षी दलों को हराने के लिए क्या दोनों दल अपनी ईगो को किनारे रख पाएंगे? पुडुचेरी का यह फैसला केवल एक छोटे प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह इंडिया गठबंधन के भविष्य के समीकरणों की दिशा भी तय करेगा। वी. नारायणसामी का यह रुख केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक रणनीतिक दबाव है। 2026 के चुनावों की छाया में, कांग्रेस और डीएमके के बीच की यह सौदेबाजी भारतीय गठबंधन राजनीति के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। यदि कांग्रेस नेतृत्व हथियाने में सफल रहती है, तो यह पार्टी के पुनरुत्थान के लिए एक बड़ा बूस्टर शॉट होगा। आने वाले महीनों में होने वाली वार्ताएं न केवल पुडुचेरी का भविष्य तय करेंगी, बल्कि पूरे देश में यह संदेश भी देंगी कि क्षेत्रीय गठबंधन में शक्ति संतुलन किस करवट बैठ रहा है।

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टीम इंडिया की लुटिया डूबो कर ही मानेंगे गौतम गंभीर! हार के सबसे बड़े कसूरवार, प्लानिंग की चूक या जिद का खेल?

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जिस तरह मुंबई-गुरुग्राम जैसी मेट्रो सिटीज की सारी चकाचौंध एक बारिश होते ही बदबूदार नालों में डूब जाती है ठीक उसी तरह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में एक हार ने भी टीम इंडिया की पोल खोलकर रख दी है. साउथ अफ्रीका के हाथों मिली 76 रन की शर्मनाक हार में जितना कसूर खिलाड़ियों के घटिया प्रदर्शन का है, उतनी ही गलती गौतम गंभीर की बेकार प्लानिंग की है. हेड कोच गंभीर इस हार के सबसे बड़े कसूरवार हैं. आज अगर भारत इस एक हार के साथ वर्ल्ड कप से बाहर होने की कगार पर पहुंच चुका है तो इसका सारा ठिकरा गंभीर की अजीबोगरीब रणनीति पर ही फोड़ना चाहिए|

सिर्फ मैदान नहीं दिमाग में भी खेला जाता क्रिकेट

वैसे भी क्रिकेट सिर्फ मैदान पर नहीं खेला जाता बल्कि उससे कहीं ज्यादा दिमाग में खेला जाता है. टीम मैनेजमेंट यही सबसे बड़ी चूक कर बैठा है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बीती रात भारतीय बैटिंग यूनिट पूरी तरह एक्सपोज हो गई. ग्रुप स्टेज में चार जीत ने इस कमजोरी पर पर्दा डाला हुआ था, लेकिन स्लो और काली मिट्टी के विकेट पर जब बल्लेबाजों का असल इम्तिहान शुरू हुआ तो सबने घुटने टेक दिए. फिंगर स्पिनर्स के खिलाफ भारत की कमजोरी एक बार फिर दुनिया ने देख ली|

खराब प्लानिंग, घटिया क्रियांवयन

न तो भारतीय टीम मैनेजमेंट की प्लानिंग में स्पष्टता है और न उसके क्रियांवयन में. अब इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि पिछली चैंपियन टीम के लिए ओपन कौन करेगा, ये टूर्नामेंट से पहले तक पता नहीं था. शुभमन गिल को अचानक वर्ल्ड कप टीम से ड्रॉप करना. श्रेयस अय्यर को स्क्वॉड में शामिल नहीं करने के चलते गंभीर और चयनकर्ता पहले ही सवालों के घेरे में रहे हैं|

गलत वक्त पर पैनिक बटन दब गया!

गौतम गंभीर अपने सबसे बेहतरीन 11 खिलाड़ी उतारने की बजाय लगातार प्रयोग कर रहे हैं. भारत ऐसे समय प्रयोग कर रहा है, जब उसे बिलकुल भी पैनिक नहीं होना है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ लोकल ब्वॉय अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से निकालकर वाशिंगटन सुंदर को खिलाने का दाव भी समझ से परे था|खराब दूरदर्शी व्यक्ति कभी सफल रणनीतिकार नहीं बन सकता. भारत अगर 2011 वर्ल्ड कप जीता तो प्रयोग 2008 से शुरू हो चुके थे. 2015 वर्ल्ड कप के लिए एक्सपेरिमेंट 2012 से ही करनी पड़ी थी. तब कहीं जाकर टूर्नामेंट से पहले टीम तैयार होती है. वर्ल्ड कप से चंद घंटे पहले तक अगर खिलाड़ी यही सोचते रहे कि वह टीम में सिलेक्ट होंगे या नहीं तो फिर तैयारी के साथ आत्मविश्वास की कमी भी दिखेगी और वही होगा जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ बीती रात हुआ|

‘बम फटने वाला है…’ लाल किला और विधानसभा को उड़ाने की धमकी

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नई दिल्ली।  लाल किला और दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला है, जिसमें लिखा, बम फटने वाला है. धमकी कथित तौर पर खालिस्तानी ग्रुप के नाम पर भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. सूचना मिलते ही मौके पर बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की गहन जांच-पड़ताल की, लेकिन कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली. फिलहाल, जांच जारी है. दिल्ली पुलिस समेत कई टीमें बम से उड़ाने की धमकी देने वाले की पहचान करने में जुट गई हैं. दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार की सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर धमकी की सूचना मिली थी. जिसके बाद मौके पर बम डिटेक्शन टीम, फायर विभाग, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीम ने पहुंचकर सघनता के साथ जांच पड़ताल की।

लाल किला की बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली पुलिस पहले से ही लाल किला की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दी है. सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि लाल किला या भीड़-भाड़ इलाके वाले एरियों में धमाका होने की संभावना है. जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जांच करते हुए 8 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. उन पर आरोप है कि ये सभी आरोपी किसी बड़े धमाके की प्लानिंग में थे. इनमें से कुछ आरोपी पाकिस्तान के आतंकी संगठन ISI संगठन से भी जुड़े पाए गए. फिलहाल, आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

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रेड कार्पेट पर आलिया भट्ट ने किया बेटी राहा का जिक्र; कहा- ‘वो तीन साल की हो गई है और अब…’

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आलिया भट्ट ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स अवार्ड्स 2026 यानी बाफ्टा में बतौर प्रजेंटर स्टेज पर नजर आईं। अपने रेड कार्पेट लुक से आलिया भट्ट छा गईं। इतना ही नहीं, बाफ्टा में आलिया भट्ट ने हिंदी बोलकर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ‘नमस्कार’ बोलकर सबका अभिवादन किया। इसके अलावा आलिया ने रेड कार्पेट पर अपनी बेटी का नाम लिया। उन्होंने बिटिया राहा को अपनी प्रेरणा बताया।

आलिया ने राहा को बताया मैजिक का सोर्स

आलिया भट्ट ने पहली बार बाफ्टा में किसी अवॉर्ड को प्रेजेंट किया। अपने डेब्यू के साथ ही वह ग्लोबल स्टेज पर अपने अंदाज से छा गईं। रेड कार्पेट पर बोलते हुए, आलिया ने कहा, ‘मेरे लिए कैमरे के सामने होना एक ब्लेसिंग है। मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन मुझे कहना होगा कि अभी मेरी प्रेरणा और मैजिक का सोर्स मेरी बेटी है। 
 
मां के गानों पर डांस करती हैं नन्ही आलिया

आलिया भट्ट ने कहा, ‘मेरी बेटी राहा अभी तीन साल की है। उसे देखकर मैं खिल उठती हूं। वह अब मेरे गानों पर डांस करती है। कभी-कभी मुझे लगता है, ‘ठीक है, यही जिंदगी है’। इस इंटरनेशनल अवॉर्ड इवेंट में आलिया ने सिल्वर कलर का गाउन पहना। इसके साथ क्रीम कलर फर स्टोल कैरी किया। इस आउटफिट और मेकअप के लिए आलिया भट्ट को पॉजिटिव रेस्पॉन्स मिल रहा है। 

बाफ्टा में शामिल होने वाली तीसरी भारतीय एक्ट्रेस आलिया

बता दें कि आलिया भट्ट बाफ्टा में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय अभिनेत्री बन गई हैं। उनसे पहले प्रियंका चोपड़ा औ दीपिका पादुकोण भी बाफ्टा में अवॉर्ड प्रेजेंट कर चुकी हैं। बात करें आलिया के वर्क फ्रंट की, तो उनकी दो फिल्में ‘अल्फा’ और ‘लव एंड वॉर’ आनी हैं, जिसकी रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है।

कांग्रेस से निष्कासित नवजोत कौर बनाएगी नई पार्टी, एक साल पति सिद्धू रहेंगे राजनीति से दूर

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चंडीगढ़। कांग्रेस से निष्कासित पंजाब की डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा है कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू अगले एक साल तक सक्रिय राजनीति से दूर रहेंगे। सिद्धू 6 निजी कंपनियों के साथ करार कर चुके हैं, जिसके चलते वे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेंगे। नवजोत कौर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि यह फैसला पूरी तरह पेशेवर प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सिद्धू आगामी एक साल तक अपने नए प्रोजेक्ट्स और कार्पोरेट एंगेजमैंट्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। नवजोत कौर ने कहा कि वे जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगी। पार्टी का आधिकारिक कार्यालय भी शीघ्र खोला जाएगा। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पोस्ट में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कई कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि पंजाब की राजनीति में भ्रष्टाचार और अवसरवादी राजनीति ने जनता का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी नई पार्टी आम लोगों की आवाज बनेगी और राज्य को भ्रष्टाचार और गलत राजनीतिक प्रथाओं से बचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के अंदर भी चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कांग्रेस से निष्‍कासित होने के बाद से नवजोत कौर लगातार पार्टी पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्‍होंने पोस्‍ट के जरिये राजा वड़िंग से पूछा था कि उन्‍होंने 100 एकड़ जमीन कैसे खरीदी? साथ ही राजस्‍थान से जुड़े पंजाब के पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष के साथ‍ मिलकर 2400 करोड़ रुपए का घोटाला करने का भी आरोप लगाया है। नवजोत कौर ने राजा वड़िंग को चेतावनी देते हुए कहा था कि अब वे कोर्ट में जवाब देने और जेल जाने के लिए तैयार रहें। वहीं नवजोत कौर के इन आरोपों पर वडिंग ने कहा था कि जिन लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होती, उनके बयानों पर रोज प्रतिक्रिया देना उचित नहीं।

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टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी क्यों हो रही फेल? पांच मैचों में सिर्फ 34 रन की साझेदारी

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टीम इंडिया के लिए ओपनिंग जोड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है। रविवार को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में भी भारत की सलामी जोड़ी ने फैंस को निराश किया। भारत को टी20 वर्ल्ड कप के पांच मुकाबलों में सलामी जोड़ी ने महज 34 रन दिलाए हैं। इनमें चार मैचों में ईशान-अभिषेक की जोड़ी और एक मैच में ईशान-सैमसन की जोड़ी शामिल है। नामीबिया के खिलाफ अभिषेक नहीं खेले थे और सैमसन ने ओपनिंग की थी।

ईशान-अभिषेक का जादू नहीं चल रहा

दक्षिण अफ्रीका से मिले 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने के लिए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी। हालांकि, ईशान की पारी का अंत सिर्फ चार गेंदों में हो गया और भारतीय टीम की सलामी जोड़ी स्कोरबोर्ड पर एक रन भी नहीं लगा सकी। विकेटकीपर-बल्लेबाज बिना खाता खोले पवेलियन लौटा। वहीं, अभिषेक 15 रन बनाकर आउट हुए। यह हाल सिर्फ इस मैच का नहीं है, बल्कि अब तक खेले गए पांच मुकाबलों में भारत की सलामी जोड़ी का यही हश्र रहा है। आइए जानते हैं…अमेरिका के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में अभिषेक और ईशान किशन पारी का आगाज करने मैदान पर उतरे थे। हालांकि, यह साझेदारी सिर्फ आठ रनों तक ही चल सकी और अभिषेक बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए थे।नामीबिया के खिलाफ अभिषेक के बीमार होने की वजह से ईशान किशन को संजू सैमसन के रूप में नया जोड़ीदार मिला था। हालांकि, नतीजा कुछ खास नहीं रहा। ईशान ने तो इस मैच में 61 रन जड़े, लेकिन संजू आठ गेंदों में 22 रन बनाने के बाद चलते बने। नतीजा यह हुआ कि भारत की ओपनिंग साझेदारी 25 के स्कोर पर टूट गई।पाकिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा प्लेइंग इलेवन में लौटे और वह ईशान किशन के साथ पारी का आगाज करने उतरे। इस बार टीम इंडिया की सलामी जोड़ी महज एक रन बनाकर टूट गई। ईशान ने तो ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए 40 गेंदों में 77 रन बनाए, लेकिन अभिषेक बिना खाता खोले आउट हुए।ओपनिंग साझेदारी के विफल होने की कहानी नीदरलैंड के खिलाफ भी नहीं बदली। अभिषेक और ईशान ने मिलकर पहले विकेट के लिए एक रन तक नहीं जोड़ सके। अभिषेक जीरो पर आउट हुए, जबकि ईशान 18 रन बनाकर पवेलियन लौटे।अगर सिर्फ ईशान और अभिषेक की जोड़ी की बात करें तो इन दोनों ने इस टी20 विश्वकप में चार मैचों में सिर्फ नौ रन की साझेदारी की है। एक में सैमसन और ईशान ने 25 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी।

क्या एकसाथ नहीं जम पा रहे ईशान-अभिषेक?

सलामी जोड़ी के लगातार नाकाम होने से भारतीय टीम की चिंता बढ़ गई है। टीम इंडिया को अगर अपनी ही सरजमीं पर खिताब का बचाव करना है, तो अभिषेक और ईशान की जोड़ी को आने वाले मैचों में ज्यादा जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी। यह इसलिए भी चिंता का विषय है क्योंकि अभिषेक ने पिछले साल दिसंबर तक या तो संजू सैमसन और या फिर शुभमन गिल के साथ ही ओपनिंग की है।

क्या सैमसन की वापसी होनी चाहिए?

जनवरी में ईशान किशन ने वापसी की तो उन्हें तीसरे या फिर चौथे नंबर पर भेजा गया। जब आपकी तैयारी कुछ उस तरह की रही हो और ऐन मौके पर टीम मैनेजमेंट जोड़ी बदल दे तो भी ध्यान भंग हो सकता है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को भी इस पर विचार करना चाहिए कि क्या संजू को वापस लाकर ईशान को तीसरे नंबर पर खिलाना चाहिए? ऐसे में रिंकू को बेंच पर बैठाना पड़ सकता है। सही प्लेइंग-11 चुनने में थोड़ी भी देरी या चूक टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है।

2024 से तुलना करें तो…

साल 2024 में जब भारत ने टी20 विश्वकप का खिताब जीता था, तब टीम के लिए ओपनिंग कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली कर रहे थे। ओपनिंग की जिम्मेदारी दो ऐसे खिलाड़ियों पर थी जो उस संस्करण से पहले लगभग हर टी20 विश्वकप खेल चुके थे (विराट 2007 में टीम का हिस्सा नहीं थे)। हालांकि, 2024 में भी भारत की ओपनिंग की कहानी कुछ ऐसी ही रही थी। शुरुआती पांच मुकाबलों को मिलाकर रोहित और कोहली ने मिलाकर महज 85 रन जोड़े थे।
 
आयरलैंड के खिलाफ 16 गेंद में 22 रन की साझेदारी।
पाकिस्तान के खिलाफ नौ गेंद में 12 रन की साझेदारी।
अमेरिका के खिलाफ दो गेंद में एक रन की साझेदारी।
अफगानिस्तान के खिलाफ 17 गेंद में 11 रन की साझेदारी।
बांग्लादेश के खिलाफ 22 गेंद में 39 रन की साझेदारी।

2024 में टीम इंडिया का संयोजन

तब भी रोहित कुछ मैचों में रन बना रहे थे, लेकिन विराट के बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे। हालांकि, ओपनिंग की विफलता मध्यक्रम के बल्लेबाज संभाल रहे थे, क्योंकि तब भारत के पास प्लेइंग-11 में दाएं हाथ और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का अच्छा मिश्रण था। रोहित प्लेइंग-11 में ज्यादा प्रयोग और छेड़छाड़ के लिए नहीं जाने जाते थे। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल न हुआ हो तो वह उसी प्लेइंग-11 के साथ अगले मैच में जाने पर विश्वास रखते थे। तब ओपनिंग में विराट और रोहित (दोनों दाएं हाथ) के अलावा मध्य्क्र में सूर्यकुमार (दाएं हाथ), ऋषभ पंत और शिवम दुबे (दोनों बाएं हाथ) थे।अक्षर पटेल को फ्लोटर (बाएं हाथ के) के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। फिर फिनिशर के तौर पर हार्दिक पांड्या (दाएं हाथ के) शामिल थे। यानी तब टीम इंडिया में चार दाएं हाथ के और तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। इससे विपक्षी टीमों को परेशानी हो रही थी। रोहित और कोहली टीम के दो सबसे ताकतवर बल्लेबाज थे। एक का काम खेल को संभालना और दूसरे का हिट करना था। यह विश्वास था कि एक अगर नहीं चला तो दूसरा अनुभवी संभाल लेगा।2026 में भारत के पास छह बाएं हाथ के बल्लेबाज रोहित पूरे टूर्नामेंट में अच्छी पारी खेलते रहे, लेकिन फाइनल में नहीं चले। तब विराट कोहली ने अर्धशतक लगाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। रोहित और कोहली एक दूसरे की कमी को पूरा करते दिख रहे थे। हालांकि, ईशान और अभिषेक के संदर्भ में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। इस बार यानी 2026 की टी20 विश्वकप टीम में छह बाएं हाथ के और दो दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इससे विपक्षी टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो रही है।