होलिका दहन आज या कल? जानिए सही तिथि, भद्रा काल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी

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Holika Dahan 2026 Shubh Muhurat Puja Timing Live Updates in Hindi: होली हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार होता है, जो हर वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। होली के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है जिसका विशेष महत्व होता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत की त्योहार होता है। लेकिन इस वर्ष होलिका दहन और होली की डेट को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन, होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण है जिसके कारण संशय है, कि आखिर होलिका दहन कब है और रंगों वाली होली कब खेली जाएगी।
इस वर्ष होलिका दहन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि 2 या 3 मार्च को कब होलिका दहन करना होगा शुभ। कई ज्योतिष के जानकार 2 मार्च को होलिका दहन करना ज्यादा शुभ और लाभकारी बता रहे हैं। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू हो जाएगी जो अगले दिन यानी 3 मार्च को शाम 5 बजकर 08 मिनट पर खत्म होगी। लेकिन भद्रा 2 मार्च को ही शाम 5 बजकर 28 मिनट पर लगेगी और यह रात 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों में होलिका दहन भद्रा में करना वर्जित माना जाता है। लेकिन अगर होलिका दहन के दिन पूरी रात भद्रा रहे तो भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन करना उचित रहेगा। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को भद्रा पुच्छ रात 11 बजकर 53 मिनट से लेकर रात्रि 01 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस दौरान होलिका दहन करना शुभ रहेगा। वहीं 3 मार्च को चंद्रग्रहण लगेगा जिसमें होलिका दहन करना वर्जित रहता है। 
होलिका दहन से पहले विधि-विधान से होलिका पूजन का विशेष महत्व होता है। पूजन के बाद ही होलिका दहन करना शुभ माना जाता है। अग्नि में कई चीजों को अर्पित करने का विधान होता है। होलिका दहन में विशेष सामग्रियों को अर्पित करने से जीवन में से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। होलिका दहन पर इन चीजों के जरूर करें अर्पित। 

नारियल
धूप
रोली
गुलाल
अनाज
उपलों से बनी माला
सरसों का दान 
पान और सुपारी
गेहूं और चने की बालियां 
भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण कई ज्योतिष के जानकार, आज यानी 02 मार्च 2026 को होलिका दहन करना शुभ मान रहे हैं। होलिका दहन करने से पहले होलिका की पूजा करने का विशेष विधान होता है। होलिकी पूजन में सबसे पहले आपको रोली, अक्षत, गुड़, नारियल और बताशे  अर्पित करें फिर होलिका को जल अर्पित करते हुए परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। इसके बाद अग्नि को प्रच्वलित करें। 
होलिका दहन में भगवान विष्णु और भक्त प्रह्रलाद की पूजा करें और अग्नि में जौं और गेहूं की बालियां को अर्पित करना बहुत ही शुभ फलदायी साबित होता है। नई फसल की आहुति देने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 
इस बार होली पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। जिसके चलते होलिका दहन और फिर होली को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च को पड़ रहा है। चंद्र ग्रहण के लगने से पहले ही सूतककाल शुरू हो जाता है। सूतक काल का अच्छा नहीं माना जाता है। 3 मार्च को चंद्रग्रहण शाम को 6 बजकर 47 मिनट पर खत्म होगा। ऐसे में 4 मार्च 2026 को ही रंगों वाली होली खेली जाएगी। 

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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले गोरखा नेता, गोरखालैंड की मांग फिर तेज

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सिलीगुड़ी|देश की संघीय संरचना और राज्यों के पुनर्गठन से जुड़ा गोरखालैंड का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया है। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गोरखा समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर अलग गोरखालैंड राज्य की पुरानी मांग दोहराई। साथ ही यह भी कहा कि यदि अलग राज्य संभव नहीं है तो उत्तर बंगाल को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया जाए।सिलीगुड़ी में हुई इस बैठक में गोरखा समुदाय के प्रतिनिधियों ने पहाड़ी क्षेत्रों की प्रशासनिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक में दार्जिलिंग से भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट और भाजपा विधायक नीरज जिम्बा भी मौजूद थे।बैठक के बाद सांसद राजू बिष्ट ने कहा, हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और गोरखा समाज की पीड़ा को सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा संवाद के जरिए समाधान में विश्वास करती है और यदि 2026 में राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो पहाड़ की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद के रूप में वे गोरखा समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं।

गोरखालैंड की मांग नई नहीं

गोरखालैंड की मांग 1980 के दशक से राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा रही है। दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों में अलग राज्य की मांग को लेकर कई बार आंदोलन हुए। 2007 के आंदोलन के बाद गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्वशासन के जरिए समस्याओं का समाधान करना था। हालांकि, गोरखा संगठनों का आरोप है कि जीटीए के गठन के बावजूद मूल समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

राज्य पुनर्गठन और राष्ट्रीय संदर्भ

देश में समय-समय पर नए राज्यों के गठन का इतिहास रहा है। वर्ष 2000 में उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ बने, जबकि 2014 में तेलंगाना का गठन हुआ। ऐसे में गोरखालैंड की मांग को भी समर्थक संवैधानिक दायरे में वैध राजनीतिक मांग बताते रहे हैं। हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के विभाजन के किसी भी प्रस्ताव का लगातार विरोध किया है।

राजनीतिक समीकरण

दार्जिलिंग लोकसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा का वर्चस्व रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में भाजपा को लगातार समर्थन मिलता रहा है, लेकिन अलग राज्य की मांग पूरी न होने को लेकर स्थानीय असंतोष भी समय-समय पर सामने आता रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य विभाजन का मुद्दा भाजपा के लिए भी संतुलन साधने वाली चुनौती है, क्योंकि एक ओर पहाड़ की आकांक्षाएं हैं तो दूसरी ओर पूरे राज्य की राजनीतिक संवेदनशीलता।

केंद्र की पहल

पहाड़ की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले भी वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और मध्यस्थ नियुक्त करने की पहल की है, ताकि संवाद के जरिए समाधान का रास्ता निकाला जा सके। इसी क्रम में गोरखा नेताओं के साथ भाजपा नेतृत्व की ताजा बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोरखालैंड का प्रश्न केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संघीय ढांचे, पहचान की राजनीति और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण से जुड़ा व्यापक मुद्दा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि संवाद और राजनीतिक सहमति के जरिए इस लंबे समय से लंबित मांग का कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।

आज पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच द्विपक्षीय वार्ता, भारत-कनाडा रिश्तों को नई दिशा देने का प्रयास

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चार दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को मुंबई पहुंचने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच मुख्य रूप से व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति बन सकती है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनिरल्स और ऊर्जा के क्षेत्र में कई अहम समझौते हो सकते हैं। यह द्विपक्षीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब ईरान पर इस्राइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति है।

रणनीतिक संबंधों को पटरी पर लाने की पहल

कार्नी की भारत यात्रा को 2023 में दोनों देशों के बीच हुए राजनयिक विवाद से कमजोर पड़े रणनीतिक संबंधों को पटरी पर लाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कार्नी का यह दौरा भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रहा है। दरअसल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन त्रूदो द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोप के कारण दोनों देशों के संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे।

 

सत्ता परिवर्तन के बाद आया बदलाव

पिछले साल अप्रैल में कनाडा में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद कार्नी ने भारत से संबंध सुधारने की पहल शुरू की। चंद महीने बाद ही दोनों पक्षों ने उच्चायुक्तों को फिर से तैनात किया। पिछले साल जून में जी-7 शिखर सम्मेलन में कनाडा पहुंचे पीएम ने सम्मेलन के इतर कार्नी से व्यापक बातचीत की थी। इस दौरान दोनों देशों में सीईपीए पर आगे बढऩे पर सहमति बनी थी।

 

खालिस्तानी चरमपंथियों पर होगी बात

पीएम मोदी-कार्नी के बीच बातचीत में कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथियों पर लगाम लगाने पर भी बातचीत होगी। भारत दौरे से पूर्व कार्नी ने मुंबई आतंकी हमला मामले के मास्टर माइंड तहव्वुर राणा की कनाडा की नागरिकता रद्द करने संबंधी प्रक्रिया की शुरुआत कर अपने देश की भूमि का भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाई है।

सीईपीए क्यों है दोनों देशों के लिए खास?

भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों देश 2010 से ही सीईपीए के लिए प्रयासरत हैं। समझौते के बाद भारत से निर्यात होने वाली दवाईयों, कृत्रिम आभूषण, कपड़े जैसे उत्पादों पर कम शुल्क लगेगा, जबकि कनाडा को दालों को भारतीय बाजार तक पहुंच मिलेगी।

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Groomy लाया दिल्ली एनसीआर और चंडीगढ़ में प्रोफेशनल स्पा एट होम

दिल्ली एनसीआर और चंडीगढ़ के लिए Groomy एक आधुनिक और सुविधाजनक ग्रूमिंग समाधान लेकर आया है। अब ग्राहक घर बैठे फुल बॉडी स्पा, रिलैक्सेशन मसाज, फेशियल, हेयरकट और बियर्ड ग्रूमिंग का लाभ उठा सकते हैं। प्रमाणित थेरेपिस्ट और प्रशिक्षित विशेषज्ञ सुरक्षित और हाइजीनिक तरीके से सेवाएं प्रदान करते हैं। Groomy का उद्देश्य ग्राहकों को प्राइवेट और प्रीमियम अनुभव देना है। व्यस्त जीवनशैली में समय की बचत के साथ बेहतर वेलनेस अनुभव के कारण यह सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

दिल्ली एनसीआर / चंडीगढ़, भारत – आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास सैलून या स्पा जाने का समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इसी बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए Groomy दिल्ली एनसीआर और चंडीगढ़ में अपनी प्रीमियम स्पा और सैलून एट होम सेवाओं के माध्यम से पर्सनल केयर को नया रूप दे रहा है।

कंपनी का रजिस्टर्ड नाम Groomy Workforce Solutions Private Limited है और इसका ब्रांड नाम Groomy है। यह ब्रांड लग्ज़री, स्वच्छता और प्राइवेसी पर विशेष ध्यान देता है, जिससे ग्राहक बिना ट्रैफिक, लंबी वेटिंग या भीड़भाड़ वाले सैलून की परेशानी के उच्च गुणवत्ता वाली ग्रूमिंग सेवाओं का आनंद ले सकें।

प्रमाणित मेल थेरेपिस्ट और प्रोफेशनल ग्रूमिंग एक्सपर्ट्स सीधे ग्राहकों के घर जाकर सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में उच्च स्तरीय स्पा और सैलून सेवाएं प्रदान करते हैं।


उपलब्ध सेवाएं

  • फुल बॉडी स्पा थेरेपी

  • डीप टिशू और रिलैक्सेशन मसाज

  • हेयरकट और बियर्ड ग्रूमिंग

  • फेशियल और क्लीनअप

  • संपूर्ण ग्रूमिंग पैकेज


Groomy का उद्देश्य वेलनेस और ग्रूमिंग को एक आरामदायक, भरोसेमंद और प्रीमियम अनुभव बनाना है। कंपनी सरकारी मान्यता प्राप्त थेरेपी मानकों का पालन करती है और सुरक्षित व संतोषजनक सेवा सुनिश्चित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रीमियम उत्पादों का उपयोग करती है।

हर अपॉइंटमेंट में सख्त हाइजीन प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, जिसमें सैनिटाइज्ड उपकरण और प्रोफेशनल सर्विस स्टैंडर्ड शामिल हैं।

वर्तमान में Groomy दिल्ली एनसीआर और चंडीगढ़ में सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिससे प्रीमियम ग्रूमिंग पहले से अधिक सुलभ हो गई है।

 


बुकिंग और संपर्क जानकारी

कंपनी का नाम: Groomy Workforce Solutions Private Limited
ब्रांड नाम: Groomy
सेवा क्षेत्र: दिल्ली एनसीआर और चंडीगढ़

📞 बुकिंग नंबर:
8287936915
9910691528

https://groomy.online/

बुकिंग सीधे कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से की जा सकती है।

मणिपुर में तीन उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार भी जब्त  

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मणिपुर पुलिस ने पूर्व और पश्चिमी इंफाल जिलों में जबरन वसूली में शामिल दो अलग-अलग प्रतिबंधित  संगठनों के तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। राज्य पुलिस के रविवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, तीनों आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूर्वी इंफाल जिले के वांगखेई अयांगपल्ली से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (कोइरेंग) के दो सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्टल और 16 जिंदा राउंड से भरी दो मैगजीन बरामद की गईं। वहीं, कंगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नोंगड्रेनखोम्बा) के एक कैडर को शनिवार को इंफाल वेस्ट जिले के खगेमपल्ली पंखा न्गानापी थोंग ममांग में उसके घर से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए सुरक्षाबल जिलों के बाहरी और कमजोर इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

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क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगा 50-50 लाख का जुर्माना? टी20 विश्वकप से बाहर होने पर PCB सख्त

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टी20 विश्वकप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने पर टीम के प्रत्येक खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, यह फैसला भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज हार और सुपर-8 में इंग्लैंड से मिली शिकस्त के बाद लिया गया। हालांकि, टीम ने श्रीलंका के खिलाफ करीबी जीत दर्ज की, लेकिन वह सेमीफाइनल की राह नहीं खोल सकी। बताया जा रहा है कि बोर्ड के अधिकारी टीम के प्रदर्शन से बेहद नाराज थे और लगातार आईसीसी टूर्नामेंट्स में असफलता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया।

दिग्गजों की तीखी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, ‘आपको दो साल में एक मौका मिलता है कि अपने देश के क्रिकेट की छाप छोड़ सकें और आप फिर असफल हो जाते हैं। यह देखना बेहद निराशाजनक है।’ उन्होंने आगे कहा कि टी20 अब बेहद योजनाबद्ध प्रारूप बन चुका है और पाकिस्तान के खिलाड़ी बाकी टीमों के स्तर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने भी चयन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘कुछ खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए बहुत ज्यादा मौके दिए गए, लेकिन वे बड़े टूर्नामेंट में प्रदर्शन नहीं कर पाए। अब आगे बढ़ने और गलतियों से सीखने का समय है।’ वहीं मोईन खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘जब तक आप ऊंची रैंकिंग वाली टीमों को हराने की क्षमता नहीं रखते, तब तक आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकते। चयन और मैदान दोनों जगह हमने बहुत गलतियां कीं।’

कप्तानी और सीनियर खिलाड़ियों पर सवाल

पूर्व कप्तान बाबर आजम, मौजूदा कप्तान सलमान अली आगा, और सीनियर खिलाड़ी जैसे शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी और मोहम्मद नवाज कड़ी आलोचना झेल रहे हैं। खबर है कि अगा कप्तानी छोड़ सकते हैं। पूर्व कोच सकलैन मुश्ताक भी विवादों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने दामाद शादाब खान के प्रदर्शन का बचाव करते हुए मुख्य कोच माइक हेसन पर ठीकरा फोड़ा।

क्या जुर्माना समाधान है?

पाकिस्तान ने टूर्नामेंट का अंत जीत के साथ किया, लेकिन पूरे अभियान ने देश के क्रिकेट माहौल को मायूस कर दिया। सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ जुर्माना लगाने से टीम की समस्याएं हल होंगी, या अब चयन, रणनीति और नेतृत्व में बड़े बदलाव की जरूरत है?

दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री ‘पिंक मोबिलिटी कार्ड’ योजना की शुरुआत

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को दिल्ली सरकार की ‘पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ योजना की शुरुआत करेंगी। इस कार्ड के जरिए दिल्ली की महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ नाम से आयोजित किया जाएगा। इस पिंक कार्ड की खास बात यह है कि एक ही स्मार्ट कार्ड से बस, मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी, जबकि अन्य सेवाओं में कार्ड का उपयोग भुगतान के लिए किया जा सकेगा।

इसी कार्यक्रम में राशन कार्ड धारक परिवारों को होली और दिवाली पर हर साल दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना भी शुरू की जाएगी। इसके अलावा ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ की भी शुरुआत होगी, जिसके तहत गरीब परिवारों की बेटियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना में 21 साल की उम्र तक ब्याज सहित एक लाख रुपये से ज्यादा की राशि मिलने की उम्मीद है।

 

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जादू-टोने के शक में युवक ने की बुजुर्ग महिला की हत्या

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ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक गांव में जादू-टोने के शक में एक युवक ने 62 साल की आदिवासी महिला की हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। मृतका की पहचान कुंभिरदा गांव की जोबा टुडू के तौर पर की गई। रायरंगपुर के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) बीरेंद्र सेनापति के मुताबिक, शुक्रवार रात को कुंभिरदा गांव के 26 साल के जुगु मरांडी ने टुडू की घर में सोने के दौरान धारदार हथियार से हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि टुडू के जादू-टोना करने से उसके पिता बीमार पड़ गए थे। सेनापति ने कहा कि घटना के बाद आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसर्मपण कर दिया।

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सुनील शेट्टी ने बताया क्यों शाहरुख खान का स्टारडम सबसे अलग है? इस मामले में रणबीर कपूर से की तुलना

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बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को इंडस्ट्री का आखिरी सुपरस्टार भी माना जाता है। शाहरुख की लोकप्रियता आज भी उतनी ही है। आज भी उनकी फिल्मों का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते हैं। लेकिन आखिर ऐसा क्या है कि कोई और इंडियन स्टार शाहरुख जैसी लोकप्रियता और फैन फॉलोइंग हासिल नहीं कर पाया? इसको लेकर सुनील शेट्टी ने अपनी राय दी और बताया कि आखिर क्या है जो शाहरुख को बाकी कलाकारों से अलग बनाता है?

शाहरुख के पास संगीत और यश चोपड़ा थे

राज शमानी के एक पॉडकास्ट में बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी से पूछा गया कि शाहरुख खान जैसी स्टारडम कोई और अभिनेता क्यों नहीं हासिल कर पाया? इस पर सुनील शेट्टी ने कहा कि क्योंकि उनके पास संगीत था। भारत में म्यूजिक का बहुत महत्व है। उनके साथ यश जी (यश चोपड़ा) थे और बेहतरीन गाने थे। अपने काम के प्रति उनकी लगन। लगातार खुद को नए रूप में ढालना, उनकी शालीनता। मानवीय दृष्टि से वे परिपूर्ण हैं। वो जो सम्मान देते हैं और जिसकी अपेक्षा करते हैं, जरूरत पड़ने पर वो हमेशा मौजूद रहते हैं। वो सोशल मीडिया के चक्कर में नहीं पड़ते। वो पोस्ट करने में विश्वास नहीं रखते। उनमें पुराने जमाने का वो आकर्षण है, जो पहले के कई सितारों में हुआ करता था।

सोशल मीडिया पर नजर नहीं आते शाहरुख

सुनील शेट्टी ने आगे आजकल के एक्टर्स की सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता पर कहा कि इस पीढ़ी के बच्चे मानते हैं कि सोशल मीडिया ही आगे बढ़ने का रास्ता है। खबरें फैलानी जरूरी हैं। लेकिन ये लोग ऐसे नहीं हैं। रणबीर की तरह, शाहरुख का आकर्षण यही है कि वो सोशल मीडिया पर नजर नहीं आते। वो वहीं होते हैं जहां उनका काम होता है। उनका काम बोलता है, बाकी आप कल्पना कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर नहीं रणबीर कपूर

हालांकि, शाहरुख खान सोशल मीडिया पर मौजूद हैं और काफी एक्टिव भी रहते हैं। लेकिन वो इसका इस्तेमाल ज्यादातर अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स के प्रमोशन के लिए करते हैं। जबकि रणबीर कपूर सोशल मीडिया पर हैं ही नहीं। हालांकि, रणबीर ने एक बार बताया था कि वो एक प्राइवेट अकाउंट से किसी और नाम से सोशल मीडिया देखते हैं, लेकिन इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल रणबीर अपने नाम से सोशल मीडिया पर मौजूद नहीं हैं।

शाहरुख की ‘किंग’ का फैंस को है इंतजार

शाहरुख खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ को लेकर चर्चाओं में हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में शाहरुख के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। इसके अलावा फिल्म में दीपिका पादुकोण, जयदीप अहलावत और अभिषेक बच्चन सरीखे कई अन्य स्टार्स भी दिखाई देंगे। यह फिल्म इस साल क्रिसमस के मौके पर 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

विस चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने केरल का दौरा करेगा आयोग

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केरल में अगले महीने प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने निर्वाचन आयोग इस सप्ताह प्रदेश का दौरा करेगा। आयोग का नेतृृत्व मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के पांच मार्च की रात को केरल पहुंचने की संभावना है। वह छह और सात मार्च को अपना आधिकारिक दौरा शुरू करेंगे। केरल के अलावा, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।