आंखों में आंसू, दिल में देश; पिता को खोकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों के त्याग-हौसले को सलाम

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भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे पल आए हैं जब खिलाड़ियों को अपने निजी जीवन और देश के बीच कठिन चुनाव करना पड़ा। कुछ ने अंतिम संस्कार के लिए घर लौटकर फिर मैदान संभाला, तो कुछ ने दिल पर पत्थर रखकर देश के लिए खेलना जारी रखा। इन घटनाओं में सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि कर्तव्य, त्याग और भावनाओं की गहराई झलकती है।

रिंकू सिंह: शोक के बीच जिम्मेदारी

हाल ही में रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया। वह लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। पिता के अंतिम दर्शन के लिए रिंकू अलीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। ऐसे कठिन समय में उनका वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में खेलना संदिग्ध माना जा रहा था, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि रिंकू शनिवार को कोलकाता में टीम से जुड़ेंगे।यह फैसला बताता है कि एक बेटा अपने पिता को अंतिम विदाई देने के बाद भी अपने पेशेवर दायित्व से पीछे नहीं हटता। रिंकू के संघर्षों में उनके पिता की अहम भूमिका रही थी। अब उसी सपने को आगे बढ़ाना उनके लिए पुत्र धर्म के साथ-साथ राष्ट्र धर्म भी है।

विराट कोहली: 18 साल की उम्र में असाधारण निर्णय

आज दुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली के जीवन में 18 दिसंबर 2006 की रात हमेशा के लिए दर्ज है। रणजी ट्रॉफी में दिल्ली बनाम कर्नाटक मुकाबले के दौरान उनके 54 वर्षीय पिता प्रेम कोहली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उस वक्त 18 वर्षीय विराट 40 रन बनाकर नाबाद थे और दिल्ली को फॉलोऑन से बचाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी।कोच और साथियों ने उन्हें घर जाने की सलाह दी, लेकिन विराट ने फैसला किया कि वह पहले टीम को संकट से उबारेंगे। अगले दिन उन्होंने 90 रनों की जुझारू पारी खेली, टीम को फॉलोऑन से बचाया और फिर सीधे अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए। उस दिन एक युवा खिलाड़ी ने अपने दुख को दिल में दबाकर देश और टीम के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। यही घटना उन्हें मानसिक रूप से परिपक्व बना गई और आगे चलकर वही लड़का भारतीय क्रिकेट की धड़कन बन गया।

मोहम्मद सिराज: पिता का सपना, देश की ड्यूटी

मोहम्मद सिराज की कहानी संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। उनके पिता मोहम्मद गौस एक ऑटो चालक थे, जिन्होंने कठिन हालात में भी बेटे के सपनों को जिंदा रखा। साल 2020 में जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी, तभी उनके पिता का निधन हो गया। पृथकवास (क्वारंटीन) नियमों के कारण सिराज भारत लौटकर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।भावुक सिराज ने कहा था कि उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा खो दिया, लेकिन उनके पिता का सपना था कि वह देश के लिए खेलें। सिराज ने उसी सपने को अपना संबल बनाया और ऑस्ट्रेलिया की धरती पर शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह त्याग केवल व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि उस भावना का प्रतीक था जिसमें देश पहले आता है और निजी दुख बाद में।

सचिन तेंदुलकर: शतक जो पिता को समर्पित था

1999 विश्व कप के दौरान सचिन तेंदुलकर के पिता रमेश तेंदुलकर का निधन हो गया था। वह उस समय इंग्लैंड में थे। सूचना मिलते ही वह भारत लौटे, अंतिम संस्कार में शामिल हुए और फिर टीम के साथ जुड़ गए। कीनिया के खिलाफ मैच में उन्होंने शतक जड़ा। शतक पूरा करते ही उन्होंने आसमान की ओर देखा मानो पिता को यह उपलब्धि समर्पित कर रहे हों। वह पारी सिर्फ एक शतक नहीं थी, बल्कि एक बेटे की पिता को श्रद्धांजलि थी।ये घटनाएं बताती हैं कि भारतीय क्रिकेटर सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और त्याग की मिसाल हैं। उन्होंने यह साबित किया कि पुत्र धर्म और राष्ट्र धर्म एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे को पूर्ण करने वाले हैं।

‘क्या उनकी टिप्पणी गंभीरता से लेनी चाहिए’? ‘द केरल स्टोरी 2’ पर अनुराग कश्यप के किया तंज तो बोले विपुल अमृतलाल

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फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ अपनी रिलीज से पहले विवादों में रही। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। इस बीच निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप ने भी इस फिल्म पर तीखा हमला बोला था। इस पर अब फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फिल्म के बारे में की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाया है। 

बोले- ‘मैं पर्सनली कमेंट नहीं करता’

मीडिया से बात करते हुए शाह ने कहा, ‘देखिए, मैं अनुराग जी पर पर्सनली कमेंट नहीं करता। उनकी अपनी राय है।  हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मेरे जो निर्देशक हैं उन्होंने एक बहुत अच्छा मुद्दा रखा था, उसका जवाब अभी तक अनुराग जी के पास से आया नहीं’। बता दें कि फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है। 

बोले- ‘क्या उनकी टिप्पणी गंभीरता से लेनी चाहिए’

बता दें कि अनुराग कश्यप ने मीडिया से बात करते हुए ‘द केरल स्टोरी 2’ के ट्रेलर की आलोचना करते हुए इसे ‘प्रोपेगैंडा’ बताया था। विपुल अमृतलाल शाह ने यह भी बताया कि कश्यप ने एक फिल्म ‘दैट गर्ल इन येलो बूट्स’ बनाई थी, जिसमें ‘पिता और बेटी के अनैतिक संबंध’ को दिखाया गया था। क्या उनकी ऐसी किसी टिप्पणी को गंभीरता से लेना चाहिए? विपुल अमृतलाल शाह ने आगे बताया कि डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने यह सवाल सबके सामने उठाया था और उम्मीद जताई कि कश्यप इस पर खुलकर बात करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि अनुराग खुलकर बात करेंगे। शायद आने वाले दिनों में उनका जवाब आ जाएगा’। 

फिल्म के निर्देशक ने क्या कहा था?

इससे पहले डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने फिल्म को लेकर चल रहे विवादों और आलोचनाओं पर कड़े शब्दों में जवाब देते हुए फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को भी उनके बयानों के लिए आड़े हाथों लिया। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कामाख्या सिंह ने जोर देकर कहा कि अनुराग कश्यप समाज के बारे में ‘सच्चाई को लेकर अंधे’ रहे हैं। डायरेक्टर ने कहा, ‘कई वर्षों से उनकी सारी फिल्में फ्लॉप हुई हैं…वे मानसिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। उनको सच्चाई दिखती नहीं है’। उन्होंने आगे कहा, ‘अगर उन्हें हमारी फिल्म में दिखाई गई सच्चाई से दिक्कत है, तो इसका मतलब है कि उन्हें पूरी दुनिया से दिक्कत है। हमारी फिल्म का हर सीन सच्ची घटनाओं पर आधारित है। अगर अनुराग जी चाहेंगे, तो हम सारा रिसर्च मटीरियल उनके घर भेज देंगे। लेकिन उन्हें हर चीज में गलती निकालनी है। वह सच को देखते हुए अंधे हो गए हैं। वह इसे देखना या समझना नहीं चाहते’।

‘डॉल्फिन हंटर’ INS Anjadip ने बेड़े में संभाली कमान

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भारतीय नौसेना अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए 200 जंगी जहाजों को शामिल करने की तैयारी कर रहा है. इसकी जानकारी शुक्रवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने दी है. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का लक्ष्य 2035 तक 200 से अधिक जहाजों को अपने बेडे़ में शामिल करने का है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 2047 तक पूरी तरह भारत को आत्मनिर्भर बल से रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है. इस साल यानी 2026 में भी 15 जहाजों को शामिल करने की योजना है. जानें नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने क्या कहा? नौसेना प्रमुख ने यह जानकारी शुक्रवार को चेन्नई बंदरगाह पर INS अंजदीप के कमीशनिंग समारोह के बाद दी है. इस दौरान नौसेना प्रमुख ने बताया कि साल 2026 में लगभग 15 नए जहाज शामिल करने की तैयारी है, जो एक साल के अंदर सबसे ज्यादा नौसेना के बेड़े में जहाज शामिल होगी. इसके अलावा देशभर के शिपयार्ड में 50 जहाजों का निर्माण किया जा रहा है, जो रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।

‘मेक इन इंडिया’ पर जोर

नौसेना प्रमुख ने बताया, नौसेना की अभियानगत क्षमता हिंद महासागर क्षेत्र से लेकर उसके काफी आगे तक फैली हुई है, जिसमें नौसैन्य इकाइयां निगरानी, जलदस्यु रोधी और समन्वित गश्त के लिए लगातार तैनात रहती हैं, जो निरंतर पहुंच और विश्वसनीय अभियान क्षमता को दर्शाती है. इसके अलावा उन्होंने मेक इन इंडिया पर जोर देते हुए कहा कि अब आत्मनिर्भर भारत को न केवल रणनीतिक अनिवार्यता के रूप में बल्कि भविष्य की सुरक्षा को देखते हुए निवेश के रूप में अपनाने की तैयारी है।

50 जहाजों का निर्माण कार्य शुरू

एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा, 50 जहाजों का निर्माण किया जा रहा है. 2035 तक भारतीय नौसेना के बेड़े में 200 से अधिक जंगी जहाज शामिल किए जाएंगे. इसके अलावा हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भरता को घटक स्तर तक ले जाना और 2047 तक आत्मनिर्भर बल का निर्माण करना है।

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‘द व्हाइट लोटस’ को ठुकराने की खबरों के बीच दीपिका का क्रिप्टिक पोस्ट, लिखा- ‘फालतू रिएक्शन को भूलना पड़ता है’

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दीपिका पादुकोण इन दिनों एक हॉलीवुड प्रोजेक्ट को ठुकरा देने को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल, बीते दिनों ऐसी खबरें आईं कि दीपिका हॉलीवुड की पॉपुलर ब्लैक कॉमेडी सीरीज ‘द व्हाइट लोटस’ के चौथे सीजन में नजर आ सकती हैं। मगर, अब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अभिनेत्री ने इसमें काम करने से इनकार कर दिया है। ऐसी खबरों के बीच दीपिका ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक क्रिप्टिक पोस्ट साझा किया है। 

क्यों ठुकराया दीपिका ने ऑफर?

दीपिका पादुकोण भारतीय फिल्मों ‘कल्कि 2’ और ‘स्पिरिट’ से पहले ही कुछ कारणों से इनकार कर चुकी हैं। अब उन्होंने हॉलीवुड सीरीज से भी किनारा कर लिया है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका ने ‘द व्हाइट लोटस’ सीरीज में काम करने से इसलिए मना कर दिया, क्योंकि वे अपने किरदार के लिए ऑडिशन नहीं देना चाहती थीं। वहीं, सीरीज के मेकर्स ऑडिशन लेना चाहते थे।

‘चुप रहना मुश्किल है’

इस तरह की तमाम खबरों के बीच दीपिका पादुकोण ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसका सार यह है कि जब लोग शोर मचा रहे हों, आपको लेकर बातें हो रही हैं, तब चुप रहना चुन पाना मुश्किल होता है और यही असली ताकत है। दीपिका के पोस्ट में लिखा है, ‘शांत रहना सबसे बड़ा फ्लेक्स है। कोई भी अपना आपा खो सकता है, तुरंत रिएक्ट कर सकता है। जोर से बात कर सकता है और शोर मचा सकता है। इसके लिए जीरो ताकत चाहिए। असली ताकत तब दिखती है जब अफरा-तफरी मच जाती है और आप झुकते नहीं हैं। जब ड्रामा आपको अपनी ओर खींचने की कोशिश करता है और आप जमीन पर टिके रहते हैं। जब जिंदगी आपको बार-बार परेशान करती है और आप फिर भी कंट्रोल चुनते हैं। इसके लिए हिम्मत चाहिए। फालतू रिएक्शन को भूलना पड़ता है और बेचैनी के साथ बैठना पड़ता है। इमोशंस को हावी नहीं होने देना पड़ता’।

‘शांत रहना एक सुपरपावर है’

आगे लिखा है, ‘शांत रहना कमजोरी नहीं है, यह मास्टरी है। यह जानना है कि आपको कुछ भी साबित करने, सब कुछ समझाने या हर किसी पर रिएक्ट करने की जरूरत नहीं है। जब दूसरे लोग घबराकर एनर्जी खर्च करते हैं, तो आप चुपचाप, साफ और जान-बूझकर आगे बढ़ते हैं। शोर की आदी दुनिया में, शांत रहना एक जबर्दस्त सुपरपावर है’। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑडिशन नहीं देने के फैसले के चलते दीपिका ने यह बड़ा प्रोजेक्ट ठुकरा दिया। साथ ही यह भी कहा गया है कि यह पहली बार नहीं है, जब दीपिका को इस सीरीज का ऑफर मिला हो। इससे पहले उन्हें तीसरे सीजन के दौरान भी ऑफर आया था। मगर, तब प्रेग्नेंसी के चलते उन्होंने इसमें काम करने से इनकार कर दिया था। 

ओडिशा राज्यसभा चुनाव में सियासी चाल तेज, बीजद ने छह नामांकन फॉर्म लेकर बढ़ाई हलचल

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भुवनेश्वर। ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अधिसूचना जारी होते ही बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने एक साथ छह नामांकन फॉर्म हासिल कर लिए, जिससे पार्टी की रणनीति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

दरअसल, 147 सदस्यीय विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक बीजद को एक सीट पक्की मानी जा रही है, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। चौथी सीट के लिए किसी भी दल के पास जरूरी 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं हैं। भाजपा के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलाकर कुल संख्या 82 हो जाती है, जो तीसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक आंकड़े से आठ कम है।

वहीं, बीजद के पास दो विधायकों के निलंबन के बाद 48 विधायक रह गए हैं। एक सीट जीतने के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट बचेंगे, जबकि दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं, जबकि सीपीआई-एम का एक विधायक है। इस बीच कांग्रेस ने बीजद प्रमुख नवीन पटनायक से मुलाकात का समय मांगा है और चौथी सीट के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘संख्या बल कम होने के बावजूद हम राज्यसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। मैं दिल्ली जाकर हाईकमान से चर्चा करूंगा और उसके बाद तय होगा कि पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी या किसी बाहरी उम्मीदवार को समर्थन देगी।’ उधर, बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति सर्वसम्मति से नवीन पटनायक को उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार सौंप दिया है।

विधानसभा में विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा कि सभी विधायक पार्टी अध्यक्ष के फैसले के अनुसार मतदान करेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पांच मार्च तक चलेगी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि 9 मार्च नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है। वहीं राज्यसभा चुनाव का मतदान 16 मार्च को होगा। ये चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि अप्रैल में बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान व भाजपा के सुजीत कुमार और ममता मोहंता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

 

 शादी के तीन महीने बाद नवविवाहिता ने दी जान

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पुणे। हाथों की मेहँदी का रंग अभी छूटा भी नहीं था कि ससुरालवालों की प्रताड़ना से परेशान होकर नवविवाहिता ने अपनी जान दे दी। जी हाँ, पुणे में वैष्णवी हगवणे का मामला अभी ताज़ा ही है कि एक और महिला ने अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना के कारण ख़ुदकुशी कर ली। खबर है कि महिला ने एक बिल्डिंग से नीचे कूदकर अपनी जान दे दी। इस संदर्भ में मृतक महिला के ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना पुणे के बाणेर इलाके में हुई। मृतक महिला का नाम गंगा तेजस बेंबलकर (27) है। उसके पति का नाम तेजस शिवा बेंबलकर है। तेजस ने अमेरिका से उच्च शिक्षा हासिल की है। तेजस और गंगा की शादी 3 महीने पहले हुई थी। लेकिन शादी के बाद गंगा को खुशी मिलने के बजाय अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। गंगा के घरवालों ने आरोप लगाया है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर नई-नवेली दुल्हन ने उसी बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड कर लिया जहां वह रहती थी। इस मामले में मृतक महिला के पिता ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, और पुणे के बाणेर पुलिस स्टेशन में उसके पति, सास, ननद और ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पर पंचनामा किया। उन्हें घटनास्थल पर एक सुसाइड नोट मिला। इस सुसाइड नोट में महिला ने लिखा है कि वह मौत के लिए खुद जिम्मेदार है, लेकिन पुलिस महिला के परिवार के आरोपों के आधार पर जांच कर रही है। वहीं इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा है और सवाल उठ रहा है कि आखिर और कितने वैष्णवी और गंगा मारे जाएंगे ?

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हित में है

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देश के केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्वालियर पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसल बीमा की राशि, भारत अमेरिका ट्रेड डील सहित अन्य राजनीतिक मुद्दों पर अपना बयान दिया।केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर उनको नमन करते हुए कहा कि भारत माता की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर किया और वह आज भी हमारी प्रेरणा हैं। वह देश के लिए संपूर्ण जीवन देकर गए। हम देश के लिए जिए यही संकल्प करें और देश के लिए जीने का मतलब यही है कि हम अपनी ड्यूटी अपना कर्तव्य जो काम हमारी तरफ तय किया गया है उसे कैसे मेहनत से करें, ईमानदारी से करें, प्रामाणिकता के साथ करें और केवल अपना ही ना सोच अपने साथ-साथ समाज का भी देश का भी विचार करें। स्वदेशी अपनाएं,अपने देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान करें।

शक्तिशाली भारत का निर्माण

इजराइल की संसद में पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए भाषण को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई चीजें पहली बार हो रही हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक वैभवशाली गौरवशाली संपन्न समृद्ध शक्तिशाली आत्मनिर्माण और विकसित भारत का निर्माण हो रहा है। यह हम नहीं कहते जमाना कहता है। भारत आगे बढ़ रहा है और मेरा विश्वास है कि आज जिस गति से भारत आगे बढ़ रहा है हम विश्व बंधु तो हैं ही, हम अपनी नहीं सोचते हम दुनिया की भी सोचते हैं। दुनिया को बेहतर दिशा देने में हम सक्षम होंगे।

अन्नदाताओं के चरणों में मेरा बार-बार प्रणाम

मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कल वोत्सवाना से आठ चीतों के कूनो आने को लेकर शिवराज सिंह ने कहा कि चीतों का स्वागत है। इससे पर्यटन बढ़ेगा। उनको फिर से स्थापित करने का यह काम हुआ है। इससे न केवल टूरिज्म में बढ़ेगा जीव के प्रति जो हमारा कर्तव्य है हम उसकी पूर्ति भी करेंगे और पर्यावरण भी अच्छा होगा। फसल बीमा की राशि किसानों के खातों में कब तक आएगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा अन्नदाताओं के चरणों में मेरा बार-बार प्रणाम है। मेरे लिए किसानों की सेवा ही भगवान की पूजा है। मैं हमेशा खेतों में ही रहता हूं। हम एक के बाद एक अलग-अलग योजनाओं के क्रियान्वयन के जरिए किसानों के जीवन को बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं। उनका जायज हक उन्हें जरूर मिलेगा।

किसानों के हित सुरक्षित

भारत- अमेरिका ट्रेड डील को कांग्रेस द्वारा किसान विरोधी कहने के सवाल पर कहा कि यह कांग्रेस कह रही है, जो देश के लिए कुछ नहीं कर पाए हैं वह सिर्फ कहेंगे। वह सिर्फ विलाप कर रहे हैं, सच यह है कि भारत के सभी हित सुरक्षित हैं। किसानों के हित सुरक्षित हैं। एक कृषि मंत्री भी कह रहा है, एक किसान भी कह रहा है, किसान निश्चिंत रहें। वहीं ASI की रिपोर्ट में भोजशाला के हिंदू मंदिर होने के खुलासे के सवाल पर शिवराज सिंह ने कहा कि सारी रिपोर्ट कोर्ट में है।
 

होटल में 6 महीने रहकर करता रहा फर्जी ऑनलाइन पेमेंट, बैंक स्टेटमेंट ने खोली पोल

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6 लाख का बिल चुकाने मैनेजर को भेजे स्क्रीनशॉट, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार 

गुरुग्राम। एमसीए की डिग्री ले चुका 26 साल का एक युवक बिना एक पैसा दिए करीब पांच महीने तक शहर के एक आलीशान होटल में ठहरा रहा। होटल से जाते समय उसने 6 लाख रुपए से ज्यादा का बिल चुकाने के फेक पेमेंट के स्क्रीनशॉट होटल स्टाफ को भेजे थे। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि जब होटल प्रबंधन ने बाद में अपना बैंक स्टेटमेंट चेक किया तो अकाउंट में कोई पैसा क्रेडिट नहीं हुआ। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। 
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोहना निवासी हिमांशु (26) के पास कंप्यूटर एप्लीकेशन में पोस्टग्रेजुएट डिग्री है। वह माई फेम ऐप पर एक यूट्यूब चैनल को प्रमोट करने का काम कर रहा था। डीएलएफ फेज 5 में गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित एक होटल और सर्विस अपार्टमेंट के ऑपरेटर की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक हिमांशु अक्टूबर 2025 से होटल में रह रहा था। 24 फरवरी तक आरोपी ने रहने के चार्ज के तौर पर ऑपरेटर को 16 पेमेंट किए और हर पेमेंट के स्क्रीनशॉट वॉट्सऐप पर शेयर किए, लेकिन ये सभी पेमेंट फ्रॉड निकले। होटल द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में लिखा है कि जब होटल का बैंक अकाउंट चेक किया, तो पता चला कि कोई पेमेंट ही नहीं हुआ। हिमांशु से उसका बैंक स्टेटमेंट मांगा गया, लेकिन उसने देने से मना कर दिया और 24 फरवरी को होटल छोड़कर चला गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया गया है कि हिमांशु पर होटल में रुकने का 6.17 लाख रुपए का बिल आया था, जिसमें से कुछ भी पेमेंट नहीं किया गया। शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने बुधवार को डीएलएफ फेज 5 इलाके से हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे यूट्यूब पर एक नकली फोनपे ऐप के बारे में एक वीडियो मिला था। इसमें दिखाया गया था कि कैसे कोई फर्जी पेमेंट कर सकता है और ऐसा दिखा सकता है, जैसे पैसे रिसीवर के अकाउंट में क्रेडिट हो गए हों। 
मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि उसने नकली फोनपे ऐप इंस्टॉल किया, जिसमें सिर्फ स्कैनर काम करता है, जबकि बाकी सभी फीचर इनएक्टिव हैं। वह अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक होटल में रुका और होटल मैनेजर को 16 झूठे ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भेजे और 6 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की। पुलिस ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी को गुरुवार को शहर की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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पाकिस्तान को भी होगा आटे का संकट, अफगान युद्ध के बीच अमेरिकी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

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America Report on Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है. इस बीच पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर आई है. आतंक की फैक्ट्री चलाने वाला पाकिस्तान अब आटे के लिए तरस सकता है. अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार पाकिस्तान में गेहूं के उत्पादन में कटौती होने की उम्मीद है. अमेरिका के कृषि विभाग(USDA) की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में इस बार 20-22 लाख टन गेहूं कम पैदा होगा. वहीं इस रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

पाकिस्तान की अधिकांश आबादी गेहूं पर निर्भर

पाकिस्तान में बड़ी आबादी गेहूं या फिर उससे बने उत्पादों पर निर्भर है. इसमें रोटी, डबल रोटी, खमीरी रोटी और नान जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं. ऐसे में 22 लाख टन गेहूं की कम पैदावर पाकिस्तान में भुखमरी को बढ़ा सकता है. पाकिस्तान में धान और मक्के की भी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है, लेकिन इसमें ज्यादातर उत्पादन एक्सपोर्ट कर दिया जाता है. ऐसे में पाकिस्तान की आबादी गेहूं पर निर्भर करती है।

पाकिस्तान की कुल GDP में गेहूं का 3 फीसदी हिस्सा

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की कुल जीडीपी में तकरीबन 2 से 3 प्रतिशत हिस्सा गेहूं और उससे बने उत्पादों का है. अमेरिका की गेहूं उत्पादन में कटौती को लेकर रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है. वहीं इस लड़ाई में बलोच लड़ाके अफगानिस्तान का साथ दे रहे हैं. पाकिस्तान की चिंता इस बात से भी ज्यादा बढ़ी है कि बलोच के एक बड़े हिस्से पर गेहूं की खेती की जाती है.बता दें बलोच इलाका तीन देशों पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में आता है. इनमें सबसे बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आता है. वहीं इसके अलावा दूसरा बड़ा हिस्सा ईरान के सिस्तान और बलूचेस्तान प्रांत में आता है. जबकि तीसरा हिस्सा अफगानिस्तान के दक्षिण क्षेत्रों में आता है।

मुश्किल में पड़ी पाकिस्तान की गेहूं की खेती

पाकिस्तान में खेती की बढ़ती लागत और घटती पैदावार ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है. वहीं पाकिस्तान सरकार की तरफ से भी किसानों के लिए उदासीनता है. सरकार की तरफ से किसानों को कोई भी मदद नहीं दी जा रही है.पाकिस्तान में गेहूं की पैदावार कम होने में लंबे समय से सूखा होना बड़ी वजह है. कई इलाके बारिश पर निर्भर करते हैं. सूखे की मार के कारण पाकिस्तान में गेहूं की खेती का एरिया 2025-26 में 10.37 मिलियन हेक्टेयर से घटकर 9.1 मिलियन हेक्टेयर तक रह गया है।

IRPR Agency’s Playbook for 2026: Navigating the Shift from SEO to GEO

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The digital landscape of 2026 is no longer defined by the static blue links of the past. As Large Language Models (LLMs) and Search Generative Experiences (SGE) redefine information consumption, the challenge for brands is no longer just ranking on page one, it is becoming the definitive citation within an AI’s synthesized response.

At IRPR Agency, we have engineered a transition from legacy SEO to Generative Engine Optimization (GEO). By bridging the gap between cinematic Video Production and deep-stack Technology, we assist regional market leaders in securing authority in a world where “search” has become “conversation.”

The Architectural Shift: Why Legacy SEO is Obsolete

Traditional SEO relied on keyword density. In contrast, Generative Engines, such as Gemini and Perplexity, prioritize contextual authority and multimodal integration. As a top agency in Pune serving a global clientele, IRPR has architected a framework that ensures brand data is “understandable” by neural networks. This involves Visual Engineering, where video content is optimized for AI interpretation.

Engineered for Authority: The GEO Framework

Our methodology serves as a blueprint for technical credibility. Whether developing an AI-powered campaign for Honda or managing complex digital footprints for the ASESM group at IISc Bangalore, our “Visual Engineering” approach ensures:

  • Structured Media: Video assets tagged with advanced schema for AI parsing.
  • Production Excellence: Visuals that meet elite standards for high-conversion ROI.
  • Technical Integration: Sub-second load times optimized for modern search algorithms.

Leading the Post-Google Era

As India’s commercial capital evolves, the demand for tech-first communication has never been higher. Being recognized as a top agency in Mumbai requires a deep understanding of the underlying infrastructure of the internet. The transition from SEO to GEO is a journey from “Search” to “Answer.”

, The IRPR Advantage

The “Playbook for 2026” is defined by Integration. The silos between Public Relations, video, and code have collapsed. IRPR Agency remains the bridge between the technical and the creative, providing the engineering rigor necessary to dominate the Generative Engine era.

Explore our latest breakthroughs in Our Work or visit irpr.agency to architect your 2026 strategy.