स्वदेशी स्टील से निर्मित आईएनएस अंजदीप नौसेना में शामिल होने को तैयार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की सामरिक शक्ति और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में जल्द ही एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। दुश्मनों की पनडुब्बियों को समुद्र की अथाह गहराइयों में ही नेस्तनाबूद करने की अचूक क्षमता रखने वाला अत्याधुनिक युद्धपोत आईएनएस अंजदीप नौसेना के बेड़े का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करता यह युद्धपोत न केवल तकनीक के मामले में विश्वस्तरीय है, बल्कि इसका निर्माण पूर्ण रूप से स्वदेशी स्टील से किया गया है, जो देश के रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का एक जीवंत प्रमाण है।
आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट है। इससे पहले आईएनएस अरनाला और आईएनएस एंड्रोथ को सफलतापूर्वक नौसेना की सेवा में समर्पित किया जा चुका है। इन जहाजों का मुख्य उद्देश्य नौसेना के पुराने हो रहे अभय-श्रेणी के जहाजों का स्थान लेना और तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों को अधिक सटीक और घातक बनाना है। इस गौरवशाली परियोजना में सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज इस्पात उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेल ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा तैयार किए जा रहे आठ कार्वेट जहाजों के लिए लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्टील का उत्पादन सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों में किया गया है। यह उपलब्धि भारत की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और जटिल रक्षा उपकरणों के लिए आवश्यक कच्चा माल देश में ही तैयार करने की क्षमता को रेखांकित करती है। सेल इससे पहले भी आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस सूरत जैसे महत्वपूर्ण युद्धपोतों के लिए विशेष-ग्रेड स्टील की आपूर्ति कर चुकी है। आईएनएस अंजदीप का जलावतरण न केवल नौसेना की मारक क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कद का संदेश भी देगा। यह युद्धपोत आधुनिक रडार, सोनार प्रणालियों और घातक हथियारों से लैस है, जो इसे समुद्री सीमाओं का एक अभेद्य प्रहरी बनाते हैं।

Previous articleमध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
Next article फिर से सत्ता में लौटने के लिए ममता ने साध लिए युवा और महिला वोटर……दो योजनाएं बनेगी चुनाव में गेंमचेंजर 
News Desk

 फिर से सत्ता में लौटने के लिए ममता ने साध लिए युवा और महिला वोटर……दो योजनाएं बनेगी चुनाव में गेंमचेंजर 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

कोलकत्ता । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर जारी है। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच दिख रहा है। 294 सदस्यीय विधानसभा में टीएमसी की मजबूत पकड़ है, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। अन्य वाम दलों और नवगठित पार्टियों का गठबंधन चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है, लेकिन असली टक्कर युवाओं और महिलाओं के वोट पर केंद्रित है।
इस लेकर ममता बनर्जी ने इस बार दो प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से राजनीतिक मोर्चा मजबूत किया है। पहली, पहले से चल रही ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना, जो 2.42 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है। इस योजना में मासिक सहायता 1,500 रुपये कर दी गई है, और 2021 में महिलाओं के समर्थन ने टीएमसी को निर्णायक बढ़त दिलाई थी। दूसरी, नई ‘युवा साथी’ योजना, जिसमें 21-40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को मासिक 1,500 रुपये दिए जाएंगे। न्यूनतम योग्यता 10वीं पास है और आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के नौ दिनों में करीब 78 लाख युवाओं ने आवेदन किया। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस आयु वर्ग के मतदाता कुल वोटरों का करीब 45 प्रतिशत हो सकते हैं, जिससे योजना चुनावी समीकरण बदल सकती है।
वहीं राज्य में सियासी मुद्दों में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) भी अहम है। भाजपा एसआईआर को अपनी रणनीति के तहत लाभकारी मानती है, जबकि ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के द्वारा की जा रही एसआईआर प्रक्रिया को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने मृत 61 लोगों के परिवारों से एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा कर मानवीय संदेश भी दिया। 2021 में टीएमसी को 49 प्रतिशत वोट शेयर और 213 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा को 38 प्रतिशत से अधिक वोट और 77 सीटें मिली थीं। इस बार भाजपा घुसपैठ और हिंदुत्व जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वहीं, ममता की योजनाएं सीधे लाभ पर केंद्रित होने के कारण महिला और युवा वोटरों को आकर्षित करने की संभावना रखती हैं। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल का आगामी चुनाव आर्थिक कल्याणकारी योजनाओं और वैचारिक मुद्दों के बीच बेहद रोचक और कड़ा मुकाबला साबित होने वाला है। ममता की दोहरी रणनीति—युवाओं और महिलाओं पर फोकस—भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है और चुनावी समीकरण को नया आकार दे सकती है।

Previous articleस्वदेशी स्टील से निर्मित आईएनएस अंजदीप नौसेना में शामिल होने को तैयार
Next articleछत्तीसगढ़ सरकार का फैसला, ‘शतक’ अब करमुक्त
News Desk

होटल में गर्लफ्रेंड के साथ आए शख्स की मौत, कमरे से मिले शक्तिवर्धक दवाइयों के खाली रैपर 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया, मार्च में थी बेटे की शादी 

गुरुग्राम। राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम शहर के बस स्टैंड के पास एक होटल में गर्लफ्रेंड के साथ ठहरे 56 साल के शख्स की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस को घटनास्थल से शक्तिवर्धक दवाइयों के कुछ खाली रैपर मिले थे। ऐसे में दवाओं के ओवरडोज से मौत होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक मृतक शख्स हरियाणा में सोहना के पास एक गांव का रहने वाला था, जो एक लॉजिस्टिक्स कंपनी में ड्राइवर का काम करता था। बुधवार को वह अपने स्कूल की एक महिला दोस्त के साथ गुरुग्राम बस स्टैंड के पास एक होटल में आ कर ठहरा। महिला के बयान के मुताबिक कमरे में उस व्यक्ति को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। महिला ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को इसकी सूचना दी। उसे पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव का गुरुवार को पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। हालांकि, कमरे से मिले दवाइयों के रैपर इस ओर इशारा कर रहे हैं कि उस शख्स ने बिना डॉक्टरी सलाह के शक्तिवर्धक दवाओं का सेवन किया, जिसका असर उसके दिल पर पड़ा होने का अंदेशा है।
जानकारी के मुताबिक मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि 12 मार्च को उनके बेटे की शादी थी। घर में मेहमानों का आना-जाना और खुशियों का माहौल था, लेकिन पिता की अचानक मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।

Previous articleमुझसे नाराज थीं प्रियंका…जैसे ही वायनाड पहुंचे वह करने लगी बात यह यहां का जादू है
News Desk

मुझसे नाराज थीं प्रियंका…जैसे ही वायनाड पहुंचे वह करने लगी बात यह यहां का जादू है

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

भूस्खलन पीड़ितों के घरों के शिलान्यास समारोह में राहुल गांधी ने सुनाया किस्सा 

वायनाड। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी के बारे में एक बेहद दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, कि वायनाड ने उनके बीच की नाराजगी को किसी भी शांति वार्ता से ज्यादा तेजी से सुलझा दिया। राहुल गांधी 2024 के वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए कांग्रेस द्वारा बनाए जा रहे घरों के शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेने यहां पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने राजनीति और अपने निजी जीवन को लेकर कुछ खास बातें शेयर कीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वायनाड की जनता को अपना बड़ा परिवार बताते हुए राहुल गांधी ने अपनी और बहन प्रियंका के बीच हुई हालिया अनबन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी बहन अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ते रहते हैं। राहुल गांधी ने बताया कि मेरी बहन मुझसे बात नहीं कर रही थी। बात इतनी बढ़ गई थी कि इसका जिक्र उन्हें अपनी मां सोनिया गांधी से भी करना पड़ा। राहुल ने बताया कि जब मेरी मां ने पूछा कि प्रियंका कैसी है, तो मैंने उन्हें बताया कि वह मुझसे नाराज है और बात नहीं कर रही है। इसके बाद राहुल ने इस नाराजगी को दूर करने के लिए अपनाई गई तरकीब भी बताई। 
राहुल ने कहा कि मैंने मां (सोनिया) से कहा कि मैंने उसे (प्रियंका) को जाल में फंसा लिया है। एक बार जब वह वायनाड आ जाएगी, तो वह मुझसे बात किए बिना नहीं रह पाएगी। हालांकि, उनकी यह तरकीब तुरंत काम नहीं आई और फ्लाइट में भी प्रियंका उनसे नाराज ही रहीं। राहुल ने आगे कहा लेकिन जैसे ही हम वायनाड पहुंचे, उसने मुझसे फिर से बात करना शुरू कर दिया। यही वायनाड का जादू है।
बता दें राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में केरल के वायनाड और यूपी के रायबरेली, दोनों ही सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने वायनाड सीट खाली कर दी थी, जिसके बाद हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर अब उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। राहुल ने कहा कि नेताओं को अपने बारे में ज्यादा खुला और पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने मंच से कहा कि मैं 2004 से राजनीति में हूं, करीब 22 साल हो गए हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, चीजों के बारे में आपके सोचने का नजरिया बदलने लगता है। 

Previous articleअफगान हमले से थरथर कांपा पाकिस्तान फिर आधी रात काबुल में बरसी आग
Next articleहोटल में गर्लफ्रेंड के साथ आए शख्स की मौत, कमरे से मिले शक्तिवर्धक दवाइयों के खाली रैपर 
News Desk

पुणे में 9 नामचीन गुंडों को तड़ीपार किया गया 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

पुणे। पुणे पुलिस ने शहर में अपराधियों को बड़ा झटका दिया है। दादा समझकर लोगों को डराने वाले गुंडों को पुलिस ने शहर से बाहर का रास्ता दिखाया है। दरअसल पुणे पुलिस ने रिकॉर्ड में दर्ज अपराधियों को सीधे तड़ीपार कर दिया है। शहर के 9 नामचीन गुंडों को पुणे शहर और जिले से तड़ीपार कर दिया गया है। गुंडे बिबवेवाड़ी, आंबेगांव, मार्केट यार्ड और शहर के दूसरे इलाकों में आतंक मचा रहे थे। इन 9 गुंडों को दो साल से तड़ीपार किया गया है। पुणे पुलिस की इस कार्रवाई की हर जगह चर्चा हो रही है। दरअसल पुणे पुलिस ने अपराधियों की दहशत को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। क्योंकि इन अपराधियों के आतंक से पुणेकर डरे हुए हैं और कानून व्यवस्था का भी मुद्दा उठा है। जिन 9 गुंडों को तड़ीपार किया गया है उनके खिलाफ हत्या की कोशिश, लूट, गंभीर चोट, धमकी, अवैध हथियार रखना, मारपीट जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। शहर और जिले से जिन  नामचीन अपराधियों को तड़ीपार किया गया है इनमें से ज़्यादातर अपराधी 20 से 30 साल के हैं। तड़ीपार किए गए अपराधियों के नाम इस प्रकार है- 
– जलिंदर मसा मोरे (उम्र 48, अपर इंदिरानगर),
– अन्ना उर्फ ​​गणराज सुनील ठाकर (उम्र 26, अपर बिबवेवाड़ी),
ओमकार लक्ष्मण सणस (उम्र 23, बिबवेवाड़ी),
राजू महादेव डेंगले (उम्र 22, सुखसागर नगर),
आकाश गुलाबराव कांबले (उम्र 21),
कृष्ण बबन लोखंडे (उम्र 24),
आर्यन बापू बेलदरे (उम्र 24, आंबेगांव बुद्रुक),
सोमगौड़ा गुरन्ना चौधरी (उम्र 33, मार्केट यार्ड),
साहिल भीमा अष्टगे (उम्र 20, मार्केट यार्ड)

थलापति विजय की राजनीति में एंट्री के बाद एक्टर के परिवार में आई फूट, पत्नी ने दायर की तलाक अर्जी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

चेंगलपट्टू। थलापति विजय (Thalapathy Vijay) की पत्नी संगीता सोरनालिंगम (Sangeetha Sornalingam) ने 27 फरवरी, 2026 को चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट (Chengalpattu Family Court) में तलाक (Divorce) के लिए अर्जी दी है। यह अर्जी कपल के अलग होने की दिशा में पहला फॉर्मल कानूनी कदम है। विजय, जो न सिर्फ एक जाने-माने तमिल एक्टर हैं, बल्कि तमिलगा वेत्री कझगम के फाउंडर भी हैं। सुपरस्टार विजय ने अभी तक इस मामले पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है क्योंकि कोर्ट अर्जी पर सुनवाई कर रहा है। कपल ने शादी के 27 साल बाद एक-दूसरे से अलग होने का फैसला लिया है।

साउथ इंडियन एक्टर विजय और संगीता सोरनालिंगम ने 25 अगस्त, 1999 को शादी की थी और इस सेरेमनी में सभी बड़े स्टार्स शामिल हुए थे। एक तरफ विजय क्रिश्चियन हैं तो दूसरी तरफ संगीता हिंदू हैं। कपल ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी, जिसके बाद चेन्नई में एक शानदार रिसेप्शन भी रखा था।

शादी के बाद विजय और संगीता सोरनालिंगम ने 26 अगस्त 2000 को अपने पहले बच्चे, एक बेटे का स्वागत किया था। कपल ने उसका नाम जेसन संजय विजय रखा था। विजय और संगीता के घर 2005 में बेटी ने जन्म लिया था, जिसका नाम दिव्या साशा रखा। थलापति विजय के बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा की बात करें तो दोनों बच्चे धीरे-धीरे लाइमलाइट में आ रहे हैं। बता दें कि सुपरस्टार थलापति विजय के बेटे जेसन संजय तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बतौर निर्देशक डेब्यू कर चुके हैं।

Previous articleपहली बार सामने आया ‘सुदर्शन’ का फायरिंग वीडियो
Next article शादी के तीन महीने बाद नवविवाहिता ने दी जान
News Desk

मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं, स्वास्थ्य को लेकर कभी लापरवाही नहीं बरती

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ ने पिछले साल अचानक दिए इस्तीफे को लेकर दिया बयान 

चुरू। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पिछले साल जुलाई में दिए गए अपने अचानक इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को राजस्थान के चूरू में एक जनसभा को संबोधित करते साफ किया कि उनका इस्तीफा खराब स्वास्थ्य की वजह से नहीं था, बल्कि उन्होंने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए यह कदम उठाया था। धनखड़ ने कहा कि कहते हैं पहला सुख निरोगी काया। मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। मैंने जब कहा कि मैं पद त्याग रहा हूं, तो मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं और देनी भी चाहिए।
बता दें 21 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति को सौंपे गए अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने लिखा था कि वह स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। पिछले साल अगस्त में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने धनखड़ के अचानक इस्तीफे और उसके बाद उनकी चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। राहुल गांधी ने कहा था कि धनखड़ ने इस्तीफा क्यों दिया, इसके पीछे एक बड़ी कहानी है। आप में से कुछ लोग इसे जानते होंगे, कुछ नहीं। भारत के उपराष्ट्रपति ऐसी स्थिति में क्यों हैं कि वह एक शब्द नहीं कह सकते… और उन्हें छिपना पड़ रहा है… अचानक वह व्यक्ति जो राज्यसभा में खूब गरजता था, वह पूरी तरह से शांत हो गया।
धनखड़ के इस चूरू दौरे की मेजबानी पूर्व कांग्रेस सांसद राम सिंह कस्वां और ओलंपियन व पूर्व कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया ने की। बता दें राम सिंह कस्वां चूरू के मौजूदा कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के पिता हैं। अपने दौरे का कारण बताते हुए धनखड़ ने कहा कि वह राम सिंह कस्वां के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे और यही फिक्र उन्हें चूरू खींच लाई। धनखड़ ने यह भी याद किया कि जब भी वह खुद अस्वस्थ हुए हैं, तो उनका हालचाल जानने वालों में राम सिंह हमेशा सबसे आगे रहे। 

Previous articleहिलेरी क्लिंटन ने जेफ्री एपस्टीन से किसी भी तरह की मुलाकात से किया इनकार
Next articleपुणे में 9 नामचीन गुंडों को तड़ीपार किया गया 
News Desk

पीएम मोदी इजराइल का दौरा समाप्त कर वापस लौटे, FTA पर जल्द होगी घोषणा

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इजराइल की ऐतिहासिक दो दिन की सरकारी यात्रा के बाद भारत वापस लौट आए. बता दें, यह नौ साल में पीएम मोदी की यह पहली यात्रा थी. इस दौरान दोनों देशों ने अपने आपसी संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया.

इस दौरे में इनोवेशन, कल्चरल एक्सचेंज, मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, इकोनॉमिक कोऑपरेशन, डिप्लोमेसी और सिक्योरिटी समेत अलग-अलग सेक्टर में 27 समझौते हुए. पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत और इजराइल जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भी करेंगे. उन्होंने हाई-टेक और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिए एक क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की स्थापना की भी घोषणा की. पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ अपने इरादे को दोहराया, और साफ कहा कि भारत और इजराइल इस बात पर साफ हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है. आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सीधे भारत की सुरक्षा से जुड़ी है. इस क्षेत्र में बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के लगातार समर्थन पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने तनाव कम करने की कोशिशों पर जोर दिया. उन्होंने शांति के रास्ते के तौर पर गाजा पीस प्लान का खास तौर पर स्वागत किया और कहा कि भारत स्थिरता वापस लाने के मकसद से किए जाने वाले ऐसे प्रयासों का पूरा सहयोग करता है और इंसानियत को कभी भी लड़ाई का शिकार नहीं बनना चाहिए.

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को ‘अद्भुत’, ‘बहुत फायदेमंद’, और ‘बहुत दिल को छूने वाला’ बताया, भले ही यह दौरा कम समय का था. उन्होंने पिछले दिन इजराइल की संसद नेसेट में पीएम मोदी के भाषण के इमोशनल असर की तारीफ की. नेतन्याहू ने शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इजराइल भारत की हमेशा रहने वाली दोस्ती के लिए उसका ‘बहुत बड़ा कर्जदार’ है. उन्होंने शादी से पहले अपनी पत्नी सारा के साथ तेल अवीव के एक इंडियन रेस्टोरेंट में ‘जबरदस्त खाने’ का मजा लेने का एक निजी किस्सा भी शेयर किया, जिससे उनके रिश्ते का एक पर्सनल पहलू पता चलता है.

इजराइली नेता ने दोनों देशों के बीच ‘शानदार टैलेंट’ और ‘दिमाग और दिल के मिलने’ की संभावना पर जaर दिया, और भरोसा जताया कि यह रिश्ता जारी रहेगा. उन्होंने भारत में जल्द ही एक गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) मीटिंग के प्लान की घोषणा की, और आगे की बातचीत के लिए जाने-माने मंत्रियों को लाने की उम्मीद जताई.

पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल, तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

चेन्नई. तमिलनाडु (Tamil Nadu) में विधानसभा चुनावों (assembly elections) से ठीक पहले सियासत (political) में हलचल तेज हो गई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK से निष्कासित नेता ओ. पन्नीरसेल्वम (Panneerselvam) आज सत्ताधारी पार्टी DMK में शामिल हो गए हैं.

पन्नीरसेल्वम तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्हें दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता रहा है. AIADMK में उनके और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच लंबे समय तक नेतृत्व संघर्ष चला, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने से साउथ तमिलनाडु का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है. यहां थेवर समुदाय में पन्नीरसेल्वम का समर्थन मजबूत माना जाता है.

DMK कार्यकर्ता ने जताई खुशी
पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने पर डीएमके कार्यकर्ता अभिषेक ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘ये एक शानदार दिन है. लोग साबित कर रहे हैं कि हम फिर से एक मजबूत सरकार बनाने जा रहे हैं. हम अभी मजबूत हैं और आगे और भी मजबूत होंगे. इसलिए, ये अच्छा होगा ये (ओपीएस के डीएमके में शामिल होने की संभावना) हमारी नेतृत्व क्षमता को दिखाता है कि कोई दूसरा (पूर्व) मुख्यमंत्री भी हमारे साथ जुड़ सकता है. हमें हराने वाला कोई नहीं है.’

तीन बार मुख्यमंत्री बने पन्नीरसेल्वम
बता दें कि ओ.पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि 6 महीने बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार राज्य के सीएम पद का कार्यभार संभाला. लेकिन इस बार वो एक महीने तक ही इस पद पर बने रह सके. पनीरसेल्वम 2016 में तीसरी बार राज्य के सीएम बने थे, लेकिन 2017 में उन्होंने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया था.

अश्विन का आमिर को करारा जवाब, युवराज से भी कर दी तुलना

0

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

टी20 विश्वकप के ग्रुप चरण में लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बाद अभिषेक शर्मा आलोचकों के निशाने पर आ गए थे, लेकिन गुरुवार को उन्होंने 30 गेंद में चार चौके और चार छक्के की मदद से 55 रन की पारी खेली और जबरदस्त वापसी की। उनके फॉर्म में लौटने से फैंस को भी राहत मिली है, क्योंकि भारत का अगला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ एक नॉकआउट मुकाबला है और अभिषेक उसमें काफी अहमियत रखेंगे।अभिषेक के लगातार शून्य पर आउट होने पर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने अभिषेक को एक ‘स्लॉगर’ यानी लप्पेबाज बताया था। आमिर का कहना था कि युवा बल्लेबाज के खेल में रक्षात्मक तकनीक की कमी है और वह हर गेंद पर बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं। अब जिम्बाब्वे के खिलाफ अभिषेक के अर्धशतक के बाद रविचंद्रन अश्विन ने आमिर को करारा जवाब दिया है।

अश्विन का पलटवार

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर आमिर की टिप्पणी का जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘आप उनके खेल के बारे में कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन वह स्लॉगर नहीं हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उनका बैट स्विंग सबसे बेहतरीन में से एक है। हम सब जानते हैं कि युवराज सिंह उनके मेंटर हैं। शायद उनका बैट स्विंग युवराज से भी बेहतर है।’ अश्विन ने आगे जोड़ा, ‘जब भी अभिषेक गेंद को हिट करते हैं, वह बहुत दूर जाती है। लोग उन्हें स्लॉगर समझ लेते हैं, लेकिन उनकी गलती सिर्फ इतनी रही है कि वह हर गेंद पर इरादा दिखाना चाहते हैं।’ अभिषेक के अर्धशतक ने टीम इंडिया की 72 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस पारी में आक्रामकता के साथ-साथ धैर्य भी नजर आया।

गावस्कर भी हुए प्रभावित

महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अभिषेक की पारी की तारीफ करते हुए कहा, ‘हम जानते हैं कि अभिषेक शर्मा कितने अच्छे बल्लेबाज हैं। उन्होंने 55 रन की पारी से अपने आलोचकों को चुप करा दिया। उन्होंने शुरुआत में समय लिया, ऑफ स्पिनर को सम्मान दिया और संयम से खेला। इस मैच में उन्होंने एक डिफेंसिव शॉट भी खेला, जो देखकर मुझे हैरानी हुई, क्योंकि आमतौर पर हम ऐसा नहीं देखते।’

बदली सोच, बदला खेल

यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी था कि अभिषेक परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं। अब सवाल यह है कि क्या वह यही पारी वेस्टइंडीज के खिलाफ भी दिखाने में कामयाब होंगे। भारत और वेस्टइंडीज सुपर-8 के ग्रुप में क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दोनों के दो-दो अंक हैं। एक मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में जब दोनों टीमें आमने-सामने आएंगी, तो जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर थम जाएगा।