धीरेंद्र शास्त्री बोले, ‘आई लव मोहम्मद’ पर कोई आपत्ति नहीं, ‘आई लव महादेव’ पर भी सवाल नहीं उठना चाहिए

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धीरेंद्र शास्त्री ने ‘आई लव मोहम्मद’ पर कहा- उन्हें आपत्ति नहीं, लेकिन ‘आई लव महादेव’ पर भी सवाल नहीं उठने चाहिए. कहा कि 7-16 नवंबर को राष्ट्रवाद के संदेश के लिए पदयात्रा करेंगे. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर अपना रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस नारे से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि उन्होंने इसका समर्थन भी किया था. हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे कहते हैं ‘आई लव महादेव’, तो किसी को इससे दिक्कत क्यों होती है? धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हर धर्म के प्रति प्रेम होना चाहिए, लेकिन ‘सर तन से जुदा’ जैसे बयान कानून और संविधान दोनों के खिलाफ हैं. हम तलवार की नहीं, विचारों की लड़ाई लड़ते हैं.

पटाखों के मुद्दे पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का क्या है बयान
शास्त्री ने अपने विवादित पटाखा बयान पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि अगर पटाखे प्रदूषण फैलाते हैं, तो यह बात सभी मौकों पर लागू होनी चाहिए- चाहे क्रिसमस, नए साल या क्रिकेट मैच जीतने के मौके पर ही क्यों न हो. उन्होंने सवाल उठाया कि केवल हिंदू त्योहारों पर ही क्यों ‘उपदेश’ दिया जाता है कि पटाखे न जलाएं.शास्त्री ने कहा कि अगर सिर्फ हिंदुओं को निशाना बनाया जाएगा, तो हमें गुस्सा आएगा. हमें लगता है कि हिंदुओं का उत्साह कम करने की कोशिश हो रही है. हम संतुलन की बात करते हैं, भेदभाव की नहीं.

जाति से ऊपर उठो और राष्ट्र के लिए जियो – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी आगामी दिल्ली से वृंदावन पदयात्रा (7 से 16 नवंबर) के उद्देश्य पर कहा कि यह यात्रा किसी दल या धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के लिए है. उन्होंने कहा कि हम धर्म और जाति के नाम पर लड़ रहे हैं, इससे देश में भटकाव बढ़ रहा है. हमें अपनी ऊर्जा जाति, धर्म और क्षेत्रीयता से ऊपर उठाकर राष्ट्र के लिए लगानी चाहिए। तभी सच्चा परिवर्तन आएगा.उन्होंने कहा कि भारत तभी मजबूत होगा जब हर हिंदू जागरूक और एकजुट होगा. ‘डिफेंडर या फॉर्च्यूनर में घूमने से हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा. हमें हर गली और हर गांव तक पहुंचना होगा, तभी हिंदुत्व बचेगा.

राजनीतिक दलों पर शास्त्री ने दी टिप्पणी
धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई गठबंधन नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में किसी भी पार्टी ने हिंदुत्व का ठेका नहीं लिया है. सभी दल हमारे हैं, क्योंकि हर दल में हिंदू हैं. उन्होंने बताया कि उनके कांग्रेस नेताओं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से भी अच्छे संबंध हैं और उन्होंने स्वयं छिंदवाड़ा में उनकी कथा का आयोजन किया था

अंतरिक्ष छोड़िए, भारत अब चांद पर भेजेगा इंसान; ISRO चीफ ने बता दी पूरी टाइमलाइन

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रांची। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) के अध्यक्ष वी. नारायणन (V. Narayanan) ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत (India) 2040 तक अपने नागरिकों (Citizens) को चांद (Moon) पर उतारने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके साथ ही, भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान ‘गगनयान’ 2027 में लॉन्च होगी। नारायणन ने रांची में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Birla Institute of Technology) मेसरा के 35वें दीक्षांत समारोह में यह बात कही।

नारायणन ने बताया कि ‘गगनयान’ मिशन के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस मिशन से पहले तीन मिशन मानवरहित होंगे। पहला मिशन दिसंबर 2025 में होगा, जिसमें हाफ ह्यूमनॉयड रोबोट ‘व्योममित्र’ अंतरिक्ष में जाएगा। इसके बाद 2026 में दो और मानवरहित मिशन होंगे। नारायणन ने कहा, ‘2027 के पहले तिमाही में गगनयान के जरिए भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन पूरा होगा।’

ISRO प्रमुख ने बताया कि भारत 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (BAS) तैयार कर लेगा। इसके शुरुआती मॉड्यूल 2027 तक अंतरिक्ष में स्थापित हो सकते हैं। इसके अलावा, चंद्रयान-4, चंद्रयान-5, एक नया मंगल मिशन और एक खगोलीय वेधशाला मिशन ‘एक्सओएम’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में हैं। नारायणन ने कहा कि शुक्र ग्रह का अध्ययन करने के लिए ‘वीनस ऑर्बिटर मिशन’ को मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही, सूरज का अध्ययन करने वाला ‘आदित्य-एल1’ मिशन अब तक 15 टेराबाइट से ज्यादा डेटा जमा कर चुका है, जो सूर्य की गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम को समझने में मदद कर रहा है।

ISRO प्रमुख ने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहा है, लेकिन जलवायु विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे वैश्विक मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए तैयार है। नारायणन ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACE ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को जोड़कर क्रांति ला दी है। कुछ साल पहले जहां एक-दो स्टार्टअप थे, वहीं आज 300 से ज्यादा स्टार्टअप सैटेलाइट बनाने, लॉन्च सेवाएं देने और अंतरिक्ष डेटा विश्लेषण में काम कर रहे हैं। ये स्टार्टअप कृषि, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, रेल और वाहन निगरानी, और मछली पालन जैसे क्षेत्रों में मदद कर रहे हैं।

चांद पर मानव मिशन जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए भारत अपनी लॉन्च क्षमता को बढ़ा रहा है। नारायणन ने कहा, ‘हम शुरू में 35 किलो वजन के उपग्रह लॉन्च करते थे, लेकिन अब हम 80,000 किलो तक की क्षमता विकसित कर रहे हैं।’ इसके लिए श्रीहरिकोटा में तीसरा लॉन्च पैड बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 4000 करोड़ रुपये होगी। यह अगली पीढ़ी के लॉन्च वाहनों (NGLV) को भी सपोर्ट करेगा।

‘पति को लट्टू की तरह नहीं घुमाना चाहिए’, सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी को लेकर की ये टिप्पणी

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक दंपत्ति के मामले में टिप्पणी की है कि पत्नी (Wife) को पति (Husband) को लट्टू की तरह नहीं घुमाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने दंपत्ति को सलाह दी कि वे अपने अहंकार को एक तरफ रखकर अपने बच्चे (Children) के हित में फैसला लें. न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की खंडपीठ ने मंगलवार को यह टिप्पणी उस समय की जब पत्नी अपने पति के कई सुझावों को मानने से इंकार कर रही थी, जो पति ने उनमें जारी मतभेद सुलझाने और बच्चे से मिलने के लिए दिए थे.

बता दें इस मामले में पति दिल्ली में रेलवे विभाग में काम करता है, जबकि पत्नी पटना में अपने माता-पिता के साथ रह रही है. वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में नौकरी करती है और बच्चा भी उसके साथ है. पति ने अदालत को बताया कि ससुराल वालों ने उसके खिलाफ केस दायर किया है, इसलिए वह उनके घर पर नहीं रह सकता. उसने कहा कि वह पटना में अलग आवास लेकर रहेगा और हफ्ते पर बच्चे से मिलने आएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रस्ताव को वाजिब बताया और पत्नी के वकील से कहा कि वह उसे यह समझाने की कोशिश करें, लेकिन पत्नी ने प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया. अदालत को यह भी बताया गया कि पत्नी अपने ससुराल वालों से मतभेदों की वजह से दिल्ली आने से हिचक रही है. इस पर अदालत ने पति से कहा कि वह या तो पटना में ही बच्चे से मिलने की व्यवस्था करे या फिर अपने माता-पिता को कुछ समय के लिए होटल या गेस्ट हाउस में ठहराए ताकि पत्नी दिल्ली आ सके.
 

 

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एआई हब के लिए 15 बिलियन डॉलर निवेश करेगी टेक कंपनी गूगल – केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

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नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnav) ने बताया कि टेक कंपनी गूगल (Tech giant Google) आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में (In Visakhapatnam Andhra Pradesh) एआई हब के लिए 15 बिलियन डॉलर निवेश करेगी (Will invest $15 Billion for AI Hub) ।

अपकमिंग इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के ऑफिशियल प्री-समिट इवेंट ‘भारत एआई शक्ति’ के बाद मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, “भारत ने आईटी में वैश्विक स्तर अपनी एक अलग और बड़ी पहचान बनाई है। एआई के इस दौर में भारत की यह पहचान और ताकत बनी रहे, इसके लिए बहुत जरूरी है कि एआई का इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में प्रवेश करे। डिजिटल इंफ्रा भारत में आए।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए एआई मिशन में कॉमन कंप्यूट फैसिलिटी लाई गई और गूगल का यह 15 बिलियन डॉलर का निवेश यह भी उसी एआई इंफ्रा को बढ़ावा देगा। बड़ी कंप्यूट फैसिलिटी बनेगी, जो हमारे स्टार्टअप्स, रिसर्च और युवाओं के लिए एक बड़ी ताकत बनेगी।”

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने पीएम मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा, “पीएम मोदी विजन और प्रयासों से विश्व की सबसे बड़ी कंपनियां भारत में अपना इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर रही हैं। इसी तरह, एन. चंद्रबाबू नायडू के क्रियान्वयन और विजन के कारण आज बहुत ही कम समय में यह संभव हो पाया है।” एआई के बढ़ते प्रभाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई के कारण हमारी जिंदगी के हर पहलू पर प्रभाव पड़ रहा है। हम इस प्रभाव को किस प्रकार लाभकारी बना सकते हैं, किस प्रकार जल्द से जल्द हमारे आईटी प्रोफेशनल और युवाओं को अपस्किल कर एआई-रेडी बनाएं इस पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि नए अवसरों का लाभ भारत सबसे पहले ले सके।

इस बीच, कार्यक्रम को लेकर एक्स हैंडल पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नीतियों ने भारत को डिजिटल सेक्टर में अग्रणी स्थान दिलाया है। भारत अब एआई और क्वांटम सेक्टर में भी अग्रणी होगा। उन्होंने लिखा, भारत एआई शक्ति कार्यक्रम में गूगल के एआई सिटी विशाखापत्तनम में 1 गीगावाट हाइपरस्केल डेटा सेंटर कैंपस का लॉन्च देखा। कंपनी इस परियोजना में 5 वर्षों में 80,000 करोड़ तक का निवेश करेगी।”

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कार्यक्रम में कहा कि यह परियोजना भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक नया अध्याय है। उन्होंने भारत के पहले 1 गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर और देश में गूगल के पहले एआई हब की स्थापना में राज्य की भूमिका पर प्रकाश डाला। गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन ने एआई हब को भारत के डिजिटल भविष्य में एक ऐतिहासिक निवेश बताया।

पदयात्रा का उद्देश्य बताया, बाबा बागेश्वर ने कहा – हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान का उत्सव देशभर में मनाया जाए

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बागेश्वर धाम के आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री आने वाले दिनों में पदयात्रा पर निकलने वाले है. आज उन्‍हाेंने देश में चल रहे कई मुद्दों पर विशेष चर्चा करतें हुए उनकी आने वाली यात्रा के बारे में भी बात की है. धीरेंद्र शास्‍त्री ने कहा कि देश में जातिवाद के नाम पर ज़हर नहीं फैलना चाहिए और हिंदू, हिंदुत्व व हिंदुस्तान का जश्न मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि डिफेंडर या फॉर्च्यूनर में घूमने से देश हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, बल्कि हर गाँव, गली और नुक्कड़ तक पहुँचकर ही हिंदू जाग्रत होगा. इसी उद्देश्य से वे 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक 10 दिनों की पदयात्रा करेंगे.

डिफेंडर या फॉर्च्यूनर में घूमने से यह देश हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा – धीरेंद्र शास्त्री
आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि हम चाहते हैं कि जातिवाद के नाम पर कोई ज़हर न फैलाया जाए. हम चाहते हैं कि इस देश में हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान का जश्न मनाया जाए. हम मुसलमानों या ईसाइयों के ख़िलाफ़ नहीं हैं. हम हिंदुओं की संख्या में आई गिरावट, हिंदुओं में व्याप्त भय, हिंदुओं पर हो रहे या हो चुके अत्याचारों की भरपाई नहीं कर सकते. उन्‍होंने कहा कि डिफेंडर या फॉर्च्यूनर में घूमने से यह देश हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा. हमें हर गाँव, हर गली, हर नुक्कड़ पर जाना होगा. तभी हिंदू बचेगा, तभी हिंदू जागृत होगा. उन्‍होंने आगे कहा कि इसलिए, हम 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक 10 दिनों की यह पदयात्रा कर रहे हैं, ताकि हर गाँव और हर गली के हिंदुओं को गले लगाया जा सके.

प्रधानमंत्री मोदी भाई की तरह हैं – धीरेंद्र शास्त्री
प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने संबंधों पर आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि वे एक भाई की तरह बहुत सौहार्दपूर्ण हैं. देश के लिए उनके जैसा प्रधानमंत्री पाना बहुत मुश्किल है. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि वह केवल देश के लिए सोचते हैं. मिशन 2047 को लेकर भारत का दृष्टिकोण अभूतपूर्व है. दुश्मन के घर में घुसकर उसे मारना अभूतपूर्व है. वह ‘राम’ और ‘राष्ट्र’ की बात करते हैं. वह ‘खेल’ और ‘रेल’ की बात करते हैं. वह ‘चाय’ और ‘गाय’ की बात करते हैं.

पटाखे फोड़े जाने पर हिंदुओं को निशाना बनाएंगे, तो हमें जलन होगी – धीरेंद्र शास्त्री
पटाखों पर अपनी टिप्पणी पर आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं कि किसी ने बयान दिया कि पटाखे प्रदूषण फैलाते हैं. हम इससे सहमत हैं, लेकिन पटाखे क्रिसमस के दिन, पहली जनवरी को भी फोड़े जाते हैं. जब देश क्रिकेट मैच जीतता है, तब भी पटाखे फोड़े जाते हैं. उससे भी प्रदूषण होता है. लेकिन आप हमारे हिंदू त्योहारों पर पटाखे फोड़े जाने का उपदेश क्यों देते हैं? अगर आप सिर्फ़ हिंदुओं को निशाना बनाएंगे, तो हमें जलन होगी, हमें इस बात का गुस्सा आएगा कि आप हमें निशाना बना रहे हैं और आप हिंदुओं का उत्साह कम करना चाहते हैं.

आई लव मोहम्‍मद विवाद पर बोले धीरेंद्र शास्त्री
‘आई लव मोहम्मद’ विवाद में आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, कि‍ मुझे कोई दिक्कत नहीं है. हमने इसका समर्थन किया था. लेकिन जब मैं कहता हूं ‘आई लव महादेव’, तो आपको कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. और दूसरी बात, ‘सर तन से जुदा’ जैसे बयान मत दीजिए. ये देश के कानून के खिलाफ है. ये देश के संविधान के खिलाफ है. उन्‍होंने कहा कि हमारे अब तक के सारे बयान देखिए. हमने सिर्फ एक ही बात कही है. हम तलवारबाजी में विश्वास नहीं रखते. हम विचारों की लड़ाई में विश्वास रखते हैं.”

प्रेमानंद महाराज के सामने दंडवत हुए धीरेंद्र शास्त्री, ऐसी रही मुलाकात

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नई दिल्ली: प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) की सेहत इन दिनों कुछ अस्वस्थ है, जिसके चलते वे अपने भक्तों से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं. बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) मंगलवार को अचानक प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वृंदावन पहुंचे. बागेश्वर बाबा ने सीधे श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचकर प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना. इसी दौरान प्रेमानंद महाराज और बागेश्वर बाबा के बीच कुछ वार्तालाप भी हुआ.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री का वृंदावन का यह दौरा सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि प्रेमानंद महाराज से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए था. आश्रम में पहुंचकर धीरेंद्र शास्त्री ने भीड़ में मौजूद सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए प्रेमानंद महाराज को दंडवत प्रणाम भी किया.

बागेश्वर बाबा ने प्रेमानंद जी महाराज से आशीर्वाद लेकर कहा कि मायाजाल में फंसे थे, मुंबई में और अब भगवान की कृपा से आपके दर्शन करने के लिए आ पाए हैं. इसपर महाराज जी ने कहा कि भगवान के पार्षद मायाजाल से जीवों को मुक्त करने जाते हैं. आप जहां भी जाएं वहां भगवत नाम की गर्जना करें, उससे मायाजाल से मुक्ति मिल जाती है.

इसके अलावा, धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी दिल्ली से वृंदावन तक निकलने वाली सनातन एकता पदयात्रा का प्रेमानंद महाराज को आमंत्रण दिया. बागेश्वर बाबा की यह यात्रा 16 नवंबर तक चलेगी. इस वार्तालाप के अंत में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाराज जी से कहा कि आप जैसे महापुरुषों की कृपा बनी रहे. जानकारी के लिए बता दें कि प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब होने की वजह से उनकी रात्रिकालीन पदयात्रा फिलहाल बंद है. इससे उनके दर्शन करने वाले निराश हैं. प्रेमानंद महाराज किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं, जिसके चलते उनकी हफ्ते में पांच दिन डायलसिस हो रही है.

आपस में ही भिड़ी पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस, कस्टडी को लेकर हुआ बवाल

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चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh Police) और पंजाब पुलिस (Punjab Police) के जवानों के बीच आज झगड़ा हो गया. यह घटना मंगलवार को दिन दहाड़े सुखना झील के पास हुई, जिसके चलते वहां भारी हंगामा हुआ. पंजाब पुलिस एक उपचुनव एप्लिकेंट नवनीत चतुर्वेदी, को हिरासत में लेना चाहती थी, जिसने राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. चतुर्वेदी राजस्थान का निवासी है और उस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के हस्ताक्षर जाली करने का आरोप है. यह झगड़ा तब हुआ जब चंडीगढ़ पुलिस चतुर्वेदी को सुरक्षा कवर में ले जा रही थी.

झगड़े का कारण नवनीत चतुर्वेदी की हिरासत थी. चतुर्वेदी ने अपने नामांकन में पंजाब से AAP के दस विधायकों को अपने प्रस्तावक (Proposer) के तौर पर बताया है. AAP ने आरोप लगाया कि चतुर्वेदी ने विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए हैं. इसी आरोप के चलते पंजाब पुलिस चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी. चतुर्वेदी उस समय चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में था.

सुखना झील के पास जब चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में नवनीत चतुर्वेदी जा रहा था, तो पंजाब पुलिस के जवानों ने उसे जबरदस्ती हिरासत में लेने की कोशिश की. चंडीगढ़ पुलिस ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दोनों पुलिस जवानों में खींचतान हुई और भारी हंगामा हुआ. चंडीगढ़ पुलिस ने चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया.

यह घटना आज यानी 15 अक्टूबर सुबह तब हुई, जब नवनीत चतुर्वेदी अपने नामांकन की स्क्रूटनी के बाद चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में जा रहा था. पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर चंडीगढ़ पुलिस के वाहन को इंटरसेप्ट किया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ SSP कंवरदीप कौर को मौके पर आकर मामले को शांत करना पड़ा.

इस पूरे विवाद की जड़ पंजाब में होने वाला राज्यसभा उपचुनाव है. राजस्थान के निवासी नवनीत चतुर्वेदी ने इस उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. हस्ताक्षर जाली करने के आरोप में पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, खतरे की शिकायत पर उसे चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा कवर दिया था.

ASI ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- IPS पूरन कुमार ने किया परेशान

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नई दिल्ली: हरियाणा (Haryana) के रोहतक (Rohtak) में साइबर सेल में तैनात एक एएसआई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज मिला है. मृतक एएसआई ने अपने सुसाइड नोट में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एएसआई ने लिखा है कि वाई पूरन कुमार भ्रष्टाचार में लिप्त थे और जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को हाईजैक कर रहे थे.

नोट में एएसआई ने कहा कि उसने “भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ शहादत” दी है और इस परिवार के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, मृतक एएसआई किसी अहम केस की जांच टीम का हिस्सा था, जो आईपीएस वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार से जुड़े मामले से संबंधित थी. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है. सुसाइड नोट और वीडियो को फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया है.

सुसाइड नोट में क्या लिखा
अपने सुसाइड नोट में एएसआई ने लिखा, ‘संदीप कुमार S/O दयानन्द, गांव- जुलाना, जींद से हूं. मैने अपनी जिंदगी में हमेशा सच्चाई का साथ दिया है. मुझे सच्चा और नेक आदमी बहुत पसंद है. मेरे दादाजी और छोटे दादाजी देश के लिए लड़े और सेना में रहे. छोटे दादाजी तो 7 साल बर्मा में देश कि लड़‌ाई के दौरान कैद में रहे. मेरी रगों में देशभक्ति है. देश और समाज से बड़ा कोई नहीं है. मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि उन्होंने देश को आजाद करवाने में जगाया है. वह लीजेंड थे. अगर भगत सिंह जैसे ना होते तो देश क्या आजाद होता? वो भाग सकते थे लेकिन नहीं भागे. हमारी नस्लों को प्रेरणा देता है… आज समाज में एक बड़ा मुद्दा है भ्रष्टाचार और जातिवाद…. हमेशा सच्चाई और आदर्श में बाधित करते हैं. हरियाणा में IAS अधिकारी और व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं परन्तु BJP कि सरकार में कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है. जो डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं. शुरुआत में बहुत ज्यादा कठिनाईयां आई मुझे माहौल में ढलने में. पर मेरा मन हमेशा सत्य के साथ था और रहेगा.

इस नोट में उन्होंने आगे लिखा, ‘हम अपराध पर लगाम लगाने में बहुत ज्यादा प्रयास किए और काफी हद तक बहुत से अफसरों का सहयोग मिला और अच्छा मार्गदर्शन मिला. सही के लिए प्रेरित किया ,परंतु आईजी पूरन कुमार का तबादला रोहतक रेंज में होते ही उन्होंने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी दफ्तर में कर दी और ईमानदार और कर्मठ कर्मियों का तबादला कर दिया. उन्होंने जातिवाद का जहर हमारे मुलाजिमों में घोला. मुलाजिमों को आईजी दफ्तर में बुलाकर फाइलों के नाम पर डराकर पैसे लिए और बिना शिकायत के लिए रोहतक रेंज से फाइलें मंगाकर उनमें छोटी- मोटी कमियां निकालकर उन्हें मेंटली टॉर्चर किया. एसआईएस सुनील, गनमैन सुशील पैसे ऐंठते थे. महिला पुलिस को ऑफिस में बुलाकर ट्रांसफर के नाम पर परेशान करके यौन शोषण किया गया और सामान्य नागरिकों, व्यापारियों को बुलाकर फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया गया और मोटी रिश्वत ऐंठी गई. अपराध को बढ़ावा ही नहीं दिया बल्कि जुल्म की पराकाष्ठा की गई.’

अपने नोट में उन्होंने कहा, ‘कोई आवाज उठाने की कोशिश करता तो कहता कि मेरा बाल भी बांका… घरवाली आईएएस है और साला एमएलए है और पूरी फैमिली एससी आयोग में है. मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा. यहीं से आईजी पूरन कुमार को भ्रष्टाचार करने की ताकत मिलती थी और उन्होंने दबाकर भ्रष्टाचार किया. उच्च अधिकारियों और सीएम की जानकारी में यह बात आने पर उनका ट्रांसफर किया गया. ट्रांसफर के बाद एक व्यापारी, जिसे बदमाशों और गुंडों द्वारा पहले भी धमकी दी गई थी, उसको अपने ऑफिस में बुलाकर बेइज्जत किया और मां-बहन की गालियां दी. उनके (व्यापारी) ऑफिस में जाकर गनमैन सुशील कुमार ने पैसे लिए जिसकी सीसीटीवी फुटेज और वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करके जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. आईजी साहब का केस में नाम आने पर उन्होंने जातिगत आयोग का सहारा और राजनीतिकरण रंग देने के लिए झूठा सुसाइड नोट तैयार करके आत्महत्या की. जिस बारे में केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए यह कदम उठाया और आईएएस वाले ईमानदार अफसरों को टारगेट करने का मौका मिल गया. पूरे हरियाणा में जातिगत जहर घोलकर ईमानदार और कर्मठ अधिकारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं.’

अंत में संदीप कुमार ने लिखा, ‘यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है. इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए. आईएएस पत्नी अपना भ्रष्टाचार उजागर ना हो, संपत्ति की जांच ना हो, यह ढोंग कर रही है. परंतु सच्चाई नहीं हारनी चाहिए. यह हमारे देश और समाज के लिए आगे बढ़ने में बहुत ही जरूरी है. हमारे समाज के काले कव्वै और भ्रष्टाचारी इस लड़ाई को कम करने की कोशिश में हैं. यह भूल गए कि हमारी रगों में देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई है. मेरे जैसे 100 जानें कुर्बान, लेकिन देश नहीं झुकेगा और सच्चाई की जीत होगी. इस सच्चाई और ईमानदारी की लड़ाई में मैं पहली आहूति दे रहा हूं.’

आपको बता दें कि हरियाणा पुलिस के तेज-तर्रार और विवादों में घिरे आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास में खुद को गोली मारकर जान दे दी थी. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने कहा था कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है और उनकी शिकायतों को दबाया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर 2.0 होगा ज्यादा घातक, पश्चिमी सेना कमांडर का ऐलान, कहा- पहलगाम जैसी हरकत दोहराई तो…

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नई दिल्ली। पश्चिमी सेना (Western Army) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार (Manoj Kumar Katiyar) ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पहले से अधिक घातक और शक्तिशाली होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान भारत से युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है, लेकिन वह पहलगाम जैसी कायराना हरकतों की फिर कोशिश कर सकता है।

पत्रकारों से बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा, इस बार जो कार्रवाई होगी वह पहले से कहीं ज्यादा घातक होगी। इसमें कोई संदेह नहीं है। पाकिस्तान की हजार घावों से भारत को कमजोर करने की नीति अब भी जारी है, और भारतीय सेना इसके खिलाफ पूरी तरह तैयार है।जनरल कटियार के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने पाकिस्तान के कई पोस्ट और एयरबेस तबाह कर दिए थे। लेकिन वह फिर से कोई साजिश कर सकता है। हमें सतर्क रहना होगा और हम पूरी तरह तैयार हैं।

पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, पाकिस्तान फिर से पहले जैसी हरकत करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन उसमें हमारे सामने खुलकर लड़ने की हिम्मत नहीं है। भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हमले को नाकाम करने के लिए तैयार है। इसके लिए हमें खासकर पूर्व सैनिकों और जनता के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि जब तक पाकिस्तान की सोच नहीं बदलती, तब तक इस तरह की हरकतें होती रहेंगी, लेकिन भारतीय सेना हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर है।

भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा गूगल, CEO सुंदर पिचाई ने दी जानकारी, पीएम मोदी ने जताई खुशी

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नई दिल्ली। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Google CEO Sundar Pichai) ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) से बात की। पिचाई के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Visakhapatnam, Andhra Pradesh) में अपने पहले एआई हब के लिए अमेरिकी तकनीकी दिग्गज की योजनाओं को साझा किया।

दरअसल, गूगल ने विशाखापत्नम में एक विशाल डाटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस की घोषणा भी की। बता दें कि सेंटर अमेरिका के बाहर गूगल का यह सबसे बड़ा एआई हब होगा और अगले पांच वर्षों में भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा। भारतीय मूल के सीईओ ने इस कदम को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हब गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नया अंतर्राष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रचर को एक साथ लाएगा।

बता दें कि गूगल और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि इसके माध्यम से हम अपनी उद्योग-अग्रणी प्रौद्योगिकी को भारत में उद्यमों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे, एआई नवाचार को गति देंगे और देश भर में विकास को गति देंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने एआई डेटा सेंटर कैंपस के लिए अदानी समूह के साथ साझेदारी की है। यह देश में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप है, जिसके तहत एआई-संचालित सेवाओं के विस्तार में तेजी लाई जाएगी। बयान में आगे कहा गया कि इस पहल से भारत और अमेरिका दोनों के लिए व्यापक आर्थिक और सामाजिक अवसर पैदा होंगे और साथ ही एआई क्षमता में पीढ़ीगत बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा।

पीएम मोदी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आंध्र प्रदेश के गतिशील शहर विशाखापत्तनम में Google AI हब के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करता हूं। यह बहुआयामी निवेश, जिसमें गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर अवसंरचना शामिल है, एक विकसित भारत के निर्माण के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण में एक शक्तिशाली शक्ति होगी। यह सभी के लिए AI सुनिश्चित करेगा, हमारे नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी नेता के रूप में स्थापित करेगा!