श्रीनाथ पर भड़के वेंगसरकर, चुनौती दी थी – मैदान पर मिला करारा जवाब

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नई दिल्ली: भारत के तेज गेंदबाजों की बात हो और जवागल श्रीनाथ का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं। उनकी रॉ पेस यानी रफ्तार ने बल्लेबाजों को अक्सर परेशान किया। पूर्व भारतीय स्पिनर वेंकटपथी राजू ने श्रीनाथ की इसी गेंदबाजी गति से जुड़ी एक पुरानी और दिलचस्प कहानी साझा की है।

राजू ने बताया कि जब श्रीनाथ पहली बार भारतीय टीम के साथ नेट्स पर आए थे, तब टीम इंग्लैंड दौरे की तैयारी कर रही थी। उस समय मनोज प्रभाकर स्विंग बॉलर थे, चेतन शर्मा भी तेज थे, लेकिन श्रीनाथ की गति सबसे अलग थी। नेट्स में अभ्यास के दौरान उन्होंने एक शॉर्ट-पिच गेंद फेंकी जो दिलीप वेंगसरकर के पास तक पहुंचते-पहुंचते इतनी तेज थी कि वे चौंक गए। राजू ने बताया, ‘श्रीनाथ ने एक शॉर्ट-पिच बॉल फेंकी, दिलीप भाई ने बैट गिरा दिया और गुस्से में बोले- मैच में आ के दिखा।’

देवधर ट्रॉफी में हुआ असली सामना
इसके कुछ समय बाद, देवधर ट्रॉफी के एक मैच में दोनों आमने-सामने हुए। श्रीनाथ बोर्ड प्रेसिडेंट इलेवन की ओर से खेल रहे थे और वेंगसरकर विपक्षी टीम में थे। उस मैच में श्रीनाथ के कप्तान रवि शास्त्री थे। शास्त्री ने श्रीनाथ को याद दिलाया कि वेंगसरकर ने उन्हें चुनौती दी थी।

राजू ने बताया, ‘जब वेंगसरकर बल्लेबाजी करने आए, तो शास्त्री ने श्रीनाथ से कहा- याद है, दिलीप ने क्या कहा था? पहली गेंद बाउंसर डालनी। श्रीनाथ ने वैसा ही किया और वेंगसरकर ने फिर बैट गिरा दिया। वे बोले- बहुत तेज डालता है।’ यहीं से श्रीनाथ की तेज गेंदबाजी की पहचान बनी। उस दौर में भारतीय क्रिकेट में कोई और गेंदबाज इतनी गति से नहीं फेंकता था।

‘देश के लिए सब कुछ दिया’
वेंकटपथी राजू ने आगे कहा कि श्रीनाथ को उतनी पहचान नहीं मिली जितनी वे डिजर्व करते थे, जबकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी लगता है, श्रीनाथ को भी वही पहचान मिलनी चाहिए थी। बाद में वे मैच रेफरी बने, लेकिन उन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ दे दिया।’

भारत का दमदार युद्धाभ्यास, अरुणाचल में अटैक हेलीकॉप्टरों ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन

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नई दिल्ली: भारतीय सेना ने हाल ही में दो बड़े युद्धाभ्यास किए हैं, जो देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने का संकेत देते हैं। अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम इलाकों में भारतीय सेना के अटैक हेलीकॉप्टर ने पैदल सेना के साथ मिलकर एक जोरदार फ्लाइंग प्रैक्टिस की। यह अभ्यास भारतीय सेना की मारक क्षमता और हर मौसम में दिन-रात काम करने की उसकी तैयारी को दिखाता है।

वहीं, दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर ने भारतीय नौसेना के साथ मिलकर पश्चिमी तट पर एक बड़ा जल-थल युद्ध अभ्यास किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करना है।

इंडियन आर्मी ने ‘एक्स’ पर इस अभ्यास की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सेना के अटैक हेलीकॉप्टर ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में पैदल सेना के साथ मिलकर एक गहन उड़ान अभ्यास किया। इस अभ्यास से इन आधुनिक हेलीकॉप्टर की जबरदस्त मारक क्षमता का पता चला। साथ ही, यह भी साबित हुआ कि वे हर मौसम में, दिन और रात प्रभावी ढंग से काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह अभ्यास देश की हवाई प्रभुत्व की शक्ति का एक मजबूत प्रदर्शन था।

दक्षिणी कमान भारतीय सेना ने बताया कि शुक्रवार को, एक्सरसाइज त्रिशूल के तहत तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को दर्शाते हुए, दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर की टुकड़ियों ने भारत के पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त (जल-थल) अभ्यास शुरू किया।

दक्षिणी कमान ने एक्स पर साझा करते हुए कहा, ‘एक्सरसाइज त्रिशूल के तहत ट्राय-सर्विस तालमेल का प्रदर्शन करते हुए, दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर की फॉर्मेशन ने भारत के पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना के साथ एक संयुक्त उभयचर अभ्यास शुरू किया है।’

इस अभ्यास में कई महत्वपूर्ण चरण शामिल थे। सैनिकों की तैनाती, जहाजों पर चढ़ना और बारीकी से पूर्वाभ्यास करना, यह सब संयुक्त अभ्यास का हिस्सा था।

भाभी नीलम संग पूल में चिल करती दिखीं प्रियंका चोपड़ा, फैंस बोले- ग्लो तो देखो!

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मुंबई: प्रियंका चोपड़ा फिल्मों के अलावा अपने सोशल मीडिया पोस्ट से भी चर्चाओं में रहती हैं। अभिनेत्री ने शनिवार रात कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वो अपनी भाभी नीलम उपाध्याय संग खूबसूरत पलों को बिताती हुई नजर आ रही हैं। ये तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
 
प्रियंका चोपड़ा ने साझा की तस्वीरें
अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भाभी नीलम उपाध्याय के साथ कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें दोनों स्विमिंग पूल में नजर आ रही हैं और नीलम सेल्फी ले रही हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, ‘नाइट स्विम्स एंड सिटी लाइट्स’। तस्वीरों में प्रियंका और नीलम स्विमसूट पहने हुए दिखाई दे रही हैं।

कब हुई थी प्रियंका के भैया-भाभी की शादी?
नीलम उपाध्याय की शादी प्रियंका के भाई सिद्धार्थ चोपड़ा से हुई है। इस जोड़े ने इसी साल की शुरुआत में एक खूबसूरत समारोह में शादी की थी, जिसमें प्रियंका और निक भी शामिल हुए थे, जो इस समारोह का अहम हिस्सा थे।

प्रियंका चोपड़ा का वर्कफ्रंट
काम की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा इस समय निर्देशक एस.एस. राजामौली की अगली फिल्म ‘एसएसएमबी 29’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह फिल्म एक फॉरेस्ट एडवेंचर ड्रामा बताई जा रही है, जिसमें महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी नजर आएंगे। अभिनेत्री को आखिरी बार हॉलीवुड फिल्म ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ में देखा गया था। 

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अभिषेक शर्मा ने ठोके सबसे तेज 1000 रन, बने नंबर-1 बल्लेबाज

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नई दिल्ली: भारत के T20I टीम के दिग्गज सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी T20I मैच के दौरान अपने 1000 हजार रन पूरे कर लिए. इस दौरान वो सबसे कम गेंदों पर एक हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. इस दौरान अभिषेक ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज टिम डेविड को पीछे छोड़ दिया. हालांकि वो विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने में नाकाम रहे.

अभिषेक ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी अभिषेक शर्मा के बल्ले से रनों की बारिश रुक नहीं रही है. इस दौरान उन्होंने एक रिकॉर्ड तोड़ दिया. अभिषेक अब गेंदों के हिसाब से T20I में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड को टॉप पोजिशन से हटा दिया है. अभिषेक शर्मा पारियों के हिसाब से T20I में 1000 रन बनाने वाले पांचवें सबसे तेज बल्लेबाज भी बने हैं.

टीम इंडिया के इस सलामी बल्लेबाज ने T20I में 528 गेंदों में 1000 रन पूरे किए. इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज टिम डेविड हैं. उन्होंने 569 गेंदों में 1000 रन पूरे किए थे. तीसरे नंबर पर भारत के T20I टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव मौजूद हैं. उन्होंने 573 गेंदों में ये कमाल किया है. इस सूची में चौथे नंबर पर इंग्लैंड के खिलाड़ी फिल सॉल्ट हैं. उन्होंने 599 गेंदों में 1000 रन पूरे किए थे. ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने 604 गेंदों में एक हजार रन बनाए हैं.

विराट कोहली का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए अभिषेक
अभिषेक शर्मा ने ये मुकाम केवल 28 पारियों में हासिल किया है और ऐसा करने वाले भारतीयों की लिस्ट में वो दूसरे नंबर पर हैं. इस सूची में टॉप पर टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली हैं. विराट ने 27 पारियों में 1000 रन पूरे किए थे. तीसरे नंबर पर केएल राहुल हैं. उन्होंने 1000 रन पूरे करने के लिए 29 पारियां खेली थी. चौथे नंबर पर टीम इंडिया के T20I कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं. उन्होंने 31 पारियों में 1000 रन पूरे किए थे. पांचवें नंबर पर दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा मौजूद हैं. उन्होंने 40 पारियों में 1000 रन बनाए थे.

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नवाजुद्दीन सिद्दीकी का दर्दनाक खुलासा- आत्महत्या तक के ख्याल आए, मगर हिम्मत नहीं हारी

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मुंबई: नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने दमदार अभिनय से बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यही कारण है कि नवाज इंडस्ट्री से जुड़े मामलों पर खुलकर अपनी राय भी रखते हैं। अब एक बार फिर अभिनेता ने इंडस्ट्री को लेकर बात की है। साथ ही उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया है। एक्टर ने बताया कि एक वक्त ऐसा भी था जब वो सुसाइड करने तक की सोच रहे थे।

मेरे पास आई कई फिल्में दूसरे लोगों को मिल गईं
राज शमानी के साथ उनके पॉडकास्ट में नवाजुद्दीन ने कई मुद्दों पर खुलकर बात की। अपने जीवन के सबसे मुश्किल वक्त को याद करते हुए एक्टर ने कहा कि 2012 से पहले अक्सर ऐसा होता था कि मुझे मौके मिलते थे और फिर खो जाते थे। मैं यह मानने लगा था कि शायद मैं जीवन में कुछ खास हासिल करने के लिए नहीं बना था क्योंकि जब भी मुझे कुछ मिलता था, वह फिसल जाता था। कई फिल्में और प्रोजेक्ट जिनका मैं हिस्सा होने वाला था, दूसरों को मिल गए। हर कोई एक ऐसे दौर से गुजरता है, जब उसे लगता है कि हार मान ली जाए। आप सोचने लगते हैं कि शायद यह किस्मत है, शायद बदकिस्मती। मैं भी यही सोचता था कि अब कुछ नहीं होगा। लेकिन फिर कोई छोटी सी बात मुझे फिर से उम्मीद दे देती। यह सिलसिला 7-8 साल तक चलता रहा।

फ्री में एक्टिंग करने को तैयार थे नवाज
हालांकि, नवाज ने ऐसे मुश्किल वक्त में भी हार नहीं मानी और लगे रहे। उन्होंने कहा कि आखिरकार मैंने मान लिया कि शायद कुछ बड़ा नहीं होगा। मैंने खुद से कहा, अगर कुछ नहीं भी हुआ, तो भी मैं एक्टिंग करूंगा। फ्री में करूंगा और अगर करना पड़ा तो सड़कों पर भी करूंगा। लेकिन जब मौके आए तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि वे असली हैं। मुझे लगा कि वे भी मुझसे छीन लिए जाएंगे। साल 2012 में नवाजुद्दीन की बैक टू बैक तीन सफल फिल्में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘कहानी’ और ‘तलाश’ रिलीज हुई थीं। इस पर नवाज ने कहा कि तभी मुझे आखिरकार यकीन होने लगा कि चीजें होती हैं, बस उन्हें समय लगता है।

जब नवाजुद्दीन सिद्दीकी को आया सुसाइड का ख्याल
बातचीत के दौरान नवाज़ुद्दीन ने उस समय को भी याद किया जब उन्हें आत्महत्या करने के ख्याल आने लगे थे। एक्टर ने बताया कि यह एहसास बहुत पहले सफलता से लगभग पांच साल पहले आया था। मेरे कुछ दोस्तों की मौत हो गई थी। एक दुर्घटना में, दूसरा मानसिक बीमारी के कारण और एक आत्महत्या से। हम स्ट्रगल कर रहे एक्टर्स का एक समूह थे जो एक-दूसरे के करीब रहते थे। इस वजह से मैंने अपने आस-पास बहुत दर्द देखा है। इसके चलते मैं शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर हो गया था। मैं खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। मुझे सचमुच लगता था कि मैं भी मर जाऊंगा। एक समय ऐसा भी था जब मैं रेलवे ट्रैक के किनारे खड़ा था। मैं ट्रेन पकड़ रहा था और सोच रहा था, ‘क्या मुझे बस आगे बढ़ जाना चाहिए?’ फिर ख्याल आया कि ‘नहीं, मुझे ऐसे नहीं जाना चाहिए। जिंदगी शायद मुझे माफ कर दे, जैसे एक्टिंग ने किया है।’ और मैं पीछे हट गया।

‘थामा’ में नजर आए थे नवाज
वर्कफ्रंट की बात करें तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी आखिरी बार हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की फिल्म ‘थामा’ में नजर आए थे। फिल्म में वो निगेटिव किरदार में दिखे थे। अब अभिनेता अपनी आगामी फिल्म ‘रात अकेली है 2’ को लेकर सुर्खियों में हैं।

बुमराह को मिलेगा रेस्ट, सैमसन की होगी एंट्री? देखें संभावित टीम और लाइव स्ट्रीमिंग डिटेल्स

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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया 2-1 की अजेय बढ़त बना चुकी है। अब शनिवार को सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत पांचवां और आखिरी मुकाबला ब्रिस्बेन में खेलने उतरेगा। यह मैच जीतकर भारत का लक्ष्य सीरीज 3-1 से अपने नाम करने का होगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया बराबरी हासिल करने की कोशिश करेगा।

संजू को मिलेगा मौका? गिल पर रहेंगी नजरें
टीम इंडिया इस मैच में कुछ बदलाव कर सकती है। विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वह जितेश शर्मा की जगह टीम में आ सकते हैं, जिन्होंने पिछले दो मैचों में क्रमशः 22* और 3 रन बनाए थे। मैच में सबसे ज्यादा नजरें शुभमन गिल और सूर्यकुमार की बल्लेबाजी पर होंगी, जबकि ऑस्ट्रेलिया अगले साल भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले भारत की स्पिन चुनौती का डटकर सामना करना चाहेगा। भारतीय टीम ने पिछले मैच में बेहतर रणनीतिक सूझबूझ दिखाई थी और कैरारा की मुश्किल पिच पर बल्लेबाजों ने अच्छा तालमेल बिठाया था। गिल ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई थी जिससे भारत 14 ओवर में दो विकेट पर 121 रन के स्कोर के साथ मजबूत स्थिति में था। टीम ने हालांकि इसके बाद 15 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए थे।

उपकप्तान गिल ने सात पारियों से अर्धशतक नहीं लगाया है लेकिन पिछले मैच में 46 रन के साथ उन्होंने ने लय में वापसी का संकेत दिया था। सूर्यकुमार ने सीरीज में कुछ शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में उन्हें संघर्ष करना पड़ा है। अगले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज से पहले कप्तान से और अधिक आजादी के साथ बल्लेबाजी कर  मिसाल कायम करने की उम्मीद होगी।

तिलक पर रहेंगी निगाहें
तिलक वर्मा भी इस सीरीज में अभी तक अपनी लय नहीं पकड़ पाए हैं, उन्होंने अपने पिछले तीन मैचों में 0, 29 और पांच रन बनाए हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा पर भी दबाव होगा क्योंकि पिछले दो मैचों में उन्होंने अनुभवी संजू सैमसन पर तरजीह मिलने के बाद कोई ख़ास प्रभाव नहीं छोड़ा है। अभिषेक शर्मा ने दुनिया के शीर्ष टी20 बल्लेबाज के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को बरकरार रखते हुए एक तेज अर्धशतकीय पारी खेली और एक अन्य मैच में टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाई। भारत का निचला क्रम भी प्रभावी रहा है। अक्षर पटेल ने पिछले मैच में 11 गेंदों में नाबाद 21 रनों की पारी खेली थी। सातवें और आठवें नंबर पर हरफनमौला खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को मजबूती प्रदान की है।

वरुण, अक्षर और सुंदर पड़े ऑस्ट्रेलिया पर भारी
अर्शदीप सिंह ने गेंदबाजी में एक बार फिर भारत के लिए अपनी उपयोगिता साबित की है, उन्होंने चार विकेट लिए हैं और जसप्रीत बुमराह के साथ नयी गेंद से प्रभावी जोड़ी बनाई है। कुलदीप यादव की अनुपस्थिति के बावजूद वरुण, अक्षर और वाशिंगटन की स्पिन तिकड़ी भारत की एक बड़ी ताकत रही है। शिवम दुबे और वाशिंगटन दोनों ने बल्ले और गेंद से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दुबे की 23 गेंदों में 49 रनों की पारी ने तीसरे टी20 को भारत के पक्ष में मोड़ दिया था वहीं चौथे मैच में वाशिंगटन के तीन रन पर तीन विकेट से भारत ने मुकाबला को जल्दी खत्म करने में सफल रही। दुबे ने इस मैच में भी 22 गेंदों में 18 रन भी बनाए और दो विकेट भी लिए।

ऑस्ट्रेलिया की नजरें सीरीज बराबरी पर
पिछले टी20 मैच में बेहतरीन स्पिन गेंदबाजों के सामने ऑस्ट्रेलिया की कलई एक बार फिर खुल गयी थी। वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने मिलकर कैरारा ओवल में 10 ओवर से कम में छह विकेट लिए। टीम की बल्लेबाजी कप्तान मिचेल मार्श, मार्कस स्टोइनिस और टिम डेविड पर काफी हद तक निर्भर रही है। ट्रेविस हेड की अनुपस्थिति ने पिछले मैच में उन्हें काफी खली थी क्योंकि टीम को 168 रनों के मामूली लक्ष्य का पीछा करते हुए 48 रन से हार का सामना करना पड़ा। हरफनमौला मैथ्यू शॉर्ट हेड की अनुपस्थिति में शीर्ष क्रम में प्रभावित करने का एक मौका गंवा दिया। वह शनिवार को अपनी गलतियों की भरपाई करने के लिए बेताब होंगे।

जोश हेजलवुड के सीरीज से हटने के बाद घरेलू टीम के गेंदबाजी आक्रमण में पैनापन की कमी दिखी है। नाथन एलिस और एडम जम्पा ने ज्यादातर जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन चौथे टी20 में बेन ड्वार्शिस को कोई विकेट नहीं मिला। मेजबान टीम आखिरी मैच में महली बियर्डमैन को पदार्पण का मौका देने पर विचार कर सकती है।
दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11 इस प्रकार है

भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल (उपकप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर।
ऑस्ट्रेलिया : मिचेल मार्श (कप्तान), मैथ्यू शॉर्ट, जोश इंगलिस, ग्लेन मैक्सवेल, टिम डेविड, मिचेल ओवेन, मार्कस स्टॉइनिस, जेवियर बार्टलेट, नाथन एलिस, एडम जाम्पा, बेन ड्वार्शुइस
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवें टी20 मैच की लाइव स्ट्रीमिंग की जानकारी इस प्रकार है…

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला कब खेला जाएगा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला 8 नवंबर यानी शनिवार को खेला जाएगा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला कहां खेला जाएगा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला ब्रिस्बेन में खेला जाएगा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला कितने बजे से शुरू होगा?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 1:45 बजे से शुरू होगा। टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी दोपहर 1:15 बजे होगा।

अभिरा पर टूटा गुस्सा! फेक वीडियो वायरल होने के बाद सड़कों पर प्रदर्शन, अरमान क्या करेगा अब?

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मुंबई: सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में अभिरा और अरमान के लिए मुश्किलों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों सीरियल में फेक आई वीडियो का ट्रैक दिखाया गया। अब यह मामला बड़ा हो गया है। इस वजह से कुछ लोगों ने पोद्दार परिवार के घर के बारह धरना दिया। जानिए, अब इस मामले में अभिरा और अरमान क्या करेंगे? 

लोगों ने जलाया अभिरा का पुतला, माफी मांगने को कहा 
जब से अभिरा और अरमान का फेक एआई वीडियो वायरल हुआ, पोद्दार परिवार का जीना मुश्किल हो गया है। लोग सोशल मीडिया से लेकर आम जगहों पर परिवार को ताने दे रहे हैं। यहां तक कि पाेद्दार परिवार के घर के बाहर आकर कुछ लोगों ने अभिरा का पुतला फूंका। इससे परिवार के सदस्य डर गए। 

अभिरा ने माफी मांगने से किया इंकार 
अभिरा और अरमान ने पुलिस में जाकर शिकायत की। दोनों ने पुलिस को बताया कि किसी ने उनका फेक एआई वीडियो बनाया। लेकिन नतीजे उनको भुगतने पड़ रहे हैं। साथ ही अभिरा ने कहा कि जब उसकी गलती नहीं है तो वह माफी नहीं मांगेगी। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह इस मामले की तह तक जाएंगे। 

एआई वीडियो से पाेद्दार परिवार का कनेक्शन 
अरमान और अभिरा का फेक एआई वीडियो बनाने के पीछे कुछ लड़कों का हाथ था। दरअसल, कुछ दिन पहले अरमान और अभिरा डेट पर गए थे। जहां कुछ बिगड़ैल लड़कों से उनकी तू-तू, मैं-मैं होती है। यही लड़के ही बदला लेने के लिए उनकी वीडियो बनाकर उसे फेक एआई वीडियो में बदल देते हैं। लेकिन जल्द ही यह बात भी सामने आएगी कि इस वीडियो को बनाने के पीछे जो कंपनी है, उसमें पाेद्दार परिवार की तान्या ने भी इवेंस्ट किया था। इस बात से सबको सदमा लगेगा। 

43वें हफ्ते की टीआरपी में पांचवें नंबर पर सीरियल 
हाल ही में 43वें हफ्ते की टीआरपी लिस्ट जारी की गई। इस लिस्ट में ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ ने 5वें नंबर पर जगह बनाई है। इसकी टीआरपी लगभग 1.8 है। पहले नंबर पर सीरियल ‘अनुपमा’ ने जगह बनाई है।

65% से ज्यादा मतदान, किसके पक्ष में जाएगा माहौल?

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पटना।  बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर बंपर वोटिंग हुई. चुनाव आयोग ने अपना फाइनल आंकड़ा जारी कर दिया है, जिसके अनुसार 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं पिछले विधानसभा चुनाव की अगर बात की जाए तो कुल 57.29 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जो करीब 8 प्रतिशत अधिक है. इस बार हुई रिकॉर्ड वोटिंग को लेकर कई मायने निकाले जा रहे हैं. जहां एक ओर वोटिंग प्रतिशत बढ़ने को लेकर खुशी जाहिर कर रहे हैं तो कुछ दलों को इससे टेंशन बढ़ती नजर आ रही है. अक्सर देखा जाता है कि जब भी चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ता या घटता हो तो उसके कई मायने निकाले जाते हैं. हालांकि चुनाव परिणाम हमेशा अनिश्चित रहते हैं लेकिन बंपर वोटिंग को देखते हुए लहर या बदलाव की संभावना से जोड़कर देखा जाता है. जनता किसे चुनती है यह तो उसके मूड पर ही निर्भर करता है.अब देखना यह होगा कि ज्यादा वोटिंग सत्ता परिवर्तन का संकेत हैं या सत्ता पक्ष प्रो इनकंबेंसी का वोट है. वहीं कुछ लोग इसे जनसुराज के क्रांति का उदय से जोड़कर देख रहे हैं.

सभी दल कर रहे जीत का दावा

बिहार में बढ़ी हुई वोटिंग को लेकर जहां महागठबंधन दल के सीएम उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार से जनता त्रस्त हो गई है, इसलिए इसे बदलना चाह रही है. तो वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार के लोग सुशासन की सरकार को पसंद कर रहे हैं. नीतीश कुमार को सीएम बनाना चाह रहे हैं. इसलिए लोग बढ़-चढ़कर वोटिंग कर रहे हैं. इस चुनाव में एक फैक्टर जनसुराज पार्टी भी है. वैसे तो जनसुराज पार्टी पहली बार अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारी है लेकिन बढ़ती लोकप्रियता ने सभी दलों की चिंता बढ़ा दी है. जनसुराज के मुखिया प्रशांत किशोर का कहना है कि बिहार की जनता अब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का राज देख चुकी है. इसलिए वह विकल्प के तौर पर जनसुराज को चुन रही है. यही कारण है कि इस बार काफी वोटिंग हुई है.

क्यों बढ़ी होगी वोटिंग?

बिहार में SIR के बाद पहली बार चुनाव हुआ है, जिसमें करीब 65 लाख मतदाताओं के सूची से नाम हटाए गए हैं. वहीं इस बार करीब 5 लाख मतदाता बढ़े हैं. वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की कई वजहें हो सकती हैं. जैसे 65 लाख मतदाता सूची से बाहर हो गए, जिनका नाम सूची में तो था लेकिन वे मतदान करने नहीं जाते थे. इस बार युवाओं ने भी अपना नाम सूची में जुड़वाकर पूरे जोश के साथ भाग लिया है. शायद यही वजह हो सकती है कि वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई हो.

5 प्रतिशत से अधिक वोटिंग पर 3 बार बदली सत्ता

इस बार के विधानसभा चुनाव में पिछली बार की अपेक्षा करीब 8 प्रतिशत ज्यादा वोटिंग हुई है. बिहार के चुनाव में कई बार ऐसा देखा गया है कि जब भी 5 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है तो सत्ता परिवर्तन जरूर हुई है. इसकी शुरुआत 1967 से हुई थी. बिहार में यह पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेसी दलों ने सरकार बनाई थी. इसके बाद 1980 में यही देखा गया. विधानसभा चुनाव में पिछली बार से करीब 7 प्रतिशत ज्यादा मतदान हुआ था. जिसके बाद पहली बार लालू यादव की सरकार बनी थी. यही 1990 में भी दोहराया गया, इस दौरान भी बिहार में पिछली बार की अपेक्षा 5.8 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. जिसके बाद बिहार की सत्ता बदल गई थी. अब एक फिर 5 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है.

2029 महिला वर्ल्ड कप में अब 10 टीमें लेंगी हिस्सा

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ICC Meeting 2029 Women’s World Cup: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। हाल ही में हुई आईसीसी बोर्ड की बैठक में तय किया गया कि 2029 महिला वनडे विश्व कप में अब 8 की जगह 10 टीमें हिस्सा लेंगी। यह निर्णय महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और 2025 वर्ल्ड कप की शानदार सफलता को देखते हुए लिया गया है।

पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट ने अभूतपूर्व प्रगति की है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के साथ-साथ कई एसोसिएट राष्ट्रों ने भी अपने खेल के स्तर में तेजी से सुधार किया है। आईसीसी का यह कदम इन उभरती हुई टीमों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौका देगा, जिससे महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

आईसीसी ने बताया कि महिला वर्ल्ड कप 2025 ने दर्शकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। लगभग 3 लाख दर्शक स्टेडियम में मौजूद थे, जबकि दुनिया भर में करोड़ों फैंस ने टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए टूर्नामेंट का आनंद लिया। केवल भारत में ही करीब 50 करोड़ दर्शकों ने वर्ल्ड कप मैच देखे। इस अभूतपूर्व सफलता के बाद ही टीमों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

यह नया बदलाव 2029 महिला वनडे विश्व कप से लागू होगा। टीमों की संख्या बढ़ने से टूर्नामेंट और भी रोमांचक व प्रतिस्पर्धी बनेगा। साथ ही, यह फैसला महिला क्रिकेट को नए देशों तक पहुंचाने और खेल के दायरे को और व्यापक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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News Desk

राम मंदिर विवाद पर बड़ा खुलासा, वकीलों के बॉयकॉट से टलता रहा फैसला

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राम मंदिर भूमि विवाद में फैसला आने के 6 साल बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एक समारोह में शुक्रवार को कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किये गए थे कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी सुनवाई न हो.

उन्होंने यह बात इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘केस फॉर राम – द अनटोल्ड इनसाइडर्स स्टोरी’ नामक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कही है. इस खुलासे के बाद से एक बार फिर राम मंदिर विवाद चर्चाओं में आ गया है.

ऐतिहासिक फैसले को टाले जाने की कोशिश!
साल 2019 के एक ऐतिहासिक फैसले में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की अनुमति दी थी. इस फैसले में मंदिर के लिए पूरा 2.77 एकड़ का भूखंड और मस्जिद के निर्माण के लिए अलग से पांच एकड़ का भूखंड आवंटित किया गया था.

मेहता ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के प्रयास किये गए, कभी-कभी परोक्ष रूप से, तो कभी बहुत ही स्पष्ट प्रयास कि मामले की सुनवाई न हो.”

वकीलों ने कोर्ट से किया था बॉयकॉट
उन्होंने कहा, “एक घटना जिसने मेरे मन में बहुत खराब अनुभव छोड़ा है, वह यह है कि जब रुकावट डालने के सभी प्रयास विफल हो गए, तो दो प्रतिष्ठित वकीलों ने अदालत से बॉयकॉट कर दिया.” उन्होंने आगे कहा कि ऐसा (वाकआउट) हमने सिर्फ संसद में ही सुना है, लेकिन ये राम मंदिर केस में भी हुआ.

फैसले के बाद बना राम मंदिर
रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 2019 में विवाद भूमि पर राम मंदिर बनाने के आदेश दिया था. इसके अलावा मस्जिद के लिए अलग से पांच एकड़ का भूखंड आवंटित किया गया था. राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को एक भव्य समारोह में किया गया था. यह समारोह उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था, जिसे हिंदू देवता राम का जन्म स्थान माना जाता है.