डॉ. प्रदीप कुमार: संघर्ष से सफलता तक – एक प्रेरक शिक्षक की कहानी

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स्थान: नई दिल्ली | रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

🎓 प्रस्तावना:

कहते हैं —

“जब शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि प्रेरित करता है,
तब वह समाज के भविष्य को गढ़ता है।”

ऐसे ही प्रेरणास्रोत हैं डॉ. प्रदीप कुमार —
जो आज एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक मोटिवेटर, करियर काउंसलर और हजारों छात्रों के जीवन के मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते हैं।

उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,
अगर हौसला बुलंद हो तो मंज़िलें खुद रास्ता बना लेती हैं।

🌱 संघर्षों से शुरू हुई सफलता की कहानी

डॉ. प्रदीप कुमार का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं।
साधारण परिवार में जन्मे, बचपन में आर्थिक तंगी और शिक्षा के संसाधनों की कमी के बावजूद
उन्होंने हार मानना कभी नहीं सीखा।

 

हर सुबह स्कूल जाने से पहले संघर्ष उनका इंतज़ार करता था —
कभी फीस की चिंता, कभी किताबों की कमी।
परंतु इन मुश्किलों ने उनके हौसले को नहीं तोड़ा, बल्कि और मज़बूत बनाया।

उन्होंने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास को अपना साथी बनाया —
और आज वही संघर्ष उनकी पहचान बन गया है।

🧭 ज्ञान से अधिक, जीवन की दिशा देने वाले शिक्षक

डॉ. कुमार मानते हैं कि शिक्षा का असली अर्थ केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देना है।
उनके प्रेरणादायक संदेश आज हजारों युवाओं के लिए जीवन की रोशनी बन चुके हैं।

वे कहते हैं —

“मैंने अपने जीवन में संघर्ष झेले हैं,
इसलिए मैं नहीं चाहता कि कोई भी विद्यार्थी अभाव में अपना बचपन गुज़ारे।
हर बच्चे को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।”

उनकी यह सोच ही उन्हें एक साधारण शिक्षक से एक असाधारण प्रेरक व्यक्तित्व बना देती है।

📚 लेखन जो प्रेरणा बन गया

डॉ. प्रदीप कुमार ने अब तक अनेक मोटिवेशनल बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित लेखन किया है।
उनकी किताबें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती हैं।

सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि वे अपनी किताबें जरूरतमंद छात्रों को निशुल्क प्रदान करते हैं।
उनका मानना है —

“अगर ज्ञान बांटा जाए, तो ही वह बढ़ता है।”

उनकी पुस्तकों ने कई युवाओं को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की नई दिशा दी है।

🌍 देशभर में फैली प्रेरणा की लहर

आज डॉ. प्रदीप कुमार का मार्गदर्शन
असम से लेकर दिल्ली, बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक
हजारों छात्रों के जीवन में परिवर्तन ला रहा है।

उनके छात्र केवल UPSC, PCS, IPS जैसी परीक्षाओं में सफलता ही नहीं पा रहे,
बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

💬 छात्रों के लिए उनका अमूल्य संदेश:

“जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
कठिनाइयाँ हर किसी के जीवन में आती हैं,
लेकिन वही व्यक्ति आगे बढ़ता है जो उनसे डरता नहीं, बल्कि उनसे सीखता है।

याद रखिए — हर असफलता एक नई शुरुआत का अवसर होती है।
आपके भीतर अनंत संभावनाएँ हैं, बस उन्हें पहचानने की जरूरत है।

मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच — यही सफलता के तीन मूल मंत्र हैं।
केवल लक्ष्य पर ध्यान रखें, रुकावटों पर नहीं।
मुझे विश्वास है कि आप में से हर विद्यार्थी अपने जीवन का IAS, PCS या IPS बन सकता है,
बस शर्त है — विश्वास रखिए, मेहनत कीजिए और सही दिशा में आगे बढ़िए।”

🌟 “जो खुद पर विश्वास रखता है, वही दुनिया बदलता है”

डॉ. प्रदीप कुमार का यह वाक्य आज हजारों विद्यार्थियों के जीवन का आधार बन चुका है।
वे न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि हर छात्र के भीतर छिपे हुए आत्मविश्वास को जगाते हैं।

उनका कहना है —

“आपका भविष्य आपके हाथों में है।
सपने देखिए, मेहनत कीजिए, और उन्हें साकार कर दिखाइए —
क्योंकि जो खुद पर भरोसा करता है, वही असंभव को संभव बना देता है।”

🕊️ निष्कर्ष:

डॉ. प्रदीप कुमार का जीवन इस बात का प्रतीक है कि सच्चे शिक्षक सिर्फ किताबें नहीं खोलते,
बल्कि मन खोलते हैं —
वो दिलों में उम्मीद जगाते हैं, और अंधेरे में रास्ता दिखाते हैं।

उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करना चाहता है।
क्योंकि उन्होंने यह साबित किया है —

“संघर्ष अगर सच्चा हो, तो मंज़िल खुद झुक जाती है।”

प्रेमानंद महाराज के लिए दुआ करने वाले को जान से मारने की धमकी!

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मथुरा: उत्तर प्रदेश में मथुरा वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत को लेकर देशभर में दुआओं और प्रार्थनाओं का दौर जारी है. हाल ही में प्रेमानंद महाराज का स्वास्थय अचानक बिगड़ा और तरह तरह की बातें देशभर में होने लगीं. इसी बीच सुफियान इलाहबादी नाम के एक शख्स ने मदीना शरीफ में उमराह यात्रा के दौरान मस्जिद-ए-नबवी में प्रेमानंद महाराज के लिए दुआ मांगी थी जिसका वीडियो शख्स ने इंस्टाग्राम पर शेयर भी किया था. लेकिन अब सुफियान को कट्टरपंतियों की ओर से जान से मारने की धमकी मिली है. इन मामलों में किन धाराओं के तहत सजा का प्रावधान है और कितनी सजा मिलती है आइए आपको बताते हैं.

सबसे पहले तो ये समझें कि धमकी के मायने क्या होते हैं और किस तरह की धमकियों पर गंभीर धाराएं लग सकती हैं. आपको बता दें कि अपराधिक धमकी तब होती है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को डराने या डर पैदा करने के लिए धमकी देता है. धमकी का मतलब है कि वह कहता है कि अगर तुमने ऐसा नहीं किया या किया तो तुम्हें (या तुम्हारे किसी करीबी को) नुकसान होगा. इसके अलावा जान से मारने की धमकी भी एक गंभीर अपराध मानी जाती है जो सुफियान इलाहबादी को दी गई है. इस तरह की धमकी देना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि ऐसा करना किसी की मानसिक शांति और सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे मामलों से निपटने के लिए भारतीय न्याय संहिता में बहुत अहम धाराएं हैं जो आरोपी को कठोर कारावास दिलवा सकती हैं.

आपको बता दें कि किसी को जान से मारने की धमकी देने या डर और असुरक्षा का माहौल बनाने के लिए बीएनएस की धारा 351 के तहत कार्रवाई हो सकती है. लेकिन सवाल ये उठता है कि ये धारा या फिर BNS 351(1) (2) (3) (4) लागू कब होती है और हो जाए तो सजा कितनी मिलती है. सबसे पहले फरियादी जब एफआईआर कराता है तो बीएनएस के तहत पहले धारा को एफआईआर में मेंशन किया जाता है. इसके बाद अदालत में इन धाराओं के तहत कार्यवाही चलती है जिसमें आरोपी को 7 साल तक की कैद और भारी जुर्माने से दंडित किया जा सकता है. या फिर और गंभीर मामलो में आरोपी पर आरोप सिद्ध होने की दशा में कारावास और आर्थिक दंड दोनों दिए जा सकते हैं.

हालांकि जान से मारने की धमकी देने की स्थिति में पुलिस आमतौर पर BNS 351(3) का इस्तेमाल करती है जिसमें किसी शख्स को गंभीर चोट पहुंचाने, जान से मारने या फरियादी के परिवार के सदस्यों को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की बात करता है. इसके अलावा अगर कोई अपना नाम और पहचान छिपाकर किसी किसी को धमकी देकर परेशान करने का दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 2 साल की सजा हो सकती है और मोटे जुर्माने से दंडित किया जा सकता है. हालांकि BNS 351(4) में ही ये दशा लागू होती है. लेकिन जान से मारने की धमकी में 351(3) के तहत ही सजा सुनाई जाती है.

कोल्ड्रिफ कफ सिरप निर्माता कंपनी को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी किया तमिलनाडु सरकार ने

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चेन्नई । तमिलनाडु सरकार (Tamilnadu Government) ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप निर्माता कंपनी (Coldrif cough syrup manufacturing Company) को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी किया (Issued order to completely Shut Down) । इसके साथ ही कोल्ड्रिफ कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया ।

यह निर्णय कंपनी के सिरप में जानलेवा रसायन ‘डाइएथिलीन ग्लाइकॉल’ की 48.6 प्रतिशत जैसी घातक मात्रा पाए जाने के बाद लिया गया है। मामले की शुरुआत 1 अक्टूबर को हुई, जब मध्य प्रदेश के औषधि नियंत्रण विभाग ने तमिलनाडु के अपने समकक्ष को सूचित किया कि छिंदवाड़ा जिले में 4 सितंबर से हो रही बच्चों की मौतों का संबंध श्रीसन फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ से हो सकता है। सूचना मिलते ही तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग ने अभूतपूर्व तेजी दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद 1 अक्टूबर को शाम 4:00 बजे सूचना मिलने के आधे घंटे के भीतर, एक वरिष्ठ औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में एक टीम ने कंपनी परिसर का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसके बाद जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पूरे तमिलनाडु में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने 2 अक्टूबर को सभी आशंकाओं को सही साबित कर दिया। रिपोर्ट में कोल्ड्रिफ सिरप में 48.6 प्रतिशत की अत्यधिक विषैली और जानलेवा मात्रा में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की उपस्थिति की पुष्टि हुई। उसके बाद घातक रसायन की पुष्टि होते ही 3 अक्टूबर को विभाग ने “उत्पादन रोकने का आदेश” जारी किया और कंपनी को तत्काल सील कर दिया। कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया कि क्यों न उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। जांच में यह भी पता चला कि यह जहरीला सिरप ओडिशा और पुडुचेरी में भी वितरित किया गया था। यह जानकारी तुरंत इन राज्यों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों के साथ साझा की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कंपनी के फरार मालिक श्री रंगनाथन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई। तमिलनाडु पुलिस की मदद से मध्य प्रदेश की विशेष जांच दल ने 9 अक्टूबर की सुबह मालिक को चेन्नई के अशोक नगर से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने का भी खुलासा हुआ है। पिछले वर्ष कंपनी का उचित निरीक्षण न करने के कारण कांचीपुरम के दो वरिष्ठ औषधि निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना से सबक लेते हुए, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने तमिलनाडु की सभी दवा निर्माण इकाइयों में व्यापक और औचक निरीक्षण करने के आदेश जारी किए हैं। वर्तमान में पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और कंपनी को बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके कफ सिरप, कोल्ड्रिफ में विषैले संदूषकों, विशेष रूप से डायथिलीन ग्लाइकॉल का पता चलने के बाद की गई है। इस बयान में कहा गया, “तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के कारखाने का निरीक्षण किया, राज्य भर में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और नमूने विश्लेषण के लिए भेजे। विश्लेषण में 48.6 प्रतिशत डीआजी सांद्रता पाई गई, जिसके बाद विभाग ने उत्पादन बंद करने का आदेश जारी किया और कंपनी के लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही शुरू की।

HTM Groups “मैं किताब नहीं कमाई हूँ” से अपनी सफलता की कहानी शुरू करें

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भारत में उद्यमिता की सोच को एक नई दिशा देने के लिए Htm Groups (Htm Pvt. Ltd.) ने पेश की है एक ऐसी अनोखी किताब, जो सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि कमाने और सफल होने का रास्ता दिखाने के लिए बनाई गई है।

Author Himmat Singh Rathore — Director Of HTM Groups

 इस किताब का शीर्षक ही अपने आप में एक संदेश देता है — “मैं किताब नहीं, कमाई हूं”।

यह किताब उन लोगों के लिए है जो अपनी ज़िंदगी में आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि एक पूर्ण व्यावसायिक प्रणाली (Complete Business System) है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी सफलता की कहानी शुरू कर सकता है।

📚 किताब की खासियतें

सिर्फ एक किताब नहीं, एक बिज़नेस अवसर

 इस किताब को खरीदना, एक सफल व्यापार शुरू करने की दिशा में पहला कदम है। किताब में न सिर्फ ज्ञान है बल्कि उसके साथ एक प्रायोगिक बिज़नेस मॉडल जुड़ा हुआ है, जो आपको कमाई करने का अवसर देता है।

लेखक द्वारा प्रमाणित व्यावसायिक प्रणाली

 किताब के साथ कंपनी के प्लेटफ़ॉर्म पर आपको मिलता है ऐसा सिस्टम, जो आपके द्वारा खर्च किए गए मूल्य का कैशबैक वापस दिलाने के अवसर प्रदान करता है।

 यानी आप जो कीमत किताब की चुकाते हैं, वही रकम आप विभिन्न सेवाओं और प्लेटफार्म के माध्यम से वापस कमा सकते हैं।

प्रेरणादायक अध्याय, व्यावहारिक दिशा

 किताब के प्रत्येक अध्याय में आर्थिक और मानसिक संघर्ष से बाहर निकलकर सफलता पाने की दिशा बताई गई है। यह आपको प्रेरणा, सोच, और वास्तविक कमाई का मार्ग तीनों देती है।

स्वयं का व्यापार शुरू करने का मौका

 किताब खरीदने के बाद आपको मिलता है स्वयं का बिज़नेस बनाने का मौका — जहाँ आप अन्य लोगों को भी यह किताब बेचकर अपना नेटवर्क और इनकम दोनों बढ़ा सकते हैं।

 

💰 विशेष लाभ (Book Value Return Plan)

किताब का मूल्य आप विभिन्न माध्यमों और सर्विसेज़ प्लेटफॉर्म के ज़रिए वापस प्राप्त कर सकते हैं।

कंपनी अपने ग्राहकों को कई तरीकों से कैशबैक और इनकम अवसर प्रदान करती है।

यह किताब रिटेल, होलसेल और विशेष बिज़नेस पैकेज रेट पर उपलब्ध है।

 

1) रिटेलर फ्रेंचाइज़ — (Retailer Franchise)

योग्यता: 5 किताबें खरीदें (या 5 किताबें बेचें / 5 पार्टनर बनाएं)

 इंकम (प्रति किताब): डायरेक्ट सेल ₹250 + पार्टनर वर्किंग इनकम ₹250 (जब पार्टनर बिक्री करें)

त्वरित योजना (Action)

दिन 0–7: 5 किताबें खरीदें; रजिस्ट्रेशन पूरा करें; फ्रेंचाइज़ कोड प्राप्त करें।

दिन 8–30: अपने मोहल्ले/परिवेश में 1–2 ऑफलाइन ऑडिटोरियम/पुस्तक स्टॉल/कन्फेशन प्वाइंट बनाएं; 50 वॉट्सऐप संदेश बनाकर लक्षित समूहों में भेजें।

माह 2–3: 5 पार्टनर सक्रिय करें (हर पार्टनर को 1-2 पेज़ का पिच मटेरियल दें); पार्टनर ट्रेनिंग 30 मिनट का ज़ूम सेशन; पहले महीने में 20 किताबें लक्ष्य रखें।

परिचालन चेकलिस्ट

ग्राहक बिल और रसीद जारी करें (GST नियमों के अनुसार यदि लागू)

HTM PAY और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर कैशबैक प्रक्रिया समझें

1-पेज़ पिच (WhatsApp, फेसबुक) तैयार रखें

मासिक बिक्री/रिपोर्ट टेम्पलेट रखें

मार्केटिंग स्क्रिप्ट (WhatsApp / फोन)

“नमस्ते, मैं Htm Groups से हूँ — हमने एक स्पेशल बिज़नेस बुक लॉन्च की है ’मैं किताब नहीं कमाई हूँ’। यह सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि आपकी कमाई शुरू करने के लिए है। केवल ₹1,999 में पूरी बुक + 100% कैशबैक और फ्री फ्रेंचाइज़ कोड मिलता है। क्या मैं 1-2 मिनट में बताऊँ?”

आय-प्रोजेक्शन (उदाहरण)

अगर आप 20 किताबें/माह बेचते हैं: 20 × ₹250 = ₹5,000/माह (डायरेक्ट)

अगर आपके 5 पार्टनर भी हर एक 20 किताब बेचें: पार्टनर वर्किंग इनकम = 5 × 20 × ₹250 = ₹25,000/माह

कुल (उदाहरण): ₹30,000/माह

 (यह conservative/realistic दोनों पर निर्भर; शुरुआत में डायरेक्ट बिक्री सबसे सुरक्षित इनकम है।)

2) सुपर रिटेलर फ्रेंचाइज़ — (Super Retailer)

योग्यता: 25 किताबें खरीदें/बेंचें; या 5 पार्टनर पहले Retailer बनवाएँ

 इंकम (प्रति किताब): डायरेक्ट ₹500; पार्टनर वर्किंग Tier-1 ₹500(ज़ब पार्टनर बिक्री करे ); Tier-2 ₹250 ( ज़ब आपके रिटेलर बिक्री करे)

त्वरित योजना

दिन 0–15: 25 किताबों का स्टॉक बनाएं; 1-2 छोटे लोकल इवेंट/स्टॉल बुक करें।

दिन 16–45: अपने 5 Retailer पार्टनर्स को ट्रेन करें (स्टेप-बाय-स्टेप सेल्स प्लान) — हर Retailer को 25 किताब/माह पर motivate करें।

दिन 46–90: डिजिटल अभियान शुरू करें (Facebook/Instagram पोस्ट + WhatsApp ब्रॉडकास्ट + 2 Zoom ट्रेनिंग सत्र)

परिचालन चेकलिस्ट

लोकेशन-आधारित बिक्री रणनीति (मॉल, कॉलेज, मार्केट)

सेल्स टिकटिंग और ट्रैकिंग (कौन से पार्टनर ने कितनी बेची)

ROI ट्रैकिंग: प्रचार खर्च बनाम कैशबैक / सेवाओं का उपयोग

आय-प्रोजेक्शन (उदाहरण)

आप खुद 50 किताबें/माह बेचते हैं: 50 × ₹500 = ₹25,000/माह (डायरेक्ट)

आपके 5 डायरेक्ट पार्टनर्स (Retailer) प्रत्येक 25 किताब बेचें: 5 × 25 × ₹500 = ₹62,500/माह (Partner Working Income)

Tier-2 (जब आपके Retailer पार्टनर्स कमाते हैं) — मान लें Retailer कुल कमाई पर: 25 × 5 × ₹250 = ₹31,250/माह

कुल (उदाहरण): ₹1,18,750/माह

 

3) डिस्ट्रीब्यूटर फ्रेंचाइज़ — (Distributor)

योग्यता: 125 किताब खरीदें/बेंचें; 5 पार्टनर Super Retailer बनवाएँ

 इंकम: डायरेक्ट ₹750; पार्टनर वर्किंग Tier-1 ₹750(ज़ब आपके पार्टनर बिक्री करे ); Tier-2 ₹500( जब आपके रिटेलर बिक्री करें ); Tier-3 ₹250 (जब आपके सुपर रिटेलर बिक्री करें) 

रणनीति और एक्सपेंशन

पहला महीना: 125 किताब का इन्वेंटरी प्लान रखें; 10-15 लोकल मीटअप आयोजित करें।

नेटवर्किंग: 25-30 सक्रिय सेल्स एजेंट (micro-entrepreneurs) बनाएं जो गाँव/टाउन-लेवल पर बेचें।

डिजिटल ऑटोमेशन: सेल्स ट्रैकर (Google Sheet) और हफ्ते में 1 रिपोर्टिंग मीटिंग रखें।

ऑपरेशनल चेकलिस्ट

लॉजिस्टिक्स पार्टनर तय करें (बुक डिलीवरी)

फ्रेंचाइज़ किट: ब्रोशर, पेपर ऑर्डर फॉर्म, ट्रेनिंग वीडियो लिंक

कानूनी: पार्टनर एग्रीमेंट (basic terms) — Htm Groups के टेम्पलेट का उपयोग

आय-प्रोजेक्शन (उदाहरण)

आप खुद 200 किताबें/माह बेचते हैं: 200 × ₹750 = ₹1,50,000/माह

आपके डायरेक्ट पार्टनर्स (मान लें 125 पार्टनर्स; हर एक 20 किताब): 125 × 20 × ₹750 = ₹18,75,000/माह (यह बड़ी लेकिन नेटवर्क-आधारित संख्या है)

Tier-2/Tier-3 से और इनकम होगी — कुल मिलाकर नेटवर्क बढ़ने पर बड़ी पासिव इनकम की संभावना बनती है।

ध्यान दें: बड़े स्तर पर संख्या मॉडल पूरी तरह illustrative हैं — वितरण, री-सेल, और वास्तविक खरीद-बाजी के अनुसार बदले जा सकते हैं।

4) सुपर डिस्ट्रीब्यूटर — (Super Distributor)

योग्यता: 250 किताबें; 5 पार्टनर Distributor बनवाएँ

 इंकम: डायरेक्ट ₹1,000; पार्टनर वर्किंग ₹1,000; Tier-2 ₹750 (जब आपके रिटेलर पार्टनर बिक्री करें); Tier-3 ₹500 (जब आपके सुपर रिटेलर बिक्री करें) ; Tier-4 ₹250( जब आपके डिस्ट्रीब्यूटर बिक्री करें )

स्केलिंग प्लान (90-दिन)

दिन 1–30: 250 किताबों का चालन; 3 बड़े लोकल इवेंट/सेमिनार आयोजित करें (100+ लोग)

दिन 31–60: 10-20 छोटे रीजनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त करें; प्रत्येक को 10-20 सेल्स-एन्जिन बनवाएँ।

दिन 61–90: वीडियो टेस्टिमोनियल्स और लोकल मीडिया कवरेज (न्यूज़पेपर, रेडियो) प्राप्त करने का प्रयास करें।

समर्थन और ट्रेनिंग

मासिक मास्टरक्लास (ऑनलाइन) — मार्केटिंग, लीड जनरेशन, टीम बिल्डिंग

कस्टमर सपोर्ट चैनल — व्हाट्सऐप बॉट टेम्पलेट, FAQ डॉक्यूमेंट

5) मास्टर डिस्ट्रीब्यूटर — (Master Distributor)

योग्यता: 500 किताबें; 5 पार्टनर Super Distributor बनवाएँ

 इंकम: डायरेक्ट ₹1,250; Tier-2 ₹1,000 (जब आपके रिटेलर बिक्री करें ); Tier-3 ₹750 (जब आपके सुपर रिटेलर बिक्री करें) ; Tier-4 ₹500 (जब आपके डिस्ट्रीब्यूटर बिक्री करें ); Tier-5 ₹250 (जब आपके सुपर डिस्ट्रीब्यूटर बिक्री करें) + 10% लाइफ़टाइम बोनस Master Distributor नेटवर्क से

हाई-लेवल प्लान

लॉन्च इवेंट: शहर/रीजनल-लेवल लार्ज इवेंट (200–500 लोग) — मीडिया और पार्टनर बुलाएँ।

रोल-आउट टीम: रीजनल हेड्स, लॉजिस्टिक्स मैनेजर, ट्रेनिंग-इंचार्ज रखें।

रीवर्ड सिस्टम: टॉप-परफॉर्मर बोनस, टार्गेट-रिवॉर्ड्स, और रेफरल इनाम रखें।

वित्तीय मॉडल और लॉन्ग-टर्म वैल्यू

मास्टर का फ़ोकस: पासिव आय बनाना—जब आपकी टीम/नेटवर्क उपर्युक्त रैंक हासिल करते हैं तो आपकी इनकम बढ़ती रहती है।

10% लाइफ़टाइम बोनस Master Distributors नेटवर्क से अतिरिक्त स्थिर आय देता है — इसलिए वास्तविक वैल्यू नेटवर्क-क्वालिटी और पार्टनर्स के परफॉर्मेंस पर निर्भर है।

क्यों यह मॉडल काम करता है — व्यावहारिक कारण

Compound Growth Effect: नेटवर्क-लीड मॉडल में हर नए पार्टनर के साथ आपकी कमाई गुणनात्मक रूप से बढ़ती है।

सिंगल-पेमेन्ट, लाइफटाइम ऑपोर्चुनिटी: ₹1,999 की वन-टाइम निवेश संरचना लोगों को प्रवेश करने में सहज बनाती है।

मल्टी-चैनल कैशबैक यूज़: खरीदी की वैल्यू को HTM के विभिन्न सर्विस पर इस्तेमाल कर के री-इन्भेस्ट/यूज़-कॉलर बनाए गए फायदे।

कमिशन + पार्टनर-वर्किंग + टियर स्टेप पेसिव आय: डायरेक्ट सेल्स के साथ मल्टी-टियर पे-आउट संतुलित और टिकाऊ आय बनाते हैं।

समर्थन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग टेम्पलेट (जो HTM Groups पूरे नेटवर्क को देगा)

स्टेप-बाय-स्टेप ऑनबोर्डिंग गाइड (PDF + वीडियो) — रजिस्ट्रेशन, कैशबैक कैसे क्लेम करें, फ्रेंचाइज़ कोड उपयोग

30–40 मिनट का फ्री ट्रेनिंग मॉड्यूल — सेल्स स्किल्स + डिजिटल प्रमोशन + टीम बिल्डिंग

WhatsApp/FB पोस्ट टेम्पलेट्स (copy-paste ready)

Pitch Call Script (2-मिनट वैरिएंट) और 30-सेकंड शॉर्ट पिच (event/stall के लिए)

FAQ डॉक्यूमेंट — कैशबैक, रिटर्न पॉलिसी, ट्रेनिंग शेड्यूल, आईटी सपोर्ट नंबर

जोखिम प्रबंधन और कानूनी-नोट

ट्रांसपेरेंसी: हर फ्रेंचाइज़ पार्टनर को भुगतान संरचना, बोनस नियम, और रिफंड पॉलिसी लिखित में मिले।

कानूनी अनुपालन: GST, इनवॉइसिंग, और पार्टनर एग्रीमेंट्स की बेसिक जानकारी साझा की जानी चाहिए। Htm Groups के टेम्पलेट्स का उपयोग करें।

कस्टमर-प्रोटेक्शन: किताब/प्रोडक्ट क्वालिटी गारंटी; फर्जी दावों से बचना; misleading income claims से सावधान रहें — असली केस-स्टडी और सामान्य ROI-रेंज साझा करें।

90-दिन का समेकित रोडमैप (सभी रैंकों के लिए — नया पार्टनर / अपग्रेड करने वाले के दृष्टिकोण से)

पहला 30 दिन: खरीद, रजिस्ट्रेशन, बेसिक ट्रेनिंग, 1-2 लोकल सेलिंग इवेंट, 5–25 किताबें बेचने का लक्ष्य।

दिन 31–60: पार्टनर रिक्रूटमेंट (5–25 लोगों तक), सप्ताहिक रिपोर्टिंग, पहले पार्टनर को ट्रेन कर के Retailer/Super Retailer लक्ष्य।

दिन 61–90: रेडिएशन (region expansion), बड़े इवेंट, फ़ीडबैक इकठ्ठा कर के मार्केटिंग मैटेरियल अपडेट करें, और अगले रैंक के लिए पूंजी/इन्वेंटरी का फ़ैसला लें।

अंतिम सुझाव / टेक्टिकल टिप्स (फील्ड-लेवल)

लो-कोस्ट लोकल इवेंट्स: स्कूल-कॉलेज, स्टेशन, दुकानदार मंडल — छोटी भीड़ में पुस्तकें जल्दी बिकती हैं।

ट्रायल-ऑफर: पहली खरीद पर छोटे-छोटे ऐप-बोनस/कूपन दें ताकि ग्राहक HTM सेवाओं का उपयोग करें।

ट्रेन द ट्रेनर: हर रैंक में 2-3 सीनियर ट्रेनर रखें जो नए लोगों को हफ्ते में 1 बार ट्रेन करें।

डेटा-ड्रिवेन निर्णय: हर महीने सेल्स डेटा देख कर फ़ोकस क्षेत्रों को बढ़ाएँ।

रेवर्ड पब्लिसिटी: सफल पार्टनर की कहानियाँ लोकल मीडिया/सोशल पर शेयर करें — यह रिक्रूटमेंट में मदद करेगी।

“हर भारतीय को ऐसा प्लेटफॉर्म देना जहाँ एक किताब खरीदकर वह अपनी खुद की कमाई और बिज़नेस साम्राज्य की नींव रख सके।”

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📲 फोन: 02269719700
💬 व्हाट्सएप: 7014048687
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✨ “स्वर्ग क्या है, यह जानने के लिए मरना पड़ता है — और कमाई क्या है, यह जानने के लिए ‘मैं किताब नहीं कमाई हूँ’ खरीदनी पड़ती है!”

 

चुनाव आयोग ने झारखंड, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा उपचुनाव की घोषणा की

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग (Election Commission) ने झारखंड, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर में (In Jharkhand, Mizoram and Jammu-Kashmir) विधानसभा उपचुनाव की घोषणा की (Announced assembly By-elections) ।

झारखंड, मिजोरम और जम्मू-कश्मीर की विधानसभा की कुछ सीटें हाल ही में खाली हुई हैं, जिन्हें भरने के लिए चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की तारीखें तय की हैं। यह उपचुनाव 16 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। झारखंड की 45-घाटशिला (एसटी) विधानसभा सीट (जो राम दास सोरेन के निधन के कारण 15 अगस्त, 2025 को खाली हुई थी) पर उपचुनाव होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने इस सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए कहा है कि 16 नवंबर तक नया विधायक चुना जाएगा। निर्वाचन के लिए 21 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तारीख रहेगी। 22 अक्टूबर को नामांकन की जांच होगी और 24 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। 11 नवंबर को मतदान होगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।

मिजोरम की 2-डांपा (एसटी) विधानसभा सीट भी खाली हुई थी, जब लालरिंतलुआंगा सैलो का निधन 21 जुलाई, 2025 को हुआ। यहां भी उपचुनाव 16 नवंबर तक पूरा होना है। यहां नामांकन 21 अक्टूबर तक जमा करने होंगे, 22 अक्टूबर को नामांकन की जांच होगी, 24 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा।

जम्मू-कश्मीर के नागरोटा विधानसभा क्षेत्र की 77 नंबर की सीट देवेंद्र सिंह राणा के निधन के कारण 31 अक्टूबर, 2024 को खाली हुई थी। यहां भी चुनाव आयोग ने उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है। यहां नामांकन की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर निर्धारित की गई है। 22 अक्टूबर को नामांकन की जांच होगी और 24 अक्टूबर तक नाम वापसी की अनुमति रहेगी। मतदान की तारीख 11 नवंबर तय की गई है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। इन तीनों उपचुनावों के लिए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत होगी। सभी चुनाव विधि और नियमों के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराए जाएंगे।

Kodvidya Academy of Computer Technology: Transforming Dreams into Digital Futures 

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Founded under the inspiring leadership of Chairman Mr. Anupam Gupta, Kodvidya Academy began with a simple yet powerful goal — to empower youth through the language of technology.
Over the years, the institution has worked tirelessly to make that vision a reality, ensuring that every student, regardless of background…
Kodvidya Academy of Computer Technology: Empowering Youth with Digital Skills 🌟

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As India moves toward becoming a global digital powerhouse, Kodvidya Academy of Computer Technology continues to play a vital role in nurturing the next generation of IT professionals, entrepreneurs, and innovators.

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करूर भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिए CBI जांच के आदेश, पूर्व जज अजय रस्तोगी करेंगे निगरानी

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नई दिल्ली. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के करूर (Karur) में अभिनेता-राजनेता विजय (vijay) के रैली के दौरान मची भगदड़ (stampede) के मामले में TVK ने सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र जांच की याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला सुनाया और मामले की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि भगदड़ की जांच एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में हो, क्योंकि पार्टी का कहना है कि सिर्फ तमिलनाडु पुलिस की तरफ से बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) से जनता का भरोसा नहीं बनेगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भगदड़ पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है।

पूर्व जज अजय रस्तोगी करेंगे निगरानी
वहीं टीवीके की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी को करूर भगदड़ मामले में सीबीआई जांच की निगरानी करने वाली समिति का प्रमुख नियुक्त किया है। टीवीके के सचिव आधव अर्जुना ने इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था। इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने एसआईटी का गठन किया था, जिसे टीवीके ने चुनौती दी थी।

टीवीके के कई सदस्यों पर एफआईआर
भगदड़ के तुरंत बाद विवाद और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए थे। करूर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर टीवीके के करूर (उत्तर) जिला सचिव माधियाझगन, जनरल सेक्रेटरी बसी आनंद, और ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, और अन्य की जान जोखिम में डालना जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस का कहना है कि भगदड़ में कोई खुफिया चूक नहीं हुई। रैली में विजय देर से पहुंचे, और लोग कई घंटे से इंतजार कर रहे थे।

कैसे बेताब हुई भीड़?
पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से कहा था कि विजय की विशेष रैली बस को निर्धारित स्थान से कम से कम 50 मीटर पहले रोक दें। लेकिन आयोजकों ने तय जगह पर ही बस खड़ी की। पुलिस के अनुसार, ’10 मिनट तक नेता बस से बाहर नहीं आए, जिससे भीड़ असंतुष्ट हो गई। लोग उन्हें देखने के लिए बेताब थे।’

टीवीके पर शर्तों का पालन न करने का आरोप
बता दें कि, इस रैली के लिए टीवीके ने 10,000 लोगों के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन रैली में लगभग 25000 लोग जमा हो गए। पुलिस ने कहा कि पार्टी ने पर्याप्त पानी, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं नहीं कीं और अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया।

इन राज्यों से लौटेगा मानसून, अगले 7 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है. हाल में पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी और बारिश के कारण मौसम में काफी परिवर्तन देखने को मिला है और पारा भी नीचे लुढका है. वहीं, देश की राजधानी और उसकी सीमा से सटे राज्यों में 13 अक्टूबर से कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने वाला है. अगले पांच दिनों तक मौसम में किसी खास बदलाव का अनुमान नहीं है.

वहीं, दूसरी ओर मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के बचे हुए हिस्सों, संपूर्ण झारखंड, छत्तीसगढ़, सिक्किम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में और अगले दो से तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी को लेकर परिस्थितियां अनुकूल हैं. वहीं, अगले सात दिनों के दौरान, केरल और तमिलनाडु दो राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है.

मौसम विभाग के मुताबिक 12,13,14,15,16,17 और 18 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में असम में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. बीते 24 घंटे में कई इलाकों में 7 से 20 सेमी बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा बीते 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है.

दक्षिण भारत की बात करें तो 12-18 अक्टूबर के दौरान, तमिलनाडु, केरल, 13 और 14 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश होगी. 12-16 अक्टूबर के दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना में, 12 व 13 अक्टूबर को लक्षद्वीप में बिजली और तेज हवा के साथ गरज के साथ छीटें पड़ने की संभावना है.

पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो 12 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी है. 12-14 अक्टूबर के दौरान ओडिशा में, 14-16 अक्टूबर के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़ में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में 12 अक्टूबर को असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बिजली गिरने के साथ तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है. आईएमडी के अनुसार, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है. केरल और माहे, ओडिशा, असम और तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) दर्ज की गई है.

तमिलनाडु में 15000 करोड़ रुपए निवेश करने का ऐलान किया फॉक्सकॉन ने

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नई दिल्ली । फॉक्सकॉन (Foxconn) ने तमिलनाडु में 15000 करोड़ रुपए निवेश करने (Investment of Rs. 15000 crore in Tamilnadu) का ऐलान किया (Announced) । इससे प्रदेश में 14,000 हाई-वैल्यू नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

राज्य के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने सोमवार को यह जानकारी दी। राज्य के मंत्री के अनुसार, यह तमिलनाडु में इंजीनियरिंग नौकरियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है और इससे तमिलनाडु के इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा। राजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “तमिलनाडु में अब तक की सबसे अधिक इंजीनियरिंग जॉब्स। ताइवान की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन ने तमिलनाडु में 15000 करोड़ रुपए निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है और इससे 14,000 हाई वैल्यू नौकरियां पैदा होंगी। इंजीनियरर्स तैयार रहें।”

राजा ने कहा कि इस निवेश के जरिए फॉक्सकॉन तमिलनाडु में अगले चरण की वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग, आरएंडडी इंटीग्रेशन, एआई-संचालित एडवांस टेक्नोलॉजी ऑपरेशन लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन के भारत में प्रतिनिधि रॉबर्ट वू ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की और राज्य में कंपनी की निवेश योजनाओं के बारे में बताया।

कंपनी के विकास कार्यों को सहयोग देने के लिए, तमिलनाडु की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी गाइडेंस भारत में पहला फॉक्सकॉन डेस्क स्थापित करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह डेस्क परियोजनाओं के सुचारू संचालन और मिशन-मोड क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा, और इसे “द्रविड़ मॉडल 2.0” की दिशा में एक कदम बताया।

यह घोषणा रॉबर्ट वू द्वारा पिछले रविवार को बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात के बाद की गई है। उस बैठक के दौरान, उन्होंने कर्नाटक में फॉक्सकॉन की उपस्थिति को मजबूत करने और मैन्युफैक्चरिंग एवं टेक्नोलॉजी सहयोग में नए अवसरों की खोज के तरीकों पर चर्चा की। फॉक्सकॉन वर्तमान में तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में सक्रिय है, और ये नई योजनाएं भारत में कंपनी के बड़े विस्तार का संकेत देती हैं।

भारत सरकार ने चिनाब नदी पर सावलकोट प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, सिंधु समझौता पहले से ही है रद्द

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श्रीनगर। भारत सरकार (Government of India) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के रामबन जिले (Ramban district) में चेनाब नदी (Chenab River ) पर बनने वाले 1856 मेगावॉट के सावलकट जलविद्युत परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी दे दी है। यह परियोजना रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब भारत ने पाकिस्तान के साथ इंडस वाटर ट्रीटी यानी सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है।

करीब चार दशक से अटकी यह परियोजना अब फिर से गति पकड़ने जा रही है। इसे राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) दो चरणों में बनाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 31,380 करोड़ रुपये है और इसके तहत चेनाब नदी के जल का उपयोग रामबन, रियासी और ऊधमपुर जिलों में किया जाएगा।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
सावलकट परियोजना में 192.5 मीटर ऊंचा रोलर-कंपैक्टेड ग्रेविटी डैम बनाया जाएगा। इसके साथ ही एक अंडरग्राउंड पावरहाउस (भूमिगत विद्युत गृह) स्थापित किया जाएगा, जिसमें मशीन हॉल, टर्बाइन और जेनरेटर जैसी मुख्य इकाइयां होंगी। यह परियोजना सालाना लगभग 7,534 मिलियन यूनिट बिजली उत्पन्न करने की क्षमता रखती है।

एक बार शुरू होने के बाद, यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी। इससे न केवल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि भारत की चेनाब नदी के जल को संग्रहित और प्रबंधित करने की क्षमता भी बढ़ेगी। ऐसा करना इंडस वाटर ट्रीटी के तहत भारत का अधिकार है, परंतु अब तक तकनीकी और कूटनीतिक कारणों से इसका पूरा उपयोग नहीं हो पाया था।

1960 की संधि और भारत का अधिकार
1960 में साइन की गई इंडस वाटर ट्रीटी के तहत तीन पूर्वी नदियां- रावी, ब्यास और सतलुज भारत को दी गई थीं, जबकि तीन पश्चिमी नदियां- सिंधु, झेलम और चेनाब पाकिस्तान को आवंटित की गईं। हालांकि, भारत को इन पश्चिमी नदियों के जल का सीमित उपयोग गैर-उपभोगी कार्यों जैसे रन-ऑफ-द-रिवर हाइड्रोपावर उत्पादन, नौवहन और मत्स्य पालन के लिए करने की अनुमति है।

भारत ने अप्रैल 22 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद से सरकार ने पश्चिमी नदियों के जल का अधिकतम उपयोग करने की दिशा में कदम तेज किए हैं।

पुनर्वास और पर्यावरणीय स्थिति
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना के लिए कुल 1,401.35 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें से 847.17 हेक्टेयर वन क्षेत्र और 554.18 हेक्टेयर गैर-वन भूमि शामिल है। परियोजना के चलते 13 गांवों के लगभग 1,500 परिवारों को विस्थापित होना पड़ेगा। NHPC ने इसके लिए विस्तृत पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना तैयार की है, जिसमें प्रभावित परिवारों को आवास, जीविकोपार्जन सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव है।

पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति की बैठक के अनुसार, परियोजना स्थल से 10 किलोमीटर के दायरे में कोई भी राष्ट्रीय उद्यान या वन्यजीव अभयारण्य नहीं है। निकटतम संरक्षित क्षेत्र- किश्तवाड़ हाई-एल्टीट्यूड नेशनल पार्क परियोजना से लगभग 62.8 किलोमीटर दूर स्थित है।

परियोजना का इतिहास
सावलकट परियोजना का प्रस्ताव पहली बार 2016 और 2017 में पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष रखा गया था, लेकिन वन स्वीकृति और पुनर्वास से जुड़ी जटिलताओं के कारण इसे मंजूरी नहीं मिल सकी। बाद में 3 जनवरी 2021 को जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और NHPC के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके बाद परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

रणनीतिक और आर्थिक महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि सावलकट परियोजना न केवल जम्मू-कश्मीर की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी, बल्कि यह भारत के लिए एक रणनीतिक जवाब भी होगी, जिससे चेनाब बेसिन पर नियंत्रण और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह परियोजना ऊर्जा, पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा तीनों ही दृष्टियों से भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।