भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए क्या करना होगा? पाकिस्तान लगाएगा आखिरी दांव!

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टी20 विश्वकप 2026 अब एक रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। सुपर-8 चरण के आखिरी कुछ मैच बचे हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने की जंग दिलचस्प हो चली है। यह जंग कितनी मुश्किल है, इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि सुपर-8 राउंड के छह मैचों के बाद अब तक सिर्फ एक ही टीम सेमीफाइनल में पहुंच सकी है। इंग्लैंड की सीट पक्की हो चुकी है। वहीं, तीन अन्य जगहों के लिए अभी पांच टीमों के बीच टक्कर है। सुपर-8 ग्रुप-1 से अभी तक किसी टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं किया है, जबकि ग्रुप-2 से इंग्लैंड की टीम क्वालिफाई कर चुकी है।

क्या होगा भारत-वेस्टइंडीज वर्चुअल नॉकआउट?

टीम इंडिया भी सुपर-8 राउंड में जूझ रही है। दरअसल, सुपर-8 चरण में भारत की शुरुआत ही बेहद खराब रही। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की करारी हार ने भारतीय टीम को मुश्किल हालात में ला खड़ा किया है। कप्तान सूर्यकुमार की अगुवाई वाली टीम का नेट रन रेट -3.800 तक गिर गया है। गुरुवार यानी 26 फरवरी को दो बड़े मुकाबले हैं। पहला मैच दक्षिण अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज दोपहर तीन बजे से और फिर शाम सात बजे से भारत बनाम जिम्बाब्वे। दक्षिण अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज मैच से ही काफी हद तक ग्रुप-1 की तस्वीर साफ हो जाएगी।

फिलहाल ग्रुप-1 और ग्रुप-2 की अंकतालिका इस प्रकार है
टीम    मैच    जीत    हार    बेनतीजा    अंक    नेट रन रेट
वेस्टइंडीज    1    1    0    0    2    +5.350
द. अफ्रीका    1    1    0    0    2    +3.800
भारत    1    0    1    0    0    -3.800
जिम्बाब्वे    1    0    1    0    0    -5.350

सेमीफाइनल में कैसे पहुंच सकता है भारत?

समीकरण नंबर-1: द. अफ्रीका वेस्टइंडीज को हरा दे

अगर दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज को हरा देता है और भारत जिम्बाब्वे को मात दे देता है, तो अफ्रीकी टीम चार अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। तब भारत और वेस्टइंडीज के बीच अगला मुकाबला वर्चुअल क्वार्टरफाइनल बन जाएगा। उस मैच का विजेता सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा, चाहे नेट रन रेट कुछ भी हो। यह भारत के लिए सबसे सरल रास्ता है, जीतते जाओ और आगे बढ़ो।

समीकरण नंबर-2: नेट रन रेट बनेगा असली खेल

अगर वेस्टइंडीज दक्षिण अफ्रीका को हरा देता है और भारत जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज करता है, तो विंडीज के चार अंक हो जाएंगे, जबकि भारत और दक्षिण अफ्रीका के दो-दो अंक होंगे। ऐसे में भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, ताकि उसका नेट रन रेट बेहतर हो सके। साथ ही भारत को यह भी उम्मीद करनी होगी कि जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका को हरा दे या दक्षिण अफ्रीका बहुत मामूली अंतर से जीते, ताकि नेट रन रेट बहुत न बढ़े और भारत से बेहतर हो जाए। यहां सेमीफाइनल की टिकट पूरी तरह गणित और रन रेट पर निर्भर करेगी। ये रास्ता कठिन है।

समीकरण नंबर-3: हार मतलब लगभग बाहर

अगर भारत जिम्बाब्वे से हार जाता है, तो उसकी स्थिति बेहद कमजोर हो जाएगी। हालांकि, तकनीकी रूप से मौका बचा रहेगा, लेकिन उसे वेस्टइंडीज को भारी अंतर से हराना होगा और बाकी मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। स्पष्ट है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा है। इसके बाद भारत को यह उम्मीद करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों को हरा दे। फिर भारत की वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत ही रास्ता खोलेगी। ऐसी स्थिति में दक्षिण अफ्रीका के छह अंक हो जाएंगे, जबकि भारत, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के दो-दो अंक होंगे। तब सेमीफाइनल में जगह उसी टीम को मिलेगी, जिसका नेट रन रेट (NRR) सबसे बेहतर होगा।

ग्रुप-2 में पाकिस्तान की हालत पतली

दूसरी ओर ग्रुप-2 में पाकिस्तान की राह और भी कठिन हो गई है। न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को 61 रन से हराकर अपने सेमीफाइनल के दावे को मजबूत किया। इस मैच में रचिन रवींद्र ने 27 रन देकर चार विकेट लिए और शानदार गेंदबाजी की। इस ग्रुप से इंग्लैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है।

सुपर-8 ग्रुप-2 की मौजूदा अंक तालिका
टीम    मैच    जीत    हार    बेनतीजा    अंक    नेट रन रेट
इंग्लैंड (Q)    2    2    0    0    4    +1.491
न्यूजीलैंड    2    1    0    1    3    +3.050
पाकिस्तान    2    0    1    1    1    -0.461
श्रीलंका (E)    2    0    2    0    0    -2.800
सेमीफाइनल में कैसे पहुंच सकता है पाकिस्तान

समीकरण नंबर-1: दुआ और दम दोनों जरूरी

पाकिस्तान का आखिरी मुकाबला श्रीलंका से है। अगर पाकिस्तान जीतता है, तो उसके तीन अंक हो जाएंगे। हालांकि, श्रीलंका पर सिर्फ जीत ही पाकिस्तान के लिए काफी नहीं है। अगर न्यूजीलैंड, इंग्लैंड से करीबी अंतर से हारता है तो पाकिस्तान को श्रीलंका पर 70+ रन से जीत दर्ज करनी होगी। तभी उसका नेट रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो पाएगा। इस स्थिति में कीवी और पाकिस्तान के तीन-तीन अंक होंगे और फैसला नेट रन रेट पर होगा। अगर पाकिस्तान टीम श्रीलंका से करीबी अंतर से जीतती है तो उसे दुआ करनी होगी कि न्यूजीलैंड, इंग्लैंड से बड़े अंतर से (करीब 60-70+ रन के अंतर से) हार जाए। ऐसी स्थिति में दोनों टीमें तीन-तीन अंकों पर होंगी और फिर फैसला नेट रन रेट से होगा। 

समीकरण नंबर-2: छोटी सी चूक और बाहर

अगर पाकिस्तान श्रीलंका से हार जाता है, तो वह तुरंत बाहर हो जाएगा। फिर कोई समीकरण काम नहीं आएगा। अगर न्यूजीलैंड इंग्लैंड को हरा देता है, तो भी पाकिस्तान का सफर श्रीलंका से भिड़ने से पहले ही खत्म हो जाएगा। यहां तक कि अगर न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड मैच बारिश से धुल जाता है, तब भी पाकिस्तान के लिए रास्ता बंद हो जाएगा।

हर रन की अहमियत

सुपर-8 चरण में अब हर गेंद, हर रन और हर विकेट की कीमत बढ़ गई है। भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए यह दौर मानसिक मजबूती की भी परीक्षा है। भारत को अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार करना होगा, जबकि पाकिस्तान को अपनी जीत के साथ किस्मत का भी साथ चाहिए। आने वाले दो दिन तय करेंगे कि कौन सी टीम सेमीफाइनल की चौखट पार करेगी और किसका सपना अधूरा रह जाएगा।

लंदन से LLM और ऐसी करतूत! गर्लफ्रेंड का इंटरव्यू रुकवाने के लिए गुरुग्राम की पॉश बिल्डिंग को बम से उड़ाने की दी धमकी

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गुरुग्राम: साइबर सिटी में सामने आया Gurugram Bomb Threat Case हर किसी को चौंका रहा है। सेक्टर 43 स्थित हाई-प्रोफाइल DLF Horizon बिल्डिंग में बम होने की झूठी सूचना देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने यह कदम सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड का इंटरव्यू रुकवाने के लिए उठाया।

24 फरवरी सुबह करीब 9:15 बजे Horizon Center में मौजूद The Corporate Edge कंपनी को एक ईमेल मिला। उसमें बिल्डिंग में बम होने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरी बिल्डिंग खाली कराई गई और घंटों तलाशी ली गई। हालांकि, जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

सिक्योरिटी एजेंसी की शिकायत पर सुशांत लोक थाने में केस दर्ज हुआ। साइबर टीम ने ईमेल के IP एड्रेस को ट्रेस किया। जांच 29 वर्षीय अनिकेत पॉल तक पहुंची, जिसे सेक्टर 31 से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस भी जब्त कर लिया है।

ACP विकास कौशिक ने बताया कि आरोपी को लगा था कि धमकी से दहशत फैलेगी और इंटरव्यू टल जाएगा। उसका मकसद अपनी गर्लफ्रेंड को वापस पाना था। अनिकेत मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है और गुरुग्राम में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम करता है।

 

‘हल्के-फुल्के रोल करना चाहती हूं’, तापसी पन्नू ने टाइपकास्ट किए जाने पर उठाए सवाल; कहा- धारणा तोड़नी पड़ती है

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तापसी पन्नू को अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘अस्सी’ के लिए प्रशंसाएं मिल रही हैं। फिल्म को भी क्रिटिक्स द्वारा काफी सराहा जा रहा है। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी अच्छा कंटेंट और तारीफों के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस धीमी रफ्तार से ही आगे बढ़ रही है। इस बीच तापसी पन्नू ने एक ही तरह के किरदार के लिए एक ही तरह के कलाकारों को चुनने के मुद्दे पर सवाल उठाया। तापसी की अनुभव सिन्हा के साथ ये तीसरी फिल्म है, इससे पहले दोनों ‘मुल्क’ और ‘थप्पड़’ में भी साथ काम कर चुके हैं।

कोई अपने कंफर्ट जोन से बाहर नहीं आना चाहता

गलाट्टा प्लस के साथ बातचीत के दौरान तापसी पन्नू ने बताया कि उन्होंने कई प्रमुख निर्देशकों से उनकी फिल्मों में बार-बार दोहराए जाने वाले कास्टिंग विकल्पों के बारे में सवाल किए हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि यह मुश्किल है। मेरे लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए यह कल्पना करना मुश्किल है क्योंकि हम अपनी कल्पना के आरामदायक दायरे में इतने खुश रहते हैं। ‘ठीक है, यह इस तरह की भूमिका है, तो यह ठीक रहेगी।’ कोई भी लीक से हटकर सोचना नहीं चाहता। जब मैं यहां के कुछ शीर्ष निर्देशकों से मिलने जाती हूं, तो उनसे मेरी बातचीत होती है। सबसे पहले मुझे यह धारणा तोड़नी पड़ती है कि मैं ऐसी फिल्में करने में सहज हूं, जिनमें मैं मुख्य भूमिका में नहीं हूं। यानी कि कहानी मेरी नहीं है। फिर मुझे उन्हें बताना पड़ता है कि मैं कुछ हल्की-फुल्की भूमिकाएं करना चाहती हूं। ऐसा नहीं है कि अगर मुझे फिल्म में होना ही है तो उससे कोई समस्या जुड़ी होनी चाहिए।

मैं हमेशा सवाल उठाती हूं

तापसी ने आगे बताया कि मैं सच में उन पर सवाल उठाती हूं। आप एक ही तरह के किरदारों के लिए हमेशा एक ही चेहरे को क्यों चुनते हैं? यह उनके साथ भी अन्याय है। यह मेरे जैसे लोगों के साथ भी अन्याय है जो अपनी कला में प्रयोग करना चाहते हैं। एक निर्देशक के तौर पर यह सोचना आपकी आत्मसंतुष्टि है कि अरे, यह एक खास तरह का किरदार है और इसके जैसी दिखने वाली लड़कियां कौन हैं? सिर्फ ये लड़कियां। फिर वे किसी और फिल्म में भी वही करेंगी जो उन्होंने पहले किया है। लेकिन जब मैं शायद ऐसा कुछ करूंगी, तो मैं कुछ नया लेकर आऊंगी।

महिला केंद्रित फिल्मों और दमदार किरदारों के लिए मशहूर हैं तापसी

‘अस्सी’ में तापसी पन्नू एक वकील के किरदार में नजर आ रही हैं। इससे पहले तापसी अनुभव सिन्हा की ही फिल्म ‘मुल्क’ में भी वकील की भूमिका निभा चुकी हैं। तापसी पन्नू को अक्सर ही महिला केंद्रित और दमदार भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। उनकी इस तरह की फिल्मों में ‘अस्सी’ और ‘मुल्क’ के अलावा ‘थप्पड़’, ‘पिंक’, ‘बदला’ और ‘सांड की आंख’ शामिल हैं। हालांकि, इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में कुछ अलग तरह के किरदार भी निभाए हैं, जिनमें ‘चश्मे बद्दूर’, ‘जुड़वां 2’, ‘हसीन दिलरुबा’, ‘डंकी’ और ‘खेल खेल में’ शामिल हैं।

पढ़ाई में कौन निकला आगे?

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Rashmika Mandanna Vijay Deverakonda Wedding: क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर आग लगाने वाले विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना पढ़ाई में भी अव्वल थे? बी.कॉम से लेकर मनोविज्ञान की डिग्री तक, जानें अपने पसंदीदा सितारों की ‘एजुकेशनल’ लाइफ के दिलचस्प राज.

नई दिल्ली (Rashmika Mandanna Vijay Deverakonda Wedding). साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सबसे चहेते कपल विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना कल, 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के खूबसूरत माहौल में विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं. ‘विरोष’ की शादी को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है और उदयपुर में शादी की रस्में जोर-शोर से चल रही हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाला यह जोड़ा असल जिंदगी में कितना पढ़ा-लिखा है?

फिल्मी सफलता और अब अपनी शादी की चर्चाओं के बीच इनकी शैक्षणिक योग्यता काफी प्रभावशाली है. जहां रश्मिका मंदाना ने मनोविज्ञान और पत्रकारिता जैसे विषयों में महारत हासिल की, वहीं विजय देवरकोंडा ने कॉमर्स की दुनिया समझी है. कल जब यह कपल अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेगा तो यह दो बेहतरीन एजुकेटेड शख्सियतों का मिलन होगा. आइए, ‘विरोष’ की शादी के खास मौके पर उनकी शैक्षणिक यात्रा के पन्ने पलटते हैं.

विजय देवरकोंडा: बोर्डिंग स्कूल से बी.कॉम तक का सफर

विजय देवरकोंडा की शुरुआती शिक्षा पुट्टापर्थी के सत्य साईं हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई. बोर्डिंग स्कूल के इसी अनुशासन ने उन्हें स्वतंत्र व्यक्तित्व दिया. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद के मशहूर बदरुका कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड आर्ट्स में एडमिशन लिया, जहां से उन्होंने बी.कॉम की डिग्री हासिल की. कॉमर्स की इसी समझ ने उन्हें सफल अभिनेता के साथ-साथ स्मार्ट प्रोफेशनल भी बनाया है.
 

श्रीनगर–जम्मू वंदे भारत विस्तार पर अचानक ब्रेक, क्या है वजह?

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श्रीनगर से जम्मू तक वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को एक मार्च से शुरू करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, रेलवे बोर्ड ने मंगलवार रात इस निर्णय पर रोक लगा दी है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा, अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण एक मार्च से वंदे भारत ट्रेन के विस्तार को रेलवे बोर्ड द्वारा स्थगित कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा, जल्द ही नया टाइम टेबल जारी किया जाएगा।मंगलवार को ही जम्मू और कटड़ा के बीच सेमी हाईस्पीड ट्रेन का ट्रायल किया गया था। रेलवे प्रशासन ने ट्रेन को चलाने की तैयारी भी पूरी कर ली थी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने वंदे भारत का टाइम टेबल भी जारी कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, ट्रेन के परिचालन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद विस्तार के नोटिफिकेशन को तत्काल वापस ले लिया गया। उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने अमर उजाला को बताया, तकनीकी कारणों के चलते परिचालन रोक दिया गया है। जल्द ही जम्मू तवी से श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन के रूट का टाइम टेबल जारी किया जाएगा।जम्मू से श्रीनगर के बीच सीधी ट्रेन सेवा को शुरू करने के लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी। वंदे भारत एक्सप्रेस पहले केवल कटरा और श्रीनगर के बीच चल रही थी। इसे बढ़ाकर जम्मू तक चलाने की योजना बनाई गई थी ताकि यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और तेज़ सफर मिल सके। इस ट्रेन के जरिए जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच सफर का समय काफी कम हो जाएगा और यात्रा अधिक आसान और आरामदायक होगी।वंदे भारत एक्सप्रेस में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और आरामदायक सीटिंग उपलब्ध हैं। तेज रफ्तार के साथ यात्रियों को आरामदायक और स्मूद सफर का अनुभव मिलेगा। यह ट्रेन स्थानीय निवासियों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

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News Desk

मणिपुर में 5 उग्रवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

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मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि ये सभी अलग-अलग संगठनों से जुड़े थे। पुलिस के अनुसार, तीन उग्रवादी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और एक प्रेपाक (प्रो) का सदस्य को तेंगनौपाल जिले में म्यांमार सीमा के पास यांगौबुंग गांव के निकट मंगलवार को पकड़ा गया। वहीं, प्रेपाक के एक अन्य सदस्य को थौबल जिले के थौबल हाओखा मामांग इलाके से गिरफ्तार किया गया। एक अलग अभियान में इम्फाल पूर्व जिले के नुंगाई हिल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए। बरामद सामान में एक देशी राइफल, नौ एमएम पिस्तौल, एक हैंड ग्रेनेड और .303 बोर के पांच कारतूस शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तमिलनाडु: पार्किंग विवाद में सरकारी अधिकारी की हत्या

तमिलनाडु के होसुर में मामूली पार्किंग विवाद ने एक सरकारी अधिकारी की जान ले ली। रविवार को घर के सामने खड़ी बाइक को एसयूवी से टक्कर मारे जाने के बाद शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि डीएमके पार्षद श्रीनिवासन के बेटे आदित्य ने बहस के दौरान आवेश में आकर सहायक श्रम कल्याण निरीक्षक एस. शिवमूर्ति (53) और उनके परिवार पर गाड़ी चढ़ा दी।
विज्ञापनइस हमले में गंभीर रूप से घायल शिवमूर्ति ने सोमवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी और बेटा उपचाराधीन हैं। पुलिस ने आदित्य और उसके दो साथियों ऋतिक व हरीश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में किसी पुरानी रंजिश की बात सामने नहीं आई है। यह वारदात आवेश में की गई प्रतीत होती है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

प्रसवोत्तर तनाव के शक में महिला ने की 2 माह के बेटे की हत्या

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक 21 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपने दो महीने के बेटे की हत्या कर दी, क्योंकि वह शिशु के लगातार रोने से परेशान हो गई थी। बच्चे के पिता, जो एक प्रवासी मजदूर हैं, ने पुलिस को बताया कि वह सुबह लगभग 11 बजे घर लौटे और अपनी पत्नी को अपने बेटे को जलाते हुए पाया। उन्हें एहसास हुआ कि बच्चा पहले ही मर चुका था।पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अपनी शिकायत में उस व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी ने बच्चे को इसलिए मार डाला क्योंकि वह लगातार रो रहा था। पुलिस ने बताया कि शिशु का शव उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ और शरीर पर जलने के निशान के साथ मिला। मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या की सटीक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।अधिकारियों को संदेह है कि महिला ने तनाव में आकर ऐसा किया, क्योंकि कथित तौर पर बच्चे के जन्म के बाद उसे किसी तरह का सहारा नहीं मिला। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के मूल निवासी ये दंपति निर्माण स्थल पर बने मजदूर क्वार्टर में रह रहे थे।तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सीएपीएफ की 50 कंपनियां होंगी तैनाततमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज हो गई हैं। गृह मंत्रालय ने राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की शुरुआती 50 कंपनियां आवंटित कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने मंगलवार को जानकारी दी कि सुरक्षा बलों का यह पहला जत्था 10 मार्च 2026 को तमिलनाडु पहुंच जाएगा।इन सुरक्षा बलों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में क्षेत्र प्रभुत्व और मतदाताओं के बीच विश्वास बहाली के उपायों के लिए तैनात किया जाएगा। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल में मतदान होने की संभावना है। चुनाव आयोग का लक्ष्य इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।

मिलावटी घी से करोड़ों लड्डू बनाकर आस्था के साथ किया गया खिलवाड़-नायडू

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को विधानसभा में तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे संगठित अपराध करार दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान 60 लाख किलो मिलावटी घी का उपयोग कर 20 करोड़ से अधिक पवित्र लड्डू बनाए गए। उन्होंने फॉरेंसिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि इस गिरोह ने न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया, बल्कि निविदा शर्तों में बदलाव कर भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दिया।सीएम नायडू ने सदन में प्रस्तुति देते हुए बताया कि टीटीडी ने मिलावटी घी की खरीद पर 234.51 करोड़ रुपये खर्च किए। जांच को दबाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी गई और मंदिर की पवित्रता से समझौता किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान एनडीए सरकार ने टीटीडी के शुद्धिकरण और प्रसादम की गुणवत्ता सुधारने का काम शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी दोषियों को सख्त सजा दिलाने की बात दोहराई।

मणिपुर में विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास के लिए पांच हजार घरों को केंद्र की मंजूरी

केंद्र सरकार ने जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के पुनर्वास के लिए पांच हजार घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। ये आवास प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत बनाए जाएंगे।केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार शाम नई दिल्ली में मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से मुलाकात की थी। राज्य के दो उपमुख्यमंत्री, नेमचा किपगेन और लोसी दिखो भी खेमचंद के साथ इउ बैठक में शामिल हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान चौहान ने इन घरों के निर्माण को मंजूरी दी। साथ ही, राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मणिपुर सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में इन घरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा था।इस बीच, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पात्र प्रभावित परिवारों का विवरण जुटाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत आवास+ 2024 परिवार सर्वेक्षण की एक विशेष विंडो को मंजूरी दे दी है। यहां सभी पात्र परिवार अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
 

Bharatiya Janata Party vs Indian National Congress: सियासत में नया घमासान

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नई दिल्ली।एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया।पीयूष गोयल ने कहा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि किस तरह गांधी परिवार ‘समझौता करने वाली राजनीति’ का उदाहरण रहा है। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी लगातार देशहित से समझौता करती रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस का इतिहास हो या वर्तमान या फिर भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न मामले, इन सभी से संकेत मिलते हैं कि पार्टी विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित से समझौता करती रही है। इस तरह की राजनीति देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य को नुकसान पहुंचाती है और इसके अनेक उदाहरण जनता के सामने हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी सोरोस तो कभी पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर अपने ही देश के खिलाफ रुख अपनाते नजर आते हैं। केंद्रीय मंत्री गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया है और वह विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करते दिखाई देते हैं।गोयल ने राहुल गांधी को ‘नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय’ बताते हुए कहा कि वह 247 बार विदेश यात्राएं कर चुके हैं और कई बार प्रोटोकॉल की अनदेखी की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र लद्दाख में राहुल गांधी ऐसे विदेशी व्यक्तियों के संपर्क में रहे जो भारत के हितों के खिलाफ काम करते हैं।बोफोर्स मामले का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि एक मित्र ओटावियो को बचाने के लिए निष्पक्ष जांच नहीं होने दी गई और गांधी परिवार ने देश से समझौता किया। उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी के दौर में भी कांग्रेस पर विदेशी एजेंसियों के प्रभाव के आरोप लगते रहे।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक, परिवार के कई नेताओं पर देशहित से समझौते के आरोप लगे। उन्होंने 1971 के शिमला समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि 93 हजार पाकिस्तानी युद्धबंदियों को रिहा कर दिया गया, लेकिन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर वापस क्यों नहीं लिया गया?उन्होंने यह भी कहा कि 1954 में नेहरू ने तिब्बत में भारत के अधिकार छोड़ दिए थे, जो एक और बड़ा समझौता था। उन्होंने दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार की राजनीति हमेशा से देशहित के साथ समझौते की रही है।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जवाहर चौक पर कांग्रेस ने ‘किसान महाचौपाल’ में राहुल गांधी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अंतरराष्ट्रीय समझौते के जरिये देश के किसानों के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता चार महीने तक रुका हुआ था और कृषि से जुड़े मुद्दों पर बातचीत ठप पड़ी थी। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने इस दौरान संबंधित मंत्रियों से कोई चर्चा नहीं की और अचानक फैसला ले लिया।राहुल गांधी ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी कंपनियां सोया, कपास और मक्का जैसे कृषि उत्पाद भारत में बेचें, क्योंकि इससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता था। उनके अनुसार, चार महीने तक बातचीत रुकी रही, लेकिन उनके भाषण के बाद प्रधानमंत्री ने बिना कैबिनेट से चर्चा किए अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर समझौते के लिए सहमति दे दी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों को कमजोर किया और उनका डाटा तक बाहर दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से कपड़ा उद्योग भी प्रभावित हुआ है। 

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₹4,248 करोड़ का शिक्षा बजट पेश, BMC का बड़ा दांव

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बृहन्मुंबई| नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना शिक्षा बजट पेश किया। इस बार कुल बजट 4,248.08 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल 2025-26 के 3,674 करोड़ रुपये से ज्यादा है। खास बात यह रही कि चार साल बाद यह बजट किसी प्रशासक की जगह चुने गए नगरसेवकों की आम सभा के सामने पेश किया गया। यह बजट अतिरिक्त नगर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकने ने पेश किया।पूरे शिक्षा बजट को दो हिस्सों में बांटा गया है ताकि रोजमर्रा के खर्च और स्कूलों के विकास दोनों पर ध्यान दिया जा सके। राजस्व खर्च 3,758.08 करोड़ रुपये, इसमें शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, स्कूलों की देखभाल और प्रशासनिक खर्च शामिल हैं। पूंजीगत खर्च 490 करोड़ रुपये यह रकम नए स्कूल बनाने और पुराने स्कूलों के बड़े सुधार कार्यों पर खर्च होगी।

बजट में क्या खास है, यहां समझिए

बता दें कि इस बजट में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। इसके तहत कक्षा 9 के 19,317 छात्रों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके लिए 21.83 करोड़ रुपये रखे गए हैं। 40 और स्कूलों में खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) लैब शुरू की जाएंगी। 20,000 छात्रों को साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देने के लिए 11.08 करोड़ रुपये प्राथमिक और 11.08 करोड़ रुपये माध्यमिक वर्ग के लिए रखे गए हैं। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के सहयोग से होगा।

कला और संगीत को बढ़ावा

स्कूलों में संगीत शिक्षा को मजबूत करने के लिए 1.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे हारमोनियम, तबला और सिंथेसाइज़र जैसे वाद्ययंत्र खरीदे जाएंगे। इस मौके पर नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने शिक्षा और अधिकार के बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं।

छात्रों की सुरक्षा और सुविधाएं

इस बजट में छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं पर खासा ध्यान दिया गया है। इसके तहत सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी देखभाल के लिए 42 करोड़ रुपये रखे गए हैं। स्कूल लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध कराने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कक्षा 10 में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों को 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।इसके साथ ही ‘चलो कार्ड’ का उपयोग करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना जारी रहेगी, जिसके लिए 8.70 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बीएमसी के अनुसार, चल रहे 72 स्कूल निर्माण और मरम्मत कार्यों में से 57 काम मार्च 2026 तक पूरे हो जाएंगे। इससे अगले शैक्षणिक सत्र में छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

‘मिशन एसएएफएएल’ की शुरुआत

इतना ही नहीं पिछले साल के ‘मिशन SAMPURN’ की सफलता के बाद अब बीएमसी ने ‘मिशन एसएएफएएल’ शुरू किया है। इसका पूरा नाम ताकत, एक्टिविटीज, भविष्य के बारे में सोचने वाला, महत्वाकांक्षी, सीखना है। यह योजना नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पढ़ाई के साथ खेल, कला और अन्य गतिविधियों को जोड़ने पर जोर देगी।

संवेदनशील बच्चों के समग्र विकास पर नई अकादमिक रिपोर्ट

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TPM जर्नल में प्रकाशित यह शोध संवेदनशील बच्चों के समग्र विकास पर केंद्रित है। अध्ययन में बताया गया है कि देखभाल की संरचना बच्चों के दीर्घकालिक मानसिक और सामाजिक विकास को आकार देती है। परिवार आधारित देखभाल भावनात्मक सुरक्षा में अधिक प्रभावी पाई गई, जबकि संस्थागत देखभाल मुख्यतः संरचनात्मक सहयोग तक सीमित रहती है।

भारत | फरवरी 2026 — एक महत्वपूर्ण अंतःविषय शोध-पत्र जिसका शीर्षक “Orphan Care Versus Family Care: An Ideological Study on Children in Orphanages and Foster Care vs Children in Families” है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीक्षित जर्नल TPM – Testing, Psychometrics, Methodology in Applied Psychology में प्रकाशित हुआ है।

इस शोध का लेखन विद्वान Mr. Alex Sam के साथ एक विशिष्ट और विविध शोधकर्ताओं की टीम — Dr. Rejoice Solomon, Dr. Lydia R. Conger, Dr. Shambu Kumar Yadav, और Dr. Sweety Marandi — द्वारा किया गया है। यह अध्ययन अनाथालयों और फोस्टर केयर प्रणालियों में पले-बढ़े बच्चों की सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कथाओं की व्यापक पड़ताल करता है, तथा उनकी तुलना पारंपरिक पारिवारिक वातावरण में पले-बढ़े बच्चों से करता है।

यह शोध इस बात का गंभीर विश्लेषण करता है कि देखभाल की संरचनाएँ किस प्रकार भावनात्मक विकास, पहचान निर्माण, सामाजिक एकीकरण और दीर्घकालिक कल्याण को प्रभावित करती हैं। साथ ही, यह उन व्यापक सामाजिक धारणाओं का भी अध्ययन करता है जो बाल कल्याण नीतियों और प्रथाओं को प्रभावित करती हैं।

अध्ययन में साहित्यिक विश्लेषण, समाजशास्त्रीय सिद्धांत और मनोवैज्ञानिक अनुसंधान को एकीकृत किया गया है, ताकि समाज द्वारा अनाथत्व को किस प्रकार देखा जाता है, इसका आलोचनात्मक मूल्यांकन किया जा सके। भावनात्मक लगाव, पहचान निर्माण, लचीलापन (resilience) और सामाजिक जुड़ाव जैसे पहलुओं की जांच करते हुए शोधकर्ता देखभाल प्रणालियों और उनके दीर्घकालिक विकासात्मक प्रभावों की सूक्ष्म समझ प्रस्तुत करते हैं।

वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियों जैसे Oliver Twist, Jane Eyre, Adventures of Huckleberry Finn, और Harry Potter से अंतर्दृष्टि लेते हुए, यह शोध-पत्र यह भी विश्लेषण करता है कि काल्पनिक साहित्य में अनाथ बच्चों के चित्रण ने समय के साथ जनमानस और नीतिगत ढाँचों को किस प्रकार प्रभावित किया है।

मुख्य निष्कर्षों से पता चलता है कि जहाँ संस्थागत प्रणालियाँ संरचनात्मक सहयोग प्रदान करती हैं, वहीं परिवार-आधारित देखभाल वातावरण प्रायः अधिक मजबूत भावनात्मक स्थिरता और सुरक्षित लगाव प्रदान करते हैं। लेखक इस बात पर जोर देते हैं कि संवेदनशील बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए बाल कल्याण प्रणालियों में प्रमाण-आधारित सुधार आवश्यक हैं।

पूरा शोध-पत्र शैक्षणिक और सार्वजनिक उपयोग के लिए TPM जर्नल के मंच पर उपलब्ध है।

साक्षात्कार, सहयोग या अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
Alex Sam
📧 alexpakur@gmail.com

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Gaurav Gogoi इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष नामित

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असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई को इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष बनाने का नाकांकन हुआ है। उनके नामांकन पर असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि गोगोई को पाकिस्तान से जुड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी।  इस पर गोगोई ने कहा कि सीएम के बयानों पर किसी गंभीर जवाब की जरूरत नहीं है।पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि पार्लियामेंट्री नियुक्ति पर राजनीतिक बयान बाजियां करने के बजाय गवर्नेंस और लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए।  उन्होंने आगे कहा मुख्यमंत्री के बयानों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। सब कुछ साफ-साफ लिखकर बताया गया है, और ऐसे कमेंट्स को बेवजह अहमियत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। गोगोई ने कहा मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हर राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया दे। मेरी ज़िम्मेदारी संसद और मुझे चुनने वाले लोगों के प्रति है।संसदीय मैत्री समूह एक तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए बनाए जाते हैं और इनका मकसद भारत के वैश्विक संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करना है। उन्होंने आगे कहा, “फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह दो लोकतांत्रिक देशों के बीच कोऑपरेशन और बातचीत बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह लोकसभा की सौंपी हुई ज़िम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”

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