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Wednesday, November 4, 2026
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आज पीएम मोदी और मार्क कार्नी के बीच द्विपक्षीय वार्ता, भारत-कनाडा रिश्तों को नई दिशा देने का प्रयास

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चार दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को मुंबई पहुंचने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच मुख्य रूप से व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते का रोडमैप तैयार करने पर सहमति बन सकती है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनिरल्स और ऊर्जा के क्षेत्र में कई अहम समझौते हो सकते हैं। यह द्विपक्षीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब ईरान पर इस्राइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति है।

रणनीतिक संबंधों को पटरी पर लाने की पहल

कार्नी की भारत यात्रा को 2023 में दोनों देशों के बीच हुए राजनयिक विवाद से कमजोर पड़े रणनीतिक संबंधों को पटरी पर लाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कार्नी का यह दौरा भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रहा है। दरअसल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन त्रूदो द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोप के कारण दोनों देशों के संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे।

 

सत्ता परिवर्तन के बाद आया बदलाव

पिछले साल अप्रैल में कनाडा में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद कार्नी ने भारत से संबंध सुधारने की पहल शुरू की। चंद महीने बाद ही दोनों पक्षों ने उच्चायुक्तों को फिर से तैनात किया। पिछले साल जून में जी-7 शिखर सम्मेलन में कनाडा पहुंचे पीएम ने सम्मेलन के इतर कार्नी से व्यापक बातचीत की थी। इस दौरान दोनों देशों में सीईपीए पर आगे बढऩे पर सहमति बनी थी।

 

खालिस्तानी चरमपंथियों पर होगी बात

पीएम मोदी-कार्नी के बीच बातचीत में कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथियों पर लगाम लगाने पर भी बातचीत होगी। भारत दौरे से पूर्व कार्नी ने मुंबई आतंकी हमला मामले के मास्टर माइंड तहव्वुर राणा की कनाडा की नागरिकता रद्द करने संबंधी प्रक्रिया की शुरुआत कर अपने देश की भूमि का भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देने की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाई है।

सीईपीए क्यों है दोनों देशों के लिए खास?

भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों देश 2010 से ही सीईपीए के लिए प्रयासरत हैं। समझौते के बाद भारत से निर्यात होने वाली दवाईयों, कृत्रिम आभूषण, कपड़े जैसे उत्पादों पर कम शुल्क लगेगा, जबकि कनाडा को दालों को भारतीय बाजार तक पहुंच मिलेगी।

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News Desk

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