पीएम मोदी आज खोलेंगे दो नए कॉरिडोर, परियोजना की लागत 33,500 करोड़

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के बुनियादी ढांचे और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई ऊंचाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 8 मार्च को लगभग 33,500 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. दोपहर करीब 12 बजे आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री सरोजिनी नगर में नवनिर्मित GPRA टाइप-5 आवासों का दौरा करेंगे और महिला आवंटियों को उनके घरों की चाबियाँ सौंपेंगे. बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड में आयोजित समारोह की तैयारियों का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार शाम को जायज लिया था.

प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो के लगभग 18,300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उपहार देंगे. इसमें दो प्रमुख कॉरिडोर का उद्घाटन शामिल है. पिंक लाइन पर तैयार मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (12.3 किमी) और मजेंटा लाइन दीपाली चौक से मजलिस पार्क (9.9 किमी) लाइन आज से आम लोगों के लिए चालू हो जाएगा. मेट्रो के इस विस्तार से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक और हैदरपुर बादली मोड़ जैसे इलाकों के लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा.

दो नए मेट्रो कॉरिडोर चालू होने से पिंक लाइन बन जाएगी रिंग मेट्रो: मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन की लंबाई 12.3 किलोमीटर है और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं. यह कॉरिडोर पहले से संचालित मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है. इस सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी और दिल्ली को देश की पहली पूर्ण रूप से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिलेगी. इस कॉरिडोर पर मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन होंगे.

दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है जिसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है और इसमें 7 एलिवेटेड स्टेशन हैं. यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटैनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है. इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी. इस सेक्शन पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क स्टेशन होंगे. मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया जिसमें मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर को एक साथ समाहित किया गया है. यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है.

पीएम करेंगे मेट्रो के पांचवें चरण के तहत तीन कॉरिडोर का शिलान्यास: प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली मेट्रो के फेज-V (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का भी शिलान्यास किया जाएगा, जिससे दिल्लीवासियों की यात्रा और अधिक सुगम होगी. इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार शामिल हैं. रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा.

सरकारी आवासों का कायाकल्प (GPRA पुनर्विकास): इसमें नौ नए स्टेशन होंगे जिनमें आर. के. आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं. यह कॉरिडोर कर्तव्य भवनों, भारत मंडपम और युगे-युगेन भारत संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थलों को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 2.263 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा. इसमें एक नया स्टेशन होगा और दोनों पहले से संचालित स्टेशनों को आपस में जोड़ा जाएगा. तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार की लंबाई 3.9 किलोमीटर होगी और यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन शामिल होंगे.

प्रधानमंत्री करीब 15,200 करोड़ रुपये की आवासीय परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है. इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता इनका स्व-वित्तीय मॉडल है. सरकार ने परियोजना के एक सीमित हिस्से का व्यावसायिक उपयोग कर राजस्व जुटाया है, जिससे सार्वजनिक खजाने पर बिना भार डाले 9,350 आधुनिक फ्लैट और 48 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र तैयार किया गया है.

टी20 वर्ल्ड कप में परफॉर्मेंस को लेकर उत्साहित फाल्गुनी पाठक और सुखबीर, सिंगर बोलीं- कई रातों से नहीं सोई

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रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला होने वाला है। इससे पहले क्लोजिंग सेरेमनी में सिंगर फाल्गुनी पाठक परफॉर्म करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मैच नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाला है। इस बीच सिंगर ने दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में फैंस के सामने परफॉर्म करने को लेकर अपने उत्साह के बारे में बताया है।

इतनी रातों से नहीं सोईं

एएनआई से बात करते हुए पाठक ने कहा ‘मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं दो रातों से सोई नहीं हूं। दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वर्ल्ड कप के लिए इतने दर्शकों के सामने परफॉर्म करने का यह मेरा पहला अनुभव होगा। मैं बहुत, बहुत उत्साहित हूं। मुझे उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा।’

सिंगर ने जताई उम्मीद

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं। कल दुनिया भर से फैंस होंगे। मैं भी उनमें से एक हूं। मैं कल के मैच का मजा लूंगी। मुझे यकीन है, भगवान ने चाहा तो भारत यानी हम जीतेंगे।’

उत्साहित हैं सुखबीर सिंह

सिंगर सुखबीर सिंह भी आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में परफॉर्म करने वाले हैं। 
इससे पहले उन्होंने कहा ‘मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि मैंने कभी क्रिकेट दर्शकों के लिए परफॉर्म नहीं किया है। यह परफॉर्मेंस बहुत खास होगी…’

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कड़ा होने वाला है मुकाबला

आपको बता दें भारत और न्यूजीलैंड आज आइसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के तहत आमने-सामने होंगे। भारत का मकसद तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनकर इतिहास बनाना होगा। दूसरी तरफ, न्यूजीलैंड भारत की मजबूत बैटिंग लाइन-अप को रोकने की कोशिश करेगा। दोनों टीमें अपने पिछले मैचों में शानदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में पहुंची हैं।

बिहार में सीएम चेहरे को लेकर हलचल तेज………शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया 

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पटना । बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है। दोनों नेताओं के बीच बैठक होने वाली है। यह बैठक तब हो रही है, जब राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा जारी हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है।
दरअसल, नीतीश ने हाल ही में पटना में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह भी मौजूद थे। नीतीश ने बताया कि वे अपनी इच्छा से राज्यसभा जा रहे हैं। इसके बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तब बिहार में नई सरकार का गठन होगा और नए मुख्यमंत्री का चयन होगा।
सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने संभावित मुख्यमंत्री के नामों पर विचार-विमर्श शुरू किया है। फिलहाल सम्राट चौधरी को इस दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वे वर्तमान में बिहार सरकार में डिप्टी सीएम हैं और गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, जो पहले नीतीश कुमार के पास था। इसके अलावा उनका संबंध पिछड़ा वर्ग की कुशवाहा जाति से है, जिससे उन्हें सामाजिक समीकरणों के लिहाज से मजबूत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में एक और नाम केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का भी चर्चा में है। वे भाजपा के प्रमुख यादव चेहरे माने जाते हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व किसी नए चेहरे को भी सामने ला सकता है, जैसा कि उसने हाल के वर्षों में कई राज्यों में किया है। इधर, जेडीयू की बैठक में महत्वपूर्ण फैसला हुआ है। बैठक में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर भी सहमति बनी है। इससे राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। बिहार में राज्यसभा की पाँच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होने हैं। अप्रैल में मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। फिलहाल अमित शाह और सम्राट चौधरी की दिल्ली बैठक को इसी राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

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  गुलाल निर्माण इकाई में आग लगने से चार महिला श्रमिकों की मौत

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जींद। हरियाणा के जींद जिले में एक गुलाल निर्माण इकाई में आग लगने से चार महिला श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 11 लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि आग कथित तौर पर कारखाने के प्रवेश द्वार पर लगी और उसके बाद धुआं फैक्टरी के अंदर फैल गया। यह फैक्टरी सफीदों की भाट कॉलोनी के एक आवासीय क्षेत्र में स्थित है। 
पुलिस ने बताया कि कुछ मजदूरों ने अपनी जान बचाने के लिए कारखाने की छत से छलांग लगा दी। पुलिस और दमकल विभाग के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों के सहयोग से जलती फैक्टरी से श्रमिकों को बचाने के लिए एक चारदीवारी तोड़ दी। पुलिस ने बताया कि आग बुझाने के लिए कई दमकल वाहनों का इस्तेमाल किया गया, जबकि पीड़ितों को विभिन्न अस्पतालों में ले जाने के लिए एम्बुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया। 
हालांकि, आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।  आग लगने से चार महिला कामगारों की मौत हो गई। इनमें से तीन की उम्र लगभग 50 वर्ष, जबकि चौथी महिला 36 वर्ष की थी। इस घटना में करीब 10-11 लोग घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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अन्ना हजारे की पीएम मोदी से अपील, कहा- भारत आगे बढ़कर मिडिल ईस्ट युद्ध रोकने की पहल करे

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मुंबई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे  ने प्रधानमंत्री पीएम मोदी को पत्र लिखकर भारत से शांति स्थापना के लिए मिडिल ईस्ट युद्ध रोकने की पहल करने की अपील की है।
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि विभिन्न देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि युद्ध का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ता है, खासकर महिलाओं और बच्चों पर। उन्होंने लिखा कि युद्ध की खबरें बेहद दर्दनाक हैं और कई निर्दोष परिवार इसकी चपेट में आ रहे हैं।
अन्ना हजारे ने अपने संदेश में भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि देश हमेशा से अहिंसा और संवाद का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया को हथियारों और युद्ध की नहीं, बल्कि विश्वास, बातचीत और समझौते की जरूरत है। उनके अनुसार युद्ध केवल विनाश लाता है, जबकि संवाद से स्थायी समाधान निकल सकता है।
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि भारत तटस्थ रहते हुए वैश्विक शांति के लिए पहल करे। उन्होंने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है और कई मुद्दों पर देश ने सकारात्मक योगदान दिया है। ऐसे में अगर भारत शांति और मानवता के पक्ष में आगे आएगा तो यह पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बन सकता है।

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मैं उन सभी संतों के साथ हूं जो गो माता, गीता और सनातन की बात करते हैं: धीरेंद्र शास्त्री

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वाराणसी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी संतों के साथ हूं जो गो माता, गीता और सनातन की बात करते हैं। शंकराचार्य ने गाय का मुद्दा उठाया है। पूरे देश में गो माता को लेकर अभियान चल रहा है। हम गो सेवक होने के नाते उनका नैतिक रूप से समर्थन करते हैं। लेकिन लखनऊ के लिए हमें आमंत्रण नहीं मिला है। मैं एक महीने के लिए एकांतवास के लिए जा रहा हूं। धीरेंद्र शात्री शुक्रवार को अपनी मां के साथ काशी पहुंचे। उन्होंने बाबा विश्ननाथ के दर्शन किए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम योगी से टकराव के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गो, गंगा और सनातन की रक्षा के लिए 11 मार्च को लखनऊ में सभा करेंगे। हालांकि अभी उन्हें सभा की परमिशन नहीं मिली है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी काशी में थे। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या शंकराचार्य को सभा करने की अनुमति मिलेगी? इस पर केशव ने कहा कि परमिशन देना मेरा काम नहीं है। इसके बाद उन्होंने इस मसले पर चुप्पी साध ली। धीरेंद्र शास्त्री ने प्रशंसकों को सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि काशी आना उनके लिए हमेशा विशेष अनुभव रहता है, क्योंकि यह भगवान शिव की नगरी है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को प्रेरित करती है।
उन्होंने इंडियन क्रिकेट टीम के फाइनल में पहुंचने पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि इंडियन टीम निश्चित रूप से जीत हासिल करेगी और देश का नाम रोशन करेगी। शास्त्री ने यह भी कहा कि भारत की सनातन की विचारधारा से पूरे विश्व में शांति आ सकती है। सनातन की संस्कृति में वह ताकत है कि वह विश्व में शांति और संतुलन बना सकती है।

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 ममता बनर्जी ने कहा- बंगाल चुनावों से पहले राजनीति कर रही राष्ट्रपति

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासियों के विकास की गति पर सवाल उठाने के लिए शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर निशाना साधा। उन पर भाजपा के इशारों पर विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगाया।
उत्तर बंगाल की यात्रा के दौरान मुर्मू द्वारा की गई टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कोलकाता में एक धरना स्थल पर कहा कि भाजपा इतना नीचे गिर गई है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल राज्य को बदनाम करने के लिए कर रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में उन्हें दी गई जानकारी गलत थी।

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अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ बरामद

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नई दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नेपाल, भारत और श्रीलंका से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 77.60 किलोग्राम हैशिश ऑयल और 2 किलोग्राम चरस जब्त की है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में तस्करों द्वारा इस्तेमाल की गई दो कारें, एक मोटरसाइकिल और एक मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तस्कर समुद्री रास्तों और सीमावर्ती क्षेत्रों का इस्तेमाल करते हुए मादक पदार्थ भारत में लाते थे और फिर उन्हें विभिन्न राज्यों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाते थे। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक श्रीलंकाई शरणार्थी भी शामिल है, जिसे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसी उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं और यह नेटवर्क किन-किन देशों में फैला हुआ है। सूत्रों के अनुसार, गिरोह नेपाल और श्रीलंका के रास्ते मादक पदार्थ भारत में लाता था। एनसीबी को इस नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई। एनसीबी अधिकारियों ने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि देश में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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ममता सरकार पर निशाना, राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान करने का आरोप

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राज्य दौरे के दौरान उनका अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह “शर्मनाक और अभूतपूर्व” है और टीएमसी सरकार ने “सच में सारी हदें पार कर दी हैं”.

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू के राज्य में हुए नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन की जगह बदलने और उनके दौरे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों के न होने पर नाराजगी जताने के बाद यह बात कही. राष्ट्रपति मुर्मू ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था.पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी टीएमस को सद्बुद्धि आएगी.

 

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह शर्मनाक और पहले कभी नहीं हुआ. हर कोई जो लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के अधिकारिता में विश्वास करता है, निराश है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोगों के मन में बहुत दुख है.

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है.” मोदी ने कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से ले रही है.

इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधाननगर के बजाय बागडोगरा एयरपोर्ट के पास संथाल आदिवासी समुदाय का सम्मेलन करने पर नाराजगी जताई और हैरानी जताई कि क्या राज्य प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी इसमें शामिल नहीं हो पाएगा.

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रशासन के दिमाग में क्या आया कि उन्होंने सम्मेलन के लिए ऐसी जगह चुनी जहां संथाल लोग नहीं जा सकते थे.” मुर्मू ने कहा, “शायद राज्य सरकार आदिवासियों की भलाई नहीं चाहती और इसीलिए उन्हें यहां आने से रोका गया.”

मुर्मू की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का इस्तेमाल कर रही है.

कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन स्थल पर सीएम ने कहा, “बीजेपी इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं.”

मुर्मू को सालाना कार्यक्रम में बुलाया गया था, जो असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना था. लेकिन, सुरक्षा और दूसरे कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह बदलकर बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर कर दी.

शनिवार दोपहर जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां कुछ ही लोग मौजूद थे. सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने के लिए मौजूद राज्य सरकार के एकमात्र प्रतिनिधि थे.

मुर्मू ने कहा कि उन्हें “बहुत दुख” है कि लोग सम्मेलन में नहीं पहुंच पाए क्योंकि यह बहुत दूर हुई थी. “शायद प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी इसमें शामिल नहीं हो पाएगा, और राष्ट्रपति बस वापस लौटकर चली जाएंगी.”

मुर्मू ने कहा, “अगर राष्ट्रपति किसी जगह जाते हैं, तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी आना चाहिए. लेकिन वह नहीं आईं… मैं भी बंगाल की बेटी हूं. ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, मेरी छोटी बहन. मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज़ थीं, इसलिए ऐसा हुआ.”

नरेंद्र मोदी का टीएमसी पर हमला, बोले— राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर

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नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार (7 मार्च) को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं. उन्होंने यहां कार्यक्रम के लिए तय स्थल को लेकर ममता सरकार से सवाल कर दिए. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है. कहा कि टीएमसी ने सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि वे बीजेपी की नीतियों के जाल में फंस गईं हैं।

‘ऐसा पहले कभी नहीं हुआ’

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ये शर्मनाक है, इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ. हर कोई जो लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वह निराश है. सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम ने लिखा राष्ट्रपति खुद एक आदिवासी समुदाय आती हैं. उन्होंने जो दर्द और पीड़ा जाहिर की है, उससे भारत के लोगों के मन बहुत दुखी है।

टीएमसी ने सारी हदें पार की- PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जवाबदेह है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे जरूरी विषयों पर लापरवाही बरत रही है. उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और TMC में समझदारी आएगी।

राष्ट्रपति ने जाहिर की थी नाराजगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं. उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की गैर- मौजूदगी को लेकर सवाल उठा दिए. इसके साथ ही तय कार्यक्रम स्थल को लेकर उन्होंने कहा था कि वह छोटा है, जिससे बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग शामिल नहीं हो सके।

ममता बनर्जी का पलटवार

सीएम ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं लेकिन कोई 50 बार आए तो कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उस कार्यक्रम की जानकारी नहीं है. वे धरने पर बैठी हैं. बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने राष्ट्रपति को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए भेजा है. वे बीजेपी की नीतियों के जाल में फंस गई हैं।