भारत ने रुस को किया चीनी मुद्रा युआन में पेमेंट……….क्या डॉलर के लिए खतरा 

0


नई दिल्ली। भारत ने रूस से खरीदे गए कच्चे तेल के कुछ हिस्सों का भुगतान चीनी मुद्रा युआन में किया है, जबकि यह पहले मुख्य रूप से रूबल में होता था। यह घटनाक्रम भारत-चीन-रूस के त्रिकोणीय आर्थिक समीकरण को मजबूत करता है। 
यह कदम डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व को चुनौती देने और डॉलर निर्भरता को कम करने की दिशा में ब्रिक्स देशों के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। 2023 में तनाव के कारण सरकारी रिफाइनरियों ने युआन में भुगतान बंद कर दिया था, जिसे अब दोबारा शुरू करना दोनों देशों के रिश्तों में व्यावहारिकता की वापसी का संकेत माना जा रहा है।
ब्रिक्स देश (जो दुनिया की 40 प्रतिशत जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं) बिना कोई नई ब्रिक्स करेंसी बनाए ही स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाकर डॉलर से अलग रास्ता अपना रहे हैं। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगे प्रतिबंधों और उस स्विप्ट से बाहर करने के बाद, ब्रिक्स देशों ने डॉलर को राजनैतिक हथियार के रूप में देखे जाने के कारण डी-डॉलरीकरण पर जोर दिया है। भारत का यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डॉलर केंद्रित नीति को एक सीधी चुनौती और उनकी डॉलर डिप्लोमेसी को शांत किंतु ठोस जवाब माना जा रहा है। भारत का यह युआन भुगतान एक सीमित लेकिन भू-राजनीतिक रूप से गहरा प्रयोग है, जो आर्थिक हितों को साधते हुए ब्रिक्स देशों की आर्थिक स्वायत्तता की शुरुआत का प्रतीक है।

इसरो की बड़ी उपलब्धि….चंद्रयान-2 ने की सूर्य की किरणों के चंद्रमा पर पड़ने वाले असर की खोज

0


नई दिल्ली। दिवाली (Diwali) के शुभ मौके से पहले चंद्रयान (Chandrayaan) ने भी एक खुशखबरी भेजी है। ISRO के मुताबिक चंद्रयान-2 मिशन (Chandrayaan-2 mission) ने अपने वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से पहली बार यह पता लगाया कि सूरज से निकलने वाली कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) (Coronal Mass Ejection (CME) का चंद्रमा पर क्या असर पड़ता है। सूर्य और चंद्रमा के बीच रिश्ते को लेकर यह बड़ी खोज मानी जा रही है।

इसरो ने कहा, इस जानकारी से चंद्रमा के बाह्यमंडल, चंद्रमा के बहुत पतले वायुमंडल और उसकी सतह पर अंतरिक्ष मौसम के प्रभाव को समझने में मदद मिलेगी। श्रीहरिकोटा से 22 जुलाई 2019 को जीएसएलवी-एमके3-एम1 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 में आठ वैज्ञानिक उपकरण थे और 20 अगस्त 2019 को चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा।

इसरो की एक विज्ञप्ति के अनुसार, चंद्रयान-2 पर लगे उपकरणों में से एक— ‘चंद्राज एटमॉस्फेरिक कॉम्पोजिशनल एक्सप्लोरर-2’ (सीएचएसीई-2) ने सूरज से निकलने वाली कोरोनल मास इजेक्शन का चंद्रमा के बाहरी वायुमंडल पर पड़ने वाला असर रिकॉर्ड किया है। सीएचएसीई-2 उपकरण का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के तटस्थ बाहरी वायुमंडल (न्यूट्रल एक्सोस्फीयर) की संरचना, उसका विस्तार और उसमें होने वाले बदलावों का अध्ययन करना है।

क्या होता है कोरनल मास इजेक्शन
कोरोनल मास इजेक्शन सौरमंडल में वाले वाले शक्तिशाली विस्फोट होते हैं। इस दौरान सूर्य हीलियम और हाइड्रोजन आयन छोड़ता है। चांद पर इसका काफी असह होता है। इसका कारण है कि चांद पर वायुमंडल नहीं है और यहां कोई बड़ा चुंबकीय क्षेत्र भी नहीं है।

चंद्रयान के डेटा से पता चला है कि कोरनल मास इजेक्शन के चंद्रमा से टकराने के बाद यहां के पतले वायुमंडल पर दबाव एक हजार गुना बढ़ गया। चंद्रमा के पास पहुत पतला वायुमंडल है जिसे एक्सोस्फीयर कहते हैं। यहां गैस के अणु मौजूद हैं। यह चंद्रमा की सतह से सटा हुआ है इसलिए इसे सतह सीमा एक्सोस्फीयर कहते हैं। उल्कापिंडों के टकराने या फिर सूर्य की किरणों और सौर हवा से यह एक्सोस्फीयर बनता है।

पाकिस्तान की हर इंच जमीन ब्रह्मोस की रेंज में

0


नई दिल्ली।  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान की हर इंच जमीन ब्रह्मोस की रेंज में है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर  से यह साबित हो गया है कि जीत भारत की आदत बन गई है।
राजनाथ सिंह ने शनिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यहां सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। सिंह ने ब्रह्मोस को भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ब्रह्मोस महज एक मिसाइल नहीं है, यह भारत के रणनीतिक आत्मविश्वास का प्रमाण है। थलसेना से लेकर नौसेना और वायुसेना तक, यह हमारी रक्षा सेनाओं का एक प्रमुख स्तंभ बन गया है।
राजनाथ ने जोर देकर कहा कि भारत की रक्षा क्षमताएं अब एक शक्तिशाली निवारक के रूप में काम करती हैं। 
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि विजय हमारे लिए कोई छोटी घटना नहीं है, बल्कि यह हमारी आदत बन गई है। ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए सिंह ने कहा कि इसने भारतीयों में नया आत्मविश्वास पैदा किया और दुनिया के सामने ब्रह्मोस की प्रभावशीलता साबित की। उन्होंने कहा, इस विश्वास को बनाए रखना अब हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पूरा विश्व अब भारत की क्षमता को पहचानता है। ब्रह्मोस ने हमारे इस विश्वास को मजबूत किया है कि भारत अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है।

 19 से 24 अक्टूबर के दौरान देश के कई राज्यों में  बारिश की संभावना

0


नई दिल्ली । मौसम विभाग के अनुसार 19 से 24 अक्टूबर के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण पूर्व अरब सागर और केरल कर्नाटक तटों से दूर लक्षद्वीप के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। जो 36 घंटों के दौरान डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। 21 अक्टूबर क आसपास दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद भी की जा रही है। आईएमडी के अनुसार 2 दिनों के दौरान केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पुडेचेरी में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 19 से 24 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। जबकि अगले 5 दिनों के दौरान 30 से 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही तूफान की भी संभावना है।

गोरखालैंड पर केंद्र के फैसले से नाराज़ ममता, पीएम मोदी को लिखा विरोध पत्र

0


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोरखालैंड मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. केंद्र सरकार ने गोरखालैंड को अलग राज्य बनाने की मांग पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त किया है, सीएम ममता बनर्जी ने मध्यस्थ नियुक्त करने पर नाराजगी जताई है.

पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पंकज कुमार सिंह को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई. केंद्र द्वारा शुक्रवार को नियुक्ति पत्र भेजे जाने के बाद, ममता बनर्जी ने शनिवार को पीएमम मोदी को एक पत्र लिखा.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंकज कुमार सिंह की नियुक्ति से पहले केंद्र ने राज्य सरकार से कोई चर्चा नहीं की. उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है.

राज्य सरकार ने नहीं ली सलाह
ममता बनर्जी ने दावा किया कि गोरखालैंड से संबंधित कोई भी पहल करने से पहले राज्य सरकार से चर्चा जरूरी है. लंबे प्रयासों के बाद, गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन में शांति बहाल हुई है.

उन्होंने लिखा कि बिना चर्चा के कोई भी कदम उठाने से क्षेत्र की शांति भंग हो सकती है. इसलिए, ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस पत्र को वापस लेने का अनुरोध किया.

दार्जिलिंग की शांति के लिए बताया खतरा
पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘पश्चिम बंगाल सरकार का दृढ़ विश्वास है कि गोरखा समुदाय या जीटीए (गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन) क्षेत्र के संबंध में कोई भी पहल राज्य सरकार के पूर्ण परामर्श और सहयोग से ही की जानी चाहिए. ताकि लंबे प्रयासों से स्थापित क्षेत्र की शांति और स्थिरता अक्षुण्ण बनी रहे.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी एकतरफा कार्रवाई क्षेत्र की शांति और सद्भाव के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं होगी. इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार से पूर्व परामर्श और उचित विचार-विमर्श के बिना जारी किए गए नियुक्ति पत्र पर पुनर्विचार करें और उसे वापस लें. यह कदम केंद्र और राज्य के बीच सच्ची सहानुभूति और संघीय भावना के हित में उठाया जाना अपेक्षित है.’

धनतेरस पर नंदुरबार में बड़ा हादसा, घाटी में वाहन पलटने से 8 श्रद्धालुओं की मौत

0


महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले शनिवार धनतेरस के दिन एक बड़ा हादसा हो गया. चांदसैली घाट पर एक वाहन के अनियंत्रित होकर घाटी में पलट जाने से आठ लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए.

यह जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गंभीर रूप से घायल लोगों में से कुछ लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है.

बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब पवित्र अस्तंबा यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन चांदसैली घाट के मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई. घाट के तीखे और संकरे रास्ते पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते यह हादसा हुआ.

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव कार्य शुरू किया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिकअप वैन के पलटने से वाहन का पिछला हिस्सा सड़क पर गिर गया, जिसके नीचे कई यात्री दब गए. घायलों को तत्काल तलोदा उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. हादसे ने पूरे नंदुरबार जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है. पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है.

बाद में मीडिया से बात करते हुए, विधायक राजेश पडवी ने कहा, “नंदुरबार के चांदसैली घाट पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. अस्तंबा ऋषि देव के दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में कई लोगों की मौत हो गई है. घायलों को तलोदा उपजिला अस्पताल और कुछ को नंदुरबार जिला अस्पताल भेजा गया है. घायलों के लिए राहत कार्य जारी है.”

प्राथमिक जानकारी मिली है कि एक पिकअप ट्रक में लगभग 40 लोग सवार थे. उन्होंने कहा कि घायलों और मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान की जाएगी. पोस्टमार्टम के बाद, हम सभी संबंधित लोगों के घर शव पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.

पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा डुलाल गिरफ्तार, 250 फर्जी पासपोर्ट का पर्दाफाश

0


पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ED ने बड़ा एक्शन लिया है. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने इंदुभूषण हलदार उर्फ डुलाल को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पाकिस्तान के नागरिक आजाद हुसैन उर्फ अजाद मलिक उर्फ अहमद हुसैन आजाद के मामले में की गई है. हलदार को कोलकाता की बिचार भवन स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ED को 5 दिन की हिरासत मंजूर दी गई है ताकि आगे की जांच की जा सके.

ED की जांच की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर से हुई थी, जो फॉरेनर्स एक्ट, 1946 की धारा 14 और 14A के तहत दर्ज की गई थी. जांच में सामने आया कि आजाद हुसैन, जो असल में पाकिस्तान का नागरिक है. ईडी ने बताया कि आरोपी भारत में आजाद मलिक के नाम से फर्जी पहचान पर रह रहा था. वह पैसे लेकर बांग्लादेश से आए गैरकानूनी प्रवासियों के लिए भारतीय पहचान पत्र बनवाने के काम में शामिल था.

आजाद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को किया गिरफ्तार
ED ने बताया कि आजाद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है. आगे की जांच में पता चला कि उसने कई बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट दिलाने के लिए इंदुभूषण हलदार से संपर्क कराया था. इंदुभूषण हलदार नदिया जिले के चकदह का रहने वाला है और इस पूरे रैकेट का अहम सदस्य है.

250 फर्जी पासपोर्ट, बचने के लिए हाईकोर्ट में दायर की याचिका
ED ने बताया कि इंदुभूषण हलदार ने पासपोर्ट के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आवेदन कराने का काम किया, जिसके बदले में वह अच्छी-खासी रकम लेता था. अब तक ED की जांच में करीब 250 फर्जी पासपोर्ट मामलों का पता चला है, जिनमें हलदार की सीधी भूमिका रही है. हलदार ने पहले Anticipatory Bail के लिए कोलकाता की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह से उसकी याचिका खारिज कर दी गई.

ED नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा
वहीं इससे पहले, ED ने 13 जून 2025 को आजाद हुसैन उर्फ अजाद मलिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिस पर 19 जून 2025 को अदालत ने संज्ञान लिया था. ED ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है. माना जा रहा है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

24 कैरेट सोने से बनी ‘स्वर्ण भस्म पाक’, दिवाली पर जयपुर में छाई ये शाही मिठाई

0


नई दिल्ली। वैसे तो दीवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन बिना मिठाइयों के दीवाली का मजा फीका पड़ जाता है। दीवाली के खास मौके पर लोग अच्छी से अच्छी मिठाइयां खरीदते हैं। मगर, क्या आपने कभी सोने और चांदी की मिठाइयां देखी हैं?

दीवाली नजदीक आते ही राजस्थान के जयपुर में स्थित ‘त्योहार’ शॉप काफी चर्चा में आ गई है। जयपुर के वैशाली नगर में स्थित इस दुकान में 24 कैरेट गोल्ट से बनी ‘स्वर्ण भस्म पाक’ और चांदी से बनी ‘चांदी भस्म पाक’ जैसी मिठाइयां उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 45,000 से 1.11 लाख प्रति किलोग्राम है।

इन अनोखी मिठाइयों के पीछे अंजली जैन का हाथ है। चार्टर्ड अकाउंटेंट रहीं अंजली अब एक बिजनेस वूमन बन चुकी हैं। उनका कहना है कि उन्हें सोने और चांदी की मिठाइयां बनाने का आइडिया आयुर्वेद की पारंपरिक रेसिपी से आया। वो कुछ शानदार बनाना चाहती थीं।

देश की सबसे महंगी मिठाई
बातचीत के दौरान अंजली ने कहा, “आज यह पूरे भारत की सबसे मंहगी मिठाई ‘स्वर्ण प्रसादम’ है। इसका कीमत 1 लाख 11 हजार रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। यह देखने में काफी शानदार है और इसकी पैकेजिंग भी बेहद दिलचस्प है। इसे ज्वैलरी बॉक्स में पैक किया जाता है और इसे बनाने के लिए चिलगोजा जैसे महंगे ड्राई फ्रूट्स का भी इस्तेमाल किया जाता है।”

इसमें खाने वाला असली गोल्ड डाला गया है, जिसे सोने की भस्म भी कहा जाता है। 24 कैरेट गोल्ड से बनी इस मिठाई को ‘स्वर्ण प्रसादम’ का नाम दिया गया है। इसपर गोल्ड वर्क हुआ है। इस मिठाई पर केसर और पाइन नट्स की भी एक परत चढ़ी है। इसलिए इसकी कीमत काफी ज्यादा है।

भक्तों को प्रसाद में मिलेगा चढ़ावे का पैसा

0


रतलाम। दीपोत्सव पर इस बार रतलाम शहर के माणकचौक स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर के साथ पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र स्थित श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर में धनलक्ष्मी से आकर्षक सजावट की गई है। सजावट में भक्तों द्वारा दी गई एक, दो, पांच 10, 20, 50, 100, 200, 5000 रुपये के नोटों की गड्डियों का उपयोग किया गया है।

दोनों मंदिर में इस बार केवल नोटों से ही सजावट की गई और भक्त दीपोत्सव तक सजावट को निहार सकेंगे। माणकचौक मंदिर में शनिवार से भक्तों में कुबेर पोटली का वितरण भी शुरू किया गया।

देशभर में प्रसिद्ध है यह मंदिर
दरअसल, माणकचौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर नोट और आभूषणों की सजावट के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, लेकिन इस बार यहां केवल नोटों से ही सजावट गई है। नोट देने वाले भक्तों की ऑनलाइन एंट्री की गई है। नकदी लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को ई-मेल पर टोकन नंबर दिए गए। टोकन प्राप्त करने के बाद ओटीपी बताने के बाद राशि ली गई। साथ ही मोबाइल नंबर, आधार नंबर भी लिए गए। जिन्हें जमा किया हुआ पैसा प्रसाद के रूप में दिया जाएगा।

नहीं लिए जा रहें आभूषण
राशि लौटाने के दौरान भी नया ओटीपी और टोकन नंबर बताना पड़ेगा। मंदिर की सुरक्षा को लेकर 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। मंदिर के अश्विन पुजारी ने बताया कि सैकड़ों श्रद्धालुओं ने नकदी जमा करवाई है। इसमें एक से लेकर 500 रुपये के नोटों की गड्डियां शामिल हैं। इस बार आभूषण नहीं ले रहे हैं। केवल नोटों से मंदिर की सजावट की गई है। सुरक्षा को देखते हुए माणकचौक थाने के पुलिस जवान तैनात हैं।

पहली बार दमका महालक्ष्मीनारायण मंदिर
माणकचौक मंदिर की तर्ज पर पहली बार कालिका माता मंदिर क्षेत्र स्थित श्री महालक्ष्मीनारायण मंदिर में दीपोत्सव के लिए सजावट की गई। यहां भी सैकड़ों भक्तों द्वारा नोटों की गड्डियां जमा करवाई गई, जिससे सजावट की गई है।

सुरक्षा के लिए पुलिस जवान तैनात
पुजारी असीम और दीपक व्यास ने बताया कि भक्तों से आधार कार्ड की छायाप्रति लेकर रसीद दी गई है। इसमें कितनी राशि जमा करवाई गई है, उसका उल्लेख किया गया है। मंदिर परिसर में चार स्थाई सीसीटीवी कैमरे हैं। साथ ही छह अस्थाई कैमरे लगाए गए हैं। इससे मंदिर परिसर की सारी गतिविधियां कैद की जा रही है। पुलिस जवान भी तैनात है।

संविधान और लाल गुलाब के साथ 210 माओवादियों का आत्मसमर्पण, अबूझमाड़ का 4,400 वर्ग किमी क्षेत्र माओवाद मुक्त

0


 नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शुक्रवार को दंडकारण्यस्पेशलजोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य भास्कर उर्फ राजमनमंडावी, रनीता, राजू सलाम सहित 210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने मंच पर पहुंचे माओवादियों की बंदूकें झुकी थीं और उनके हाथों में संविधान की किताब व लाल गुलाब थे। यह प्रतीक था हिंसा से शांति की ओर यात्रा का।

इस मौके पर माओवादियों का नेतृत्व सेंट्रल कमेटी सदस्य व दंडकारण्यस्पेशलजोनल कमेटी के प्रवक्ता रूपेश उर्फ विकल्प ने किया। पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम, आइजीपीसुंदरराज पी. और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में कुल 153 हथियारों के साथ यह अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है। इसके साथ ही अबूझमाड़ के 4400 वर्ग किलोमीटर, कांकेर जिले और महाराष्ट्र सीमा तक का क्षेत्र माओवाद मुक्त हो गया है।

210 माओवादियों का छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण
माओवाद के सशस्त्र आंदोलन का यह सबसे निर्णायक मोड़ है, क्योंकि इसके साथ ही माड़ डिवीजन, गढ़चिरौली कमेटी, उत्तर-पूर्वी बस्तर डिविजन, कंपनी नंबर-1 और 10, संचार, प्रेस और डाक्टर टीम पूरी तरह संगठन से बाहर आ चुकी हैं। यह माओवादी आंदोलन के अंतिम अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। अब बस्तर में सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में ही माओवादियों सिमट कर रह गए हैं।

अबूझमाड़ का 4400 वर्ग किमी क्षेत्र माओवाद मुक्त
कार्यक्रम स्थल पर सफेद कपड़े का आवरण हटते ही हथियारों का ढेर सामने आया। 19 एके-47, 17 एसएलआर(सेल्फलोडिंगराइफल), 23 इंसासराइफल, एक इंसासएलएमजी (लाइट मशीनगन), एक यूबीजीएल (अंडर बैरलग्रेनेडलांचर), 36 थ्री-नाट-थ्रीराइफल, चार कार्बाइन, 11 बीजीएल (बैरेलग्रेनेडलांचर), 41 नग 12 बोर बंदूकें और एक पिस्टल नजर आई।

सरकार द्वारा तीन वर्ष तक मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री बोले- तीन वर्ष तक मिलेगी आर्थिक सहायताइस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय और गृह मंत्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में ही पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर से शांति का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। भटके हुए लोग महात्मा गांधी के अहिंसा मार्ग और सरकार की पुनर्वास नीति पर विश्वास जताकर लौटे हैं। हम उन्हें तीन वर्ष तक आर्थिक सहायता और जीवन पुनर्वास का संपूर्ण अवसरदेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व मेंबनी हमारी पुनर्वास और उद्योग नीति का यह परिणाम है।