The Inspiring Business Story of Fiber Techno Products India

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फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया की प्रेरणादायक व्यावसायिक कहानी

(Industrial Business Service & Manufacturing – Faridabad, Haryana)

हर बड़ी सफलता के पीछे मेहनत, अनुभव और लगन की एक मजबूत कहानी छिपी होती है।
“फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया” (Fiber Techno Product India) की कहानी भी कुछ ऐसी ही प्रेरक और सफलता से भरी हुई है।
हरियाणा के फरीदाबाद शहर के टिगांव रोड, राम बाग, श्याम कॉलोनी स्थित यह कंपनी आज औद्योगिक क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है।

🔹 शुरुआत – संघर्ष से निर्माण तक

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया की नींव उस सोच पर रखी गई थी कि —

“गुणवत्ता और ईमानदारी ही असली पहचान होती है।”

कंपनी के संस्थापकों ने शुरुआत में सीमित संसाधनों और गहरी तकनीकी समझ के साथ इस बिज़नेस की शुरुआत की।
उनका उद्देश्य था – भारत के उद्योगों और फैक्ट्रियों को उच्च गुणवत्ता वाले FRP (Fiber Reinforced Plastic) उत्पाद और केमिकल स्टोरेज सॉल्यूशंस प्रदान करना।

समय के साथ उनकी मेहनत रंग लाई, और आज यह कंपनी न सिर्फ हरियाणा बल्कि देश के कई राज्यों में अपनी सेवाएँ दे रही है।

🔹 कंपनी की सेवाएँ और उत्पाद

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया ने अपनी पहचान एक मल्टी-इंडस्ट्रियल सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के रूप में बनाई है।
कंपनी औद्योगिक जरूरतों के लगभग हर क्षेत्र में अपनी सेवाएँ देती है।

यहाँ निर्मित और उपलब्ध प्रमुख उत्पाद और सेवाएँ हैं:

FRP Water Proofing (फाइबर वॉटरप्रूफिंग):
छतों, टैंकों और औद्योगिक सतहों पर लीकेज रोकने के लिए उच्च गुणवत्ता की FRP कोटिंग।

FRP Tanks & PP Tanks (फाइबर और पॉलीप्रोपिलीन टैंक):
केमिकल, वॉटर और अन्य लिक्विड स्टोरेज के लिए टिकाऊ और सुरक्षित टैंक निर्माण।

Rubber & PVC Acid Storage Tanks:
एसिडिक और केमिकल लिक्विड्स के लिए स्पेशल मटेरियल से बने मजबूत टैंक।

Fiber Body & Fiber Cooler:
इंडस्ट्रियल और डोमेस्टिक यूज़ के लिए टिकाऊ और आकर्षक डिजाइन वाले फाइबर उत्पाद।

Rubber Lining Work:
पाइप, टैंक या मशीनरी के अंदर रबर लाइनिंग द्वारा प्रोटेक्शन सर्विस।

PPGL Tanks & FRP Product Range:
उन्नत टेक्नोलॉजी से बने टैंक्स और विभिन्न प्रकार के फाइबर प्रोडक्ट्स की संपूर्ण रेंज।

Epoxy Flooring:
इंडस्ट्रियल स्पेस और फैक्ट्रियों के लिए हाई-क्वालिटी, केमिकल रेसिस्टेंट और टिकाऊ फ्लोरिंग सर्विस।

FRP Raw Material Supply:
फैब्रिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए कच्चे माल की सप्लाई।

🔹 गुणवत्ता और भरोसे की पहचान

कंपनी की खासियत है उसकी क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम।
हर उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार टेस्ट किया जाता है।
टीम में ऐसे अनुभवी इंजीनियर और टेक्नीशियन हैं जो ग्राहक की जरूरतों के अनुसार कस्टम समाधान तैयार करते हैं।

कंपनी का मानना है कि —

“ग्राहक का भरोसा ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी है।”

🔹 ग्राहकों का विश्वास

फरीदाबाद से लेकर दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और राजस्थान तक —
फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया के क्लाइंट्स छोटे उद्योगों से लेकर बड़ी फैक्ट्रियों तक फैले हुए हैं।
हर प्रोजेक्ट में कंपनी ने समय पर डिलीवरी और उच्च गुणवत्ता का वादा निभाया है।

एक ग्राहक के शब्दों में –

“हमने FRP टैंक और वॉटरप्रूफिंग का काम फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया से कराया था। उनकी टीम ने समय पर और बेहद प्रोफेशनल तरीके से काम किया। आज तक कोई शिकायत नहीं हुई।”

🔹 अनुभव और तकनीकी क्षमता

कंपनी की टीम इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, केमिकल रेसिस्टेंट मटेरियल्स, और फाइबर टेक्नोलॉजी में वर्षों का अनुभव रखती है।
नई तकनीकों को अपनाना और कस्टमर की आवश्यकताओं के अनुसार समाधान देना इसकी खास पहचान है।

हर नया प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक नया सीखने और नवाचार का अवसर बन जाता है।

🔹 दृष्टिकोण और मिशन

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया का विज़न है —

“भारतीय इंडस्ट्री को विश्वस्तरीय फाइबर और केमिकल स्टोरेज सॉल्यूशंस उपलब्ध कराना।”

और मिशन है —

“हर प्रोजेक्ट में सर्वोत्तम गुणवत्ता, समय की पाबंदी और ग्राहक संतुष्टि को प्राथमिकता देना।”

🔹 सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स में पर्यावरण के अनुकूल मटेरियल्स का उपयोग करती है।
Eco-Friendly Manufacturing और Waste Management के क्षेत्र में भी इसका योगदान सराहनीय है।
FRP और PP Tanks के उपयोग से कई उद्योगों ने न केवल सुरक्षा बढ़ाई, बल्कि प्रदूषण को भी कम किया।

🔹 सफलता की कहानी

कभी सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह कंपनी आज
“Industrial FRP Solutions” की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है।
इस सफलता के पीछे है —

उच्च गुणवत्ता

ग्राहक सेवा

ईमानदार व्यापार नीति

और तकनीकी अपडेट्स के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा।

🔹 भविष्य की दिशा

कंपनी आने वाले वर्षों में अपने उत्पादों को ऑटोमोबाइल, केमिकल, और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में और व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना बना रही है।
इसके अलावा, कंपनी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

🔹 संपर्क विवरण

📍 पता:
79, राम बाग, श्याम कॉलोनी, टिगांव रोड, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, हरियाणा – 121004

📞 संपर्क नंबर:
9910588281, 8851948364

📧 ईमेल:
fibreglasscoating@gmail.com

🔹 समापन संदेश

फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया सिर्फ एक कंपनी नहीं,
बल्कि एक ऐसा ब्रांड है जो हर ग्राहक को गुणवत्ता, सुरक्षा और भरोसे का वादा देता है।
यह कंपनी भारतीय उद्योग जगत के उस नए युग का प्रतीक है जहाँ
“देसी निर्माण और आधुनिक तकनीक का संगम” एक नई पहचान बना रहा है।

“विश्वास, मेहनत और गुणवत्ता — यही फाइबर टेक्नो प्रोडक्ट इंडिया की असली ताकत है।”

‘दरिंदगी की सुनवाई नहीं, चाय पिलाकर भेज देती है पुलिस’ भाभी को ब्लैकमेल कर रहा देवर

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श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के श्रावस्ती (Sravasti) में एक महिला (Women) के साथ उसके देवर (Husband’s Younger Brother) ने पहले दरिंदगी (Brutality) की और फिर 4 साल तक भाभी (Sister in law) को ब्लैकमेल किया. देवर के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए महिला 5 महीने तक थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. अब थाना कोतवाली भिनगा के नवसहरा में रहने वाली गुलिस्ता नाम की महिला न्याय के लिए दर-दर भटक रही है.

दरअसल, 4 साल पहले गुलिस्ता का देवर इमरान अक्सर गुलिस्ता के घर आता जाता था. एक दिन गुलिस्ता घर पर अकेली थी. इमरान ने मौका पाकर गुलिस्ता के साथ दरिंदगी की और गुलिस्ता का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. इसके बाद से इमरान गुलिस्ता को पिछले 4 साल से वही वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करता था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था.

जब गुलिस्ता इमरान से परेशान हो गई तो उसने इमरान से शादी करने के लिए कहा, लेकिन इमरान ने गुलिस्ता से शादी करने से इनकार कर दिया और गुलिस्ता से उसके पति जुबेर को रास्ते से हटाने के लिए कहा. इमरान ने जुबेर को मारने के लिए गुलिस्ता को जहर लाकर दिया.

गुलिस्ता ने इसका विरोध किया तो इमरान ने उसे खुद मर जाने के लिए कहा. इस पर गुलिस्ता ने फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन उसके पति ने उसे बचा लिया. इसके बाद गुलिस्ता ने पति जुबेर को पूरी बात बताई. जुबेर ने पत्नी गुलिस्ता का साथ दिया और उसे थाने लेकर गया, लेकिन थाने में गुलिस्ता की एक भी नहीं सुनी गई. गुलिस्ता रोज थाना कोतवाली भिनगा के चक्कर काटती थी और कोतवाल साहब उसे चाय पिलाकर वापस कर देते थे.

गुलिस्ता ने 5 महीने तक थाने के चक्कर काटे, लेकिन उसे सिर्फ आश्वसन दिया जाता था. अब 5 महीने चक्कर काटने के बाद गुलिस्ता SP राहुल भाटी से मिली. जहां पर SP राहुल भाटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CO को इस मामले की जांच सौंपी और एक्शन लेने के लिए कहा. 5 महीने थाने के चक्कर काटने के बाद पहली बार गुलिस्ता की सुनवाई हुई और मामले की जांच के आदेश दिए गए.

Rising Youth Social Foundation: बदलाव की वो कहानी जो उम्मीदों को पंख देती है

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🌿 Rising Youth Social Foundation: बदलाव की वो कहानी जो उम्मीदों को पंख देती है

“समाज तभी आगे बढ़ता है, जब उसमें कुछ लोग खुद से पहले दूसरों का दर्द महसूस करते हैं।”
— श्री सजिद रज्जाक सैय्यद, संस्थापक

पुणे शहर के एक कोने में, 21 जुलाई 2018 को एक ऐसी सोच ने जन्म लिया जिसने समाज के कई चेहरों पर मुस्कान ला दी। इस सोच का नाम था —
Rising Youth Social Foundation,
एक Public Charitable Trust जिसने अपने नाम की तरह समाज के हर वर्ग को “राइज़” यानी ऊपर उठाने की प्रेरणा दी।

🌟 शुरुआत: एक सोच से एक संकल्प तक

यह कहानी शुरू होती है श्री सजिद रज्जाक सैय्यद से — एक ऐसे व्यक्ति से जिनके दिल में समाज के लिए कुछ करने की आग बरसों से जल रही थी। सजिद जी का मानना था कि “अगर देश के युवा दिशा और अवसर पा लें, तो गरीबी, बेरोज़गारी और अशिक्षा जैसी समस्याएँ जड़ से खत्म हो सकती हैं।”

इस सोच में साथ आए कुछ और जज़्बे वाले लोग —
श्री विराज लक्ष्मण जाधव (Vice President),
श्री फिरोज सिद्दीक खान (Treasurer), और
श्री प्रवीण अहेर (Secretary)।

चारों ने मिलकर अपने छोटे-से कार्यालय 280/2A/12AM, सुरैया मंज़िल, मस्जिद रोड, कलवाड वस्ती, लोहगांव, पुणे 411032 से समाज में बदलाव की एक बड़ी मुहिम शुरू की।

🌱 मिशन: समाज को सशक्त बनाना, बदलाव की नींव रखना

Rising Youth Social Foundation का मिशन बहुत स्पष्ट था —
“To empower communities by fostering youth and women leadership, promoting rural development, ensuring access to quality education and healthcare, and driving environmental conservation initiatives.”

साधारण शब्दों में कहें तो यह संस्था चाहती थी कि हर युवा, हर महिला और हर ग्रामीण परिवार अपने पैरों पर खड़ा हो सके, आत्मनिर्भर बने और समाज के विकास में भागीदार बने।

🔹 समाज के लिए उठाए गए प्रमुख कदम

संस्था की गतिविधियाँ आठ प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं —

युवाओं को सशक्त बनाना

महिला सशक्तिकरण

ग्रामीण विकास परियोजनाएँ

पर्यावरण संरक्षण

शिक्षा सबके लिए

स्वास्थ्य और कल्याण

आपदा राहत और पुनर्वास

कौशल विकास और उद्यमिता समर्थन

अब आइए इन सभी क्षेत्रों में संस्था की वास्तविक कहानियों और प्रयासों को नज़दीक से जानें।

💪 1. युवा शक्ति – बदलाव की असली ताकत

“युवा वो चिंगारी है, जो अगर सही दिशा में जले तो पूरा समाज रोशन कर सकती है।”

Rising Youth Social Foundation ने युवाओं को केवल प्रेरित नहीं किया, बल्कि उन्हें सशक्त, प्रशिक्षित और नेतृत्व के लिए तैयार किया।
संस्था ने “Youth Leadership Development Program” शुरू किया, जिसमें कॉलेजों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं को शामिल किया गया।

वास्तविक कहानी:
लोहगांव के अमित शिंदे नाम के एक युवक को जब संस्था से जोड़ा गया, वह बेरोज़गार था और जीवन को लेकर निराश था। सजिद जी ने उसे डिजिटल मार्केटिंग और कंप्यूटर ट्रेनिंग के कोर्स में शामिल किया। कुछ ही महीनों में अमित ने खुद का छोटा बिज़नेस शुरू किया और आज 10 युवाओं को रोजगार दे रहा है।

अमित कहते हैं –

“अगर Rising Youth Foundation मुझे राह न दिखाता, तो शायद मैं आज भी नौकरी की तलाश में होता।”

👩‍🦰 2. महिला सशक्तिकरण – “स्वावलंबन की मिसाल”

महिलाएँ किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं। लेकिन ग्रामीण और निम्न वर्ग की महिलाएँ अक्सर अवसरों से वंचित रहती हैं। संस्था ने इसे बदलने का बीड़ा उठाया।

“Women Empowerment Initiative” के तहत महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, हैंडीक्राफ्ट, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, और वित्तीय साक्षरता सिखाई जाती है।

वास्तविक कहानी:
श्रीमती आयशा खान, जो पहले घर की जिम्मेदारियों में सीमित थीं, संस्था से जुड़कर सिलाई का प्रशिक्षण लिया। आज वे अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं और हर महीने 15,000 रुपये कमा रही हैं।

आयशा जी मुस्कराते हुए कहती हैं –

“पहले मैं घर की चार दीवारों में कैद थी, अब मैं अपने दम पर परिवार का सहारा हूँ। Rising Youth ने मुझे पहचान दी है।”

🌾 3. ग्रामीण विकास – गाँव से विकास की गूँज

भारत की असली आत्मा गाँवों में बसती है। Rising Youth Social Foundation ने गाँवों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में कई प्रोजेक्ट शुरू किए।

“Rural Development Project” के अंतर्गत जल संरक्षण, स्वच्छता, महिला शिक्षा, और स्थानीय उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया गया।

उदाहरण:
पुणे के पास स्थित वाघोली गाँव में संस्था ने “स्वच्छ गाँव – स्वस्थ गाँव” अभियान चलाया। वहाँ पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया, बच्चों के लिए स्कूल की मरम्मत कराई, और महिलाओं को स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।

आज वाघोली गाँव मॉडल विलेज के रूप में जाना जाता है।

🌳 4. पर्यावरण संरक्षण – धरती को बचाने की मुहिम

“पेड़ लगाना भविष्य बोने जैसा है।”

Rising Youth Social Foundation ने “Go Green India Drive” के तहत हजारों पेड़ लगाए।

संस्था ने स्कूलों, कॉलेजों और कॉर्पोरेट ऑफिसों के साथ मिलकर प्लास्टिक-मुक्त अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम और नदी सफाई मिशन चलाए।

पिछले तीन वर्षों में संस्था ने 25,000 से अधिक पौधे लगाए हैं और “Green Campus Challenge” के माध्यम से 50 स्कूलों को पर्यावरण-अनुकूल बनाया है।

📚 5. शिक्षा सभी के लिए – ज्ञान से बदलाव

“एक किताब, एक कलम, एक बच्चा और एक शिक्षक — दुनिया बदल सकते हैं।”
— मलाला यूसुफज़ई

Rising Youth Social Foundation का मानना है कि शिक्षा सबसे बड़ी समानता लाने वाली शक्ति है।

संस्था ने “Education for All” अभियान चलाकर गरीब बच्चों के लिए मुफ्त ट्यूशन क्लास, स्कूल किट वितरण और डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम शुरू किए।

वास्तविक कहानी:
राजेश वरकडे, जो झुग्गी क्षेत्र में रहता था, आर्थिक स्थिति खराब थी, लेकिन पढ़ाई का जुनून था। संस्था ने उसे स्कूल की फीस, किताबें और मार्गदर्शन दिया। आज वही राजेश पुणे यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर रहा है।

“अगर Rising Youth Foundation मेरी मदद न करती, तो शायद मेरा सपना अधूरा रह जाता,”
राजेश कहते हैं।

❤️ 6. स्वास्थ्य और कल्याण – स्वस्थ समाज की दिशा में

स्वास्थ्य हर व्यक्ति का मूल अधिकार है। संस्था ने “Health & Wellness Program” के तहत ग्रामीण और निम्न वर्ग के लोगों के लिए मुफ्त हेल्थ कैंप, ब्लड डोनेशन ड्राइव, योग शिविर और पोषण जागरूकता अभियान चलाए।

2023 में संस्था ने “Healthy Women, Healthy Nation” पहल शुरू की, जिसमें महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

संस्था ने 5000 से अधिक परिवारों को मुफ्त दवाइयाँ और चिकित्सा परामर्श प्रदान किया है।

🕊️ 7. आपदा राहत – जब मानवता ही धर्म बन जाती है

कोविड-19 महामारी के समय Rising Youth Social Foundation ने असंख्य परिवारों तक मदद पहुँचाई। संस्था ने भोजन वितरण, ऑक्सीजन सिलेंडर व्यवस्था, और जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता दी।

वास्तविक उदाहरण:
2021 की बाढ़ के दौरान, टीम ने नासिक और कोल्हापुर में जाकर 200 से अधिक परिवारों को राहत सामग्री पहुँचाई। स्वयं सजिद सैय्यद जी ने कहा था –

“जब लोग संकट में हों, तब शब्द नहीं, कर्म बोलने चाहिए।”

🧰 8. कौशल विकास और उद्यमिता – आत्मनिर्भर भारत की राह

संस्था ने “Skill Development & Entrepreneurship Support Program” के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को कंप्यूटर, सिलाई, डिजिटल मार्केटिंग, फूड प्रोसेसिंग, और ब्यूटी ट्रेनिंग में प्रशिक्षित किया।

2024 तक संस्था ने 3000 से अधिक युवाओं और महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया है।
कई प्रशिक्षित युवाओं ने छोटे स्टार्टअप शुरू किए हैं, जो अब दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

🌈 संगठन की दृष्टि (Vision)

“To build a society where every individual, regardless of their background, has the opportunity to thrive in a healthy, educated, and empowered environment.”

Rising Youth Social Foundation एक ऐसे समाज का सपना देखती है जहाँ —

हर युवा को अपनी क्षमता पहचानने का अवसर मिले।

हर महिला अपने अधिकारों और आत्मविश्वास के साथ खड़ी हो सके।

हर बच्चा बिना किसी भेदभाव के पढ़ सके।

और हर परिवार एक स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में जीवन जी सके।

💬 प्रेरक उद्धरण जो संस्था की आत्मा को दर्शाते हैं

“सेवा वो ताकत है जो एक व्यक्ति को लाखों लोगों से जोड़ देती है।”
— विराज लक्ष्मण जाधव

“पैसे से नहीं, नीयत से बदलाव आता है।”
— फिरोज सिद्दीक खान

“हर बार जब किसी की मदद करते हैं, तो हम खुद को भी बेहतर बनाते हैं।”
— प्रवीण अहेर

🌻 समाज पर प्रभाव

Rising Youth Social Foundation ने अब तक:

25,000+ पौधे लगाए

3,000+ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया

10,000+ महिलाओं को सशक्त किया

50+ गाँवों में स्वच्छता और शिक्षा अभियान चलाए

20,000+ लोगों को आपदा राहत में सहायता दी

इन उपलब्धियों के पीछे है एक ही भावना — “सेवा, समर्पण और समाज सुधार।”

🙏 निष्कर्ष: सेवा ही सबसे बड़ी सफलता

आज Rising Youth Social Foundation केवल एक NGO नहीं, बल्कि एक आंदोलन, एक प्रेरणा और एक परिवार बन चुका है — जहाँ हर सदस्य समाज को बेहतर बनाने की दिशा में अपना योगदान दे रहा है।

सजिद सैय्यद जी का यह वाक्य संस्था की आत्मा को बखूबी दर्शाता है:

“अगर हम सब मिलकर एक कदम बढ़ाएँ, तो भारत को सशक्त, शिक्षित और स्वावलंबी राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।”

2018 में जो सपना बोया गया था, वह आज हकीकत बनकर समाज में फूलों की तरह खिल रहा है।
Rising Youth Social Foundation आने वाले समय में भी युवाओं, महिलाओं और समाज के हर उस व्यक्ति के लिए काम करता रहेगा जिसे मदद और मार्गदर्शन की ज़रूरत है।

क्योंकि —

🌿 “जब एक हाथ आगे बढ़ता है मदद के लिए, तो सैकड़ों जीवन उजाले की ओर बढ़ते हैं।” 🌿

🕊️ Rising Youth Social Foundation

📍 280/2A/12AM, Suraiyya Manzil, Masjid Road, Kalwad Wasti, Lohagaon, Pune 411032
📅 Established on: 21 July 2018
🤝 A Public Charitable Trust working for Empowerment, Equality & Sustainable Development.

दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखा उत्पादन और बिक्री का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में हरित पटाखों (Green Firecrackers) के उत्पादन और बिक्री की अनुमति वाली याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने शीर्ष अदालत से दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी। दलीलों में कहा गया कि पटाखों के इस्तेमाल के समय को लेकर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।

सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट से दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मांगते हुए दिल्ली-एनसीआर की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (Petroleum and Explosives Safety Organisation) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (National Environmental Engineering Research Institute) समय-समय पर पटाखों के उत्पादन कार्यों का निरीक्षण करेंगे।

 

भारतीय वायुसेना दिवस का डिनर पार्टी मेन्यू सोशल मीडिया पर छाया, पाकिस्तान को लग जाएगी मिर्ची

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नई दिल्‍ली । भारतीय वायुसेना (IAF) के द्वारा अपनी 93वीं वर्षगांठ 8 अक्टूबर को बड़े धूमधाम से मनाया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायुसेना दिवस (Air Force Day) की डिनर पार्टी का मेन्यू (dinner party menu) ही छा गया है। इसकी वजह स्वाद नहीं, बल्कि उसमें शामिल डिश के नाम हैं। इस मेन्यू को 93 वर्ष भारतीय वायुसेना के- अचूक, अभेद्य और सटीक (93 Years of IAF: Infallible, Impervious and Precise) नाम दिया गया है। मेन्यू में पाकिस्तानी ठिकानों के नाम पर डिश के नाम रखे गए हैं।

वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यंजनों के नामों ने लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। मेन्यू में रावलपिंडी चिकन टिक्का मसाला, रफिकी रारा मटन, भोलारी पनीर मेथी मलाई, सुक्कुर शाम सवेरा कोफ्ता, सरगोधा दाल मखनी, जकोबाबाद मेवा पुलाव और बहावलपुर नान शामिल है। मिठाइयों में बालाकोट तिरामिसु, मुजफ्फराबाद कुल्फी फालुदा और मुरीदके मीठा पान शामिल है।

आपको बता दें कि इन सभी नामों का संबंध भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ की गई सटीक सैन्य कार्रवाईयों से है, जिनमें सबसे प्रमुख 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 की ऑपरेशन सिंदूर हैं।

इस साल 7 मई को की गई ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें मुरीदके और बहावलपुर जैसे इलाके शामिल थे। दोनों कोलश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय माना जाता है।

वहीं, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक ने पुलवामा आतंकी हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त किया था।

आपको बता दें कि गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित वायुसेना दिवस परेड में इस बार भी भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29, C-17 ग्लोबमास्टर III, C-130J हर्क्यूलिस और अपाचे हेलिकॉप्टर ने आसमान में गरज कर दर्शकों को रोमांचित किया।

जम्मू-कश्मीर को राज्य बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से चार हफ्ते में मांगा जवाब

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को वापस राज्य का दर्जा (Statehood) देने की लगातार उठ रही मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार (Central Government) को अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है ताकि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने से जुड़ी याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल कर सके। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित ये याचिकाएं शिक्षाविद जहूर अहमद भट और सामाजिक कार्यकर्ता अहमद मलिक सहित कई लोगों ने दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में दिए गए वादे के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द फिर से राज्य का दर्जा दे।

वहीं मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें अनुच्छेद 370 को रद्द करने को सही ठहराया गया था और केंद्र को जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव सितंबर 2024 तक कराने और जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया गया था।

सोशल मीडिया पर मैसेज भेजते समय रहें सतर्क

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि व्हाट्सअप किसी विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाले मैसेज भेजना अब अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई भी संदेश जो धर्म के आधार पर घृणा दुश्मनी या दुर्भावना फैलाता हो, वो भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। दरअसल अफाक अहमद नाम के शख्स ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शख्स पर WhatsApp पर कई लोगों को भड़काऊ मैसेज भेजने का आरोप है।

गाजा में शांति की उम्मीद, पीएम मोदी ने अमेरिका-इजरायल के प्रयासों की तारीफ की

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नई दिल्ली। भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के पहले चरण के समझौते का स्वागत किया है। इस समझौते के तहत इजरायल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने की घोषणा की है। इसकी घोषणा होने के बाद गुरुवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने पहले राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उसके बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की।

मोदी ने इन दोनों नेताओं को गाजा शांति समझौते पर सहमति बनाने के लिए की गई कोशिशों की सराहना की और उन्हें बधाई दी। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय मुद्दों, खास तौर पर भारत व अमेरिका के बीच कारोबारी समझौते को लेकर चल रही वार्ता पर भी बात हुई है।

पीएम मोदी ने ट्रंप को दी बधाई
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मित्र डोनल्ड ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। साथ ही कारोबारी वार्ता को लेकर हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में भी हम संपर्क में रहेंगे।”

यह पहला मौका है जब भारत के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से अमेरिका के साथ चल रही कारोबारी वार्ता की प्रगति को उत्साहजनक बताया गया है। इसके कुछ ही देर बार मोदी की इजरायल के पीएम से बात हुई।

आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं- पीएम मोदी
इसके बारे में मोदी ने एक्स पर लिखा कि, “मैंने मित्र नेतन्याहू को फोन किया और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में गाजा शांति योजना की प्रगति के लिए बधाई दी। हमने बंधकों की रिहाई और गाजा के निवासियों को मानवीय मदद पहुंचाने का स्वागत किया है। साथ ही यह बात भी दोहराई है कि आतंकवाद को किसी भी तरीके से और इसके किसी भी रूप को दुनिया में कहीं भी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।”

पीएम ने शांति समझौते के लिए पहले एक्स पर दी थी बधाई
वैसे इन दोनों नेताओं से बात करने से पहले ही भारत की तरफ से पीएम नरेन्द्र मोदी शांति समझौते के स्वागत को लेकर एक संदेश जारी कर चुके थे। इसमें उन्होंने लिखा है कि, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह पीएम नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है। हम आशा करते हैं कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों के लिए बढ़ी हुई मानवीय सहायता उन्हें राहत प्रदान करेगी और स्थायी शांति की राह प्रशस्त होगी।”

पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम के साथ गाजा पर की चर्चा
पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम संग की गाजा पर चर्चा गुरुवार को मुंबई में पीएम नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर के बीच हुई मुलाकात में भी गाजा की स्थिति पर चर्चा हुई है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने सार्वजनिक भाषण में पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया। पश्चिम एशिया में तनाव खत्म होने की उम्मीद भारत के लिए कई मायने में अच्छी खबर है।

इस क्षेत्र में तकरीबन एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। कई देशों के साथ भारत के रणनीतिक संबंध हैं। साथ ही इन देशों से भारत काफी ज्यादा कच्चा तेल और गैस खरीदता है। अस्थिरता की वजह से भारतीय आयात और निर्यात पर भी असर होता है। साथ ही भारत के लिए कूटनीतिक तौर पर संतुलन साधने की चुनौती भी आती है। सऊदी अरब, यूएई, कतर जैसे देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, जबकि इजरायल से भारत को रक्षा प्रौद्योगिकी मिलती है।

आज है करवा चौथ, जानें-पूजन और चांद को अघ्र्य देने का मुहूर्त

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नई दिल्ली. करवा चौथ (Karwa Chauth) विवाहित महिलाओं (married women) द्वारा रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण व्रत है. हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास (Kartik month) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. करवा चौथ को कर्क चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. करवा चौथ का यह व्रत महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और उनकी कामना के लिए रखती हैं. इस बार करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जा रहा है.

करवा चौथ के दिन विधिवत पूजा के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. करवा चौथ का व्रत कठिन होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किए बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है.

करवा चौथ शुभ मुहूर्त 
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 10 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट पर होगा. वहीं, करवाचौथ के लिए एक पूजन मुहूर्त मिलेगा, जो शाम 5 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. जिसकी अवधि 1 घंटे 14 मिनट की रहेगी.

इसके अलावा, करवा चौथ के दिन उपवास रखने का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में व्रती महिलाएं माता करवा की पूजा, माता पार्वती की पूजा, भगवान गणेश की पूजा, कथा सुनना जैसे सभी कार्य किए जा सकते हैं.

करवा चौथ चंद्रोदय का समय
करवाचौथ के दिन चंद्रोदय का समय शाम 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में चंद्रोदय रात 8 बजकर 13 मिनट पर हो सकता है.

करवाचौथ पूजन विधि 
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू हो जाता है और फिर पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है. पूजा के लिए सोलह श्रृंगार करके तैयार हों जाए और दीवार पर करवा माता का चित्र बनाएं या बाजार से बना बनाया खरीद कर लगाएं. फिर, चावल के आटे में हल्दी मिलाकर जमीन पर चित्र बनाएं. जमीन में बने इस चित्र के ऊपर करवा रखें और इसके ऊपर घी का जलता हुआ दीपक रखें.

करवा में आप 21 या 11 सींकें लगाएं और करवा के भीतर खील बताशे , साबुत अनाज इनमें से कुछ भी डालें. इसके बाद भोग के लिए आटे की बनी पूड़ियां, मीठा हलवा, खीर आदि रखें. फिर, करवा के साथ आप सुहाग की सामग्री भी अवश्य चढ़ाएं. यदि आप सुहाग की सामग्री चढ़ा रही हैं तो सोलह श्रृंगार चढ़ाएं. करवा के पूजन के साथ एक लोटे में जल भी रखें इससे चंद्रमा को जल दिया जाता है. पूजा करते समय करवा चौथ की व्रत कथा जरूर सुने. चांद निकलने के बाद छलनी से पति को देखें फिर चांद के दर्शन करें. चन्द्रमा को जल से अर्घ्य दें और पति की लंबी उम्र की कामना करें.

करवा चौथ की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, करवा नामक महिला थी, जो अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे रहती थी. एक दिन, उसके पति नदी में स्नान कर रहे थे, तभी एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और उन्हें नदी में खींचने लगा. करवा ने अपने पति की पुकार सुनकर तुरंत एक कच्चा धागा लेकर मगरमच्छ को एक पेड़ से बांध दिया. करवा के सतीत्व के कारण मगरमच्छ कच्चे धागे से बंध गया और हिल तक नहीं पा रहा था.

करवा ने यमराज को पुकारा और अपने पति को जीवनदान देने और मगरमच्छ को मृत्युदंड देने के लिए प्रार्थना की. यमराज ने करवा की बात मानी और मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया. साथ ही, यमराज ने करवा के पति को जीवनदान दे दिया.

इसी तरह, सावित्री ने भी अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिए यमराज से प्रार्थना की थी. सावित्री ने अपने पति को वट वृक्ष के नीचे लपेटकर रखा था और यमराज को अपने पति के प्राण लौटाने पड़े थे. सावित्री को ताउम्र सुहागन का वरदान मिला था. तभी से, करवा चौथ के दिन, सुहागन महिलाएं करवा माता से प्रार्थना करती हैं कि जैसे आपने अपने पति को मृत्यु के मुंह से बचाया था, वैसे ही हमारे सुहाग की भी रक्षा करें.

पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई, नवी मुंबई हवाई अड्डा होगा भारत की नई उड़ान क्षमता का प्रतीक

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 8 अक्टूबर को नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस एयरपोर्ट से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के निर्माण में 19,650 करोड़ रुपये की लागत लगी है। इस हवाई अड्डे से मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

1,160 हेक्टेयर में फैला यह नया हवाई अड्डा भारत की विमानन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा और मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारी यातायात के बोझ को कम करेगा। 

पीपीपी मॉडल के तहत किया गया विकसित
यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है, जिसे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया गया है और यह मुंबई महानगर क्षेत्र का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

मुंबई मेट्रो लाइन-3 के दूसरे चरण का उद्घाटन
पीएम मोदी ने आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक 12,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मुंबई मेट्रो लाइन-3 के दूसरे चरण का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने 37,270 करोड़ रुपये की पूरी मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की, जो शहर के शहरी परिवहन परिवर्तन में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

पीएम मोदी ने मुंबई वन ऐप किया लॉन्च
प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई वन ऐप भी लॉन्च किया, जो यात्रियों को कई सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए एकीकृत मोबाइल टिकटिंग सहित कई लाभ प्रदान करता है। उन्होंने महाराष्ट्र में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग की अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (STEP) पहल का भी उद्घाटन किया।

यह कार्यक्रम 400 सरकारी आईटीआई और 150 सरकारी तकनीकी उच्च विद्यालयों में शुरू किया जा रहा है, जो रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए कौशल विकास को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।