महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले महायुति सरकार में बढ़ी तानातनी

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कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे शिवसेना के मंत्री
शिंदे की पार्टी भाजपा से नाराज, कार्यकर्ताओं को पाले में करने का आरोप

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले मंगलवार को महायुति सरकार की साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग हुई। इसमें शिवसेना के ज्यादातर मंत्रियों नहीं पहुंचे। इससे महाराष्ट्र में राजनीति हलचल बढ़ गई है। सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में केवल शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मौजूद थे। सोर्स ने बताया कि शिवसेना अपने सहयोगी भाजपा को यह संदेश देना चाहती है कि उसे भाजपा का शिवसेना के कार्यकर्ताओं और नेताओं को अपने पाले में लाना पसंद नहीं है।
हाल ही में कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना के नेताओं के भाजपा में जाने की घटनाओं को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि इसके बाद शिवसेना के मंत्री मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले और डोंबिवली की घटनाओं पर नाराजगी जताई।

मंत्रालय में मौजूद मंत्री बैठक में नहीं गए
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान शिवसेना के सभी मंत्री मंत्रालय में मौजूद थे। इसके बावजूद कैबिनेट मीटिंग का हिस्सा नहीं बने। बैठक के बाद शिवसेना के सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की।

कोई एक-दूसरे के कार्यकर्ता नहीं लेंगे
इस दौरान शिवसेना मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि हमने फडणवीस से मुलाकात की। उन्हें नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने साथ करने के मामले के बारे में बताया। वे बहुत सहयोगी हैं। ये गलतियां जमीनी स्तर पर होती हैं। इन्हें सुधारा जाएगा। वहीं, भाजपा नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह तय हुआ है कि वे एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को नहीं लेंगे। कुछ नाराजगी हो सकती है। हमारे मंत्री स्थानीय चुनावों में व्यस्त हैं। भाजपा के आठ मंत्री भी कैबिनेट बैठक में नहीं आए। किसी भी मंत्री ने बैठक का बहिष्कार नहीं किया।

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News Desk

इन 3 टीमों की नज़र ग्लेन मैक्सवेल पर, लग सकती है मोटी बोली!

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आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन से पहले ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पंजाब किंग्स (PBKS) ने उन्हें रिलीज कर दिया है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि कई टीमें इस अनुभवी खिलाड़ी पर बड़ी बोली लगाने के लिए तैयार होंगी। मैक्सवेल 13 सीजन से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और चार अलग अलग फ्रेंचाइज़ियों के लिए खेल चुके हैं। हालांकि, 2025 का सीजन उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा। वे केवल सात मुकाबले खेल सके, जिसमें उन्होंने 48 रन बनाए और चार विकेट हासिल किए।

इसके बाद वह चोट के चलते वे पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए, और उनकी अस्थिर फॉर्म ने पंजाब को बड़ा नुकसान पहुँचाया। यही कारण रहा कि PBKS ने उन्हें रिलीज करने का फैसला किया।अब, जब मैक्सवेल एक बार फिर ऑक्शन पूल में लौट चुके हैं, कई टीमें उनके अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी ऑफ स्पिन और बेहतरीन फील्डिंग को देखते हुए उन्हें अपने स्क्वाड में शामिल करने की कोशिश कर सकती हैं। आइए जानते हैं तीन टीमें जो इस बार मैक्सवेल पर बोली युद्ध छेड़ सकती हैं:

1. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)

तीन बार की चैंपियन KKR के पास इस समय केवल दो विदेशी खिलाड़ी हैं और उन्होंने आंद्रे रसेल को भी रिलीज कर दिया है। ऐसे में एक विस्फोटक मिडिल ऑर्डर ऑलराउंडर की कमी साफ नजर आती है। मैक्सवेल इस भूमिका में बिल्कुल फिट बैठते हैं।सुनील नारायण के ओपनिंग करने और रोवमैन पावेल के 4–5 नंबर पर खेलने की उम्मीद है, ऐसे में मैक्सवेल KKR के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दे सकते हैं। उनकी ऑफ स्पिन से ईडन गार्डन्स की धीमी पिच पर अतिरिक्त लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।

2. राजस्थान रॉयल्स (RR)

2025 में RR का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और वे नौवें स्थान पर रहे। शिमरोन हेटमायर भी फॉर्म में नहीं थे। टीम के पास जडेजा और सैम करन जैसे खिलाड़ी तो हैं, लेकिन एक और बहुमुखी ऑलराउंडर की जरूरत बनी हुई है। मैक्सवेल की आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी RR के मिडिल ओवरों को काफी मजबूत कर सकती है।

3. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)

CSK अपने अनुभव प्रधान अप्रोच के लिए जानी जाती है। उनके पास जैमी ओवरटन के अलावा कोई बड़ा विदेशी ऑलराउंडर नहीं है। मैक्सवेल की बहुमुखी भूमिका, उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों की समझ और CSK के खिलाफ पुराना अच्छा रिकॉर्ड उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है। इसलिए CSK भी उनकी रेस में आगे दिख सकती है।

दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 400 के पार, 16 स्टेशन गंभीर कैटेगरी में…जानिए क्या करें?

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Delhi AQI: दिल्ली में ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ता ही जा रहा है. बुधवार सुबह हवा की गुणवत्ता इतनी बिगड़ चुकी है कि लोगों के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो गया है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपने ताजा आंकड़ों में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया है, जो सीधे ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है.

CPCB के अनुसार दिल्ली के अलावा हरियाणा और कुछ यूपी के इलाकों में भी हवा काफी खराब है. ग्रेटर नोएडा का AQI 452 तक दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में काफी खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली का AQI भी 400 के पार है, जबकि NCR के कई शहर इससे भी अधिक खराब गुणवत्ता वाली हवा झेल रहे हैं.

प्रदूषण से बढ़ रही बीमारियां

दिल्ली की खराब हवा को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों को गंभीर रूप से बढ़ा रहा है. वर्तमान समय में दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक लेवल पर है. अभी यह कुछ दिनों तक कम होते नहीं दिखाई दे रहा है. ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.

AQI कब खतरनाक होता है?

0–50: हवा साफ, किसी को खतरा नहीं
51–100: संतोषजनक, संवेदनशील लोगों को हल्की परेशानी
101–200: मध्यम, सांस और दिल के मरीजों को परेशानी
201–300: खराब, अधिकतर लोगों को दिक्कत महसूस होती है
301–400: बहुत खराब, सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं
401–500: गंभीर/खतरनाक, स्वस्थ लोगों को भी नुकसान, बीमार मरीजों की हालत बिगड़ सकती है

जहरीली हवा से कैसे बचें?

बाहर जाते समय N95 मास्क पहनें
सुबह और शाम वर्कआउट/जॉगिंग से बचें
घर की खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर या फ़िल्टर का उपयोग करें
अधिक पानी पिएं और भाप लें
बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर न भेजें

पहले किया रोमांटिक किस, फिर गोद में उठाया, हार्दिक पांड्या और माहिका की तस्वीरें वायरल!

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जब से हार्दिक पांड्या ने मॉडल और एक्ट्रेस माहिका शर्मा के साथ अपने रिश्ते को कंफर्म किया तब से अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी लेडी लव पर प्यार लुटाते हुए तस्वीरें शेयर करते रहते हैं. मंगलवार शाम को भी, क्रिकेटर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए, जिनमें से कुछ में वे अपनी गर्लफ्रेंड माहिका संग रोमांटिक अंदाज में नजर आए |

हार्दिक पांड्या ने गर्लफ्रेंड माहिका को किस करते हुए वीडियो की शेयर

हार्दिक पांड्या द्वारा शेयर की गई एक वीडियो में,वे और माहिका ट्रेडिशनल आउटफिट में कैमरे के सामने पोज़ देते हुए नज़र आ रहे हैं. इस दौरान हार्दिक अपनी लेडी लव के गालों पर किस करते भी नज़र आते हैं. वहीं एक और वीडियो में दोनों कुछ पूजा करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि यह क्लिप उनके दिवाली सेलिब्रेशन की हो सकती है |

कौन हैं माहिका शर्मा?

माहिका ने इकोनॉमिक्स और फाइनेंस में डिग्री ली हुई है. इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. वह कई म्यूदिक वीडियो, इंडीपेंडेट फिल्मों और तनिष्क, वीवो और यूनिक्लो जैसे ब्रांड्स के एड कैंपेन में नज़र आ चुकी हैं. उन्होंने मनीष मल्होत्रा, अनीता डोंगरे और तरुण तहिलियानी जैसे टॉप इंडियन डिज़ाइनरों के लिए रैंप वॉक भी किया है. 2024 में, माहिका को इंडियन फ़ैशन अवार्ड्स में “मॉडल ऑफ़ द ईयर (न्यू एज)” अवॉर्ड भी मिला था |

हार्दिक पांड्या का पिछले साल नताशा से हुआ था तलाक

हार्दिक पांड्या की शादी बॉलीवु़ड एक्ट्रेस स्टेनकोविक से हुई थी. दोनों ने मई 2020 में शादी की और फरवरी 2023 में हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से दोबारा वेडिंग की थी. हालांकि जुलाई 2024 में इस जोड़ी ने तलाक की अनाउंसमेंट कर हर किसी को हैरान कर दिया था. बता दें कि हार्दिक और नताशा का एक बेटा अगस्त्य भी है |

43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजकर 21 नवंबर तक लिखित स्पष्टीकरण मांगा बिहार कांग्रेस ने

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पटना । बिहार कांग्रेस (Bihar Congress) ने 43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजकर (Issued Show-cause Notices to 43 Leaders) 21 नवंबर तक लिखित स्पष्टीकरण मांगा (Seeking written Explanations by November 21) ।

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने अब चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले नेताओं पर एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इसके तहत मंगलवार को 43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है, इनमें पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। बताया गया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण कांग्रेस पार्टी की अनुशासन समिति ने कई नेताओं को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज नोटिस) जारी किया है। चुनावी अवधि में इन व्यक्तियों द्वारा मीडिया सहित अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिए गए थे, जिससे पार्टी की छवि, प्रतिष्ठा तथा चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिल देव प्रसाद यादव के अनुसार संबंधित सभी व्यक्तियों को निर्देशित किया गया है कि वे 21 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक अपना लिखित स्पष्टीकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में अनुशासन समिति विवश होकर कठोर कार्रवाई करेगी, जिसमें कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से लेकर छह वर्षों के लिए निष्कासन भी सम्मिलित है।

प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ने कहा है कि पार्टी अनुशासन और एकता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा पार्टी को क्षति पहुँचाने वाले किसी भी प्रकार के कृत्य को गंभीरता से लिया जाएगा। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है, उनमें पूर्व मंत्री अफाक आलम, पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व एमएलसी अजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक गजानंद शाही उर्फ मुन्ना शाही, सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, बांका जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कंचना कुमारी, सारण जिला अध्यक्ष बच्चू कुमार बीरू, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष राज कुमार राजन भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस छह सीटें जीत पाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को भी इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा।

रिंकू सिंह को मिला बड़ा मौका, अब टेस्ट क्रिकेट में दिखेगी असली ताकत!

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टी20 और वनडे टीम में अपनी तूफानी बैटिंग का जलवा दिखा चुके टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह ने टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए हुंकार भर ली है. मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज ने एक और शतक जड़ दिया है. यह उनका सीजन में दूसरा सैकड़ा है. रिंकू ने तमिलनाडु के खिलाफ सेंचुरी बनाई. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन से रिंकू ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए दावेदारी भी पेश कर दी है|

इतनी गेंदों में ठोका शतक

कोयंबटूर के श्री रामकृष्णा कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस ग्राउंड में रिंकू सिंह ने हवा में बल्ला लहराकर अपने शतक का जश्न मनाया. रिंकू का यह शतक चौथे दिन के खेल के दौरान आया. 100 रन तक पहुंचने के लिए रिंकू सिंह ने 157 गेंदें लीं. इस दौरान उन्होंने 9 चौके और 3 छक्के भी देखने को मिले. रिंकू 5वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे थे. चौथे दिन पहले सेशन का खेल जारी है. रिंकू 103 रन बनाकर नाबाद हैं|

सीजन का दूसरा सैकड़ा

रिंकू के बल्ले से निकला यह इस रणजी सीजन का दूसरा सैकड़ा है. इससे पहले रिंकू ने आंध्र के खिलाफ 165 रन जड़ दिए थे. इस पारी की खास बात यह रही कि कोई भी गेंदबाज उन्हें आउट करने में कामयाब नहीं रहा. रिंकू ने 273 गेंदों का सामना करते हुए 60 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की. पारी में रिंकू ने 13 चौके और दो छक्के भी लगाए थे. हालांकि, यह मुकाबला ड्रॉ रहा था|

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टेस्ट डेब्यू के लिए पेश की दावेदारी

रिंकू सिंह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगातार बेहतरीन पारियां खेल रहे हैं. फर्स्ट क्लास में 9वीं सेंचुरी बनाने के साथ ही रिंकू ने भारतीय टेस्ट टीम की दावेदारी भी ठोक दी. देखना यह होगा कि 28 साल के इस बल्लेबाज को कब मौका मिलता है. जाहिर है उनके प्रदर्शन पर सेलेक्टर्स की भी पैनी नजर होगी. रिंकू मिडिल ऑर्डर में टीम इंडिया को मजबूती प्रदान कर सकते हैं. टीम इंडिया के लिए यह बल्लेबाज वनडे और टी20 टीम में धमाल मचा रहे हैं|

ऐसा है फर्स्ट क्लास करियर

बात करें रिंकू के फर्स्ट क्लास करियर की तो उन्होंने इस मुकाबले से पहले तक 51 मैचों की 73 पारियों में 3501 रन बनाए हैं. उनका औसत 57.39 का है, जबकि 70 के स्ट्राइक रेट से फर्स्ट क्लास में उनके बल्ले से रन निकल रहे हैं. रिंकू ने 22 अर्धशतक भी बनाए हैं. नाबाद 165 रन के बेस्ट स्कोर के साथ वह 401 चौके और 41 छक्के भी लगा चुके हैं. रिंकू के यह आंकड़े दर्शाते हैं कि वह भारत के लिए रेड बॉल क्रिकेट में धूम मचाने के लिए तैयार हैं|

‘अभी मारें या बाद में…’, प्रधान ने पहले पीटा, फिर जूते में पेशाब भरकर पिला दिया

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शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां आवारा पशुओं (Stray Animals) की 1076 नंबर (CM Helpline) पर शिकायत (Complaint) करने से तिलमिलाए दबंगों (Bullies) ने पहले तो युवक (Young Men) को जमकर पीटा. फिर जूते (Shoes) में पेशाब (Urine) भरकर उसे पिला दिया. युवक का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ भी दबंगों ने अभद्रता की. आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने पहुंचे युवक की कोई सुनवाई नहीं हुई. फिलहाल युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है जहां उसका इलाज किया जा रहा है.

इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला ये मामला परौर थाना क्षेत्र के हरदुआ गांव का है. यहां रहने वाले युवक रामफल ने बताया- 14 नवंबर को गांव में स्थित गौशाला की गायों को छोड़ दिया गया, जो उसके घर में घुसने लगीं. इसकी शिकायत उसने प्रधान से की. उस समय मामला रफा दफा हो गया. लेकिन बाद में प्रधान ने उसे धमकी दी. परेशान युवक ने फिर 1076 नंबर पर कॉल करके इसकी शिकायत दी.

साथ ही युवक ने दबंग प्रधान से भी गौशाला के पशुओं को बंद कर रखने के लिए कहा. बोला कि शासन से जो 90 हजार रुपये आते हैं, वो तो आप ले लेते हैं. तो ये गौशाला के पशु क्यों खुले घूम रहे हैं? बस फिर क्या था. आरोप है कि दबंग आरोपी प्रधान उदयवीर ने धमकाते हुए कहा कि तुम्हें अभी मारें या फिर बाद में? इस पर युवक ने कहा कि आपको जैसा ठीक लगे.

पीड़ित रामफल ने आरोप लगाते हुए बताया- अगले दिन जब वो अपनी पत्नी के साथ खेत में आलू के बीच डालने गया, तो दबंग प्रधान उदयवीर ने अपने साथियों के साथ उसे खेत में ही घेर लिया. पहले जमकर लाठी डंडों और लोहे की पाइप आदि से उसकी पिटाई की. उसके बाद दबंग प्रधान उदयवीर ने जूते में भरकर पेशाब रामफल को पिलाया. यही नहीं, दबंगों ने उसकी पत्नी के साथ भी अभद्रता की, जिसकी शिकायत करने जब पीड़ित युवक की पत्नी परौर थाने पहुंची तो उसकी वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई.

20 साल की चाइल्ड आर्टिस्ट बनी ग्लैमरस हीरोइन, Dhurandhar में रणवीर सिंह की ‘दिलरुबा’ बनकर छा गई!

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धुरंधर | रणवीर सिंह (Ranveer singh) की अपकमिंग फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) का ट्रेलर रिलीज हो चुका है. फिल्म के ट्रेलर को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. फिल्म में रणवीर के साथ जी अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. इस बीच ट्रेलर लॉन्च के मौके पर रणवीर सिंह ने फिल्म की एक्ट्रेस सारा अर्जुन (Sara Arjun) की जमकर तारीफ की है, एक्टर ने सारा को ‘विलक्षण’ प्रतिभा वाली एक्ट्रेस बताया है. ट्रेलर लॉन्च के मौके पर रणवीर ने सारा को लेकर और क्या कुछ कहा आइये जानते हैं |

रणवीर ने कहा मैं जानता था ये कमाल करेगी

रणवीर ने ट्रेलर लॉन्च के मौके पर कहा कि उन्हें पहले से ही लगता था कि सारा कमाल करेंगी. रणवीर ने सारा की तारीफ करते हुए कहा, ‘सारा मुझे भरोसा नहीं हो रहा है कि हम यहां स्टेज साझा कर रहे हैं. ये कितनी स्पेशल मोमेंट है. मैं खुशनसीब हूं जो तुम्हारे साथ इस मौके का साक्षी बना. सारा विलक्षण प्रतिभा वाली एक्ट्रेस हैं. आपको पता चलेगा, कुछ लोग होते हैं, मतलब बचपन से आपको पता है कि ये बेहद टैलेंटेड हैं. जैसे डकोटा फैनिंग (Dakota Fanning) आई थीं हॉलीवुड में…मुझे लगता है, जैसे आपने हजारों कैंडिडेट्स के बीच अपनी प्रतिभा को इस रोल के लिए साबित किया है ऐसा लगता है कि आप इसके लिए ही बनी थीं|

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ऐसा लगता है ये 50 फिल्म करके आई है

रणवीर यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने सारा की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे ये 50 फ़िल्में करके आई हैं. ये ना सिर्फ एक अच्छी इंसान हैं बल्कि बेहतरीन परफ़ॉर्मर हैं. रणवीर ने कहा कि सारा की वजह से मैं फिल्म में अच्छा दिख रहा हूं. आपको बता दें कि सारा महज 20 साल की हैं और उनका जन्म 18 जून 2005 को हुआ था. सारा को विज्ञापनों में काम करके फेम मिला था वे महज पांच साल की थीं तब से टीवी विज्ञापनों में काम कर रही हैं. वहीं सारा को पॉपुलैरिटी साल 2011 में आई तमिल फिल्म दैवा थिरुमगल (Deiva Thirumagal) में काम करके मिली थी. रणवीर और उनमें 20 साल का एज गैप है|

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भाजपा एसआईआर का इस्तेमाल हथियार के रूप में करने की कोशिश कर रही

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विषय पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की और कहा कि निर्वाचन आयोग को यह साबित करना होगा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छाया में काम नहीं कर रहा है।
उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा एसआईआर का इस्तेमाल हथियार के रूप में करने की कोशिश कर रही है और यदि आयोग इसकी उपेक्षा करता है तो उसकी भी संलिप्तता मानी जाएगी। खड़गे ने उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों, राज्य इकाई प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की, जहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद जारी है। पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे।

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पत्नी ने लोन का पैसा नहीं चुकाया तो बैंक ने पति की पेंशन काट ली, लौटाने होंगे 5 लाख रुपये

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डेस्क: क्या बैंक (Bank) अपनी मर्ज़ी से किसी के खाते से पैसे काट सकता है? ख़ासकर तब, जब उस खाते में पेंशन (Pension) का पैसा जमा हो? ओडिशा हाईकोर्ट (Odisha High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में इस सवाल का जवाब दिया है, जो देश के लाखों बुजुर्गों और पेंशनभोगियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. हाईकोर्ट ने साफ़ कह दिया है कि बैंक, लोन डिफ़ॉल्ट होने पर भी, गारंटर के पेंशन फंड को सीधे-सीधे जब्त नहीं कर सकता. यह पूरा मामला मल्लिक नामक एक रिटायर व्यक्ति से जुड़ा है. मल्लिक साहब, जो रेल कोच फैक्ट्री से रिटायर हुए थे, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में अपनी पत्नी के साथ एक संयुक्त खाता (Joint Account) रखते थे. इसी खाते में उनकी करीब ₹35,000 की मासिक पेंशन आती थी. मल्लिक साहब अपनी पत्नी के दो ट्रांसपोर्ट व्हीकल लोन के गारंटर बने थे.

मल्लिक साहब की पत्नी ने 5.9 लाख और 8 लाख रुपये के दो वाहन लोन लिए थे. कुछ समय बाद, वह इन कर्ज़ों की किश्तें नहीं चुका पाईं और नवंबर 2018 में दोनों खाते एनपीए (NPA) घोषित हो गए. बैंक ने लोन की वसूली के लिए कई बार नोटिस भेजा, लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद, बैंक ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने मल्लिक साहब की पूरी जमा पूंजी पर संकट ला दिया. 17 और 19 फरवरी 2024 को, बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के, मल्लिक साहब के संयुक्त खाते से कुल 5 लाख रुपये काट लिए. बैंक का दावा था कि यह राशि लोन के बकाए को निपटाने के लिए ली गई है. मल्लिक साहब ने तर्क दिया कि वह तो केवल गारंटर थे, न कि मुख्य उधारकर्ता. उन्होंने बैंक को एक निवेदन भी दिया कि उन्हें बेटी की शादी के लिए पैसों की सख़्त ज़रूरत है, इसलिए राशि वापस की जाए, लेकिन बैंक ने कोई ध्यान नहीं दिया. मजबूरन, उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया.

जस्टिस (डॉ.) संजीव के पाणिग्रही की पीठ ने 17 अक्टूबर 2025 को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए एक ऐतिहासिक फ़ैसला दिया. कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल एक बैंकिंग विवाद नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवनयापन के अधिकार से जुड़ा है. कोर्ट ने साफ कहा कि पेंशन कोई भीख या खैरात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी की मेहनत से कमाई गई संपत्ति है, जो उसे बुढ़ापे में सम्मान से जीने का अधिकार देती है. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए बताया कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 60(1)(g) के तहत, सरकारी पेंशन को किसी भी तरह की कुर्की (Attachment) से कानूनी सुरक्षा मिली हुई है. कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया, “जो काम कानून किसी औपचारिक आदेश के बिना नहीं करने देता, उसे बैंक अपनी मर्ज़ी से, पेंशन फंड को काटकर, अप्रत्यक्ष रूप से नहीं कर सकता.”

बैंक ने दलील दी थी कि मल्लिक साहब गारंटर थे और खाता भी ज्वाइंट था, इसलिए वसूली सही थी. लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को ख़ारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि भले ही एक गारंटर की ज़िम्मेदारी मुख्य उधारकर्ता के बराबर होती है, लेकिन वसूली का तरीका कानूनी और उचित होना चाहिए. किसी एक व्यक्ति के कर्ज़ के लिए, बैंक दूसरे सह-खाताधारक (Co-account Holder) के खाते से ऐसे ही पैसे नहीं निकाल सकता. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चूंकि मल्लिक साहब की पेंशन इस खाते में आती थी, इसलिए सिर्फ ज्वाइंट खाता होने के कारण, फंड्स अपनी पेंशन वाली सुरक्षा नहीं खो सकते. बैंक की यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफ़ा थी और प्राकृतिक न्याय के बुनियादी नियमों का उल्लंघन करती है, क्योंकि मल्लिक साहब को कोई नोटिस नहीं दिया गया.

अपने फ़ैसले में, हाईकोर्ट ने एसबीआई के 5 लाख रुपये काटने की कार्रवाई को “अवैध और क़ानून में अस्थिर” घोषित कर दिया. कोर्ट ने बैंक को आदेश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर मल्लिक साहब के खाते में पूरी ₹5,00,000 की राशि वापस जमा करे. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि इस फ़ैसले से बैंक का लोन वसूलने का अधिकार ख़त्म नहीं होता. बैंक पूरी तरह से स्वतंत्र है कि वह कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, जैसे कि सिक्योरिटी को लागू करना या उचित न्यायाधिकरण में मामला दर्ज करना, अपनी बकाया राशि वसूल करे. मगर, बैंक किसी भी स्थिति में, पेंशनभोगी की जीवन-यापन के साधन (Pensioner’s means of sustenance) यानी पेंशन को सीधे जब्त नहीं कर सकता.