भले चिट्ठी बैरन आए, पर हमें मालूम है जवाब किसे देना है 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

चाणक्य डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे जनरल उपेंद्र द्विवेदी 
आतंकवाद, पाकिस्तान और सीमा सुरक्षा पर की बेबाक टिप्पणी

नई दिल्ली। चाणक्य डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन सत्र में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को देश की सुरक्षा नीति, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और भविष्य की युद्ध रणनीति पर कई तीखे और स्पष्ट बयान दिए। उन्होंने कहा कि डिटरेंस तभी काम करता है जब राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, सैन्य शक्ति पर भरोसा हो और पर्याप्त क्षमता मौजूद हो और वर्तमान में भारत के पास तीनों हैं।  
जम्मू-कश्मीर के हालात पर बोलते हुए सीडीएस जनरल द्विवेदी ने कहा, कि धारा 370 हटने के बाद घाटी में सकारात्मक बदलाव हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस के दौरान जो भ्रम पहले था, वह समाप्त हुआ और आतंकवाद में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अब नई भर्तियां लगभग बंद हो चुकी हैं और जिन 21 आतंकियों को मारा गया, उनमें 61 फीसद पाकिस्तान से आए थे। इसी दौरान पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, अगर कोई रोड़ा लगाएगा, तो हमें कार्रवाई करनी पड़ेगी। आतंकवादी और उनके आकाओं को जवाब देंगे ही। बैरन चिट्ठी भी आए तो हमें पता है किसे जवाब देना है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल 88 घंटे में खत्म होने वाला एक ट्रेलर था, पूरी पिक्चर अभी बाकी है। 

खून और पानी साथ नहीं बह सकते
फायरसाइड चैट में जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब पुरानी नीति से आगे बढ़ चुका है और देश का न्यू नॉर्मल साफ है, बातचीत और आतंक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि जो भी राज्य आतंकवाद को समर्थन देगा, भारत उसे सीधे और स्पष्ट कार्रवाई से जवाब देगा। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद का इस्तेमाल भारत पर दबाव बनाने के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, हम उन्नति की बात करते हैं, लेकिन अगर कोई रोक लगाएगा तो कार्रवाई जरूरी है। 

चीन से रिश्तों पर संतुलित रुख
उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 के बाद चीन के साथ संबंधों में सुधार हुआ है। हालांकि भारत की सीमा नीति बिल्कुल सख्त है। सुरक्षा चुनौतियों की बदलती प्रकृति को देखते हुए सेना को लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार रहना होगा।

मणिपुर में लौट रही शांति 
मणिपुर की स्थिति पर सीडीएस ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद हालात में उल्लेखनीय सुधार हुआ। समुदायों में विश्वास बढ़ा है और प्रधानमंत्री की हालिया यात्रा से शांति प्रयासों को मजबूती मिली है। 

‘मुझे उनकी याद आती है…’ आश्रम की पम्मी ने बॉबी देओल को लेकर खोले दिल के राज

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने एक्टिंग में कमबैक करने के बाद वेब सीरीज ‘आश्रम’ से लोगों का खूब दिल जीता था. सीरीज में उन्होंने बाबा निराला का रोल निभाया. जिनकी टक्कर पम्मी यानि एक्ट्रेस अदिति पोहनकर से होती है. सीरीज के तीन पार्ट आ चुके हैं और तीनों ही ब्लॉकबस्टर हिट रहे अब अदिति ने एक्टर संग काम करने का एक्सपीरियंस शेयर किया और कहा उनकी बहुत याद आती है.

‘मुझे बॉबी सर की याद आती है’

दरअसल अदिति पोहनकर ने हाल ही में अपनी वेब सीरीज ‘आश्रम’ को लेकर एएनआई से बात की. इस दौरान उन्होंने बॉबी देओल को भी याद किया. एक्ट्रेस ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मैं कैसे कहूं, लेकिन मुझे बॉबी सर की याद आती है. ‘आश्रम’ में काम करना अद्भुत अनुभव था. वो बहुत अच्छे इंसान और बेहतरीन एक्टर भी हैं. हम लोगों ने सीरीज की शूटिंग करते हुए एकसाथ फैमिली की तरह वक्त बिताया था. हम लोगों ने तीन साल तक एक-दूसरे के साथ काम किया था.’  
अब कैसे रोल करेंगी अदिति?

एक्ट्रेस ने आगे अपने काम के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, हर एक्टर एक ऐसी स्क्रिप्ट चाहता है जो अपने किरदार में कई रंग,कई परतें दिखा सके. मुझे लगता है कि ‘शी’, ‘आश्रम’ से आगे बढ़ने और ‘जिद्दी इश्क’ जैसी चीज पाने की जरूरत थी. मुझे लगता है ये कुछ ऐसा था, जिसका मैं इंतजार कर रही थी, क्योंकि ये सीरीज उस लड़की की एक बहुत ही अलग, मासूम, युवा और कमजोर को दिखाती है.’

अदिति पोहनकर का वर्कफ्रंट

अदिति पोहनकर आखिरी बार ‘मंडाला मर्डर्स’ में नजर आई थी. अब वो ‘जिद्दी इश्क’ में नजर आने वाली हैं, जो 21 नवंबर को हॉटस्टार पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इसका फैंस को भी बेसब्री से इंतजा है. फिल्म में एक्ट्रेस का एक बार फिर दमदार किरदार नजर आएगा.

लाखों किडनी मरीजों के लिए खुशखबरी! वैज्ञानिकों ने डैमेज किडनी को फिर बना दी बिल्कुल हेल्दी

0

#LatestlifestyleNews #lifestyleNews #lifestyleUpdate #lifestyleNews #BollywoodHindiNews

अगर किसी में क्रोनिक किडनी डिजीज है तो इसमें धीरे-धीरे किडनी की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है. इससे एक्यूट किडनी इंज्युरी होने लगती है. ऐसी स्थिति में किडनी को किसी भी तरीके से ठीक नहीं किया जा सकता है. दुनिया भर में ऐसे लाखों किडनी के मरीज हैं जिन्हें या तो ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है और धीरे-धीरे मौत का इंतजार करना पड़ता है लेकिन अब उन लाखों मरीजों के लिए खुशखबरी है. वैज्ञानिकों ने चूहों में पूरी तरह से डैमेज किडनी डैमेज को दोबारा से हेल्दी बना दिया है. वैज्ञानिकों ने पहले पता लगाया कि किडनी के डैमेज होने का कारण क्या है जिससे एक्यूट किडनी इंज्युरी होती है. पहले यह जानते हैं कि एक्यूट किडनी इंज्युरी होती क्या है|

क्या होती है एक्यूट किडनी इंज्युरी

एक्यूट किडनी इंज्युरी में अचानक किडनी अपना काम करना बंद कर देती है. लेकिन इससे पहले किडनी के अंदर कई तरह की घटनाएं घटती रहती है. और यहां तक पहुंचने में बहुत समय लगता है. एक्यूट किडनी इंज्युरी के कई कारण हो सकते हैं. अगर किसी कारणवश किडनी तक खून न पहुंचे, किडनी से पेशाब निकालने वाला रास्ता ब्लॉक हो जाए, किडनी डैमेज हो जाए, शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाए,खून अचानक बहुत ज्यादा निकल जाए, कुछ इंफेक्शन हो जाए, एस्परीन, आइबूप्रोफेन दवा का ज्यादा इस्तेमाल, हार्ट अटैक, लिवर सिरोसिस, एलर्जी, किडनी में पहले से सूजन हो, कुछ कैंसर, नसें डैमेज हो जाए जैसी जटिलताएं एक्यूट किडनी इंज्युरी का कारण है. अगर किसी को एक्यूट किडनी डिजीज हो जाए तो इसका कोई इलाज नहीं है.

वैज्ञानिकों ने कैसे किया कारनाम

साइंस डेली के मुताबिक दरअसल, कोशिकाओं में एक फैटी मॉल्यूक्यूल होता है जिसका नाम सेरामाइड्स है. यह सेरामाइ़ड्स किडनी कोशिकाओं में पावर देने वाले माइटोकॉन्ड्रिया को डैमेज करने लगता है जिसके कारण गंभीर किडनी इंज्युरी हो जाती है. वैज्ञानिकों ने एक नई दवा से इन सेरामाइड्स मॉल्यूक्यूल के फंक्शन को ही पूरी तरह बदल दिया. इससे सेरामाइड्स जो पहले किडनी में चोट पहुंचाने का काम करता था, अब सामान्य हो गया और किडनी अपनी स्वभाविक प्रक्रिया के तहत दोबारा से खुद को रिजेनरेट करने लगा. यूनिवर्सिटी ऑफ उताह हेल्थ के शोधकर्ताओं ने यह कारनामा किया है. डिपार्टमेंट ऑफ न्यूट्रिशन एंड इंटीग्रेटिव फिजियोलॉजी के प्रोफेसर स्कॉट समर्स ने बताया कि हमने पहले सेरामाइड को निष्क्रिय करके एक्यूट किडनी इंजरी की पैथोलॉजी को पूरी तरह उलट दिया. जब ऐसा हुआ तो हम हैरान रह गए. इस प्रोसेस के बाद न सिर्फ़ किडनी की कार्यक्षमता सामान्य बनी रही बल्कि माइटोकॉन्ड्रिया भी पूरी तरह सुरक्षित हो गया. यह बेहद दुर्लभ प्रयोग था.

डॉक्टर पहले एक्यूट किडनी इंज्युरी का पता लगा सकेंगे

प्रोफेसर समर्स ने बताया कि किडनी इंज्युरी में सेरामाइड का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है. किडनी को नुकसान पहुंचने के तुरंत बाद यह और तेजी से बढ़ता है और इंज्युरी यानी किडनी में डैमैज जितनी गंभीर होती है सेरामाइड का स्तर उतना ही ज्यादा होता है. यह निष्कर्ष डॉक्टरों को एक नई चीज के बारे में बताएगा. इस टेस्ट के माध्यम से यह पहले जाना जा सकेगा कि किसी व्यक्ति में एक्यूट किडनी इंज्युरी हो सकता है. यूरिन में पाए जाने वाले सेरामाइड AKI- एक्यूट किडनी इंज्युरी के शुरुआती बायोमार्कर के रूप में काम कर सकते हैं, जिससे डॉक्टर उन मरीजों की पहचान पहले ही कर सकेंगे जो जोखिम में हैं. हार्ट अटैक या हार्ट सर्जरी वाले मरीजों में इसका खतरा ज्यादा रहता है. डॉक्टर हार्ट सर्जरी से पहले सेरामाइड्स के आधार पर इसका पता लगा सकता है. प्रोफेसर समर्स ने बताया कि अगर मरीज ऐसी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं जिसके बारे में हमें पता है कि उससे AKI का जोखिम बढ़ता है, तो हम बेहतर अंदाज़ा लगा सकेंगे कि उन्हें वास्तव में यह समस्या होगी या नहीं|

नीतीश-मोदी की तस्वीर वाले लगे पोस्टर

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत से हिंदू संगठन गदगद हैं। यहां जगह जगह नीतीश मोदी के पोस्टर लगाए गए हैं और उसमें बिहार की जीत को सनातन धर्म की जीत बताया जा रहा है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। बिहार में नई सरकार सरकार के शपथ लेने से पहले पटना में लगे एक पोस्टर की काफी चर्चा हो रही है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है। पोस्टर पर लिखा गया है, सनातन धर्म की जीत।बहरहाल आपको बता दें कि बिहार एनडीए की नई सरकार के शपथग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बिहार में मिले बड़े जनादेश का जश्न मनाने के लिए ऐतिहासिक स्थल पर शपथग्रहण का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा देशभर के शीर्ष एनडीए नेताओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही उपमुख्यमंत्री और कुछ चुनिंदा मंत्री शपथ लेंगे। दरअसल चुनाव में एनडीए की जीत के बाद पटना में कई पोस्टरों के जरिए बधाई दी जा रही है। इसी कड़ी में सनातन धर्म की जीत लिखी पोस्टर भी लगाई गई है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सम्राट चौधऱी, विजय सिन्हा, मंगल पांडेय समेत कुछ अन्य दिग्गज नेताओं की तस्वीर भी है।

Previous articleGroww IPO: किसान के बेटे ललित केशरे कैसे बने अरबपति? फ्लिपकार्ट PM से करोड़ों के मालिक तक का सफर
Next articleमुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आर्य की सुपुत्री के वैवाहिक कार्यक्रम में हुए शामिल
News Desk

लाल किला ब्लास्ट में दिल्ली से हुई पहली गिरफ्तारी

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। लाल किला ब्लास्ट में एनआईए को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एनआईए ने एक कश्मीरी के रहने वाले अमीर राशिद अली को गिरफ्तार किया है, जिसने आत्मघाती हमलावर उमर के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची थी। अमीर राशिद अली,जिसके नाम पर हमले में इस्तेमाल की गई कार पंजीकृत थी, को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए उसकी तलाश कर रही थी। जांच में पता चला कि आरोपी, जो जम्मू-कश्मीर के सांबूरा, पंपोर का रहने वाला है, ने कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर यह हमला करने की योजना बनाई थी। अमीर दिल्ली आया था ताकि उस कार को खरीदने में मदद कर सके, जिसे बाद में आईईडी से लैस कर विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया। एनआईए ने फोरेंसिक जांच में कार चलाने वाले मृत व्यक्ति की पहचान उमर उन नबी के रूप में की है, जो पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था। एजेंसी ने नबी की एक और गाड़ी भी जब्त की है, जिसे सबूतों के लिए जांचा जा रहा है। अब तक एनआईए ने 73 गवाहों से पूछताछ की है, जिनमें धमाके में घायल लोग भी शामिल हैं। यह धमाका 10 नवंबर को दिल्ली में हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, यूपी पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए कई राज्यों में जांच कर रही है। एजेंसी बड़े नेटवर्क और साजिश का पता लगाने तथा हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

Previous articleदुनिया की निगाहें भारत पर! Solar Manufacturing में 5 साल में हो सकता है बड़ा बदलाव
News Desk

तलाक की खबरों के बीच ऐश्वर्या शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, नील भट्ट को लेकर दिया बड़ा बयान

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

 

टीवी इंडस्ट्री की चर्चित जोड़ी ऐश्वर्या शर्मा और नील भट्ट पिछले कुछ समय से अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर सुर्खियों में है। दोनों के रिश्ते में दरार की खबरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा तेज हो गई। खास बात यह है कि इस पूरे मामले में जहां नील चुप रहे, वहीं ऐश्वर्या ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। एक लंबी पोस्ट शेयर कर उन्होंने उन तमाम आरोपों का जवाब दिया, जो पिछले कई दिनों से उन पर लगाए जा रहे थे।

तलाक की खबरों के बीच किया पोस्ट

नील भट्ट से अलगाव की अटकलों के बीच कई यूजर्स ने बिना सच्चाई जाने ऐश्वर्या पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ ने उनके खिलाफ अपमानजनक बातें लिखीं तो कुछ ने पुरानी क्लिप्स जोड़कर उन्हें गलत ठहराने की कोशिश की। लंबे समय तक चुप रहकर सारी बातें सहने वाली ऐश्वर्या अब आगे आईं और कहा कि बिना किसी आधार के किसी पर उंगली उठाना कितना गलत है।

ऐश्वर्या बोलीं- ‘कभी किसी का नुकसान नहीं किया’

एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट में साफ कहा कि लोग जाने बिना धारणाएँ बना लेते हैं, जबकि सच जानने की कोशिश भी नहीं करते। उन्होंने लिखा कि जो भी उनके साथ काम कर चुका है, वह जानता है कि उन्होंने कभी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। सेट पर उन्होंने हमेशा प्रोफेशनलिज़्म से काम किया और किसी को नीचा दिखाने या चोट पहुंचाने का कोई आरोप उन पर सही नहीं है।

सगाई के बाद से लगातार निशाने पर रही एक्ट्रेस

उन्होंने ये भी बताया कि ट्रोलिंग का सिलसिला नया नहीं है। उनकी सगाई के बाद ही लोगों ने उन पर तरह-तरह की बातें कहना शुरू कर दिया था। कई बार उन्होंने बातें अनदेखी कीं, मुस्कुराकर सब सहा, लेकिन लगातार फैलते झूठ और अफवाहों ने उन्हें बोलने के लिए मजबूर कर दिया। ऐश्वर्या के मुताबिक, उन्हें खुद बहुत बार ट्रोल किया गया, लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा कि शायद उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है।

‘अब अपनी गरिमा की रक्षा खुद करूंगी’

एक्ट्रेस ने बताया कि लोग सोशल मीडिया पर उन्हें नकारात्मक वीडियो और लिंक भेजते रहते हैं, जिनमें उनके खिलाफ मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़ी जाती हैं। कुछ कंटेंट क्रिएटर व्यूज़ के लिए गलत बात फैलाते हैं, जबकि सच्चाई कोई नहीं देखता। ऐश्वर्या ने साफ कर दिया कि वो अब अपनी तरफ से अपनी बात मजबूती से रखेंगी और अपनी इमेज को बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाएंगी।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की बात करने वाले लोग भी बिना सोचे-समझे किसी अनजान व्यक्ति को जज कर देते हैं, जबकि उन्हें नहीं पता कि सामने वाला क्या झेल रहा है। चुप रहना कमजोरी नहीं होता, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि किसी को कुछ भी कहने का अधिकार मिल जाए।

कपल की लव स्टोरी और मौजूदा हालात

‘गुम है किसी के प्यार में’ के सेट पर शुरू हुई ये लव स्टोरी ‘बिग बॉस 17’ में और भी चर्चित हुई थी। दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया, लेकिन अब रिश्ते में आई दूरी और मौजूदा विवाद ने फैंस को निराश किया है। इस बीच ऐश्वर्या का खुलकर सामने आना यह दिखाता है कि वह झूठे आरोपों के दबाव में नहीं झुकना चाहतीं।

 

दिमाग की नस कमजोर होने पर दिखाई देते हैं ये संकेत, तुरंत करें ध्यान

0

#LatestlifestyleNews #lifestyleNews #lifestyleUpdate #lifestyleNews #BollywoodHindiNews

दिमाग शरीर का सबसे जरूरी अंग हैं. दिमाग की नसों में गड़बड़ी होने पर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है. दिमाग की नसों में कमजोरी के पीछे कई कारण हो सकता है. जैसे चोट लगना, पोषक तत्वों की कमी आदि. दिमाग की नसों में कमजोरी आने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं. इन लक्षणों की पहचान कर बड़ी समस्या से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं दिमाग की कमजोर नसें होने पर क्या संकेत नजर आते हैं|

अचानक तेज सिरदर्द होना 

अगर आपको अचानक तेज सिरदर्द होता है दवाई लेने के बाद भी यह दर्द कम नहीं होता है तो इसे नजरअंदाज ना करें यह दिमाग की नसों में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. दरअसल  दिमाग की नसें कमजोर होने पर ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन सर्कुलेशन में कमी आती है जिस वजह से तेज सिरदर्द होता है|

पूरे शरीर में झुनझुनी महसूस होना 

दिमाग की नसों में कमजोरी होने पर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है. दरअसल पूरे शरीर में झुनझुनी महसूस होती है. झुनझुन की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना चाहिए|

देखने में दिक्कत 

दिमाग की नसें कमजोर होने पर इसका असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है. क्योंकि दिमाग की नसों का संबंध शरीर के हर अंग से होता है. वहीं दिमाग और आंखों की नसें जुड़ी होती है ऐसे में दिमाग की नसे कमजोर होती है तो आंखों पर जल्दी असर पड़ता है. दिमाग की नसे कमजोर होने पर धुंधला या डबल दिख सकता है. अगर आपको धुंधला या डबल दिख रहा है तो इसे नजरअंदाज ना करें|

 

महाराष्ट्र में दिखने लगा कांग्रेस की बिहार में हार का परिणाम, दुत्कारने लगे उद्धव ठाकरे

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई। बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बहुत बुरी हार हुई है। इसका असर महाराष्ट्र में अभी से दिखाई देने लगा है।शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे अब कांग्रेस को आंख दिखाने लगे हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि कांग्रेस अपने निर्णय खुद लेने के लिए स्वतंत्र है और उनकी पार्टी भी अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेती है। दरअसल कांग्रेस ने ही ऐलान किया था कि वह बीएमसी चुनाव अकेले लड़ेगी। इसके एक दिन बाद यानी रविवार को आया उद्धव का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह कांग्रेस को मनाने की कोई कोशिश नहीं करने वाले हैं।
उद्धव ठाकरे ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली भारी जीत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि राजद नेता तेजस्वी यादव को मिले विशाल समर्थन को लेकर यह जांच होनी चाहिए कि यह समर्थन वास्तविक था या फिर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के ज़रिये ‘तैयार’ किया गया।महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला और मुंबई कांग्रेस प्रमुख वरखा गायकवाड़ ने शनिवार को कहा था कि पार्टी स्थानीय इकाई की सलाह के अनुसार 227 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। चेन्निथला ने कहा, ‘स्थानीय निकाय चुनाव होने के कारण हमने मुंबई इकाई की राय को प्राथमिकता दी है।’ कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई मनसे चीफ राज ठाकरे की हालिया नज़दीकियों से पार्टी में असहजता बढ़ी है। दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बातचीत को कांग्रेस अपने लिए राजनीतिक जोखिम के रूप में देख रही है। वहीं बीएमसी चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार ने ‘बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक सार्वजनिक ट्रस्ट’ का पुनर्गठन कर उद्धव ठाकरे को दोबारा इसके अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। उन्होंने यह पद 2019 में मुख्यमंत्री बनने के बाद छोड़ दिया था। नए गठन में बीजेपी का प्रतिनिधि भी वापस शामिल किया गया है, जिसे एमवीए सरकार ने 2020 में ट्रस्ट से हटा दिया था। अब बीजेपी विधायक पराग अलवानी, उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेता शिशिर शिंदे इस ट्रस्ट के सदस्य होंगे। 

Previous articleगरुड़ 25 में फ्रांस के आसमान में उड़ रहे सुखोई-30एमकेआई और राफेल विमान 
Next articleकर्मचारी संघों की संपत्तियों पर मध्य प्रदेश सरकार की नजर, नहीं चलेगा व्यापार
News Desk

गरुड़ 25 में फ्रांस के आसमान में उड़ रहे सुखोई-30एमकेआई और राफेल विमान 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना (आईएफए) फ्रांस के आसमान में फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वायु अभ्यास गरुड़ 25 को अंजाम दे रही है। संयुक्त वायु अभ्यास गरुड़ 25 फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में 16 से 27 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों वायुसेनाओं के बीच पारस्परिक अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना है। एक वास्तविक युद्ध जैसे वातावरण में विभिन्न युद्ध रणनीति और प्रक्रियाओं को परखना। दोनों देशों के पायलटों और टीमों के बीच प्रोफेशनल बातचीत, प्रचालनगत ज्ञान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना। भारतीय वायुसेना के सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमान फ्रांस के बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों (जैसे राफेल) के साथ जटिल हवाई युद्ध परिदृश्यों पर फोकस करेगा। हवा से हवा में युद्ध, एयर डिफेंस, और संयुक्त हमला करने के अभियान शामिल है। 
फाइटर जेट की रेंज बढ़ाने के लिए आईएल-78 हवा से हवा में ईंधन भरने वाले टैंकरों का उपयोग करके हवा में ही ईंधन भरने का अभ्यास भी किया जा रहा है। अभ्यास के लिए टुकड़ी और भारी उपकरणों को लाने-ले जाने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर परिवहन विमानों का उपयोग किया जा रहा है। यह अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच मजबूत रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

ड्रोन रोधी अभियानों पर भी किया गया संयुक्त प्रशिक्षण
इसके अलावा, ड्रोन रोधी अभियानों जैसे विषयों पर संयुक्त प्रशिक्षण किया। यह पूरा अभ्यास भी फ्रांस में आयोजित किया गया। अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं ने कंबैट शूटिंग, अर्बन वारफेयर, और अवरोध पार प्रशिक्षण भी किया। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली व ड्रोन रोधी क्षमता युद्धों का रुख निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वहीं, भारत और फ्रांस के बीच राफेल मरीन लड़ाकू विमानों का सौदा भी हो चुका है। राफेल मरीन विमानों की खरीद के लिए यह सरकार-से-सरकार की डील है। इस डील के तहत फ्रांस द्वारा भारतीय नौसेना को मरीन (एम) श्रेणी के 26 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की जाएगी। तय सौदे के मुताबिक भारतीय नौसेना को फ्रांस द्वारा 26 राफेल मरीन फाइटर जेट की डिलीवरी दी जाएगी। 

Previous articleभारत की सबसे महंगी फिल्में बन रहीं करोड़ों के बजट में, ग्लोबल स्तर पर होगी रिलीज
News Desk

सर्दियों में इम्यूनिटी बूस्टर है काली हल्दी, जानें सही इस्तेमाल

0

#LatestlifestyleNews #lifestyleNews #lifestyleUpdate #lifestyleNews #BollywoodHindiNews

काली हल्दी | हल्दी का नाम लेते ही हमारे जहन में पीली हल्दी आ जाती है. पीली हल्दी किचन में सब्जियों से लेकर मंदिर में पूजा करने तक में इस्तेमाल होती है. हल्दी को खाने पर इसमें कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है. हल्दी को एंटीबायोटिक  भी मना जाता है. लेकिन, पीली हल्दी के अलावा काली हल्दी भी होती है, जो जड़ीबूटी की तरह हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होती है. खासकर इम्यूनिटी बढ़ाने में, वायरल संक्रमण की रोकथाम में, जोड़ों के दर्द से आराम दिलाने में ये मददगार होती है. काली हल्दी सर्दियों के सीजन में इंसानों के लिए कितनी फायदेमंद हैं एक्सपर्ट से जानें…

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में माइक्रो वायरोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. सुमित रावत बताते हैं कि काली हल्दी में पीली हल्दी से अधिक ऑक्सीडेंट होते हैं. ऑक्सीडेंट वह चीज होती है, जब हमारे शरीर में टूट-फूट होती है तो उनको जोड़ती है या जो लोग कहते हैं कि उन्हें जोड़ों में दर्द हो रहा या दर्द रहता है तो टूट होने की वजह से ऐसा होता है, इसलिए काली हल्दी जो इस्तेमाल करता है, उसको जोड़ों की दर्द की समस्या से राहत होती है. आजकल पीठ दर्द की समस्या भी बहुत तेजी से बढ़ रही है, बच्चों में भी ये दर्द आम होता जा रहा है. काली हल्दी का उपयोग करने पर इससे बचे रहेंगे.

पीली हल्दी से इतनी महंगी

आगे बताया, इसके अलावा काली हल्दी सूजन दूर करने और जो बार-बार संक्रमण की बीमारी सताती है, उसमें भी यह इम्यूनिटी बूस्ट कर ऐसे बचाने में मदद करती है. काली हल्दी नीले रंग की होती है और इसमें कपूर जैसी सुगंध आती है. यह बाजार में कम मिलती है, इसके रेट पीली हल्दी से डेढ़ से 2 गुना तक अधिक होते हैं. 

ऐसे करें उपयोग

काली हल्दी का उपयोग अलग-अलग तरीके से अलग-अलग उपयोग में कर सकते हैं. जैसे अगर आपको वायरल इंफेक्शन की समस्या है तो इसके लिए आप काली हल्दी को रोजाना गुनगुने दूध में डालकर सोने से पहले पी ले तो इससे धीरे-धीरे आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होगी. अगर दूध पीना पसंद नहीं है तो काली हल्दी की चाय भी सुबह खाली पेट पीने से फायदा मिलता है.

जोड़ों के दर्द में ऐसे मिलेगा आराम

आपके जोड़ों में दर्द है तो काली हल्दी को पीने से तो फायदा मिलता ही है, लेकिन काली हल्दी का लेप बनाकर जोड़ों में लगाने से दर्द में फायदा मिलेगा. सूजन है तो वह भी कम होगी. इसके अलावा काली हल्दी को सरसों के तेल में भी मिक्स करके जोड़ों के दर्द में लगा सक