लेक्चर मत दीजिए… बिहार में SIR को लेकर SC में सुनवाई, भावी CJI के सामने ही भड़क गए EC के वकील

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नई दिल्‍ली । बिहार(Bihar) में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले पर गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में सुनवाई हुई। इस दौरान शीर्ष अदालत ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) से कहा कि वह अपने जिला स्तरीय निकायों को निर्देश जारी करे कि वे अंतिम मतदाता सूची से बाहर किए गए 3.66 लाख मतदाताओं को निर्वाचन आयोग में अपील दायर करने में मदद करें। शीर्ष अदालत ने ये भी कहा कि उसे उम्मीद थी कि मामले में पक्ष बनाए जाने के बाद राजनीतिक इस कवायद के संबंध में अपनी शिकायतें सामने रखेंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि राजनीतिक दल चुनाव आयोग द्वारा किए गए SIR से संतुष्ट हैं।

देश के भावी CJI जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी को अपील करने का उचित अवसर दिया जाए और उनके पास विस्तृत आदेश होने चाहिए कि उनके नाम क्यों शामिल नहीं किए गए। एक पंक्ति का गूढ़ आदेश नहीं होना चाहिए।’’ पीठ ने ये बी कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए मतदाताओं की अपील को निर्धारित समयसीमा में और कारण सहित आदेश के माध्यम से निपटाने के प्रश्न पर 16 अक्टूबर को अगली सुनवाई में विचार किया जाएगा।

योगेन्द्र यादव की क्या थी दलील?

इसी बीच, राजनीतिक कार्यकर्ता और चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि बिहार में SIR के कारण भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़े मतदाता वर्ग को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 45,000 नाम अस्पष्ट हैं, जबकि 4 लाख से ज्यादा मतदाताओं के मकान नंबर ‘0’ लिखे गए हैं, जो गड़बड़ी की ओर संदेह पैदा करते हैं।

संशोधन की प्रकृति पर प्रश्नचिह्न

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, योगेंद्र यादव ने आज की सुनवाई के अंत में पीठ से कहा, “अभी भी मतदाता सूचियों में सुधार की जरूरत है और कोई भी यह नहीं कह सकता कि चुनाव आयोग ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि ऐसा करना उनका कर्तव्य भी है। यह संशोधन की प्रकृति पर प्रश्नचिह्न है। इस विशेष गहन संशोधन ने एक सौम्य प्रक्रिया को हथियार बना दिया है। पहला हथियार सिस्टम से बहिष्कार है। इसके बाद संरचनात्मक बहिष्कार है और फिर लक्षित बहिष्कार की संभावना है।”

इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ

यादव ने आगे कहा कि देश भर में मतदाता सूचियों का मूल्यांकन पूर्णता, सटीकता और निष्पक्षता के आधार पर किया जाता है। उन्होंने अदालत को बताया कि इन तीनों ही पहलुओं पर हमारे सामने एक बहुत ही गंभीर समस्या है। उन्होंने दलील दी, “हम इसकी पूर्णता के पक्ष में हैं। एसआईआर के कारण मतदाता सूची में अब तक की सबसे बड़ी कमी आई है। 47 लाख की कमी आई है। इतिहास में, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। बिहार की वयस्क जनसंख्या देखिए। ये केंद्र सरकार के विशेषज्ञ समूह के अनुमान हैं। सितंबर 2025 में यह 8 करोड़ 22 लाख थी। जब एसआईआर शुरू हुआ, तब यह संख्या 7.89 लाख थी।”

20 फीसदी फॉर्म BLO द्वारा भरे गए

बिहार में किए गए SIR के बारे में यादव ने आगे कहा, “लगभग 20 फीसदी फॉर्म बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा भरे गए हैं। अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो छूटे हुए लोगों की संख्या 65 लाख नहीं, बल्कि 2 करोड़ होती। लेकिन हो सकता है कि यह समाधान अन्य राज्यों में न हो।” इस पर इस जस्टिस बागची ने टिप्पणी की कि ज़्यादातर संपन्न लोग चुनावी प्रक्रिया से मुंह मोड़े हुए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग इसमें भी उत्साहित नजर आए। यादव ने भी इस बात पर सहमति जताई।

अधिकांश मामलों में ‘वंशावली’ का रास्ता अपनाया

यादव ने आगे कहा कि आयोग (ECI) ने SIR के दौरान अधिकांश मामलों में ‘वंशावली’ का रास्ता अपनाया है। यादव ने कहा, “ECI ने इस बार कुछ बेहतरीन किया… उन्होंने अपने अधिकारियों से कहा कि अगर माताजी-पिताजी नहीं मिल रहे हैं, तो चाचा-नाना, ताऊ, जो मिले, डाल दो… क्या वे दूसरे राज्यों में भी ऐसा ही करेंगे? करीब 40 फीसदी मतदाताओं ने 11 में से कोई भी दस्तावेज़ दाखिल नहीं किया और वंशावली के ज़रिए ही वे मतदाता सूची में शामिल हो गए।”

EC के वकील यादव पर भड़के

इस दलील पर चुनाव आयोग से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने आपत्ति जताई और यादव पर कोर्टरूम में ही भड़क गए। उन्होंने जज से कहा, “यह सब क्या है? क्या इन सबका जिक्र हलफ़नामे में है? यह कोई लेक्चर रूम नहीं है, जो यहां लेक्चर सुनाएं।” उन्होंने यादव से कहा कि इस पर लेक्चर मत दीजिए। इस पर यादव ने जवाब दिया कि इसके बजाय चुनाव आयोग हलफनामा दाखिल कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि बिहार SIR के परिणामस्वरूप लिंग अनुपात में 10 वर्षों की बढ़त खत्म हो गई है।

केरल हाईकोर्ट का SIT को आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश, अदालत ने माना सोने की हेराफेरी हुई

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कोच्चि। प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में स्वर्ण-पल्लवन (Golden Blossom) की कथित चोरी के मामले में केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (10 अक्तूबर) को विशेष जांच दल (SIT) को सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर के ‘द्वारपालक’ मूर्तियों से सोना चोरी के मामले में आपराधिक मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ ने यह आदेश दिए हैं। बेंच ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब तक की गई जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि द्वारपालक मूर्तियों में सोने की हेराफेरी हुई है। इसी के साथ बेंच ने एसआईटी को छह हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट दाखिल करने और हर दो हफ्ते में एक बार जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है। वहीं अदालत ने कहा कि जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए।

पीठ ने आगे कहा कि उसके समक्ष पेश विजिलेंस रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि “काफी मात्रा में सोना – लगभग 474.9 ग्राम – उन्नीकृष्णन पोट्टी (सोने की परत चढ़ाने का प्रस्ताव देने वाले प्रायोजक) को सौंप दिया गया था।” अदालत ने कहा कि हालांकि, रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता कि सोने की यह मात्रा त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी ) को (उसके द्वारा) सौंपी गई थी।

पीठ ने अपने द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को ‘द्वारपालक’ मूर्तियों के मामले के साथ-साथ जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य सभी पहलुओं की भी जांच करने का निर्देश दिया है। बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी “यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच अत्यंत विवेक और ईमानदारी से की जाए” अदालत के प्रति “सीधे जवाबदेह” होगी।

A Journey of Determination: Akshay Gupta from Asansol — The Visionary Founder of DIVAKS TOTAL IT SOLUTION

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🌟 A Journey of Determination: Akshay Gupta from Asansol — The Visionary Founder of DIVAKS TOTAL IT SOLUTION 🌟

Today, we bring you the inspiring story of a man who turned his dreams into reality through sheer hard work, persistence, and belief in himself.
We are talking about Mr. Akshay Gupta, the proud resident of Asansol, West Bengal, and the Managing Director of DIVAKS TOTAL IT SOLUTION — an award-winning IT company known for its excellence and innovation.

His story is not just about business success — it’s about courage, perseverance, and the power of never giving up.

“When your dreams are strong and your efforts are honest, destiny itself becomes your companion.”

🎓 Early Life and Education – The Foundation of Dreams

Born and raised in Asansol, a city known for its hardworking people, Akshay Gupta grew up with a hunger to learn and the determination to do something meaningful in life.
His family instilled in him a simple but powerful belief:

“Education is the key that can unlock any door in life.”

With this mindset, Akshay focused wholeheartedly on his studies.
He was never just a student who wanted to pass exams — he was always curious to understand deeply, to explore new ideas, and to gain practical knowledge that could help him shape his future.

This eagerness to learn laid the foundation for everything that followed in his remarkable journey.

💼 The Beginning of a Career – Lessons from Struggles

After completing his education, Akshay Gupta stepped into the professional world.
Like many, his beginning was humble — small jobs, long working hours, and limited pay. But instead of complaining, he treated every experience as an opportunity to grow.

He worked in several sectors such as finance, loan services, and FMCG companies.
Every job taught him something valuable — how to communicate with clients, handle responsibilities, manage time, and understand the dynamics of business and marketing.

Later, Akshay entered the real estate industry, where he gained deeper insight into sales, marketing, and customer relations.
It was during this time that he realized his true calling — he didn’t just want to work for others; he wanted to build something of his own.

“Real change begins the moment you decide to step out of your comfort zone.”

💻 Stepping into the IT World – The Birth of DIVAKS TOTAL IT SOLUTION

After years of experience across different industries, Akshay Gupta took the boldest step of his life — he founded his own IT company, DIVAKS TOTAL IT SOLUTION.

It was not an easy start.
Limited resources, a small team, and a highly competitive market — but Akshay’s belief in himself and his clear vision kept him going.

He started with small projects, working day and night to deliver quality results.
Slowly but steadily, his dedication began to pay off. Clients started noticing the quality and professionalism in his work, and the company started to grow.

Today, DIVAKS TOTAL IT SOLUTION stands tall as one of India’s leading IT companies, proudly delivering award-winning services for the past 10 years.

🏆 Excellence and Recognition – The Services That Define Success

Under Akshay Gupta’s leadership, DIVAKS TOTAL IT SOLUTION has become a trusted name in the IT industry.
The company provides a complete range of digital and technological solutions, including:

🌐 Website Development

📱 Android Application Development

💻 Software Development

📈 Digital Marketing Services

The company’s goal has never been just to deliver a project — but to create a meaningful digital experience for every client.

Akshay Gupta believes that —

“We don’t just provide services; we give shape to our clients’ dreams through technology.”

This philosophy has earned DIVAKS TOTAL IT SOLUTION multiple awards and recognition as a Best IT Service Provider.
From small local startups to global businesses, clients from India, the USA, the UK, Dubai, and other countries have praised the company for its innovation, reliability, and quality work.

👨‍💼 Akshay Gupta – The Visionary Leader Behind DIVAKS

As the Managing Director, Akshay Gupta is not just a business owner — he is a true leader.
He believes in working with his team, not above them.
He motivates his employees, encourages creativity, and ensures that every member of his organization feels valued.

“A company doesn’t grow only through machines or money; it grows through people.”

His leadership style is based on empathy, teamwork, and trust.
Many young professionals who have worked with him describe him as a mentor who inspires them to think big, stay humble, and work hard.

🌍 From India to the World – Contributing to the Digital Revolution

Through DIVAKS TOTAL IT SOLUTION, Akshay Gupta has played a vital role in India’s growing digital ecosystem.
He has helped countless small and medium businesses establish their online presence through websites, mobile apps, and digital marketing strategies.

His company has empowered entrepreneurs, helping them expand their reach globally.
Today, DIVAKS provides services not just across India but also to international clients across multiple continents.

Akshay’s vision is crystal clear —

“To connect Indian innovation with global opportunities through technology.”

💪 From Struggle to Success – The Power of Persistence

Behind every success lies a story of struggle, and Akshay Gupta’s journey is no exception.
He faced financial challenges, resource limitations, and moments of doubt — but he never gave up.

He turned every obstacle into a stepping stone, every failure into a lesson.
He often says —

“Success doesn’t belong to those who never fall, but to those who rise every time they fall.”

Through consistency, hard work, and belief in himself, Akshay transformed every challenge into progress.
Today, his success stands as a testimony to his resilience and determination.

❤️ Giving Back – Family, Society, and the Next Generation

Beyond being a successful entrepreneur, Akshay Gupta is a grounded individual who values family and community.
He believes that success only becomes meaningful when it contributes to the well-being of others.

He actively supports initiatives for youth development — offering training, skill development, and job opportunities through his company DIVAKS TOTAL IT SOLUTION.

He envisions a future where every young Indian has access to digital education and opportunities to build a strong career in IT and technology.

“If we guide and empower our youth, India can become the world’s digital superpower.”

🔥 Message to the Youth – Dream, Work, and Believe

Akshay Gupta’s journey offers powerful lessons for today’s generation.
His message to all young dreamers is simple yet life-changing:

Dream Big — but stay awake to achieve it.

Keep Learning — because knowledge never gets old.

Work Hard — shortcuts never lead to real success.

Be Honest — trust is the most valuable brand you can build.

“Your degree might get you a job, but your passion will create your destiny.”

 

🌈 Conclusion – From a Dreamer to a Leader

Today, DIVAKS TOTAL IT SOLUTION is not just a company — it’s a story of vision, determination, and triumph.
It represents the idea that success is not given; it is earned through consistency and courage.

Akshay Gupta has proved that one doesn’t need to be born in a big city to achieve greatness — all it takes is strong willpower, hard work, and the courage to start.

From Asansol to the global digital market, he has made his mark as a true leader, innovator, and inspiration.

🕊️ Final Words

Akshay Gupta’s life teaches us that success is not a destination but a journey — a journey filled with challenges, learning, and evolution.

Today, as the Managing Director of DIVAKS TOTAL IT SOLUTION, he continues to inspire thousands of people through his work, leadership, and humility.

🌟 “Never stop moving forward, because sometimes the next step is the one that takes you to your destiny.” 🌟

The Inspiring Business Story of Fiber Techno Products India

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फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया की प्रेरणादायक व्यावसायिक कहानी

(Industrial Business Service & Manufacturing – Faridabad, Haryana)

हर बड़ी सफलता के पीछे मेहनत, अनुभव और लगन की एक मजबूत कहानी छिपी होती है।
“फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया” (Fiber Techno Product India) की कहानी भी कुछ ऐसी ही प्रेरक और सफलता से भरी हुई है।
हरियाणा के फरीदाबाद शहर के टिगांव रोड, राम बाग, श्याम कॉलोनी स्थित यह कंपनी आज औद्योगिक क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है।

🔹 शुरुआत – संघर्ष से निर्माण तक

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया की नींव उस सोच पर रखी गई थी कि —

“गुणवत्ता और ईमानदारी ही असली पहचान होती है।”

कंपनी के संस्थापकों ने शुरुआत में सीमित संसाधनों और गहरी तकनीकी समझ के साथ इस बिज़नेस की शुरुआत की।
उनका उद्देश्य था – भारत के उद्योगों और फैक्ट्रियों को उच्च गुणवत्ता वाले FRP (Fiber Reinforced Plastic) उत्पाद और केमिकल स्टोरेज सॉल्यूशंस प्रदान करना।

समय के साथ उनकी मेहनत रंग लाई, और आज यह कंपनी न सिर्फ हरियाणा बल्कि देश के कई राज्यों में अपनी सेवाएँ दे रही है।

🔹 कंपनी की सेवाएँ और उत्पाद

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया ने अपनी पहचान एक मल्टी-इंडस्ट्रियल सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के रूप में बनाई है।
कंपनी औद्योगिक जरूरतों के लगभग हर क्षेत्र में अपनी सेवाएँ देती है।

यहाँ निर्मित और उपलब्ध प्रमुख उत्पाद और सेवाएँ हैं:

FRP Water Proofing (फाइबर वॉटरप्रूफिंग):
छतों, टैंकों और औद्योगिक सतहों पर लीकेज रोकने के लिए उच्च गुणवत्ता की FRP कोटिंग।

FRP Tanks & PP Tanks (फाइबर और पॉलीप्रोपिलीन टैंक):
केमिकल, वॉटर और अन्य लिक्विड स्टोरेज के लिए टिकाऊ और सुरक्षित टैंक निर्माण।

Rubber & PVC Acid Storage Tanks:
एसिडिक और केमिकल लिक्विड्स के लिए स्पेशल मटेरियल से बने मजबूत टैंक।

Fiber Body & Fiber Cooler:
इंडस्ट्रियल और डोमेस्टिक यूज़ के लिए टिकाऊ और आकर्षक डिजाइन वाले फाइबर उत्पाद।

Rubber Lining Work:
पाइप, टैंक या मशीनरी के अंदर रबर लाइनिंग द्वारा प्रोटेक्शन सर्विस।

PPGL Tanks & FRP Product Range:
उन्नत टेक्नोलॉजी से बने टैंक्स और विभिन्न प्रकार के फाइबर प्रोडक्ट्स की संपूर्ण रेंज।

Epoxy Flooring:
इंडस्ट्रियल स्पेस और फैक्ट्रियों के लिए हाई-क्वालिटी, केमिकल रेसिस्टेंट और टिकाऊ फ्लोरिंग सर्विस।

FRP Raw Material Supply:
फैब्रिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए कच्चे माल की सप्लाई।

🔹 गुणवत्ता और भरोसे की पहचान

कंपनी की खासियत है उसकी क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम।
हर उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार टेस्ट किया जाता है।
टीम में ऐसे अनुभवी इंजीनियर और टेक्नीशियन हैं जो ग्राहक की जरूरतों के अनुसार कस्टम समाधान तैयार करते हैं।

कंपनी का मानना है कि —

“ग्राहक का भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी है।”

🔹 ग्राहकों का विश्वास

फरीदाबाद से लेकर दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और राजस्थान तक —
फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया के क्लाइंट्स छोटे उद्योगों से लेकर बड़ी फैक्ट्रियों तक फैले हुए हैं।
हर प्रोजेक्ट में कंपनी ने समय पर डिलीवरी और उच्च गुणवत्ता का वादा निभाया है।

एक ग्राहक के शब्दों में –

“हमने FRP टैंक और वॉटरप्रूफिंग का काम फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया से कराया था। उनकी टीम ने समय पर और बेहद प्रोफेशनल तरीके से काम किया। आज तक कोई शिकायत नहीं हुई।”

🔹 अनुभव और तकनीकी क्षमता

कंपनी की टीम इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, केमिकल रेसिस्टेंट मटेरियल्स, और फाइबर टेक्नोलॉजी में वर्षों का अनुभव रखती है।
नई तकनीकों को अपनाना और कस्टमर की आवश्यकताओं के अनुसार समाधान देना इसकी खास पहचान है।

हर नया प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक नया सीखने और नवाचार का अवसर बन जाता है।

🔹 दृष्टिकोण और मिशन

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया का विज़न है —

“भारतीय इंडस्ट्री को विश्वस्तरीय फाइबर और केमिकल स्टोरेज सॉल्यूशंस उपलब्ध कराना।”

और मिशन है —

“हर प्रोजेक्ट में सर्वोत्तम गुणवत्ता, समय की पाबंदी और ग्राहक संतुष्टि को प्राथमिकता देना।”

🔹 सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स में पर्यावरण के अनुकूल मटेरियल्स का उपयोग करती है।
Eco-Friendly Manufacturing और Waste Management के क्षेत्र में भी इसका योगदान सराहनीय है।
FRP और PP Tanks के उपयोग से कई उद्योगों ने न केवल सुरक्षा बढ़ाई, बल्कि प्रदूषण को भी कम किया।

🔹 सफलता की कहानी

कभी सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह कंपनी आज
“Industrial FRP Solutions” की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है।
इस सफलता के पीछे है —

उच्च गुणवत्ता

ग्राहक सेवा

ईमानदार व्यापार नीति

और तकनीकी अपडेट्स के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा।

🔹 भविष्य की दिशा

कंपनी आने वाले वर्षों में अपने उत्पादों को ऑटोमोबाइल, केमिकल, और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में और व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना बना रही है।
इसके अलावा, कंपनी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

🔹 संपर्क विवरण

📍 पता:
79, राम बाग, श्याम कॉलोनी, टिगांव रोड, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, हरियाणा – 121004

📞 संपर्क नंबर:
9910588281, 8851948364

📧 ईमेल:
fibreglasscoating@gmail.com

🔹 समापन संदेश

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया सिर्फ एक कंपनी नहीं,
बल्कि एक ऐसा ब्रांड है जो हर ग्राहक को गुणवत्ता, सुरक्षा और भरोसे का वादा देता है।
यह कंपनी भारतीय उद्योग जगत के उस नए युग का प्रतीक है जहाँ
“देसी निर्माण और आधुनिक तकनीक का संगम” एक नई पहचान बना रहा है।

“विश्वास, मेहनत और गुणवत्ता — यही फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया की असली ताकत है।”

‘दरिंदगी की सुनवाई नहीं, चाय पिलाकर भेज देती है पुलिस’ भाभी को ब्लैकमेल कर रहा देवर

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श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के श्रावस्ती (Sravasti) में एक महिला (Women) के साथ उसके देवर (Husband’s Younger Brother) ने पहले दरिंदगी (Brutality) की और फिर 4 साल तक भाभी (Sister in law) को ब्लैकमेल किया. देवर के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए महिला 5 महीने तक थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. अब थाना कोतवाली भिनगा के नवसहरा में रहने वाली गुलिस्ता नाम की महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है.

दरअसल, 4 साल पहले गुलिस्ता का देवर इमरान अक्सर गुलिस्ता के घर आता जाता था. एक दिन गुलिस्ता घर पर अकेली थी. इमरान ने मौका पाकर गुलिस्ता के साथ दरिंदगी की और गुलिस्ता का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. इसके बाद से इमरान गुलिस्ता को पिछले 4 साल से वही वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करता था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था.

जब गुलिस्ता इमरान से परेशान हो गई तो उसने इमरान से शादी करने के लिए कहा, लेकिन इमरान ने गुलिस्ता से शादी करने से इनकार कर दिया और गुलिस्ता से उसके पति जुबेर को रास्ते से हटाने के लिए कहा. इमरान ने जुबेर को मारने के लिए गुलिस्ता को जहर लाकर दिया.

गुलिस्ता ने इसका विरोध किया तो इमरान ने उसे खुद मर जाने के लिए कहा. इस पर गुलिस्ता ने फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन उसके पति ने उसे बचा लिया. इसके बाद गुलिस्ता ने पति जुबेर को पूरी बात बताई. जुबेर ने पत्नी गुलिस्ता का साथ दिया और उसे थाने लेकर गया, लेकिन थाने में गुलिस्ता की एक भी नहीं सुनी गई. गुलिस्ता रोज थाना कोतवाली भिनगा के चक्कर काटती थी और कोतवाल साहब उसे चाय पिलाकर वापस कर देते थे.

गुलिस्ता ने 5 महीने तक थाने के चक्कर काटे, लेकिन उसे सिर्फ आश्वसन दिया जाता था. अब 5 महीने चक्कर काटने के बाद गुलिस्ता SP राहुल भाटी से मिली. जहां पर SP राहुल भाटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CO को इस मामले की जांच सौंपी और एक्शन लेने के लिए कहा. 5 महीने थाने के चक्कर काटने के बाद पहली बार गुलिस्ता की सुनवाई हुई और मामले की जांच के आदेश दिए गए.

Rising Youth Social Foundation: बदलाव की वो कहानी जो उम्मीदों को पंख देती है

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🌿 Rising Youth Social Foundation: बदलाव की वो कहानी जो उम्मीदों को पंख देती है

“समाज तभी आगे बढ़ता है, जब उसमें कुछ लोग खुद से पहले दूसरों का दर्द महसूस करते हैं।”
— श्री सजिद रज्जाक सैय्यद, संस्थापक

पुणे शहर के एक कोने में, 21 जुलाई 2018 को एक ऐसी सोच ने जन्म लिया जिसने समाज के कई चेहरों पर मुस्कान ला दी। इस सोच का नाम था —
Rising Youth Social Foundation,
एक Public Charitable Trust जिसने अपने नाम की तरह समाज के हर वर्ग को “राइज़” यानी ऊपर उठाने की प्रेरणा दी।

🌟 शुरुआत: एक सोच से एक संकल्प तक

यह कहानी शुरू होती है श्री सजिद रज्जाक सैय्यद से — एक ऐसे व्यक्ति से जिनके दिल में समाज के लिए कुछ करने की आग बरसों से जल रही थी। सजिद जी का मानना था कि “अगर देश के युवा दिशा और अवसर पा लें, तो गरीबी, बेरोज़गारी और अशिक्षा जैसी समस्याएँ जड़ से खत्म हो सकती हैं।”

इस सोच में साथ आए कुछ और जज़्बे वाले लोग —
श्री विराज लक्ष्मण जाधव (Vice President),
श्री फिरोज सिद्दीक खान (Treasurer), और
श्री प्रवीण अहेर (Secretary)।

चारों ने मिलकर अपने छोटे-से कार्यालय 280/2A/12AM, सुरैया मंज़िल, मस्जिद रोड, कलवाड वस्ती, लोहगांव, पुणे 411032 से समाज में बदलाव की एक बड़ी मुहिम शुरू की।

🌱 मिशन: समाज को सशक्त बनाना, बदलाव की नींव रखना

Rising Youth Social Foundation का मिशन बहुत स्पष्ट था —
“To empower communities by fostering youth and women leadership, promoting rural development, ensuring access to quality education and healthcare, and driving environmental conservation initiatives.”

साधारण शब्दों में कहें तो यह संस्था चाहती थी कि हर युवा, हर महिला और हर ग्रामीण परिवार अपने पैरों पर खड़ा हो सके, आत्मनिर्भर बने और समाज के विकास में भागीदार बने।

🔹 समाज के लिए उठाए गए प्रमुख कदम

संस्था की गतिविधियाँ आठ प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं —

युवाओं को सशक्त बनाना

महिला सशक्तिकरण

ग्रामीण विकास परियोजनाएँ

पर्यावरण संरक्षण

शिक्षा सबके लिए

स्वास्थ्य और कल्याण

आपदा राहत और पुनर्वास

कौशल विकास और उद्यमिता समर्थन

अब आइए इन सभी क्षेत्रों में संस्था की वास्तविक कहानियों और प्रयासों को नज़दीक से जानें।

💪 1. युवा शक्ति – बदलाव की असली ताकत

“युवा वो चिंगारी है, जो अगर सही दिशा में जले तो पूरा समाज रोशन कर सकती है।”

Rising Youth Social Foundation ने युवाओं को केवल प्रेरित नहीं किया, बल्कि उन्हें सशक्त, प्रशिक्षित और नेतृत्व के लिए तैयार किया।
संस्था ने “Youth Leadership Development Program” शुरू किया, जिसमें कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं को शामिल किया गया।

वास्तविक कहानी:
लोहगांव के अमित शिंदे नाम के एक युवक को जब संस्था से जोड़ा गया, वह बेरोज़गार था और जीवन को लेकर निराश था। सजिद जी ने उसे डिजिटल मार्केटिंग और कंप्यूटर ट्रेनिंग के कोर्स में शामिल किया। कुछ ही महीनों में अमित ने खुद का छोटा बिज़नेस शुरू किया और आज 10 युवाओं को रोजगार दे रहा है।

अमित कहते हैं –

“अगर Rising Youth Foundation मुझे राह न दिखाता, तो शायद मैं आज भी नौकरी की तलाश में होता।”

👩‍🦰 2. महिला सशक्तिकरण – “स्वावलंबन की मिसाल”

महिलाएँ किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं। लेकिन ग्रामीण और निम्न वर्ग की महिलाएँ अक्सर अवसरों से वंचित रहती हैं। संस्था ने इसे बदलने का बीड़ा उठाया।

“Women Empowerment Initiative” के तहत महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, हैंडीक्राफ्ट, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, और वित्तीय साक्षरता सिखाई जाती है।

वास्तविक कहानी:
श्रीमती आयशा खान, जो पहले घर की जिम्मेदारियों में सीमित थीं, संस्था से जुड़कर सिलाई का प्रशिक्षण लिया। आज वे अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं और हर महीने 15,000 रुपये कमा रही हैं।

आयशा जी मुस्कराते हुए कहती हैं –

“पहले मैं घर की चार दीवारों में कैद थी, अब मैं अपने दम पर परिवार का सहारा हूँ। Rising Youth ने मुझे पहचान दी है।”

🌾 3. ग्रामीण विकास – गाँव से विकास की गूँज

भारत की असली आत्मा गाँवों में बसती है। Rising Youth Social Foundation ने गाँवों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में कई प्रोजेक्ट शुरू किए।

“Rural Development Project” के अंतर्गत जल संरक्षण, स्वच्छता, महिला शिक्षा, और स्थानीय उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया गया।

उदाहरण:
पुणे के पास स्थित वाघोली गाँव में संस्था ने “स्वच्छ गाँव – स्वस्थ गाँव” अभियान चलाया। वहाँ पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया, बच्चों के लिए स्कूल की मरम्मत कराई, और महिलाओं को स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।

आज वाघोली गाँव मॉडल विलेज के रूप में जाना जाता है।

🌳 4. पर्यावरण संरक्षण – धरती को बचाने की मुहिम

“पेड़ लगाना भविष्य बोने जैसा है।”

Rising Youth Social Foundation ने “Go Green India Drive” के तहत हजारों पेड़ लगाए।

संस्था ने स्कूलों, कॉलेजों और कॉर्पोरेट ऑफिसों के साथ मिलकर प्लास्टिक-मुक्त अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम और नदी सफाई मिशन चलाए।

पिछले तीन वर्षों में संस्था ने 25,000 से अधिक पौधे लगाए हैं और “Green Campus Challenge” के माध्यम से 50 स्कूलों को पर्यावरण-अनुकूल बनाया है।

📚 5. शिक्षा सभी के लिए – ज्ञान से बदलाव

“एक किताब, एक कलम, एक बच्चा और एक शिक्षक — दुनिया बदल सकते हैं।”
— मलाला यूसुफज़ई

Rising Youth Social Foundation का मानना है कि शिक्षा सबसे बड़ी समानता लाने वाली शक्ति है।

संस्था ने “Education for All” अभियान चलाकर गरीब बच्चों के लिए मुफ्त ट्यूशन क्लास, स्कूल किट वितरण और डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम शुरू किए।

वास्तविक कहानी:
राजेश वरकडे, जो झुग्गी क्षेत्र में रहता था, आर्थिक स्थिति खराब थी, लेकिन पढ़ाई का जुनून था। संस्था ने उसे स्कूल की फीस, किताबें और मार्गदर्शन दिया। आज वही राजेश पुणे यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर रहा है।

“अगर Rising Youth Foundation मेरी मदद न करती, तो शायद मेरा सपना अधूरा रह जाता,”
राजेश कहते हैं।

❤️ 6. स्वास्थ्य और कल्याण – स्वस्थ समाज की दिशा में

स्वास्थ्य हर व्यक्ति का मूल अधिकार है। संस्था ने “Health & Wellness Program” के तहत ग्रामीण और निम्न वर्ग के लोगों के लिए मुफ्त हेल्थ कैंप, ब्लड डोनेशन ड्राइव, योग शिविर और पोषण जागरूकता अभियान चलाए।

2023 में संस्था ने “Healthy Women, Healthy Nation” पहल शुरू की, जिसमें महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

संस्था ने 5000 से अधिक परिवारों को मुफ्त दवाइयाँ और चिकित्सा परामर्श प्रदान किया है।

🕊️ 7. आपदा राहत – जब मानवता ही धर्म बन जाती है

कोविड-19 महामारी के समय Rising Youth Social Foundation ने असंख्य परिवारों तक मदद पहुँचाई। संस्था ने भोजन वितरण, ऑक्सीजन सिलेंडर व्यवस्था, और जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता दी।

वास्तविक उदाहरण:
2021 की बाढ़ के दौरान, टीम ने नासिक और कोल्हापुर में जाकर 200 से अधिक परिवारों को राहत सामग्री पहुँचाई। स्वयं सजिद सैय्यद जी ने कहा था –

“जब लोग संकट में हों, तब शब्द नहीं, कर्म बोलने चाहिए।”

🧰 8. कौशल विकास और उद्यमिता – आत्मनिर्भर भारत की राह

संस्था ने “Skill Development & Entrepreneurship Support Program” के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को कंप्यूटर, सिलाई, डिजिटल मार्केटिंग, फूड प्रोसेसिंग, और ब्यूटी ट्रेनिंग में प्रशिक्षित किया।

2024 तक संस्था ने 3000 से अधिक युवाओं और महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया है।
कई प्रशिक्षित युवाओं ने छोटे स्टार्टअप शुरू किए हैं, जो अब दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

🌈 संगठन की दृष्टि (Vision)

“To build a society where every individual, regardless of their background, has the opportunity to thrive in a healthy, educated, and empowered environment.”

Rising Youth Social Foundation एक ऐसे समाज का सपना देखती है जहाँ —

हर युवा को अपनी क्षमता पहचानने का अवसर मिले।

हर महिला अपने अधिकारों और आत्मविश्वास के साथ खड़ी हो सके।

हर बच्चा बिना किसी भेदभाव के पढ़ सके।

और हर परिवार एक स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में जीवन जी सके।

💬 प्रेरक उद्धरण जो संस्था की आत्मा को दर्शाते हैं

“सेवा वो ताकत है जो एक व्यक्ति को लाखों लोगों से जोड़ देती है।”
— विराज लक्ष्मण जाधव

“पैसे से नहीं, नीयत से बदलाव आता है।”
— फिरोज सिद्दीक खान

“हर बार जब किसी की मदद करते हैं, तो हम खुद को भी बेहतर बनाते हैं।”
— प्रवीण अहेर

🌻 समाज पर प्रभाव

Rising Youth Social Foundation ने अब तक:

25,000+ पौधे लगाए

3,000+ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया

10,000+ महिलाओं को सशक्त किया

50+ गाँवों में स्वच्छता और शिक्षा अभियान चलाए

20,000+ लोगों को आपदा राहत में सहायता दी

इन उपलब्धियों के पीछे है एक ही भावना — “सेवा, समर्पण और समाज सुधार।”

🙏 निष्कर्ष: सेवा ही सबसे बड़ी सफलता

आज Rising Youth Social Foundation केवल एक NGO नहीं, बल्कि एक आंदोलन, एक प्रेरणा और एक परिवार बन चुका है — जहाँ हर सदस्य समाज को बेहतर बनाने की दिशा में अपना योगदान दे रहा है।

सजिद सैय्यद जी का यह वाक्य संस्था की आत्मा को बखूबी दर्शाता है:

“अगर हम सब मिलकर एक कदम बढ़ाएँ, तो भारत को सशक्त, शिक्षित और स्वावलंबी राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।”

2018 में जो सपना बोया गया था, वह आज हकीकत बनकर समाज में फूलों की तरह खिल रहा है।
Rising Youth Social Foundation आने वाले समय में भी युवाओं, महिलाओं और समाज के हर उस व्यक्ति के लिए काम करता रहेगा जिसे मदद और मार्गदर्शन की ज़रूरत है।

क्योंकि —

🌿 “जब एक हाथ आगे बढ़ता है मदद के लिए, तो सैकड़ों जीवन उजाले की ओर बढ़ते हैं।” 🌿

🕊️ Rising Youth Social Foundation

📍 280/2A/12AM, Suraiyya Manzil, Masjid Road, Kalwad Wasti, Lohagaon, Pune 411032
📅 Established on: 21 July 2018
🤝 A Public Charitable Trust working for Empowerment, Equality & Sustainable Development.

दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखा उत्पादन और बिक्री का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में हरित पटाखों (Green Firecrackers) के उत्पादन और बिक्री की अनुमति वाली याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने शीर्ष अदालत से दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी। दलीलों में कहा गया कि पटाखों के इस्तेमाल के समय को लेकर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।

सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट से दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मांगते हुए दिल्ली-एनसीआर की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (Petroleum and Explosives Safety Organisation) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (National Environmental Engineering Research Institute) समय-समय पर पटाखों के उत्पादन कार्यों का निरीक्षण करेंगे।

 

भारतीय वायुसेना दिवस का डिनर पार्टी मेन्यू सोशल मीडिया पर छाया, पाकिस्तान को लग जाएगी मिर्ची

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नई दिल्‍ली । भारतीय वायुसेना (IAF) के द्वारा अपनी 93वीं वर्षगांठ 8 अक्टूबर को बड़े धूमधाम से मनाया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायुसेना दिवस (Air Force Day) की डिनर पार्टी का मेन्यू (dinner party menu) ही छा गया है। इसकी वजह स्वाद नहीं, बल्कि उसमें शामिल डिश के नाम हैं। इस मेन्यू को 93 वर्ष भारतीय वायुसेना के- अचूक, अभेद्य और सटीक (93 Years of IAF: Infallible, Impervious and Precise) नाम दिया गया है। मेन्यू में पाकिस्तानी ठिकानों के नाम पर डिश के नाम रखे गए हैं।

वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यंजनों के नामों ने लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। मेन्यू में रावलपिंडी चिकन टिक्का मसाला, रफिकी रारा मटन, भोलारी पनीर मेथी मलाई, सुक्कुर शाम सवेरा कोफ्ता, सरगोधा दाल मखनी, जकोबाबाद मेवा पुलाव और बहावलपुर नान शामिल है। मिठाइयों में बालाकोट तिरामिसु, मुजफ्फराबाद कुल्फी फालुदा और मुरीदके मीठा पान शामिल है।

आपको बता दें कि इन सभी नामों का संबंध भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ की गई सटीक सैन्य कार्रवाईयों से है, जिनमें सबसे प्रमुख 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 की ऑपरेशन सिंदूर हैं।

इस साल 7 मई को की गई ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें मुरीदके और बहावलपुर जैसे इलाके शामिल थे। दोनों कोलश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय माना जाता है।

वहीं, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक ने पुलवामा आतंकी हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त किया था।

आपको बता दें कि गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित वायुसेना दिवस परेड में इस बार भी भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29, C-17 ग्लोबमास्टर III, C-130J हर्क्यूलिस और अपाचे हेलिकॉप्टर ने आसमान में गरज कर दर्शकों को रोमांचित किया।

जम्मू-कश्मीर को राज्य बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से चार हफ्ते में मांगा जवाब

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को वापस राज्य का दर्जा (Statehood) देने की लगातार उठ रही मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार (Central Government) को अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है ताकि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने से जुड़ी याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल कर सके। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित ये याचिकाएं शिक्षाविद जहूर अहमद भट और सामाजिक कार्यकर्ता अहमद मलिक सहित कई लोगों ने दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में दिए गए वादे के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द फिर से राज्य का दर्जा दे।

वहीं मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें अनुच्छेद 370 को रद्द करने को सही ठहराया गया था और केंद्र को जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव सितंबर 2024 तक कराने और जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया गया था।

सोशल मीडिया पर मैसेज भेजते समय रहें सतर्क

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि व्हाट्सअप किसी विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाले मैसेज भेजना अब अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई भी संदेश जो धर्म के आधार पर घृणा दुश्मनी या दुर्भावना फैलाता हो, वो भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। दरअसल अफाक अहमद नाम के शख्स ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शख्स पर WhatsApp पर कई लोगों को भड़काऊ मैसेज भेजने का आरोप है।