303 नक्सलियों ने 75 घंटे में डाले हथियार, PM मोदी बोले – अब बदल रहा है भारत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस माओवादी आतंक को छुपाती है. इनके शासन में देश का करीब हर बड़ा राज्य नक्सली हिंसा और माओवादी आतंक की चपेट में था. उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा- मैं बहुत जिम्मेदारी से बोलता हूं, जो माथे पर संविधान लेकर नाचते हैं. वो आज भी माओवादियों की रक्षा में दिन रात लगे हैं, लेकिन इस बार की दिवाली काफी अलग होने वाली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में जो अर्बन नक्सलियों का जो इकोसिस्टम है, ये जो अर्बन नक्सल्स है. वो कुछ इस कदर हावी थे, आज भी हैं, कि माओवादी आतंक का कोई भी घटना देश के लोगों तक न पहुंचे इसके लिए वो बहुत बड़ी सेंसरशिप चलाते रहते हैं वो. उन्होंने आगे कहा- हमारे देश में आतंकवाद की चर्चा होती थी. कांग्रेस के शासन में माओवादी आतंक पर पर्दा डाला गया. इस आतंक के कई पीड़ित दिल्ली आए थे. उनके अंग भंग थे. ये माओवादी के आतंक के शिकार थे. इनमें कई लोगों के दोनों पैर कट चुके थे. 7 दिन रहे, हाथ-पैर जोड़कर कहा कि हमारी बात दुनिया तक पहुंचाए. ये माओवादी आतंक के ठेकेदार जो बैठे हैं ना उन्होंने उस जुल्म के शिकार हुए, उनके दर्द की कथा भी हिंदुस्तान के लोगों तक नहीं पहुंचने दी.

75 घंटों में 303 नक्सलियों ने डाले हथियार
प्रधानमंत्री मोदी ने ने कहा, 11 साल पहले तक देश के सवा सौ जिले, 125 से ज्यादा, माओवादी आतंक से प्रभावित थे और आज ये संख्या सिर्फ 11 जिलों तक सिमट गई है. उस 11 में भी अब सिर्फ तीन जिले ही ऐसे बचे हैं, जो सबसे अधिक नक्सल प्रभावित हैं. सिर्फ पिछले 75 घंटों में 303 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं. एक जमाने में जिनका 303 (गोली) चलता था, आज वो 303 सरेंडर हुए हैं. और ये कोई सामान्य नक्सली नहीं हैं, ये वो हैं जिनमें से किसी पर एक करोड़, किसी पर 25 लाख तो किसी पर 5 लाख का इनाम था.

उन्होंने कहा, नक्सली हिंसा के कारण मैं बेचैनी महसूस करता था, जुबान पे ताला लगा के बैठा था, आज पहली बार मेरे दर्द को आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं. मैं उन माताओं को जानता हूं जिन्होंने अपने लाल खोए हैं. उन माताओं की अपने लाल से कुछ अपेक्षाएं थी. या तो वो ये माओवादी आतंकियों के झूठे बातों में फंस गए या तो माओवादी आतंक का शिकार हो गए. इसलिए, 2014 के बाद हमारी सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ भटके हुए नौजवानों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया.

पीएम मोदी ने राहुल पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 11 साल पहले देश का करीब-करीब हर बड़ा राज्य माओवादी आतंक की चपेट में था. बाकी देश में संविधान लागू था, लेकिन लाल गलियारे में संविधान का कोई नाम लेने वाला नहीं था. पीएम ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए कहा, जो लोग आज माथे पे संविधान की किताब लगाते हैं, वे आज भी माओवादी आतंकियों की रक्षा के लिए दिन रात लगा देते हैं.

सरहिंद में अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में भीषण आग, सभी यात्री सुरक्षित

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पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास आज एक बड़ा रेल हादसा टल गया. अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस में अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. घटना उस वक्त हुई जब ट्रेन अंबाला से आधा किलोमीटर आगे सरहिंद स्टेशन के पास पहुंची थी. ट्रेन के एक डिब्बे से धुआं उठता देख यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी रेलवे कर्मियों को दी. चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को तुरंत रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया. घटना सुबह करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है. आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है.

ट्रेन जल्द रवाना होगी अपने गंतव्य की ओर

अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद ट्रेन की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है. क्षतिग्रस्त कोच की जांच के बाद ट्रेन को जल्द ही अपने गंतव्य सहरसा की ओर रवाना किया जाएगा. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीमों ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा में ले लिया है और यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया की जा रही हैं.

यात्रियों में घबराहट लेकिन सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से मिली राहत

आग लगने की खबर फैलते ही यात्रियों में थोड़ी देर के लिए घबराहट फैल गई थी,लेकिन रेलवे और दमकलकर्मियों की तुरंत कार्रवाई ने सब कुछ संभाल लिया. इस घटना में रेलवे कर्मचारियों की तत्परता और फायर यूनिट की तेज़ प्रतिक्रिया ने संभावित बड़ा हादसा टाल दिया.

इंडियन रेलवे ने क्या बताया?

भारतीय रेलवे ने इस हादसे के बारे में ‘X’ (ट्विटर) पर जानकारी दी, जिस पर आईआर ने लिखा कि ट्रेन संख्या 12204 (अमृतसर-सहरसा) के एक कोच में आज सुबह (सुबह 7:30 बजे) सरहिंद स्टेशन पर आग लग गई. रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और आग बुझा दी. किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया है. आग लगने के कारणों की जांच जारी है.

स्वदेशी तेजस एमके 1ए की पहली उड़ान सफल, राजनाथ सिंह बोले – ये नया बेंचमार्क है

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 नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1ए ने आज अपनी पहली उड़ान भरी। हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड के नासिक स्थित एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरिंग डिविजन से तेजस ने ये उड़ान भरी। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे और उन्होंने इस कदम को ऐतिहासिक बताया।

दरअसल, तेजस की ये उड़ान भारत में ऐसे लड़ाकू विमानों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस खास मौके पर राजनाथ सिंह ने LCA Mk1A की तीसरी प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन किया।

राजनाथ सिंह ने की HAL की तारीफ
वहीं, इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की तारीफ की। उन्होंने कहा कि एचएएल ने अपने नए ‘मिनी स्मार्ट टाउनशिप’ प्रोजेक्ट के साथ सस्टेनेबल डेवलपमेंट में एक मिसाल कायम की है।0

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
आज इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि HAL का मॉडल दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए एक बेंचमार्क स्थापित हो रहा है। उन्होंने इस दौरान सस्टेनेबल टाउनशिप बनाने की उनकी कोशिशों के लिए पूरे HAL परिवार को बधाई दी।

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया पर्यावरण बचाने की बात कर रही है। इस दौर में, HAL ने इस टाउनशिप के जरिए एक मिसाल कायम की है। मेरा मानना है कि HAL का मॉडल अब दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए एक बेंचमार्क बनेगा।

वायुसेना में कब शामिल होंगे तेजस?
तेजस एमके1ए को वायुसेना में कब शामिल होगा, इसको लेकर अभी तारीखों का एलान नहीं हुआ है। हालांकि, एचएएल का कहना है कि आने वाले चार साल में भारतीय वायुसेना को 83 तेजस मार्क1ए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की जाएगी। बताया जा रहा है कि अमेरिकी इंजन की आपूर्ति में देरी के कारण इसके निर्माण में देरी हो रही है।

गौरतलब है कि नासिक स्थित एचएएल की एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरिंग डिविजन में हर साल आठ लड़ाकू विमानों का निर्माण करने की क्षमता है। वहीं, नासिक के अलावा बेंगलुरु में भी तेजस की दो प्रोडक्शन लाइन स्थित है। यहां पर हर साल 16 लड़ाकू विमान बनाए जाते हैं। 

समीर वानखेड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से केंद्र को झटका, फैक्ट छिपाने पर लगाया जुर्माना

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नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court)  ने आज शुक्रवार को भारतीय राजस्व सेवा (Indian Revenue Service) के अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को प्रमोशन देने से संबंधित फैसले की समीक्षा याचिका में तथ्य छिपाने के लिए केंद्र सरकार (Central Government) पर जुर्माना लगाया. जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने केंद्र पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और समीक्षा याचिका (Review Petition) खारिज कर दी.

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के आचरण की निंदा करते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार याचिका दायर करने से पहले सभी तथ्यों का सच्चाई से खुलासा करेगी.” साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र इस तथ्य का खुलासा करने में नाकाम रहा कि कैट ने अगस्त में वानखेड़े के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पर रोक लगा दी थी.

कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कैट का आदेश केंद्र द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर करने से पहले ही पारित हो चुका था. दरअसल, केंद्र सरकार ने 28 अगस्त को पारित उस फैसले की समीक्षा की मांग की थी जिसमें UPSC की ओर से समीर वानखेड़े को उपयुक्त पाए जाने पर उन्हें प्रमोशन दिए जाने के निर्देश के खिलाफ उसकी याचिका खारिज कर दी गई थी.

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Central Administrative Tribunal) के आदेश को बरकरार रखा और केंद्र सरकार को 4 हफ्ते के भीतर निर्देश का पालन करने को कहा. आदेश के मुताबिक, कैट ने सरकार को समीर वानखेड़े को प्रमोशन दिए जाने से संबंधित सीलबंद लिफाफा खोलने का निर्देश दिया था और कहा था कि अगर UPSC द्वारा उनके नाम की सिफारिश की जाती है, तो उन्हें 1 जनवरी, 2021 से अतिरिक्त आयुक्त के पद पर प्रमोट किया जाएगा.

केंद्र सरकार का कहना था कि कैट इस फैक्ट को समझ पाने में नाकाम रहा कि समीर वानखेड़े के खिलाफ CBI और ED की ओर से मामले दर्ज किए गए थे. साथ ही एक शिकायत भी मिली हुई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र पेश किया था.

‘समय होता तो इलाज यहीं कराता’, भारत दौरे पर आए ब्रिक्स नेता ने की आयुर्वेद की तारीफ

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नई दिल्ली: ब्राजील (Brazil) के उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन (Geraldo Alkmin) बुधवार को तीन दिवसीय यात्रा (Three-Day Trip) पर भारत (India) आए हैं. इस यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली (New Delhi) के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) का दौरा किया. उन्होंने आयुर्वेद को स्वास्थ्य और ज्ञान का 5,000 साल पुराना खजाना बताया और कहा कि अगर उनकी यात्रा इतनी छोटी न होती तो वह यहां अपनी पीठ का इलाज जरूर करवाते.

अल्कमिन ने आयुर्वेद को लेकर भारत की सराहना करते हुए कहा कि आयुर्वेद 5 हजार साल पुराना स्वास्थ्य और ज्ञान का खजाना है. उन्होंने AIIA को भी उसके शानदार काम के लिए बधाई दी और कहा कि यह संस्थान स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बीमारियों का इलाज करने के साथ-साथ शिक्षा और रिसर्च में भी अच्छा काम कर रहा है.

उपराष्ट्रपति अल्कमिन ने दुनिया भर में आयुर्वेद के महत्व को बताते हुए कहा कि लोगों की उम्र बढ़ रही है और आयुर्वेद जैसी प्राकृतिक रोकथाम वाली स्वास्थ्य प्रणालियों की मांग भी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि अगर मेरा यह दौरा छोटा न होता तो मैं निश्चित रूप से अपने पीठ के दर्द का इलाज AIIA में ही करवाता. उन्होंने भारत सरकार और एआईआईए की टीम को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया और उनके प्रति अपना आभार जताया. उपराष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी मारिया लूसिया अल्कमिन और 14 वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.

महंगाई से राहत की उम्मीद, मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा अतिरिक्त DA

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में पेंशनरों की महंगाई राहत दो प्रतिशत बढ़ाने के बाद अब सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाएगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीपावली के पहले या फिर एक नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव में कर सकते हैं।

भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए जुलाई से महंगाई भत्ता 55 से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे लागू कर दिया है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा सहित अन्य संगठन भी प्रदेश में महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

अभी 55 प्रतिशत मिल रहा है महंगाई भत्ता
प्रदेश के सभी सात लाख नियमित कर्मचारियों को वर्तमान में 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। भारत सरकार के इसमें तीन प्रतिशत की वृद्धि के निर्णय के बाद प्रदेश में भी महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग उठ रही है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत में दीपावली के पहले जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत की वृद्धि के साथ जुलाई से सितंबर तक का एरियर देने की मांग की है।

मोर्चे में शामिल सभी संगठनों की प्रांतीय बैठक दीपावली के बाद भोपाल में बुलाई जाएगी जिसमें लंबित मांगों पर चर्चा कर आगामी कार्य योजना तैयार की जाएगी।

बजट में 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रविधान
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट में महंगाई भत्ता और राहत के लिए 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रविधान रखा गया है। अभी 55 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जा रहा है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय प्रविधान उपलब्ध हैं।

नीतिगत मामला होने के कारण निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से ही होगा। इसके बाद ही महंगाई राहत में वृद्धि छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति के लिए पत्र भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम में पेंशनरों के संबंध में निर्णय लेने से पहले दोनों राज्यों के बीच सहमति का प्रविधान है।

पीएम मोदी का बड़ा बयान – 2047 तक बनेगा विकसित भारत, दुनिया देखेगी बदलाव

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कुरनूल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी 140 करोड़ भारतीयों की है। 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो जाएगा। ‘मेक इन इंडिया’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमने ऑरेशन सिंदूर में घरेलू स्तर पर निर्मित चीजों की ताकत देखी है। गूगल के एआइ हब निवेश से एक नया अंतरराष्ट्रीय सब-सी गेटवे विकसित होगा।

 आगे बोले कि इससे कई देशों की समुद्र के नीचे बिछाई गई केबल प्रणालियां जुड़ी होंगी और ये पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम तक आएंगी। विगत 16 माह से आंध्र प्रदेश में विकास की गति बहुत तेज हो गई है। डबल इंजन सरकार में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। आंध्र प्रदेश न केवल स्वाभिमान और संस्कृति की भूमि है, बल्कि विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है।

आंध्र प्रदेश में दी 13 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात
वह गुरुवार को आंध्र प्रदेश के लिए 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास के बाद एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले, पीएम ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए 13,430 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं उद्योग, बिजली, सड़क, रेलवे, रक्षा विनिर्माण और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

 उन्होंने कुरनूल-3 पूलिंग स्टेशन पर लगभग 2,880 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसमिशन सिस्टम सुदृढ़ीकरण परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कुरनूल में ओर्वाकल औद्योगिक क्षेत्र और कडप्पा में कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्र की आधारशिला रखी, जिनमें कुल 4,920 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा।

 ग्रीनफील्ड राजमार्ग की भी आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री ने सब्बावरम से शीलानगर तक 960 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से छह लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग की भी आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम में भीड़भाड़ को कम करना और व्यापार एवं रोजगार को सुगम बनाना है।

 उन्होंने 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। ऊर्जा क्षेत्र में मोदी ने गेल इंडिया लिमिटेड की श्रीकाकुलम-अंगुल प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का उद्घाटन किया, जिसका निर्माण लगभग 1,730 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।

 उन्होंने चित्तूर में इंडियन ऑयल के 60 टीएमटीपीए (हजार मीट्रिक टन प्रति वर्ष) एलपीजी बाट¨लग संयंत्र का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया गया है।

 श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में की पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री मोदी ने नांदयाल जिले के श्रीशैलम में श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण मंदिर में मौजूद थे। मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में दर्शन के बाद वह श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्र गए, जो एक स्मारक परिसर है।

 इसमें एक ध्यान कक्ष भी है, जिसके चारों कोनों पर चार प्रतिष्ठित किलों-प्रतापगढ़, राजगढ़, रायगढ़ और शिवनेरी के माडल, जबकि बीच में छत्रपति शिवाजी की गहन ध्यान मुद्रा वाली एक प्रतिमा स्थापित की गई है।

 मुख्यमंत्री नायडू ने हिंदी में भाषण देकर बिहार के राजग कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया बिहार में राजग की चुनावी संभावनाओं पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की हिंदी में की गई टिप्पणी की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सराहना की।

 उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नायडू द्वारा हिंदी में की गई टिप्पणी ने बिहार में राजग कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया है। यह एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को प्रतिबिंबित करता है। नायडू ने जनसभा में कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में राजग की जीत होगी और मोदी की विजय यात्रा इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी।

क्या अल्पसंख्यक संस्थानों में लागू होंगे RTE और TET? सुप्रीम कोर्ट में CJI गवई करेंगे निर्णय

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नई दिल्‍ली । सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने बुधवार को कहा कि बच्चों के लिए मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा (RTE) से संबंधित एक याचिका उचित आदेशों (appropriate orders)के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भेजी गई है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने कहा कि आरटीई अधिनियम से संबंधित ऐसा ही एक मुद्दा उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है। पीठ नितिन उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष दोनों तरह की शिक्षा देने वाले स्कूल भी आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत लाए जाएं।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर याचिका में RTE अधिनियम की धारा 1(4) और 1(5) की वैधता को भी चुनौती दी गई है। याचिका में दावा किया गया है कि ये धाराएं मनमानी हैं और अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) समेत संविधान के विभिन्न प्रावधानों के विपरीत हैं।

अल्पसंख्यक संस्थानों में लागू नहीं TET

याचिका में कहा गया है कि शिक्षकों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शुरू की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) गैर-अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू होती हैं, लेकिन अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू नहीं होती। याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका दायर कर यह रिट आदेश या निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है कि आरटीई अधिनियम और शिक्षक पात्रता परीक्षा सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू किए जाएं।

SC ने अपने ही फैसले पर जताया संदेह

अल्पसंख्यक स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रखने वाले अपने 2014 के फैसले की सत्यता पर संदेह करते हुए, शीर्ष न्यायालय ने 1 सितंबर को इस मामले को निर्णय के लिए एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया था। उस फैसले में पीठ ने कहा था, “हम अत्यंत विनम्रतापूर्वक यह टिप्पणी करते हैं कि प्रमति एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट मामले में लिए गए फैसले ने अनजाने में सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा की नींव को ही खतरे में डाल दिया है। अल्पसंख्यक संस्थानों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम से छूट देने से समान स्कूली शिक्षा की अवधारणा का विखंडन होता है और अनुच्छेद 21ए द्वारा परिकल्पित समावेशिता और सार्वभौमिकता की अवधारणा कमजोर होती है।

SC ने 2014 के फैसले में क्या कहा था?

बता दें कि अनुच्छेद 21ए शिक्षा के अधिकार से संबंधित है और कहता है कि राज्य छह से चौदह वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम बच्चों को बुनियादी ढाँचा, प्रशिक्षित शिक्षक, पुस्तकें, वर्दी और मध्याह्न भोजन जैसे कई अधिकार सुनिश्चित करता है। हालांकि, अल्पसंख्यक स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रखे गए हैं और वे ऐसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनिवार्य रूप से बाध्य नहीं हैं।

केरल में हिजाब विवाद पर पिता ने मानी स्कूल की बात, ड्रेस पहनकर ही जाएगी छात्रा

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hijab bainनई दिल्‍ली। केरल (Kerala) के एर्नाकुलम जिले में एक छात्रा को हिजाब (Hijab) पहनने की अनुमति न दिए जाने से उपजा विवाद मंगलवार को सुलझ गया। छात्रा के पिता ने सुलह वार्ता के बाद स्कूल के ड्रेस कोड (Dress code) का पालन करने पर सहमति जताई। वहीं, शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट ने छात्रा को धार्मिक स्वतंत्रता के तहत हिजाब पहनने की अनुमति देने की सिफारिश की है।

मामला कैथोलिक चर्च द्वारा संचालित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल पल्लुरुथी का है, जहां कक्षा 8 की छात्रा के पिता पीएम अनस ने अपनी बेटी को कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने की मांग की थी। स्कूल प्रशासन ने इसे यूनिफॉर्म नीति का उल्लंघन बताते हुए अस्वीकार कर दिया था। सोमवार और मंगलवार को स्कूल में तनाव के बाद कक्षाएं निलंबित करनी पड़ी थीं।

 

मंगलवार को कांग्रेस सांसद हिबी ईडन की मध्यस्थता में छात्रा के माता-पिता और स्कूल प्रबंधन के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद अनस ने कहा, “मैं और मेरी बेटी स्कूल प्रबंधन के निर्देशों का पालन करेंगे। मैं नहीं चाहता कि यह मामला सांप्रदायिक रंग ले। हमें समाज में भाईचारा बनाए रखना है।”

 

हिबी ईडन ने कहा कि कुछ तत्व इस विवाद के बहाने सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, “छात्रा के पिता का यह फैसला केरल की धर्मनिरपेक्ष परंपरा को मजबूत करने वाला संदेश है।” इस बीच राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने बताया कि जांच में स्कूल की ओर से गंभीर चूक पाई गई है।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “छात्रा को हिजाब पहनने के कारण कक्षा से बाहर करना संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। यह गंभीर अनुशासनहीनता है।”

जांच रिपोर्ट में अनुशंसा की गई है कि छात्रा को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए और स्कूल चाहें तो उसके रंग और डिजाइन को निर्धारित कर सकता है। मंत्री ने कहा, “केरल की धर्मनिरपेक्ष पहचान के विपरीत कोई शैक्षणिक संस्था कार्य नहीं कर सकती। ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।”

इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने स्कूल प्रबंधन को संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया था। स्कूल अधिकारियों के अनुसार, छात्रा को दाखिले के समय से ही ड्रेस कोड (शर्ट और पैंट) के बारे में बताया गया था, जिसे वह अक्टूबर तक पालन कर रही थी। 7 अक्टूबर को उसने हिजाब पहनकर आने के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ था।

बांके बिहारी मंदिर में दर्शन कर लौट रहे थे बुजुर्ग, गेट नंबर 4 के पास गिरे; मौत

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वृंदावन: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वृंदावन (Vrindavan) में प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर (Thakur Shri Banke Bihari Temple) है. यहां बुधवार शाम दर्शन करने आए एक श्रद्धालु (Devotees) की मौत हो गई. मृतक की पहचान मेरठ जिले के मवाना तहसील के गांव निलोहा निवासी 55 वर्षीय कृपाल सिंह पुत्र शेर सिंह के रूप में हुई है. वह अपने परिजन के साथ ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे.

कृपाल सिंह शाम के समय मंदिर में दर्शन करने पहुंचे. मंदिर में दर्शन करने के बाद जब वे गेट नंबर चार से बाहर निकल रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े. मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें संभाला और मंदिर प्रशासन को सूचना दी. सूचना पर मंदिर प्रशासन और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे.

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने जांच की और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी. कृपाल सिंह को एम्बुलेंस के जरिए जिला संयुक्त अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.