सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली, हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी याचिका की डिस्पोज

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एक ही दिन सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका, सिंगल बेंच में सुनवाई के निर्देश; कंट्री लिकर टेंडर पर विवाद जारी

मध्यप्रदेश में कंट्री लिकर सप्लाई टेंडर को लेकर चल रहे विवाद के बीच याचिका दायर करने वाले डिस्टलरीज समूह को अदालतों से राहत नहीं मिल सकी। सूत्रों के अनुसार मामले में पहले सर्वोच्च न्यायालय में याचिका लगाई गई, जहां से इसे यह कहते हुए वापस भेज दिया गया कि मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा ही की जाएगी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (DB) के समक्ष भी पहुंचा, लेकिन वहां भी याचिका का निराकरण कर दिया गया और स्पष्ट किया गया कि प्रकरण की सुनवाई सिंगल बेंच में ही होगी। बताया जा रहा है कि याचिका लगाने वाले डिस्टलरीज और उनके मालिकों को अंततः पीछे हटना पड़ा। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस मामले से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक भी पहुंचाई गई थी। बताया जा रहा है कि याचिका 09 मार्च को एक ही दिन सर्वोच्च न्यायालय और हाईकोर्ट दोनों जगह दायर की गई थी। इस बीच आबकारी आयुक्त द्वारा मध्यप्रदेश के 55 जिलों में अरबों रुपये के कंट्री लिकर सप्लाई टेंडर की तारीख बढ़ा दी गई है, जिससे शराब कारोबार में हलचल और तेज हो गई है।

 दो न्यायाधीश का मामले से अलग होना ऐतिहासिक 

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दो न्यायाधीशों ने इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था, जबकि तीसरे न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया। अदालत ने राज्य शासन को दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें से लगभग एक सप्ताह का समय बीत चुका है।

 (MPSIDC) के अरबों रुपये तथा विभाग के करोड़ों रुपये बकाया बताए जा रहे है

सूत्रों के अनुसार याचिका से जुड़े डिस्टलर पर एमपीएसआईडीसी (MPSIDC) के अरबों रुपये तथा विभाग के करोड़ों रुपये बकाया बताए जा रहे हैं। साथ ही उन पर ब्लैकलिस्टेड और सजा प्राप्त होने के आरोप भी चर्चा में हैं। वहीं यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ अधिकारियों द्वारा कथित रूप से एक निजी कंपनी के पक्ष में खड़े होने की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंचाई गई है।

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 जी एस टी चोरी में गए थे जेल 

सूत्रों का कहना है कि संबंधित कंपनी के मालिकों पर पहले भी फर्जीवाड़ा कर टैक्स चोरी करने के मामले दर्ज हो चुके हैं और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। इतना ही नहीं, आरोप है कि वे अक्सर आबकारी आयुक्त के कैंप कार्यालय भोपाल में देखे जाते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एक बार कैंप कार्यालय से हड़बड़ी में निकलने का उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

 20 मार्च को होगी सुनवाई 

फिलहाल इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में आगे की सुनवाई और शासन के जवाब का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश के शराब कारोबार से जुड़े इस बड़े विवाद पर अगला फैसला तय होगा।

Assam में BJP की जीत की हैट्रिक या कांग्रेस का सूखा जारी?

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नई दिल्ली। पूर्वोत्तर (Northeast) के सबसे अहम राज्य असम (Assam Elections 2026) में भाजपा (BJP) के सामने जीत की हैट्रिक लगाने, कांग्रेस के सामने जीत का सूखा खत्म करने और एआईयूडीएफ के सामने किंगमेकर बनने की चुनौती है। इस बार भी अहम मुद्दा अवैध घुसपैठ (Illegal Intrusion) के कारण जनसांख्यिकी में हुए बदलाव, लाखों की संख्या में अवैध अप्रवासी और चाय बगान की दुर्दशा है। जीत की रात तलाश रहे कांग्रेस ने पहले ही उम्मीदवारों की दो सूची जारी की है।

राज्य के सीएम रहे दिवंगत तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) को जोरहाट से उतारा गया है। साथ ही, नई रणनीति के तहत गठबंधन सहयोगी एआईयूडीएफ से दूरी बना ली है। इसकी जगह पार्टी ने असम जातीय परिषद, ऑल इंडिया हिल लीडर्स कांफ्रेंस और माकपा समेत 10 दलों से गठबंधन किया है। दूसरी ओर भाजपा ने पुराने साथी असम गण परिषद के अलावा बोडोलैंड में मजबूती के लिए नए साथी के रूप में बीपीएफ से गठबंधन किया है।

टूटा मुस्लिम वर्चस्व का मिथक
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के इर्द-गिर्द घूम रही असम की राजनीति दशकों तक मुस्लिम मतों (35%) के ध्रुवीकरण पर टिकी रही। हालांकि 2016 और 2021 में भाजपा ने बहुसंख्यकों का समानांतर ध्रुवीकरण कर इस वर्चस्व को तोड़ने में सफलता हासिल की। पार्टी ने असम गण परिषद, यूपीपीएल जैसे दलों को साधा और एनडीए को धमाकेदार जीत दिलवाई। भाजपा ने उग्र हिंदुत्व और महिला को हथियार बनाया है। हिमंता सरकार ने 37 लाख महिलाओं को 8000 रुपये की सहायता दी है। इसके अलावा घुसपैठ पर सीएम के बयान पूरे पांच साल तक राज्य ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बने हैं।

अपर असम भाजपा की ताकत
बीते दोनों ही चुनावों में अपर असम के नौ जिले की 43 सीटें भाजपा के लिए सत्ता की सीढ़ी साबित हुई। बीते चुनाव में पार्टी को 38 तो उससे पहले 37 सीटें हासिल हुई। इस क्षेत्र में पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल की गहरी पैठ है, जिनके वर्तमान सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के साथ मतभेद की चर्चा है। खतरा भांप शीर्ष नेतृत्व ने सोनोवाल को मतदान तक अपर असम में डटे रहने और हिमंता को आक्रामक बयान से परहेज बरतने का निर्देश दिया है।

परिसीमन के बाद पहला चुनाव, बदला सियासी गणित
असम में परिसीमन के बाद पहला विधानसभा चुनाव है। नई सीमाओं और बदले सामाजिक समीकरणों के बीच 126 सीटों का सियासी गणित पहले से अलग नजर आ रहा है। ऐसे में सत्तारूढ़ भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला पहले से अधिक रोचक माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में मतदाताओं का स्वरूप बदल गया है, इससे पुराने समीकरण भी बदलते दिख रहे हैं। परिसीमन के बाद राज्य 9 सीटें अनुसूचित जाति और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। नई सीमाओं के कारण कुछ सामान्य सीटें आरक्षित श्रेणी में चली गई हैं, जबकि कुछ आरक्षित सीटें सामान्य हो गई हैं।

क्षेत्रीय संतुलन भी बदल गया
नई सीमाओं के बाद अपर असम, लोअर असम और बराक घाटी के बीच सीटों का संतुलन भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। अपर असम के जिलों में सीटों की सीमाएं बदलने से यहां भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि लोअर असम और बराक घाटी में विपक्षी दलों की पकड़ को लेकर भी चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में पहली बार अलग तरह का सामाजिक समीकरण दिखाई देगा। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय भी हो सकता है।

सूर्यकुमार यादव बोले- सैमसन, किशन और युवा जोश से भारत बना चैंपियन

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भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लगातार दो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीतने के अनुभव को बेहद खास बताया है। उन्होंने कहा कि जब यह तय हुआ कि 2026 का टूर्नामेंट भारत में खेला जाएगा, तभी से टीम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। सूर्यकुमार ने बताया कि टीम ने करीब 17-18 महीने पहले से ही अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी थी और खिलाड़ी भी इस चुनौती को लेकर काफी उत्साहित थे।

‘अहमियत बाद में महसूस होगी’

भारतीय टी20 कप्तान ने कहा, ‘लगातार दो वर्ल्ड कप जीतना अपने आप में शानदार अनुभव है। जब हमें पता चला कि यह वर्ल्ड कप भारत में खेला जाएगा, तब से ही हमने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। खिलाड़ी काफी उत्साहित थे और हम सब जानते थे कि यह हमारे लिए कितना बड़ा मौका है।’ उन्होंने आगे कहा कि युवा खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप जीतने की अहमियत समझाना भी जरूरी था। कप्तान ने कहा, ‘मैंने खिलाड़ियों से कहा कि अभी जब वे 24-27 साल के हैं, तब शायद उन्हें इसकी पूरी अहमियत महसूस नहीं होगी। लेकिन जब वे अपने करियर के अंत में पीछे मुड़कर देखेंगे, तब समझ आएगा कि उन्होंने कितने वर्ल्ड कप जीते हैं।’
 
सैमसन का चयन बना टर्निंग पॉइंट

सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट के दौरान टीम में संजू सैमसन को शामिल करना एक अहम रणनीतिक फैसला था, जिसने टीम की दिशा बदल दी। उन्होंने बताया कि उस समय टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम में संतुलन की जरूरत महसूस हो रही थी और सैमसन का शामिल होना बिल्कुल सही समय पर लिया गया फैसला था। सूर्यकुमार ने कहा, ‘सैमसन के टीम में आने के बाद मैच का रुख बदल गया। यह थोड़ा टैक्टिकल फैसला भी था क्योंकि टॉप ऑर्डर में दो-तीन लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज थे। सैमसन का शामिल होना सही समय पर लिया गया फैसला था।’उन्होंने सैमसन की मेहनत की भी तारीफ की। सूर्यकुमार ने कहा, ‘वह पर्दे के पीछे बहुत मेहनत कर रहे थे। किसी को पता नहीं था कि वह किस दौर से गुजर रहे थे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह उन्होंने खेला, वह शानदार था और आखिरकार वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने।’
 
फाइनल में अभिषेक और सैमसन की आक्रामक शुरुआत

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत की आक्रामक शुरुआत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया था। खासकर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की बल्लेबाजी ने डगआउट में सकारात्मक माहौल बना दिया। सूर्यकुमार ने बताया कि अभिषेक शर्मा पहले से ही इस बड़े मौके के लिए आत्मविश्वास से भरे हुए थे। उन्होंने कहा, ‘अभिषेक हमेशा मुझसे कहता था, ‘पाजी चिंता मत करो, मैं आपके लिए वर्ल्ड कप जिताऊंगा और ऐसी पारी खेलूंगा जिसे आप हमेशा याद रखेंगे।’ उसके अंदर काफी सकारात्मकता थी और पूरी टीम उसका समर्थन कर रही थी।’ उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भरोसा था कि अभिषेक का बड़ा प्रदर्शन जल्द आने वाला है। सूर्यकुमार ने कहा, ‘हमें पता था कि उसका समय आने वाला है और फाइनल से बेहतर मंच कोई नहीं हो सकता था।’
 
गौतम गंभीर के साथ खास रिश्ता

टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी सूर्यकुमार यादव ने दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और उनके बीच बहस नहीं बल्कि चर्चा होती है। सूर्यकुमार ने कहा, ‘यह बहस नहीं बल्कि चर्चा होती है। हम एक-दूसरे को करीब 12 साल से जानते हैं। 2014 में जब मैं केकेआर गया था, तब हमारा सफर शुरू हुआ।’ उन्होंने यह भी बताया कि SKY (स्काई) नाम उन्हें गंभीर ने ही दिया था। सूर्यकुमार ने कहा, ‘उन्होंने ही मुझे ‘SKY’ नाम दिया और 2015-16 के आसपास मुझे टीम का उप-कप्तान भी बनाया, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि भविष्य में मैं टीम का नेतृत्व कर सकता हूं। आज भी मैं उन्हें ‘गौति भाई’ ही कहकर बुलाता हूं।’सूर्यकुमार ने एक दिलचस्प किस्सा भी बताया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने कई बार गंभीर को हंसाने की कोशिश की। उन्होंने बताया, ‘हमने कई बार उन्हें हंसाने की कोशिश की, लेकिन मैच इतने तीव्र थे कि वह ज्यादा मुस्कुराते नहीं थे। हालांकि फाइनल जीतने के बाद जब हमने उनके चेहरे पर मुस्कान देखी, तो सभी खिलाड़ी बेहद खुश हो गए।’
 
ईशान किशन के चयन की दिलचस्प कहानी

टी20 वर्ल्ड कप टीम में ईशान किशन को शामिल करने का फैसला भी काफी दिलचस्प रहा। सूर्यकुमार यादव ने बताया कि यह फैसला पूरी तरह डेटा पर नहीं बल्कि काफी हद तक उनके अनुभव और सहज निर्णय पर आधारित था। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पहले टीम मैनेजमेंट के सामने मुश्किल स्थिति थी क्योंकि जितेश शर्मा भी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। सूर्यकुमार ने कहा, ‘यह फैसला काफी हद तक मेरे इंस्टिंक्ट पर आधारित था, हालांकि डेटा भी देखा गया था। जिटेश शर्मा को बाहर रखना काफी कठिन फैसला था क्योंकि वह पिछले डेढ़ साल से अच्छा खेल रहे थे।’ उन्होंने बताया कि टीम को टॉप ऑर्डर में अतिरिक्त आक्रामकता और लेफ्ट–राइट कॉम्बिनेशन की जरूरत थी। सूर्यकुमार ने बताया, ‘मैंने ईशान को फोन किया और पूछा- छोटू, वर्ल्ड कप जिताएगा? उसने जवाब दिया- भैया बस भरोसा करके देखिए। तब मैंने कहा- चल, किया भरोसा। और जिस तरह उसने खेल दिखाया, वह शानदार था।’
 
भारतीय टीम की फियरलेस सोच का राज

सूर्यकुमार यादव ने कहा कि आज भारतीय टीम जिस निडर क्रिकेट के लिए जानी जाती है, उसकी नींव कई पूर्व कप्तानों ने रखी है। उन्होंने बताया कि हर कप्तान ने टीम में अपनी अलग पहचान और शैली जोड़ी। उन्होंने कहा कि सौरव गांगुली ने भारतीय टीम को नई दिशा दी और खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरा। इसके बाद एमएस धोनी ने शांत और संयमित नेतृत्व से टीम को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं। फिर विराट कोहली ने टीम में आक्रामकता और फिटनेस का नया स्तर स्थापित किया। सूर्यकुमार ने कहा कि इसके बाद रोहित शर्मा ने खिलाड़ियों के साथ संवाद और समर्थन की संस्कृति को मजबूत किया। उन्होंने कहा, ‘इन सभी कप्तानों की अलग-अलग शैली रही है और भारतीय क्रिकेट को उससे काफी फायदा हुआ है। आज हम जो हासिल कर रहे हैं, वह पहले रखी गई उसी नींव का परिणाम है।’
 
सीनियर खिलाड़ियों ने निभाई अहम भूमिका

सूर्यकुमार यादव ने यह भी माना कि युवा टीम होने के बावजूद सीनियर खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में टीम का मजबूत सहारा बने रहे। उन्होंने विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या की तारीफ की। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैं युवाओं का श्रेय कम नहीं करना चाहता, लेकिन बुमराह, अक्षर और हार्दिक जिस तरह पूरे टूर्नामेंट में मेरे साथ खड़े रहे, वह काबिल-ए-तारीफ है।’
 
रिकॉर्ड जीत प्रतिशत पर भी बोले कप्तान

सूर्यकुमार यादव के कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम ने 52 में से 42 मैच जीते हैं, जो एक शानदार रिकॉर्ड है। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई में जो प्रतिशत पाने की कोशिश करता था, वह अब क्रिकेट में मिल रहा है। वहां 50-60 प्रतिशत भी पार नहीं कर पाता था, लेकिन यहां अच्छा लग रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस सफलता का सबसे बड़ा कारण टीम का एकजुट होकर काम करना है। कप्तान ने कहा, ‘अगर ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ी एक ही दिशा में सोचें और उसी लक्ष्य के लिए काम करें, तभी इस तरह की सफलता मिलती है।’
 
कप्तान के तौर पर शांत स्वभाव का राज

मैदान पर हमेशा मुस्कुराते रहने और कभी गुस्सा न करने की अपनी आदत पर भी सूर्यकुमार ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह शैली रोहित शर्मा से सीखी है। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैंने रोहित भाई के साथ खेलते हुए देखा कि वह कभी ज्यादा गुस्सा नहीं होते थे। वह हमेशा खिलाड़ियों को समझते थे। अगर टीम में डर का माहौल होगा तो आप खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं निकलवा सकते।’

जयशंकर ने बताया कैसे ईरान ने भारतीय टैंकरों को गुजरने की इजाजत दे दी 

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नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी हुई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपने कब्जे में लेकर समुद्री रास्ते को रोक दिया है। इस बीच तेहरान ने भारतीय टैंकरों को इस रास्ते से गुजारने की इजाजत दी है। इस लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुलासा किया है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि बातचीत से ही कुछ नतीजे निकलते हैं और यह लगातार चलने वाली एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, अभी मैं उनसे बातचीत करने में लगा हुआ हूं और इस बातचीत के कुछ नतीजे भी निकले हैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। अगर मुझे इससे नतीजे निकलते हुए दिख रहे हैं, तब जाहिर है मैं यह बातचीत आगे भी जारी रखूंगा।
उन्होंने कहा, निश्चित रूप से भारत के ऊर्जा समस्याओं के नजरिए से यह बेहतर काम हुआ है कि हम आपस में तर्क-वितर्क करें, बातचीत के दौरान आपस में तालमेल बिठाएं और कोई समाधान निकालें। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है और जहाजों की हर आवाजाही एक अलग घटना है।
उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि ईरान को बदले में कुछ मिला है। जयशंकर ने कहा कि दिल्ली और तेहरान का एक-दूसरे के साथ लेन-देन का एक इतिहास रहा है और इसी आधार पर उन्होंने बातचीत की। उन्होंने कहा, यह एक्सचेंज का मुद्दा नहीं है। भारत और ईरान के बीच संबंध हैं। हम इस संघर्ष को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा, अभी शुरुआत ही हुई है। हमारे पास वहां और भी कई जहाज हैं। इसलिए, हालांकि यह एक स्वागत योग्य कदम है, फिर भी बातचीत जारी है, क्योंकि इस पर काम लगातार चल रहा है।
दो भारतीय झंडे वाले टैंकर, जिनमें लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस भरी थी होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर गए। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण यह स्ट्रेट अब एक चोकपॉइंट (अवरोधक बिंदु) बन गया है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का अरब सागर तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है।

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News Desk

Success Medical Coding Academy Founder Inspiring the Next Generation of Healthcare Professionals

Kalukuri Raja Ram Ambedkar’s journey from pharmacy graduate to founder of a leading training institute has inspired many aspiring healthcare professionals. Through Success Medical Coding Academy, he provides students with access to specialized education in medical coding and billing. The academy emphasizes practical training, certification preparation, and real-world healthcare knowledge. With flexible learning options and expert guidance, students can build strong foundations for successful careers. Ambedkar’s work highlights the importance of innovation and leadership in education, helping thousands of learners develop the skills required to thrive in the rapidly evolving healthcare industry.

In today’s rapidly evolving healthcare industry, the demand for skilled professionals in medical coding and billing is growing significantly. Behind many successful educational initiatives are visionary leaders who understand industry needs and create opportunities for aspiring professionals. One such inspiring personality is Kalukuri Raja Ram Ambedkar, the Founder and CEO of Success Medical Coding Academy and Success Multi Skill Development Center. Through his dedication and innovative vision, he has helped thousands of students build rewarding careers in the healthcare sector.

Early Life and Education

Kalukuri Raja Ram Ambedkar was born on 7 March 1991 in Ongole. From an early age, he showed a keen interest in education and professional growth. His academic journey led him to pursue M.Pharmacy, a qualification that provided him with deep knowledge of healthcare systems, pharmaceutical sciences, and medical documentation.

His educational background played a crucial role in shaping his understanding of the healthcare industry. While studying pharmacy and healthcare-related subjects, he realized the increasing demand for trained professionals in medical coding and billing. This realization later inspired him to build an institution that would help bridge the gap between healthcare education and industry requirements.

The Vision Behind Success Medical Coding Academy

Driven by the desire to create opportunities for students and healthcare professionals, Raja Ram Ambedkar established Success Medical Coding Academy. His goal was simple yet powerful: to provide high-quality training that prepares individuals for global healthcare careers.

Today, the academy is recognized as one of India’s prominent institutions for medical coding and billing education. It focuses on providing industry-oriented training programs designed to help students gain certifications and practical knowledge required in the healthcare sector.

The academy welcomes both fresh graduates and working healthcare professionals who wish to upgrade their skills and enhance their career prospects. With modern learning methods and flexible access to training resources, students can learn anything, anytime, anywhere, making education accessible and convenient.

Training Programs and Courses

Success Medical Coding Academy offers a wide range of specialized training programs designed to meet international healthcare standards. The institute provides expert training in:

  • Advanced Medical Coding
  • Medical Billing
  • CPC Certification Training (with 100% pass guarantee)
  • CCS Certification Training
  • BCHH-C (Home Health) Certification Training
  • Six Sigma Certification Training
  • CPMA Certification Training

In addition to certification courses, the academy also provides specialty training in several important healthcare domains, including:

  • IPDRG
  • Surgery Coding
  • Evaluation & Management (E&M)
  • Denials Training
  • Emergency Department Coding
  • HCC (Hierarchical Condition Category)
  • Radiology Coding
  • Home Health Specialty Training

These courses are designed to provide students with both theoretical knowledge and practical exposure to real-world medical coding scenarios.

Student-Centered Learning Approach

One of the key reasons behind the success of Success Medical Coding Academy is its student-focused approach to learning. The academy emphasizes practical training and skill development to ensure students are job-ready upon completion of their courses.

Some of the key features of the academy include:

  • Certified and experienced instructors
  • Easy and quick registration process
  • Simple and flexible payment options
  • 24/7 access to learning resources
  • Industry-relevant curriculum

This approach helps students gain confidence and build strong foundations in medical coding and billing, which are essential skills in the healthcare industry.

Mission and Vision

The institution operates with a clear mission and vision that guide its growth and impact.

Mission

The mission of Success Medical Coding Academy is to empower aspiring and practicing healthcare professionals by providing high-quality education in medical coding and billing. The academy aims to equip students with practical skills, global certifications, and the confidence required to succeed in their careers.

Vision

The academy’s vision is to become one of India’s most respected and globally recognized institutions in medical coding education. By maintaining high standards of excellence, innovation, and integrity, it seeks to set new benchmarks in healthcare training.

Achievements and Impact

Under the leadership of Kalukuri Raja Ram Ambedkar, the academy has achieved remarkable milestones in a relatively short time. Its consistent commitment to quality education has helped thousands of students find successful careers in the healthcare sector.

Some of the academy’s notable achievements include:

  • 14,652+ students trained
  • 13,948+ students successfully placed
  • 100% CPC certification pass rate
  • 100% CCS certification pass rate
  • 35+ certified trainers

These numbers reflect the academy’s dedication to delivering high-quality training and career opportunities for its students.

Leadership and Entrepreneurial Vision

As a young and dynamic entrepreneur, Kalukuri Raja Ram Ambedkar has demonstrated strong leadership and a clear understanding of the healthcare industry. His vision is not limited to education alone; he aims to transform healthcare training in India by introducing modern teaching methods and globally recognized certifications.

He also leads initiatives such as the Drithi Foundation, reflecting his commitment to social development and community support.

Raja Ram Ambedkar believes that skilled professionals are the backbone of a strong healthcare system. By focusing on quality education, industry collaboration, and practical training, he continues to create pathways for students to succeed in healthcare careers both in India and internationally.

Shaping the Future of Healthcare Education

The healthcare sector is constantly evolving, and the demand for trained medical coders and billing specialists continues to grow worldwide. Institutions like Success Medical Coding Academy play an essential role in preparing professionals to meet these demands.

Through his dedication and forward-thinking approach, Kalukuri Raja Ram Ambedkar is helping shape the future of healthcare education in India. His work not only supports career growth for students but also contributes to strengthening the healthcare ecosystem.

Conclusion

Kalukuri Raja Ram Ambedkar’s journey from a pharmacy graduate to the founder of a leading medical coding academy is a story of vision, determination, and impact. By establishing Success Medical Coding Academy, he has created a platform that empowers thousands of students to build meaningful careers in the healthcare industry.

With continued innovation, strong leadership, and a commitment to excellence, Raja Ram Ambedkar and his academy are poised to play an even greater role in advancing healthcare education in the years to come.

👉Medical Coding Training Academy 📚
👉CPC & CCS Training Classes 🎓
👉100% Pass & 100% Placement Guarantee

Website: https://www.successmcacademy.com/

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कांग्रेस विधायकों को 5-5 करोड़ का ऑफर

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बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु में राज्यसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए पांच-पांच करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। शिवकुमार ने कहा है कि ओडिशा के चार लोग बेंगलुरु के पास बिदादी स्थित एक रिसॉर्ट पहुंचे थे, जहां ओडिशा कांग्रेस के विधायक ठहरे हुए हैं। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डी के शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और तुरंत पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक चार लोगों में से दो मौके से भाग गए, जबकि दो को पकड़ लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के पास से ब्लैंक चेक भी मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। शिवकुमार ने इसे बीजेपी का ऑपरेशन लोटस बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
वहीं इस मामले में ओडिशा कांग्रेस विधायक दल के डिप्टी लीडर अशोक कुमार दास ने भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि चार अज्ञात लोगों ने कुछ विधायकों से संपर्क कर उन्हें राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करने के लिए करोड़ों रुपए का ऑफर दिया। दास ने यह भी आरोप लगाया कि जब विधायकों ने ऑफर ठुकरा दिया तो उन्हें ओडिशा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी गई। ओडिशा के आठ कांग्रेस विधायक 12 मार्च से बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे। राज्यसभा चुनाव से पहले हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते उन्हें यहां लाया गया था। ओडिशा की 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव सोमवार को होना हैं, जिसमें बीजेपी को दो और बीजेडी को एक सीट मिलने की संभावना है। चौथी सीट पर बीजेपी और बीजेडी प्रत्याशी के बीच मुकाबला होगा। कांग्रेस और बीजू जनता दल ने एक-एक उम्मीदवार उतारा है, जबकि बीजेपी ने अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

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जसप्रीत बुमराह का ‘हैप्पी एनिवर्सरी’ पोस्ट वायरल, संजना के जवाब ने जीता दिल

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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और स्पोर्ट्स प्रेजेंटर संजना गणेशन ने 15 मार्च 2026 को अपनी शादी की पांचवीं सालगिरह मनाई. इस खास मौके पर बुमराह ने संजना के साथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, लेकिन उनका छोटा सा कैप्शन ही चर्चा का विषय बन गया.बुमराह ने अपनी पत्नी के साथ कुछ तस्वीरें साझा करते हुए सिर्फ दो शब्द लिखे – “Happy Anniversary.” उनका यह साधारण सा कैप्शन देखकर संजना ने ऐसा मजेदार जवाब दिया कि फैंस हंसते-हंसते लोटपोट हो गए|

संजना का मजेदार कमेंट

संजना गणेशन अपने हाजिरजवाब अंदाज के लिए जानी जाती हैं. बुमराह के पोस्ट पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कमेंट करते हुए लिखा, “Kidney touching caption yaar. (किडनी टचिंग कैप्शन यार).”दरअसल, आमतौर पर लोग “हार्ट टचिंग” शब्द का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन संजना ने जानबूझकर “किडनी टचिंग” लिखकर अपने पति को हल्के-फुल्के अंदाज में ट्रोल कर दिया. उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने भी इस मजेदार बातचीत का खूब आनंद लिया|

संजना ने शेयर किया भावुक मैसेज

जहां एक तरफ संजना ने बुमराह के छोटे कैप्शन पर मजाक किया, वहीं उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट भी शेयर किया. उन्होंने लिखा कि दुनिया कितनी भी शोरगुल वाली क्यों न हो जाए, लेकिन उनके लिए सबसे सुकून वाली जगह वही है जहां वह और बुमराह एक-दूसरे के साथ हों. फैंस ने इस पोस्ट पर भी जमकर प्यार लुटाया और दोनों की जोड़ी की तारीफ की|

2021 में हुई थी शादी

जसप्रीत बुमराह और संजना गणेशन ने 15 मार्च 2021 को गोवा में एक निजी समारोह में शादी की थी. शादी में परिवार और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे. 2023 में उनके घर बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम अंगद है. इसके बाद से यह जोड़ी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार की झलकियां साझा करती रहती है|

टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन

हाल ही में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी बुमराह का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 8 मैचों में 14 विकेट लिए. फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 4 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया|

IPL 2026 में मुंबई इंडियंस की उम्मीद

अब बुमराह की नजर IPL 2026 पर है. वह एक बार फिर मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते नजर आएंगे.  मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला 29 मार्च को कोलकत्ता नाइट राइडर्स के खिलाफ वानखेड़े में खेला जाएगा. फिलहाल, बुमराह और संजना की यह मजेदार सोशल मीडिया बातचीत फैंस के बीच खूब चर्चा में है और लोग इसे एक प्यारी कपल मोमेंट के रूप में देख रहे हैं|

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए घर पर बनाएं ORS, जानें सही तरीका

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 गर्मी के मौसम में अक्सर लोग छोटी-मोटी बीमारियों से जूझते हैं। तेज़ पसीना, उल्टी, दस्त या गर्मी के कारण शरीर में पानी और खनिजों की कमी हो जाती है। डॉक्टर आमतौर पर ऐसे समय में ओआरएस (ORS) घोल पीने की सलाह देते हैं।ओआरएस शरीर में खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की मात्रा को जल्दी से भर देता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। हालांकि, इसे बार-बार मेडिकल स्टोर से खरीदना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, खासकर घर पर अचानक से जरूरत पड़ने पर।खुशखबरी ये है कि आप इसे आसानी से घर पर भी तैयार कर सकते हैं। घर पर बना ओआरएस न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसका स्वाद हल्का और पीने में आसान होता है। इस लेख में हम आपको घर पर ओआरएस बनाने की आसान विधि, इसे पीने का सही तरीका और इसके स्वास्थ्य लाभ बताएंगे।
 
घर पर ओआरएस बनाने का सामान-

 1 लीटर साफ़ पानी
 6 चम्मच चीनी
 ½ चम्मच नमक

घर पर ओआरएस कैसे बनाएं?

घर पर ओआरएस बनाने के लिए सबसे पहले 1 लीटर पानी उबालें और इसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें। उबले हुए पानी से घोल सुरक्षित और बैक्टीरिया-मुक्त बनता है। इसके बाद ठंडा पानी एक साफ़ बर्तन में डालें और इसमें 6 चम्मच चीनी और ½ चम्मच नमक डालकर अच्छी तरह घोलें। इस मिश्रण को तब तक हिलाएं जब तक चीनी और नमक पूरी तरह पानी में घुल न जाए। ध्यान रखें कि दोनों चीजें पानी में पूरी तरह से घुल जानी चाहिए, वरना ये असरदार नहीं बनेगा। 

ओआरएस पीने का सही तरीका क्या है?

 दिन में जरूरत के अनुसार छोटे-छोटे घूंट लेकर पीते रहें।बच्चों और बुजुर्गों के लिए इसे धीरे-धीरे पिलाना बेहतर रहता है। इसे सीधे पीने के बजाय छोटे हिस्सों में दिनभर लेना डिहाइड्रेशन से लड़ने में अधिक असरदार होता है।

ORS पीने के क्या लाभ हैं?

 शरीर में खोए हुए पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को जल्दी पूरा करता है।दस्त, उल्टी या पसीने से होने वाले डिहाइड्रेशन से बचाता है।शरीर में ऊर्जा और ताकत बनाए रखता है, जिससे कमजोरी दूर होती है। तेज़ पसीना या गर्मी के समय शरीर को ठंडक प्रदान करता है।बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए तुरंत राहत देता है।घर पर बना ORS घोल न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह तुरंत तैयार हो जाता है और किसी भी समय पिया जा सकता है। इसे फ्रिज में भी स्टोर किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

हाईकोर्ट ने जज बदलने की याचिका खारिज की, केजरीवाल अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

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नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और आप नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा सीबीआई के उत्पाद शुल्क नीति मामले की याचिका को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा की पीठ से किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने से इनकार करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दोनों ने 11 मार्च को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को दिए गए एक आवेदन के बाद निष्पक्षता को लेकर गंभीर आशंका व्यक्त की, जिसे मुख्य न्यायाधीश ने खारिज कर दिया और कहा कि मामला न्यायालय के कार्यसूची के अनुरूप है और पुनर्नियुक्ति के लिए कोई प्रशासनिक आधार नहीं है। सीबीआई की याचिका, जो सोमवार को न्यायमूर्ति शर्मा के समक्ष सूचीबद्ध है, शराब लाइसेंसधारियों को तरजीह देने से जुड़े घोटाले में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को निचली अदालत द्वारा 27 फरवरी को बरी किए जाने को चुनौती देती है। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2021 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति, जिसे अब रद्द कर दिया गया है, का उद्देश्य राजस्व वृद्धि के लिए शराब की बिक्री का निजीकरण करना था, लेकिन अनियमितताओं, रिश्वतखोरी और सरकारी खजाने को हुए नुकसान के आरोपों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उपराज्यपाल के आदेश पर सीबीआई और ईडी ने जांच की। निचली अदालत ने सीबीआई के कुछ निष्कर्षों की आलोचना करते हुए आरोपियों को बरी कर दिया, लेकिन न्यायमूर्ति शर्मा ने 9 मार्च को सभी 23 प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया, सीबीआई जांचकर्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी, निचली अदालत की टिप्पणियों में प्रथम दृष्टया त्रुटियों को उजागर किया और संबंधित पीएमएलए कार्यवाही को स्थगित कर दिया। इन कदमों ने आम आदमी पार्टी के पक्षपात के दावों को और बल दिया।
आम आदमी पार्टी ने उच्च न्यायालय के पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की, और केजरीवाल ने एसके शर्मा द्वारा 9 मार्च को निचली अदालत की टिप्पणियों पर बिना उनकी बात सुने रोक लगाने के आदेश का भी विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट की याचिका में मामले की स्पष्ट रूप से निष्पक्ष सुनवाई के लिए संभावित रूप से मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने न्यायमूर्ति शर्मा की सुनवाई से पहले तनाव बढ़ा दिया है, जो भ्रष्टाचार के इस हाई-प्रोफाइल मामले के बीच न्यायिक नियुक्तियों पर सवाल उठाने की आप की रणनीति को रेखांकित करता है।

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बांग्लादेश से हार के बाद पाकिस्तान में बवाल, पूर्व खिलाड़ी ने मोहसिन नकवी पर साधा निशाना

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बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में हार के बाद पाकिस्तान की जमकर आलोचना हो रही है. मीरपुर में खेले गए तीसरे और निर्णायक मुकाबले में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 11 रन से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली. इस हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने टीम और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी पर तीखा हमला बोला है|
 
कामरान अकमल का तीखा बयान
 
सीरीज हारने के बाद कामरान अकमल ने पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि टीम की हालत इतनी खराब हो गई है कि अब नीदरलैंड जैसी टीम भी पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेलकर जीतना चाहेगी. वह यहीं नहीं रुके, अकमल ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी पर भी तंज कस दिया. उन्होंने कहा कि अगर टीम मैदान पर मैच नहीं जीत पा रही है तो क्या अब आईसीसी ट्रॉफी चुराकर घर ले जाओगे|
 
सलमान आगा की शतकीय पारी हुई बेकार
 
इस मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आगा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 98 गेंदों में 106 रन बनाए थे. यह उनके वनडे करियर का तीसरा शतक था. हालांकि उनकी यह शानदार पारी टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रही और पाकिस्तान की पूरी टीम आखिरी गेंद पर 279 रन बनाकर ऑलआउट हो गई|
 
तंजीद हसन ने लगाया शतक

इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 290 रन बोर्ड पर लगाए थे. टीम की ओर से तंजीद हसन ने 107 रन की शानदार पारी खेली, जो उनके करियर का पहला वनडे शतक भी रहा. इसके अलावा लिंटन दास ने 41 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में मदद की|
 
गेंदबाजों ने दिलाई जीत

बांग्लादेश की जीत में तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 4 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को बड़ा झटका दिया. उनके अलावा मुस्तफिजुर रहमान और नाहिद राणा ने भी अहम विकेट लेकर टीम की जीत में योगदान दिया|
 
टीम के लिए बढ़ी चिंता
 
इस सीरीज में पाकिस्तान की टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया था, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम लगातार दबाव में रही. अब इस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में कई सवाल उठने लगे हैं और टीम को आने वाले बड़े टूर्नामेंट से पहले अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा|

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