तेज प्रताप को मिली वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा

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पटना । बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को गृह मंत्रालय की ओर से वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इस श्रेणी में अब वे आरपीएफ जवानों की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।
तेज प्रताप यादव, जो हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए थे, को यह सुरक्षा प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत प्रदान की गई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम तेज प्रताप के भाजपा के प्रति झुकाव से जुड़ा हो सकता है। गृह मंत्रालय की ओर से आधिकारिक रूप से सुरक्षा दिए जाने की पुष्टि हुई है, लेकिन राजनीतिक अटकलों पर किसी भी पक्ष से अब तक बयान नहीं आया है।दरअसल, एक दिन पहले ही तेज प्रताप ने भाजपा के सांसद रवि किशन का समर्थन किया था और उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो रोजगार देगा, मैं उसके साथ रहूंगा। तेज प्रताप पटना एयरपोर्ट पर भाजपा सांसद रवि किशन के साथ तेज प्रताप यादव नजर आए थे। इस दौरान भाजपा सांसद ने तेज प्रताप यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये दिल वाले इंसान हैं। भोलेनाथ के भक्त हैं। वह सारे लोग जिसका लक्ष्य सेवा है उसके लिए भाजपा सीना खोलकर रखती है। इनकी छवि वही आ रही है।

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पांच एकड़ में की जा रही अफीम की अवैध खेती नष्ट

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इंफाल। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने पांच एकड़ जमीन पर की जा रही अफीम की अवैध खेती को नष्ट कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सोंगलुंग, ल्हांगजोल और वाफोंग गांवों के आस-पास की पहाड़ी क्षेत्रों में की गई। मौके से आठ खोखे, उर्वरक के बैग और अफीम के बीज जब्त किए गए। 
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले दो नवंबर को भी इन्हीं इलाकों में लगभग 30 एकड़ में फैली अफीम की खेती को नष्ट किया गया था। मणिपुर में नशे के कारोबार और अफीम उत्पादन को रोकने के लिए यह अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राज्य के कुछ सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में अफीम की खेती लंबे समय से स्थानीय गिरोहों और तस्करों की मदद से की जा रही है, जिसे अब पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

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रैलियों-वादों का चुनाव…मतदाता किसके साथ

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-उम्मीदवारों के साथ दिग्गजों की साख दांव पर
-बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण के प्रचार का शोर थमा, 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान 1302 उम्मीदवार, नेपाल बॉर्डर 11 नवंबर तक सील, 
-पीएम मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार ने मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर की बड़ी रैलियां
-तेजस्वी, राहुल, प्रियंका ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय  और वोट चोरी पर रैलियां-रोड शो कर बढ़ाया जनसमर्थन

पटना/नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज की 122 सीटों पर रविवार शाम 5 बजते ही चुनाव प्रचार खत्म हुआ। इन सीटों पर वोटिंग 11 नंवबर को होनी है। 14 नवंबर को रिजल्ट आएगा। धूल और उम्मीदों से भरा बिहार का चुनावी माहौल इस बार केवल नारों से नहीं, बल्कि रैलियों की संख्या और नेताओं की मेहनत से गूंजता रहा। एक तरफ, एनडीए के अनुभवी नेता अपनी रैलियों की संख्या को विकास का प्रमाण बताते रहे। वहीं, महागठबंधन ने कम समय में दोहरी गति से जनसभाएं कर एनडीए को चुनौती दी है। ये आंकड़े बताते हैं कि इस बार सत्ता की लड़ाई सिर्फ मंच पर नहीं, बल्कि सीधे जनता तक पहुंचने की रफ्तार से तय होगी। एनडीए की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार ने मुख्य रूप से विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर बड़ी रैलियां की। वहीं महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने बेरोजगारी, सामाजिक न्याय  और वोट चोरी पर रैलियां-रोड शो कर जनसमर्थन बढ़ाया है। अब देखना है कि 11 नवंबर को मतदाता किसको वोट देते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 1165 पुरुष उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। इनके साथ 136 महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं, जबकि एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में अपनी किस्मत आजमा रहा है। 122 सीटों पर होने वाले इस चरण के मतदान में सभी उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला 11 नवंबर को वोटिंग के जरिए होगा। दूसरे चरण के मतदान से पहले भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई है। बॉर्डर को 11 नवंबर की रात तक सील की गई। इस दौरान सीमा पर लोगों के आने-जाने पर रोक है। प्रचार के अंतिम दिन रविवार को कई नेताओं ने सभाएं की। अमित शाह, राहुल गांधी और योगी आदित्यनाथ समेत नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव सहित दिग्गज नेताओं ने कई जिलों में रैलियां को संबोधित किया।

एनडीए ने 120, महागठबंधन ने की 150 सभाएं
एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित प्रमुख नेताओं ने लगभग 120 बड़ी रैलियां और रोड शो किए हैं। ये रैलियां मुख्य रूप से उन 60 सीटों पर हुईं, जहां पिछली बार मुकाबला कड़ा था। मुख्य विषय रहे, विकास, सुरक्षा और परिवारवाद पर हमला। वहीं तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके सहयोगियों ने 150 से अधिक रैलियां की हैं। तेजस्वी ने एक दिन में 15-18 सभाओं का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी रैलियां खासकर बेरोजग़ारी और पलायन वाले क्षेत्रों में हुईं, और मुख्य संदेश रहा 10 लाख सरकारी नौकरियाँ, महंगाई और सामाजिक न्याय।यह साफ दिखाता है कि एनडीए अपनी स्थापित ताकत पर भरोसा कर रहा है, जबकि महागठबंधन सीधे जनता तक पहुंचने की रणनीति पर जोर दे रहा है।

3.70 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट
इस चरण में कुल 1302 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1165 पुरुष, 136 महिला और 1 थर्ड जेंडर के उम्मीदवार शामिल हैं। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कुल 3,70,13,556 मतदाता करेंगे। मतदाताओं में 1,95,44,041 पुरुष, 1,74,68,572 महिला एवं 943 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। इस चरण में हरेक बूथ पर औसतन 815 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। खास बात यह है कि इस चरण के सभी 122 विधानसभा क्षेत्रों में दो लाख से अधिक मतदाता हैं। मतदाताओं की संख्या के अनुसार, सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र मखदुमपुर है, जहां 2,47,574 मतदाता वोट डालेंगे, जबकि सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र हिसुआ है, जहां सर्वाधिक 3,67,667 मतदाता मतदान करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्याशियों की संख्या को लेकर कुछ सीटों पर विशेष प्रतिस्पर्धा दिख रही है। सर्वाधिक 22-22 उम्मीदवारों वाले तीन विधानसभा क्षेत्र हैं- कैमूर में चैनपुर, रोहतास का सासाराम और गया जी का गया शहर। वहीं, सबसे कम उम्मीदवार (5-5) वाले छह विधानसभा क्षेत्र भी हैं। इन छह क्षेत्रों में पश्चिमी चंपारण का लौरिया और चनपटिया; पूर्वी चंपारण के रक्सौल और सुगौली; सुपौल का त्रिवेणीगंज; एवं पूर्णिया का बनमनखी विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।

45 हजार 399 मतदान केंद्र बनाए गए
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के लिए 45 हजार 399 मतदान केंद्र बनाए हैं, जिनमें से 4109 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। सुरक्षा कारणों से इन संवेदनशील बूथों पर वोटिंग का समय घटाया गया है। इनमें 19 विधानसभा सीटों के 4003 बूथों पर शाम 4 बजे तक और बोधगया के 106 बूथों पर शाम 5 बजे तक मतदान होगा। बाकी 41 हजार 290 बूथों पर वोटिंग का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। संवेदनशील घोषित किए गए 4109 बूथों में कटोरिया के 121, बेलहर के 140, चैनपुर के 430, चेनारी के 62, गोह के 25, नवीनगर के 26, कुटुंबा के 169, औरंगाबाद के 57, रफीगंज के 125, गुरुआ के 12, शेरघाटी के 48, इमामगंज के 354, बाराचट्टी के 36, रजौली के 399, गोविंदपुर के 404, सिकंदरा के 376, जमुई के 396, झाझा के 413 और चकाई के 410 बूथ शामिल हैं।

बेलगावी में भारत—श्रीलंका संयुक्त सैन्य अभ्यास मित्र शक्ति आज से 

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नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच 11वां संयुक्त सैन्य अभ्यास मित्र शक्ति 2025 सोमवार से कर्नाटक के बेलगावी में स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आरंभ हो रहा है। भारतीय सेना के मुताबिक यह अभ्यास 10 नवंबर से शुरू होकर 23 नवंबर 2025 तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद-रोधी अभियानों में दोनों पक्षों के बीच समन्वय और संचालनात्मक तालमेल को मजबूत करना है। 
संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों देशों की टुकड़ियाँ शहरी और अर्ध-शहरी इलाके में संयुक्त अभियानों का अभ्यास करेंगी, जिसमें सैन्य रणनीति, बाद में कब्ज़े और रिहाई, इंटेलिजेंस साझा करना और आपसी कम्युनिकेशन जैसी क्षमताओं पर फोकस किया जाएगा। अभ्यास से दोनों सेनाओं को संयुक्त ऑपरेशनों में बेहतर तालमेल और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। 
यह अभ्यास हाल में संपन्न भारत-तीनों सेनाओं के पहले व्यापक त्रिशूल अभ्यास के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने का एक नया कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार मित्र शक्ति जैसे अभ्यास भारतीय सैन्य कूटनीति और रणनीतिक दोस्ती को मजबूती प्रदान करते हैं तथा द्विपक्षीय विश्वास और आपसी कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं। भारतीय और श्रीलंकाई उच्चस्तरीय सैन्य अधिकारी और प्रशिक्षक बेलगावी में अभ्यास का निरीक्षण करेंगे, जबकि दोनों पक्षों ने कहा है कि अभ्यास के दौरान किसी भी संवेदनशील जानकारी और संचालन की तैनाती पर गोपनीयता रहेगी। स्थानीय सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यापक इंतजाम पहले ही किए जा चुके हैं।

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शशि थरूर ने की आडवाणी की तारीफ, कांग्रेस ने पल्ला झाडा

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नई दिल्ली । भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ वाला कांग्रेस सांसद और दिग्गज नेता शशि थरूर के  बयान दिया तो कांग्रेस पार्टी ने इससे पल्ला झाड लिया। पार्टी ने रविवार को साफ किया कि शशि थरूर अपनी बात खुद कहते हैं, इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब थरूर ने भाजपा नेता को जन्मदिन की बधाई दी और फिर आलोचना होने पर उनका बचाव किया। कांग्रेस सांसद ने तर्क दिया कि आडवाणी की इतने सालों की सेवा को सिर्फ एक घटना तक सीमित करना, चाहे वह कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, गलत है।
पवन खेड़ा  ने कहा
इसके जवाब में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के हेड पवन खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा,हमेशा की तरह, डॉ. शशि थरूर अपनी बात खुद कहते हैं और इंडियन नेशनल कांग्रेस उनके हालिया बयान से खुद को पूरी तरह से अलग करती है।
खेड़ा ने आगे कहा कि थरूर का कांग्रेस सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य बने रहना कांग्रेस की खास लोकतांत्रिक और उदार भावना को दिखाता है। सीडब्ल्यूसी  पार्टी के सबसे बड़े फैसले लेने वाली संस्था है।
यह है मामला
पूर्व उप प्रधानमंत्री रहे एलके आडवाणी इस ह ते 98 साल के हो गए। शनिवार को भाजपा नेता को बधाई देने वालों में शशि थरूर भी शामिल थे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, आदरणीय एलके आडवाणी जी को 98वें जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! सार्वजनिक सेवा के प्रति उनका अटूट समर्पण, उनकी विनम्रता और शालीनता और आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है।
थरूर की इस टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने आपत्ति जताई है। उन्होंने थरूर द्वारा आडवाणी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनकी सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने थरूर की आलोचना करते हुए कहा कि आडवाणी द्वारा घृणा के बीज बोना,जनसेवा नहीं कहा जा सकता। उन्होंने 1990 में की गई राम रथ यात्रा का हवाला दिया।
इसके जवाब में थरूर ने एक्स पोस्ट में लिखा, उनकी लंबी सेवा के वर्षों को सिर्फ एक घटना तक सीमित करना, चाहे वह कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, अनुचित है। नेहरूजी के करियर की समग्रता को चीन युद्ध की विफलता से नहीं आंका जा सकता, न ही इंदिरा गांधी के करियर को सिर्फ आपातकाल से। मेरा मानना है कि हमें आडवाणीजी के साथ भी यही स मान रखना चाहिए।

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छत गिरने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

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पटना: बिहार की राजधानी पटना से रविवार की रात एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां दानापुर दियारा के अकिलपुर थाना क्षेत्र स्थित मानस नया पानापुर 42 पट्टी में एक घर की छत अचानक गिर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में मातम फैल गया।

जानकारी के मुताबिक, देर रात जब परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे, तभी पुरानी और जर्जर छत भरभराकर गिर गई। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस की टीम ने मलबा हटाकर शवों को बाहर निकाला।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह मकान काफी पुराना था और लगातार हो रही बारिश के चलते इसकी दीवारें कमजोर हो गई थीं।

पटना में छत गिरने से मौत का यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि पुराने और जर्जर मकानों की नियमित जांच क्यों नहीं की जाती। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

बिहार में दूसरे चरण का चुनाव प्रचार समाप्त, 20 जिलों की 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 20 जिलों की 122 सीटों पर चुनाव प्रचार रविवार शाम को समापत हो गया। इन सीटों पर वोटिंग 11 नंवबर को होगी। सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है या फिर अंतिम चरण में हैं। चुनाव आयोग ने 14 नवंबर को मतगणना की तारीख तय की है। बिहार में दूसरे चरण के मतदान से पहले भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। भारत-नेपाल बॉर्डर को 11 नवंबर की रात तक सील कर दी गई है। इस दौरान सीमा पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।

20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान
गयाजी: (10 सीटें) बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी (स्ष्ट), अतरी, इमामगंज (स्ष्ट), गुरुवा, वजीरगंज
कैमूर: (4 सीटें)- चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़
रोहतास: (7 सीटें) नोखा, डेहरी, काराकाट, करगहर, सासाराम, चेनारी, दिनारा
औरंगाबाद: (6 सीटें) गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटु बा (स्ष्ट), औरंगाबाद, रफीगंज
अरवल: (2 सीटें) अरवल, कुर्था
जहानाबाद: (3 सीटें) जहानाबाद, मखदुमपुर (स्ष्ट), घोसी
नवादा: (5 सीटें) हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (स्ष्ट)
भागलपुर: (7 सीटें) बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती (स्ष्ट), कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर
बांका: (5 सीटें) बांका, अमरपुर, कटोरिया (स्ञ्ज), धोरैया (स्ष्ट), बेलहर
जमुई: (4 सीटें) सिकंदरा (स्ष्ट), जमुई, झाझा, चकाई
सीतामढ़ी: (8 सीटें) बेलसंड, बथनाहा (स्ष्ट), परिहार, सुरसंड, रीगा, सीतामढ़ी, रून्नीसैदपुर, बाजपट्टी
शिवहर: (1 सीट) शिवहर
मधुबनी: (10 सीटें) हरलाखी, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, बिस्फी, मधुबनी, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास, लौकहा
सुपौल: (5 सीटें) त्रिवेणीगंज (स्ष्ट), छातापुर, निर्मली, सुपौल, पिपरा
पूर्णिया: (7 सीटें) अमौर, कसबा, बनमनखी (स्ष्ट), रूपौली, धमदाहा, पूर्णिया, बायसी
अररिया: (6 सीटें) नरपतगंज, रानीगंज (स्ष्ट), फारबिसगंज, अररिया, जोकीहाट, सिकटी
कटिहार: (7 सीटें) बरारी, कोढ़ा, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी
किशनगंज: (4 सीटें) ठाकुरगंज, किशनगंज, बहादुरगंज, कोचाधामन (स्ष्ट)
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी): (12 सीटें) रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, हरसिद्धि, गोबिन्दगंज, केसरिया, कल्याणपुर, पीपरा, मोतिहारी, मधुबन, चिरैया, ढाका
पश्चिमी चंपारण (बेतिया): (9 सीटें) वाल्मीकिनगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया, बेतिया, सिकटा

दूसरे चरण में 1302 प्रत्याशी की प्रतिष्ठा दाव पर
बिहार में दूसरे चरण में 1302 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 136 महिलाएं, 1165 पुरुष और एक थर्ड जेंडर कैंडिडेट शामिल हैं। कुल 3,70,13,556 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चरण में 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 40,073 ग्रामीण और 5326 शहरी बूथ हैं।
 

नफरती हैं मोदी, वो लोगों को बांटना चाहते हैं… किशनगंज में PM पर राहुल गांधी का हमला

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किशनगंज: बिहार (Bihar) में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान (Voting) के लिए आज चुनाव प्रचार (Election Campaign) का आखिरी दिन है, ऐसे में तमाम दलों के नेता पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इसी कड़ी में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने किशनगंज में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी लोगों को बांटना चाहते हैं.

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम नरेंद्र के खून में नफरत है और वो लोगों को बांटना चाहते हैं उनके बीच नफरत फैलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा ‘मेरे खून में मोहब्बत और भाईचारा है और मैं हिंदुस्तान को जोड़ना चाहता हूं. यही फर्क है और यही लड़ाई है’. इस दौरान राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पीएम मोदी को जमकर घेरा. उन्होंने कहा कि सीएम ने बिहार से और पीएम ने देश में रोजगार खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा ‘बिहार में जो भी माल बिकता है वो चीन, वियतनाम, बांग्लादेश, कोरिया में बनता है. हम चाहते हैं, यहां जो माल बिके- उसमें Made in Bihar लिखा हो’.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि बिहार में आप पाइन एप्पल, आम, मक्का, मखाना उगाते हैं, लेकिन नीतीश जी ने 20 साल में एक भी फूड प्रोसेसिंग यूनिट नहीं लगवाया है. उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह मंत्री सरेआम झूठ बोलते हैं कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार में जमीन की कोई कमी नहीं है. बिहार सरकार अडानी को जितनी जमीन चाहिए देने को तैयार है. सांसद ने कहा कि अडानी को 1 रुपए प्रति एकड़ की दर से जमीन दी गई है. उन्होंने कहा कि BJP नफरत फैलाकर जनता का ध्यान भटकाती है और देश का पैसा ले लेती है. उन्होंने कहा कि BJP जनता को डराती है, जिससे लोग सही सवाल नहीं पूछते. उन्होंने कहा कि कई ऐसे स सवाल है जिनका जवाब मिलना जरूरी है.

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कांग्रेस का भी समर्थन करता RSS… मोहन भागवत ने स्पष्ट की राजनीति में संघ की भूमिका

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नई दिल्ली: कर्नाटक के बेंगलुरु (Bengaluru) में आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagvat) ने संघ (Sangh) का राजनीतिक समर्थन (Political Advocacy) और विचार पर अहम बातें शेयर कीं. उन्होंने कहा कि हम नीतियों का समर्थन करते हैं, किसी व्यक्ति या पार्टी का नहीं. इसके लिए अन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे श्री राम जन्मभूमि आंदोलन और राम मंदिर. यानी हम राष्ट्रनीति का समर्थन करते हैं, राजनीति का नहीं.

संघ प्रमुख ने कहा कि संघ राजनीति करने में विश्वास नहीं करता. राजनीति समाज को बांटता है और संघ समाज को एकजुट करता है इसलिए हम राजनीतिक दलों को समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि हम cause को समर्थन देते है. राम मंदिर आंदोलन को अगर बीजेपी की जगह कांग्रेस हाथ में लेती तो हम उसको ही समर्थन करते. हम राष्ट्रनीति को समर्थन करते है, राजनीति को समर्थन नहीं करते.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ तो पहले से ये मानता है कि सबका साथ और सबका विकास. अब हमारे स्वयं सेवक राजनीति में इस स्लोगन की आवश्यकता को महसूस किए तो वहां नारा दे रहे हैं. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राजनीतिक दल संघ को स्वीकार नहीं करते. उनके लिए हर दरवाजा बंद है. केवल बीजेपी ही आरएसएस के लिए अपने दरवाजे खोलती है.

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हम संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट करना, संगठित करना और गुण प्रदान करना चाहते हैं ताकि वे एक समृद्ध और मजबूत भारत का निर्माण कर सकें जो दुनिया को धर्म का ज्ञान प्रदान करे. ताकि दुनिया सुखी, आनंदित और शांतिपूर्ण हो. कार्य का वह हिस्सा पूरे समाज, पूरे राष्ट्र द्वारा किया जाना है. हम हिंदू समाज को इसके लिए तैयार कर रहे हैं. हमारा एकमात्र विजन है. उस विजन को पूरा करने के बाद, हम कुछ और नहीं करना चाहते हैं. संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना, यही हमारा काम है. हम इसे पूरा करेंगे और संगठित समाज बाकी काम करेगा. हमारा मिशन, हमारा विजन एक संगठित, मजबूत हिंदू समाज है.

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500 से अधिक बार उड़ा हेलीकॉप्टर… बिहार चुनाव में ऐसा ताबड़तोड़ रहा NDA का प्रचार

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पटना: बिहार (Bihar) में चुनावी सभा (Election Meeting) के बीच एनडीए ने प्रचार-प्रसार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. नामांकन से लेकर चुनाव प्रचार के आखिरी दिन के बीच लगभग 500 से भी ज्यादा बार हेलीकॉप्टर (Helicopter) ने अलग-अलग जगह पर फेरे लगाए. भारतीय जनता पार्टी (BJP) में चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेता राजीव बब्बर (Rajiv Babbar) ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के प्रचार कौन है सभी 243 सीटों पर जाकर चुनाव प्रचार किया. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी घटक दल एक दूसरे दलों के लिए अपने स्टार प्रचारकों को चुनाव प्रचार के लिए भेजा.

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे चुनाव के लिए 5 से 8 हेलीकॉप्टर प्रतिदिन बिहार के अलग-अलग जगहों के लिए उड़ान भरते थे आमतौर पर औसतन एक दिन में 6 हेलीकॉप्टर बिहार में चुनावी जनसंख्या के लिए नेताओं को लेकर जाते थे. यदि मौसम माकूल रहे और सब कुछ ठीक रहा तो एक दिन में एक नेता पांच से लेकर आठ सभाएं तक कर पाते थे.

राजीव बाबर ने बताया कि अक्टूबर के अंत में बे मौसम बरसात में चुनावी प्रचार की रफ्तार को थोड़ी धीमी कर दी. उन्होंने कहा कि बेमौसम बरसात की वजह से कई बार उन्हें हेलीकॉप्टर को कैंसिल करना पड़ा. इसकी वजह से सभाएं रद्द हुईं. हालांकि, कुछ परिस्थितियों ऐसी भी आई जिसमें सड़क माध्यम से नेता रैली करने के लिए पहुंचे.

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